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मंगलवार, 8 जनवरी 2019

बोझ



      गाँव की एक सड़क पर अपने छोटे ट्रक को चलाकर ले जाते हुए एक व्यक्ति ने एक महिला को देखा जो भारी बोझ उठाए हुए जा रही थी। उसने रुककर उस महिला की सहायता के लिए अपने ट्रक में बैठने के लिए कहा। महिला ने धन्यवाद सहित उसका प्रस्ताव स्वीकार कर लिया और ट्रक में पीछे बैठ गई। थोड़ी से देर में उस व्यक्ति ने एक विचित्र बात देखी – वह महिला ट्रक में बैठी होने के बावजूद, अभी भी अपने बोझ को स्वयँ ही उठाए हुए थी। चकित होकर उस व्यक्ति ने महिला से कहा, “महोदया, कृपया अपना बोझ उतार कर ट्रक में ही रख दें। मेरा ट्रक आपके बोझ को उठाने पाने में सक्षम है; आप बस आराम से बैठ जाईए।”

      जीवन की अनेकों चुनौतियों में से पार होते हुए हम भय, चिन्ता, और घबराहट के अपने बोझ के साथ क्या करते हैं? प्रभु में आराम से हो जाने के स्थान पर, मैं बहुधा उस महिला के समान ही करता हूँ। परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा है कि प्रभु यीशु ने कहा, “हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा” (मत्ती 11:28), परन्तु फिर भी मैं जानता हूँ कि अनेकों बार जिस बोझ को मुझे प्रभु को सौंप देना चाहिए था, मैं फिर भी स्वयं ही उसे उठाए हुए रहता हूँ।

      हम जब प्रार्थना में प्रभु के पास आते हैं तो अपने बोझ वहाँ उतार कर उसे सौंप सकते हैं। प्रेरित पतरस कहता है, “और अपनी सारी चिन्‍ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है” (1 पतरस 5:7)। क्योंकि प्रभु यीशु हमारी चिंता और देखभाल करता है इसलिए हम उस पर भरोसा रख कर विश्राम कर सकते हैं, निश्चिन्त हो सकते हैं। जीवन के उन बोझों को लिए फिरने की बजाए जो हमें थका देते हैं, निराश करते हैं, हमें उन्हें प्रभु को सौंप देना चाहिए, और उन्हें उसे ही उठाने देना चाहिए। - लॉरेंस दरमानी


प्रार्थना वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा बोझों का स्थान बदलता है।

हे याकूब के घराने, हे इस्राएल के घराने के सब बचे हुए लोगो, मेरी ओर कान लगाकर सुनो; तुम को मैं तुम्हारी 
उत्पत्ति ही से उठाए रहा और जन्म ही से लिये फिरता आया हूं। तुम्हारे बुढ़ापे में भी मैं वैसा ही बना रहूंगा और तुम्हारे बाल पकने के समय तक तुम्हें उठाए रहूंगा। मैं ने तुम्हें बनाया और तुम्हें लिये फिरता रहूंगा; - यशायाह 46:3-4

बाइबल पाठ: मत्ती 11:25-30
Matthew 11:25 उसी समय यीशु ने कहा, हे पिता, स्वर्ग और पृथ्वी के प्रभु; मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, कि तू ने इन बातों को ज्ञानियों और समझदारों से छिपा रखा, और बालकों पर प्रगट किया है।
Matthew 11:26 हां, हे पिता, क्योंकि तुझे यही अच्छा लगा।
Matthew 11:27 मेरे पिता ने मुझे सब कुछ सौंपा है, और कोई पुत्र को नहीं जानता, केवल पिता; और कोई पिता को नहीं जानता, केवल पुत्र और वह जिस पर पुत्र उसे प्रगट करना चाहे।
Matthew 11:28 हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा।
Matthew 11:29 मेरा जूआ अपने ऊपर उठा लो; और मुझ से सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दीन हूं: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे।
Matthew 11:30 क्योंकि मेरा जूआ सहज और मेरा बोझ हल्का है।
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 20-22
  • मत्ती 6:19-34



सोमवार, 7 जनवरी 2019

संसाधन



      अगस्त 2010 में, सँसार का ध्यान चिली देश के कोपिआको इलाके में एक खान के साथ जुड़ी हुई घटनाओं पर लगा हुआ था। एक खान में हुई दुर्घटना के कारण, तैंतीस खनिक धरती की सतह से 2,300 फीट नीचे फंसे हुए थे। उन्हें कोई आशा नहीं थी कि कोई सहायता उन तक कभी पहुँचेगी भी कि नहीं। सत्रह दिनों की प्रतीक्षा के पश्चात, उन्होंने ड्रिल मशीन की आवाज़ सुनी और बचाव दल ने उस खान की सुरंग की छत में एक छेद बनाने में सफलता पा ली। उसके बाद तीन और छेद बनाए गए, जिससे उन फंसे हुए खनिकों को पानी, भोजन और दवाईयाँ पहुँचने का मार्ग बन गया। वे खनिक अब सतह के साथ संपर्क के उन छेदों पर निर्भर थे, जहाँ से उनके जीवन के लिए आवश्यक संसाधनों को पहुंचाया जा रहा था। अन्ततः उनहत्तरवें दिन उन में से अंतिम खनिक को बाहर निकाल लिया गया।

      इस सँसार में हम में से कोई भी, हमारी अपनी क्षमता और योग्यता से बाहर, परमेश्वर द्वारा उपलब्ध करवाए जा रहे संसाधनों के बिना जीवित नहीं रह सकता है। इस सृष्टि का सृष्टिकर्ता, परमेश्वर, ही सँसार के प्रत्येक व्यक्ति को हमारी आवश्यकता की प्रत्येक वस्तु उपलब्ध करवाता है। जैसे उन खनिकों के लिए वे छेद आवश्यक वस्तुओं के लिए संपर्क माध्यम थे, हम मसीही विश्वासियों के लिए प्रार्थना परमेश्वर से हमारे संपर्क का साधन है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रभु यीशु ने अपने शिष्यों को प्रोत्साहित किया कि वे परमेश्वर से प्रार्थना करें, हर बात के लिए, अपनी प्रतिदिन की रोटी के लिए भी (मत्ती 6:11)। जैसे आज, वैसे ही उस समय भी रोटी जीवन का बुनियादी संसाधन थी, और लोगों की दैनिक आवश्यकताओं को चित्रित करती थी। प्रभु यीशु की यह शिक्षा न केवल प्रतिदिन के भोजन के लिए थी, वरन हमारी सभी भौतिक आवश्यकताओं, आराम, चंगाई, साहस, बुद्धिमता आदि के लिए भी थी।

      प्रार्थना के द्वारा हम कभी भी परमेश्वर तक पहुँच सकते हैं, और अपनी बात उसके समक्ष रख सकते हैं। यद्यपि वह हमारे माँगने से पहले जानता है कि हमें किस वस्तु की आवश्यकता है, परन्तु फिर भी वह हम से बात करना चाहता है, हमारी सुनना चाहता है। आज आप किस बात को लेकर परेशान हैं? निःसंकोच प्रभु परमेश्वर के पास जाईए और उससे कहिए; “जितने यहोवा को पुकारते हैं, अर्थात जितने उसको सच्चाई से पुकारते हें; उन सभों के वह निकट रहता है” (भजन 145:18); उसके संसाधन आपके लिए उपलब्ध हैं। - बिल क्राउडर


प्रार्थना विश्वास की आवाज़ है, इस भरोसे पर कि परमेश्वर जानता है और देखभाल करता है।

जिस से तुम अपने स्‍वर्गीय पिता की सन्तान ठहरोगे क्योंकि वह भलों और बुरों दोनों पर अपना सूर्य उदय करता है, और धर्मियों और अधर्मियों दोनों पर मेंह बरसाता है। - मत्ती 5:45

बाइबल पाठ: मत्ती :6:9-15
Matthew 6:9 सो तुम इस रीति से प्रार्थना किया करो; “हे हमारे पिता, तू जो स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए।
Matthew 6:10 तेरा राज्य आए; तेरी इच्छा जैसी स्वर्ग में पूरी होती है, वैसे पृथ्वी पर भी हो।
Matthew 6:11 हमारी दिन भर की रोटी आज हमें दे।
Matthew 6:12 और जिस प्रकार हम ने अपने अपराधियों को क्षमा किया है, वैसे ही तू भी हमारे अपराधों को क्षमा कर।
Matthew 6:13 और हमें परीक्षा में न ला, परन्तु बुराई से बचा; क्योंकि राज्य और पराक्रम और महिमा सदा तेरे ही हैं।आमीन।
Matthew 6:14 इसलिये यदि तुम मनुष्य के अपराध क्षमा करोगे, तो तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता भी तुम्हें क्षमा करेगा।
Matthew 6:15 और यदि तुम मनुष्यों के अपराध क्षमा न करोगे, तो तुम्हारा पिता भी तुम्हारे अपराध क्षमा न करेगा।
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 18-19
  • मत्ती 6:1-18



रविवार, 6 जनवरी 2019

आराधना



      प्रभु यीशु मसीह के जन्म से संबंधित चरनी के दृश्यों में अकसर ज्योतिषियों को चरवाहों के साथ ही बेतलहम में शिशु यीशु से मिलने आया हुआ दिखाया जाता है। परंतु परमेश्वर के वचन बाइबल में, मत्ती रचित सुसमाचार में, वह एकमात्र स्थान जहाँ उनके आने का वृतान्त दिया गया है, यह बताया गया है कि जब ज्योतिषी पहुँचे तब यीशु सराय की गौशाला की चरनी में नहीं वरन घर में थे: “और उस घर में पहुंचकर उस बालक को उस की माता मरियम के साथ देखा, और मुंह के बल गिरकर उसे प्रणाम किया; और अपना अपना यैला खोल कर उसे सोना, और लोहबान, और गन्‍धरस की भेंट चढ़ाई” (मत्ती 2:11)।

      इस बात पर विचार करना कि ज्योतिषियों का पहुंचना उस समय के काफी बाद हुआ जिसे हम सामान्यतः सोचते हैं, हमें इस नव-वर्ष के आरंभ में एक महत्वपूर्ण बात का स्मरण करवाता है – प्रभु यीशु सदैव ही आराधना के योग्य हैं। छुट्टियों के समाप्त हो जाने पर जब हम वापस अपने-अपने कार्यों तथा दैनिक जीवन की दिनचर्या को लौटते हैं, तब भी हम प्रभु की आराधना में लगे रह सकते हैं।

      प्रभु यीशु मसीह इम्मानुएल, “परमेश्वर हमारे साथ” हैं (मत्ती 1:23), प्रत्येक समय और अवसर पर। हम मसीही विश्वासियों से प्रभु की प्रतिज्ञा है कि वे सदा हमारे साथ रहेंगे (मत्ती 28:20)। क्योंकि प्रभु सदा हमारे साथ हैं इसलिए अपने-अपने हृदयों में हम उनकी आराधना निरन्तर करते रह सकते हैं और भरोसा रख सकते हैं कि आने वाले समयों और वर्षों में वह अपने आप को हमारे प्रति विश्वासयोग्य बनाए रखेंगे।

      जिस प्रकार उन ज्योतिषियों ने उन्हें ढूँढा और उनकी आराधना की, जहाँ भी हम रहते हैं वहीं पर हम भी उनके खोजी बनकर उनकी आराधना करें। - जेम्स बैंक्स


मसीह यीशु हर समय, हर स्थान पर, हमारी आराधना के सर्वथा योग्य हैं।

इसलिये तुम जा कर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ और उन्हें पिता और पुत्र और पवित्रआत्मा के नाम से बपतिस्मा दो। और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं। - मत्ती 28:19-20

बाइबल पाठ: मत्ती 2:1-12
Matthew 2:1 हेरोदेस राजा के दिनों में जब यहूदिया के बैतलहम में यीशु का जन्म हुआ, तो देखो, पूर्व से कई ज्योतिषी यरूशलेम में आकर पूछने लगे।
Matthew 2:2 कि यहूदियों का राजा जिस का जन्म हुआ है, कहां है? क्योंकि हम ने पूर्व में उसका तारा देखा है और उसको प्रणाम करने आए हैं।
Matthew 2:3 यह सुनकर हेरोदेस राजा और उसके साथ सारा यरूशलेम घबरा गया।
Matthew 2:4 और उसने लोगों के सब महायाजकों और शास्‍त्रियों को इकट्ठे कर के उन से पूछा, कि मसीह का जन्म कहाँ होना चाहिए?
Matthew 2:5 उन्होंने उस से कहा, यहूदिया के बैतलहम में; क्योंकि भविष्यद्वक्ता के द्वारा यों लिखा है।
Matthew 2:6 कि हे बैतलहम, जो यहूदा के देश में है, तू किसी रीति से यहूदा के अधिकारियों में सब से छोटा नहीं; क्योंकि तुझ में से एक अधिपति निकलेगा, जो मेरी प्रजा इस्राएल की रखवाली करेगा।
Matthew 2:7 तब हेरोदेस ने ज्योतिषियों को चुपके से बुलाकर उन से पूछा, कि तारा ठीक किस समय दिखाई दिया था।
Matthew 2:8 और उसने यह कहकर उन्हें बैतलहम भेजा, कि जा कर उस बालक के विषय में ठीक ठीक मालूम करो और जब वह मिल जाए तो मुझे समाचार दो ताकि मैं भी आकर उसको प्रणाम करूं।
Matthew 2:9 वे राजा की बात सुनकर चले गए, और देखो, जो तारा उन्होंने पूर्व में देखा था, वह उन के आगे आगे चला, और जंहा बालक था, उस जगह के ऊपर पंहुचकर ठहर गया।
Matthew 2:10 उस तारे को देखकर वे अति आनन्‍दित हुए।
Matthew 2:11 और उस घर में पहुंचकर उस बालक को उस की माता मरियम के साथ देखा, और मुंह के बल गिरकर उसे प्रणाम किया; और अपना अपना यैला खोल कर उसे सोना, और लोहबान, और गन्‍धरस की भेंट चढ़ाई।
Matthew 2:12 और स्‍वप्‍न में यह चितौनी पाकर कि हेरोदेस के पास फिर न जाना, वे दूसरे मार्ग से हो कर अपने देश को चले गए।
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 16-17
  • मत्ती 5:27-48



शनिवार, 5 जनवरी 2019

आवाज़



      मेरा किशोर पुत्र मेरी आवाज़ को सुनना चाहता है, सिवाय उस समय के जब मैं उसे ऊँचे और कठोर स्वर से, यह कहकर बुलाती हूँ कि “तुम कहाँ हो?” जब मैं ऐसा करती हूँ तो सामान्यतः यह इसलिए होता है क्यों कि उसने कुछ गलत किया होता है जिसके कारण वह मुझसे छुपने का प्रयास कर रहा होता है। मैं चाहती हूँ कि मेरा पुत्र मेरी आवाज़ को सुनें, क्योंकि मैं उसकी भलाई के लिए चिन्तित रहती हूँ  और उसे किसी बुराई या दुःख में पड़ा हुआ नहीं देखना चाहती हूँ।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि हमारी आदि माता-पिता, आदम और हव्वा अदन की वाटिका में परमेश्वर की आवाज़ सुनने की आदि थे। परन्तु जब उन्होंने उसकी अनाज्ञाकारिता की, और वर्जित फल को खा लिया, तब वे छुप गए, जब उन्होंने परमेश्वर को कहते हुए सुना “तुम कहाँ हो?” (उत्पत्ति 3:9)। वे परमेश्वर के सामने नहीं आना चाहते थे क्योंकि वे जानते थे कि उन्होंने कुछ गलत किया है – कुछ ऐसा जिसे करने के लिए परमेश्वर ने उन्हें मना किया था (उत्पत्ति 3:11)।

      जब परमेश्वर ने आदम और हव्वा को वाटिका में पाया तो उसकी बात में सुधार और उनके किए के लिए परिणाम तो अवश्य था  (उत्पत्ति 3:13-19); परन्तु साथ ही उसकी कृपा और दी गई प्रतिज्ञा में मानव जाति के उद्धार की आशा भी थी  (उत्पत्ति 3:15)।

      परमेश्वर को हमें ढूँढने की आवश्यकता नहीं है। वह जानता है कि हम कहाँ हैं और उससे क्या छुपा रहे हैं। किन्तु प्रेमी पिता होने के कारण वह हमारे हृदयों से बात करना चाहता है और हमें क्षमा तथा बहाली देना चाहता है। उसकी लालसा है कि हम उसकी आवाज़ को सुनें, और उसके कहे पर ध्यान दें; वह अपने वचन बाइबल के द्वारा आज हमसे बातें करता है। - कीला ओकोआ


जब परमेश्वर आवाज़ दे, तो हमें उसकी बात सुननी चाहिए।

फिर यशायाह बड़े हियाव के साथ कहता है, कि जो मुझे नहीं ढूंढ़ते थे, उन्होंने मुझे पा लिया: और जो मुझे पूछते भी न थे, उन पर मैं प्रगट हो गया। परन्तु इस्त्राएल के विषय में वह यह कहता है कि मैं सारे दिन अपने हाथ एक आज्ञा न मानने वाली और विवाद करने वाली प्रजा की ओर पसारे रहा। - रोमियों 10:20-21

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 3:8-17
Genesis 3:8 तब यहोवा परमेश्वर जो दिन के ठंडे समय बाटिका में फिरता था उसका शब्द उन को सुनाई दिया। तब आदम और उसकी पत्नि बाटिका के वृक्षों के बीच यहोवा परमेश्वर से छिप गए।
Genesis 3:9 तब यहोवा परमेश्वर ने पुकार कर आदम से पूछा, तू कहां है?
Genesis 3:10 उसने कहा, मैं तेरा शब्द बारी में सुन कर डर गया क्योंकि मैं नंगा था; इसलिये छिप गया।
Genesis 3:11 उसने कहा, किस ने तुझे चिताया कि तू नंगा है? जिस वृक्ष का फल खाने को मैं ने तुझे बर्जा था, क्या तू ने उसका फल खाया है?
Genesis 3:12 आदम ने कहा जिस स्त्री को तू ने मेरे संग रहने को दिया है उसी ने उस वृक्ष का फल मुझे दिया, और मैं ने खाया।
Genesis 3:13 तब यहोवा परमेश्वर ने स्त्री से कहा, तू ने यह क्या किया है? स्त्री ने कहा, सर्प ने मुझे बहका दिया तब मैं ने खाया।
Genesis 3:14 तब यहोवा परमेश्वर ने सर्प से कहा, तू ने जो यह किया है इसलिये तू सब घरेलू पशुओं, और सब बनैले पशुओं से अधिक शापित है; तू पेट के बल चला करेगा, और जीवन भर मिट्टी चाटता रहेगा:
Genesis 3:15 और मैं तेरे और इस स्त्री के बीच में, और तेरे वंश और इसके वंश के बीच में बैर उत्पन्न करुंगा, वह तेरे सिर को कुचल डालेगा, और तू उसकी एड़ी को डसेगा।
Genesis 3:16 फिर स्त्री से उसने कहा, मैं तेरी पीड़ा और तेरे गर्भवती होने के दु:ख को बहुत बढ़ाऊंगा; तू पीड़ित हो कर बालक उत्पन्न करेगी; और तेरी लालसा तेरे पति की ओर होगी, और वह तुझ पर प्रभुता करेगा।
Genesis 3:17 और आदम से उसने कहा, तू ने जो अपनी पत्नी की बात सुनी, और जिस वृक्ष के फल के विषय मैं ने तुझे आज्ञा दी थी कि तू उसे न खाना उसको तू ने खाया है, इसलिये भूमि तेरे कारण श्रापित है: तू उसकी उपज जीवन भर दु:ख के साथ खाया करेगा:
                                                                                                                                                        

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 13-15
  • मत्ती 5:1-26



शुक्रवार, 4 जनवरी 2019

व्यावाहारिक प्रेम



      कैरेन के चर्च की एक महिला के रोग का निदान “ए एल एस” (Amyotrophic Lateral Sclerosis) हुआ जो एक बहुत कष्टदायक बीमारी है। इस बीमारी से मांसपेशियां और स्नायु तंत्रिकाएँ प्रभावित होती जाती हैं और  धीरे-धीरे रोगी लकवाग्रस्त होता चला जाता है। परिवार के बीमे में घर पर की जाने वाली देखभाल के खर्च का प्रावधान नहीं था, और उस महिला का दुखी पति उसे किसी नर्सिंग होम में छोड़ देने के लिए तैयार नहीं था।

      नर्स होने के नाते कैरेन जानती थी कि उसकी देखभाल कैसे करनी है, और वह उस महिला के घर जाकर उसकी देखभाल करने लगी। परन्तु कैरेन को शीघ्र ही बोध हो गया कि उस महिला की देखभाल करते हुए वह अपने परिवार का ध्यान नहीं रखने पाएगी, इसलिए उसने चर्च के लोगों से सहायता के लिए आग्रह किया और आगे आने वाले स्वयंसेवियों को उस महिला की देखभाल करने के लिए प्रशिक्षित करने लगी। बीमारी के बढ़ते जाने के साथ-साथ कैरेन ने सात वर्षों के अन्तराल में चर्च के 31 अन्य स्वयंसेवियों को उस महिला की देखभाल के लिए तैयार किया और उन्हें सिखाया। उन सब लोगों ने मिलकर उस परिवार को प्रेम, प्रार्थना, और व्यवहारिक सहायता में ढाँप लिया।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु के शिष्य प्रेरित यूहन्ना ने लिखा “जो कोई अपने परमेश्वर से प्रेम रखता है, वह अपने भाई से भी प्रेम रखे” (1 यूहन्ना 4:21)। कैरेन के प्रयास इस प्रकार के व्यवहारिक प्रेम का सजीव उदाहरण हैं। उसके पास न केवल योग्यता थी, वरन अनुकंपा और दर्शन भी था कि वह एक दुखी मित्र एवं परिवार की सहायता के लिए चर्च के लोगों को भी प्रोत्साहित कर सकी, उन्हें इस व्यवहारिक प्रेम की अभिव्यक्ति में सम्मिलित कर सकी। एक आवश्यकता में पड़े व्यक्ति की सहायता के लिए उसका व्यवहारिक प्रेम, कई औरों के लिए भी व्यवहारिक प्रेम को दर्शाने का माध्यम बन गया। - टिम गुस्ताफासन


यीशु ने कहा: अपने पड़ौसी से अपने समान प्रेम रखो।

परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि अपने बैरियों से प्रेम रखो और अपने सताने वालों के लिये प्रार्थना करो। जिस से तुम अपने स्‍वर्गीय पिता की सन्तान ठहरोगे क्योंकि वह भलों और बुरों दोनों पर अपना सूर्य उदय करता है, और धर्मियों और अधर्मियों दोनों पर मेंह बरसाता है। क्योंकि यदि तुम अपने प्रेम रखने वालों ही से प्रेम रखो, तो तुम्हारे लिये क्या फल होगा? क्या महसूल लेने वाले भी ऐसा ही नहीं करते? – मत्ती 5:44-46

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 4:20-5:5
1 John 4:20 यदि कोई कहे, कि मैं परमेश्वर से प्रेम रखता हूं; और अपने भाई से बैर रखे; तो वह झूठा है: क्योंकि जो अपने भाई से, जिस उसने देखा है, प्रेम नहीं रखता, तो वह परमेश्वर से भी जिसे उसने नहीं देखा, प्रेम नहीं रख सकता।
1 John 4:21 और उस से हमें यह आज्ञा मिली है, कि जो कोई अपने परमेश्वर से प्रेम रखता है, वह अपने भाई से भी प्रेम रखे।
1 John 5:1 जिसका यह विश्वास है कि यीशु ही मसीह है, वह परमेश्वर से उत्पन्न हुआ है और जो कोई उत्पन्न करने वाले से प्रेम रखता है, वह उस से भी प्रेम रखता है, जो उस से उत्पन्न हुआ है।
1 John 5:2 जब हम परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, और उस की आज्ञाओं को मानते हैं, तो इसी से हम जानते हैं, कि परमेश्वर की सन्‍तानों से प्रेम रखते हैं।
1 John 5:3 और परमेश्वर का प्रेम यह है, कि हम उस की आज्ञाओं को मानें; और उस की आज्ञाएं कठिन नहीं।
1 John 5:4 क्योंकि जो कुछ परमेश्वर से उत्पन्न हुआ है, वह संसार पर जय प्राप्त करता है, और वह विजय जिस से संसार पर जय प्राप्त होती है हमारा विश्वास है।
1 John 5:5 संसार पर जय पाने वाला कौन है केवल वह जिस का यह विश्वास है, कि यीशु, परमेश्वर का पुत्र है।
                                                                                                                                                        

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 10-12
  • मत्ती 4



गुरुवार, 3 जनवरी 2019

प्रतीत



      डॉन एक फ़ार्म पर रहने वाला, और फार्म के पशुओं की द्ख्भाल करने वाला कुत्ता है। एक दिन वह अपने मालिक, टॉम, के साथ फार्म के एक भाग में कुछ पशुओं को देखने के लिए निकला। वे दोनों एकसाथ फार्म पर काम आने वाले एक छोटे ट्रक में उस क्षेत्र तक गए, और वहाँ पहुँचने पर टॉम ट्रक से उतरा, परन्तु ट्रक का हैंड ब्रेक लगाना भूल गया। डॉन ट्रक के चालक की सीट पर था और ढलान पर होने के कारण वह ट्रक आगे बढ़ता चला गया और टीले के नीचे पहुँच कर, वहाँ से निकलने वाली सड़क को पार करके सुरक्षित रुक गया। सड़क पर जाने वाले लोगों को लग रहा था कि मानो कुत्ता ट्रक चला रहा है। सही है, हर बात वैसी नहीं होती है, जैसी वह प्रतीत होती है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल की एक घटना है, प्रतीत हो रहा था कि परमेश्वर का भविष्यद्वक्ता एलीशा और उसका सेवक बन्दी बना कर आराम के राजा के पास ले जाए जाने वाले हैं। राजा की सेना ने उस नगर को घेर लिया था जिसमें एलीशा और उसका सेवक रहते थे। उस सेवक को लगा कि अब उनका अन्त निश्चित है, परन्तु एलीशा ने उसे आश्वस्त किया, “उसने कहा, मत डर; क्योंकि जो हमारी ओर हैं, वह उन से अधिक हैं, जो उनकी ओर हैं” (2 राजा 6:16)। फिर सेवक की सांत्वना के लिए एलीशा ने प्रार्थना की और वह सेवक उनके चारों ओर उपस्थित उन अलौकिक रक्षकों को देखने पाया जो उनकी सुरक्षा के लिए वहाँ परमेश्वर की ओर से तैनात किए गए थे।

      परिस्थितयाँ जो पूर्णतः आशाहीन दिखाई देती हैं, सदा ही वैसी नहीं होती हैं, जैसी हमें प्रतीत होती हैं। जब भी हम अभिभूत या असहाय अनुभव करें, हमें स्मरण करना चाहिए कि परमेश्वर हमारे साथ है, वह “क्योंकि वह अपने दूतों को तेरे निमित्त आज्ञा देगा, कि जहां कहीं तू जाए वे तेरी रक्षा करें” (भजन 91:11)। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


जब हम यह स्मरण रखें कि परमेश्वर सदैव हमारे साथ बना रहता है, 
तो परिस्थितयाँ सदा ही उससे बेहतर प्रतीत होती हैं,
 जैसे वे हमें पहले लगती थीं।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। इसलिये हम बेधड़क हो कर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है। - इब्रानियों13:5-6

बाइबल पाठ: 2 राजा 6: 8-17
2 Kings 6:8 ओैर अराम का राजा इस्राएल से युद्ध कर रहा था, और सम्मति कर के अपने कर्मचारियों से कहा, कि अमुक स्थान पर मेरी छावनी होगी।
2 Kings 6:9 तब परमेश्वर के भक्त ने इस्राएल के राजा के पास कहला भेजा, कि चौकसी कर और अमुक स्थान से हो कर न जाना क्योंकि वहां अरामी चढ़ाई करने वाले हैं।
2 Kings 6:10 तब इस्राएल के राजा ने उस स्थान को, जिसकी चर्चा कर के परमेश्वर के भक्त ने उसे चिताया था, भेज कर, अपनी रक्षा की; और उस प्रकार एक दो बार नहीं वरन बहुत बार हुआ।
2 Kings 6:11 इस कारण अराम के राजा का मन बहुत घबरा गया; सो उसने अपने कर्मचारियों को बुला कर उन से पूछा, क्या तुम मुझे न बताओगे कि हम लोगों में से कौन इस्राएल के राजा की ओर का है? उसके एक कर्मचारी ने कहा, हे मेरे प्रभु! हे राजा! ऐसा नहीं,
2 Kings 6:12 एलीशा जो इस्राएल में भविष्यद्वक्ता है, वह इस्राएल के राजा को वे बातें भी बताया करता है, जो तू शयन की कोठरी में बोलता है।
2 Kings 6:13 राजा ने कहा, जा कर देखो कि वह कहां है, तब मैं भेज कर उसे पकड़वा मंगाऊंगा। और उसको यह समाचार मिला कि वह दोतान में है।
2 Kings 6:14 तब उसने वहां घोड़ों और रथों समेत एक भारी दल भेजा, और उन्होंने रात को आकर नगर को घेर लिया।
2 Kings 6:15 भोर को परमेश्वर के भक्त का टहलुआ उठा और निकल कर क्या देखता है कि घोड़ों और रथों समेत एक दल नगर को घेरे हुए पड़ा है। और उसके सेवक ने उस से कहा, हाय! मेरे स्वामी, हम क्या करें?
2 Kings 6:16 उसने कहा, मत डर; क्योंकि जो हमारी ओर हैं, वह उन से अधिक हैं, जो उनकी ओर हैं।
2 Kings 6:17 तब एलीशा ने यह प्रार्थना की, हे यहोवा, इसकी आंखें खोल दे कि यह देख सके। तब यहोवा ने सेवक की आंखें खोल दीं, और जब वह देख सका, तब क्या देखा, कि एलीशा के चारों ओर का पहाड़ अग्निमय घोड़ों और रथों से भरा हुआ है।
                                                                                                                                                        

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 7-9
  • मत्ती 3



बुधवार, 2 जनवरी 2019

उपहार



      अमेरिका में क्रिसमस के तुरंत बाद का समय दुकानों के लिए सबसे व्यस्त समय होता है जब लोग अनचाहे उपहारों को बदल कर उनके स्थान पर अन्य वस्तुएँ, जिनकी उन्हें वास्तव में आवश्यकता है, लेने के लिए आते हैं। परन्तु कुछ लोग होते हैं जिनके द्वारा दिए गए उपहार बिलुकल सही, और व्यक्ति की परिस्थति तथा आवश्य्कातानुसार होते हैं। उन्हें कैसे पता चल जाता है कि व्यक्ति को किस वस्तु की आवश्यकता है और उसकी परिस्थिति के लिए क्या सही है? सही उपहार देने की कुंजी पैसा नहीं है; वरन लोगों की साथ संबंध है; उनमें ली गई रुचि, उनकी बातों को सुनना, उनके साथ समय बिताना, और यह देखना कि वे किस चीज़ में आनन्द लेते हैं, किस की सराहना करते हैं।

      यह परिवार और मित्रों के लिए तो सही है; परन्तु परमेश्वर के विषय क्या? क्या कुछ ऐसा है जो परमेश्वर के लिए सार्थक और मूल्यवान है, जिसे हम उसे दे सकते हैं? क्या ऐसा कुछ है जो उसके पास अभी तक नहीं है?

      परमेश्वर के वचन बाइबल में रोमियों 11:33-36 परमेश्वर के लिए एक स्तुति गीत है, जिसमें उसकी महान बुद्धिमता, ज्ञान, और महिमा की बड़ाई करने के पश्चात यह आह्वान है कि हम अपने आप को उसे समर्पित कर दें: “इसलिये हे भाइयों, मैं तुम से परमेश्वर की दया स्मरण दिला कर बिनती करता हूं, कि अपने शरीरों को जीवित, और पवित्र, और परमेश्वर को भावता हुआ बलिदान कर के चढ़ाओ: यही तुम्हारी आत्मिक सेवा है” (12:1), और फिर अपने चारों के सँसार से प्रभावित होकर सँसार के अनुरूप बनने के स्थान पर एक नया परिवर्तित जीवन जीने के लिए निवेदन: “और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए” (12:2)।

      आज परमेश्वर को देने के लिए हमारा सर्वोत्तम उपहार क्या होगा? हम, उसके द्वारा हमारे लिए किए गए उद्धार के महान कार्य, और हमें अपनी सन्तान बना लेने के लिए परमेश्वर के प्रति कृतज्ञ, दीन, और सप्रेम होकर, उसके प्रति पूर्णतः – मन, ध्यान, और विचारों के साथ समर्पित हो सकते हैं। परमेश्वर हम में से प्रत्येक से, इसी की लालसा रखता है। - डेविड मैक्कैस्लैंड


वह सबसे अच्छा उपहार जो हम परमेश्वर को दे सकते हैं, स्वयँ हम ही हैं।

क्योंकि तू मेलबलि से प्रसन्न नहीं होता, नहीं तो मैं देता; होमबलि से भी तू प्रसन्न नहीं होता। टूटा मन परमेश्वर के योग्य बलिदान है; हे परमेश्वर, तू टूटे और पिसे हुए मन को तुच्छ नहीं जानता। - भजन 51:16-17

बाइबल पाठ: रोमियों 11:33-12:2
Romans 11:33 आहा! परमेश्वर का धन और बुद्धि और ज्ञान क्या ही गंभीर है! उसके विचार कैसे अथाह, और उसके मार्ग कैसे अगम हैं!
Romans 11:34 प्रभु कि बुद्धि को किस ने जाना या उसका मंत्री कौन हुआ?
Romans 11:35 या किस ने पहिले उसे कुछ दिया है जिस का बदला उसे दिया जाए।
Romans 11:36 क्योंकि उस की ओर से, और उसी के द्वारा, और उसी के लिये सब कुछ है: उस की महिमा युगानुयुग होती रहे: आमीन।
Romans 12:1 इसलिये हे भाइयों, मैं तुम से परमेश्वर की दया स्मरण दिला कर बिनती करता हूं, कि अपने शरीरों को जीवित, और पवित्र, और परमेश्वर को भावता हुआ बलिदान कर के चढ़ाओ: यही तुम्हारी आत्मिक सेवा है।
Romans 12:2 और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो।
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 4-6
  • मत्ती 2