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सोमवार, 22 जुलाई 2019

भय


      एक किशोरी ने फेसबुक पर अपने मित्रों के लिए एक हृदय-स्पर्शी बात लिखी, “मैं बहुत भयभीत हूँ!” उसने उन्हें बताया कि उसे कुछ चिकित्सा संबंधी जांचों के लिए जाकर अस्पताल में भर्ती होना है, जो उसके घर से तीन घंटे की दूरी पर स्थित है, और उसे वहाँ तब तक रहना पड़ेगा जब तक कि डॉक्टर उसकी गंभीर चिकित्सीय समस्याओं के संबंध में किसी निर्णय पर नहीं पहुँच जाते हैं।

      हम चाहे युवा हों या वृद्ध, जब भी हमारे सामने अनचाही गंभीर समस्याएँ आती हैं, तो हम से कौन है जो उस किशोरी के समान भयभीत नहीं होता है? ऐसे में हम सहायता के लिए किस की ओर मुड़ें? ऐसी परिस्थितियों में पवित्र-शास्त्र हमें कैसी शान्त और साहस प्रदान करता है?

        परमेश्वर के वचन बाइबल में दी गई वास्तविकता कि परमेश्वर हमारी परीक्षाओं में हमारे साथ-साथ चलता रहेगा हमें आश्वस्त करता है और हमारी सहायता करता है। यशायाह 41:13 में लिखा है, “क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा, तेरा दहिना हाथ पकड़कर कहूंगा, मत डर, मैं तेरी सहायता करूंगा।”

      इसके अतिरिक्त, हम जब परमेश्वर के सामने अपने विनती और निवेदन प्रस्तुत करते हैं, तो हमारी कठिनाइयों के संबंध में परमेश्वर हमें अवर्णनीय तथा हृदयों को सुरक्षित रखने वाली शान्ति प्रदान करता है (फिलिप्पियों 4:6-7)।
      परमेश्वर की हमारे साथ सदा बनी रहने वाली उपस्थिति और शान्ति के द्वारा हमें प्रत्येक परिस्थिति को सहने और उस पर विजयी होने के लिए जिस आशा और सहायता की आवश्यकता होती है, वह हमें मिलती है, हमें हमारे प्रत्येक भय से छुड़ाती है। - डेव ब्रैनन


हमारे सभी संघर्षों में परमेश्वर हमारे साथ रहता है।

इतना हो कि तू हियाव बान्धकर और बहुत दृढ़ हो कर जो व्यवस्था मेरे दास मूसा ने तुझे दी है उन सब के अनुसार करने में चौकसी करना; और उस से न तो दाहिने मुड़ना और न बांए, तब जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा काम सफल होगा। - यहोशू 1:7

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 4:4-9
Philippians 4:4 प्रभु में सदा आनन्‍दित रहो; मैं फिर कहता हूं, आनन्‍दित रहो।
Philippians 4:5 तुम्हारी कोमलता सब मनुष्यों पर प्रगट हो: प्रभु निकट है।
Philippians 4:6 किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं।
Philippians 4:7 तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरिक्षत रखेगी।
Philippians 4:8 निदान, हे भाइयों, जो जो बातें सत्य हैं, और जो जो बातें आदरणीय हैं, और जो जो बातें उचित हैं, और जो जो बातें पवित्र हैं, और जो जो बातें सुहावनी हैं, और जो जो बातें मनभावनी हैं, निदान, जो जो सदगुण और प्रशंसा की बातें हैं, उन्‍हीं पर ध्यान लगाया करो।
Philippians 4:9 जो बातें तुम ने मुझ से सीखीं, और ग्रहण की, और सुनी, और मुझ में देखीं, उन्‍हीं का पालन किया करो, तब परमेश्वर जो शान्‍ति का सोता है तुम्हारे साथ रहेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 31-32
  • प्रेरितों 23:16-35


रविवार, 21 जुलाई 2019

क्या कह रहे हैं?



      अपनी पुस्तक Wearing God में लेखिका लौरेन विन्नर कहती हैं कि हमारे वस्त्र औरों से मूक रीति से हम क्या हैं कह देते हैं। जो हम पहनते हैं वो हमारी नौकरी, कार्य, समाज या पहचान, हमारे मिज़ाज, या सामजिक स्तर को बता सकता है। किसी टी-शर्ट के बारे में सोचिए जिस पर कुछ लिखा हो, या किसी व्यवसायी के सूट के बारे में, किसी की वर्दी के बारे में, किसी के ग्रीस से सनी जींस पहने हुए होने के बारे में, आदि – ये सभी वस्त्र उन्हें पहनने वाले व्यक्ति के बारे में कुछ कहते हैं।

      परमेश्वर के वचन बाइबल के एक प्रमुख पात्र, प्रेरित पौलुस के अनुसार, इसी प्रकार से हम मूक रीति से मसीह यीशु का प्रतिनिधित्व भी कर सकते हैं। बाइबल में रोमियों 13:14 में लिखा है कि “वरन प्रभु यीशु मसीह को पहिन लो, और शरीर की अभिलाशाओं को पूरा करने का उपाय न करो” इसका क्या अर्थ है? जब हम मसीही विश्वासी बनते हैं तो हम मसीह की पहचान धारण  कर लेते हैं। हम “विश्वास के द्वारा परमेश्वर की सन्तान हैं” (गलातियों 3:26-27); यही हमारा दर्जा है। लेकिन इस दर्जे को दूसरों के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए हमें प्रतिदिन मसीह यीशु के चरित्र और व्यवहार को पहनना पड़ता है। हम ऐसा प्रभु यीशु मसीह के लिए जीवन जीने, परमेश्वर की भक्ति, प्रेम तथा आज्ञाकारिता में बढ़ते जाने, हमें पापों में उलझाने और फंसाने वाले पापों की ओर पीठ मोड़ने, तथा प्रभु की समानता में और अधिक ढलने के दैनिक सतत प्रयास के द्वारा करते हैं।

      मसीह में हमारी यह बढ़ोतरी पवित्र आत्मा के द्वारा होती है जो हमारे अन्दर कार्य करता है (यूहन्ना 14:26), हम में प्रभु के वचन के अध्ययन, प्रार्थना, तथा अन्य मसीही विश्वासियों के साथ संगति रखने में समय बिताने की चाह उत्पन्न करता है (प्रेरितों 2:42)।

      जब और लोग हमारी बातों और व्यवहार को देखते हैं, तो उन्हें क्या लगता है कि हम क्या कह रहे हैं?  - एलीसन कीडा


जब और लोग हमें देखें, तो उन्हें जो दिखाई दे उससे हमारे उद्धारकर्ता की बड़ाई हो।

क्योंकि तुम सब उस विश्वास करने के द्वारा जो मसीह यीशु पर है, परमेश्वर की सन्तान हो। और तुम में से जितनों ने मसीह में बपतिस्मा लिया है उन्होंने मसीह को पहिन लिया है। - गलातियों 3:26-27

बाइबल पाठ: रोमियों 13:11-14
Romans 13:11 और समय को पहिचान कर ऐसा ही करो, इसलिये कि अब तुम्हारे लिये नींद से जाग उठने की घड़ी आ पहुंची है, क्योंकि जिस समय हम ने विश्वास किया था, उस समय के विचार से अब हमारा उद्धार निकट है।
Romans 13:12 रात बहुत बीत गई है, और दिन निकलने पर है; इसलिये हम अन्धकार के कामों को तज कर ज्योति के हथियार बान्ध लें।
Romans 13:13 जैसा दिन को सोहता है, वैसा ही हम सीधी चाल चलें; न कि लीला क्रीड़ा, और पियक्कड़पन, न व्यभिचार, और लुचपन में, और न झगड़े और डाह में।
Romans 13:14 वरन प्रभु यीशु मसीह को पहिन लो, और शरीर की अभिलाशाओं को पूरा करने का उपाय न करो।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 29-30
  • प्रेरितों 23:1-15



शनिवार, 20 जुलाई 2019

समय



      हाल ही में, एक विमान यात्रा के दौरान, मेरा ध्यान एक माँ और उसके बच्चों की ओर गया। उसका एक छोटा बच्चा निश्चिन्त होकर उसके साथ बैठा खेल रहा था, और माँ अपने नवजात शिशु को निहार रही थी, उसे देख कर मुस्कुरा रही थी, उसके बाल सहला रही थी; जबकि वह नवजात शिशु अचरज से आँखें फाड़े हुए अपनी माँ को देख रहा था। मैं उन्हें देखकर आनन्दित हो रही थी और अपने समय को स्मरण कर रही थी जब मेरे भी उस आयु के बच्चे थे; परन्तु अब वह समय बीत चुका था।

      लेकिन साथ ही मैंने परमेश्वर के वचन बाइबल में राजा सुलेमान द्वारा सभोपदेशक की पुस्तक में “प्रत्येक काम जो आकाश के नीचे होता है” (3:1) के बारे में लिखे गए कुछ शब्दों पर ध्यान किया। सुलेमान विपरीतार्थक बातों के द्वारा बताता है कि कैसे “हर बात का एक अवसर” (पद 1) होता है: “जन्म का समय, और मरण का भी समय; बोने का समय; और बोए हुए को उखाड़ने का भी समय है” (पद 2)। संभवतः राजा सुलेमान इन पदों में जीवन का व्यर्थ चक्र प्रतीत होने वाली बातों को लेकर निराश होता है। परन्तु प्रत्येक ऋतु में वह ‘परमेश्वर का हाथ’ के होने को भी स्वीकार करता है। वह यह भी कहता है कि हमारे कार्य “परमेश्वर का दान” हैं (पद 13) और यह कि “जो कुछ परमेश्वर करता है वह सदा स्थिर रहेगा” (पद 14)।

      हो सकता है कि हम अपने जीवनों के कुछ समयों को बड़ी लालसा के साथ स्मरण करें, जैसे मैं उन बच्चों को देखकर अपने बच्चों के बारे में सोचने लग गई थी। परन्तु हम यह भी जानते हैं कि प्रभु परमेश्वर ने हम से यह वायदा किया है कि जीवन की प्रत्येक ऋतु में वह हमारे साथ बना रहेगा (यशायाह 41:10)। हम सदा आश्वस्त रह सकते हैं कि उसकी उपस्थिति हमारे साथ बनी रहती है, और उसके साथ-साथ चलते रहने में ही हमारे सभी उद्देश्यों की पूर्ति होती है। - एमी बाउचर पाई


परमेश्वर ही हमारे जीवन में ऋतुएँ देता है।

मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूं; मैं तुझे दृढ़ करूंगा और तेरी सहायता करूंगा, अपने धर्ममय दाहिने हाथ से मैं तुझे सम्हाले रहूंगा। - यशायाह 41:10

बाइबल पाठ: सभोपदेशक 3:1-14
Ecclesiastes 3:1 हर एक बात का एक अवसर और प्रत्येक काम का, जो आकाश के नीचे होता है, एक समय है।
Ecclesiastes 3:2 जन्म का समय, और मरण का भी समय; बोने का समय; और बोए हुए को उखाड़ने का भी समय है;
Ecclesiastes 3:3 घात करने का समय, और चंगा करने का भी समय; ढा देने का समय, और बनाने का भी समय है;
Ecclesiastes 3:4 रोने का समय, और हंसने का भी समय; छाती पीटने का समय, और नाचने का भी समय है;
Ecclesiastes 3:5 पत्थर फेंकने का समय, और पत्थर बटोरने का भी समय; गल लगाने का समय, और गल लगाने से रुकने का भी समय है;
Ecclesiastes 3:6 ढूंढ़ने का समय, और खो देने का भी समय; बचा रखने का समय, और फेंक देने का भी समय है;
Ecclesiastes 3:7 फाड़ने का समय, और सीने का भी समय; चुप रहने का समय, और बोलने का भी समय है;
Ecclesiastes 3:8 प्रेम का समय, और बैर करने का भी समय; लड़ाई का समय, और मेल का भी समय है।
Ecclesiastes 3:9 काम करने वाले को अधिक परिश्रम से क्या लाभ होता है?
Ecclesiastes 3:10 मैं ने उस दु:खभरे काम को देखा है जो परमेश्वर ने मनुष्यों के लिये ठहराया है कि वे उस में लगे रहें।
Ecclesiastes 3:11 उसने सब कुछ ऐसा बनाया कि अपने अपने समय पर वे सुन्दर होते है; फिर उसने मनुष्यों के मन में अनादि-अनन्त काल का ज्ञान उत्पन्न किया है, तौभी काम परमेश्वर ने किया है, वह आदि से अन्त तक मनुष्य समझ नहीं सकता।
Ecclesiastes 3:12 मैं ने जान लिया है कि मनुष्यों के लिये आनन्द करने और जीवन भर भलाई करने के सिवाय, और कुछ भी अच्छा नहीं;
Ecclesiastes 3:13 और यह भी परमेश्वर का दान है कि मनुष्य खाए-पीए और अपने सब परिश्रम में सुखी रहे।
Ecclesiastes 3:14 मैं जानता हूं कि जो कुछ परमेश्वर करता है वह सदा स्थिर रहेगा; न तो उस में कुछ बढ़ाया जा सकता है और न कुछ घटाया जा सकता है; परमेश्वर ऐसा इसलिये करता है कि लोग उसका भय मानें।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 26-28
  • प्रेरितों 22



शुक्रवार, 19 जुलाई 2019

शक्तिशाली



      ब्राजील और आर्जेंटीना की सीमा पर स्थित इगुआज़ू जल प्रपात इगुआज़ू नदी पर 2.7 किलोमीटर की दूरी में 275 जल प्रपातों का समूह है। इस जल प्रपात के ब्राजील के किनारे पर प्रपात की के दीवार पर खोद कर लिखा गया है “महासागर के शब्द से, और समुद्र की महातरंगों से, विराजमान यहोवा अधिक महान है” जिसे परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 93:4 से लिया गया है। इसके नीचे ये शब्द खोद कर लिखे गए हैं, “हमारी सभी परेशानियों पर परमेश्वर सदा प्रबल है।”

      भजन 93 के लेखक ने यह भजन उस समय लिखा था जब राजा राज्य करते थे, और वह जानता था कि सबसे महान, वह जो  अन्य सभी पर राजा है, वह परमेश्वर ही है। उसने लिखा, “यहोवा राजा है... हे यहोवा, तेरी राजगद्दी अनादिकाल से स्थिर है, तू सर्वदा से है” (पद 1-2)। लहरें और बाढ़ चाहे कितनी भी ऊँची क्यों न हो, परमेश्वर उन सबसे ऊँचा है।

      जलप्रपात के पानी गिरने का शोर बहुत भयावह हो सकता है, परन्तु उस गिरते हुए पानी की ओर बहते जाना और भी अधिक भयावह होता है। हो सकता है कि आज आपकी भी ऐसी ही स्थिति हो। शारीरिक, आर्थिक, संबंधों आदि से जुड़ी हुई समस्याएँ आपको बहुत भयावह लग रही होंगी, और आपको लग रहा होगा कि आप बस अब गिरने और नाश होने ही जा रहे हैं। ऐसी परिस्थितियों में मसीही विश्वासी के पास एक ऐसा है जिसकी ओर सहायता के लिए वह मुड़ सकता है। वह है प्रभु परमेश्वर, “जो ऐसा सामर्थी है, कि हमारी बिनती और समझ से कहीं अधिक काम कर सकता है, उस सामर्थ्य के अनुसार जो हम में कार्य करता है” (इफिसियों 3:20); वही सबसे और सब पर शक्तिशाली है। - सी. पी. हिया


अपनी सीमित अपेक्षाओं द्वारा परमेश्वर की असीम सामर्थ्य का आँकलन कभी न करें।

हे इस्राएल तेरा रचने वाला और हे याकूब तेरा सृजनहार यहोवा अब यों कहता है, मत डर, क्योंकि मैं ने तुझे छुड़ा लिया है; मैं ने तुझे नाम ले कर बुलाया है, तू मेरा ही है। - यशायाह 43:1

बाइबल पाठ: भजन 93
Psalms 93:1 यहोवा राजा है; उसने माहात्म्य का पहिरावा पहिना है; यहोवा पहिरावा पहिने हुए, और सामर्थ्य का फेटा बान्धे है। इस कारण जगत स्थिर है, वह नहीं टलने का।
Psalms 93:2 हे यहोवा, तेरी राजगद्दी अनादिकाल से स्थिर है, तू सर्वदा से है।
Psalms 93:3 हे यहोवा, महानदों का कोलाहल हो रहा है, महानदों का बड़ा शब्द हो रहा है, महानद गरजते हैं।
Psalms 93:4 महासागर के शब्द से, और समुद्र की महातरंगों से, विराजमान यहोवा अधिक महान है।
Psalms 93:5 तेरी चितौनियां अति विश्वासयोग्य हैं; हे यहोवा तेरे भवन को युग युग पवित्रता ही शोभा देती है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 23-25
  • प्रेरितों 21:18-40



गुरुवार, 18 जुलाई 2019

तैयार



      मेरे शहर के एक चर्च में लोगों का स्वागत करने के लिए एक अद्वितीय कार्ड का प्रयोग किया जाता है; ऐसा कार्ड जिससे सब के लिए परमेश्वर का प्रेम और अनुग्रह प्रदर्शित होता है। उस कार्ड पर लिखा है, “यदि आप एक...संत, पापी, पराजित, विजयी” – और इससे आगे अनेकों अन्य शब्द जो संघर्षरत लोगों की स्थिति का वर्णन करते हैं, जैसे कि – “शराबी , पाखंडी, धोखेबाज़, भयभीत, अनुपयुक्त...हैं, तो आपका यहाँ पर स्वागत है।” उस चर्च के एक पास्टर ने मुझे बताया कि, “प्रत्येक इतवार को होने वाली आराधना सभा में, चर्च में उपस्थित हम सभी लोग ऊँची आवाज़ में इसे एक साथ पढ़ते हैं।”

      कितनी ही बार हम उपनामों को स्वीकार कर लेते हैं और उन्हें हमें परिभाषित करने देते हैं। परन्तु परमेश्वर का अनुग्रह उपनामों की कोई परवाह नहीं करता है, क्योंकि उसका अनुग्रह हमारे प्रति उसके प्रेम पर आधारित है, न कि हमारे अपने प्रति आँकलन पर। हम अपने आप को चाहे अद्भुत समझें अथवा भयानक, योग्य समझें अथवा अयोग्य और अनुपयुक्त, हम परमेश्वर से अनन्त जीवन का दान प्राप्त कर सकते हैं। प्रेरित पौलुस ने रोम के मसीही विश्वासियों को स्मरण दिलाया कि, “क्योंकि जब हम निर्बल ही थे, तो मसीह ठीक समय पर भक्तिहीनों के लिये मरा” (रोमियों 5:6)।

      प्रभु की हमसे यह अपेक्षा नहीं है कि हम अपने आप परिवर्तित हो जाएँगे। वरन वह हमें आमंत्रित करता है कि हम जैसे भी हैं, वैसे ही उसके पास आ जाएँ, और हमें उसमें आशा, चंगाई और स्वतंत्रता मिलेगी : “परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा” (पद 8)। हम जैसे भी हैं, जो भी हैं, जहाँ भी हैं, हमारी यथास्थिति में प्रभु परमेश्वर हमें स्वीकार करने के लिए तैयार है। - डेविड मैक्कैस्लैंड


परमेश्वर की क्षमा हमारे पराजित अथवा घमण्डी, 
किसी भी उपनाम की उपेक्षा करने को तैयार है।

यहोवा कहता है, आओ, हम आपस में वादविवाद करें: तुम्हारे पाप चाहे लाल रंग के हों, तौभी वे हिम के समान उजले हो जाएंगे; और चाहे अर्गवानी रंग के हों, तौभी वे ऊन के समान श्वेत हो जाएंगे। यदि तुम आज्ञाकारी हो कर मेरी मानो। - यशायाह 1:18-19

बाइबल पाठ: रोमियों 5:1-11
Romans 5:1 सो जब हम विश्वास से धर्मी ठहरे, तो अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर के साथ मेल रखें।
Romans 5:2 जिस के द्वारा विश्वास के कारण उस अनुग्रह तक, जिस में हम बने हैं, हमारी पहुंच भी हुई, और परमेश्वर की महिमा की आशा पर घमण्ड करें।
Romans 5:3 केवल यही नहीं, वरन हम क्लेशों में भी घमण्ड करें, यही जानकर कि क्लेश से धीरज।
Romans 5:4 ओर धीरज से खरा निकलना, और खरे निकलने से आशा उत्पन्न होती है।
Romans 5:5 और आशा से लज्ज़ा नहीं होती, क्योंकि पवित्र आत्मा जो हमें दिया गया है उसके द्वारा परमेश्वर का प्रेम हमारे मन में डाला गया है।
Romans 5:6 क्योंकि जब हम निर्बल ही थे, तो मसीह ठीक समय पर भक्तिहीनों के लिये मरा।
Romans 5:7 किसी धर्मी जन के लिये कोई मरे, यह तो र्दुलभ है, परन्तु क्या जाने किसी भले मनुष्य के लिये कोई मरने का भी हियाव करे।
Romans 5:8 परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा।
Romans 5:9 सो जब कि हम, अब उसके लोहू के कारण धर्मी ठहरे, तो उसके द्वारा क्रोध से क्यों न बचेंगे?
Romans 5:10 क्योंकि बैरी होने की दशा में तो उसके पुत्र की मृत्यु के द्वारा हमारा मेल परमेश्वर के साथ हुआ फिर मेल हो जाने पर उसके जीवन के कारण हम उद्धार क्यों न पाएंगे?
Romans 5:11 और केवल यही नहीं, परन्तु हम अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा जिस के द्वारा हमारा मेल हुआ है, परमेश्वर के विषय में घमण्ड भी करते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 20-22
  • प्रेरितों 21:1-17



बुधवार, 17 जुलाई 2019

समान



      बच्चे का अपने माता-पिता की नकल उतारते देखना कितना रोचक लगता है। हमनें कितनी ही बार देखा है कि कोई छोटा बच्चा अपने पिता के समान कार का काल्पनिक स्टीयरिंग पकडे हुए पिता द्वारा की जा रही कार चलाने की क्रियाओं का अनुसरण करता रहता है, अपने पिता पर ध्यान लगे हुए कि वे आगे क्या करते हैं।

      मुझे स्मरण है कि मैं बचपन में यही किया करता था; मेरे लिए अपने पिता के समान क्रियाएँ करने से मिलने वाले आनन्द से बढ़कर और कोई आनन्द नहीं था। और मुझे निश्चय है कि मेरे पिता के लिए भी मुझे उनकी नकल करते देखना बहुत आनन्दायक होता होगा।

      मैं यह सोचना चाहता हूँ कि हमारे स्वर्गीय परमेश्वर पिता को भी ऐसा ही अनुभव होता होगा जब उन्होंने अपने प्रिय पुत्र, प्रभु यीशु मसीह को भी बिल्कुल वही करते देखा होगा जो पिता करता है – भटके हुओं तक पहुँचना, ज़रूरतमंदों की सहायता करना,और बीमारों को चँगा करना। प्रभु यीशु मसीह ने कहा, “...पुत्र आप से कुछ नहीं कर सकता, केवल वह जो पिता को करते देखता है, क्योंकि जिन जिन कामों को वह करता है उन्हें पुत्र भी उसी रीति से करता है” (यूहन्ना 5:19)।

      हम मसीही विश्वासियों को भी ऐसा ही करने के लिए बुलाया गया है – “इसलिये प्रिय, बालकों के समान परमेश्वर के सदृश बनो। और प्रेम में चलो; जैसे मसीह ने भी तुम से प्रेम किया; और हमारे लिये अपने आप को सुखदायक सुगन्‍ध के लिये परमेश्वर के आगे भेंट कर के बलिदान कर दिया” (इफिसियों 5:1-2)। जब हम प्रभु यीशु मसीह की समानता में बढ़ते जाते हैं, हम यह भी प्रयास करें कि परमेश्वर पिता के समान ही प्रेम करें, उसके समान क्षमा करें, उसके समान ही औरों की देखभाल एवँ चिंता करें, और ऐसे जीवन जीएँ जैसा उसे भाता है। पवित्र-आत्मा की सहायता से पिता परमेश्वर के द्वारा की जाने वाली बातों की नकल करना आनन्दित करता है, क्योंकि हम जानते हैं कि इसके लिए स्वर्ग में हमारे लिए महान प्रतिफल रखा हुआ है। - लेजली कोह


परमेश्वर पिता ने हमें अपना पवित्र-आत्मा दिया 
जिससे हम उसके पुत्र की समानता में हो जाएँ।

परन्तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्‍वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं। - 2 कुरिन्थियों 3:18

बाइबल पाठ: यूहन्ना 5:17-20
John 5:17 इस पर यीशु ने उन से कहा, कि मेरा पिता अब तक काम करता है, और मैं भी काम करता हूं।
John 5:18 इस कारण यहूदी और भी अधिक उसके मार डालने का प्रयत्न करने लगे, कि वह न केवल सब्त के दिन की विधि को तोड़ता, परन्तु परमेश्वर को अपना पिता कह कर, अपने आप को परमेश्वर के तुल्य ठहराता था।
John 5:19 इस पर यीशु ने उन से कहा, मैं तुम से सच सच कहता हूं, पुत्र आप से कुछ नहीं कर सकता, केवल वह जो पिता को करते देखता है, क्योंकि जिन जिन कामों को वह करता है उन्हें पुत्र भी उसी रीति से करता है।
John 5:20 क्योंकि पिता पुत्र से प्रीति रखता है और जो जो काम वह आप करता है, वह सब उसे दिखाता है; और वह इन से भी बड़े काम उसे दिखाएगा, ताकि तुम अचम्भा करो।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 18-19
  • प्रेरितों 20:17-38



मंगलवार, 16 जुलाई 2019

जड़ें



      अमेरिका के सिकोया वृक्ष सँसार के सबसे विशाल और टिकाऊ वृक्षों में से एक है। वह एक वृक्ष 300 फीट ऊँचा,  25 लाख पौंड (11 लाख किलो) वज़नी, और 3000 वर्ष तक जीवित रहने वाला हो सकता है। इस विशाल सिकोया वृक्ष का यह प्रदर्शित आकार और वैभव, सतह के नीचे अदृश्य जड़ों पर आधारित है। उसकी जड़ें बारह से पन्द्रह फुट गहरी और एक एकड़ भूमि में फ़ैली हुई तथा अन्य वृक्षों की जड़ों के साथ उलझकर जाल बनाए हुए होती हैं, जिससे इसका ऊँचे आकार और भारी वज़न को संभला रहता है।

      परन्तु सिकोया वृक्ष की जड़ों का यह विशाल जाल प्रभु यीशु के जीवन को आधार देने वाले इस्राएल के राष्ट्रीय इतिहास, धर्म और परमेश्वर के वचन की बातों की तुलना में बहुत छोटा है। परमेश्वर के वचन बाइबल में एक स्थान पर हम देखते हैं कि प्रभु ने उन धार्मिक अगुवों से जो पवित्रशास्त्र से प्रेम करने का दावा करते थे कहा कि उनका वही पवित्रशास्त्र प्रभु यीशु के विषय बताता है (यूहन्ना 5:39)। नासरत के एक आराधनालय  में प्रभु यीशु ने यशायाह नबी की पुस्तक को लेकर खोला और उसके एक भाग को सबके सामने पढ़कर कहा, “...आज ही यह लेख तुम्हारे साम्हने पूरा हुआ है” (लूका 4:21)।

      बाद में, अपने पुनरुत्थान के पश्चात प्रभु यीशु ने अपने चेलों को समझाया कि कैसे मूसा, भविष्यद्वक्ताओं, और भजन की पुस्तकें, आदि समस्त पवित्रशास्त्र उसके बारे में बताता है और दिखाता है कि क्यों उसके लिए यह अनिवार्य था कि वह दुःख उठाए, मारा जाए, और मृतकों में से जी उठे (24:46)।

      कैसा अद्भुत अनुग्रह और वैभव – प्रभु यीशु राष्ट्र के इतिहास और पवित्रशास्त्र का आधार है और आज हमारे जीवन की जड़ें उस ही में लाए गए विश्वास के द्वारा स्थिर होती हैं। - मार्ट डीहान


समस्त पवित्रशास्त्र हमें दिखाता है कि प्रभु यीशु हमारे जीवनों के लिए आवश्यक हैं।

तब मैं[यीशु] ने कहा, देख, मैं आ गया हूं, (पवित्र शास्त्र में मेरे विषय में लिखा हुआ है) ताकि हे परमेश्वर तेरी इच्छा पूरी करूं। - इब्रानियों 10:7

बाइबल पाठ: लूका 24: 36-49
Luke 24:36 वे ये बातें कह ही रहे ये, कि वह आप ही उन के बीच में आ खड़ा हुआ; और उन से कहा, तुम्हें शान्ति मिले।
Luke 24:37 परन्तु वे घबरा गए, और डर गए, और समझे, कि हम किसी भूत को देखते हैं।
Luke 24:38 उसने उन से कहा; क्यों घबराते हो और तुम्हारे मन में क्यों सन्‍देह उठते हैं?
Luke 24:39 मेरे हाथ और मेरे पांव को देखो, कि मैं वहीं हूं; मुझे छूकर देखो; क्योंकि आत्मा के हड्डी मांस नहीं होता जैसा मुझ में देखते हो।
Luke 24:40 यह कहकर उसने उन्हें अपने हाथ पांव दिखाए।
Luke 24:41 जब आनन्द के मारे उन को प्रतीति न हुई, और आश्चर्य करते थे, तो उसने उन से पूछा; क्या यहां तुम्हारे पास कुछ भोजन है?
Luke 24:42 उन्होंने उसे भूनी मछली का टुकड़ा दिया।
Luke 24:43 उसने ले कर उन के साम्हने खाया।
Luke 24:44 फिर उसने उन से कहा, ये मेरी वे बातें हैं, जो मैं ने तुम्हारे साथ रहते हुए, तुम से कही थीं, कि अवश्य है, कि जितनी बातें मूसा की व्यवस्था और भविष्यद्वक्ताओं और भजनों की पुस्‍तकों में, मेरे विषय में लिखी हैं, सब पूरी हों।
Luke 24:45 तब उसने पवित्र शास्त्र बूझने के लिये उन की समझ खोल दी।
Luke 24:46 और उन से कहा, यों लिखा है; कि मसीह दु:ख उठाएगा, और तीसरे दिन मरे हुओं में से जी उठेगा।
Luke 24:47 और यरूशलेम से ले कर सब जातियों में मन फिराव का और पापों की क्षमा का प्रचार, उसी के नाम से किया जाएगा।
Luke 24:48 तुम इन सब बातें के गवाह हो।
Luke 24:49 और देखो, जिस की प्रतिज्ञा मेरे पिता ने की है, मैं उसको तुम पर उतारूंगा और जब तक स्वर्ग से सामर्थ न पाओ, तब तक तुम इसी नगर में ठहरे रहो।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 16-17
  • प्रेरितों 20:1-16