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मंगलवार, 22 अक्टूबर 2019

प्रेम



      मेरे पसंदीदा चर्चों में से एक ऐसा है जो अनेकों वर्ष पहले उन कैदियों के लिए आरंभ किया गया था जो जेल से छूटने के बाद समाज में पुनः स्थापित होने के प्रयास और प्रक्रिया में थे। आज वह चर्च काफी बढ़ चुका है, और उसमें समाज के सभी वर्गों के लोग आते हैं। मुझे वह चर्च इसलिए पसन्द है क्योंकि वह मुझे ध्यान करवाता है कि स्वर्ग कैसा होगा -  विभिन्न प्रकार के लोगों से भरा हुआ, वे सभी लोग जो पापों के दासत्व से प्रभु यीशु में लाए गए विश्वास और उससे मिलने वाली पापों की क्षमा के द्वारा छुड़ाए गए हैं, और सभी परस्पर प्रभु के प्रेम के द्वारा बंधे हुए हैं।

      किन्तु कभी-कभी मुझे लगता है कि क्या चर्च वास्तव में पापों से क्षमा पाए हुए लोगों के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल है अथवा कुछ लोगों का विशिष्ट ‘क्लब’ है; क्योंकि स्वाभाविक रीति से कुछ विशेष स्वभाव एवँ रुचि के लोग एक-दूसरे के साथ एकत्रित होने लगते हैं क्योंकि वे उनके साथ अधिक सुविधाजनक अनुभव करते हैं, और अन्य लोग फिर अपने आप को अलग पड़ा हुआ अनुभव करते हैं। परन्तु जब प्रभु यीशु ने अपने शिष्यों से कहा था कि “मेरी आज्ञा यह है, कि जैसा मैं ने तुम से प्रेम रखा, वैसा ही तुम भी एक दूसरे से प्रेम रखो” (यूहन्ना 15:12), तो उनका अभिप्राय इस प्रकार के गुट बनाने का कदापि नहीं था। प्रभु की कलीसिया, उसके चर्च को, उसके प्रेम का प्रगटिकर्ण होना था जिसमें सभी जन परस्पर प्रेम में बंधे हुए साथ रहें।

      यदि दुखी, उपेक्षित लोगों को प्रभु यीशु मसीह में क्षमा, सांतवना और शरण मिल सकती है, तो उनका प्रभु की कलीसिया से इससे कुछ भी कम की अपेक्षा रखना कैसे संभव है? इसलिए हमें सभी के प्रति प्रभु यीशु के प्रेम को प्रदर्शित करना है – विशेषकर उनके प्रति जो हमारे समान स्वभाव या रुचि नहीं भी रखते हों। हमारे चारों ओर ऐसे अनेकों लोग हैं जिनके प्रति, प्रभु की अपेक्षा है कि हम उन से प्रेम रखें, उन पर प्रभु के प्रेम को प्रगट करें। यह कितने आनन्द का समय होता है जब लोग मिलकर प्रभु की आराधना करते हैं; परस्पर और प्रभु के प्रति प्रेम व्यक्त करते हैं, और प्रभु के प्रेम को एक दूसरे के साथ बाँटते हैं। यह पृथ्वी पर स्वर्ग के आनन्द को चखने के लिए प्रभु द्वारा हमारे लिए किया गया प्रावधान है। - जो स्टोवैल

प्रभु यीशु के प्रेम को एक-दूसरे के साथ बाँटें।

मैं तुम्हें एक नई आज्ञा देता हूं, कि एक दूसरे से प्रेम रखो: जैसा मैं ने तुम से प्रेम रखा है, वैसा ही तुम भी एक दुसरे से प्रेम रखो। - यूहन्ना 13:34

बाइबल पाठ: यूहन्ना 15:9-17
John 15:9 जैसा पिता ने मुझ से प्रेम रखा, वैसा ही मैं ने तुम से प्रेम रखा, मेरे प्रेम में बने रहो।
John 15:10 यदि तुम मेरी आज्ञाओं को मानोगे, तो मेरे प्रेम में बने रहोगे: जैसा कि मैं ने अपने पिता की आज्ञाओं को माना है, और उसके प्रेम में बना रहता हूं।
John 15:11 मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि मेरा आनन्द तुम में बना रहे, और तुम्हारा आनन्द पूरा हो जाए।
John 15:12 मेरी आज्ञा यह है, कि जैसा मैं ने तुम से प्रेम रखा, वैसा ही तुम भी एक दूसरे से प्रेम रखो।
John 15:13 इस से बड़ा प्रेम किसी का नहीं, कि कोई अपने मित्रों के लिये अपना प्राण दे।
John 15:14 जो कुछ मैं तुम्हें आज्ञा देता हूं, यदि उसे करो, तो तुम मेरे मित्र हो।
John 15:15 अब से मैं तुम्हें दास न कहूंगा, क्योंकि दास नहीं जानता, कि उसका स्‍वामी क्या करता है: परन्तु मैं ने तुम्हें मित्र कहा है, क्योंकि मैं ने जो बातें अपने पिता से सुनीं, वे सब तुम्हें बता दीं।
John 15:16 तुम ने मुझे नहीं चुना परन्तु मैं ने तुम्हें चुना है और तुम्हें ठहराया ताकि तुम जा कर फल लाओ; और तुम्हारा फल बना रहे, कि तुम मेरे नाम से जो कुछ पिता से मांगो, वह तुम्हें दे।
John 15:17 इन बातें की आज्ञा मैं तुम्हें इसलिये देता हूं, कि तुम एक दूसरे से प्रेम रखो।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 65-66
  • 1 तिमुथियुस 2



सोमवार, 21 अक्टूबर 2019

सुरक्षा-स्थान



      मेरी बेटी और मैं एक पारिवारिक उत्सव में जाने की तैयारीयां कर रहे थे। क्योंकि वह यात्रा के विषय घबरा रही थी, इसलिए मैंने कार चलाने की पेशकश की। उसने सहमत होते हुए कहा, “ठीक है; परन्तु मुझे अपनी कार में अधिक सुरक्षित लगता है। क्या आप उसे चला सकते हैं?” मुझे लगा कि मेरी छोटी कार की अपेक्षा उसकी अपनी बड़ी कार में अधिक स्थान होने के कारण उसने यह कहा; इसलिए मैंने उससे पूछा, “क्या मेरी कार तुम्हें छोटी और असुविधाजनक लगती है?” उसने उत्तर दिया, “नहीं; किन्तु बस मुझे अपनी कार अपना सुरक्षा स्थान प्रतीत होता है; मुझे वह अधिक सुरक्षित लगती है।”

      उसकी इस बात ने मुझे अपने व्यक्तिगत सुरक्षित स्थान के विषय विचार करने के लिए विवश किया। तुरंत ही मेरा ध्यान परमेश्वर के वचन बाइबल में नीतिवचन 18:10 की ओर गया, जहाँ लिखा है, “यहोवा का नाम दृढ़ गढ़ है; धर्मी उस में भाग कर सब दुर्घटनाओं से बचता है।” पुराने नियम के समय में, किसी शहर की शहर-पनाह और पहरे की मीनार बाहर से आने वाले खतरे के प्रति सचेत करने और शहर के अन्दर रहने वाले निवासियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए होते थे। नीतिवचन के लेखक का अभिप्राय यह था कि परमेश्वर का नाम, जो उसके चरित्र, व्यक्तित्व, तथा जो कुछ भी वह है, उसका प्रतीक है, उसके लोगों के लिए सच्ची सुरक्षा प्रदान करता है।

      कुछ परिस्थितियों में कुछ ऐसे स्थान होते हैं जो वाँछित सुरक्षा प्रदान करते हैं; जैसे कि किसी तूफ़ान के समय में एक दृढ़ छत; बीमारी के समय में अस्पताल; दुःख के समय में किसी प्रिय जन का आलिंगन और सांतवना, आदि।

      आज आपका ‘सुरक्षा-स्थान’ क्या है? हम जहाँ भी अपनी सुरक्षा को खोजें, उस स्थान में परमेश्वर की उपस्थिति ही है जो हम मसीही विश्वासियों को वह आवश्यक बल और सुरक्षा प्रदान करती है, जिसकी हमें आवश्यकता है। हमारा ‘सुरक्षा-स्थान’ प्रभु परमेश्वर ही है। - एलीसा मौरगन

जीवन के तूफानों में परमेश्वर ही सुरक्षा स्थान होता है।

यहोवा मेरी चट्टान, और मेरा गढ़ और मेरा छुड़ाने वाला है; मेरा ईश्वर, मेरी चट्टान है, जिसका मैं शरणागत हूं, वह मेरी ढ़ाल और मेरी मुक्ति का सींग, और मेरा ऊँचा गढ़ है। - भजन 18:2

बाइबल पाठ: नीतिवचन 18:10-11
Proverbs 18:10 यहोवा का नाम दृढ़ गढ़ है; धर्मी उस में भाग कर सब दुर्घटनाओं से बचता है।
Proverbs 18:11 धनी का धन उसकी दृष्टि में गढ़ वाला नगर, और ऊंचे पर बनी हुई शहरपनाह है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 62-64
  • 1 तिमुथियुस 1



रविवार, 20 अक्टूबर 2019

सुन्दरता



      मुझे ग्रैंड कैनियन निहारना बहुत अच्छा लगता है। जब भी मैं उस घाटी के किनारे खड़े होकर उसे निहारता हूँ, मुझे सृष्टिकर्ता परमेश्वर की उस भव्य कृति में कुछ नए अंश दिखाई देते हैं; यह सब मुझे स्तब्ध कर देते हैं। यद्यपि ग्रैंड कैनियन धरती में बने एक बहुत विशाल ‘गढ्ढे’ के अतिरिक्त और कुछ भी नहीं है, फिर भी वह मुझे स्वर्ग के बारे में विचार करने पर विवश करती है।

      एक बार एक बारह वर्षीय लड़के ने बड़ी ईमानदारी से मुझसे पूछा, “क्या स्वर्ग उबाऊ नहीं होगा? क्या आप को नहीं लगता कि सारे समय परमेश्वर की प्रशंसा करते-करते हम थक जाएँगे?” परन्तु जब धरती में बना एक ‘गढ्ढा’ इतना आकर्षक और सुन्दर हो सकता है कि हम उसे निहारते हुए नहीं थकते हैं, तो हम उस आनन्द की तो केवल कल्पना ही कर सकते हैं जब हम सृष्टि और उसकी सारी सुन्दरता के स्त्रोत, हमारे प्रेमी स्वर्गीय पिता परमेश्वर को देखेंगे – एक नई सृष्टि की अद्भुत कारीगरी के साथ।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में दाऊद ने इस लालसा को व्यक्त किया जब उसने लिखा, “एक वर मैं ने यहोवा से मांगा है, उसी के यत्न में लगा रहूंगा; कि मैं जीवन भर यहोवा के भवन में रहने पाऊं, जिस से यहोवा की मनोहरता पर दृष्टि लगाए रहूं, और उसके मन्दिर में ध्यान किया करूं” (भजन 27:4)। परमेश्वर की उपस्थिति से बढ़कर सुन्दर और कुछ है ही नहीं, जब हम प्रभु यीशु में लाए गए विश्वास के साथ उसके खोजी होते हैं, तो उसकी उपस्थिति में होने की इच्छा हमें इस पृथ्वी पर उसकी ओर खींचती है, और उसे आमने-सामने देखने की लालसा हमारे अन्दर जागृत करती है।

      तब हम अपने अद्भुत प्रभु परमेश्वर की आराधना और सराहना करते हुए कभी नहीं थकेंगे, क्योंकि उसकी भलाईयों और उसके हाथों की सृष्टि के अचरजों का कोई अन्त नहीं होगा, वे सदा नए होते रहेंगे; और उसकी उपस्थिति सदा काल तक हमारे लिए उसकी सुन्दरता और उसके प्रेम का स्तब्ध कर देने वाला प्रगटीकरण करती ही रहेगी। - जेम्स बैंक्स

हमारी सृष्टि अनन्तकाल के लिए परमेश्वर का आनन्द लेने के लिए हुई है।

क्योंकि तेरी करूणा जीवन से भी उत्तम है मैं तेरी प्रशंसा करूंगा। इसी प्रकार मैं जीवन भर तुझे धन्य कहता रहूंगा; और तेरा नाम ले कर अपने हाथ उठाऊंगा। - भजन 63:3-4

बाइबल पाठ: भजन 27:1-4
Psalms 27:1 यहोवा परमेश्वर मेरी ज्योति और मेरा उद्धार है; मैं किस से डरूं? यहोवा मेरे जीवन का दृढ़ गढ़ ठहरा है, मैं किस का भय खाऊं?
Psalms 27:2 जब कुकर्मियों ने जो मुझे सताते और मुझी से बैर रखते थे, मुझे खा डालने के लिये मुझ पर चढ़ाई की, तब वे ही ठोकर खाकर गिर पड़े।
Psalms 27:3 चाहे सेना भी मेरे विरुद्ध छावनी डाले, तौभी मैं न डरूंगा; चाहे मेरे विरुद्ध लड़ाई ठन जाए, उस दशा में भी मैं हियाव बान्धे निशचिंत रहूंगा।
Psalms 27:4 एक वर मैं ने यहोवा से मांगा है, उसी के यत्न में लगा रहूंगा; कि मैं जीवन भर यहोवा के भवन में रहने पाऊं, जिस से यहोवा की मनोहरता पर दृष्टि लगाए रहूं, और उसके मन्दिर में ध्यान किया करूं।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 59-61
  • 2 थिस्सलुनीकियों 3



शनिवार, 19 अक्टूबर 2019

सामर्थी


      उस तेज कड़कड़ाने की धवनि ने मुझे चौंका दिया। उस आवाज़ को पहचानते हुए मैं दौड़ कर रसोई में गई। मैंने गलती से खाली पड़ी कॉफी बनाने वाली मशीन के बटन को चालू कर दिया था। मशीन के तार को बिजली के पलग से निकालकर, मैंने उसे उसके हैंडल से उठाया और उसकी ताली को छूकर देखा कि वह मेज़ पर रखने के लिए कहीं बहुत गरम तो नहीं है। उसकी गरम तली को छूते ही मेरी उंगलियां जल गईं और जहाँ छूआ था वहाँ छाले बन गए।

      जब मेरे पति मेरी उँगलियों की मरहमपट्टी कर रहे थे, तो मैं बैठी सर हिला रही थी। मैं जानती थी कि उसकी तली गरम होगी, “मुझे वास्तव में नहीं पता कि मैंने उसे क्यों छूआ” मैंने कहा।

      यह गलती करने के पश्चात के मेरे इस प्रत्युत्तर ने मुझे पवित्र शास्त्र, परमेश्वर के वचन बाइबल में, पौलुस प्रेरित की प्रतिक्रिया की याद दिलाई, जो उसने एक गंभीर विषय – पाप का स्वभाव, के लिए की थी।

      प्रेरित ने स्वीकार किया कि उसे नहीं पता कि वह उन कामों को क्यों कर देता है जिनके विषय वह जानता है कि उसे नहीं करने चाहिएँ और न ही वह करना चाहता है, फिर भी कर देता है (रोमियों 7:15)। इसकी पुष्टि करते हुए कि पवित्र शास्त्र ही निर्धारित करता है कि क्या सही है और क्या गलत (पद 7), उसने उस जटिल संघर्ष को भी स्वीकार किया जो लगातार पाप के विरुद्ध आत्मा और शरीर में चलता रहता है (पद 15-23)। अपनी दुर्बलताओं को स्वीकार करते हुए, फिर वह अब और सदा काल के लिए विजयी होनी की आशा को प्रस्तुत करता है (पद 24-25)।

      जब हम अपने जीवन प्रभु यीशु मसीह को समर्पित कर देते हैं, तो वह हमें अपनी पवित्र आत्मा देता है, जो हमें सही चुनाव एवँ कार्य करने के लिए सामर्थी करता है (8:8-10)। जब हम परमेश्वर पवित्र आत्मा की अगुवाई में परमेश्वर के वचनों का पालन करते हैं, तो हम उस झुलसाने वाले पाप से बच सकते हैं जो हमें उस बहुतायत के जीवन की आशीषों से रोक कर रखता है, जिनकी परमेश्वर ने उन्हें प्रतिज्ञा की है जो उससे प्रेम करते हैं। - जोशील डिक्सन

पवित्र आत्मा अपने प्रेम और अनुग्रह के द्वारा हमें रूपांतरित करता है।

क्या तुम नहीं जानते, कि तुम्हारी देह पवित्रात्मा का मन्दिर है; जो तुम में बसा हुआ है और तुम्हें परमेश्वर की ओर से मिला है, और तुम अपने नहीं हो? क्योंकि दाम देकर मोल लिये गए हो, इसलिये अपनी देह के द्वारा परमेश्वर की महिमा करो। - 1 कुरिन्थियों 6:19-20

बाइबल पाठ: रोमियों 7:14-25
Romans 7:14 क्योंकि हम जानते हैं कि व्यवस्था तो आत्मिक है, परन्तु मैं शरीरिक और पाप के हाथ बिका हुआ हूं।
Romans 7:15 और जो मैं करता हूं, उसको नहीं जानता, क्योंकि जो मैं चाहता हूं, वह नहीं किया करता, परन्तु जिस से मुझे घृणा आती है, वही करता हूं।
Romans 7:16 और यदि, जो मैं नहीं चाहता वही करता हूं, तो मैं मान लेता हूं, कि व्यवस्था भली है।
Romans 7:17 तो ऐसी दशा में उसका करने वाला मैं नहीं, वरन पाप है, जो मुझ में बसा हुआ है।
Romans 7:18 क्योंकि मैं जानता हूं, कि मुझ में अर्थात मेरे शरीर में कोई अच्छी वस्तु वास नहीं करती, इच्छा तो मुझ में है, परन्तु भले काम मुझ से बन नहीं पड़ते।
Romans 7:19 क्योंकि जिस अच्छे काम की मैं इच्छा करता हूं, वह तो नहीं करता, परन्तु जिस बुराई की इच्छा नहीं करता वही किया करता हूं।
Romans 7:20 परन्तु यदि मैं वही करता हूं, जिस की इच्छा नहीं करता, तो उसका करने वाला मैं न रहा, परन्तु पाप जो मुझ में बसा हुआ है।
Romans 7:21 सो मैं यह व्यवस्था पाता हूं, कि जब भलाई करने की इच्छा करता हूं, तो बुराई मेरे पास आती है।
Romans 7:22 क्योंकि मैं भीतरी मनुष्यत्व से तो परमेश्वर की व्यवस्था से बहुत प्रसन्न रहता हूं।
Romans 7:23 परन्तु मुझे अपने अंगो में दूसरे प्रकार की व्यवस्था दिखाई पड़ती है, जो मेरी बुद्धि की व्यवस्था से लड़ती है, और मुझे पाप की व्यवस्था के बन्धन में डालती है जो मेरे अंगों में है।
Romans 7:24 मैं कैसा अभागा मनुष्य हूं! मुझे इस मृत्यु की देह से कौन छुड़ाएगा?
Romans 7:25 मैं अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर का धन्यवाद करता हूं: निदान मैं आप बुद्धि से तो परमेश्वर की व्यवस्था का, परन्तु शरीर से पाप की व्यवस्था का सेवन करता हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 56-58
  • 2 थिस्सलुनीकियों 2


शुक्रवार, 18 अक्टूबर 2019

सामना



      सदियों से युद्ध और लड़ाईयाँ झेल रहे यरूशलेम शहर का वर्तमान आधुनिक भाग, उसके अपने ही मलबे पर बना हुआ है। जब हम पारिवारिक भ्रमण पर यरूशलेम गए हुए थे , तो हम ‘विया डोलोरोसा’ अर्थात पीड़ा के मार्ग पर से भी होकर चले, जिसके लिए कहा जाता है कि प्रभु यीशु मसीह अपने क्रूस को उठाए हुए, अपने बलिदान के लिए इसी मार्ग से होकर गए थे। हमारे भ्रमण का वह दिन बहुत गर्म था, इसलिए हम विश्राम के लिए रुके और वहाँ स्थित एक मठ के ठन्डे निचले भाग में गए। वहाँ मैं मार्ग पर लगाए जाने वाले पुराने पत्थरों को देखकर विचलित हुआ, जिन्हें अभी हाल ही में खुदाई करके निकाला गया था। उन पत्थरों में से कुछ पर रोमी सैनिकों द्वारा खेले जाने वाले खेल खुदे हुए थे।

      उन पत्थरों ने, चाहे वे प्रभु यीशु के समय के बाद रहे होंगे, मुझे उस समय अपने आत्मिक जीवन के बारे में विचार करने पर बाध्य किया। जैसे कोई ऊबा हुआ रोमी सैनिक, अपना समय बिताने के लिए पत्थरों से खेलता था, मैं भी उस समय में औरों तथा परमेश्वर के प्रति उदासीन और लापरवाह हो गया था, और उसके प्रति महज़ औपचारिकता सी निभा रहा था। मैं इस बात का एहसास करके, कि जहाँ मैं खड़ा था वहाँ और उसके पास के स्थानों पर प्रभु यीशु को मारा गया, उसका उपहास किया गया, उसे अपमानित किया गया, और उसे गालियाँ दी गईं; और उसने यह सब इसलिए सह लिया जिससे वह मेरी सभी असफलताओं और परमेश्वर के विरुद्ध किए गए कार्यों के निवारण का मार्ग बना कर दे सके, बहुत द्रवित हुआ।

      परन्तु वह हमारे ही अपराधो के कारण घायल किया गया, वह हमारे अधर्म के कामों के हेतु कुचला गया; हमारी ही शान्ति के लिये उस पर ताड़ना पड़ी कि उसके कोड़े खाने से हम चंगे हो जाएं” (यशायाह 53:5)।

      उन पत्थरों से हुआ मेरा सामना आज भी मुझ से प्रभु यीशु के अनुग्रह के बारे में, जो मेरे सभी पापों से कहीं अधिक बढ़कर है, बातें करता है; मेरे प्रति उसके महान अवर्णनीय प्रेम को स्मरण करवाता है। - डेविड मैक्कैस्लैंड

हमारे पाप बहुत अधिक हैं; परमेश्वर का प्रेम और अनुग्रह उनसे भी कहीं अधिक है।

क्योंकि बैरी होने की दशा में तो उसके पुत्र की मृत्यु के द्वारा हमारा मेल परमेश्वर के साथ हुआ फिर मेल हो जाने पर उसके जीवन के कारण हम उद्धार क्यों न पाएंगे? – रोमियों 5:10

बाइबल पाठ: यशायाह 53:1-6
Isaiah 53:1 जो समाचार हमें दिया गया, उसका किस ने विश्वास किया? और यहोवा का भुजबल किस पर प्रगट हुआ?
Isaiah 53:2 क्योंकि वह उसके साम्हने अंकुर के समान, और ऐसी जड़ के समान उगा जो निर्जल भूमि में फूट निकले; उसकी न तो कुछ सुन्दरता थी कि हम उसको देखते, और न उसका रूप ही हमें ऐसा दिखाई पड़ा कि हम उसको चाहते।
Isaiah 53:3 वह तुच्छ जाना जाता और मनुष्यों का त्यागा हुआ था; वह दु:खी पुरूष था, रोग से उसकी जान पहिचान थी; और लोग उस से मुख फेर लेते थे। वह तुच्छ जाना गया, और, हम ने उसका मूल्य न जाना।
Isaiah 53:4 निश्चय उसने हमारे रोगों को सह लिया और हमारे ही दु:खों को उठा लिया; तौभी हम ने उसे परमेश्वर का मारा-कूटा और दुर्दशा में पड़ा हुआ समझा।
Isaiah 53:5 परन्तु वह हमारे ही अपराधो के कारण घायल किया गया, वह हमारे अधर्म के कामों के हेतु कुचला गया; हमारी ही शान्ति के लिये उस पर ताड़ना पड़ी कि उसके कोड़े खाने से हम चंगे हो जाएं।
Isaiah 53:6 हम तो सब के सब भेड़ों के समान भटक गए थे; हम में से हर एक ने अपना अपना मार्ग लिया; और यहोवा ने हम सभों के अधर्म का बोझ उसी पर लाद दिया।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 53-55
  • 2 थिस्सलुनीकियों 1



गुरुवार, 17 अक्टूबर 2019

प्रभाव



      वॉशिंगटन डीसी में राष्ट्रीय कला संग्रहालय में विचारण करते हुए मैंने एक उत्तम कलाकृति, “द विंड” देखी। उस चित्र में जंगल के इलाके में आई हुई आँधी को दिखाया गया था। लंबे, पतले पेड़, बाईं ओर झुके हुए थे; झाड़ियाँ भी उसी ओर गिर रही थीं।

      इससे भी अधिक प्रबल रीति से परमेश्वर का पवित्र आत्मा मसीही विश्वासियों को परमेश्वर की भलाई तथा सत्य की दिशा में मोड़ सकता है। यदि हम पवित्र आत्मा के अनुसार चलेंगे तो हम और अधिक साहसी तथा प्रेमी बनते जाएँगे। साथ ही हम अपनी लालसाओं की पूर्ति और उनके प्रति व्यवहार में भी और अधिक समझदार होते चले जाएँगे (2 तिमुथियुस 1:7)।

      कुछ परिस्थितियों में पवित्र आत्मा हमें आत्मिक बढ़ोतरी एवँ परिवर्तन की ओर उकसाता है; हो सकता है कि हम उसके इस उकसाने के लिए प्रत्युत्तर में “नहीं” कह देते हों। बारम्बार उसके इस उकसाने का इन्कार करने को आत्मा को “बुझाना” कहा गया है (1 थिस्सलुनीकियों 5:19)। यदि हम ऐसा करते रहते हैं, तो कुछ समय पश्चात, आत्मिक संवेदनहीनता के कारण, जो कभी हमें गलत लगता था, वह फिर उतना बुरा लगाना बन्द हो जाता है।

      जब परमेश्वर के साथ हमारा संबंध दूर का और टूटा हुआ लगने लगे, तो इसका कारण हमारा बारंबार पवित्र आत्मा को “नहीं” कहते रहना हो सकता है। यह जितना लंबे समय तक ज़ारी रहेगा, उतना कठिन समस्या की जड़ को पहचानना होता जाएगा। किन्तु हम परमेश्वर के प्रति कृतज्ञ और धन्यवादी हो सकते हैं क्योंकि उसने अपने वचन बाइबल में हमें आश्वासन दिया है कि हम जब भी उससे अपने पापों की क्षमा मांगेगे और सच्चे मन से उनके लिए पश्चाताप करेंगे, वह हमें क्षमा करके हम में पवित्र आत्मा के प्रभाव और सामर्थ्य को बहाल कर देगा। परमेश्वर से प्रार्थना करें कि वह आपको आपके पापों के लिए कायल करे, और आप लौट कर उसके प्रभाव में आ सकें। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट

पवित्र आत्मा के प्रति समर्पित होने से हम सही जीवन जीने की ओर बढ़ते हैं।

यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। - 1 यूहन्ना 1:9

बाइबल पाठ: 1 थिस्सलुनीकियों 5:15-24
1 Thessalonians 5:15 सावधान! कोई किसी से बुराई के बदले बुराई न करे; पर सदा भलाई करने पर तत्‍पर रहो आपस में और सब से भी भलाई ही की चेष्‍टा करो।
1 Thessalonians 5:16 सदा आनन्‍दित रहो।
1 Thessalonians 5:17 निरन्‍तर प्रार्थना मे लगे रहो।
1 Thessalonians 5:18 हर बात में धन्यवाद करो: क्योंकि तुम्हारे लिये मसीह यीशु में परमेश्वर की यही इच्छा है।
1 Thessalonians 5:19 आत्मा को न बुझाओ।
1 Thessalonians 5:20 भविष्यद्वाणियों को तुच्‍छ न जानो।
1 Thessalonians 5:21 सब बातों को परखो: जो अच्छी है उसे पकड़े रहो।
1 Thessalonians 5:22 सब प्रकार की बुराई से बचे रहो।
1 Thessalonians 5:23 शान्‍ति का परमेश्वर आप ही तुम्हें पूरी रीति से पवित्र करे; और तुम्हारी आत्मा और प्राण और देह हमारे प्रभु यीशु मसीह के आने तक पूरे पूरे और निर्दोष सुरक्षित रहें।
1 Thessalonians 5:24 तुम्हारा बुलाने वाला सच्चा है, और वह ऐसा ही करेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 50-52
  • 1 थिस्सलुनीकियों 5



बुधवार, 16 अक्टूबर 2019

साक्षी



      जे बफ्टन ने अपने कमरे को प्रकाशस्तंभ बना दिया था। बावन वर्ष का वह पति, हाई-स्कूल का अध्यापक, और खेल प्रशिक्षक, कैंसर से पीड़ित था और मर रहा था; परन्तु उसका कमरा, कमरा संख्या 5020, मित्रों, परिवार जनों, और अस्पताल के कर्मचारियों के लिए आशा का ज्योति-स्तंभ बन गया था। उसके आनन्दित रहने वाले रवैये और प्रभु यीशु मसीह में दृढ़ विश्वास के कारण, अस्पताल के नर्सें भी जे के इलाज के लिए उसके साथ लगाई जाने की इच्छा रखती थीं। कुछ तो अपना कार्य समाप्त होने के बाद उससे मिलने आती थीं।

      यद्यपि उसका कभी सबल रहने वाला शरीर अब दुर्बल होता जा रहा था, फिर भी वह सब का अभिनन्दन मुस्कराहट और प्रोत्साहन के साथ किया करता था। एक मित्र ने कहा, “मैं जब भी जे के पास जाता था, वह उत्साहित, सकारात्मक, और आशा से भरा हुआ रहता था। कैंसर और मृत्यु का प्रत्यक्ष सामना करते हुए भी, वह अपने मसीही विश्वास को जी कर दिखा रहा था।

      जे के अंतिम संस्कार के समय, एक वक्ता ने ध्यान दिलाया कि उसके कमरे की संख्या 5020 का विशेष महत्व था। उसने बताया कि परमेश्वर के वचन बाइबल की पहली पुस्तक, उत्पत्ति 50:20 में, यूसुफ अपने भाईयो को संबोधित करते समय कहता है कि यद्यपि उन्होंने उसे दासत्व में बेच दिया था, परन्तु परमेश्वर ने उनके बुरे कार्य को भी भले के लिए प्रयोग कर लिया जिससे बहुतेरों के प्राणों की रक्षा हो सकी। कैंसर जे के जीवन में नाश करने के लिए घुस आया, परन्तु परमेश्वर के हाथों में सब कुछ छोड़कर और इसमें भी परमेश्वर की योजना का ध्यान करने के द्वारा, जे कह सका कि “परमेश्वर ने इसे भी भलाई के लिए प्रयोग किया।” इसीलिए जे कैंसर के द्वारा होने वाले नाश को भी प्रभु यीशु मसीह के बारे में औरों को बताने के लिए प्रयोग कर सका।

      यह कितनी अद्भुत गवाही है; मृत्यु द्वार पर दस्तक दे रही है, परन्तु प्रभु यीशु में विश्वास न केवल अडिग बना हुआ है वरन औरों को प्रोत्साहित कर रहा है, औरों को प्रभु की ओर आकर्षित कर रहा है। हमारे भले और विश्वासयोग्य परमेश्वर में भरोसे तथा उसकी भलाइयों की यह एक महान साक्षी है। - डेव ब्रैनन

परमेश्वर के अनुग्रह से हम अपने सबसे बुरे समय में भी अपनी सर्वोत्तम साक्षी प्रस्तुत कर सकते हैं।

देखो, हम धीरज धरने वालों को धन्य कहते हैं: तुम ने अय्यूब के धीरज के विषय में तो सुना ही है, और प्रभु की ओर से जो उसका प्रतिफल हुआ उसे भी जान लिया है, जिस से प्रभु की अत्यन्‍त करूणा और दया प्रगट होती है। - याकूब 5:11

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 50:15-20
Genesis 50:15 जब यूसुफ के भाइयों ने देखा कि हमारा पिता मर गया है, तब कहने लगे, कदाचित यूसुफ अब हमारे पीछे पड़े, और जितनी बुराई हम ने उस से की थी सब का पूरा पलटा हम से ले।
Genesis 50:16 इसलिये उन्होंने यूसुफ के पास यह कहला भेजा, कि तेरे पिता ने मरने से पहिले हमें यह आज्ञा दी थी,
Genesis 50:17 कि तुम लोग यूसुफ से इस प्रकार कहना, कि हम बिनती करते हैं, कि तू अपने भाइयों के अपराध और पाप को क्षमा कर; हम ने तुझ से बुराई तो की थी, पर अब अपने पिता के परमेश्वर के दासों का अपराध क्षमा कर। उनकी ये बातें सुनकर यूसुफ रो पड़ा।
Genesis 50:18 और उसके भाई आप भी जाकर उसके साम्हने गिर पड़े, और कहा, देख, हम तेरे दास हैं।
Genesis 50:19 यूसुफ ने उन से कहा, मत डरो, क्या मैं परमेश्वर की जगह पर हूं?
Genesis 50:20 यद्यपि तुम लोगों ने मेरे लिये बुराई का विचार किया था; परन्तु परमेश्वर ने उसी बात में भलाई का विचार किया, जिस से वह ऐसा करे, जैसा आज के दिन प्रगट है, कि बहुत से लोगों के प्राण बचे हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 47-49
  • 1 थिस्सलुनीकियों 4