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गुरुवार, 5 नवंबर 2020

बुद्धि

 

         एक पुरुष ने एक महिला पर मुकद्दमा दायर किया, इस दावे के साथ कि उस महिला ने उसके कुत्ते को चुरा लिया था। न्यायालय में महिला ने कहा कि उसने उस कुत्ते को खरीदा था, और उसने वह पता भी बताया जहाँ से खरीदा था। जज ने उस कुत्ते को मंगवाया और अपने न्यायालय में छोड़ दिया, और वह कुत्ता तुरंत दुम हिलाता हुआ मुकद्दमा दायर करने वाले उस पुरुष के पास चला गया, उसके असली मालिक की सही पहचान तुरंत पता चल गई।

         परमेश्वर के वचन बाइबल में भी एक ऐसे ही मुकद्दमे का उल्लेख है, जब इस्राएल के एक राजा, राजा सुलैमान को इसी प्रकार के एक मामले को सुलझाना था। दो स्त्रियाँ एक ही शिशु की माताएँ होने का दावा कर रही थीं। दोनों की दलीलें सुनने के पश्चात सुलैमान ने एक तलवार मंगाई और कहा कि बच्चे को बीच में से विभाजित कर के दोनों को आधा-आधा दे दिया जाए। तुरंत ही बच्चे की असली माँ ने विनती की, कि बच्चे को दूसरी स्त्री को दे दिया जाए, चाहे वह बच्चा उसे न भी मिले किन्तु उसे जीवित रहने दें (1 राजाओं 3:26); असली माँ की पहचान हो गई और सुलैमान ने बच्चे को उसकी असली माँ को दे दिया।

         हमें सही-गलत, उचित-अनुचित, नैतिक-अनैतिक की पहचान के लिए बुद्धि की आवश्यकता होती है। यदि हम वास्तविकता में बुद्धि के महत्व को समझते हैं तो हम भी परमेश्वर से समझ-बूझ वाला हृदय माँग सकते हैं, जैसा सुलैमान ने माँगा था (पद 9)। परमेश्वर हमारी विनती का उत्तर हमारी आवश्यकताओं और इच्छाओं के संतुलन का, औरों की आवश्यकताओं के साथ ताल-मेल बैठने के द्वारा दे सकता है। वह हमें अल्पकालीन लाभ की तुलना में दीर्घकालीन (कभी-कभी अनन्तकालीन) लाभ को समझने और स्वीकार करने में हमारी सहायता करने के द्वारा भी उत्तर दे सकता है, जिससे कि हम अपने जीवन के द्वारा उसे आदर और महिमा दे सकें।

         हमारा प्रभु परमेश्वर न केवल सिद्ध बुद्धिमत्ता वाला न्यायी है, वरन वह हमारा व्यक्तिगत सलाहकार भी है जो हमें हमारी आवश्यकता के समय में ईश्वरीय समझ और बुद्धि भी देने का आश्वासन देता है (याकूब 1:5)। - जेनिफर बेनसन शुल्टज़

 

सही बुद्धिमत्ता का एकमात्र स्त्रोत स्वयं परमेश्वर है।


पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से मांगे, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उसको दी जाएगी। - याकूब 1:5

बाइबल पाठ: 1 राजाओं 3:16-28

1 राजा 3:16 उस समय दो वेश्याएं राजा के पास आकर उसके सम्मुख खड़ी हुईं।

1 राजा 3:17 उन में से एक स्त्री कहने लगी, हे मेरे प्रभु! मैं और यह स्त्री दोनों एक ही घर में रहती हैं; और इसके संग घर में रहते हुए मेरे एक बच्चा हुआ।

1 राजा 3:18 फिर मेरे जच्चा के तीन दिन के बाद ऐसा हुआ कि यह स्त्री भी जच्चा हो गई; हम तो संग ही संग थीं, हम दोनों को छोड़कर घर में और कोई भी न था।

1 राजा 3:19 और रात में इस स्त्री का बालक इसके नीचे दबकर मर गया।

1 राजा 3:20 तब इस ने आधी रात को उठ कर, जब तेरी दासी सो ही रही थी, तब मेरा लड़का मेरे पास से ले कर अपनी छाती में रखा, और अपना मरा हुआ बालक मेरी छाती में लिटा दिया।

1 राजा 3:21 भोर को जब मैं अपना बालक दूध पिलाने को उठी, तब उसे मरा हुआ पाया; परन्तु भोर को मैं ने ध्यान से यह देखा, कि वह मेरा पुत्र नहीं है।

1 राजा 3:22 तब दूसरी स्त्री ने कहा, नहीं जीवित पुत्र मेरा है, और मरा पुत्र तेरा है। परन्तु वह कहती रही, नहीं मरा हुआ तेरा पुत्र है और जीवित मेरा पुत्र है, यों वे राजा के सामने बातें करती रही।

1 राजा 3:23 राजा ने कहा, एक तो कहती है जो जीवित है, वही मेरा पुत्र है, और मरा हुआ तेरा पुत्र है; और दूसरी कहती है, नहीं, जो मरा है वही तेरा पुत्र है, और जो जीवित है, वह मेरा पुत्र है।

1 राजा 3:24 फिर राजा ने कहा, मेरे पास तलवार ले आओ; सो एक तलवार राजा के सामने लाई गई।

1 राजा 3:25 तब राजा बोला, जीवते बालक को दो टुकड़े कर के आधा इस को और आधा उसको दो।

1 राजा 3:26 तब जीवित बालक की माता का मन अपने बेटे के स्नेह से भर आया, और उसने राजा से कहा, हे मेरे प्रभु! जीवित बालक उसी को दे; परन्तु उसको किसी भांति न मार। दूसरी स्त्री ने कहा, वह न तो मेरा हो और न तेरा, वह दो टुकड़े किया जाए।

1 राजा 3:27 तब राजा ने कहा, पहिली को जीवित बालक दो; किसी भांति उसको न मारो; क्योंकि उसकी माता वही है।

1 राजा 3:28 जो न्याय राजा ने चुकाया था, उसका समाचार समस्त इस्राएल को मिला, और उन्होंने राजा का भय माना, क्योंकि उन्होंने यह देखा, कि उसके मन में न्याय करने के लिये परमेश्वर की बुद्धि है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यिर्मयाह 34-36
  • इब्रानियों 2

बुधवार, 4 नवंबर 2020

राजा

 

         एक समाचार ने उसे “कई दशकों में ईसाइयों के लिए सबसे अधिक प्राण घातक दिन” कहा। अप्रैल 2017 में रविवार की आराधना सभाओं पर किया गया आक्रमण हमारी समझ से बाहर है। उपासना के भवन में की गई हिंसा और रक्तपात का वर्णन कर पाने के लिए हमारे पास कोई उचित शब्द नहीं हैं। परन्तु हम उन से कुछ सहायता प्राप्त कर सकते हैं जो इस प्रकार की पीड़ा से अवगत हैं।

         परमेश्वर के वचन बाइबल में जब आसाप ने जब भजन 74 लिखा था, उस समय यरूशलेम के अधिकांश निवासी या तो मार डाले गए थे, या निर्वासित कर दिए गए थे। अपने हृदय की वेदना को व्यक्त करते हुए उसने क्रूर आक्रमणकारियों के द्वारा लाए गए विनाश का वर्णन करते हुए कहा, “तेरे द्रोही तेरे सभा स्थान के बीच गरजते रहे हैं” (पद 4); “उन्होंने तेरे पवित्र स्थान को आग में झोंक दिया है, और तेरे नाम के निवास को गिरा कर अशुद्ध कर डाला है” (पद 7)।

         परन्तु फिर भी भजनकार को इस वीभत्स वास्तविकता में भी एक ऐसा स्थान मिला जहाँ वह स्थिर खड़ा हो सका, और आज हम भी हो सकते हैं। आसाप ने दृढ़ होकर कहा, “परमेश्वर तो प्राचीन काल से मेरा राजा है, वह पृथ्वी पर उद्धार के काम करता आया है” (पद 12)। इस सत्य पर आधारित होने से आसाप परमेश्वर की महान सामर्थ्य का स्तुतिगान करने पाया, चाहे उस समय उसका छुटकारा अनुपस्थित लग रहा था। आसाप ने प्रार्थना की, “अपनी वाचा की सुधि ले; क्योंकि देश के अन्धेरे स्थान अत्याचार के घरों से भरपूर हैं। पिसे हुए जन को निरादर हो कर लौटना न पड़े; दीन दरिद्र लोग तेरे नाम की स्तुति करने पाएं” (पद 20-21)।

         जब न्याय और दया अनुपस्थित अनुभव हों, तब भी परमेश्वर की सामर्थ्य और उसका प्रेम कभी कम नहीं होते हैं। हम भी आसाप के समान, पूरे भरोसे के साथ कह सकते हैं, “किन्तु परमेश्वर ... मेरा राजा है।” – टिम गुस्ताफसन

 

परमेश्वर अपने नाम की रक्षा करेगा।


क्योंकि उदयाचल से ले कर अस्ताचल तक अन्यजातियों में मेरा नाम महान है, और हर कहीं मेरे नाम पर धूप और शुद्ध भेंट चढ़ाई जाती है; क्योंकि अन्यजातियों में मेरा नाम महान है, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है। - मलाकी 1:11

बाइबल पाठ: भजन 74:4-8, 12-23

भजन संहिता 74:4 तेरे द्रोही तेरे सभा स्थान के बीच गरजते रहे हैं; उन्होंने अपनी ही ध्वजाओं को चिन्ह ठहराया है। वे उन मनुष्यों के समान थे

भजन संहिता 74:5 जो घने वन के पेड़ों पर कुल्हाड़े चलाते हैं।

भजन संहिता 74:6 और अब वे उस भवन की नक्काशी को, कुल्हाड़ियों और हथौड़ों से बिलकुल तोड़े डालते हैं।

भजन संहिता 74:7 उन्होंने तेरे पवित्र स्थान को आग में झोंक दिया है, और तेरे नाम के निवास को गिरा कर अशुद्ध कर डाला है।

भजन संहिता 74:8 उन्होंने मन में कहा है कि हम इन को एकदम दबा दें; उन्होंने इस देश में ईश्वर के सब सभा स्थानों को फूंक दिया है।

भजन संहिता 74:12 परमेश्वर तो प्राचीन काल से मेरा राजा है, वह पृथ्वी पर उद्धार के काम करता आया है।

भजन संहिता 74:13 तू ने अपनी शक्ति से समुद्र को दो भाग कर दिया; तू ने जल में मगरमच्छों के सिरों को फोड़ दिया।

भजन संहिता 74:14 तू ने तो लिव्यातानों के सिर टुकड़े टुकड़े कर के जंगली जन्तुओं को खिला दिए।

भजन संहिता 74:15 तू ने तो सोता खोल कर जल की धारा बहाई, तू ने तो बारहमासी नदियों को सुखा डाला।

भजन संहिता 74:16 दिन तेरा है रात भी तेरी है; सूर्य और चन्द्रमा को तू ने स्थिर किया है।

भजन संहिता 74:17 तू ने तो पृथ्वी के सब सिवानों को ठहराया; धूप काल और जाड़ा दोनों तू ने ठहराए हैं।

भजन संहिता 74:18 हे यहोवा स्मरण कर, कि शत्रु ने नामधराई की है, और मूढ़ लोगों ने तेरे नाम की निन्दा की है।

भजन संहिता 74:19 अपनी पिण्डुकी के प्राण को वन पशु के वश में न कर; अपने दीन जनों को सदा के लिये न भूल

भजन संहिता 74:20 अपनी वाचा की सुधि ले; क्योंकि देश के अन्धेरे स्थान अत्याचार के घरों से भरपूर हैं।

भजन संहिता 74:21 पिसे हुए जन को निरादर हो कर लौटना न पड़े; दीन दरिद्र लोग तेरे नाम की स्तुति करने पाएं।

भजन संहिता 74:22 हे परमेश्वर उठ, अपना मुकद्दमा आप ही लड़; तेरी जो नामधराई मूढ़ से दिन भर होती रहती है, उसे स्मरण कर।

भजन संहिता 74:23 अपने द्रोहियों का बड़ा बोल न भूल, तेरे विरोधियों का कोलाहल तो निरन्तर उठता रहता है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यिर्मयाह 32-33
  • इब्रानियों 1

मंगलवार, 3 नवंबर 2020

देखें


         डेट्रॉइट, मिशिगन के शहरी विकास समूह ने एक नारा दिया, “शहर को हमारी नज़रों से देखें” – वे अपने शहर के भविष्य की परिकल्पना के अपने दर्शन का आरंभ कर रहे थे। परन्तु उनकी यह योजना शीघ्र ही अचानक ही थम भी गई, जब समुदाय के लोगों का ध्यान उनकी मुहिम में किसी बात की कमी की ओर गया। उस शहर की आबादी और श्रमिकों में अधिकांश अफ्रीकी अमेरिकी लोग हैं। परन्तु फिर भी उनके विज्ञापनों, बैनरों और अन्य सामग्री पर केवल श्वेत लोगों ही के चित्र छपे थे, जो सबसे उनकी नज़रों से शहर को देखने के लिए कह रहे थे।

         प्रभु यीशु के देशवासियों की दृष्टि में भी उनके भविष्य की परिकल्पना में कुछ था जो सम्मिलित नहीं था। अब्राहम की संतान होने के कारण वो लोग यहूदी लोगों के भविष्य के लिए ही मुख्यतः चिंतित थे। उन्हें प्रभु यीशु के सामरियों, रोमी सैनिकों, या अन्य किसी भी ऐसे व्यक्ति के प्रति, जो उनकी पारिवारिक जड़ों, रब्बियों, या मंदिर की उपासना के साथ जुड़ा हुआ नहीं था, चिंता को नहीं समझ पा रहे थे।

         मैं डेट्रॉइट और यरूशलेम के लोगों द्वारा अनदेखी की गई बातों के साथ अपने आप को संबंधित पाता हूँ। मैं भी केवल उन्हीं लोगों के प्रति ध्यान लगाने पाता हूँ जिनके जीवनों के अनुभव मेरी समझ में आते हैं। परन्तु परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि परमेश्वर हमारी विभिन्नताओं में भी एकता ले आता है। हम सभी जन भिन्न कम और समान अधिक हैं।

         हमारे परमेश्वर ने अब्राहम नामक एक मरुभूमि में निवास करने वाले खानाबदोश को चुना कि उसमें होकर संसार के सभी लोगों के लिए आशीष ले आए (उत्पत्ति 12:1-3)। प्रभु यीशु भी सभी को जानता और उनसे प्रेम रखता है, उन्हें भी जिन्हें हम नहीं जानते या पहचानते हैं। हम सभी मिलकर उस प्रभु परमेश्वर के अनुग्रह और दया के कारण साथ मिलकर रह सकते हैं जो हमें एक दूसरे को, हमारे निवास-स्थानों को, और उसके राज्य को वैसा देखने योग्य कर सकता है,जैसा कि वह देखता है। - मार्ट डीहान

 

सभी स्थानों पर सभी जन हमारे ही समान अधिक हैं, और असमान कम हैं।


उसने एक ही मूल से मनुष्यों की सब जातियां सारी पृथ्वी पर रहने के लिये बनाईं हैं; और उन के ठहराए हुए समय, और निवास के सिवानों को इसलिये बान्धा है। कि वे परमेश्वर को ढूंढ़ें, कदाचित उसे टटोल कर पा जाएं तौभी वह हम में से किसी से दूर नहीं! - प्रेरितों 17:26-27

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 12:1-3

उत्पत्ति 12:1 यहोवा ने अब्राम से कहा, अपने देश, और अपनी जन्मभूमि, और अपने पिता के घर को छोड़कर उस देश में चला जा जो मैं तुझे दिखाऊंगा।

उत्पत्ति 12:2 और मैं तुझ से एक बड़ी जाति बनाऊंगा, और तुझे आशीष दूंगा, और तेरा नाम बड़ा करूंगा, और तू आशीष का मूल होगा।

उत्पत्ति 12:3 और जो तुझे आशीर्वाद दें, उन्हें मैं आशीष दूंगा; और जो तुझे कोसे, उसे मैं शाप दूंगा; और भू मण्डल के सारे कुल तेरे द्वारा आशीष पाएंगे।

 

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 30-31
  • फिलेमोन 1

सोमवार, 2 नवंबर 2020

सहायता

 

         मैं अपनी एक सहेली के साथ, जो समुद्र तट पर रहती है, फोन पर बात कर रही थी और मुझे कुछ समुद्री चिड़ियों की आवाजें सुनाई दीं, जिन्हें सुनकर मैं आनन्दित हुई। परन्तु मेरी सहेली उन चिड़ियों से बहुत परेशान थी, और उस ने उन्हें “दुष्ट प्राणी” कहा। मैं लंडन में रहती हूँ, इसलिए मैं भी लोमड़ियों के बारे में ऐसा ही सोचती हूँ। मुझे वे आकर्षक पशु नहीं परन्तु इधर-उधर फिरकर गंदगी करते और फैलाते रहने वाले पशु लगते हैं।

         लोमड़ियों का उल्लेख परमेश्वर के वचन बाइबल में श्रेष्ठगीत की पुस्तक में आया है, जो पुराने नियम की एक प्रेम गाथा है, जिसमें पति और पत्नी के मध्य प्रेम संबंध के बारे में लिखा गया है। कुछ बाइबल व्याख्या कर्ताओं का मानना है कि यह प्रेम गाथा आलंकारिक रीति से परमेश्वर और उसके लोगों के मध्य के प्रेम को भी दिखाती है। इस प्रसंग में, वधु छोटी-छोटी लोमड़ियों के बारे में सचेत करती है, और वर से कहती है कि उन लोमड़ियों को पकड़ ले, क्योंकि वे लोमड़ियाँ उसकी अंगूर के बारी को नष्ट कर देती हैं। वधु जब अपने वैवाहिक जीवन के भविष्य के बारे में विचार कर रही है, तो वह नहीं चाहती है कि कोई भी हानिकारक जीव उनके प्रेम संबंध में विघ्न डाले।

         परमेश्वर के साथ हमारे संबंधों में कौन सी “लोमड़ियाँ” विघ्न डाल सकती हैं? मेरे लिए तो, जब मैं बहुत सी बातों के लिए लोगों से “हाँ” कह देती हूँ, तो यह फिर निभाना अरुचिकर और कठिन हो जाता है। या, जब अपने संबंधों को लेकर किसी के साथ कुछ तनाव या अनबन होती है तो मैं खिसियाने लगती हूँ, या क्रोधित, अथवा कुण्ठित हो जाती हूँ। मैं परमेश्वर से प्रार्थना करती हूँ कि इन, और इस प्रकार की “लोमड़ियों” के प्रभाव को सीमित करे – जिन्हें मैंने अपने जीवन में घुस आने दिया है – और प्रभु परमेश्वर के मार्गदर्शन के साथ मुझे उसके प्रेम और भरोसे का भी अनुभव होता है; मुझे आभास होता है कि वह मेरे साथ है, मुझे सही दिशा दिखा रहा है।

         आपका क्या हाल है? आप भी परमेश्वर से सहायता  ले सकते हैं, अपने जीवन से उन “लोमड़ियों” को भगाने के लिए जो उस के साथ आपके संबंधों में विघ्न डाल रही हैं – वह कृपालु परमेश्वर पिता सहायता करने के लिए सदा तत्पर और तैयार है। - एमी बाउचर पाई

 

परमेश्वर, उसके साथ हमारे संबंधों को सुरक्षित बनाए रख सकता है।


इस कारण मैं इन दुखों को भी उठाता हूं, पर लजाता नहीं, क्योंकि मैं उसे जिस की मैं ने प्रतीति की है, जानता हूं; और मुझे निश्चय है, कि वह मेरी थाती की उस दिन तक रखवाली कर सकता है। - 2 तीमुथियुस 1:12

बाइबल पाठ: श्रेष्ठगीत 2:14-17

श्रेष्ठगीत 2:14 हे मेरी कबूतरी, पहाड़ की दरारों में और टीलों के कुञ्ज में तेरा मुख मुझे देखने दे, तेरा बोल मुझे सुनने दे, क्योंकि तेरा बोल मीठा, और तेरा मुख अति सुन्दर है।

श्रेष्ठगीत 2:15 जो छोटी लोमडिय़ां दाख की बारियों को बिगाड़ती हैं, उन्हें पकड़ ले, क्योंकि हमारी दाख की बारियों में फूल लगे हैं।

श्रेष्ठगीत 2:16 मेरा प्रेमी मेरा है और मैं उसकी हूं, वह अपनी भेड़-बकरियां सोसन फूलों के बीच में चराता है।

श्रेष्ठगीत 2:17 जब तक दिन ठण्डा न हो और छाया लम्बी होते होते मिट न जाए, तब तक हे मेरे प्रेमी उस चिकारे तथा जवान हरिण के समान बन जो बेतेर के पहाड़ों पर फिरता है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यिर्मयाह 27-29
  • तीतुस 3

रविवार, 1 नवंबर 2020

दया


         ऐनी फ्रैंक अपनी डायरी के लिए प्रसिद्ध हैं, जिसमें उन्होंने दूसरे विश्व युद्ध के समय उनके परिवार के वर्षों तक नात्ज़ियों से छिपते रहने का वर्णन लिखा है। बाद में जब उन्हें पकड़ लिया गया और नात्ज़ी मृत्यु शिविर में भेज दिया गया, तो उनके साथ के लोग बताते हैं कि “उन लोगों के लिए उनके आँसू कभी नहीं रुके; और जितने उन्हें जानते थे, उन सब के लिए वे एक धन्य उपस्थिति थीं।” इस बात के कारण विद्वान केनेथ बेली का निष्कर्ष था कि ऐनी दया दिखाने में कभी नहीं थकीं।

         पाप से बुरी तरह से टूटे हुए इस संसार में दया दिखाते-दिखाते थक जाना संसार में व्याप्त बुराई का एक दुष्परिणाम हो सकता है। हम चाहे कितने भी उत्तम इरादे रखते हों, किन्तु मानव दुःख की वास्तविक मात्रा हम में से किसी को भी अभिभूत कर सकती है। परन्तु यह थकान प्रभु यीशु के चरित्र का भाग नहीं थी। परमेश्वर के वचन बाइबल में मत्ती 9:35-36 में हम देखते हैं “और यीशु सब नगरों और गांवों में फिरता रहा और उन की सभाओं में उपदेश करता, और राज्य का सुसमाचार प्रचार करता, और हर प्रकार की बीमारी और दुर्बलता को दूर करता रहा। जब उसने भीड़ को देखा तो उसको लोगों पर तरस आया, क्योंकि वे उन भेड़ों के समान जिनका कोई रखवाला न हो, व्याकुल और भटके हुए से थे।”

         हमारा संसार न केवल भौतिक आवश्यकताओं से ग्रसित है, वरन इस में आत्मिक टूटापन भी बहुत है। प्रभु यीशु इस आत्मिक आवश्यकता की पूर्ति के लिए आए थे और उन्होंने अपने अनुयायियों को इस कार्य में संलग्न रहने के लिए कहा (पद 37-38)। प्रभु ने प्रार्थना की, कि पिता परमेश्वर ऐसे सेवकों को खड़ा करे जो चारों ओर की इस आवश्यकता के साथ जूझ सकें – लोगों की अकेलेपन, पाप, और बीमारी की परिस्थितियों के साथ।

         हमारा प्रभु परमेश्वर हमें ऐसा मन दे कि हम उसके मन के अनुसार कार्य करने वाले बनें। प्रभु परमेश्वर की आत्मा की सहायता से हम दुःख उठाने वालों पर प्रभु के समान दया दिखा सकते हैं। - बिल क्राउडर

 

दुःख से भरे संसार में हम प्रभु यीशु की दया को दिखा सकते हैं।


जैसा मसीह यीशु का स्वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्वभाव हो। - फिलिप्पियों 2:5

बाइबल पाठ: मत्ती 9:35-38

मत्ती 9:35 और यीशु सब नगरों और गांवों में फिरता रहा और उन की सभाओं में उपदेश करता, और राज्य का सुसमाचार प्रचार करता, और हर प्रकार की बीमारी और दुर्बलता को दूर करता रहा।

मत्ती 9:36 जब उसने भीड़ को देखा तो उसको लोगों पर तरस आया, क्योंकि वे उन भेड़ों के समान जिनका कोई रखवाला न हो, व्याकुल और भटके हुए से थे।

मत्ती 9:37 तब उसने अपने चेलों से कहा, पक्के खेत तो बहुत हैं पर मजदूर थोड़े हैं।

मत्ती 9:38 इसलिये खेत के स्वामी से बिनती करो कि वह अपने खेत काटने के लिये मजदूर भेज दे।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यिर्मयाह 24-26
  • तीतुस 2

शनिवार, 31 अक्टूबर 2020

आशा


         एक दन्त कथा के अनुसार, क्यू यान एक बुद्धिमान और देश भक्त सरकारी अधिकारी था जो चीन में उस समय में रहता था जिसे राज्यों में परस्पर युद्ध का समय (475-246 ईसा पूर्व) कहा जाता है। कहा जाता है कि उसने कई बार अपने राजा को चिताया कि एक संभावित खतरा देश को नाश कर देगा, परन्तु राजा ने उसके परामर्श को स्वीकार नहीं किया। अन्ततः क्यू यान को देश से निकाल दिया गया। बाद में जब उसे मालूम पड़ा कि उसका प्रिय देश उसी शत्रु के हाथों पराजित हो गया है जिसके विषय वह चेतावनी दिया करता था, तो उसने आत्म-हत्या कर ली।

         क्यू यान का जीवन कुछ अंश तक परमेश्वर के वचन बाइबल में यिर्मयाह नबी के जीवन के समान है। यिर्मयाह भी ऐसे राजाओं के समय में सेवकाई करता था जो उसकी चेतावनियों को तुच्छ जानते थे, उनकी अवहेलना करते थे, और उसका देश भी नाश कर दिया गया। किन्तु जबकि क्यू यान ने निराश होकर आत्मा-हत्या कर ली, यिर्मयाह को अपनी निराशा में भी वास्तविक आशा मिली। यह भिन्न प्रतिक्रिया क्यों?

         ऐसा इसलिए क्योंकि यिर्मयाह उस एकमात्र सच्चे जीवते परमेश्वर को जानता था और उसी की सेवकाई करता था जो सच्ची आशा दे सकता था। परमेश्वर ने यिर्मयाह को आश्वासन दिया था, “अन्त में तेरी आशा पूरी होगी, यहोवा की यह वाणी है, तेरे वंश के लोग अपने देश में लौट आएंगे” (यिर्मयाह 31:17)। चाहे यरूशलेम का 586 ईसा पूर्व में नाश कर दिया गया, किन्तु बाद में उसका पुनःनिर्माण भी किया गया (देखें नहेम्याह 6:15)।

         किसी न किसी समय हम सभी को ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है जिन से निराशा होती है। यह कोई बुरी चिकित्सकीय रिपोर्ट हो सकती है, अचानक ही नौकरी का छूटना हो सकता है, परिवार में कोई त्रासदी या विघटन हो सकता है। परन्तु जब भी जीवन हम मसीही विश्वासियों पर प्रहार कर के हमें गिराए, हम उस परिस्थिति में भी ऊपर अपने प्रभु परमेश्वर की ओर देख सकते हैं – क्योंकि परमेश्वर अपने सिंहासन पर विराजमान है, और सदा रहेगा। वही हमारे सभी दिनों को अपने हाथों में सुरक्षित रखता है, और हमें अपने हृदय के निकट बनाए रखता है। हमारी आशा अटल है। - पोह फैंग चिया

 

संसार सर्वोत्तम की आशा रखता है, 

परन्तु केवल प्रभु ही सर्वोत्तम आशा देता है। - जॉन वेस्ली


तुम्हारा स्वभाव लोभरहित हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। इसलिये हम बेधड़क हो कर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है। - इब्रानियों 13:5-6

बाइबल पाठ: यिर्मयाह 31:16-26

यिर्मयाह 31:16 यहोवा यों कहता हे: रोने-पीटने और आंसू बहाने से रुक जा; क्योंकि तेरे परिश्रम का फल मिलने वाला है, और वे शत्रुओं के देश से लौट आएंगे।

यिर्मयाह 31:17 अन्त में तेरी आशा पूरी होगी, यहोवा की यह वाणी है, तेरे वंश के लोग अपने देश में लौट आएंगे।

यिर्मयाह 31:18 निश्चय मैं ने एप्रैम को ये बातें कह कर विलाप करते सुना है कि तू ने मेरी ताड़ना की, और मेरी ताड़ना ऐसे बछड़े की सी हुई जो निकाला न गया हो; परन्तु अब तू मुझे फेर, तब मैं फिरूंगा, क्योंकि तू मेरा परमेश्वर है।

यिर्मयाह 31:19 भटक जाने के बाद मैं पछताया: और सिखाए जाने के बाद मैं ने छाती पीटी: पुराने पापों को स्मरण कर मैं लज्जित हुआ और मेरा मुंह काला हो गया।

यिर्मयाह 31:20 क्या एप्रैम मेरा प्रिय पुत्र नहीं है? क्या वह मेरा दुलारा लड़का नहीं है? जब जब मैं उसके विरुद्ध बातें करता हूं, तब तब मुझे उसका स्मरण हो आता है। इसलिये मेरा मन उसके कारण भर आता है; और मैं निश्चय उस पर दया करूंगा, यहोवा की यही वाणी है।

यिर्मयाह 31:21 हे इस्राएली कुमारी, जिस राजमार्ग से तू गई थी, उसी में खम्भे और झण्डे खड़े कर; और अपने इन नगरों में लौट आने पर मन लगा।

यिर्मयाह 31:22 हे भटकने वाली कन्या, तू कब तक इधर उधर फिरती रहेगी? यहोवा की एक नई सृष्टि पृथ्वी पर प्रगट होगी, अर्थात नारी पुरुष की सहायता करेगी।

यिर्मयाह 31:23 इस्राएल का परमेश्वर सेनाओं का यहोवा यों कहता है: जब मैं यहूदी बंधुओं को उनके देश के नगरों में लौटाऊंगा, तब उन में यह आशीर्वाद फिर दिया जाएगा: हे धर्म भरे वास-स्थान, हे पवित्र पर्वत, यहोवा तुझे आशीष दे!

यिर्मयाह 31:24 और यहूदा और उसके सब नगरों के लोग और किसान और चरवाहे भी उस में इकट्ठे बसेंगे।

यिर्मयाह 31:25 क्योंकि मैं ने थके हुए लोगों का प्राण तृप्त किया, और उदास लोगों के प्राण को भर दिया है।

यिर्मयाह 31:26 इस पर मैं जाग उठा, और देखा, ओर मेरी नींद मुझे मीठी लगी।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यिर्मयाह 22-23
  • तीतुस 1

शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2020

सहमत


         मुझे ध्यान है कि मेरे पिता बताया करते थे कि परमेश्वर के वचन बाइबल की बातों की भिन्न व्याख्याओं के कारण होने वाले और कभी समाप्त न होने वाले विवादों से अपने आप को पृथक कर लेना कितना कठिन होता था। लेकिन साथ ही वे यह भी स्मरण करते थे कि कितना भला होता था जब दोनों पक्ष आदर के साथ असहमत होने के लिए सहमत हो जाते थे।

         परन्तु क्या यह वास्तव में संभव है कि हम अपने कभी ना सुलझाए जा सकने वाले मतभेदों को एक ओर कर दें, विशेषतः तब जब इतना कुछ दाँव पर लगा हो? यह उन प्रश्नों में से एक है जिसे प्रेरित पौलुस ने नए नियम में रोम के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में संबोधित किया। उसने राजनीतिक, सामाजिक, और धार्मिक संघर्षों में फंसे हुए अपने पाठकों को सुझाव दिया कि वे अपने अत्यधिक विपरीत विचारों के होते हुए भी कुछ परस्पर सामान्य आधार और विचार खोजने के प्रयास करें (14:5-6)।

         पौलुस के अनुसार, असहमत होने के लिए सहमत होने का तरीका है कि हम सभी इस तथ्य को याद करते रहें कि हमें प्रभु परमेश्वर के सामने न केवल अपने विचारों के लिए वरन उन्हें व्यक्त करने के तरीकों और एक दूसरे से अपने मतभेदों के कारण किए गए व्यवहारों के लिए भी उत्तर देना होगा (पद 10)।

         मतभेदों की परिस्थितियाँ यह स्मरण रखने के अवसर बन सकती हैं कि कुछ बातें हमारे अपने विचारों से भी अधिक महत्वपूर्ण होती हैं – बाइबल की व्याख्या करने से भी अधिक महत्वपूर्ण। हम सभी को इसका उत्तर देना होगा कि हम ने एक दूसरे से, यहाँ तक कि अपने शत्रुओं से भी, मसीह यीशु के समान प्रेम किया है कि नहीं?

         और अब जब यह बात ध्यान में आई है, तो मुझे यह भी स्मरण आता है कि पिताजी कहते थे कि कितना अच्छा होता है न केवल असहमत होने के लिए सहमत होना, परन्तु इसके लिए परस्पर प्रेम और आदर के साथ सहमत होना। - मार्ट डीहान

 

हम असहमत होने के लिए सहमत हो सकते हैं – प्रेम के साथ।


सो यदि मसीह में कुछ शान्ति और प्रेम से ढाढ़स और आत्मा की सहभागिता, और कुछ करुणा और दया है। तो मेरा यह आनन्द पूरा करो कि एक मन रहो और एक ही प्रेम, एक ही चित्त, और एक ही मनसा रखो। विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो। - फिलिप्पियों 2:1-3

बाइबल पाठ: रोमियों 14:1-13

रोमियों 14:1 जो विश्वास में निर्बल है, उसे अपनी संगति में ले लो; परन्तु उसी शंकाओं पर विवाद करने के लिये नहीं।

रोमियों 14:2 क्योंकि एक को विश्वास है, कि सब कुछ खाना उचित है, परन्तु जो विश्वास में निर्बल है, वह साग पात ही खाता है।

रोमियों 14:3 और खानेवाला न-खाने वाले को तुच्छ न जाने, और न-खानेवाला खाने वाले पर दोष न लगाए; क्योंकि परमेश्वर ने उसे ग्रहण किया है।

रोमियों 14:4 तू कौन है जो दूसरे के सेवक पर दोष लगाता है? उसका स्थिर रहना या गिर जाना उसके स्वामी ही से सम्बन्ध रखता है, वरन वह स्थिर ही कर दिया जाएगा; क्योंकि प्रभु उसे स्थिर रख सकता है।

रोमियों 14:5 कोई तो एक दिन को दूसरे से बढ़कर जानता है, और कोई सब दिन एक सा जानता है: हर एक अपने ही मन में निश्चय कर ले।

रोमियों 14:6 जो किसी दिन को मानता है, वह प्रभु के लिये मानता है: जो खाता है, वह प्रभु के लिये खाता है, क्योंकि वह परमेश्वर का धन्यवाद करता है, और जा नहीं खाता, वह प्रभु के लिये नहीं खाता और परमेश्वर का धन्यवाद करता है।

रोमियों 14:7 क्योंकि हम में से न तो कोई अपने लिये जीता है, और न कोई अपने लिये मरता है।

रोमियों 14:8 क्योंकि यदि हम जीवित हैं, तो प्रभु के लिये जीवित हैं; और यदि मरते हैं, तो प्रभु के लिये मरते हैं; सो हम जीएं या मरें, हम प्रभु ही के हैं।

रोमियों 14:9 क्योंकि मसीह इसी लिये मरा और जी भी उठा कि वह मरे हुओं और जीवतों, दोनों का प्रभु हो।

रोमियों 14:10 तू अपने भाई पर क्यों दोष लगाता है? या तू फिर क्यों अपने भाई को तुच्छ जानता है? हम सब के सब परमेश्वर के न्याय सिंहासन के सामने खड़े होंगे।

रोमियों 14:11 क्योंकि लिखा है, कि प्रभु कहता है, मेरे जीवन की सौगन्ध कि हर एक घुटना मेरे सामने टिकेगा, और हर एक जीभ परमेश्वर को अंगीकार करेगी।

रोमियों 14:12 सो हम में से हर एक परमेश्वर को अपना अपना लेखा देगा।

रोमियों 14:13 सो आगे को हम एक दूसरे पर दोष न लगाएं पर तुम यही ठान लो कि कोई अपने भाई के सामने ठेस या ठोकर खाने का कारण न रखे।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यिर्मयाह 20-21
  • 2 तिमुथियुस 4