ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

शुक्रवार, 5 फ़रवरी 2021

परिवर्तन

 

          अमेरिका के जनगणना विभाग के अनुसार, एक सामान्य अमरीकी व्यक्ति, अपने जीवन काल में औसतन ग्यारह से बारह बार रहने का स्थान परिवर्तित करता है। हाल ही के एक वर्ष में 280 लाख लोगों ने अपने सामान बांधे, स्थान परिवर्तन किया, और फिर से नए स्थान पर सामान खोलकर लगाया।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में इस्राएल के चालीस वर्ष की जंगल की यात्रा में परमेश्वर की उपस्थिति का बादल और आग का खम्भा उन्हें उनके नए निवासस्थान की यात्रा में एक से दूसरे स्थान को लिए चला, और उन्हें बार-बार अपना, और साथ ही मिलाप वाले तम्बू का भी जहाँ पर परमेश्वर मूसा के साथ मिला करता था (निर्गमन 25:22) सामान बांधना और खोलना पड़ता था।

          अनेकों वर्ष के बाद प्रभु यीशु ने इस्राएल के स्थान परिवर्तन करते रहने के अनुभव को संपूर्ण अर्थ प्रदान किया। अब, प्रभु परमेश्वर बादल और आग के खम्भे में से निकलकर सदेह उनके मध्य आ गया था। जब प्रभु ने कहा “मेरे पीछे हो लो” (मत्ती 4:19) तो उसने यह भी दिखाना आरंभ कर दिया कि सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तन तो हृदय के मार्ग का होता है। मित्रों और शत्रुओं, दोनों को ही अपने क्रूस तक लाने के द्वारा प्रभु ने दिखाया कि हम पापी मनुष्यों को हमारे पापों से छुड़ाने और बचाने के लिए वह किस सीमा तक गया।

          निवास स्थान के परिवर्तन के समान हृदय का परिवर्तन भी अस्त-व्यस्त कर देने वाला हो सकता है। परन्तु किसी दिन हम अपने स्वर्गीय पिता के घर की किसी खिड़की से झाँक कर देखेंगे कि परिवर्तन के उस सारे मार्ग में हमारा मार्गदर्शक, सहायक, और साथी स्वयं प्रभु ही था। - मार्ट डीहान

 

प्रभु, चाहे परिवर्तन हमने अस्त-व्यस्त करे, परन्तु हमें अपनी ओर परिवर्तित अवश्य करें।


सुन, मैं एक दूत तेरे आगे आगे भेजता हूं जो मार्ग में तेरी रक्षा करेगा, और जिस स्थान को मैं ने तैयार किया है उस में तुझे पहुंचाएगा। - निर्गमन 23:20

बाइबल पाठ: गिनती 9:15-23

गिनती 9:15 जिस दिन निवास जो साक्षी का तम्बू भी कहलाता है खड़ा किया गया, उस दिन बादल उस पर छा गया; और संध्या को वह निवास पर आग सा दिखाई दिया और भोर तक दिखाई देता रहा।

गिनती 9:16 और नित्य ऐसा ही हुआ करता था; अर्थात दिन को बादल छाया रहता, और रात को आग दिखाई देती थी।

गिनती 9:17 और जब जब वह बादल तम्बू पर से उठ जाता तब इस्राएली प्रस्थान करते थे; और जिस स्थान पर बादल ठहर जाता वहीं इस्राएली अपने डेरे खड़े करते थे।

गिनती 9:18 यहोवा की आज्ञा से इस्राएली कूच करते थे, और यहोवा ही की आज्ञा से वे डेरे खड़े भी करते थे; और जितने दिन तक वह बादल निवास पर ठहरा रहता उतने दिन तक वे डेरे डाले पड़े रहते थे।

गिनती 9:19 और जब जब बादल बहुत दिन निवास पर छाया रहता तब इस्राएली यहोवा की आज्ञा मानते, और प्रस्थान नहीं करते थे।

गिनती 9:20 और कभी कभी वह बादल थोड़े ही दिन तक निवास पर रहता, और तब भी वे यहोवा की आज्ञा से डेरे डाले पड़े रहते थे और फिर यहोवा की आज्ञा ही से प्रस्थान करते थे।

गिनती 9:21 और कभी कभी बादल केवल संध्या से भोर तक रहता; और जब वह भोर को उठ जाता था तब वे प्रस्थान करते थे, और यदि वह रात दिन बराबर रहता तो जब बादल उठ जाता तब ही वे प्रस्थान करते थे।

गिनती 9:22 वह बादल चाहे दो दिन, चाहे एक महीना, चाहे वर्ष भर, जब तक निवास पर ठहरा रहता तब तक इस्राएली अपने डेरों में रहते और प्रस्थान नहीं करते थे; परन्तु जब वह उठ जाता तब वे प्रस्थान करते थे।

गिनती 9:23 यहोवा की आज्ञा से वे अपने डेरे खड़े करते, और यहोवा ही की आज्ञा से वे प्रस्थान करते थे; जो आज्ञा यहोवा मूसा के द्वारा देता था उसको वे माना करते थे।

 

एक साल में बाइबल: 

  • निर्गमन 36-38 
  • मत्ती 23:1-22

गुरुवार, 4 फ़रवरी 2021

केंद्र

 

          कड़ाके की सर्दी के एक दिन क्रिस्टा झील के किनारे खड़ी हुई बर्फ से ढके हुए लाईटहाउस के सुन्दर दृश्य को निहार रही थी, और उसके मन में उस दृश्य को अपने फोन के कैमरे में उतर लेने का विचार आया। तस्वीरें लेने के लिए फोन को बाहर निकालते समय, उसकी ऐनक पर धुंध जम गई, और उसे कुछ भी साफ़ दिखना बन्द हो गया। क्रिस्टा ने उस लाईटहाउस की ओर कैमरा कर के तीन भिन्न कोणों से उसकी तस्वीरें खींच लीं। बाद में उन तस्वीरों को देखते समय उसे पता चला कि उसके फोन का कैमरा तो सेल्फी लेने के लिए सेट किया हुआ था, इसलिए तीनों तस्वीरों में उसे केवल अपना ही चेहरा दिखाए दे रहा था। उसने हँसते हुए कहा, “मेरे ध्यान का केंद्र तो मैं स्वयं ही थी, इसलिए मुझे सिर्फ मैं ही दिखाई दी।” क्रिस्टा की उस गलती से मैं उस जैसी ही गलती, जो हम करते रहते हैं, के बारे में सोचने लगी – हम कभी-कभी अपने ही पर इतना केन्द्रित हो जाते हैं कि परमेश्वर की योजना के बड़े दृश्य को अनदेखा करने लग जाते हैं।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में यूहन्ना बपतिस्मा देने वाला जानता था कि उसकी सेवकाई का केंद्र वह स्वयं नहीं था। वह अपनी सेवकाई के आरंभ से ही जानता था कि उसकी बुलाहट और कार्य औरों को परमेश्वर के पुत्र प्रभु यीशु की ओर संकेत करना था। जब उसने प्रभु यीशु को अपने तथा अपने शिष्यों के ओर आते देखा, तो उसने अपने शिष्यों से कहा “देखो परमेश्वर का मेमना” (यूहन्ना 1:29)। उसने उन से यह भी कहा, कि वह इसलिए बपतिस्मा देता हुआ आया था जिससे कि प्रभु प्रकट हो जाए। बाद में जब यूहन्ना के शिष्यों ने उससे कहा कि यीशु के अनुयायी बहुत बढ़ने लगे हैं, तो यूहन्ना ने उन्हें याद दिलाया कि उसने उनसे पहले ही कह दिया था कि वह मसीहा नहीं है, परन्तु उसका मार्ग तैयार करने के लिए भेजा गया था, और यह अवश्य होना था कि प्रभु बढ़े और वह घटे।

          हमारे जीवनों का केंद्र भी प्रभु यीशु और उससे अपने पूरे मन से प्रेम करना, उसके गवाह बनकर उसके लिए जीवन जीना हो। - ऐनी सेटास

 

हे प्रभु मेरा ध्यान मुझ पर से हटा कर अपने पर केन्द्रित कर।


पर मसीह को प्रभु जान कर अपने अपने मन में पवित्र समझो, और जो कोई तुम से तुम्हारी आशा के विषय में कुछ पूछे, तो उसे उत्तर देने के लिये सर्वदा तैयार रहो, पर नम्रता और भय के साथ। - 1 पतरस 3:15

बाइबल पाठ: यूहन्ना 3:22-35

यूहन्ना 3:22 इस के बाद यीशु और उसके चेले यहूदिया देश में आए; और वह वहां उन के साथ रहकर बपतिस्मा देने लगा।

यूहन्ना 3:23 और यूहन्ना भी शालेम के निकट ऐनोन में बपतिस्मा देता था। क्योंकि वहां बहुत जल था और लोग आकर बपतिस्मा लेते थे।

यूहन्ना 3:24 क्योंकि यूहन्ना उस समय तक जेलखाने में नहीं डाला गया था।

यूहन्ना 3:25 वहां यूहन्ना के चेलों का किसी यहूदी के साथ शुद्धि के विषय में वाद-विवाद हुआ।

यूहन्ना 3:26 और उन्होंने यूहन्ना के पास आकर उस से कहा, हे रब्बी, जो व्यक्ति यरदन के पार तेरे साथ था, और जिस की तू ने गवाही दी है देख, वह बपतिस्मा देता है, और सब उसके पास आते हैं।

यूहन्ना 3:27 यूहन्ना ने उत्तर दिया, जब तक मनुष्य को स्वर्ग से न दिया जाए तब तक वह कुछ नहीं पा सकता।

यूहन्ना 3:28 तुम तो आप ही मेरे गवाह हो, कि मैं ने कहा, मैं मसीह नहीं, परन्तु उसके आगे भेजा गया हूं।

यूहन्ना 3:29 जिस की दुलहन है, वही दूल्हा है: परन्तु दूल्हे का मित्र जो खड़ा हुआ उस की सुनता है, दूल्हे के शब्द से बहुत हर्षित होता है; अब मेरा यह हर्ष पूरा हुआ है।

यूहन्ना 3:30 अवश्य है कि वह बढ़े और मैं घटूं।

यूहन्ना 3:31 जो ऊपर से आता है, वह सर्वोत्तम है, जो पृथ्वी से आता है वह पृथ्वी का है; और पृथ्वी की ही बातें कहता है: जो स्वर्ग से आता है, वह सब के ऊपर है।

यूहन्ना 3:32 जो कुछ उसने देखा, और सुना है, उसी की गवाही देता है; और कोई उस की गवाही ग्रहण नहीं करता।

यूहन्ना 3:33 जिसने उस की गवाही ग्रहण कर ली उसने इस बात पर छाप दे दी कि परमेश्वर सच्चा है।

यूहन्ना 3:34 क्योंकि जिसे परमेश्वर ने भेजा है, वह परमेश्वर की बातें कहता है: क्योंकि वह आत्मा नाप नापकर नहीं देता।

यूहन्ना 3:35 पिता पुत्र से प्रेम रखता है, और उसने सब वस्तुएं उसके हाथ में दे दी हैं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • निर्गमन 34-35 
  • मत्ती 22:23-46

बुधवार, 3 फ़रवरी 2021

परिपक्व

 

          अभिनेत्री डाएन क्रूगर को एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का प्रस्ताव दिया गया, जिससे वे घर-घर में बहुत प्रसिद्धि पा सकती थीं। उन्हें एक ऐसी जवान पत्नी और माँ की भूमिका निभानी थी, जिसके पति और बच्चे की मृत्यु हो गई है। किन्तु उन्होंने अपने जीवन में कभी भी ऐसी दुखद स्थिति अनुभव नहीं की थी, इसलिए उन्हें नहीं लग रहा था कि वे इस भूमिका को ठीक से निभा पाएँगी। फिर भी उन्होंने प्रस्ताव स्वीकार कर लिया, और तैयारी करने के लिए वे ऐसे लोगों की सभाओं में सम्मिलित होने लगीं, जो अत्यधिक दुःख या वियोग के अनुभवों में से होकर निकले थे या निकल रहे थे।

          उन सभाओं में भाग लेते समय, आरंभ में तो उन लोगों के अनुभवों को सुनने पर वे अपने सुझाव और विचार उनके साथ बाँटती थीं, क्योंकि हम में से अधिकांश के समान, वे उन दुखी लोगों की सहायता करना चाहती थीं। लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने बोलना बन्द कर दिया, और बस ध्यान से उनकी व्यथा और पीड़ा की कहानियों को सुनने लगीं। जब उन्होंने ऐसा करना आरम्भ किया, जब उन्होंने अपना मुँह बन्द कर के अपने कान और अपना मन खोल लिया, तब ही वे वास्तव में उनके दुःख को समझ सकीं, उनकी परिस्थितियों और प्रतिक्रियाओं का व्यक्तिगत रीति से एहसास कर सकीं।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में यिर्मयाह नबी का अपने लोगों के विरुद्ध अभियोग था कि वे परमेश्वर की आवाज़ सुनने के लिए अपने कानों का प्रयोग करने से इनकार करते जा रहे थे। नबी ने कटु शब्दों में उन्हें “मूर्ख और निर्बुद्धि लोग” कहा (यिर्मयाह 5:21)। परमेश्वर हमारे जीवनों में निरंतर कार्य करता रहता है, हम से प्रेम, मार्गदर्शन, प्रोत्साहन, और सावधानी बरतने के शब्द बोलता रहता है। हमारे पिता परमेश्वर की इच्छा यही है कि हम उससे सीखें और परिपक्व होते जाएँ। उसने हमें इसके लिए आवश्यक साधन, जैसे कि कान, विवेक, मन, बुद्धि आदि प्रदान किए हैं।

          हमारे लिए प्रश्न यह है कि क्या हम परमेश्वर द्वारा दिए गए साधनों का उपयोग परमेश्वर की बात सुनने के लिए करते हैं कि नहीं? सुन के मानने से ही सीखना और परिपक्वता की ओर बढ़ना हो सकता है। - जॉन ब्लेज़

 

यदि हम परमेश्वर की सुनें और मानें तो जीवन सहज तथा आशीषित हो सकता है।


भला होता कि उनका मन सदैव ऐसा ही बना रहे, कि वे मेरा भय मानते हुए मेरी सब आज्ञाओं पर चलते रहें, जिस से उनकी और उनके वंश की सदैव भलाई होती रहे! - व्यवस्थाविवरण 5:29

बाइबल पाठ: यिर्मयाह 5:18-23

यिर्मयाह 5:18 तौभी, यहोवा की यह वाणी है, उन दिनों में भी मैं तुम्हारा अन्त न कर डालूंगा।

यिर्मयाह 5:19 और जब तुम पूछोगे कि हमारे परमेश्वर यहोवा ने हम से ये सब काम किस लिये किए हैं, तब तुम उन से कहना, जिस प्रकार से तुम ने मुझ को त्यागकर अपने देश में दूसरे देवताओं की सेवा की है, उसी प्रकार से तुम को पराये देश में परदेशियों की सेवा करनी पड़ेगी।

यिर्मयाह 5:20 याकूब के घराने में यह प्रचार करो, और यहूदा में यह सुनाओ:

यिर्मयाह 5:21 हे मूर्ख और निर्बुद्धि लोगों, तुम जो आंखें रहते हुए नहीं देखते, जो कान रहते हुए नहीं सुनते, यह सुनो।

यिर्मयाह 5:22 यहोवा की यह वाणी है, क्या तुम लोग मेरा भय नहीं मानते? क्या तुम मेरे सम्मुख नहीं थरथराते? मैं ने बालू को समुद्र का सिवाना ठहराकर युग युग का ऐसा बान्ध ठहराया कि वह उसे लांघ न सके; और चाहे उसकी लहरें भी उठें, तौभी वे प्रबल न हो सकें, था जब वे गरजें तौभी उसको न लांघ सकें।

यिर्मयाह 5:23 पर इस प्रजा का हठीला और बलवा करने वाला मन है; इन्होंने बलवा किया और दूर हो गए हैं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • निर्गमन 31-33 
  • मत्ती 22:1-22

मंगलवार, 2 फ़रवरी 2021

जीवन

 

          अनुमान लगाया गया है कि सन 2003 में मॉरमॉन टिड्डियों के आक्रमण ने 250 लाख डॉलर्स से भी अधिक कीमत की फसल को नष्ट कर दिया। उस समय टिड्डियाँ इतनी अधिक संख्या में आई थीं कि लोग एक कदम भी उठाते तो उनके पैर के नीचे कम से कम एक टिड्डी आ जाती थी। इन टिड्डियों का नाम इनके द्वारा 1848 में अमेरिका के यूटाह प्रांत में जाकर बसने वाले आरंभिक मॉरमॉन समुदाय के लोगों की फसलों को बर्बाद करने के कारण पड़ा था। ये टिड्डियाँ लंबाई में दो या तीन इंच ही होती हैं, किन्तु अपने जीवन काल में ये लगभग अड़तीस पौंड वज़न तक की फसल खा जाती हैं। इन टिड्डियों के आक्रमण का प्रभाव किसानों की जीविका तथा किसी भी प्रांत अथवा देश की अर्थ-व्यवस्था पर विनाशकारी हो सकता है।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में योएल नबी ने ऐसी ही टिड्डियों के दलों के द्वारा यहूदा के देश को बर्बाद कर देने का वर्णन दिया है, जो कि यहूदा पर उनके परमेश्वर के प्रति अनाज्ञाकारी होने के कारण आया था। योएल ने टिड्डियों के ऐसे आक्रमण की, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया था, पूर्व घोषणा कर दी थी (योएल 1:2); कुछ लोग इसे विदेशी सेना के आक्रमण के रूपक अलंकार के रूप में भी देखते हैं। वे टिड्डियाँ, उनके मार्ग में आने वाली हर वस्तु को बर्बाद करके लोगों को अकाल और गरीबी में धकेल देते। किन्तु यदि लोग अपने पापी मार्गों से पलटकर परमेश्वर से क्षमा माँग लें, तो, योएल का कहना था कि “और जिन वर्षों की उपज अर्बे नाम टिड्डियों, और येलेक, और हासील ने, और गाजाम नाम टिड्डियों ने, अर्थात मेरे बड़े दल ने जिस को मैं ने तुम्हारे बीच भेजा, खा ली थी, मैं उसकी हानि तुम को भर दूंगा” (योएल 2:25)।

          आज, हम भी यहूदा से शिक्षा ले सकते हैं। उन टिड्डियों के समान, हमारे गलत चालचलन, परमेश्वर द्वारा हमें दिए गए फलवन्त, सुगन्धित, और मनोहर जीवन की आशीषों को बर्बाद कर देते हैं। किन्तु जब हम अपने पापों के लिए पश्चाताप के साथ प्रभु परमेश्वर की ओर मुड़ते हैं, तो उसका वायदा है कि वह हमारी बर्बादी को हटा देगा और हमारी भरपूरी को हमें लौटा देगा। - कर्स्टन होल्मबर्ग

 

परमेश्वर का प्रेम हमें बहाल कर देता है।


यदि मैं आकाश को ऐसा बन्द करूं, कि वर्षा न हो, या टिड्डियों को देश उजाड़ने की आज्ञा दूं, या अपनी प्रजा में मरी फैलाऊं, तब यदि मेरी प्रजा के लोग जो मेरे कहलाते हैं, दीन हो कर प्रार्थना करें और मेरे दर्शन के खोजी हो कर अपनी बुरी चाल से फिरें, तो मैं स्वर्ग में से सुन कर उनका पाप क्षमा करूंगा और उनके देश को ज्यों का त्यों कर दूंगा। - 2 इतिहास 7:13-14

बाइबल पाठ: योएल 2:18-27

योएल 2:18 तब यहोवा को अपने देश के विषय में जलन हुई, और उसने अपनी प्रजा पर तरस खाया।

योएल 2:19 यहोवा ने अपनी प्रजा के लोगों को उत्तर दिया, सुनो, मैं अन्न और नया दाखमधु और ताजा तेल तुम्हें देने पर हूं, और तुम उन्हें पाकर तृप्त होगे; और मैं भविष्य में अन्यजातियों से तुम्हारी नामधराई न होने दूंगा।

योएल 2:20 मैं उत्तर की ओर से आई हुई सेना को तुम्हारे पास से दूर करूंगा, और उसे एक निर्जल और उजाड़ देश में निकाल दूंगा; उसका आगा तो पूरब के ताल की ओर और उसका पीछा पश्चिम के समुद्र की ओर होगा; उस से दुर्गन्ध उठेगी, और उसकी सड़ी गन्‍ध फैलेगी, क्योंकि उसने बहुत बुरे काम किए हैं।

योएल 2:21 हे देश, तू मत डर; तू मगन हो और आनन्द कर, क्योंकि यहोवा ने बड़े बड़े काम किए हैं!

योएल 2:22 हे मैदान के पशुओं, मत डरो, क्योंकि जंगल में चराई उगेगी, और वृक्ष फलने लगेंगे; अंजीर का वृक्ष और दाखलता अपना अपना बल दिखाने लगेंगी।

योएल 2:23 हे सिय्योनियों, तुम अपने परमेश्वर यहोवा के कारण मगन हो, और आनन्द करो; क्योंकि तुम्हारे लिये वह वर्षा, अर्थात बरसात की पहिली वर्षा बहुतायत से देगा; और पहिले के समान अगली और पिछली वर्षा को भी बरसाएगा।

योएल 2:24 तब खलिहान अन्न से भर जाएंगे, और रस कुण्ड नये दाखमधु और ताजे तेल से उमड़ेंगे।

योएल 2:25 और जिन वर्षों की उपज अर्बे नाम टिड्डियों, और येलेक, और हासील ने, और गाजाम नाम टिड्डियों ने, अर्थात मेरे बड़े दल ने जिस को मैं ने तुम्हारे बीच भेजा, खा ली थी, मैं उसकी हानि तुम को भर दूंगा।

योएल 2:26 तुम पेट भरकर खाओगे, और तृप्त होगे, और अपने परमेश्वर यहोवा के नाम की स्तुति करोगे, जिसने तुम्हारे लिये आश्चर्य के काम किए हैं। और मेरी प्रजा की आशा फिर कभी न टूटेगी।

योएल 2:27 तब तुम जानोगे कि मैं इस्राएल के बीच में हूं, और मैं, यहोवा, तुम्हारा परमेश्वर हूं और कोई दूसरा नहीं है। और मेरी प्रजा की आशा फिर कभी न टूटेगी।

 

एक साल में बाइबल: 

  • निर्गमन 29-30 
  • मत्ती 21:23-46

सोमवार, 1 फ़रवरी 2021

क्षमा

 

          जब वे पहली बार मिले थे तो एडविन स्टैंटन ने न केवल अमेरिका के राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन का व्यक्तिगत तथा व्यावसायिक रीति से अनादर किया, वरन साथ ही उन्हें “लम्बी बाँहों वाला जीव” भी कह दिया। किन्तु लिंकन को स्टैंटन के गुण पसंद थे और उन्होंने उसे क्षमा कर दिया, और आगे चलकर गृह युद्ध के दौरान अपने मंत्रिमंडल में एक महत्वपूर्ण पद भी दिया। बाद में स्टैंटन उन से प्रेम करने लगा और लिंकन का मित्र भी बन गया। जब लिंकन को गोली मारी गई, तब स्टैंटन ही था जो सारी रात उनके बिस्तर के पास उनके साथ बैठा रहा, और उनकी मृत्यु होने पर स्टैंटन ने रोते हुए फुसफुसाया, “अब ये आने वाली पीढ़ियों की अमानत हो गए हैं।”

          मेल-मिलाप हो जाना बहुत उत्तम बात है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पतरस ने प्रभु यीशु मसीह के अनुयायियों से इस ओर संकेत करते हुए कहा, “और सब में श्रेष्ठ बात यह है कि एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो; क्योंकि प्रेम अनेक पापों को ढांप देता है” (1 पतरस 4:8)। पतरस के ये शब्द मुझे यह विचार करने पर बाध्य करते हैं कि यह लिखते समय क्या वह उसके द्वारा किए गए प्रभु यीशु के इनकार (लूका 22:54-62), और प्रभु ने क्रूस पर जो क्षमा उसे (और हमें) प्रदान की है, उसके बारे में सोच रहा था?

          क्रूस पर अपने बलिदान के द्वारा जिस महान प्रेम को प्रभु ने प्रदर्शित किया है वह हमें पापों के क़र्ज़ से मुक्त कर देता है और परमेश्वर के साथ हमारे मेल-मिलाप के लिए मार्ग प्रदान करता है (कुलुस्सियों 1:19-20)। उससे मिली क्षमा हमें औरों को भी क्षमा करने की सामर्थ्य प्रदान करती है, जब हम यह ध्यान करते हैं कि हम अपनी सामर्थ्य से क्षमा नहीं कर सकते हैं, किन्तु उसकी सामर्थ्य और सहायता हमें इसके लिए सक्षम करती है। जब हम औरों से इसलिए प्रेम करते हैं क्योंकि हमारे उद्धारकर्ता ने भी उनसे प्रेम किया है, और क्षमा करते हैं क्योंकि हमें भी क्षमा किया गया है, तो परमेश्वर हमें शक्ति देता है कि हम पिछली बातों को पीछे छोड़कर, उसके साथ आगे अनुग्रह के नए और मनोहर स्थानों में चलें, भरपूरी से क्षमा का आनन्द प्राप्त करें। - जेम्स बैंक्स

 

परमेश्वर की क्षमा वह कसौटी है जिस पर मैं परखा जाता हूँ। - ऑस्वाल्ड  चैम्बर्स


सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:17

बाइबल पाठ: 1 पतरस 4:7-11

1 पतरस 4:7 सब बातों का अन्त तुरन्त होने वाला है; इसलिये संयमी हो कर प्रार्थना के लिये सचेत रहो।

1 पतरस 4:8 और सब में श्रेष्ठ बात यह है कि एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो; क्योंकि प्रेम अनेक पापों को ढांप देता है।

1 पतरस 4:9 बिना कुड़कुड़ाए एक दूसरे का अतिथि-सत्कार करो।

1 पतरस 4:10 जिस को जो वरदान मिला है, वह उसे परमेश्वर के नाना प्रकार के अनुग्रह के भले भण्‍डारियों के समान  एक दूसरे की सेवा में लगाए।

1 पतरस 4:11 यदि कोई बोले, तो ऐसा बोले, मानो परमेश्वर का वचन है; यदि कोई सेवा करे; तो उस शक्ति से करे जो परमेश्वर देता है; जिस से सब बातों में यीशु मसीह के द्वारा, परमेश्वर की महिमा प्रगट हो: महिमा और साम्राज्य युगानुयुग उसी की है। आमीन।

 

एक साल में बाइबल: 

  • निर्गमन 27-28 
  • मत्ती 21:1-22

रविवार, 31 जनवरी 2021

संतान

 

          मुझे खुशी होती है जब कोई उदार और परोपकारी व्यक्ति बेघर बच्चों की देखरेख के लिए अनाथालय बनवाता है। मैं और भी बहुत आनन्दित और उत्साहित होता हूँ जब वह व्यक्ति कुछ और आगे बढ़कर, उन बच्चों में से किसी को गोद ले लेता है। अधिकांश बेघर और अनाथ बच्चे इसी से बहुत आनन्दित हो जाएंगे कि उनकी देखभाल करने के लिए कोई सहायक उन्हें मिल गया है। लेकिन उस बच्चे की खुशी के बारे में सोचिए जो यह जान लेता है कि उनका सहायक न केवल उसकी सहायता करना चाहता है, वरन उस बच्चे को भी चाहता है, और उसे अपनाना चाहता है। उसे कैसा अद्भुत आनन्द होगा।

          यदि आप परमेश्वर की संतान हैं, तो आप इस आनन्द को पहले ही अनुभव कर चुके हैं। यदि परमेश्वर हम से केवल इतना भर प्रेम करता कि हमें नाश से बचाने के लिए अपने पुत्र को भेज देता (यूहन्ना 3:16), तो वही हमारे लिए काफी होता। लेकिन परमेश्वर के वचन बाइबल से हम सीखते हैं कि परमेश्वर के लिए इतना ही काफी नहीं था। परमेश्वर ने अपने पुत्र को न केवल हमें पाप और शैतान के चंगुल से बचाने के लिए भेजा वरन इसलिए भी कि बचाए जाने के साथ ही हम उसके गोद लिए हुए संतान भी बन जाएँ (गलातियों 4:4-5)।

          प्रेरित पौलुस हमें “पुत्र” कहकर संबोधित करता है, क्योंकि पुत्र पिता की जायदाद का वारिस होता है। उसके कहने का अर्थ है कि अब जो कोई प्रभु यीशु में विश्वास लाता है, वह परमेश्वर की संतान हो जाता है और वारिस भी (पद 7)।

          परमेश्वर केवल आपको बचाना ही नहीं चाहता है; वह आपको भी चाहता है। उसने आपको अपने परिवार का सदस्य बनाया है, आपको अपना नाम दिया है (प्रकाशितवाक्य 3:12), और गर्व से आपको अपनी संतान कहता है। संभव ही नहीं है कि आपको किसी इससे अधिक महत्वपूर्ण और महान हस्ती के द्वारा या इससे अधिक बढ़कर प्रेम किया जाए! मसीह यीशु में लाए गए विश्वास के द्वारा आप केवल परमेश्वर से आशीषित ही नहीं हो, आप परमेश्वर की संतान भी बन गए हो; आपका स्वर्गीय पिता आप से असीम प्रेम करता है। - माइक विटमर

 

आप न केवल बचाए गए हैं, आप संतान और वारिस भी बनाए गए हैं।


और यदि सन्तान हैं, तो वारिस भी, वरन परमेश्वर के वारिस और मसीह के संगी वारिस हैं, जब कि हम उसके साथ दुख उठाएं कि उसके साथ महिमा भी पाएँ। - रोमियों 8:17

बाइबल पाठ: गलातियों 4:1-7

गलतियों 4:1 मैं यह कहता हूं, कि वारिस जब तक बालक है, यद्यपि सब वस्तुओं का स्वामी है, तौभी उस में और दास में कुछ भेद नहीं।

गलतियों 4:2 परन्तु पिता के ठहराए हुए समय तक संरक्षकों और प्रबंधकों के वश में रहता है।

गलतियों 4:3 वैसे ही हम भी, जब बालक थे, तो संसार की आदि शिक्षा के वश में हो कर दास बने हुए थे।

गलतियों 4:4 परन्तु जब समय पूरा हुआ, तो परमेश्वर ने अपने पुत्र को भेजा, जो स्त्री से जन्मा, और व्यवस्था के आधीन उत्पन्न हुआ।

गलतियों 4:5 ताकि व्यवस्था के अधीनों को मोल ले कर छुड़ा ले, और हम को लेपालक होने का पद मिले।

गलतियों 4:6 और तुम जो पुत्र हो, इसलिये परमेश्वर ने अपने पुत्र के आत्मा को, जो हे अब्बा, हे पिता कह कर पुकारता है, हमारे हृदय में भेजा है।

गलतियों 4:7 इसलिये तू अब दास नहीं, परन्तु पुत्र है; और जब पुत्र हुआ, तो परमेश्वर के द्वारा वारिस भी हुआ।

 

एक साल में बाइबल: 

  • निर्गमन 25-26 
  • मत्ती 20:17-34