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शुक्रवार, 12 मार्च 2021

निर्देश

 

          मुझे पहले ही देर हो चुकी थी; परन्तु मेरे सामने सड़क पर रखी संकेत पट्टिका पर लिखा था “देरी हो जाने की संभावना है” और वहाँ से आगे गाड़ियां धीरे चल रही थीं; मैंने खिसिया कर प्रतिक्रिया दी, अरे! क्या यह कोई मज़ाक हो रहा है? लेकिन मुझे फिर हँसी आ गई। मेरी अपेक्षा थी कि सभी कार्य मेरी आदर्श समय-सारणी के अनुसार होते रहेंगे; मैंने यह बात सोची ही नहीं थी कि मेरे मार्ग में कही सड़क की मरम्मत होने की आवश्यकता होगी, जिससे यातायात फिर धीमा हो जाएगा, और समय अधिक लगेगा।

          यदि इसी बात को आत्मिक स्तर पर देखा जाए, हम में से बहुत कम ऐसे होते हैं जो अपने जीवन में किसी ऐसी समस्या की संभावना रखते हुए योजनाएँ बनाते हैं, जिन के कारण हमें धीमा होना या मार्ग बदलना या रुकना पड़ सकता है। किन्तु फिर भी जब मैं पीछे मुड़कर जीवन को देखता हूँ, तो अनेकों बार ऐसा हुआ है कि परिस्थितियों ने मुझे किसी भिन्न मार्ग पर चलने की ओर पुनः निर्देशित किया है; आगे बढ़ने में देरी उत्पन्न की है।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में राजा सुलैमान ने मेरे समान कभी “देरी हो जाने की संभावना है” वाली संकेत पट्टिका का सामना नहीं किया। किन्तु नीतिवचन 16 अध्याय में वह हमारी अपनी योजनाओं की तुलना परमेश्वर के मार्गदर्शन के साथ करता है। इस अध्याय के पहले पद को हम अपने शब्दों में कुछ इस प्रकार से भी कह सकते हैं, “नश्वर मनुष्य बहुत बड़ी-बड़ी योजनाएँ बनाते हैं; परन्तु अंतिम निर्णय परमेश्वर ही का होता है।” इसी विचार को सुलैमान ने फिर से पद 9 में इस प्रकार व्यक्त किया, जिसे हम अपने ही शब्दों में यूँ कह सकते हैं, “हम अपने मार्ग निर्धारित करते हैं ... परन्तु प्रभु  ही हमारे कदमों को सही दिशा देता है।” अर्थात, आगे क्या होना है, इसके विषय हमारे अपने विचार तो हो सकते हैं, परन्तु संभव है कि परमेश्वर की योजना कुछ और हो।

          इस आत्मिक सत्य को हम कैसे नजरंदाज कर देते हैं? हम अपनी योजनाएँ बनाने लगते हैं, और परमेश्वर से उसकी योजनाओं के बारे में पूछना भूल जाते हैं। और फिर जब मेरी योजनाओं और मार्गों में बाधाएँ आती हैं, विलम्ब होते हैं, तब हम खिसियाते हैं, परेशान होते हैं।

          परन्तु चिंता करने के स्थान पर हम, जैसा सुलैमान ने सिखाया है, परमेश्वर पर भरोसा बनाए रखें, विश्वास रखें कि वह कदम-कदम करके हमारा मार्गदर्शन करेगा। हमें प्रार्थना पूर्वक उसके खोजी बने रहने, उसके उत्तर की प्रतीक्षा करते रहने, और उसके मार्गदर्शन की बाट जोहनी है। हमारी भलाई के लिए वही हमें सही मार्ग पर सही रीति से, अपने समय और योजनाओं के अनुसार लिए चलेगा। - एडम होल्ज़

 

चिंता के स्थान पर भरोसे को अपना लें; परमेश्वर आपका मार्गदर्शन करता रहेगा।


तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। उसी को स्मरण कर के सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा। - नीतिवचन 3:5-6

बाइबल पाठ: नीतिवचन 16:1-9

नीतिवचन 16:1 मन की युक्ति मनुष्य के वश में रहती है, परन्तु मुंह से कहना यहोवा की ओर से होता है।

नीतिवचन 16:2 मनुष्य का सारा चाल चलन अपनी दृष्टि में पवित्र ठहरता है, परन्तु यहोवा मन को तौलता है।

नीतिवचन 16:3 अपने कामों को यहोवा पर डाल दे, इस से तेरी कल्पनाएं सिद्ध होंगी।

नीतिवचन 16:4 यहोवा ने सब वस्तुएं विशेष उद्देश्य के लिये बनाईं हैं, वरन दुष्ट को भी विपत्ति भोगने के लिये बनाया है।

नीतिवचन 16:5 सब मन के घमण्डियों से यहोवा घृणा करता है; मैं दृढ़ता से कहता हूं, ऐसे लोग निर्दोष न ठहरेंगे।

नीतिवचन 16:6 अधर्म का प्रायश्चित कृपा और सच्चाई से होता है; और यहोवा के भय मानने के द्वारा मनुष्य बुराई करने से बच जाते हैं।

नीतिवचन 16:7 जब किसी का चाल चलन यहोवा को भावता है, तब वह उसके शत्रुओं का भी उस से मेल कराता है।

नीतिवचन 16:8 अन्याय के बड़े लाभ से, न्याय से थोड़ा ही प्राप्त करना उत्तम है।

नीतिवचन 16:9 मनुष्य मन में अपने मार्ग पर विचार करता है, परन्तु यहोवा ही उसके पैरों को स्थिर करता है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • व्यवस्थाविवरण 17-19
  • मरकुस 13:1-20

गुरुवार, 11 मार्च 2021

मिटा दिया

 

          जिस समय ब्रिटिश इंजीनियर एडवर्ड नैर्ने ने पेंसिल से लिखे हुए को मिटाने वाले रबर का आविष्कार किया, उस समय वास्तविकता में वे रोटी के बुरादे की ओर हाथ बढ़ा रहे थे। उस समय, 1770 में, कागज़ पर आए स्याही के धब्बों को मिटाने के लिए उन पर रोटी के बुरादे को छिड़का जाता था। किन्तु गलती से एडवर्ड नैर्ने के हाथ लेटैक्स रबर का टुकड़ा आ गया, और उन्होंने पाया कि उससे कागज़ पर से पेंसिल के निशान मिट गए, और उस रबर का जो बारीक बुरादा कागज़ पर आया, उसे भी बड़ी सरलता से हटाया जा सका।

          हम सभी को यह परमेश्वर के वचन बाइबल का आश्वासन है कि हमारे जीवन की सबसे बुरी गलतियाँ भी इसी प्रकार से मिटा कर पूरी तरह से साफ़ की जा सकती हैं। जीवन की रोटी, प्रभु यीशु मसीह, ने अपने जीवन के बलिदान के द्वारा उन्हें हमेशा के लिए मिटा देने का माध्यम बना करके दे दिया है; ऐसा कि उन्हें फिर कभी स्मरण नहीं किया जाएगा “मैं वही हूं जो अपने नाम के निमित्त तेरे अपराधों को मिटा देता हूं और तेरे पापों को स्मरण न करूंगा” (यशायाह 43:25)।

          हमें यह बहुत अचंभित कर देने वाला, और ऐसा समाधान प्रतीत हो सकता है, जिसके हम कदापि योग्य नहीं हैं। बहुतेरों के लिए यह विश्वास करना कठिन हो सकता है कि हमारे जीवन भर के पाप परमेश्वर द्वारा मिटा दिए जा सकते हैं, ऐसे जैसे “सुबह की ओस” की मिट जाती है। क्या परमेश्वर, जो सब कुछ जानता है, उन्हें इतनी सरलता से भुला सकता है?

          जब हम प्रभु यीशु मसीह को अपना उद्धारकर्ता स्वीकार करते हैं, तब परमेश्वर हमारे पक्ष में ठीक यही करता है। वह हमारे पाप क्षमा कर देता है, उन्हें फिर कभी स्मरण नहीं करता है, और हमें जीवन में आगे बढ़ने के लिए उन पापों के बोझ से मुक्त कर देता है। अब बीते समय की गलतियों के बोझ और बंधनों से मुक्त होकर, हमारा जीवन से वे धब्बे मिटा दिए जाते हैं, और हम आगे के कार्यों के लिए तैयार एवं स्वच्छ कर दिए जाते हैं।

          हाँ, यह संभव है कि हमारे किए हुए गलत कार्यों के दुष्परिणाम शेष रह जाएँ; किन्तु उन दुष्परिणामों को उत्पन्न करने वाला पाप परमेश्वर द्वारा प्रभु यीशु मसीह में लाए गए विश्वास के द्वारा मिटा दिया गया है, और हमें एक नई सृष्टि बनाकर नए जीवन में, नए कार्यों के लिए तैयार कर दिया गया है। पिछले जीवन के पापों के मिटा दिए जाने का इससे बेहतर और कोई तरीका नहीं है। - पेट्रीशिया रेबोन

 

प्रभु मेरे पाप मिटा कर मुझे अपने लिए उपयोगी, एक नई सृष्टि बनाएँ।


सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:17

बाइबल पाठ: यशायाह 44:21-23

यशायाह 44:21 हे याकूब, हे इस्राएल, इन बातों को स्मरण कर, तू मेरा दास है, मैं ने तुझे रचा है; हे इस्राएल, तू मेरा दास है, मैं तुझ को न बिसराऊंगा।

यशायाह 44:22 मैं ने तेरे अपराधों को काली घटा के समान और तेरे पापों को बादल के समान मिटा दिया है; मेरी ओर फिर लौट आ, क्योंकि मैं ने तुझे छुड़ा लिया है।

यशायाह 44:23 हे आकाश, ऊंचे स्वर से गा, क्योंकि यहोवा ने यह काम किया है; हे पृथ्वी के गहिरे स्थानों, जयजयकार करो; हे पहाड़ों, हे वन, हे वन के सब वृक्षों, गला खोल कर ऊंचे स्वर से गाओ! क्योंकि यहोवा ने याकूब को छुड़ा लिया है और इस्राएल में महिमावान होगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • व्यवस्थाविवरण 14-16
  • मरकुस 12:28-44

बुधवार, 10 मार्च 2021

बचाव

 

          फरवरी 18, 1952 के दिन, एक भयानक समुद्री तूफ़ान ने अमेरिका के मेसाचुसेट्स समुद्र-तट से लगभग दस मील की दूरी पर, तेल-पोत, एसएस पेंडलटन को दो भागों में तोड़ दिया। उस पोत के टूटे हुए और डूबते जा रहे एक भाग में चालीस से भी अधिक नाविक फँसे हुए थे। जब इस दुर्घटना का समाचार मेसाचुसेट्स में स्थित तट रक्षक सुरक्षा केंद्र पर पहुँचा तो बर्नी वेबर नामक एक अधिकारी ने अपने साथ तीन लोगों को एक जीवन-रक्षक नौका में लिया और उन्हें बचाने के लिए गए। परिस्थितियाँ बहुत कठिन और सफलता की संभावना लगभग असंभव थी। लेकिन जान जोखिम में डालकर, बहुत दिलेरी से प्रयास करते हुए उन्होंने मृत्यु की कगार पर आकर फँसे हुए बत्तीस नाविकों को बचा लिया। उनकी इस बहादुरी के कारनामे को अमेरिका के तट-रक्षक सेवा के इतिहास के सबसे साहसिक कारनामों में से एक माना जाता है, और वर्ष 2016 में इस पर आधारित एक फिल्म – The Finest Hours भी बनी।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में लूका 19:10 में प्रभु यीशु ने संसार में अपने आने के उद्देश्य को बताते हुए कहा, “” उनके द्वारा किए गए इस बचाव कार्य का माध्यम उनका क्रूस पर अपने जीवन का दिया गया बलिदान और मृतकों में से पुनरुत्थान बना। प्रभु यीशु ने समस्त मानवजाति के पापों को अपने ऊपर लिया, उनके दण्ड को सहा, और उन पापों से मुक्ति का मार्ग बनाकर दे दिया। अब सारे संसार का जो भी व्यक्ति अपने पापों के पश्चाताप के साथ, उन पर विश्वास लाता है, वह पापों से बचाया जाकर परमेश्वर की संतान बन जाता है, अनन्तकाल के लिए बचा लिया जाता है। प्रभु यीशु के मारे जाने, गाड़े जाने, और तीसरे दिन मृतकों में से जी उठने के बाद, लगभग 2000 वर्षों से जो भी उनके इस बचाव कार्य को स्वीकार कर रहा है, वह परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करके अनन्तकाल के लिए सुरक्षित हो जाता है।

          प्रभु यीशु  के अनुयायी होने के नाते हमें यह आदर है कि हम परमेश्वर पवित्र आत्मा की सहायता से प्रभु परमेश्वर के इस बचाव कार्य में उसके सहभागी हों, और जिन्हें इस बचाव की आवश्यकता है, उन तक इसका सुसमाचार पहुंचाएं। - बिल क्राउडर

 

प्रभु, मैं आपके बचाव कार्य में आपका सहभागी बन सकूँ।


परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। वे न तो लहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं। - यूहन्ना 1:12-13

बाइबल पाठ: लूका 19:1-10

लूका 19:1 वह यरीहो में प्रवेश कर के जा रहा था।

लूका 19:2 और देखो, ज़क्कई नाम एक मनुष्य था जो चुंगी लेने वालों का सरदार और धनी था।

लूका 19:3 वह यीशु को देखना चाहता था कि वह कौन सा है परन्तु भीड़ के कारण देख न सकता था। क्योंकि वह नाटा था।

लूका 19:4 तब उसको देखने के लिये वह आगे दौड़कर एक गूलर के पेड़ पर चढ़ गया, क्योंकि वह उसी मार्ग से जाने वाला था।

लूका 19:5 जब यीशु उस जगह पहुंचा, तो ऊपर दृष्टि कर के उस से कहा; हे ज़क्कई झट उतर आ; क्योंकि आज मुझे तेरे घर में रहना अवश्य है।

लूका 19:6 वह तुरन्त उतर कर आनन्द से उसे अपने घर को ले गया।

लूका 19:7 यह देख कर सब लोगे कुड़कुड़ा कर कहने लगे, वह तो एक पापी मनुष्य के यहां जा उतरा है।

लूका 19:8 ज़क्कई ने खड़े हो कर प्रभु से कहा; हे प्रभु, देख मैं अपनी आधी सम्पत्ति कंगालों को देता हूं, और यदि किसी का कुछ भी अन्याय कर के ले लिया है तो उसे चौगुना फेर देता हूं।

लूका 19:9 तब यीशु ने उस से कहा; आज इस घर में उद्धार आया है, इसलिये कि यह भी इब्राहीम का एक पुत्र है।

लूका 19:10 क्योंकि मनुष्य का पुत्र खोए हुओं को ढूंढ़ने और उन का उद्धार करने आया है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • व्यवस्थाविवरण 11-13
  • मरकुस 12:1-27

मंगलवार, 9 मार्च 2021

देखभाल

 

          मेरे मित्र जब यूरोप के सबसे निर्धन देशों में से एक, मोलदोवा, में रहते थे, तब वे वहाँ के लोगों, विशेषकर मसीही विश्वासियों के द्वारा, उनका गर्मजोशी और खुले दिल के साथ स्वागत-सत्कार देखकर बहुत प्रभावित हुए। एक बार वे अपने चर्च के एक दंपति के घर उनसे मिलने गए और साथ में उनके लिए कुछ कपड़े और भोजन-सामग्री भी ले गए। जिनसे वे मिलने गए थे, वे बहुत गरीब थी, लेकिन उन्होंने कई बच्चों को उनकी देखभाल के लिए गोद ले रखा था। उस दंपति ने मेरे उन मित्रों के साथ बहुत आदरणीय मेहमानों के समान व्यवहार किया, उनके बहुत मना करने के बाद भी उन्हें मीठी चाय और साथ में कुछ खाने के लिए भी दिया। जब मेरे मित्र उनके घर से उन्हें अपने द्वारा लाई गई सामग्री को उन्हें देने के बाद वहाँ से जाने लगे, तो वे उन्हें मिले उस अतिथि सत्कार से बहुत प्रभावित थे।

          उन विश्वासियों ने वह साक्षात कर के दिखाया, जिसकी आज्ञा परमेश्वर ने अपने लोगों, इस्राएलियों को दी थी। परमेश्वर ने उनसे कहा था, “और अब, हे इस्राएल, तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ से इसके सिवाय और क्या चाहता है, कि तू अपने परमेश्वर यहोवा का भय मानें, और उसके सारे मार्गों पर चले, उस से प्रेम रखे, और अपने पूरे मन और अपने सारे प्राण से उसकी सेवा करे” (व्यवस्थाविवरण 10:12)। इस्राएलियों को इसका पालन कैसे करना था? उत्तर इससे कुछ आगे के पदों में दिया गया है: “इसलिये तुम भी परदेशियों से प्रेम भाव रखना; क्योंकि तुम भी मिस्र देश में परदेशी थे” (व्यवस्थाविवरण 10:19)। परमेश्वर के दृष्टिकोण से, अजनबियों का स्वागत और सत्कार करने के द्वारा वे परमेश्वर की सेवा और आदर करेंगे; और उन्हें प्रेम तथा देखभाल दिखाने के द्वारा, वे परमेश्वर में अपने विश्वास को भी व्यक्त करेंगे।

          हमारी परिस्थितियाँ उन मोलदोविया के लोगों से भिन्न हो सकती हैं, किन्तु हम भी प्रभु परमेश्वर के प्रति अपने प्रेम को औरों के प्रति अपने अतिथि सत्कार के द्वारा दिखा सकते हैं। चाहे हम उनका अपने घरों में स्वागत करें, या मार्ग में चलते समय मिलने वाले लोगों का मुस्कराहट के साथ अभिनंदन करें, हम इस अकेलेपन और दुखों से भरे संसार को परमेश्वर की प्रेम भरी देखभाल को दिखा सकते हैं। - एमी बाउचर पाई

 

सत्कार के वरदान के उपयोग के द्वारा मसीही विश्वासी परमेश्वर के प्रेम को प्रकट करते हैं।


पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है। - इब्रानियों 13:2

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 10:12-19

व्यवस्थाविवरण 10:12 और अब, हे इस्राएल, तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ से इसके सिवाय और क्या चाहता है, कि तू अपने परमेश्वर यहोवा का भय मानें, और उसके सारे मार्गों पर चले, उस से प्रेम रखे, और अपने पूरे मन और अपने सारे प्राण से उसकी सेवा करे,

व्यवस्थाविवरण 10:13 और यहोवा की जो जो आज्ञा और विधि मैं आज तुझे सुनाता हूं उन को ग्रहण करे, जिस से तेरा भला हो?

व्यवस्थाविवरण 10:14 सुन, स्वर्ग और सब से ऊंचा स्वर्ग भी, और पृथ्वी और उस में जो कुछ है, वह सब तेरे परमेश्वर यहोवा ही का है;

व्यवस्थाविवरण 10:15 तौभी यहोवा ने तेरे पूर्वजों से स्नेह और प्रेम रखा, और उनके बाद तुम लोगों को जो उनकी सन्तान हो सर्व देशों के लोगों के मध्य में से चुन लिया, जैसा कि आज के दिन प्रगट है।

व्यवस्थाविवरण 10:16 इसलिये अपने अपने हृदय का खतना करो, और आगे को हठीले न रहो।

व्यवस्थाविवरण 10:17 क्योंकि तुम्हारा परमेश्वर यहोवा वही ईश्वरों का परमेश्वर और प्रभुओं का प्रभु है, वह महान्‌ पराक्रमी और भय योग्य ईश्वर है, जो किसी का पक्ष नहीं करता और न घूस लेता है।

व्यवस्थाविवरण 10:18 वह अनाथों और विधवा का न्याय चुकाता, और परदेशियों से ऐसा प्रेम करता है कि उन्हें भोजन और वस्त्र देता है।

व्यवस्थाविवरण 10:19 इसलिये तुम भी परदेशियों से प्रेम भाव रखना; क्योंकि तुम भी मिस्र देश में परदेशी थे।

 

एक साल में बाइबल: 

  • व्यवस्थाविवरण 8-10
  • मरकुस 11:19-33

सोमवार, 8 मार्च 2021

कोमल और शक्तिशाली


          दूसरे विश्व-युद्ध के समय में , जैसे-जैसे नीदरलैंड पर शत्रु का कब्ज़ा बढ़ता गया, ऐनी फ्रैंक और उनके परिवार ने अपने छिपने का एक गुप्त स्थान बनाया और फिर उसमें जाकर रहने लगे। वे दो वर्ष तक वहाँ छिप कर रहे; किन्तु अन्ततः पकड़े गए और उन्हें बंदी शिविरों में रहने के लिए भेज दिया गया। ऐनी ने अपने इन अनुभवों को एक डायरी में लिखा, जो Diary of a Young Girl के नाम से प्रकाशित हुई, और बहुत प्रसिद्ध भी हुई। ऐनी ने अपने अनुभवों के आधार पर कहा, “लम्बे समय तक स्थिर बने रहने के लिए जो सबसे उपयोगी हथियार होता है, वह है एक कोमल और कृपालु आत्मा।”

          दिन-प्रति-दिन के वास्तविक जीवन के साथ संघर्ष करने में, कोमलता एक जटिल विषय हो सकती है।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में यशायाह 40 में हमें परमेश्वर के दोनों स्वरूप देखने को मिलते हैं। उसके विषय लिखा है “देखो, प्रभु यहोवा सामर्थ्य दिखाता हुआ रहा है, वह अपने भुजबल से प्रभुता करेगा” और फिर इससे अगले ही पद में उसके लिए आया है “वह चरवाहे के समान अपने झुण्ड को चराएगा, वह भेड़ों के बच्चों को अंकवार में लिये रहेगा और दूध पिलाने वालियों को धीरे धीरे ले चलेगा” (यशायाह 40:10-11)। वह शक्तिशाली और सामर्थी है, किन्तु दुर्बलों की सुरक्षा करने में कोमल भी है।

          प्रभु यीशु के बारे में सोचिए, जब उन्होंने एक कोड़ा बनाया और मन्दिर में से सर्राफों की चौकियां उलट दीं और उन्हें बाहर खदेड़ दिया; साथ ही वे बच्चों के प्रति बहुत कोमल भी थे। उन्होंने मत्ती 23 में दोगले फरीसियों की कड़े शब्दों में भर्त्सना भी की, किन्तु व्यभिचार में पकड़ी गई स्त्री को अपनी कोमल दया में क्षमा भी किया (यूहन्ना 8:1-10)।

          यद्यपि ऐसे समय भी हो सकते हैं जब दुर्बलों की सहायता के लिए शक्तिशाली होकर खड़े होने के आवश्यकता होती है, परन्तु परमेश्वर के वचन बाइबल हमें “तुम्हारी कोमलता सब मनुष्यों पर प्रगट हो: प्रभु निकट है” (फिलिप्पियों 4:5) के निर्वाह के लिए भी कहती है। जब हम अपने प्रभु परमेश्वर की सेवा में लगे होते हैं, तब अकसर हमारा सबसे शक्तिशाली होना, ज़रूरतमंदों के प्रति हमारी कोमलता का प्रदर्शन होता है। - डेव ब्रैनन

 

कोमलता के द्वारा हम अपनी बात को बिना कटुता उत्पन्न किए रख सकते हैं।


जैसा मसीह यीशु का स्वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्वभाव हो। - फिलिप्पियों 2:5

बाइबल पाठ: यशायाह 40:9-17

यशायाह 40:9 हे सिय्योन को शुभ समाचार सुनाने वाली, ऊंचे पहाड़ पर चढ़ जा; हे यरूशलेम को शुभ समाचार सुनाने वाली, बहुत ऊंचे शब्द से सुना, ऊंचे शब्द से सुना, मत डर; यहूदा के नगरों से कह, अपने परमेश्वर को देखो!

यशायाह 40:10 देखो, प्रभु यहोवा सामर्थ्य दिखाता हुआ रहा है, वह अपने भुजबल से प्रभुता करेगा; देखो, जो मजदूरी देने की है वह उसके पास है और जो बदला देने का है वह उसके हाथ में है।

यशायाह 40:11 वह चरवाहे के समान अपने झुण्ड को चराएगा, वह भेड़ों के बच्चों को अंकवार में लिये रहेगा और दूध पिलाने वालियों को धीरे धीरे ले चलेगा।

यशायाह 40:12 किस ने महासागर को चुल्लू से मापा और किस के बित्ते से आकाश का नाप हुआ, किस ने पृथ्वी की मिट्टी को नपवे में भरा और पहाड़ों को तराजू में और पहाडिय़ों को कांटे में तौला है?

यशायाह 40:13 किस ने यहोवा की आत्मा को मार्ग बताया या उसका मन्त्री हो कर उसको ज्ञान सिखाया है?

यशायाह 40:14 उसने किस से सम्मति ली और किस ने उसे समझाकर न्याय का पथ बता दिया और ज्ञान सिखा कर बुद्धि का मार्ग जता दिया है?

यशायाह 40:15 देखो, जातियां तो डोल की एक बून्द या पलड़ों पर की धूल के तुल्य ठहरीं; देखो, वह द्वीपों को धूल  के किनकों सरीखे उठाता है।

यशायाह 40:16 लबानोन भी ईंधन के लिये थोड़ा होगा और उस में के जीव-जन्तु होमबलि के लिये बस न होंगे।

यशायाह 40:17 सारी जातियां उसके सामने कुछ नहीं हैं, वे उसकी दृष्टि में लेश और शून्य से भी घट ठहरीं हैं।

 

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 5-7
  • मरकुस 11:1-18

रविवार, 7 मार्च 2021

शोर

 

          कुछ वर्ष पहले, एक कॉलेज की अध्यक्षा ने विद्यार्थियों को निमंत्रण दिया कि वे उनके साथ एक शाम शांत होकर समय बिताएँ। यद्यपि विद्यार्थी मान तो गए, किन्तु उन्होंने बड़े संकोच के साथ अपने मोबाइल फोन बन्द किए, उन्हें एक ओर रखा, और प्रार्थना-घर में आकर बैठे। अगले एक घंटे तक वे प्रार्थना और आराधना तथा स्तुति के संगीत में समय बिताते रहे। इसके बाद वहाँ सम्मिलित लोगों में से एक ने कहा कि उसका यह समय शांत हो जाने और जीवन में से शोर को हटा देने का एक अद्भुत अवसर और अनुभव था।

          कभी-कभी अनचाहे शोर से बच पाना बहुत कठिन होता है। हमारे अन्दर और बाहर के संसारों का कोलाहल हमें बहरा कर देने वाला हो सकता है। परन्तु हम जब शांत होने के लिए तैयार होते हैं, हम परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार के द्वारा परमेश्वर को जानने के लिए शान्त हो जाने की आवश्यकता (भजन 46:10) के लिखे जाने को समझने लगते हैं। हम 1 राजाओं 19 में देखते हैं कि जब एलिय्याह भविष्यद्वक्ता प्रभु परमेश्वर की खोज में था, तो उसे प्रभु आँधी, भूकंप, या आग के दिल दहला देने वाले शोर में नहीं मिला (पद 9-13)। वरन एलिय्याह ने परमेश्वर की कोमल आवाज़ को फुसफुसाहट के समान शांत वातावरण में पाया (पद 12)।

          किसी भी समारोह में, परिवार जनों के साथ एकत्रित होने में, अतिरिक्त शोर का होना निश्चित होता है। वह समय उत्तेजना के साथ वार्तालाप, ठहाकों, आवश्यकता से अधिक भोजन, और प्रेम की मनोहर अभिव्यक्तियों का समय होता है। परन्तु जब हम अपने मनों को शांत कर के परमेश्वर के साथ बैठते हैं, तो वह शान्ति का समय इन सभी बातों से कहीं अधिक मनोहर और लाभदायक होता है।  एलिय्याह के समान ही, हमें भी परमेश्वर किसी भी प्रकार के शोर में नहीं, वरन शान्ति के वातावरण में मिलेगा। और यदि हम अपने जीवन के शोर को एक ओर करके, उसकी आवाज़ को सुनना चाहें, तो परमेश्वर हमसे भी उस शान्ति में फुसफुसा कर बातें करेगा। - सिंडी हैस कैस्पर

 

परमेश्वर की आवाज़ सुनने के लिए शांत हो जाना अनिवार्य है।


चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं! - भजन संहिता 46:10

बाइबल पाठ: 1 राजाओं 19:9-13

1 राजा 19:9 वहां वह एक गुफा में जा कर टिका और यहोवा का यह वचन उसके पास पहुंचा, कि हे एलिय्याह तेरा यहां क्या काम?

1 राजा 19:10 उस ने उत्तर दिया सेनाओं के परमेश्वर यहोवा के निमित्त मुझे बड़ी जलन हुई है, क्योंकि इस्राएलियों ने तेरी वाचा टाल दी, तेरी वेदियों को गिरा दिया, और तेरे नबियों को तलवार से घात किया है, और मैं ही अकेला रह गया हूँ; और वे मेरे प्राणों के भी खोजी हैं।

1 राजा 19:11 उसने कहा, निकलकर यहोवा के सम्मुख पर्वत पर खड़ा हो। और यहोवा पास से हो कर चला, और यहोवा के सामने एक बड़ी प्रचण्ड आन्धी से पहाड़ फटने और चट्टानें टूटने लगीं, तौभी यहोवा उस आन्धी में न था; फिर आन्धी के बाद भूंईडोल हुआ, तौभी यहोवा उस भूंईडोल में न था।

1 राजा 19:12 फिर भूंईडोल के बाद आग दिखाई दी, तौभी यहोवा उस आग में न था; फिर आग के बाद एक दबा हुआ धीमा शब्द सुनाई दिया।

1 राजा 19:13 यह सुनते ही एलिय्याह ने अपना मुंह चद्दर से ढांपा, और बाहर जा कर गुफा के द्वार पर खड़ा हुआ। फिर एक शब्द उसे सुनाई दिया, कि हे एलिय्याह तेरा यहां क्या काम?

 

एक साल में बाइबल: 

  • व्यवस्थाविवरण 3-4
  • मरकुस 10:32-52

शनिवार, 6 मार्च 2021

बाँटना

 

          वर्ष 1995 में, अमेरिका के स्टॉक मार्किट में निवेश करने वालों को सबसे अधिक लाभ, औसतन 37.6 प्रतिशत, प्राप्त हुआ। फिर  वर्ष 2008 में निवेशकों को लगभग उतने ही की हानि हुई, 37.0 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। इन दोनों वर्षों के मध्य की अवधि में निवेशकों को लाभांश में बहुत उतर-चढ़ाव देखने पड़े, और उन्हें चिंता लगी रही कि उनके लगाए हुए धन का क्या होगा?

          परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु ने अपने अनुयायियों को आश्वस्त किया, कि उनके द्वारा प्रभु में अपने जीवन निवेश करने से उन्हें अद्भुत लाभ मिलेंगे। उन्होंने प्रभु के पीछे हो लेने के लिए अपने घर, परिवार, नौकरियाँ, ओहदे, आदि सब कुछ छोड़ दिया था, अपना सब कुछ प्रभु यीशु के शिष्य होने में लगा दिया था। किन्तु जब उन्होंने एक धनी युवक को प्रभु के पीछे हो लेने के लिए अपने सांसारिक धन के छोड़ने की आवश्यकता के साथ संघर्ष करते देखा, तो प्रभु के शिष्यों के मन में प्रश्न उठे कि उन का क्या होगा; क्या उन्होंने सही निर्णय लिया था? प्रभु यीशु ने उन्हें उनके लाभांश के विषय आश्वस्त किया कि “और अब इस समय सौ गुणा न पाए, घरों और भाइयों और बहिनों और माताओं और लड़के-बालों और खेतों को पर उपद्रव के साथ और परलोक में अनन्त जीवन” (मरकुस 10:30)। यह संसार के किसी भी स्टॉक मार्किट से मिलने वाले लाभांश से कहीं अधिक बेहतर लाभ है।

          हमें परमेश्वर के राज्य में किए गए हमारे आत्मिक निवेश पर मिलने वाले “ब्याज की दर” की कभी चिंता नहीं करनी चाहिए; उसके समान कोई अन्य लाभांश है ही नहीं, और वह भी पूर्णतः सुरक्षित और निश्चित। पैसे के साथ तो उद्देश्य हमारे द्वारा लगाए गए पैसे से और पैसा कमाना होता है, जो अन्ततः नश्वर है। लेकिन परमेश्वर में किए गए निवेश के लाभांश को सांसारिक धन से नहीं नापा जा सकता है; उसे तो उस अविनाशी आनन्द और आशीष से देखा जा सकता है जो प्रभु परमेश्वर को जानने, उसकी निकटता में बढ़ते जाने से मिलती है, और अनन्तकाल तक मिलती रहेगी। सबसे अद्भुत बात, हम अपने इस निवेश को जितना अधिक औरों के साथ बाँटते हैं, यह उतना ही अधिक बढ़ता भी जाता है, उतना ही अधिक लाभ भी लाता जाता है। इसलिए उसे बढ़ाते जाने के लिए, प्रभु में अपने निवेश को औरों के साथ बाँटें। - कर्स्टन होल्मबर्ग

 

प्रभु परमेश्वर के लिए जीना, जीवन का एक उत्तम निवेश है।


और संसार और उस की अभिलाषाएं दोनों मिटते जाते हैं, पर जो परमेश्वर की इच्छा पर चलता है, वह सर्वदा बना रहेगा। - 1 यूहन्ना 2:17

बाइबल पाठ: मरकुस 10:17-31

मरकुस 10:17 और जब वह निकलकर मार्ग में जाता था, तो एक मनुष्य उसके पास दौड़ता हुआ आया, और उसके आगे घुटने टेककर उस से पूछा हे उत्तम गुरु, अनन्त जीवन का अधिकारी होने के लिये मैं क्या करूं?

मरकुस 10:18 यीशु ने उस से कहा, तू मुझे उत्तम क्यों कहता है? कोई उत्तम नहीं, केवल एक अर्थात परमेश्वर।

मरकुस 10:19 तू आज्ञाओं को तो जानता है; हत्या न करना, व्यभिचार न करना, चोरी न करना, झूठी गवाही न देना, छल न करना, अपने पिता और अपनी माता का आदर करना।

मरकुस 10:20 उसने उस से कहा, हे गुरु, इन सब को मैं लड़कपन से मानता आया हूं।

मरकुस 10:21 यीशु ने उस पर दृष्टि कर के उस से प्रेम किया, और उस से कहा, तुझ में एक बात की घटी है; जा, जो कुछ तेरा है, उसे बेच कर कंगालों को दे, और तुझे स्वर्ग में धन मिलेगा, और आकर मेरे पीछे हो ले।

मरकुस 10:22 इस बात से उसके चेहरे पर उदासी छा गई, और वह शोक करता हुआ चला गया, क्योंकि वह बहुत धनी था।

मरकुस 10:23 यीशु ने चारों ओर देखकर अपने चेलों से कहा, धनवानों का परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करना कैसा कठिन है!

मरकुस 10:24 चेले उस की बातों से अचम्भित हुए, इस पर यीशु ने फिर उन को उत्तर दिया, हे बालकों, जो धन पर भरोसा रखते हैं, उन के लिये परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करना कैसा कठिन है!

मरकुस 10:25 परमेश्वर के राज्य में धनवान के प्रवेश करने से ऊंट का सूई के नाके में से निकल जाना सहज है!

मरकुस 10:26 वे बहुत ही चकित हो कर आपस में कहने लगे तो फिर किस का उद्धार हो सकता है?

मरकुस 10:27 यीशु ने उन की ओर देखकर कहा, मनुष्यों से तो यह नहीं हो सकता, परन्तु परमेश्वर से हो सकता है; क्योंकि परमेश्वर से सब कुछ हो सकता है।

मरकुस 10:28 पतरस उस से कहने लगा, कि देख, हम तो सब कुछ छोड़कर तेरे पीछे हो लिये हैं।

मरकुस 10:29 यीशु ने कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, कि ऐसा कोई नहीं, जिसने मेरे और सुसमाचार के लिये घर या भाइयों या बहिनों या माता या पिता या लड़के-बालों या खेतों को छोड़ दिया हो।

मरकुस 10:30 और अब इस समय सौ गुणा न पाए, घरों और भाइयों और बहिनों और माताओं और लड़के-बालों और खेतों को पर उपद्रव के साथ और परलोक में अनन्त जीवन।

मरकुस 10:31 पर बहुतेरे जो पहिले हैं, पिछले होंगे; और जो पिछले हैं, वे पहिले होंगे।

 

एक साल में बाइबल: 

  • व्यवस्थाविवरण 1-2
  • मरकुस 10:1-31