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शनिवार, 7 मई 2011

कलाकार का स्पर्ष

स्टूआर्ट होल्डन ने एक पुरानी हवेली के बारे में लिखा कि उस हवेली के एक कमरे की दीवारें विभिन्न विख्यात कलाकारों के बनाए रेखाचित्रों से भरी हुई थीं। यह सिलसिला शुरू हुआ था जब एक विख्यात कलाकार लॉर्ड लैण्डसीर उस हवेली में मेहमान थे। उस हवेली के एक कमरे की दीवार पर शरबत गिर जाने से भद्दा निशान रह गया था। एक दिन जब हवेली के लोग बाहर गए हुए थे तो लैंडसीर ने कोयले का एक टुकड़ा लिया और वहाँ रेखाचित्र बना दिया। उनके हाथों की खींची कुछ रेखाओं ने उस धब्बे को एक सुन्दर झरने और उसके आस-पास पेड़ और जन्तुओं में परिवर्तित कर दिया। उस कलाकार ने भद्दे धब्बे को सुन्दर प्राकृतिक दृश्य में बदल डाला।

अपने सार्वभौमिक अनुग्रह के अन्तर्गत परमेश्वर हमारी असफलताओं और पापों में से भी भलाई उत्पन्न कर देता है। दाउद के व्यभिचार और हत्या के पाप उसके जीवन पटल पर भद्दे और कलंकित करने वाले धब्बे थे। परन्तु दाउद को परमेश्वर ने त्यागा नहीं; दाउद ने अपने पाप को माना, परमेश्वर ने दाउद द्वारा पश्चाताप और क्षमा के दो भजन लिखवाकर (भजन ३२ और ५१), उसके जीवन की बदसूरती को खूबसूरती में बदल दिया। ये दो भजन आज तक अनगिनित पश्चातापी पापियों के लिए शांति और आशा का कारण हुए हैं।

परमेश्वर कभी पाप को हलका नहीं आंकता और पाप के दंड को नज़रंदाज़ नहीं करता। लेकिन जब हम पश्चाताप के साथ अपने पापों को उसके सामने मान लेते हैं, तो वह हमारे जीवनों में एक नया कार्य आरंभ करता है। दीवार पर कलाकार द्वारा किए कार्य से बढ़कर परमेश्वर का कार्य पापी के जीवन में होता है। कलाकार ने तो धब्बे से ध्यान हटाने के लिए उसमें थोड़ी रेखाएं और जोड़ दीं तथा कुछ अन्य वस्तुओं के चित्र को साथ जोड़्कर उसका स्वरूप बदल दिया; धब्बा तो वहीं रहा परन्तु अन्य चीज़ों के चित्र के साथ मिलकर वह दिखने में सुन्दर लगने लगा। परन्तु परमेश्वर तो पाप के धब्बे को ही मिटा देता है और जीवन को पूरा साफ कर के बदल देता है। उसके इस जीवन परिवर्तन के कार्य द्वारा फिर पापी भी उसके लिए उपयोगी, कार्यशील और पहले से अधिक सामर्थी हो जाते हैं। - पौल वैन गोर्डर


जब तक परमेश्वर का अनुग्रह उपलब्ध है, हमारी कोई असफलता अंतिम नहीं है।

हे परमेश्वर, मेरे अन्दर शुद्ध मन उत्पन्न कर, और मेरे भीतर स्थिर आत्मा नये सिरे से उत्पन्न कर। - भजन ५१:१०


बाइबल पाठ: भजन ५१:१-१४

Psa 51:1 हे परमेश्वर, अपनी करूणा के अनुसार मुझ पर अनुग्रह कर; अपनी बड़ी दया के अनुसार मेरे अपराधों को मिटा दे।
Psa 51:2 मुझे भलीं भांति धोकर मेरा अधर्म दूर कर, और मेरा पाप छुड़ाकर मुझे शुद्ध कर!
Psa 51:3 मैं तो अपने अपराधों को जानता हूं, और मेरा पाप निरन्तर मेरी दृष्टि में रहता है।
Psa 51:4 मैं ने केवल तेरे ही विरूद्ध पाप किया, और जो तेरी दृष्टि में बुरा है, वही किया है, ताकि तू बोलने में धर्मी और न्याय करने में निष्कलंक ठहरे।
Psa 51:5 देख, मैं अधर्म के साथ उत्पन्न हुआ, और पाप के साथ अपनी माता के गर्भ में पड़ा।
Psa 51:6 देख, तू हृदय की सच्चाई से प्रसन्न होता है, और मेरे मन ही में ज्ञान सिखाएगा।
Psa 51:7 जूफा से मुझे शुद्ध कर, तो मैं पवित्र हो जाऊंगा, मुझे धो, और मैं हिम से भी अधिक श्वेत बनूंगा।
Psa 51:8 मुझे हर्ष और आनन्द की बातें सुना, जिस से जो हडि्डयां तू ने तोड़ डाली हैं वे मगन हो जाएं।
Psa 51:9 अपना मुख मेरे पापों की ओर से फेर ले, और मेरे सारे अधर्म के कामों को मिटा डाल।
Psa 51:10 हे परमेश्वर, मेरे अन्दर शुद्ध मन उत्पन्न कर, और मेरे भीतर स्थिर आत्मा नये सिरे से उत्पन्न कर।
Psa 51:11 मुझे अपने साम्हने से निकाल न दे, और अपने पवित्र आत्मा को मुझ से अलग न कर।
Psa 51:12 अपने किए हुए उद्धार का हर्ष मुझे फिर से दे, और उदार आत्मा देकर मुझे सम्भाल।
Psa 51:13 तब मैं अपराधियों को तेरा मार्ग सिखाऊंगा, और पापी तेरी ओर फिरेंगे।
Psa 51:14 हे परमेश्वर, हे मेरे उद्धारकर्ता परमेश्वर, मुझे हत्या के अपराध से छुड़ा ले, तब मैं तेरे धर्म का जयजयकार करने पाऊंगा।

एक साल में बाइबल:
  • २ राजा १-३
  • लूका २४:१-३५

शुक्रवार, 6 मई 2011

जानना और मानना

कुछ लोग एक टकसाल देखने गए, जहाँ धातु पिघला कर उससे सिक्के बनाए जाते हैं। जब वे धातु के पिघलाए जाने वाले स्थान पर पहुँचे और धातु पिघलाने वाले बड़े बड़े बरतनों में पिघली हुई धातु के निकट आए तो उनके साथ चल रहे मार्गदर्शक ने कहा, "यदि कोई अपना हाथ पानी में डुबो कर गीला कर ले और तब उसके हाथ पर पिघली हुई धातु उंडेली जाए तो उसे न तो कोई तकलीफ होगी और न उसका हाथ जलेगा।" फिर उसने वहाँ खड़े एक दम्पति से पूछा कि क्या वे उसकी कही हुई इस बात को जाँचकर देखना चाहेंगे? पति ने तुरंत उत्तर दिया, " जी नहीं, धन्यवाद" परन्तु पत्नी ने उत्सुक्ता पूर्वक कहा, "अवश्य, मैं इसे करके देखना चाहती हूँ।" अपनी कथनी को करनी में परिवर्तित करते हुए, उसने वहाँ रखी पानी से भरी बाल्टी में अपना हाथ डाला और पिघली हुई धातु के उंडेले जाने के लिए आगे कर दिया, जब धातु उसके हाथ पर उंडेली गई तो उसे बिन कोई नुकसान किए वह गीले हाथ पर से फिसल कर गिर गई।

जब बाइबल में परमेश्वर द्वारा दी गई प्रतिज्ञाओं की बात आती है तो बहुतेरे विश्वासी उस पति के समान व्यवहार करते हैं। वे प्रतिज्ञाओं को जानते हैं और उनपर विश्वास करने का दावा भी करते हैं, लेकिन वास्तविकता में वे उन्हें मानते नहीं; इसलिए वे स्वयं कभी उन्हें अनुभव नहीं करते; वे सदा किसी दूसरे के अनुभवों के द्वारा अपने विश्वास की पुष्टी करते हैं।

दाउद विश्वास करने का अर्थ जानता था, गोलियत को हरा कर उसने अपने विश्वास को प्रदर्शित किया। भजन १६ में दाउद ने परमेश्वर पर अपने विश्वास और निर्भरता की आशीशों का वर्णन किया है; उसने परमेश्वर से उत्तम मीरास, प्रसन्नता, स्थिरता, आशा तथा सदा काल के आनन्द का आश्वासन पाया।

यदि हम केवल परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं को जानेगे भर, परन्तु उन पर विश्वास करके कार्य नहीं करेंगे, तो परमेश्वर की अद्भुत आशीशों से वंचित रह जाएं गे। - रिचर्ड डी हॉन


परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं पर विश्वास रखना ही विजयी होने की कुंजी है।

हे ईश्वर मेरी रक्षा कर, क्योंकि मैं तेरा ही शरणागत हूं। - भजन १६:१


बाइबल पाठ: भजन १६

Psa 16:1 हे ईश्वर मेरी रक्षा कर, क्योंकि मैं तेरा ही शरणागत हूं।
Psa 16:2 मैं ने परमेश्वर से कहा है, कि तू ही मेरा प्रभु है तेरे सिवाए मेरी भलाई कहीं नहीं।
Psa 16:3 पृथ्वी पर जो पवित्र लोग हैं, वे ही आदर के योग्य हैं, और उन्हीं से मैं प्रसन्न हूं।
Psa 16:4 जो पराए देवता के पीछे भागते हैं उनका दु:ख बढ़ जाएगा, मैं उनके लोहू वाले तपावन नहीं तपाऊंगा और उनका नाम अपने ओठों से नहीं लूंगा।
Psa 16:5 यहोवा मेरा भाग और मेरे कटोरे का हिस्सा है; मेरे बांट को तू स्थिर रखता है।
Psa 16:6 मेरे लिये माप की डोरी मनभावने स्थान में पड़ी, और मेरा भाग मनभावना है।
Psa 16:7 मैं यहोवा को धन्य कहता हूं, क्योंकि उस ने मुझे सम्मत्ति दी है; वरन मेरा मन भी रात में मुझे शिक्षा देता है।
Psa 16:8 मैं ने यहोवा को निरन्तर अपने सम्मुख रखा है : इसलिये कि वह मेरे दाहिने हाथ रहता है मैं कभी न डगमगाऊंगा।
Psa 16:9 इस कारण मेरा हृदय आनन्दित और मेरी आत्मा मगन हुई मेरा शरीर भी चैन से रहेगा।
Psa 16:10 क्योंकि तू मेरे प्राण को अधोलोक में न छोड़ेगा, न अपने पवित्र भक्त को सड़ने देगा।
Psa 16:11 तू मुझे जीवन का रास्ता दिखाएगा, तेरे निकट आनन्द की भरपूरी है, तेरे दहिने हाथ में सुख सर्वदा बना रहता है।

एक साल में बाइबल:
  • १ राजा २१-२२
  • लूका २३:२६-५६

गुरुवार, 5 मई 2011

बिजली नहीं तो गर्जन भी नहीं

प्रकृति में बिजली का चमकना और गर्जन होना उत्तम उदाहरण हैं मसीही जीवन में विश्वास और भले कार्यों के रिशते को समझाने के लिए। जब कभी आकाश में बिजली कौंधती है तो हम जानते हैं कि गर्जन भी इसके साथ होगी। बिना बिजली चमके गर्जन भी नहीं होगी क्योंकि एक का होना दूसरे के होने का कारण है। इसी प्रकार भले कार्य भी उद्धार के विश्वास के साथ जुड़े हैं; एक, दूसरे के कारण होता है।

हमें सदा अपने सन्मुख यह स्पष्ट सत्य रखना चहिए कि हमारा उद्धार केवल अनुग्रह और केवल अनुग्रह ही से है; इफिसियों २:८, ९ में लिख है, "क्‍योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, बरन परमेश्वर का दान है। और न कर्मों के कारण, ऐसा न हो कि कोई घमण्‍ड करे।" लेकिन कितने ही मसीही विश्वासी जो इस पद को उद्वत करते हैं, इसके तुरंत बाद लिखे पद को भूल जाते हैं "क्‍योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्‍हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया" (पद १०)।

जैसे गर्जन बिजली के कौंधने में कोई योगदान नहीं करता, वरन बिजली के कौंधने से उत्पन्न होता है, वैसे ही भले कार्य हमारे उद्धार पाने में कोई योग्दान नहीं करते वरन उद्धार के कारण हमें भले कार्य करने की ज़िम्मेदारी मिलती है। जहाँ कहीं मसीह में सच्चा विश्वास और उद्धार होगा वहाँ भले कार्य भी होंगे। एक के बिना दूसरा खरा नहीं है। बहुत से लोग भले कार्यों के द्वारा पुण्य कमाना और अपने ईश्वर को प्रसन्न करना चाहते हैं; ऐसे भले कार्य एक स्वार्थ के लिए किये जाते हैं। मसीही विश्वास और उद्धार में भले कार्य किसी स्वार्थ के आधीन नहीं वरन अनुग्रह द्वारा उद्धार देने वले के प्रति, उसके द्वारा दी गई ज़िम्मेदारी का निर्वाह करने के लिए हैं - पहले उद्धार, फिर उसके अनुरूप कार्य।

सच्चा मसीही विश्वास सदा ही विश्वास से उत्पन्न कार्यों द्वारा पहचाना जाता है। - रिचर्ड डी हॉन


कार्यों बिना विश्वास मरा हुआ है; विश्वास के साथ कार्य अमूल्य हैं।

पर हे निकम्मे मनुष्य क्‍या तू यह भी नहीं जानता, कि कर्म बिना विश्वास व्यर्थ है। - याकूब २:२०


बाइबल पाठ: याकूब २:१४-२६

Jas 2:14 हे मेरे भाइयों, यदि कोई कहे कि मुझे विश्वास है पर वह कर्म न करता हो, तो उस से क्‍या लाभ? क्‍या ऐसा विश्वास कभी उसका उद्धार कर सकता है?
Jas 2:15 यदि कोई भाई या बहिन नगें उघाड़े हों, और उन्‍हें प्रति दिन भोजन की घटी हो।
Jas 2:16 और तुम में से कोई उन से कहे, कुशल से जाओ, तुम गरम रहो और तृप्‍त रहो; पर जो वस्‍तुएं देह के लिये आवश्यक हैं वह उन्‍हें न दे, तो क्‍या लाभ?
Jas 2:17 वैसे ही विश्वास भी, यदि कर्म सहित न हो तो अपने स्‍वभाव में मरा हुआ है।
Jas 2:18 वरन कोई कह सकता है कि तुझे विश्वास है, और मैं कर्म करता हूं: तू अपना विश्वास मुझे कर्म बिना तो दिखा; और मैं अपना विश्वास अपने कर्मों के द्वारा तुझे दिखाऊंगा।
Jas 2:19 तुझे विश्वास है कि एक ही परमेश्वर है: तू अच्‍छा करता है: दुष्‍टात्मा भी विश्वास रखते, और थरथराते हैं।
Jas 2:20 पर हे निकम्मे मनुष्य क्‍या तू यह भी नहीं जानता, कि कर्म बिना विश्वास व्यर्थ है?
Jas 2:21 जब हमारे पिता इब्राहीम ने अपने पुत्र इसहाक को वेदी पर चढ़ाया, तो क्‍या वह कर्मो से धामिर्क न ठहरा था?
Jas 2:22 सो तू ने देख लिया कि विश्वास ने उस के कामों के साथ मिलकर प्रभाव डाला है और कर्मो से विश्वास सिद्ध हुआ।
Jas 2:23 और पवित्र शास्‍त्र का यह वचन पूरा हुआ, कि इब्राहीम ने परमेश्वर की प्रतीति की, और यह उसके लिये धर्म गिना गया, और वह परमेश्वर का मित्र कहलाया।
Jas 2:24 सो तुम ने देख लिया कि मनुष्य केवल विश्वास से ही नहीं, वरन कर्मों से भी धर्मी ठहरता है।
Jas 2:25 वैसे ही राहाब वेश्या भी जब उस ने दूतों को अपने घर में उतारा, और दूसरे मार्ग से विदा किया, तो क्‍या कर्मों से धामिर्क न ठहरी?
Jas 2:26 निदान, जैसे देह आत्मा बिना मरी हुई है वैसा ही विश्वास भी कर्म बिना मरा हुआ है।

एक साल में बाइबल:
  • १ राजा १९-२०
  • लूका २३:१-२५

बुधवार, 4 मई 2011

बेहतर विकल्प

मानव शरीर करोड़ों कोषिकाओं से मिलकर बना है, और इन कोषिकाओं की संख्या से लगभग १० गुणा अधिक संख्या में इस शरीर में सूक्ष्म जीवाणु बसते हैं। हमारी त्वचा के एक सिक्के के आकार के भाग में ही लगभग २० लाख जीवाणु होते हैं। इससे यह प्रतीत होता है कि इतनी संख्या में जीवाणुओं की उपस्थिति के कारण हम लगातार रोगी होने के खतरे में बने रहते हैं। लेकिन असलियत यह है कि इन असंख्य जीवाणुओं की हमारे शरीर में उपस्थिति ही हमें स्वस्थ रखती है; यदि ये न हों तो हम रोगी हो जाएंगे, क्योंकि ये भले जीवाणु रोग पैदा करने वाले हानिकारक कीटाणुओं को पनपने नहीं देते।

यह उदाहरण हमें हरेक परिस्थिति में भी परमेश्वर के कार्य में संलग्न रहने की मसीही विश्वासियों की बुलाहट को समझने में सहायता करता है। हमारे सोचने के विपरीत, विशम परिस्थितियों का होना विश्वासियों के लिए हानि की नहीं वरन लाभ की बात है।

परमेश्वर चाहता है कि उसके बच्चे पाप और अधर्म से दूषित संसार में धैर्य, प्रेम और विश्वास को प्रदर्शित करें। जो विपरीत परिस्थितियाँ हम पर आती रहती हैं वे सुनिश्चित करती हैं कि हम और भी अधिक हानिकारक बातों से जो यदि सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा हो तो अति शीघ्र हम में घर बना लेती हैं, जैसे अहंकार, अपने आप को बढ़कर आंकना, परमेश्वर पर निर्भर न रहना आदि, से बचे रहें। जब जब हम समस्याओं में पड़ते हैं तो ये परिस्थितियाँ हमें परमेश्वर पर आश्रित होने और उसपर तथा उसके वचन के और निकट आने और उस पर विश्वास करने वाला बनाती हैं।

कठिनाईयाँ हमारे आत्मिक विकास में भी योगदान देती हैं, यदि हम उन्हें अपने विश्वास की परख और सहनशीलता बढ़ाने के अवसरों के रूप में देखें।

जब तक मसीह नहीं आ जाता और उसके साथ हम सिद्ध नहीं हो जाते, तब तक विपरीत परिस्थितियों का बने रहना हमारे लिए बेहतर विकल्प है। - मार्ट डी हॉन


परमेश्वर हमारे जीवन में विपरीत परिस्थितियाँ हमें बेहतर बनाने लिए आने देता है, हमें बिगाड़ने के लिए नहीं।

यहां तक कि हम आप परमेश्वर की कलीसिया में तुम्हारे विषय में घमण्‍ड करते हैं, कि जितने उपद्रव और क्‍लेश तुम सहते हो, उन सब में तुम्हारा धीरज और विश्वास प्रगट होता है। - २ थिस्सलुनीकियों १:४


बाइबल पाठ: याकूब १:१-४

Jas 1:1 परमेश्वर के और प्रभु यीशु मसीह के दास याकूब की ओर से उन बारहों गोत्रों को जो तित्तर बित्तर होकर रहते हैं नमस्‍कार पहुंचे।
Jas 1:2 हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो
Jas 1:3 तो इसे पूरे आनन्‍द की बात समझो, यह जानकर, कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्‍पन्न होता है।
Jas 1:4 पर धीरज को अपना पूरा काम करने दो, कि तुम पूरे और सिद्ध हो जाओ और तुम में किसी बात की घटी न रहे।

एक साल में बाइबल:
  • १ राजा १६-१८
  • लूका २२:४७-७१

अवसर

एक मूर्तिकार अपने मेहमान को संगमरमर की अपनी कृतियाँ दिखा रहा था। वह मेहमान एक असाधारण मूर्ति की ओर आकर्षित हुआ। मूर्ति का जहाँ चेहरा होना चाहिए था, मूर्तिकार ने वहाँ उसे बालों से ढका हुआ दिखाया था और उस मूर्ति के पैरों पर चिड़िया के पंख लगे हुए थे। मेहमान ने मूर्तिकार से पूछा, "इस मूर्ति का क्या नाम है?" मूर्तिकार ने उतर दिया, "अवसर; इसका चेहरा ढका हुआ है क्योंकि जब वह आता है तो अक्सर हम इसे पहचान नहीं पाते; इसके पावों पर पंख लगे हैं, क्योंकि यह अति शीघ्र चला भी जाता है और एक बार गया तो फिर उसे कोई पकड़ नहीं सकता।"

प्रेरित पौलुस ने भी अवसर के शीघ्रता से निकल जाने की बात इफीसियों ५:१६ में कही। इस पद में जिस शब्द का अनुवाद ’समय’ किया गया है उसका अनुवाद ’अवसर’ भी किया जा सकता है। ये अवसर व्यक्तिगत संपर्क के कुछ पल भी हो सकते हैं या कोई घटना, कोई वार्तालाप, किसी पुराने पहचान वाले से अचानक हुई मुलाकात आदि भी। ये सुनहरी अवसर होते हैं किसी की प्यार से देखभाल करने के, किसी को अपने विश्वास की गवाही देने के, अनन्त काल की भलाई का कार्य करने के।

इंगलैंड के एक विख्यात प्रचारक अलेक्ज़ैंडर मैकलैरन ने कहा, "जीवन का प्रत्येक पल हमें एक उद्देश्य के लिए दिया गया है: कि हम अपने प्रभु के अनुरूप बनें। यह अंतिम लक्ष्य जीवन के अनेक छोटे - बड़े लक्ष्यों की पूर्ति के द्वारा संपन्न होता है।"

जब हमारा विश्वास दृढ़ रहता है तो हमें साहस और सदबुद्धि भी मिलती है कि हम प्रत्येक बाधा को अपनी उन्नति अवसर की तरह देख सकें। - पौल वैन गोर्डर।


विश्वास बाधाओं को उन्नति के अवसरों में बदल देता है।

इसलिये ध्यान से देखो, कि कैसी चाल चलते हो; निर्बुद्धियों की नाईं नहीं पर बुद्धिमानों की नाईं चलो। और अवसर को बहुमोल समझो, क्‍योंकि दिन बुरे हैं। - इफीसियों ५:१५, १६

बाइबल पाठ: इफीसियों ५:८-१७
Eph 5:8 क्‍योंकि तुम तो पहले अन्‍धकार थे परन्‍तु अब प्रभु में ज्योति हो, सो ज्योति की सन्‍तान की नाई चलो।
Eph 5:9 (क्‍योंकि ज्योंति का फल सब प्रकार की भलाई, और धामिर्कता, और सत्य है)।
Eph 5:10 और यह परखो, कि प्रभु को क्‍या भाता है
Eph 5:11 और अन्‍धकार के निष्‍फल कामों में सहभागी न हो, वरन उन पर उलाहना दो।
Eph 5:12 क्‍योंकि उन के गुप्‍त कामों की चर्चा भी लाज की बात है।
Eph 5:13 पर जितने कामों पर उलाहना दिया जाता है वे सब ज्योति से प्रगट होते हैं, क्‍योंकि जो सब कुछ को प्रगट करता है, वह ज्योंति है।
Eph 5:14 इस कारण वह कहता है, हे सोनेवाले जाग और मुर्दों में से जी उठ तो मसीह की ज्योति तुझ पर चमकेगी।
Eph 5:15 इसलिये ध्यान से देखो, कि कैसी चाल चलते हो; निर्बुद्धियों की नाईं नहीं पर बुद्धिमानों की नाईं चलो।
Eph 5:16 और अवसर को बहुमोल समझो, क्‍योंकि दिन बुरे हैं।
Eph 5:17 इस कारण निर्बुद्धि न हो, पर ध्यान से समझो, कि प्रभु की इच्‍छा क्‍या है

एक साल में बाइबल:
  • १ राजा १२-१३
  • लूका २२:१-२०

सोमवार, 2 मई 2011

कठिनाइयों का सामना

गोल्फ खेलने वाले जानते हैं कि किसी कठिन परिस्थिति से बाहर निकलने के लिए वे कोई आसान मार्ग नहीं अपना सकते। यदि गोल्फ की गेंद समतल स्थल से लुढ़क कर ऊबड़खाबड़ स्थल पर चली जाए तो खेलने में आसानी के लिए खिलाड़ी उसे उठा कर वापस समतल स्थल पर नहीं रख सकता, उसे ऊबड़खाबड़ स्थान से ही आगे खेलना होता है।

युवा तीतुस ने भी अपने आप को कठिनाईयों में पाया। उसे क्रेते में रखा गया था कि वहाँ पर प्रभु के कार्य को बढ़ाए, लेकिन उसे कठिन समस्याओं का सामना करना पड़ा। क्रेते के निवासी सामान्यतः धोखेबाज़, अनैतिक और आलसी होते थे, और यही दुर्गुण वहाँ की मण्डली में भी प्रगट होने लगे थे। पौलुस को जब इसका पता चला तो अपने मित्र को प्रोत्साहित करने के लिए उसने तीतुस को पत्री लिखी। इस पत्री का सार इस प्रकार था, "हाँ, क्रेते में परिस्थिति काफी खराब है। लेकिन इसी लिए तो मैं ने तुम्हें वहाँ रखा है। परमेश्वर तुम्हें वहाँ एक बड़ा, महत्वपूर्ण और आवशयक परिवर्तन लाने के लिए प्रयोग कर सकता है।"

तीतुस ने अपने मित्र की सलाह को स्वीकार किया, और वह सफल हुआ। यद्यपि बाइबल इस प्रोत्साहन की पत्री के नतीजे तो नहीं बताती लेकिन पुरातत्व विशेष्ज्ञों ने क्रेते में विशाल चर्च भवनों के खण्डर पाए हैं और इन चर्च भवनों के कोने के पत्थरों पर "तीतुस" नाम खुदा हुआ है।

जब कभी हम कठिनाईयों का सामना कर रहे होते हैं तो किसी आसान मार्ग के तलाश करने के प्रयास से कोई लाभ होने वाला नहीं है। सही तरीका यह है कि परमेश्वर पर विश्वास बनाए रखें तथा चुनौतियों का खुलकर सामना करें, तब ही हम उन परिस्थितियों पर जयवन्त हो सकेंगे।

इससे न केवल हम बेहतर व्यक्ति बनेंगे, वरन साथ ही हमारा विश्वास भी दृढ़ होगा कि हमारा परमेश्वर हमें विजयी रख सकता है। - हर्ब वैन्डर लुग्ट


समस्या जितनी बड़ी होगी, उतनी ही बड़ा परमेश्वर की सामर्थ को प्राप्त करने का अवसर भी होगा।

मैं इसलिये तुझे क्रेते में छोड़ आया था, कि तू शेष रही हुई बातों को सुधारे, और मेरी आज्ञा के अनुसार नगर नगर प्राचीनों को नियुक्त करे। - तीतुस १:५


बाइबल पाठ: तीतुस १

Tit 1:1 पौलुस की ओर से जो परमेश्वर का दास और यीशु मसीह का प्रेरित है, परमेश्वर के चुने हुए लोगों के विश्वास, और भक्ति के अनुसार है।
Tit 1:2 उस अनन्‍त जीवन की आशा पर, जिस की प्रतिज्ञा परमेश्वर ने, जो झूठ बोल नहीं सकता, सनातन से की है।
Tit 1:3 पर ठीक समय पर अपने वचन को उस प्रचार के द्वारा प्रगट किया, जो हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर की आज्ञा के अनुसार मुझे सौंपा गया।
Tit 1:4 तीतुस के नाम जो विश्वास की सहभागिता के विचार से मेरा सच्‍चा पुत्र है: परमेश्वर पिता और हमारे उद्धारकर्ता मसीह यीशु से अनुग्रह और शान्‍ति होती रहे।
Tit 1:5 मैं इसलिये तुझे क्रेते में छोड़ आया था, कि तू शेष रही हुई बातों को सुधारे, और मेरी आज्ञा के अनुसार नगर नगर प्राचीनों को नियुक्त करे।
Tit 1:6 जो निर्दोष और एक ही पत्‍नी के पति हों, जिन के लड़केबाले विश्वासी हों, और जिन्‍हें लुचपन और निरंकुशता का दोष नहीं।
Tit 1:7 क्‍योंकि अध्यक्ष को परमेश्वर का भण्‍डारी होने के कारण निर्दोष होना चाहिए; न हठी, न क्रोधी, न पियक्कड़, न मारपीट करने वाला, और न नीच कमाई का लोभी।
Tit 1:8 पर पहुनाई करने वाला, भलाई का चाहने वाला, संयमी, न्यायी, पवित्र और जितेन्‍द्रिय हो।
Tit 1:9 और विश्वासयोग्य वचन पर जो धर्मोपदेश के अनुसार है, स्थिर रहे कि खरी शिक्षा से उपदेश दे सके और विवादियों का मुंह भी बन्‍द कर सके।
Tit 1:10 क्‍योंकि बहुत से लोग निरंकुश बकवादी और धोखा देने वाले हैं विशेष करके खतना वालों में से।
Tit 1:11 इन का मुंह बन्‍द करना चाहिए: ये लोग नीच कमाई के लिये अनुचित बातें सिखा कर घर के घर बिगाड़ देते हैं।
Tit 1:12 उन्‍हीं में से एक जन ने जो उन्‍हीं का भविष्यद्क्ता हैं, कहा है, कि क्रेती लोग सदा झूठे, दुष्‍ट पशु और आलसी पेटू होते हैं।
Tit 1:13 यह गवाही सच है, इसलिये उन्हें कड़ाई से चितौनी दिया कर, कि वे विश्वास में पक्के हो जाएं।
Tit 1:14 और वे यहूदियों की कथा कहानियों और उन मनुष्यों की आज्ञाओं पर मन न लगाएं, जो सत्य से भटक जाते हैं।
Tit 1:15 शुद्ध लोगों के लिये सब वस्‍तु शुद्ध हैं, पर अशुद्ध और अविश्वासियों के लिये कुछ भी शुद्ध नहीं: वरन उन की बुद्धि और विवेक दोनों अशुद्ध हैं।
Tit 1:16 वे कहते हैं, कि हम परमेश्वर को जानते हैं: पर अपने कामों से उसका इन्‍कार करते हैं, क्‍योंकि वे घृणित और आज्ञा न मानने वाले हैं: और किसी अच्‍छे काम के योग्य नहीं।

एक साल में बाइबल:
  • १ राजा १२-१३
  • लूका २२:१-२०

रविवार, 1 मई 2011

खुलते द्वार

हमारे शहर के एक अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार में स्वचलित द्वार खोलने वाला यंत्र लगा है। जब मैं अपनी कार द्वार की ओर लेकर बढ़ता हूँ तब द्वार बन्द रहता है, लेकिन जैसे ही कार द्वार के निकट आती है तो द्वार के निकट लगा संवेदक यंत्र द्वार खोल देता है। यदि मैं द्वार के निकट आकर कार को खड़ी कर दूँ तो भी द्वार बन्द रहता है, संवेदक यंत्र केवल चलती हुई कार को पहचान कर ही द्वार खोलता है।

परमेश्वर के साथ विश्वास में चलना भी कुछ ऐसा ही है। जब हम परमेश्वर की आज्ञाकारिता में चलते हों और हमारे सामने कोई बन्द द्वार दिखाई पड़े तो भी हम अपने कदम आगे बढ़ा सकते हैं पूरे विश्वास के साथ कि परमेश्वर सही समय पर द्वार खोल देगा, लेकिन अविश्वास में कदम रोक देना द्वार को खुलने नहीं देगा।

प्रत्येक मसीही विश्वासी अपने जीवन काल में बाधाओं का सामना करता है। परमेश्वर की इच्छा में चलना इस बात की गारण्टी नहीं है कि हमारा मार्ग आसान होगा; लेकिन चाहे कैसा भी कठिन मार्ग हो, हम विश्वास रख सकते हैं कि हमारा प्रभु हमारे साथ हर एक परिस्थिति में बना रहता है और हम विश्वास में आगे बढ़ सकते हैं।

स्तुति के गीतों के एक लेखक ऑस्कर एलिसन ने अपने एक गीत में लिखा, "क्या आप के सामने कोई ऐसी नदी है जिसे पार करना असंभव लगता है? क्या आप के सामने कोई ऐसा पहाड़ है जिसे लांघना असंभव लगता है? परमेश्वर को सौंप दीजिए, वह असंभव को संभव बनाने का विशेष्ज्ञ है!"

किसी ने कहा है कि, "यदि परमेश्वर आपके कदम रखने के एक गज़ आगे तक का भी मार्ग आपको दिखा दे, तो वह मार्ग विश्वास का मार्ग नहीं रहेगा।" अन्जाने मार्ग पर आज्ञाकारिता और विश्वास में उठाया गया कदम ही प्रमाणित करता है कि हम परमेश्वर पर विश्वास में आगे बढ़ रहे हैं या नहीं। उदाहरण स्वरूप इब्राहिम को ही लीजिए, "विश्वास ही से इब्राहीम जब बुलाया गया तो आज्ञा मानकर ऐसी जगह निकल गया जिसे मीरास में लेने वाला था, और यह न जानता था, कि मैं किधर जाता हूं; तौभी निकल गया" (इब्रानियों ११:८)

जैसे जैसे हम उसकी आज्ञाकारिता और उस पर विश्वास में कदम आगे बढ़ाते रहेंगे, वह हमारे हर कदम के लिए मार्ग बनाता रहेगा और बाधाओं के हर द्वार खोलता रहेगा। - पौल वैन गोर्डर


जोखिम और परमेश्वर की सामर्थ के बीच का द्वार ही विश्वास है।

अब विश्वास आशा की हुई वस्‍तुओं का निश्‍चय, और अनदेखी वस्‍तुओं का प्रमाण है। - इब्रानियों ११:१


बाइबल पाठ: इब्रानियों ११:१-१२

Heb 11:1 अब विश्वास आशा की हुई वस्‍तुओं का निश्‍चय, और अनदेखी वस्‍तुओं का प्रमाण है।
Heb 11:2 क्‍योंकि इसी के विषय में प्राचीनों की अच्‍छी गवाही दी गई।
Heb 11:3 विश्वास ही से हम जान जाते हैं, कि सारी सृष्‍टि की रचना परमेश्वर के वचन के द्वारा हुई है। यह नहीं, कि जो कुछ देखने में आता है, वह देखी हुई वस्‍तुओं से बना हो।
Heb 11:4 विश्वास ही से हाबिल ने कैन से उत्तम बलिदान परमेश्वर के लिये चढ़ाया, और उसी के द्वारा उसके धर्मी होने की गवाही भी दी गई: क्‍योंकि परमेश्वर ने उस की भेंटों के विषय में गवाही दी और उसी के द्वारा वह मरने पर भी अब तक बातें करता है।
Heb 11:5 विश्वास ही से हनोक उठा लिया गया, कि मृत्यु को न देखे, और उसका पता नहीं मिला क्‍योंकि परमेश्वर ने उसे उठा लिया था, और उसके उठाए जाने से पहिले उस की यह गवाही दी गई थी, कि उस ने परमेश्वर को प्रसन्न किया है।
Heb 11:6 और विश्वास बिना उसे प्रसन्न करना अनहोना है, क्‍योंकि परमेश्वर के पास आने वाले को विश्वास करना चाहिए, कि वह है और अपने खोजने वालों को प्रतिफल देता है।
Heb 11:7 विश्वास ही से नूह ने उन बातों के विषय में जो उस समय दिखाई न पड़ती थीं, चितौनी पाकर भक्ति के साथ अपने घराने के बचाव के लिये जहाज बनाया, और उसके द्वारा उस ने संसार को दोषी ठहराया; और उस धर्म का वारिस हुआ, जो विश्वास से होता है।
Heb 11:8 विश्वास ही से इब्राहीम जब बुलाया गया तो आज्ञा मानकर ऐसी जगह निकल गया जिसे मीरास में लेने वाला था, और यह न जानता था, कि मैं किधर जाता हूं; तौभी निकल गया।
Heb 11:9 विश्वास ही से उस ने प्रतिज्ञा किए हुए देश में जैसे पराए देश में परदेशी रह कर इसहाक और याकूब समेत जो उसके साथ उसी प्रतिज्ञा के वारिस थे, तम्बूओं में वास किया।
Heb 11:10 क्‍योंकि वह उस स्थिर नेव वाले नगर की बाट जोहता था, जिस का रचने वाला और बनाने वाला परमेश्वर है।
Heb 11:11 विश्वास से सारा ने आप बूढ़ी होने पर भी गर्भ धारण करने की सामर्थ पाई क्‍योंकि उस ने प्रतिज्ञा करने वाले को सच्‍चा जाना था।
Heb 11:12 इस कारण एक ही जन से जो मरा हुआ सा था, आकाश के तारों और समुद्र के तीर के बालू की नाईं, अनगिनित वंश उत्‍पन्न हुआ।

एक साल में बाइबल:
  • १ राजा १०-११
  • लूका २१:२०-३८