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बुधवार, 18 सितंबर 2013

पिता

   बीस माह उम्र का नन्हा जेम्स चर्च के विशाल हॉल में बेधड़क अपने परिवार के आगे आगे चल रहा था। उसके पिता की नज़रें उस पर निरन्तर लगी हुई थीं और जेम्स बड़े लोगों की उस भीड़ में बिना किसी चिंता के बढ़ता जा रहा था। अचानक ही वह रुका और क्योंकि अब लोगों की उस भीड़ में उसे अपने पिताजी दिखाई नहीं दे रहे थे इसलिए वह घबरा कर डैडी! डैडी! कहते हुए रोने लगा। उसके पिता लोगों के बीच से उसकी ओर आगे बढ़े, जेम्स ने अपना हाथ उनकी ओर बढ़ाया और पिता ने जेम्स का हाथ थाम लिया। पिता के सुरक्षित हाथ की मज़बूत पकड़ से आश्वस्त होकर जेम्स शांत हो गया और फिर पहले के समान आगे बढ़ने लगा।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में राजाओं की दूसरी पुस्तक में हम राजा हिज़किय्याह का वृतांत पाते हैं जिसने समस्या के समय में प्रार्थना में परमेश्वर की ओर अपना हाथ बढ़ाया और सहायता पाई (2 राजा 19:15)। अशूर के राजा सन्हेरीब ने राजा हिज़िकिय्याह और उसकी की प्रजा पर चढ़ाई करने की धमकी दी थी: "तुम यहूदा के राजा हिजकिय्याह से यों कहना: तेरा परमेश्वर जिसका तू भरोसा करता है, यह कह कर तुझे धोखा न देने पाए, कि यरूशलेम अश्शूर के राजा के वश में न पड़ेगा। देख, तू ने तो सुना है अश्शूर के राजाओं ने सब देशों से कैसा व्यवहार किया है उन्हें सत्यानाश कर दिया है। फिर क्या तू बचेगा?" (2 राजा 19:10-11); धमकी पाकर राजा हिज़किय्याह प्रार्थना में परमेश्वर के पास गया और छुटकारे के लिए पुकारा, "इसलिये अब हे हमारे परमेश्वर यहोवा तू हमें उसके हाथ से बचा, कि पृथ्वी के राज्य राज्य के लोग जान लें कि केवल तू ही यहोवा है" (2 राजा 19:19)। परमेश्वर ने प्रार्थना का उत्तर दिया, और अश्शूर की हमलावर सेना को मारा जिससे आक्रमणकारी राजा सन्हेरीब वापस लौट जाने को मजबूर हो गया।

   यदि आज आप किसी ऐसी परिस्थिति में हैं जहाँ आपको परमेश्वर की सहायता की आवश्यकता है तो विश्वास के साथ अपना हाथ उसकी ओर प्रार्थना में बढ़ाईए। उसका वायदा है कि वह अवश्य ही आपकी सहायता करेगा (2 कुरिन्थियों 1:3-4; इब्रानियों 4:16)। - एनी सेटास


अकसर परमेश्वर द्वारा छुटकारे की भोर परीक्षा के सबसे गहन प्रतीत होने वाले अन्धकार समय में आती है।

तब यशायाह ने उन से कहा, अपने स्वामी से कहो, यहेवा यों कहता है, कि जो वचन तू ने सुने हैं, जिनके द्वारा अश्शूर के राजा के जनों ने मेरी निन्दा की है, उनके कारण मत डर। - 2 राजा 19:6 

बाइबल पाठ: 2 राजा 19:10-19, 32-37
2 Kings 19:10 तुम यहूदा के राजा हिजकिय्याह से यों कहना: तेरा परमेश्वर जिसका तू भरोसा करता है, यह कह कर तुझे धोखा न देने पाए, कि यरूशलेम अश्शूर के राजा के वश में न पड़ेगा।
2 Kings 19:11 देख, तू ने तो सुना है अश्शूर के राजाओं ने सब देशों से कैसा व्यवहार किया है उन्हें सत्यानाश कर दिया है। फिर क्या तू बचेगा?
2 Kings 19:12 गोजान और हारान और रेसेप और तलस्सार में रहने वाले एदेनी, जिन जातियों को मेरे पुरखाओं ने नाश किया, क्या उन में से किसी जाति के देवताओं ने उसको बचा लिया?
2 Kings 19:13 हमात का राजा, और अर्पाद का राजा, और समवैंम नगर का राजा, और हेना और इव्वा के राजा ये सब कहां रहे? इस पत्री को हिजकिय्याह ने दूतों के हाथ से ले कर पढ़ा।
2 Kings 19:14 तब यहोवा के भवन में जा कर उसको यहोवा के साम्हने फैला दिया।
2 Kings 19:15 और यहोवा से यह प्रार्थना की, कि हे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा! हे करूबों पर विराजने वाले ! पृथ्वी के सब राज्यों के ऊपर केवल तू ही परमेश्वर है। आकाश और पृथ्वी को तू ही ने बनाया है।
2 Kings 19:16 हे यहोवा! कान लगाकर सुन, हे यहोवा आंख खोल कर देख, और सन्हेरीब के वचनों को सुन ले, जो उसने जीवते परमेश्वर की निन्दा करने को कहला भेजे हैं।
2 Kings 19:17 हे यहोवा, सच तो है, कि अश्शूर के राजाओं ने जातियों को और उनके देशों को उजाड़ा है।
2 Kings 19:18 और उनके देवताओं को आग में झोंका है, क्योंकि वे ईश्वर न थे; वे मनुष्यों के बनाए हुए काठ और पत्थर ही के थे; इस कारण वे उन को नाश कर सके।
2 Kings 19:19 इसलिये अब हे हमारे परमेश्वर यहोवा तू हमें उसके हाथ से बचा, कि पृथ्वी के राज्य राज्य के लोग जान लें कि केवल तू ही यहोवा है।

2 Kings 19:32 इसलिये यहोवा अश्शूर के राजा के विषय में यों कहता है कि वह इस नगर में प्रवेश करने, वरन इस पर एक तीर भी मारने न पाएगा, और न वह ढाल ले कर इसके साम्हने आने, वा इसके विरुद्ध दमदमा बनाने पाएगा।
2 Kings 19:33 जिस मार्ग से वह आया, उसी से वह लौट भी जाएगा, और इस नगर में प्रवेश न करने पाएगा, यहोवा की यही वाणी है।
2 Kings 19:34 और मैं अपने निमित्त और अपने दास दाऊद के निमित्त इस नगर की रक्षा कर के इसे बचाऊंगा।
2 Kings 19:35 उसी रात में क्या हुआ, कि यहोवा के दूत ने निकल कर अश्शूरियों की छावनी में एक लाख पचासी हजार पुरुषों को मारा, और भोर को जब लोग सबेरे उठे, तब देखा, कि लोथ ही लोथ पड़ी हैं।
2 Kings 19:36 तब अश्शूर का राजा सन्हेरीब चल दिया, और लौट कर नीनवे में रहने लगा।
2 Kings 19:37 वहां वह अपने देवता निस्रोक के मन्दिर में दण्डवत कर रहा था, कि अदेम्मेलेक और सरेसेर ने उसको तलवार से मारा, और अरारात देश में भाग गए। और उसी का पुत्र एसर्हद्दोन उसके स्थान पर राज्य करने लगा।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 30-31 
  • 2 कुरिन्थियों 11:1-15


मंगलवार, 17 सितंबर 2013

आगे की ओर

   जैसे ही मेरी नज़र उस पर पड़ी, उस पहली ही नज़र में मुझे उस से प्यार हो गया। वह बहुत साफ-सुथरी और खूबसूरत थी, उसकी चमक देखते ही बनती थी, वह अति मनमोहक थी। प्रयुक्त कारों की उस दुकान में 1962 मॉडल की उस फोर्ड थन्डरबर्ड पर नज़र पड़ते ही मैं उसकी ओर आकर्षित हुआ, और मेरे मन में यह निश्चय हो गया कि मेरे लिए बस यही कार है, और मैंने $800 देकर अपनी पहली कार खरीद ली। लेकिन मैं अपनी नई कार के बारे में एक समस्या से अनजान था, जो थोड़े ही समय में प्रकट हो गई - वह केवल आगे की ओर ही जा सकती थी, उसमें कार को पीछे ले जाने वाला रिवर्स गियर नहीं था!

   यद्यपि कार चलाने में पीछे की ओर ना जा सकना एक समस्या हो सकती है, लेकिन जीवन के लिए मेरी उस थन्डरबर्ड कार के समान पीछे की ओर ना जा पाना साधारणतया अच्छा ही होता है, विशेषतः हम मसीही विश्वासियों के लिए। हमारे उद्धारकर्ता प्रभु यीशु के साथ हमारी जीवन यात्रा में हमें पीछे की ओर लौट जाने का इनकार करते हुए निरन्तर आगे ही बढ़ते रहना है। जैसे प्रेरित पौलुस ने कहा, "हे भाइयों, मेरी भावना यह नहीं कि मैं पकड़ चुका हूं: परन्तु केवल यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है" (फिलिप्पियों 3:13-14)।

   यह आगे की ओर बढ़ते रहने का सबक सीखना उन इस्त्राएलियों के लिए आवश्यक था जिन्हें मिस्त्र की गुलामी से निकालकर, मूसा वाचा किए हुए दूध और मधु की धाराओं वाले कनान देश की ओर ले कर जा रहा था। हर परेशानी या किसी भी अनेपक्षित परिस्थिति के आते ही वे इस्त्राएली तुरंत मिस्त्र में बिताए गए जीवन को स्मरण कर के वापस वहाँ लौट जाने की बात करने लगते थे। यद्यपि परमेश्वर ने अनेकों आश्चर्यकर्मों के द्वारा और बारंबार उन्हें समस्याओं से निकालने के द्वारा यह प्रमाणित किया था कि वह उनके साथ है, उनकी देखभाल कर रहा है और उन्हें आगे लेकर जाने में सक्षम है, लेकिन वे फिर भी पीछे की ओर लौट जाने की चेष्टा करते रहते थे, और उनकी यही प्रवृति उनके लिए बहुत बड़ी समस्या का कारण बन गई - जो कुछ दिनों की यात्रा होनी थी, वही उनके लिए 40 वर्ष तक जंगल में भटकते रहने का कारण बन गई जब तक कि परमेश्वर पर अविश्वास करने वाली पीढ़ी के लोग खत्म नहीं हो गए, और उनके बाद फिर उनके बच्चे ही उस आशीष की भूमि कनान में प्रवेश करने पाए।

   हम मसीही विश्वासियों को भी अपनी विश्वास यात्रा में अनेकों समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। लेकिन हमें यह विश्वास बनाए रखना होगा कि जो परमेश्वर उन समस्याओं को हमारे जीवनों में आने देगा, वही उनका सामना करने योग्य सामर्थ भी देगा और उनके निवारण का मार्ग भी। वह हमें कभी अकेला और असहाय नहीं छोड़ेगा। इसलिए हमें कभी वापस संसार के जीवन की ओर नहीं वरन सदा ही आगे की ओर, आशीषों की ओर ही अग्रसर रहना है। जीवन की गाड़ी में रिवर्स गियर का ना होना हम मसीही विश्वासियों के लिए तो अवश्य ही लाभदयक है! - डेव ब्रैनन


जब संकट का सामना करना पड़े तब परमेश्वर पर भरोसा रखते हुए आगे की ओर ही बढ़ते रहें।

तब मूसा और हारून ने सारे इस्राएलियों से कहा, सांझ को तुम जान लोगे कि जो तुम को मिस्र देश से निकाल ले आया है वह यहोवा है। - निर्गमन 16:6

बाइबल पाठ: निर्गमन 16:1-12
Exodus 16:1 फिर एलीम से कूच कर के इस्राएलियों की सारी मण्डली, मिस्र देश से निकलने के महीने के दूसरे महीने के पंद्रहवे दिन को, सीन नाम जंगल में, जो एलीम और सीनै पर्वत के बीच में है, आ पहुंची।
Exodus 16:2 जंगल में इस्राएलियों की सारी मण्डली मूसा और हारून के विरुद्ध बकझक करने लगी।
Exodus 16:3 और इस्राएली उन से कहने लगे, कि जब हम मिस्र देश में मांस की हांडियों के पास बैठकर मनमाना भोजन खाते थे, तब यदि हम यहोवा के हाथ से मार डाले भी जाते तो उत्तम वही था; पर तुम हम को इस जंगल में इसलिये निकाल ले आए हो कि इस सारे समाज को भूखों मार डालो।
Exodus 16:4 तब यहोवा ने मूसा से कहा, देखो, मैं तुम लोगों के लिये आकाश से भोजन वस्तु बरसाऊंगा; और ये लोग प्रतिदिन बाहर जा कर प्रतिदिन का भोजन इकट्ठा करेंगे, इस से मैं उनकी परीक्षा करूंगा, कि ये मेरी व्यवस्था पर चलेंगे कि नहीं।
Exodus 16:5 और ऐसा होगा कि छठवें दिन वह भोजन और दिनों से दूना होगा, इसलिये जो कुछ वे उस दिन बटोरें उसे तैयार कर रखें।
Exodus 16:6 तब मूसा और हारून ने सारे इस्राएलियों से कहा, सांझ को तुम जान लोगे कि जो तुम को मिस्र देश से निकाल ले आया है वह यहोवा है।
Exodus 16:7 और भोर को तुम्हें यहोवा का तेज देख पडेगा, क्योंकि तुम जो यहोवा पर बुड़बुड़ाते हो उसे वह सुनता है। और हम क्या हैं, कि तुम हम पर बुड़बुड़ाते हो?
Exodus 16:8 फिर मूसा ने कहा, यह तब होगा जब यहोवा सांझ को तुम्हें खाने के लिये मांस और भोर को रोटी मनमाने देगा; क्योंकि तुम जो उस पर बुड़बुड़ाते हो उसे वह सुनता है। और हम क्या हैं? तुम्हारा बुड़बुड़ाना हम पर नहीं यहोवा ही पर होता है।
Exodus 16:9 फिर मूसा ने हारून से कहा, इस्राएलियों की सारी मण्डली को आज्ञा दे, कि यहोवा के साम्हने वरन उसके समीप आवे, क्योंकि उसने उनका बुड़बुड़ाना सुना है।
Exodus 16:10 और ऐसा हुआ कि जब हारून इस्राएलियों की सारी मण्डली से ऐसी ही बातें कर रहा था, कि उन्होंने जंगल की ओर दृष्टि कर के देखा, और उन को यहोवा का तेज बादल में दिखलाई दिया।
Exodus 16:11 तब यहोवा ने मूसा से कहा,
Exodus 16:12 इस्राएलियों का बुड़बुड़ाना मैं ने सुना है; उन से कह दे, कि गोधूलि के समय तुम मांस खाओगे और भोर को तुम रोटी से तृप्त हो जाओगे; और तुम यह जान लोगे कि मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 27-29 
  • 2 कुरिन्थियों 10


सोमवार, 16 सितंबर 2013

साथी

   परमेश्वर के वचन बाइबल की एक घटना है: इस्त्राएल और फिलिस्तियों में युद्ध ठना हुआ था। जब इस्त्राएल का राजा शाउल अपनी सेना के लोगों के साथ पेड़ के नीचे आराम कर रहा था तो उसका पुत्र योनातान अपने हथियार ढोने वाले साथी के साथ चुपचाप से निकल पड़ा, इस विश्वास से कि "...आ, हम उन खतनारहित लोगों की चौकी के पास जाएं; क्या जाने यहोवा हमारी सहायता करे; क्योंकि यहोवा को कुछ रोक नहीं, कि चाहे तो बहुत लोगों के द्वारा चाहे थोड़े लोगों के द्वारा छुटकारा दे" (1 शमूएल 14:6)।

   योनातान और उसका साथी हथियार वाहक एक ऐसी घाटी से होकर जाने को थे जिसके दोनों ओर एक एक चट्टान थी और चट्टान के पार ना जाने कितने पलिश्ती थे। जब योनातान ने कहा कि चल हम वहाँ चलें तो उसके हथियार वाहक साथी ने बिना हिचकिचाए कहा, "...जो कुछ तेरे मन में हो वही कर; उधर चल, मैं तेरी इच्छा के अनुसार तेरे संग रहूंगा" (1 शमूएल 14:7)। तब वे दोनों उन चट्टानों पर चढ़कर दूसरी ओर आ गए और परमेश्वर की सहायता से शत्रु फिलिस्तियों पर जयवंत हुए (पद 8-14)। हमें योनातान के उस जवान हथियार वाहक साथी की दाद देनी होगी, जिसने उसके हथियार भी ढोए और उसके साथ भी बना रहा, और जिन जिन फिलिस्तियों को योनातान घायल करता जा रहा था, वह जवान उन्हें घात भी करता जा रहा था।

   आज शैतान की युक्तियों, षड़यंत्रों और सेनाओं का सामना करने और उन्हें परास्त करने के लिए भी योनातान के समान परमेश्वर पर विश्वास करके, जोखिम उठाकर कार्य करने वाले योद्धा चाहिएं लेकिन साथ ही उस हथियार वाहक जवान के समान उन योद्धाओं की सहायता करने और उनके साथ बने रहने वाले साथी भी चाहिएं। क्या आप ऐसे साथी बनकर किसी मसीही विश्वासी के साथ खड़े होने को तैयार हैं? क्या आप योनातान के समान विश्वास में आगे बढ़कर परमेश्वर के लिए अन्धकार की सेनाओं के साथ युद्ध करने निकलने को तैयार हैं? - डेव एग्नर


अगुवे सर्वश्रेष्ठ अगुवाई तभी कर सकते हैं जब लोग उनके साथ खड़े होने को तैयार हों।

उसके हथियार ढोने वाले ने उस से कहा, जो कुछ तेरे मन में हो वही कर; उधर चल, मैं तेरी इच्छा के अनुसार तेरे संग रहूंगा। - 1 शमूएल 14:7

बाइबल पाठ: 1 शमूएल 14:1-14
1 Samuel 14:1 एक दिन शाऊल के पुत्र योनातान ने अपने पिता से बिना कुछ कहे अपने हथियार ढोने वाले जवान से कहा, आ, हम उधर पलिश्तियों की चौकी के पास चलें।
1 Samuel 14:2 शाऊल तो गिबा के सिरे पर मिग्रोन में के अनार के पेड़ के तले टिका हुआ था, और उसके संग के लोग कोई छ: सौ थे;
1 Samuel 14:3 और एली जो शीलो में यहोवा का याजक था, उसके पुत्र पिनहास का पोता, और ईकाबोद के भाई, अहीतूब का पुत्र अहिय्याह भी एपोद पहिने हुए संग था। परन्तु उन लोगों को मालूम न था कि योनातान चला गया है।
1 Samuel 14:4 उन घाटियों के बीच में, जिन से हो कर योनातान पलिश्तियों की चौकी को जाना चाहता था, दोनों अलंगों पर एक एक नोकीली चट्टान थी; एक चट्टान का नाम तो बोसेस, और दूसरी का नाम सेने था।
1 Samuel 14:5 एक चट्टान तो उत्तर की ओर मिकमाश के साम्हने, और दूसरी दक्खिन की ओर गेबा के साम्हने खड़ी है।
1 Samuel 14:6 तब योनातान ने अपने हथियार ढोने वाले जवान से कहा, आ, हम उन खतनारहित लोगों की चौकी के पास जाएं; क्या जाने यहोवा हमारी सहायता करे; क्योंकि यहोवा को कुछ रोक नहीं, कि चाहे तो बहुत लोगों के द्वारा चाहे थोड़े लोगों के द्वारा छुटकारा दे।
1 Samuel 14:7 उसके हथियार ढोने वाले ने उस से कहा, जो कुछ तेरे मन में हो वही कर; उधर चल, मैं तेरी इच्छा के अनुसार तेरे संग रहूंगा।
1 Samuel 14:8 योनातान ने कहा, सुन, हम उन मनुष्यों के पास जा कर अपने को उन्हें दिखाएं।
1 Samuel 14:9 यदि वे हम से यों कहें, हमारे आने तक ठहरे रहो, तब तो हम उसी स्थान पर खड़े रहें, और उनके पास न चढ़ें।
1 Samuel 14:10 परन्तु यदि वे यह कहें, कि हमारे पास चढ़ आओ, तो हम यह जानकर चढ़ें, कि यहोवा उन्हें हमारे साथ कर देगा। हमारे लिये यही चिन्ह हो।
1 Samuel 14:11 तब उन दोनों ने अपने को पलिश्तियों की चौकी पर प्रगट किया, तब पलिश्ती कहने लगे, देखो, इब्री लोग उन बिलों में से जहां वे छिप रहे थे निकले आते हैं।
1 Samuel 14:12 फिर चौकी के लोगों ने योनातान और उसके हथियार ढोन वाले से पुकार के कहा, हमारे पास चढ़ आओ, तब हम तुम को कुछ सिखाएंगे। तब योनातान ने अपने हथियार ढोन वाले से कहा मेरे पीछे पीछे चढ़ आ; क्योंकि यहोवा उन्हें इस्राएलियों के हाथ में कर देगा।
1 Samuel 14:13 और योनातान अपने हाथों और पावों के बल चढ़ गया, और उसका हथियार ढोने वाला भी उसके पीछे पीछे चढ़ गया। और पलिश्ती योनातान के साम्हने गिरते गए, और उसका हथियार ढोने वाला उसके पीछे पीछे उन्हें मारता गया।
1 Samuel 14:14 यह पहिला संहार जो योनातान और उसके हथियार ढोने वाले से हुआ, उस में आधे बीघे भूमि में बीस एक पुरूष मारे गए।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 25-26 
  • 2 कुरिन्थियों 9


रविवार, 15 सितंबर 2013

सहायक

   एक दिन मैंने अपने छोटे बेटे को, जिसने अभी स्कूल जाना भी आरंभ नहीं किया था, एक वज़नदार वस्तु उठाने का प्रयास करते देखा। उसकी आंखों में दृढ़ता थी, ज़ोर लगाने से उसके चेहरा तमतमाया हुआ सुर्ख हो गया था और वह वस्तु उससे हिल भी नहीं पार ही थी, लेकिन वह अपना भरपूर ज़ोर लगाकर उसे उठाने के प्रयास में हुआ था। मैंने उसकी सहायता करने की पेशकश करी और हम दोनों ने मिलकर उसे उठा लिया। मेरे लिए उस वस्तु का वज़न कुछ खास नहीं था; जो उसके लिए बहुत भारी और कठिन कार्य था वह मेरे लिए हलका और सरल था।

   प्रभु यीशु का भी यही दृष्टिकोण हमें कठिन लगने वाले कार्यों के प्रति होता है। जो जीवन हमें कठिनाईयों, परेशानियों, असंभवताओं से भरा लगता है वह प्रभु यीशु के लिए कोई कठिनाई, परेशानी या असंभवतापूर्ण नहीं है। इसीलिए उसने हम सब को यह निमंत्रण दिया है: "हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा" (मत्ती 11:28)।

   क्या आप एक के बाद एक आ रही समस्याओं से परेशान हैं? क्या तनाव और चिंता ने आपको दबा रखा है? क्या इन बातों से निकलने और उभरने का कोई मार्ग आपको सूझ नहीं पड़ रहा है? ध्यान करिए, प्रभु यीशु का निमंत्रण आपके लिए भी है; उसके द्वारा मिलने वाले हल आपकी हर समस्या का वास्तविक और सर्वोत्तम हल हैं। प्रार्थना में उसके सम्मुख आकर उस पर विश्वास के साथ अपनी समस्या उसके सामर्थी हाथों में सौंप दीजिए; वह हर बात को संभालने में सक्षम है (भजन 55:22)। उससे आग्रह करें कि वह हर बात में आपका मार्गदर्शन और सहायता करे। आपके बोझों को बाँटकर वह आपके मन को विश्राम देगा। उसके मार्गों को अपना लें क्योंकि उसका जुआ सहज और उसका बोझ हलका है। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


प्रार्थना वह स्थान है जहाँ बोझ उतारे जाते हैं।

अपना बोझ यहोवा पर डाल दे वह तुझे सम्भालेगा; वह धर्मी को कभी टलने न देगा। - भजन 55:22

बाइबल पाठ: मत्ती 11:25-30
Matthew 11:25 उसी समय यीशु ने कहा, हे पिता, स्वर्ग और पृथ्वी के प्रभु; मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, कि तू ने इन बातों को ज्ञानियों और समझदारों से छिपा रखा, और बालकों पर प्रगट किया है।
Matthew 11:26 हां, हे पिता, क्योंकि तुझे यही अच्छा लगा।
Matthew 11:27 मेरे पिता ने मुझे सब कुछ सौंपा है, और कोई पुत्र को नहीं जानता, केवल पिता; और कोई पिता को नहीं जानता, केवल पुत्र और वह जिस पर पुत्र उसे प्रगट करना चाहे।
Matthew 11:28 हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा।
Matthew 11:29 मेरा जूआ अपने ऊपर उठा लो; और मुझ से सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दीन हूं: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे।
Matthew 11:30 क्योंकि मेरा जूआ सहज और मेरा बोझ हल्का है।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 22-24 
  • 2 कुरिन्थियों 8



शनिवार, 14 सितंबर 2013

चुनने को स्वतंत्र

   जब यह ज्ञात हुआ कि 2011 की कॉलेज की सबसे बड़ा फुटबॉल स्पर्धा जिस दिन होनी तय करी गई थी वह यहूदी धर्म मानने वाले लोगों के सबसे महत्वपूर्ण दिन योम किप्पूर दिवस वाले दिन थी तो टेक्सस विश्वविद्यालय के छात्र संघ ने अधिकारियों से प्रार्थना करी कि वे दिन को बदल दें, क्योंकि यह यहूदी छात्रों के प्रति अन्यायपूर्ण होता कि वे अपने धर्म के पालन के लिए योम किप्पूर को मनाएं या फुटबॉल खेल के प्रति अपने लगाव के अन्तर्गत उस स्पर्धा को देखें। लेकिन स्पर्धा की तिथि बदली नहीं गई, अब यह उन यहूदी छात्रों पर था कि वे किस को चुनेंगे और किस को छोड़ेंगे। धार्मिक स्वतंत्रता वाले देशों में भी धर्म में आस्था रखने वालों को कठिन चुनाव करने होते हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के एक नायक, दानिय्येल को भी ऐसे ही चुनाव करने पड़े थे, परन्तु उसने हर परिस्थिति और परेशानी का सामना करते हुए भी परमेश्वर की आज्ञाकारिता और आदर को सर्वोपरि बनाए रखा। जब दानिय्येल के राजनैतिक विरोधियों ने उसकी धार्मिकता पर आधारित षड़यंत्र रचकर उसे मरवा देने के लिए राजा से सर्वथा अनुचित कानून बनवा कर लागू करवा दिया, तो दानिय्येल ने ना तो उस कानून को चुनौती दी और ना ही शिकायत करी कि उसे फंसाया जा रहा है। सब जानते और समझते हुए भी, "जब दानिय्येल को मालूम हुआ कि उस पत्र पर हस्ताक्षर किया गया है, तब वह अपने घर में गया जिसकी उपरौठी कोठरी की खिड़कियां यरूशलेम के सामने खुली रहती थीं, और अपनी रीति के अनुसार जैसा वह दिन में तीन बार अपने परमेश्वर के साम्हने घुटने टेक कर प्रार्थना और धन्यवाद करता था, वैसा ही तब भी करता रहा" (दानिय्येल 6:10)।

   दानिय्येल यह तो जानता था कि षड़यंत्र के अन्तर्गत जारी करी गई राज आज्ञा की अवहेलना का परिणाम था शेरों के सामने फेंके जाकर मृत्युदण्ड पाना। वह यह नहीं जानता था कि परमेश्वर उसे इस दण्ड से बचाएगा कि नहीं; किंतु उसे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता था। उसके जीवन का ध्येय था अपने जीवन से परमेश्वर को आदर देना, चाहे इसके लिए उसे कुछ भी क्यों ना सहना पड़े, और जीवन-मृत्यु की इस परिस्थिति में भी उसने परमेश्वर की आज्ञाकारिता और आदर को ही चुना और अन्ततः वह मृत्यु से भी बच गया, उसके सभी राजनैतिक विरोधी राज आज्ञा द्वारा ही घात करवा दिए गए और वह राजा के सम्मुख और अधिक आदर का पात्र भी बन गया।

   दानिय्येल के समान ही हम भी जीवन की भिन्न परिस्थितियों में सही या गलत में से एक चुनने को स्वतंत्र हैं। जो परमेश्वर को चुनते हैं वे कभी हानि में नहीं रहते, इसलिए सांसारिक रीति पर परिस्थिति कितनी भी विकट एवं दुखदायी क्यों ना लगे, अपना चुनाव सांसारिक नहीं परमेश्वरीय ही रखें। - डेविड मैक्कैसलैंड


मसीह यीशु के अनुसरण का चुनाव करने से आप कभी गलत नहीं हो सकते।

परमेश्वर का नाम युगानुयुग धन्य है; क्योंकि बुद्धि और पराक्रम उसी के हैं। समयों और ऋतुओं को वही पलटता है; राजाओं का अस्त और उदय भी वही करता है; बुद्धिमानों को बुद्धि और समझ वालों को समझ भी वही देता है; वही गूढ़ और गुप्त बातों को प्रगट करता है; वह जानता है कि अन्धियारे में क्या है, और उसके संग सदा प्रकाश बना रहता है। - दानिय्येल 2:20-22

बाइबल पाठ: दानिय्येल 6:1-10
Daniel 6:1 दारा को यह अच्छा लगा कि अपने राज्य के ऊपर एक सौ बीस ऐसे अधिपति ठहराए, जो पूरे राज्य में अधिकार रखें।
Daniel 6:2 और उनके ऊपर उसने तीन अध्यक्ष, जिन में से दानिय्येल एक था, इसलिये ठहराए, कि वे उन अधिपतियों से लेखा लिया करें, और इस रीति राजा की कुछ हानि न होने पाए।
Daniel 6:3 जब यह देखा गया कि दानिय्येल में उत्तम आत्मा रहती है, तब उसको उन अध्यक्षों और अधिपतियों से अधिक प्रतिष्ठा मिली; वरन राजा यह भी सोचता था कि उसको सारे राज्य के ऊपर ठहराए।
Daniel 6:4 तब अध्यक्ष और अधिपति राजकार्य के विषय में दानिय्येल के विरुद्ध दोष ढूंढ़ने लगे; परन्तु वह विश्वासयोग्य था, और उसके काम में कोई भूल वा दोष न निकला, और वे ऐसा कोई अपराध वा दोष न पा सके।
Daniel 6:5 तब वे लोग कहने लगे, हम उस दानिय्येल के परमेश्वर की व्यवस्था को छोड़ और किसी विषय में उसके विरुद्ध कोई दोष न पा सकेंगे।
Daniel 6:6 तब वे अध्यक्ष और अधिपति राजा के पास उतावली से आए, और उस से कहा, हे राजा दारा, तू युगयुग जीवित रहे।
Daniel 6:7 राज्य के सारे अध्यक्षों ने, और हाकिमों, अधिपतियों, न्यायियों, और गवर्नरों ने भी आपास में सम्मति की है, कि राजा ऐसी आज्ञा दे और ऐसी कड़ी आज्ञा निकाले, कि तीस दिन तक जो कोई, हे राजा, तुझे छोड़ किसी और मनुष्य वा देवता से बिनती करे, वह सिंहों की मान्द में डाल दिया जाए।
Daniel 6:8 इसलिये अब हे राजा, ऐसी आज्ञा दे, और इस पत्र पर हस्ताक्षर कर, जिस से यह बात मादियों और फारसियों की अटल व्यवस्था के अनुसार अदल-बदल न हो सके।
Daniel 6:9 तब दारा राजा ने उस आज्ञा पत्र पर हस्ताक्षर कर दिया।
Daniel 6:10 जब दानिय्येल को मालूम हुआ कि उस पत्र पर हस्ताक्षर किया गया है, तब वह अपने घर में गया जिसकी उपरौठी कोठरी की खिड़कियां यरूशलेम के सामने खुली रहती थीं, और अपनी रीति के अनुसार जैसा वह दिन में तीन बार अपने परमेश्वर के साम्हने घुटने टेक कर प्रार्थना और धन्यवाद करता था, वैसा ही तब भी करता रहा।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 19-21 
  • 2 कुरिन्थियों 7


शुक्रवार, 13 सितंबर 2013

विस्मरण

   चीन की पारंपरिक लिखित भाषा वर्ण नहीं वरन चित्रों पर आधारित है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि चीन की युवा पीढ़ी उस भाषा के लेखन कला को भूलती जा रही है। यह इसलिए क्योंकि कंप्यूटर और स्मार्ट फोन के अत्याधिक प्रचलन और उपयोग के कारण चीनी युवा उन चित्रों को भूलते जा रहे हैं जिन्हें उन्होंने बचपन में सीखा तो था परन्तु अब उन्हें लिखना नहीं पड़ता। एक व्यक्ति ने कहा कि अब अपने हाथ से लोगों को केवल अपने नाम या रहने के पते ही भरने होते हैं अन्य कुछ नहीं, इसलिए अब चित्रों पर आधारित भाषा के लेखन कला का विस्मरण सामान्य सा हो गया है।

   कुछ लोग एक अन्य प्रकार के विस्मरण के शिकार हो जाते हैं - उन में चित्रों का नहीं वरन चरित्र का विस्मरण पाया जाता है। उनका जब कभी किसी दुविधा से सामना होता है, वे यह "भुला कर" कि उस परिस्थिति में करने के लिए सही क्या है, वह करना पसन्द करते हैं जो सरल है, चाहे वह गलत ही क्यों ना हो।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में एक चरित्र है अय्युब, जिसके विषय में स्वयं परमेश्वर की गवाही थी कि "...उसके तुल्य खरा और सीधा और मेरा भय मानने वाला और बुराई से दूर रहने वाला मनुष्य और कोई नहीं है" (अय्युब 1:8)। जब शैतान ने अय्युब के चरित्र पर शक किया और उसे परखना चाहा तो परमेश्वर ने अय्युब के परखे जाने की अनुमति दे दी और शैतान ने एक एक करके अय्युब का सब कुछ छीन लिया - उसके बच्चे, उसकी संपत्ति और उसका स्वास्थ्य भी। किंतु "इन सब बातों में भी अय्यूब ने न तो पाप किया, और न परमेश्वर पर मूर्खता से दोष लगाया" (अय्युब 1:22)। शैतान ने अय्युब के चरित्र के विषय परमेश्वर के आंकलन को चुनौती दी थी, परन्तु इन अत्यंत पीड़ा और परेशानियों से भरे समयों में भी अय्युब ने अपने चरित्र में कोई खोट नहीं आने दी, और शैतान का दावा गलत प्रमाणित हो गया।

   चरित्र विस्मरण नहीं हो सकता क्योंकि, वह कोई विस्मरण की वस्तु नहीं है; हमारा चरित्र वही है जो हम हैं। यदि कोई चरित्र "भूल" जाता है तो वह गलती से नहीं वरन जानते-बूझते किया गया कार्य है। - सिंडी हैस्स कैस्पर


संपत्ति गँवाई तो कुछ गँवाया; स्वास्थ्य गँवाया तो काफी कुछ गँवाया; चरित्र गँवाया तो सब कुछ गँवा दिया।

ऊज़ देश में अय्यूब नाम एक पुरुष था; वह खरा और सीधा था और परमेश्वर का भय मानता और बुराई से परे रहता था। - अय्युब 1:1 

बाइबल पाठ: अय्युब 1:9-22
Job 1:9 शैतान ने यहोवा को उत्तर दिया, क्या अय्यूब परमेश्वर का भय बिना लाभ के मानता है?
Job 1:10 क्या तू ने उसकी, और उसके घर की, और जो कुछ उसका है उसके चारों ओर बाड़ा नहीं बान्धा? तू ने तो उसके काम पर आशीष दी है,
Job 1:11 और उसकी संपत्ति देश भर में फैल गई है। परन्तु अब अपना हाथ बढ़ाकर जो कुछ उसका है, उसे छू; तब वह तेरे मुंह पर तेरी निन्दा करेगा।
Job 1:12 यहोवा ने शैतान से कहा, सुन, जो कुछ उसका है, वह सब तेरे हाथ में है; केवल उसके शरीर पर हाथ न लगाना। तब शैतान यहोवा के साम्हने से चला गया।
Job 1:13 एक दिन अय्यूब के बेटे-बेटियां बड़े भाई के घर में खाते और दाखमधु पी रहे थे;
Job 1:14 तब एक दूत अय्यूब के पास आकर कहने लगा, हम तो बैलों से हल जोत रहे थे, और गदहियां उनके पास चर रही थीं,
Job 1:15 कि शबा के लोग धावा कर के उन को ले गए, और तलवार से तेरे सेवकों को मार डाला; और मैं ही अकेला बचकर तुझे समाचार देने को आया हूँ।
Job 1:16 वह अभी यह कह ही रहा था कि दूसरा भी आकर कहने लगा, कि परमेश्वर की आग आकाश से गिरी और उस से भेड़-बकरियां और सेवक जलकर भस्म हो गए; और मैं ही अकेला बचकर तुझे समाचार देने को आया हूँ।
Job 1:17 वह अभी यह कह ही रहा था, कि एक और भी आकर कहने लगा, कि कसदी लोग तीन गोल बान्धकर ऊंटों पर धावा कर के उन्हें ले गए, और तलवार से तेरे सेवकों को मार डाला; और मैं ही अकेला बचकर तुझे समाचार देने को आया हूँ।
Job 1:18 वह अभी यह कह ही रहा था, कि एक और भी आकर कहने लगा, तेरे बेटे-बेटियां बड़े भाई के घर में खाते और दाखमधु पीते थे,
Job 1:19 कि जंगल की ओर से बड़ी प्रचण्ड वायु चली, और घर के चारों कोनों को ऐसा झोंका मारा, कि वह जवानों पर गिर पड़ा और वे मर गए; और मैं ही अकेला बचकर तुझे समाचार देने को आया हूँ।
Job 1:20 तब अय्यूब उठा, और बागा फाड़, सिर मुंड़ाकर भूमि पर गिरा और दण्डवत्‌ कर के कहा,
Job 1:21 मैं अपनी मां के पेट से नंगा निकला और वहीं नंगा लौट जाऊंगा; यहोवा ने दिया और यहोवा ही ने लिया; यहोवा का नाम धन्य है।
Job 1:22 इन सब बातों में भी अय्यूब ने न तो पाप किया, और न परमेश्वर पर मूर्खता से दोष लगाया।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 16-18 
  • 2 कुरिन्थियों 6


गुरुवार, 12 सितंबर 2013

धन्य निश्चय

   मैं एक सज्जन से बात कर रहा था, हाल ही में उसकी पत्नि का देहान्त हुआ था। उस सज्जन ने मेरे साथ एक आप-बीति बाँटी - उसकी पत्नि के देहान्त के बारे में जानने के बाद उसके एक मित्र ने उससे कहा, "मुझे शोक है कि आपने अपनी पत्नि खो दी है"; और उसने अपने उस मित्र को तुरंत उत्तर दिया, "अरे नहीं, मेरी पत्नि खोई नहीं है, मुझे निश्चित पता है कि वह अब कहाँ है!"

   कुछ लोगों को यह एक बहुत बेबाक अथवा परिहास पूर्ण दावा लग सकता है। मृत्योपरांत होने वाली बातों के अनेकों दावे मौजूद होने के कारण, हम यह कैसे जान सकते हैं कि कौन सा दावा सही है और विश्वासयोग्य है? हम यह कैसे जान सकते हैं कि मृत्योपरांत हमारे प्रीय जन कहाँ गए हैं और हम भी उस दशा में कहाँ जाएंगे?

   लेकिन मसीही विश्वासियों के लिए मसीही दावों पर विश्वास रखना सर्वथा उपयुक्त है क्योंकि हमें परमेश्वर के वचन से यह आश्वासन है कि मृत्यु के तुरंत बाद हम अपने उद्धारकर्ता प्रभु यीशु के पास उसके साथ होंगे (2 कुरिन्थियों 5:8); और यह मात्र अभिलाषी विचार नहीं है। यह विश्वास प्रभु यीशु की एतिहासिक सच्चाई पर आधारित है। उस प्रभु यीशु की जो संसार में आया, समस्त मानव जाति के पापों के लिए अपने आप को बलिदान किया, जिससे हमारे पापों का दोष और दण्ड रद्द हो सके तथा हम अनन्त जीवन प्राप्त कर सकें (रोमियों 6:23)। अपनी मृत्योपरांत उसने मृतकों से वापस आकर मृतकों के पुनरुत्थान को प्रमाणित किया और अपने स्वार्गारोहण द्वारा स्वर्ग में अनन्तजीवन का विश्वास बंधाया, जहाँ वह हमारे लिए स्थान तैयार कर रहा है और हमें ले जाने तथा अपने साथ रखने के लिए एक दिन फिर वापस आएगा (यूहन्ना 14:2)।

   इसलिए आनन्दित रहो, क्योंकि प्रभु यीशु मसीह के दावों की सच्चाई के लाभ अलौकिक हैं, इसलिए हम भी पौलुस के साथ निर्भीक हो कर कह सकते हैं, "इसलिये हम ढाढ़स बान्‍धे रहते हैं, और देह से अलग हो कर प्रभु के साथ रहना और भी उत्तम समझते हैं" (2 कुरिन्थियों 5:8)। - जो स्टोवैल


मसीही विश्वासी के लिए मृत्यु का अर्थ है स्वर्ग, आनन्द और अनन्त काल तक मसीह यीशु का साथ।

क्योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनन्त जीवन है। - रोमियों 6:23

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 5:1-10
2 Corinthians 5:1 क्योंकि हम जानते हैं, कि जब हमारा पृथ्वी पर का डेरा सरीखा घर गिराया जाएगा तो हमें परमेश्वर की ओर से स्वर्ग पर एक ऐसा भवन मिलेगा, जो हाथों से बना हुआ घर नहीं परन्तु चिरस्थाई है।
2 Corinthians 5:2 इस में तो हम कराहते, और बड़ी लालसा रखते हैं; कि अपने स्‍वर्गीय घर को पहिन लें।
2 Corinthians 5:3 कि इस के पहिनने से हम नंगे न पाए जाएं।
2 Corinthians 5:4 और हम इस डेरे में रहते हुए बोझ से दबे कराहते रहते हैं; क्योंकि हम उतारना नहीं, वरन और पहिनना चाहते हैं, ताकि वह जो मरनहार है जीवन में डूब जाए।
2 Corinthians 5:5 और जिसने हमें इसी बात के लिये तैयार किया है वह परमेश्वर है, जिसने हमें बयाने में आत्मा भी दिया है।
2 Corinthians 5:6 सो हम सदा ढाढ़स बान्‍धे रहते हैं और यह जानते हैं; कि जब तक हम देह में रहते हैं, तब तक प्रभु से अलग हैं।
2 Corinthians 5:7 क्योंकि हम रूप को देखकर नहीं, पर विश्वास से चलते हैं।
2 Corinthians 5:8 इसलिये हम ढाढ़स बान्‍धे रहते हैं, और देह से अलग हो कर प्रभु के साथ रहना और भी उत्तम समझते हैं।
2 Corinthians 5:9 इस कारण हमारे मन की उमंग यह है, कि चाहे साथ रहें, चाहे अलग रहें पर हम उसे भाते रहें।
2 Corinthians 5:10 क्योंकि अवश्य है, कि हम सब का हाल मसीह के न्याय आसन के साम्हने खुल जाए, कि हर एक व्यक्ति अपने अपने भले बुरे कामों का बदला जो उसने देह के द्वारा किए हों पाए।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 13-15 
  • 2 कुरिन्थियों 5