ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

गुरुवार, 2 अप्रैल 2015

रात्रि और अन्धकार


   मैं एक व्यावसायिक दौरे पर फिलेडेलफिया में था और वहाँ ईस्टर पूर्व के गुरुवार को सन्ध्या काल में एक छोटे आराधनालय में आयोजित करी जाने वाली प्रभु-भोज की सभा में सम्मिलित हुआ। उस सन्ध्या को वह स्थान केवल कुछ मोमबत्तियों से ही रौशन था। प्रभु-भोज के उपरान्त परमेश्वर के वचन बाइबल में से यूहन्ना रचित सुसमाचार का एक खण्ड ऊँची आवाज़ में पढ़ा गया, फिर एक मोमबत्ती को बुझा दिया गया, और हमने प्रभु यीशु के क्रूस तक की यात्रा पर आधारित गीत का एक अन्तरा गाया। इसी प्रक्रिया को 14 बार दोहराया गया, जब तक कि वह आराधनालय पूर्णत्याः अन्धकारमय नहीं हो गया। इसके पश्चात हम सब उपस्थित लोग खामोशी में प्रार्थना करने के लिए घुटनों पर आ गए और अपनी अपनी प्रार्थना समाप्त कर के बिना कुछ बात-चीत किए वहाँ से बाहर निकल आए।

   इस प्रकार की अन्धकार में करी गई आराधना का उद्देश्य था प्रभु यीशु के क्रूस पर दिए गए बलिदान में कार्यकारी अन्धकार की बातों को स्मरण करना। प्रभु यीशु के अपने चेलों के साथ खाए गए अन्तिम भोज के बारे में विचार कीजिए, जब प्रभु ने अपने चेलों को बताया कि उनमें से एक उन्हें पकड़वाएगा (यूहन्ना 13:21-30)। केवल प्रभु यीशु ही जानते थे कि उन्हें पकड़वाने वाला वह चेला यहूदा इस्करियोती था, और जब प्रभु यीशु ने यहूदा को रोटी का टुकड़ा दिया, "तब वह टुकड़ा ले कर तुरन्त बाहर चला गया, और रात्रि का समय था" (यूहन्ना 13:30)।

   प्रभु यीशु के जीवन की सबसे अन्धकारमय रात में वे गतसमनी के बाग़ में प्रार्थना में जूझे, उसी अन्धकार में वे धोखे तथा अन्याय से गिरफतार किए गए, सारी रात धर्म के अगुवों से मिली नाजायज़ ताड़ना को सहा, अपने चेले पतरस द्वारा तीन बार किया गया इन्कार झेला, और फिर उन्हें ले जा कर क्रूस पर चढ़ा दिया गया जहाँ उन्होंने समस्त मानव जाति के पापों के लिए अपने प्राण बलिदान कर दिए।

   प्रभु यीशु ने अन्धकार और मृत्यु इसीलिए झेले ताकि हम सभी अपने अपने पापों की क्षमा पा सकें, उससे ज्योति और जीवन पा सकें। हमारे उद्धार के लिए जो कुछ प्रभु यीशु ने सह लिया उस के लिए उसकी जितनी भी स्तुति एवं प्रशंसा करी जा सके वह कम ही है। - डेविड मैक्कैसलैंड


कलवरी पर प्रभु यीशु का क्रूस हमारे पापों की निकृष्टता और परमेश्वर के प्रेम की महानता को दिखाता है।

जिसने मुझे भेजा है; हमें उसके काम दिन ही दिन में करना अवश्य है: वह रात आने वाली है जिस में कोई काम नहीं कर सकता। - यूहन्ना 9:4

बाइबल पाठ: यूहन्ना 13:21-30
John 13:21 ये बातें कहकर यीशु आत्मा में व्याकुल हुआ और यह गवाही दी, कि मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि तुम में से एक मुझे पकड़वाएगा। 
John 13:22 चेले यह संदेह करते हुए, कि वह किस के विषय में कहता है, एक दूसरे की ओर देखने लगे। 
John 13:23 उसके चेलों में से एक जिस से यीशु प्रेम रखता था, यीशु की छाती की ओर झुका हुआ बैठा था। 
John 13:24 तब शमौन पतरस ने उस की ओर सैन कर के पूछा, कि बता तो, वह किस के विषय में कहता है 
John 13:25 तब उसने उसी तरह यीशु की छाती की ओर झुक कर पूछा, हे प्रभु, वह कौन है? यीशु ने उत्तर दिया, जिसे मैं यह रोटी का टुकड़ा डुबोकर दूंगा, वही है। 
John 13:26 और उसने टुकड़ा डुबोकर शमौन के पुत्र यहूदा इस्करियोती को दिया। 
John 13:27 और टुकड़ा लेते ही शैतान उस में समा गया: तब यीशु ने उस से कहा, जो तू करता है, तुरन्त कर। 
John 13:28 परन्तु बैठने वालों में से किसी ने न जाना कि उसने यह बात उस से किस लिये कही। 
John 13:29 यहूदा के पास थैली रहती थी, इसलिये किसी किसी ने समझा, कि यीशु उस से कहता है, कि जो कुछ हमें पर्व के लिये चाहिए वह मोल ले, या यह कि कंगालों को कुछ दे। 
John 13:30 तब वह टुकड़ा ले कर तुरन्त बाहर चला गया, और रात्रि का समय था।

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 16-18
  • लूका 7:1-30


बुधवार, 1 अप्रैल 2015

विद्यमान और उपल्बध


   मैं अपने बेटे स्टीव से मिलने सैन डियागो गया हुआ था, और हम ने चाहा कि हम शैडो माउन्टेन चर्च जाकर डॉ. डेविड जेरेमाया का प्रचार सुनें। इसलिए इतवार प्रातः मैं और स्टीव जल्दी उठे और तैयार होकर, कार से एक घंटे की यात्रा करके उस चर्च में पहुँचे, लेकिन हमारी उत्सुकता निराशा में बदल गई जब हमें ज्ञात हुआ कि उस इतवार डॉ. जेरेमाया वहाँ नहीं थे, उनकी स्थान पर कोई "वैकल्पिक उपदेशक" ने उस दिन का सन्देश देना था।

   इसके कुछ सप्ताह बाद की बात है कि ग्रंड रैपिड्स में, जहाँ मैं और मेरी पत्नि चर्च जाते हैं, मुझे इतवार का सन्देश देने को कहा गया। जब मैं चर्च में उपस्थित लोगों के सामने सन्देश देने के लिए खड़ा हुआ तो मुझे आभास हुआ कि संभवतः उपस्थित कुछ लोगों के लिए, जो हमारे चर्च के पास्टर द्वारा दिया गया सन्देश सुनने की इच्छा से आए हैं, आज मैं भी वैसा ही "वैकल्पिक उपदेशक" बन गया हूँ जैसा उस दिन सैन डियागो में वह उपदेशक मेरे लिए था।

   यद्यपि जीवन में हम जाने-पहचाने लोगों के साथ व्यवहार रखने में सुरक्षा और शांति अनुभव करते हैं, लेकिन हमें यह स्मरण रखना चाहिए कि वे कभी बदले भी जा सकते हैं, उनके स्थान पर कोई अन्य आ सकता है। लेकिन हम मसीही विश्वासियों के लिए सबसे अधिक शांतिदायक बात यह है कि हमें जिसकी सबसे अधिक आवश्यकता रहती है, जिस पर हम अपने जीवन और प्रत्येक आवश्यकता के लिए निर्भर रहते हैं,  वह प्रभु परमेश्वर सदैव हमारे साथ बना रहता है (भजन 139:7-8)। जब भी हम प्रार्थना में होकर परमेश्वर के सम्मुख उपस्थित होना चाहते हैं, वह हमारे लिए सदैव उपलब्ध रहता है और सदा हमारी प्रत्येक प्रार्थना सुनता है; इसीलिए भजनकार कहता है, "सांझ को, भोर को, दोपहर को, तीनों पहर मैं दोहाई दूंगा और कराहता रहूंगा। और वह मेरा शब्द सुन लेगा" (भजन 55:17)।

   परमेश्वर के अभिलाषी और खोजी हैं - प्रभु यीशु के पास आएं; वह सभी के लिए सदा विद्यमान और उपल्बध रहता है; वह सभी से प्रेम करता है, उसके पास सबके लिए स्थान है, सब की सभी परेशानियों का समाधान है। - डेव ब्रैनन


जब आप प्रभु यीशु के पास आते हैं तो आपको किसी प्रतीक्षा-पंक्ति में खड़े नहीं होने पड़ता; वह हमारी प्रार्थना तुरंत सुनने के लिए सदैव उपल्बध रहता है।

हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा। - मत्ती 11:28

बाइबल पाठ: भजन 139:1-12
Psalms 139:1 हे यहोवा, तू ने मुझे जांच कर जान लिया है।
Psalms 139:2 तू मेरा उठना बैठना जानता है; और मेरे विचारों को दूर ही से समझ लेता है। 
Psalms 139:3 मेरे चलने और लेटने की तू भली भांति छानबीन करता है, और मेरी पूरी चालचलन का भेद जानता है। 
Psalms 139:4 हे यहोवा, मेरे मुंह में ऐसी कोई बात नहीं जिसे तू पूरी रीति से न जानता हो। 
Psalms 139:5 तू ने मुझे आगे पीछे घेर रखा है, और अपना हाथ मुझ पर रखे रहता है। 
Psalms 139:6 यह ज्ञान मेरे लिये बहुत कठिन है; यह गम्भीर और मेरी समझ से बाहर है। 
Psalms 139:7 मैं तेरे आत्मा से भाग कर किधर जाऊं? वा तेरे साम्हने से किधर भागूं? 
Psalms 139:8 यदि मैं आकाश पर चढूं, तो तू वहां है! यदि मैं अपना बिछौना अधोलोक में बिछाऊं तो वहां भी तू है! 
Psalms 139:9 यदि मैं भोर की किरणों पर चढ़ कर समुद्र के पार जा बसूं, 
Psalms 139:10 तो वहां भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा। 
Psalms 139:11 यदि मैं कहूं कि अन्धकार में तो मैं छिप जाऊंगा, और मेरे चारों ओर का उजियाला रात का अन्धेरा हो जाएगा, 
Psalms 139:12 तौभी अन्धकार तुझ से न छिपाएगा, रात तो दिन के तुल्य प्रकाश देगी; क्योंकि तेरे लिये अन्धियारा और उजियाला दोनों एक समान हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 13-15
  • लूका 6:27-49


मंगलवार, 31 मार्च 2015

खुला एवं स्पष्ट


   वॉल स्ट्रीट जर्नल अखबार में छपे एक लेख में मिस्सी सलिवन ने ध्यान दिलाया कि विभिन्न उत्पादों के साथ आने वाले उपभोक्ता अनुबन्ध, वॉरण्टी, चेतावनियाँ आदि इतने छोटे अक्षरों में लिखे होते हैं कि वे प्रायः पढ़े नहीं जा सकते। उन उत्पादों के बनाने वालों द्वारा इन बातों को अस्पष्ट जान-बूझ कर किया जाता है, जिससे लोग उन बातों को पढ़ और समझ ना सकें। इसी कारण अधिकांशतः लोग उन अनुबन्धों पर हस्ताक्षर करके उन्हें स्वीकार कर लेने से पहले उन्हें पढ़ने का कष्ट ही नहीं करते। एक विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ने इस संदर्भ में अपने नए स्मार्ट-फोन के साथ आए 32 पन्नों के अनुबन्ध को दिखाते हुए उस फोन को बनाने वाले कंपनी के विषय कहा, "वे यह चाहते ही नहीं कि आप इसे पढ़ और समझ सकें।"

   इसकी तुलना में हमारा प्रभु परमेश्वर सदैव इस प्रयास में रहता है कि वह अपने लोगों के साथ साफ और स्वीकारीय रीति से संवाद तथा संपर्क करे; उसकी सब बातें बिलकुल खुली और स्पष्ट होती हैं, किसी को उलझन में डालने या उससे छल-कपट करने की, उन्हें टेढ़ी-मेढ़ी या दोहरे अर्थ वाली बातों में फंसाने की उसकी कतई मनशा नहीं है। इस्त्राएलियों के वाचा किए हुए कनान देश से प्रवेश करने से ठीक पहले मूसा ने उन लोगों से परमेश्वर के वचन और निर्देशों के सम्बंध में कहा: "देखो, यह जो आज्ञा मैं आज तुझे सुनाता हूं, वह न तो तेरे लिये अनोखी, और न दूर है। मैं आज आकाश और पृथ्वी दोनों को तुम्हारे साम्हने इस बात की साक्षी बनाता हूं, कि मैं ने जीवन और मरण, आशीष और शाप को तुम्हारे आगे रखा है; इसलिये तू जीवन ही को अपना ले, कि तू और तेरा वंश दोनों जीवित रहें" (व्यवस्थाविवरण 30:11, 19)।

   प्रभु परमेश्वर चाहता है कि हम उसके उद्देश्यों एवं योजनाओं को खुले तौर पर जाने, उन्हें स्पष्ट रीति से समझें जिससे किसी ज़ोर-ज़बर्दस्ती के अन्तर्गत अथवा अन्ध-विश्वास में नहीं वरन पूरी तरह से जाँच-परख कर और सन्तुष्ट होकर ही हम स्वेच्छा से उसे स्वीकार करने तथा उसके साथ चलने का निर्णय लें; तब ही उसके प्रति हमारा प्रेम, विश्वास और आज्ञाकारिता सही तथा सार्थक रहने पाएंगी और इससे हमारा जीवन सफल और दीर्घायु वाला बनने पाएगा (व्यवस्थाविवरण 30:20)। - डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर की हमारे साथ बातचीत में कहीं कुछ छुपा या अस्पष्ट नहीं है।

परखकर देखो कि यहोवा कैसा भला है! क्या ही धन्य है वह पुरूष जो उसकी शरण लेता है। - भजन 34:8

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 30:11-20
Deuteronomy 30:11 देखो, यह जो आज्ञा मैं आज तुझे सुनाता हूं, वह न तो तेरे लिये अनोखी, और न दूर है। 
Deuteronomy 30:12 और न तो यह आकाश में है, कि तू कहे, कि कौन हमारे लिये आकाश में चढ़कर उसे हमारे पास ले आए, और हम को सुनाए कि हम उसे मानें? 
Deuteronomy 30:13 और न यह समुद्र पार है, कि तू कहे, कौन हमारे लिये समुद्र पार जाए, और उसे हमारे पास ले आए, और हम को सुनाए कि हम उसे मानें? 
Deuteronomy 30:14 परन्तु यह वचन तेरे बहुत निकट, वरन तेरे मुंह और मन ही में है ताकि तू इस पर चले। 
Deuteronomy 30:15 सुन, आज मैं ने तुझ को जीवन और मरण, हानि और लाभ दिखाया है। 
Deuteronomy 30:16 क्योंकि मैं आज तुझे आज्ञा देता हूं, कि अपने परमेश्वर यहोवा से प्रेम करना, और उसके मार्गों पर चलना, और उसकी आज्ञाओं, विधियों, और नियमों को मानना, जिस से तू जीवित रहे, और बढ़ता जाए, और तेरा परमेश्वर यहोवा उस देश में जिसका अधिकारी होने को तू जा रहा है, तुझे आशीष दे। 
Deuteronomy 30:17 परन्तु यदि तेरा मन भटक जाए, और तू न सुने, और भटक कर पराए देवताओं को दण्डवत करे और उनकी उपासना करने लगे, 
Deuteronomy 30:18 तो मैं तुम्हें आज यह चितौनी दिए देता हूं कि तुम नि:सन्देह नष्ट हो जाओगे; और जिस देश का अधिकारी होने के लिये तू यरदन पार जा रहा है, उस देश में तुम बहुत दिनों के लिये रहने न पाओगे। 
Deuteronomy 30:19 मैं आज आकाश और पृथ्वी दोनों को तुम्हारे साम्हने इस बात की साक्षी बनाता हूं, कि मैं ने जीवन और मरण, आशीष और शाप को तुम्हारे आगे रखा है; इसलिये तू जीवन ही को अपना ले, कि तू और तेरा वंश दोनों जीवित रहें; 
Deuteronomy 30:20 इसलिये अपने परमेश्वर यहोवा से प्रेम करो, और उसकी बात मानों, और उस से लिपटे रहो; क्योंकि तेरा जीवन और दीर्घ जीवन यही है, और ऐसा करने से जिस देश को यहोवा ने इब्राहीम, इसहाक, और याकूब, तेरे पूर्वजों को देने की शपथ खाई थी उस देश में तू बसा रहेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 11-12
  • लूका 6:1-26


सोमवार, 30 मार्च 2015

निगरानी


   मेरे घर के निकट ही अधिकारियों ने ’लाल बत्ती’ पर रुकने की आज्ञा के उल्लंघन करने वालों को पकड़ने के लिए कैमरा लगाया है। जब भी कोई ’लाल बत्ती’ पर रुके बिना गाड़ी निकाल ले जाता है तो उसके घर पर नियम के उल्लंघन का दण्ड भरने का चालान और साथ में उस उल्लंघन के प्रमाणस्वरूप उस कैमरे से लिया गया उन का फोटो पहुँचा दिया जाता है, और उन्हें वह दण्ड भरना पड़ता है।

   कभी कभी मैं परमेश्वर को भी उस कैमरे की समानता में देखता हूँ - वो वहाँ ऊपर हमारी प्रत्येक बात, प्रत्येक कार्य पर नज़र रखे हुए है, हमारा हर एक पल उसकी निगरानी में है। वह हमारे पाप भी देखता है (इब्रानियों 4:13) और हमारी भले कार्यों को भी। जब हम चर्च या किसी व्यक्ति की आवश्यकता की पूर्ति के लिए दान देते हैं तो वह हमारे दान को भी देखता है और दान के पीछे हमारी भावना को भी जानता है (मरकुस 12:41-44)। वह हमारी व्यक्तिगत प्रार्थनाएं भी सुनता है और हमारे उपवास में हमारी बाहरी दशा का भी ध्यान करता है (मत्ती 6:6, 18)।

   हमारा इस एहसास के साथ जीवन व्यतीत करना कि परमेश्वर हमारी निगरानी कर रहा है तथा हमारे बारे में सब कुछ जानता है, हमें दूसरों की नज़रों में होने से संबंधित व्यर्थ चिंताओं से बचाता है। जब हम कुछ अच्छा या सही करें तो हमें किसी अन्य देखने वाले से प्रशंसा पाने की इच्छा रखने की आवश्यकता नहीं है। यदि हम किसी पाप में पड़ें, तो उसके लिए परमेश्वर से तथा जिस को हानि पहुँची है उससे क्षमा पा लेने के पश्चात और किसी से कुछ पा लेने का ध्यान करने की भी आवश्यकता नहीं है। हम यह जानकर निश्चिंत रह सकते हैं कि, "देख, यहोवा की दृष्टि सारी पृथ्वी पर इसलिये फिरती रहती है कि जिनका मन उसकी ओर निष्कपट रहता है, उनकी सहायता में वह अपना सामर्थ दिखाए।..." (2 इतिहास 16:9)। परमेश्वर की निगरानी में रहने से बढ़कर निशचिंतता की बात और कुछ हो नहीं सकती। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


लोग देखते हैं कि हम क्या कर रहे हैं; परमेश्वर देखता है कि हम क्यों कर रहे हैं!

वह हर एक को उसके कामों के अनुसार बदला देगा। जो सुकर्म में स्थिर रहकर महिमा, और आदर, और अमरता की खोज में है, उन्हें वह अनन्त जीवन देगा। पर जो विवादी हैं, और सत्य को नहीं मानते, वरन अधर्म को मानते हैं, उन पर क्रोध और कोप पड़ेगा। - रोमियों 2:6-8

बाइबल पाठ: मत्ती 6:1-5, 16-18
Matthew 6:1 सावधान रहो! तुम मनुष्यों को दिखाने के लिये अपने धर्म के काम न करो, नहीं तो अपने स्‍वर्गीय पिता से कुछ भी फल न पाओगे। 
Matthew 6:2 इसलिये जब तू दान करे, तो अपने आगे तुरही न बजवा, जैसा कपटी, सभाओं और गलियों में करते हैं, ताकि लोग उन की बड़ाई करें, मैं तुम से सच कहता हूं, कि वे अपना फल पा चुके। 
Matthew 6:3 परन्तु जब तू दान करे, तो जो तेरा दाहिना हाथ करता है, उसे तेरा बांया हाथ न जानने पाए। 
Matthew 6:4 ताकि तेरा दान गुप्‍त रहे; और तब तेरा पिता जो गुप्‍त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा। 
Matthew 6:5 और जब तू प्रार्थना करे, तो कपटियों के समान न हो क्योंकि लोगों को दिखाने के लिये सभाओं में और सड़कों के मोड़ों पर खड़े हो कर प्रार्थना करना उन को अच्छा लगता है; मैं तुम से सच कहता हूं, कि वे अपना प्रतिफल पा चुके। 
Matthew 6:6 परन्तु जब तू प्रार्थना करे, तो अपनी कोठरी में जा; और द्वार बन्‍द कर के अपने पिता से जो गुप्‍त में है प्रार्थना कर; और तब तेरा पिता जो गुप्‍त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा। 
Matthew 6:16 जब तुम उपवास करो, तो कपटियों की नाईं तुम्हारे मुंह पर उदासी न छाई रहे, क्योंकि वे अपना मुंह बनाए रहते हैं, ताकि लोग उन्हें उपवासी जानें; मैं तुम से सच कहता हूं, कि वे अपना प्रतिफल पा चुके। 
Matthew 6:17 परन्तु जब तू उपवास करे तो अपने सिर पर तेल मल और मुंह धो। 
Matthew 6:18 ताकि लोग नहीं परन्तु तेरा पिता जो गुप्‍त में है, तुझे उपवासी जाने; इस दशा में तेरा पिता जो गुप्‍त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा।

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 9-10
  • लूका 5:17-39



रविवार, 29 मार्च 2015

दे दो


   कई साल पहले की बात है हमारे एक जवान मित्र ने हम से हमारी कार अपने प्रयोग के लिए माँगी। उसके आग्रह को सुनकर मुझे और मेरी पत्नि को पहले तो संकोच हुआ, आखिरकर वह हमारी कार थी; हम उसके स्वामी थे, हमारे कार्यों के लिए हमें उसकी आवश्यक्ता होती रहती थी। लेकिन शीघ्र ही हमें ग्लानि हुई और हमने वह कार उस समय उसे प्रयोग करने के लिए दे दी, क्योंकि हमें यह बोध हुआ कि परमेश्वर चाहता है कि हम दूसरों की ज़रूरतों में उन की सहायता करें। हमने कार की चाबियाँ उसे दीं और वह 30 मील दूर होने वाली एक जवानों की सभा का संचालन करने के लिए चला गया। उस सभा को प्रभु ने अनेक जवानों को मसीही विश्वास में लाने के लिए उपयोग किया।

   प्रभु यीशु ने अपने चेलों से एक अन्य जन के गदहे को खोल कर ले आने के लिए कहा; प्रभु ने चेलों से यह भी कहा कि "यदि तुम से कोई पूछे, यह क्यों करते हो? तो कहना, कि प्रभु को इस का प्रयोजन है; और वह शीघ्र उसे यहां भेज देगा" (मरकुस 11:3)। उसी गदहे पर बैठकर प्रभु यीशु ने इस इतवार के दिन, जिसे हम ’खजूर का इतवार’ के नाम से भी जानते हैं, यरुशालेम में प्रवेश किया और फिर वहाँ जगत के सभी लोगों के पापों के लिए बलिदान हुआ, सारे संसार के समस्त लोगों के लिए सेंत-मेंत उद्धार का मार्ग बना कर दे दिया।

   हम सब के विचार करने के लिए यहाँ एक शिक्षा है: हम सब के पास ऐसी वस्तुएं होती हैं जो हमें प्रीय होती हैं, जिनके विषय हम धारणा रखते हैं कि हम उन्हें अपने से कभी पृथक नहीं होने दे सकते। वो हमारी नई गाड़ी हो सकता है, कोई अच्छा वस्त्र हो सकता है, कोई अन्य वस्तु हो सकती है, कठिनाई से सप्ताह भर के कार्यों में से अपने लिए निकाले गए कुछ घंटे हो सकते हैं। क्या हम इन्हें या इनके समान किसी अन्य वस्तु को दे देने के लिए तैयार होंगे यदि कोई जिसे उनकी आवश्यकता है, हम से उन्हें माँगता है?

   यदि आपको लगता है कि परमेश्वर का आत्मा आपसे बात कर रहा है और आप से कह रहा हे कि उस वस्तु को या अपने समय को जाने दो, दे दो; तो जैसे उस गदहे के स्वामी ने प्रभु यीशु के उपयोग के लिए अपने गदहे को दे दिया था, वैसे ही आप भी अपनी वस्तु अतहवा समय को दे दें। ऐसा करने से आप आशीषित, वह वस्तु या समय धन्य और प्रभु यीशु महिमान्वित होगा। - डेविड ऐग्नर


परमेश्वर हमें हमारी आवश्यकता के अनुसार सब कुछ देता है जिससे हम उन्हें भी दे सकें जो आवश्यकता में हैं।

और परमेश्वर सब प्रकार का अनुग्रह तुम्हें बहुतायत से दे सकता है जिस से हर बात में और हर समय, सब कुछ, जो तुम्हें आवश्यक हो, तुम्हारे पास रहे, और हर एक भले काम के लिये तुम्हारे पास बहुत कुछ हो। - 2 कुरिन्थियों 9:8

बाइबल पाठ: मरकुस 11:1-11
Mark 11:1 जब वे यरूशलेम के निकट जैतून पहाड़ पर बैतफगे और बैतनिय्याह के पास आए, तो उसने अपने चेलों में से दो को यह कहकर भेजा। 
Mark 11:2 कि अपने साम्हने के गांव में जाओ, और उस में पंहुचते ही एक गदही का बच्‍चा जिस पर कभी कोई नहीं चढ़ा, बन्‍धा हुआ तुम्हें मिलेगा, उसे खोल लाओ। 
Mark 11:3 यदि तुम से कोई पूछे, यह क्यों करते हो? तो कहना, कि प्रभु को इस का प्रयोजन है; और वह शीघ्र उसे यहां भेज देगा। 
Mark 11:4 उन्होंने जा कर उस बच्‍चे को बाहर द्वार के पास चौक में बन्‍धा हुआ पाया, और खोलने लगे। 
Mark 11:5 और उन में से जो वहां खड़े थे, कोई कोई कहने लगे कि यह क्या करते हो, गदही के बच्‍चे को क्यों खोलते हो? 
Mark 11:6 उन्होंने जैसा यीशु ने कहा था, वैसा ही उन से कह दिया; तब उन्होंने उन्हें जाने दिया। 
Mark 11:7 और उन्होंने बच्‍चे को यीशु के पास लाकर उस पर अपने कपड़े डाले और वह उस पर बैठ गया। 
Mark 11:8 और बहुतों ने अपने कपड़े मार्ग में बिछाए और औरों ने खेतों में से डालियां काट काट कर फैला दीं। 
Mark 11:9 और जो उसके आगे आगे जाते और पीछे पीछे चले आते थे, पुकार पुकार कर कहते जाते थे, कि होशाना; धन्य है वह जो प्रभु के नाम से आता है। 
Mark 11:10 हमारे पिता दाऊद का राज्य जो आ रहा है; धन्य है: आकाश में होशाना। 
Mark 11:11 और वह यरूशलेम पहुंचकर मन्दिर में आया, और चारों ओर सब वस्‍तुओं को देखकर बारहों के साथ बैतनिय्याह गया क्योंकि सांझ हो गई थी।

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 7-8
  • लूका 5:1-16




शनिवार, 28 मार्च 2015

मित्र


   सच्ची मित्रता जीवन के सबसे उत्त्म उपहारों में से एक है। सच्चे मित्र अपने मित्रों के लिए एक विशेष भलाई चाहते हैं, वह भलाई जो सबसे उत्कृष्ठ है, अर्थात यह कि उनके मित्र परमेश्वर को जानें तथा परमेश्वर से अपने सारे मन, प्राण और आत्मा से प्रेम करें। डिट्रिश बॉनहॉफर ने, जो जर्मनी के एक विख्यात पास्टर थे और अपने मसीही विश्वास के लिए शहीद हुए थे, इस विषय पर कहा, "मित्र अपना लक्ष्य दूसरे  के लिए परमेश्वर की इच्छा द्वारा निर्धारित करते हैं", अर्थात, सच्चा मित्र अपने मित्र को परमेश्वर कि इच्छानुसार जीवन व्यतीत करने के लिए प्रेरित करता रहता है।

   ऐसे सच्ची मित्रता का एक उत्कृष्ठ उदाहरण है परमेश्वर के वचन बाइबल में दाऊद के मित्र योनातान का। योनातान का पिता, राजा शाऊल, दाऊद का दुश्मन हो गया था, और दाऊद शाऊल से अपनी जान बचाकर जीप के बियाबान में होरेश नामक स्थान में जा छुपा था। योनातान उसे ढूँढ़ता हुआ, उससे मिलने के लिए वहाँ आया। इस घटना का महत्व योनातान के दाऊद से मिलने जाने के उद्देश्य में देखा जा सकता है, "शाऊल का पुत्र योनातन उठ कर उसके पास होरेश में गया, और परमेश्वर की चर्चा कर के उसको ढाढ़स दिलाया" (1 शमूएल 23:16); योनातान दाऊद के पास इसलिए गया कि उस से परमेश्वर के बारे में चर्चा करे तथा दाऊद को ढाढ़स दिलाए।

   मसीही विश्वास में मित्रता का यही सार है - परस्पर सामन्य रुचि, एक-दूसरे के प्रति लगाव, आपस में होने वाले मनोरंजन से ऊपर उठकर, अपने मित्र के जीवन में अनन्त आशीष के बीजों को बोना, उन्हें परमेश्वर की बुद्धिमता को स्मरण दिलाते रहना, अपने मित्रों की आत्मा को परमेश्वर के प्रेम भरे वचनों से तरोताज़ा करते रहना, सभी परिस्थितियों में उन्हें परमेश्वर में ढाढ़स बंधाना।

   अपने मित्रों के लिए परमेश्वर से प्रार्थना करें, और परमेश्वर से माँगें कि वह आपको उनके साथ बाँटने के लिए उनकी आवश्यकता के अनुसार उपयुक्त वचन दे जिस से वे परमेश्वर के वचन में होकर एक नई सामर्थ पा सकें। - डेविड रोपर


सच्चा मित्र परमेश्वर से मिला उपहार और अपने मित्रों के परमेश्वर के समीप बढ़ने में सहायक होता है।

जैसे तेल और सुगन्ध से, वैसे ही मित्र के हृदय की मनोहर सम्मति से मन आनन्दित होता है। जो तेरा और तेरे पिता का भी मित्र हो उसे न छोड़ना; और अपनी विपत्ति के दिन अपने भाई के घर न जाना। प्रेम करने वाला पड़ोसी, दूर रहने वाले भाई से कहीं उत्तम है। - नीतिवचन 27:9-10

बाइबल पाठ: 1 शमूएल 23:12-18
1 Samuel 23:12 फिर दाऊद ने पूछा, क्या कीला के लोग मुझे और मेरे जनों को शाऊल के वश में कर देंगे? यहोवा ने कहा, हां, वे कर देंगे। 
1 Samuel 23:13 तब दाऊद और उसके जन जो कोई छ: सौ थे कीला से निकल गए, और इधर उधर जहां कहीं जा सके वहां गए। और जब शाऊल को यह बताया गया कि दाऊद कीला से निकला भागा है, तब उसने वहां जाने की मनसा छोड़ दी। 
1 Samuel 23:14 जब दाऊद तो जंगल के गढ़ों में रहने लगा, और पहाड़ी देश के जीप नाम जंगल में रहा। और शाऊल उसे प्रति दिन ढूंढ़ता रहा, परन्तु परमेश्वर ने उसे उसके हाथ में न पड़ने दिया। 
1 Samuel 23:15 और दाऊद ने जान लिया कि शाऊल मेरे प्राण की खोज में निकला है। और दाऊद जीप नाम जंगल के होरेश नाम स्थान में था; 
1 Samuel 23:16 कि शाऊल का पुत्र योनातन उठ कर उसके पास होरेश में गया, और परमेश्वर की चर्चा कर के उसको ढाढ़स दिलाया। 
1 Samuel 23:17 उसने उस से कहा, मत डर; क्योंकि तू मेरे पिता शाऊल के हाथ में न पड़ेगा; और तू ही इस्राएल का राजा होगा, और मैं तेरे नीचे हूंगा; और इस बात को मेरा पिता शाऊल भी जानता है। 
1 Samuel 23:18 तब उन दोनों ने यहोवा की शपथ खाकर आपस में वाचा बान्धी; तब दाऊद होरेश में रह गया, और योनातन अपने घर चला गया।

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 4-6
  • लूका 4:31-44



शुक्रवार, 27 मार्च 2015

संदर्भ


   हमारे एक मित्र ने अचानक ही अटपटी और निराशाजनक बातें कहना आरंभ कर दिया, जिससे हम लोग उसके लिए चिंतित हुए, उसे प्रोत्साहित करने लगे और उसे सलाह देने लगे। बाद में पता पड़ा कि वह ऐसा मज़ाक में कर रहा था, जान-बूझ कर कुछ गानों की पंक्तियों को इधर-उधर से मिला कर बोल रहा था जिससे लोग उसके साथ वार्तालाप आरंभ कर सकें। जिन मित्रों ने उसकी सहायता करने के लिए प्रयास किए, उन्होंने अपना समय ही व्यर्थ किया क्योंकि उसे किसी सहायात अथवा सलाह की आवश्यकता थी ही नहीं। हमारे उस मित्र द्वारा कही गई बातों के कोई दुषपरिणाम तो नहीं हुए, लेकिन ऐसा हो सकता था यदि किसी ने उसकी सहायाता के लिए अपने किसी आवश्यक कार्य या ज़िम्मेदारी को छोड़ कर उसके प्रति अधिक ध्यान दिया होता। संदर्भ से हटकर कहे गए गीतों के बोल आनन्द नहीं, परेशानी देने वाले हो गए।

   कुछ लोगों का जीवन की अनेक बातों के प्रति यही रवैया रहता है; वे किसी अन्य की कही गई बात को संदर्भ से हटाकर बताते हैं जिससे कि दूसरों का ध्यान आकर्षित कर सकें या किसी बहस को जीत सकें। अन्य कुछ तो इससे भी अधिक चालाक एवं खतरनाक होते हैं - वे दूसरों के ऊपर अधिकार जताने के लिए सत्य को ना केवल संदर्भ से हटाकर, वरन तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करते हैं। ऐसे सभी लोग ना केवल दूसरों के जीवनों को वरन उनकी आत्माओं को भी खतरे में डाल देते हैं। जब लोग दूसरों के शब्दों को संदर्भ से हटाकर या तोड़-मरोड़ कर प्रयोग करते हैं जिससे कि वे सुनने वालों को अपनी मनसा के अनुसार चला सकें, तो इसके नुकसान से बचने का एक ही उपाय होता है - उन शब्दों की वास्तविकता को जानना, उन्हें उनके सही संदर्भ में देखना और समझना।

   यही बात और उपाय परमेश्वर के वचन बाइबल के साथ भी लागू होती है। बहुतेरे हैं जो बाइबल की बातों को संदर्भ से हटाकर या तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करते हैं जिससे दूसरों को गलत प्रभाव में लाएं और उनसे कुछ अनुचित करवाएं। परमेश्वर के वचन की जो सच्चाईयाँ परमेश्वर द्वारा हमारी आशीष और आनन्द के लिए दी गई हैं, ऐसा करने से व्यर्थ एवं अनेपक्षित परेशानी का कारण हो जाती हैं। बाइबल की सच्चाईयों को स्वयं बाइबल को पढ़ने के द्वारा ही जाना जा सकता है; बाइबल परमेश्वर का वचन है, और परमेश्वर किसी को भी कभी कोई अनुचित व्यवहार नहीं सिखाता। शैतान ने प्रभु यीशु की भी परीक्षा परमेश्वर के वचन को उसके संदर्भ से बाहर कह कर के करी थी, और प्रभु यीशु ने शैतान की गलत बातों के इस हमले को परमेश्वर के वचन के सही प्रयोग द्वारा ही निष्क्रीय किया था (लूका 4)। परमेश्वर ने अपने वचन को हमारे हाथों में इसीलिए रखा है और उस वचन को समझाने तथा हमारा मार्ग-दर्शन करने के लिए अपने विश्वासियों को अपनी पवित्र-आत्मा को दिया है जिससे हम ना तो कभी धोखा खाएं और ना ही किसी गलत मार्ग पर चलें।

   परमेश्वर के वचन का नियमित अध्ययन करें जिससे कि उसके संदर्भ से हटाकर कहे जाने के दुरुपयोग के प्रति सचेत रहें, तथा ऐसा किए जाने के दुषप्रभावों से बचकर रह सकें। - जूली ऐकैरमैन लिंक


यदि हम परमेश्वर के सत्य को थामे रहेंगे तो शैतान के झूठ में कभी फंसने नहीं पाएंगे।

कि शैतान का हम पर दांव न चले, क्योंकि हम उस की युक्तियों से अनजान नहीं। - 2 कुरिन्थियों 2:11 

बाइबल पाठ: लूका 4:1-13
Luke 4:1 फिर यीशु पवित्रआत्मा से भरा हुआ, यरदन से लैटा; और चालीस दिन तक आत्मा के सिखाने से जंगल में फिरता रहा; और शैतान उस की परीक्षा करता रहा। 
Luke 4:2 उन दिनों में उसने कुछ न खाया और जब वे दिन पूरे हो गए, तो उसे भूख लगी। 
Luke 4:3 और शैतान ने उस से कहा; यदि तू परमेश्वर का पुत्र है, तो इस पत्थर से कह, कि रोटी बन जाए। 
Luke 4:4 यीशु ने उसे उत्तर दिया; कि लिखा है, मनुष्य केवल रोटी से जीवित न रहेगा। 
Luke 4:5 तब शैतान उसे ले गया और उसको पल भर में जगत के सारे राज्य दिखाए। 
Luke 4:6 और उस से कहा; मैं यह सब अधिकार, और इन का वैभव तुझे दूंगा, क्योंकि वह मुझे सौंपा गया है: और जिसे चाहता हूं, उसी को दे देता हूं। 
Luke 4:7 इसलिये, यदि तू मुझे प्रणाम करे, तो यह सब तेरा हो जाएगा। 
Luke 4:8 यीशु ने उसे उत्तर दिया; लिखा है; कि तू प्रभु अपने परमेश्वर को प्रणाम कर; और केवल उसी की उपासना कर। 
Luke 4:9 तब उसने उसे यरूशलेम में ले जा कर मन्दिर के कंगूरे पर खड़ा किया, और उस से कहा; यदि तू परमेश्वर का पुत्र है, तो अपने आप को यहां से नीचे गिरा दे। 
Luke 4:10 क्योंकि लिखा है, कि वह तेरे विषय में अपने स्‍वर्गदूतों को आज्ञा देगा, कि वे तेरी रक्षा करें। 
Luke 4:11 और वे तुझे हाथों हाथ उठा लेंगे ऐसा न हो कि तेरे पांव में पत्थर से ठेस लगे। 
Luke 4:12 यीशु ने उसको उत्तर दिया; यह भी कहा गया है, कि तू प्रभु अपने परमेश्वर की परीक्षा न करना। 
Luke 4:13 जब शैतान सब परीक्षा कर चुका, तब कुछ समय के लिये उसके पास से चला गया।

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 1-3
  • लूका 4:1-30