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शुक्रवार, 6 दिसंबर 2019

भरोसा



      सन 1992 में लगी एक चोट के कारण मुझे पीठ, कन्धों और गर्दन में लगातार दर्द बना रहता है। कभी-कभी यह दर्द बहुत बढ़ जाता है और निराशाजनक हो जाता है, और ऐसे में प्रभु पर भरोसा बनाए रखना या उसकी स्तुति और आराधना करना सरल नहीं होता है। परन्तु जब मेरी स्थिति असहनीय हो जाती है, तब परमेश्वर की लगातार साथ बनी रहने वाली उपस्थिति मुझे उसकी कभी न बदलने वाली भलाई, असीम सामर्थ्य, और संभाले रखने वाले अनुग्रह के प्रति आश्वस्त करती है। और जब भी मुझे मेरे प्रभु पर संदेह करने का प्रलोभन होता है, तो परमेश्वर के वचन बाइबल में दानिय्येल नबी के साथ के तीन पात्रों, शद्रक, मेशक, और अबेदनगो के दृढ़ विश्वास के द्वारा मुझे प्रोत्साहन मिलता है। उन तीनों ने परमेश्वर की आराधना की, तथा उस पर अपना भरोसा बनाए रखा कि वो उनके साथ बना हुआ है, तब भी जब उनकी परिस्थिति पूर्णतः आशाहीन थी।

      जब राजा नबूकदनेस्सर ने उन्हें धधकती हुई आग की भट्टी में डालने की धमकी दी, क्योंकि उन्होंने राजा द्वारा बनवाई गई सोने की मूर्ति की उपासना करने से मना किया था (दानिय्येल 3:13-15), तब इन तीनों ने साहस और दृढ़ विश्वास प्रदर्शित किया। उन्होंने परमेश्वर ही की आराधना करते रहने के विषय कभी संदेह भी नहीं किया, चाहे परमेश्वर उन्हें उस विषम परिस्थिति से छुड़ाए या न छुड़ाए (पद 17, 18)। और परमेश्वर ने भी उनकी आवश्यकता के समय में उन्हें अकेला नहीं छोड़ा; वह उनके साथ उस आग की भट्टी में भी गया और वहाँ पर उनकी रक्षा भी की (पद 24-25)।

      परमेश्वर हमें भी कभी भी अकेला नहीं छोड़ता है। हमारी परीक्षाओं और कठिनाइयों में, चाहे वे हमें नबूकदनेस्सर की भट्टी के  समान विनाशकारी ही क्यों न लगें, वह हमारे साथ बना रहता है। चाहे इस लोक में हमारे दुखों का अंत न भी हो, तो भी परमेश्वर सदा ही सामर्थी, विश्वासयोग्य, और भला है और बना रहेगा। हम उसकी लगातार और प्रेमपूर्ण उपस्थिति के हमारे साथ बने रहने पर निश्चिन्त होकर पूर्ण भरोसा कर सकते हैं। - जोशील डिक्सन

विश्वास हमारे सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अपरिवर्तनीय चरित्र पर आधारित है,
 न कि हमारी परिस्थितियों पर।

यदि हम केवल इसी जीवन में मसीह से आशा रखते हैं तो हम सब मनुष्यों से अधिक अभागे हैं। - 1 कुरिन्थियों 15:19

बाइबल पाठ: दनिय्येल 3:13-25
Daniel 3:13 तब नबूकदनेस्सर ने रोष और जलजलाहट में आकर आज्ञा दी कि शद्रक, मेशक, और अबेदनगो को लाओ। तब वे पुरूष राजा के साम्हने हाजिर किए गए।
Daniel 3:14 नबूकदनेस्सर ने उन से पूछा, हे शद्रक, मेशक, और अबेदनगो, तुम लोग जो मेरे देवता की उपासना नहीं करते, और मेरी खड़ी कराई हुई सोने की मूरत को दण्डवत नहीं करते, सो क्या तुम जान बूझकर ऐसा करते हो?
Daniel 3:15 यदि तुम अभी तैयार हो, कि जब नरसिंगे, बांसुली, वीणा, सारंगी, सितार, शहनाई आदि सब प्रकार के बाजों का शब्द सुनो, और उसी क्षण गिर कर मेरी बनवाई हुई मूरत को दण्डवत करो, तो बचोगे; और यदि तुम दण्डवत न करो तो इसी घड़ी धधकते हुए भट्ठे के बीच में डाले जाओगे; फिर ऐसा कौन देवता है, जो तुम को मेरे हाथ से छुड़ा सके?
Daniel 3:16 शद्रक, मेशक और अबेदनगो ने राजा से कहा, हे नबूकदनेस्सर, इस विषय में तुझे उत्तर देने का हमें कुछ प्रयोजन नहीं जान पड़ता।
Daniel 3:17 हमारा परमेश्वर, जिसकी हम उपासना करते हैं वह हम को उस धधकते हुए भट्टे की आग से बचाने की शक्ति रखता है; वरन हे राजा, वह हमें तेरे हाथ से भी छुड़ा सकता है।
Daniel 3:18 परन्तु, यदि नहीं, तो हे राजा तुझे मालूम हो, कि हम लोग तेरे देवता की उपासना नहीं करेंगे, और न तेरी खड़ी कराई हुई सोने की मूरत को दण्डवत करेंगे।
Daniel 3:19 तब नबूकदनेस्सर झुंझला उठा, और उसके चेहरे का रंग शद्रक, मेशक और अबेदनगो की ओर बदल गया। और उसने आज्ञा दी कि भट्ठे को सातगुणा अधिक धधका दो।
Daniel 3:20 फिर अपनी सेना में के कई एक बलवान पुरूषों को उसने आज्ञा दी, कि शद्रक, मेशक और अबेदनगो को बान्धकर उन्हें धधकते हुए भट्ठे में डाल दो।
Daniel 3:21 तब वे पुरूष अपने मोजों, अंगरखों, बागों और और वस्त्रों सहित बान्धकर, उस धधकते हुए भट्ठे में डाल दिए गए।
Daniel 3:22 वह भट्ठा तो राजा की दृढ़ आज्ञा होने के कारण अत्यन्त धधकाया गया था, इस कारण जिन पुरूषों ने शद्रक, मेशक और अबेदनगो को उठाया वे ही आग की आंच से जल मरे।
Daniel 3:23 और उसी धधकते हुए भट्ठे के बीच ये तीनों पुरूष, शद्रक, मेशक और अबेदनगो, बन्धे हुए फेंक दिए गए।
Daniel 3:24 तब नबूकदनेस्सर राजा अचम्भित हुआ और घबरा कर उठ खड़ा हुआ। और अपने मन्त्रियों से पूछने लगा, क्या हम ने उस आग के बीच तीन ही पुरूष बन्धे हुए नहीं डलवाए? उन्होंने राजा को उत्तर दिया, हां राजा, सच बात तो है।
Daniel 3:25 फिर उसने कहा, अब मैं देखता हूं कि चार पुरूष आग के बीच खुले हुए टहल रहे हैं, और उन को कुछ भी हानि नहीं पहुंची; और चौथे पुरूष का स्वरूप ईश्वर के पुत्र के सदृश्य है।

एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल 3-4
  • 1 यूहन्ना 5



गुरुवार, 5 दिसंबर 2019

प्रेम



      जब मेरी बहन मेसेल छोटी थी, तो वह एक प्रचलित और जाना-माना मसीही स्तुति गीत अपनी ही रीति से गाया करती थी: “यीशु मुझ से करता प्यार, बाइबल बताती मेसेल को।” उसके द्वारा यह गीत इस प्रकार से गाया जाना सुनकर मुझे, जो उसकी बड़ी तथा अधिक ‘बुद्धिमान’ बहन थी, बहुत खिसियाहट होती थी! मैं जानती थी कि उस गीत की वह पंक्ति ‘...बाइबल बताती सभी को’ है न कि ‘...मेसेल को’ परन्तु मैं कितना भी कह लूँ वह तो अपने ही तरीके से ‘...मेसेल को’ ही गाती थी।

      अब मैं जानती हूँ कि मेसेल सही थी। परमेश्वर का वचन बाइबल यही सिखाती है कि प्रभु यीशु हम सभी से प्रेम करता है। बाइबल में हम बारंबार इसी सत्य को विभिन्न प्रकार से दोहराया गया देखते हैं। उदाहरण के लिए यूहन्ना रचित सुसमाचार के सुप्रसिद्ध पद को ही देखिए: “क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए” (यूहन्ना 3:16)।

      प्रभु के प्रेम के इस सन्देश को यूहन्ना अपनी पत्री में भी दोहराता है: “प्रेम इस में नहीं कि हम ने परमेश्वर ने प्रेम किया; पर इस में है, कि उसने हम से प्रेम किया; और हमारे पापों के प्रायश्‍चित्त के लिये अपने पुत्र को भेजा” (1 यूहन्ना 4:10)। जैसे यूहन्ना जानता था कि प्रभु यीशु उससे प्रेम करते हैं, हम भी वैसे ही आश्वस्त रह सकते हैं – प्रभु परमेश्वर हम से प्रेम करता है, और बाइबल हमें यही बताती है। - एलिसन कीडा

यीशु मुझसे प्यार करता है; मैं यह जानता हूँ।

देखो पिता ने हम से कैसा प्रेम किया है, कि हम परमेश्वर की सन्तान कहलाएं, और हम हैं भी: इस कारण संसार हमें नहीं जानता, क्योंकि उसने उसे भी नहीं जाना। हे प्रियों, अभी हम परमेश्वर की सन्तान हैं, और अब तक यह प्रगट नहीं हुआ, कि हम क्या कुछ होंगे! इतना जानते हैं, कि जब वह प्रगट होगा तो हम भी उसके समान होंगे, क्योंकि उसको वैसा ही देखेंगे जैसा वह है। - 1 यूहन्ना 3:1-2

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 4:7-16
1 John 4:7 हे प्रियों, हम आपस में प्रेम रखें; क्योंकि प्रेम परमेश्वर से है: और जो कोई प्रेम करता है, वह परमेश्वर से जन्मा है; और परमेश्वर को जानता है।
1 John 4:8 जो प्रेम नहीं रखता, वह परमेश्वर को नहीं जानता है, क्योंकि परमेश्वर प्रेम है।
1 John 4:9 जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, वह इस से प्रगट हुआ, कि परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्र को जगत में भेजा है, कि हम उसके द्वारा जीवन पाएं।
1 John 4:10 प्रेम इस में नहीं कि हम ने परमेश्वर ने प्रेम किया; पर इस में है, कि उसने हम से प्रेम किया; और हमारे पापों के प्रायश्‍चित्त के लिये अपने पुत्र को भेजा।
1 John 4:11 हे प्रियो, जब परमेश्वर ने हम से ऐसा प्रेम किया, तो हम को भी आपस में प्रेम रखना चाहिए।
1 John 4:12 परमेश्वर को कभी किसी ने नहीं देखा; यदि हम आपस में प्रेम रखें, तो परमेश्वर हम में बना रहता है; और उसका प्रेम हम में सिद्ध हो गया है।
1 John 4:13 इसी से हम जानते हैं, कि हम उस में बने रहते हैं, और वह हम में; क्योंकि उसने अपने आत्मा में से हमें दिया है।
1 John 4:14 और हम ने देख भी लिया और गवाही देते हैं, कि पिता ने पुत्र को जगत का उद्धारकर्ता कर के भेजा है।
1 John 4:15 जो कोई यह मान लेता है, कि यीशु परमेश्वर का पुत्र है: परमेश्वर उस में बना रहता है, और वह परमेश्वर में।
1 John 4:16 और जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, उसको हम जान गए, और हमें उस की प्रतीति है; परमेश्वर प्रेम है: जो प्रेम में बना रहता है, वह परमेश्वर में बना रहता है; और परमेश्वर उस में बना रहता है।

एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल 1-2
  • 1 यूहन्ना 4



बुधवार, 4 दिसंबर 2019

सुसमाचार



      हमारे पड़ौस में लगभग 230 परिवार रहते हैं। सबके जीवन की अपनी-अपनी कहानी है। हमारी बिल्डिंग की दसवीं मंज़िल पर एक वृद्ध महिला रहती है, जिसके बच्चे बड़े होकर, विवाह कर के, अलग-अलग स्थानों पर चले गए हैं; और अब वह अकेली ही रहती है। उससे कुछ ही घर छोड़कर एक युवा जोड़ा है जिनके दो बच्चे हैं – एक बेटा और एक बेटी। उनसे कुछ नीचे की मंज़िल पर एक जवान आदमी रहता है जो सेना में कार्य करता है। वह पहले भी हमारे चर्च में आ चुका है; हो सकता है कि वह इस क्रिसमस पर फिर से आएगा। मैं इन सभी से पिछले क्रिसमस पर मिली थी जब हमारे चर्च के लोग हमारे पड़ौस में क्रिसमस के गीत गाने और क्रिसमस का आनन्द लोगों के साथ बाँटने के लिए गए थे।

      प्रत्येक क्रिसमस पर – जैसा के पहले क्रिसमस पर हुआ था – ऐसे अनेकों लोग होते हैं जिन्हें या तो यह पता नहीं होता है कि परमेश्वर हमारे संसार में शिशु रूप में आया है, जिसका नाम यीशु है (लूका 1:8; 2:21); या फिर वे इस घटना के महत्त्व को नहीं जानते हैं: “तब स्वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा” (2:10)। जी हाँ! परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि यह सभी के लिए है; चाहे उनकी राष्ट्रीयता, संस्कृति, लिंग, या आर्थिक स्थिति कुछ भी हो। प्रभु यीशु सभी के लिए आए थे और उन्होंने सभी के लिए अपने प्राण बलिदान किए, जिससे के सभी के पास पापों की क्षमा और प्रभु परमेश्वर के साथ मेल-मिलाप का अवसर एवं मार्ग उपलब्ध हो, तथा सभी उसके प्रेम, आनन्द, शान्ति और आशा का आनन्द ले सकें। हमारे पड़ौस में रहने वाली स्त्री से लेकर हमारे उन सहकर्मियों तक जिनके साथ हम भोजन करते हैं, सभी को इस अद्भुत सुसमाचार को सुनने की आवश्यकता है!

      उस प्रथम क्रिसमस पर, इस आनन्दायक सुसमाचार के सुनाने वाले स्वर्गदूत थे। आज, परमेश्वर हम में होकर कार्य करना चाहता है, वह चाहता है कि हम इस सुसमाचार को औरों तक पहुँचाएं। - पो फैंग चिया

प्रभु यीशु के जन्म का सुसमाचार, सभी के लिए आनन्द का स्त्रोत है।

वह पुत्र जनेगी और तू उसका नाम यीशु रखना; क्योंकि वह अपने लोगों का उन के पापों से उद्धार करेगा। - मत्ती 1:21

बाइबल पाठ: लूका 1:68-75
Luke 1:68 कि प्रभु इस्राएल का परमेश्वर धन्य हो, कि उसने अपने लोगों पर दृष्टि की और उन का छुटकारा किया है।
Luke 1:69 और अपने सेवक दाऊद के घराने में हमारे लिये एक उद्धार का सींग निकाला।
Luke 1:70 जैसे उसने अपने पवित्र भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा जो जगत के आदि से होते आए हैं, कहा था।
Luke 1:71 अर्थात हमारे शत्रुओं से, और हमारे सब बैरियों के हाथ से हमारा उद्धार किया है।
Luke 1:72 कि हमारे बाप-दादों पर दया कर के अपनी पवित्र वाचा का स्मरण करे।
Luke 1:73 और वह शपथ जो उसने हमारे पिता इब्राहीम से खाई थी।
Luke 1:74 कि वह हमें यह देगा, कि हम अपने शत्रुओं के हाथ से छूटकर,
Luke 1:75 उसके साम्हने पवित्रता और धामिर्कता से जीवन भर निडर रहकर उस की सेवा करते रहें।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 47-48
  • 1 यूहन्ना 3



मंगलवार, 3 दिसंबर 2019

प्रतीक्षा



      जब मेरे बच्चे छोटे थे तो वे अधीर होकर बारंबार प्रश्न किया करते थे, “क्रिसमस में अभी और कितना समय शेष है?” यद्यपि हम कैलेंडर के द्वारा उन्हें बताते रहते थे कि क्रिसमस कब आएगा, परन्तु फिर भी उनके लिए यह प्रतीक्षा का समय बहुत कष्टदायक होता था।

      प्रतीक्षा करने के लिए बच्चों की अधीरता को तो हम समझ सकते हैं, परन्तु परमेश्वर के लोगों के लिए प्रतिज्ञा किए हुए मुक्तिदाता की प्रतीक्षा करना कितना चुनौतीपूर्ण रहा होगा, शायद इसका सही आंकलन करना हमारे लिए संभव न हो। ज़रा उन लोगों के विषय विचार कीजिए, जिनके पास मीका नबी की भविष्यवाणी पहुँची थी कि बैतलहम से इस्राएल पर प्रभुता करने वाला एक पुरुष निकलेगा (मीका 5:2) जो खड़ा होकर परमेश्वर के लोगों की चरवाही करेगा (पद 4)। इस भविष्यवाणी की आरंभिक पूर्ति प्रभु यीशु के बैतलहम में जन्म के साथ पूरी हुई (मत्ती 2:1) – लोगों के 700 वर्ष तक प्रतीक्षा करने के बाद। परन्तु इस भविष्यवाणी की पूर्ण पूर्ति अभी शेष है; अभी हम प्रभु यीशु मसीह के दूसरे आगमन की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जब परमेश्वर के सभी लोग “सुरक्षित रहेंगे” और “वह पृथ्वी के छोर तक महान ठहरेगा” (मीका 5:4)। तब हम सभी मसीही विश्वासी अत्यंत आनंदित होंगे, क्योंकि हमारी इस लंबी प्रतीक्षा का अंत हो जाएगा।

      हम में से अधिकाँश के लिए प्रतीक्षा करना सरल नहीं होता है, परन्तु हम विश्वास रख सकते हैं कि हमारी प्रतीक्षा का अंत होगा और परमेश्वर हमारे साथ रहने की अपनी प्रतिज्ञा का आदर करेगा, उसे पूरी करेगा (मत्ती 28:20)। यह इसलिए क्योंकि जब प्रभु यीशु ने शिशु रूप में बैतलहम में जन्म लिया तो उसने हमारे लिए भरपूरी के जीवन का द्वारा खोल दिया (यूहन्ना 10:10) – ऐसा जीवन जिसमें कोई दण्ड या दोष नहीं होगा। अब जब हम उसके पुनःआगमन की प्रतीक्षा कर रहे हैं, उसकी उपस्थिति हमारे साथ अभी भी बनी हुई है, और हम अपनी प्रतीक्षा के समय में भी उसकी आशीषों का आनन्द ले सकते हैं। - एमी बाउचर पाई

हम परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं की प्रतीक्षा करते हैं, इस विशवास के साथ कि वे पूरी होंगी।

इसलिये, हे प्रियो, जब कि तुम इन बातों की आस देखते हो तो यत्‍न करो कि तुम शान्‍ति से उसके साम्हने निष्‍कलंक और निर्दोष ठहरो। और हमारे प्रभु के धीरज को उद्धार समझो, जैसे हमारे प्रिय भाई पौलुस न भी उस ज्ञान के अनुसार जो उसे मिला, तुम्हें लिखा है। - 2 पतरस 3:14-15

बाइबल पाठ: मीका 5: 2-4
Micah 5:2 हे बैतलहम एप्राता, यदि तू ऐसा छोटा है कि यहूदा के हजारों में गिना नहीं जाता, तौभी तुझ में से मेरे लिये एक पुरूष निकलेगा, जो इस्राएलियों में प्रभुता करने वाला होगा; और उसका निकलना प्राचीन काल से, वरन अनादि काल से होता आया है।
Micah 5:3 इस कारण वह उन को उस समय तक त्यागे रहेगा, जब तक जच्चा उत्पन्न न करे; तब इस्राएलियों के पास उसके बचे हुए भाई लौट कर उन से मिल जाएंगे।
Micah 5:4 और वह खड़ा हो कर यहोवा की दी हुई शक्ति से, और अपने परमेश्वर यहोवा के नाम के प्रताप से, उनकी चरवाही करेगा। और वे सुरक्षित रहेंगे, क्योंकि अब वह पृथ्वी की छोर तक महान ठहरेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 45-46
  • 1 यूहन्ना 2



सोमवार, 2 दिसंबर 2019

समर्पण



      मुझे मुर्गी और बकरे की एक कहानी सुनाई गयी थी, जिसमें वे दोनों मिलकर एक रेस्टोरेंट खोलने पर विचार कर रहे हैं। रेस्टोरेंट में परोसे जाने वाले भोजन के विषय चर्चा करते समय मुर्गी सुझाव देती है कि वे वहाँ गोष्त और अन्डे परोसा करेंगे। बकरा तुरंत यह कहते हुए मना कर देता है कि ऐसा करने पर उसे तो अपने आप को पूर्णतः समर्पित कर देना पड़ेगा, परन्तु मुर्गी इसमें केवल सम्मिलित होने भर के द्वारा ही बच निकलेगी।

      यद्यपि वह बकरा अपने आप को थाली में परोसा हुआ नहीं देखना चाहता था, किन्तु समर्पण के प्रति उसका विचार मेरे लिए शिक्षाप्रद है, जो मुझे परमेश्वर का अपने पूरे मन से अनुसरण करने वाला होना सिखाता है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि यहूदा के राजा आसा ने अपने राज्य की रक्षा करने के लिए इस्राएल और अराम के राजा के मध्य हुई संधि को तोड़ने की योजना बनाई। उसने अराम के राजा बेन-हदद के पास अपनी व्यक्तिगत संपत्ति के साथ परमेश्वर के भवन से भी सोना और चांदी निकालकर भेजी (2 इतिहास 16:2-3)। यह सब पाकर बेन-हदद ने यहूदा के साथ संधि कर ली और फिर उन दोनों ने इस्राएल पर हमला करके उसे भगा दिया।

      परन्तु परमेश्वर के नबी, हनानी ने आसा को परमेश्वर के स्थान पर, जिसने उसके हाथों में अन्य शत्रुओं को भी कर दिया था (पद 8), अब इस परिस्थिति में मनुष्य पर निर्भर हो जाने के लिए मूर्ख कहा। हनानी ने बल दे कर कहा, “देख, यहोवा की दृष्टि सारी पृथ्वी पर इसलिये फिरती रहती है कि जिनका मन उसकी ओर निष्कपट रहता है, उनकी सहायता में वह अपना सामर्थ्य दिखाए। तूने यह काम मूर्खता से किया है, इसलिये अब से तू लड़ाइयों में फंसा रहेगा” (पद 9)।

      जब हम अपने जीवनों में चुनौतियों और संघर्षों का सामना करते हैं, तो हमें स्मरण रखना चाहिए कि हमारा सबसे विश्वासयोग्य और उत्तम साथी परमेश्वर ही है। वह हमारी सहायता करता है और हमें सामर्थी करता है, जब हम उसे पूर्ण समर्पण करके उसकी आज्ञाकारिता में चलते रहते हैं। - कर्स्टिन होल्मबर्ग

जब हम अपने आप को परमेश्वर के हाथों में छोड़ देते हैं
 तो वह हम में होकर कार्य करता रहता है – ओस्वौल्ड चेम्बर्स

तो तुम्हारा मन हमारे परमेश्वर यहोवा की ओर ऐसी पूरी रीति से लगा रहे, कि आज के समान उसकी विधियों पर चलते और उसकी आज्ञाएं मानते रहो। - 1 राजाओं 8:61

बाइबल पाठ: 2 इतिहास 16:1-9
2 Chronicles 16:1 आसा के राज्य के छत्तीसवें वर्ष में इस्राएल के राजा बाशा ने यहूदा पर चढ़ाई की और रामा को इसलिये दृढ़ किया, कि यहूदा के राजा आसा के पास कोई आने जाने न पाए।
2 Chronicles 16:2 तब आसा ने यहोवा के भवन और राजभवन के भणडारों में से चान्दी-सोना निकाल दमिश्कवासी अराम के राजा बेन-हदद के पास दूत भेज कर यह कहा,
2 Chronicles 16:3 कि जैसे मेरे-तेरे पिता के बीच वैसे ही मेरे-तेरे बीच भी वाचा बन्धे; देख मैं तेरे पास चान्दी-सोना भेजता हूं, इसलिये आ, इस्राएल के राजा बाशा के साथ की अपनी वाचा को तोड़ दे, ताकि वह मुझ से दूर हो।
2 Chronicles 16:4 बेन-हदद ने राजा आसा की यह बात मान कर, अपने दलों के प्रधानों से इस्राएली नगरों पर चढ़ाई करवा कर इय्योन, दान, आबेल्मैम और नप्ताली के सब भणडार वाले नगरों को जीत लिया।
2 Chronicles 16:5 यह सुनकर बाशा ने रामा को दृढ़ करना छोड़ दिया, और अपना वह काम बन्द करा दिया।
2 Chronicles 16:6 तब राजा आसा ने पूरे यहूदा देश को साथ लिया और रामा के पत्थरों और लकड़ी को, जिन से बाशा काम करता था, उठा ले गया, और उन से उसने गेवा, और मिस्पा को दृढ़ किया।
2 Chronicles 16:7 उस समय हनानी दर्शी यहूदा के राजा आसा के पास जा कर कहने लगा, तू ने जो अपने परमेश्वर यहोवा पर भरोसा नहीं रखा वरन अराम के राजा ही पर भरोसा रखा है, इस कारण अराम के राजा की सेना तेरे हाथ से बच गई है।
2 Chronicles 16:8 क्या कूशियों और लूबियों की सेना बड़ी न थी, और क्या उस में बहुत ही रथ, और सवार न थे? तौभी तू ने यहोवा पर भरोसा रखा था, इस कारण उसने उन को तेरे हाथ में कर दिया।
2 Chronicles 16:9 देख, यहोवा की दृष्टि सारी पृथ्वी पर इसलिये फिरती रहती है कि जिनका मन उसकी ओर निष्कपट रहता है, उनकी सहायता में वह अपना सामर्थ दिखाए। तूने यह काम मूर्खता से किया है, इसलिये अब से तू लड़ाइयों में फंसा रहेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 42-44
  • 1 यूहन्ना 1



रविवार, 1 दिसंबर 2019

ऊँचा



      हाल ही में एक हवाई-यात्रा करते समय मैं विमान में चढ़ने वाले यात्रियों की पंक्ति में सबसे अंत में खड़ा था। मुझे बैठने के लिए दो सीटों के मध्य में सीट मिली थी, किन्तु अपना सामान रखने के लिए मुझे सीटों की सबसे अंतिम पंक्ति के ऊपर स्थित स्थान में सामान रखना पड़ा। इसका तात्पर्य यह हुआ कि मुझे अपना सामान लेकर विमान से बाहर निकलने के लिए सबसे अंत तक प्रतीक्षा करनी थी, जब अन्य सभी लोग अपने सामान को लेकर निकल चुकें।

      अपनी इस परिस्थिति पर मन ही में हँसते हुए मैं अपनी सीट पर बैठ गया, और फिर मुझे एक विचार आया, जो मुझे लगा कि प्रभु ने मुझे दिया: “इन बातों से कोई हानि नहीं होगी; वरन लाभ ही होगा।” इसलिए मैंने निर्णय लिया कि जो यह कुछ अतिरिक्त समय मुझे विमान में मिलेगा, इसे मैं औरों की सहायता के लिए प्रयोग करूंगा, और मैंने यही किया – विमान के उतरने के बाद मैंने अन्य यात्रियों को उनका सामान निकालने में तथा सफाई करने में विमान परिचारिका की सहायता करने में समय बिताया। जब तक मेरा सामान ले सकने की मेरी बारी आई, मुझे फिर से हंसी आ गई, क्योंकि एक व्यक्ति को लगा कि मैं भी विमान कर्मचारी हूँ।

      उस दिन के अनुभव ने मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में दिए प्रभु यीशु के शब्दों पर विचार करने को बाध्य किया, जो उन्होंने अपने शिष्यों से कहे थे: “तब उसने बैठकर बारहों को बुलाया, और उन से कहा, यदि कोई बड़ा होना चाहे, तो सब से छोटा और सब का सेवक बने” (मरकुस 9:35)। मुझे तो प्रतीक्षा इसलिए करनी पड़ी क्योंकि मेरी मजबूरी थी, परन्तु इस संसार की मान्यताओं और धारणाओं से उल्ट प्रभु यीशु के राज्य में, उन लोगों के लिए प्रभु की ओर से आदर का स्थान है जो औरों की सहायता के लिए स्वेच्छा से अपनी सेवा अर्पित करते हैं।

      हमारे उतावलेपन और ‘पहले मैं’ की भावना से भरे संसार में, प्रभु यीशु ने अपने आने के उद्देश्य के विषय कहा, “जैसे कि मनुष्य का पुत्र, वह इसलिये नहीं आया कि उस की सेवा टहल करी जाए, परन्तु इसलिये आया कि आप सेवा टहल करे और बहुतों की छुड़ौती के लिये अपने प्राण दे” (मत्ती 20:28)। औरों की सेवा करने के द्वारा ही हम प्रभु की उत्तम सेवा करते हैं। हम जितना नीचे झुकते हैं, हम उतने उसके निकट आते हैं, और वह उतना ही हमें ऊँचा उठाता है।

प्रभु यीशु का राज्य, संसार के राज्यों से उलट है।

इसलिये परमेश्वर के बलवन्‍त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिस से वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए। और अपनी सारी चिन्‍ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है। 1 पतरस 5:6-7

बाइबल पाठ: मरकुस 9:33-37
Mark 9:33 फिर वे कफरनहूम में आए; और घर में आकर उसने उन से पूछा कि रास्‍ते में तुम किस बात पर विवाद करते थे?
Mark 9:34 वे चुप रहे, क्योंकि मार्ग में उन्होंने आपस में यह वाद-विवाद किया था, कि हम में से बड़ा कौन है?
Mark 9:35 तब उसने बैठकर बारहों को बुलाया, और उन से कहा, यदि कोई बड़ा होना चाहे, तो सब से छोटा और सब का सेवक बने।
Mark 9:36 और उसने एक बालक को ले कर उन के बीच में खड़ा किया, और उसे गोद में ले कर उन से कहा।
Mark 9:37 जो कोई मेरे नाम से ऐसे बालकों में से किसी एक को भी ग्रहण करता है, वह मुझे ग्रहण करता है; और जो कोई मुझे ग्रहण करता, वह मुझे नहीं, वरन मेरे भेजने वाले को ग्रहण करता है।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 40-41
  • 2 पतरस 3



शनिवार, 30 नवंबर 2019

अपूर्ण



      जापान में भोजन वस्तुएं बड़े ध्यान और शुद्धता से बनाई जाती हैं, और बेचने के लिए आकर्षक रीति से पैक भी की जाती हैं। न केवल उनका स्वाद अच्छा होना चाहिए, परन्तु उनका स्वरूप भी अच्छा होना चाहिए। उन्हें खरीदते समय मैं अकसर सोचता हूँ कि मैं भोजन वस्तु खरीद रहा हूँ या वह पैकिंग! अच्छी गुणवत्ता पर जापान में दिए जाने वाले बल के कारण, ज़रा से भी त्रुटि वाले उत्पादों को अकसर हटा दिया जाता है। परन्तु हाल ही के वर्षों में ‘वेकियारी’ उत्पाद लोकप्रीय होने लगे हैं। जापानी भाषा में ‘वेकियारी’ शब्द का अर्थ है “कारण है”। इन उत्पादों को फेंका नहीं जाता है, वरन उन्हें सस्ते दामों पर बेच दिया जाता है – उदाहरण के लिए वे बिस्किट जो टूट गए हैं।

      मेरा एक मित्र ने, जो जापान में रहता है, मुझे बताया कि ‘वेकियारी’ शब्द प्रत्यक्ष रूप में अपूर्ण दिखने वाले लोगों के लिए भी प्रयोग किया जाता है।

      परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि प्रभु यीशु सभी से प्रेम करते हैं; उन से भी जिन्हें समाज ने वेकियारी कहकर तिरिस्कृत कर दिया है। जब एक पापिनी स्त्री को मालूम हुआ कि प्रभु यीशु एक फरीसी के घर में भोजन कर रहे हैं, तो वह वहाँ गयी, और प्रभु यीशु के पांवों पर झुककर रोने लगी (लूका 7:37-38)। फरीसी ने तो उसे “पापिनी” कहा (पद 39), परन्तु प्रभु यीशु ने उसे स्वीकार किया। प्रभु ने उससे कोमलता से बात की, और उसे आश्वस्त किया कि उसके पाप क्षमा किए गए हैं (पद 48)।

      प्रभु यीशु अपूर्ण, वेक्यारी लोगों से भी प्रेम करते हैं – जिनमें मैं और आप भी सम्मिलित हैं। और प्रभु के प्रेम का सबसे महान प्रगटीकरण है: “परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा” (रोमियों 5:8)। उसके प्रेम को प्राप्त करने वाले पात्र होने के कारण, हम मसीही विश्वासियों को प्रभु के इस प्रेम को औरों तक पहुंचाने का माध्यम भी बन जाना है, जिससे इस संसार के अपूर्ण और वेक्यरी लोग भी जान सकें कि उनकी अपूर्णता और त्रुटियों के बावजूद, प्रभु यीशु पर लाए गए विश्वास और उससे माँगी गई पापों की क्षमा के द्वारा वे भी परमेश्वर के प्रेम को प्राप्त करने वाले हो सकते हैं।
 - एल्बर्ट ली

परमेश्वर के प्रेम के द्वारा पाप के कारण टूटे हुए लोग भी पूर्ण बनाए जा सकते हैं।

क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। परमेश्वर ने अपने पुत्र को जगत में इसलिये नहीं भेजा, कि जगत पर दंड की आज्ञा दे परन्तु इसलिये कि जगत उसके द्वारा उद्धार पाए। - यूहन्ना 3:16-17

बाइबल पाठ: लूका 7:36-50
Luke 7:36 फिर किसी फरीसी ने उस से बिनती की, कि मेरे साथ भोजन कर; सो वह उस फरीसी के घर में जा कर भोजन करने बैठा।
Luke 7:37 और देखो, उस नगर की एक पापिनी स्त्री यह जानकर कि वह फरीसी के घर में भोजन करने बैठा है, संगमरमर के पात्र में इत्र लाई।
Luke 7:38 और उसके पांवों के पास, पीछे खड़ी हो कर, रोती हुई, उसके पांवों को आंसुओं से भिगाने और अपने सिर के बालों से पोंछने लगी और उसके पांव बारबार चूमकर उन पर इत्र मला।
Luke 7:39 यह देखकर, वह फरीसी जिसने उसे बुलाया था, अपने मन में सोचने लगा, यदि यह भविष्यद्वक्ता होता तो जान लेता, कि यह जो उसे छू रही है, वह कौन और कैसी स्त्री है? क्योंकि वह तो पापिनी है।
Luke 7:40 यह सुन यीशु ने उसके उत्तर में कहा; कि हे शमौन मुझे तुझ से कुछ कहना है वह बोला, हे गुरू कह।
Luke 7:41 किसी महाजन के दो देनदार थे, एक पांच सौ, और दूसरा पचास दीनार धारता था।
Luke 7:42 जब कि उन के पास पटाने को कुछ न रहा, तो उसने दोनों को क्षमा कर दिया: सो उन में से कौन उस से अधिक प्रेम रखेगा।
Luke 7:43 शमौन ने उत्तर दिया, मेरी समझ में वह, जिस का उसने अधिक छोड़ दिया: उसने उस से कहा, तू ने ठीक विचार किया है।
Luke 7:44 और उस स्त्री की ओर फिरकर उसने शमौन से कहा; क्या तू इस स्त्री को देखता है मैं तेरे घर में आया परन्तु तू ने मेरे पांव धोने के लिये पानी न दिया, पर इस ने मेरे पांव आंसुओं से भिगाए, और अपने बालों से पोंछा!
Luke 7:45 तू ने मुझे चूमा न दिया, पर जब से मैं आया हूं तब से इस ने मेरे पांवों का चूमना न छोड़ा।
Luke 7:46 तू ने मेरे सिर पर तेल नहीं मला; पर इस ने मेरे पांवों पर इत्र मला है।
Luke 7:47 इसलिये मैं तुझ से कहता हूं; कि इस के पाप जो बहुत थे, क्षमा हुए, क्योंकि इस ने बहुत प्रेम किया; पर जिस का थोड़ा क्षमा हुआ है, वह थोड़ा प्रेम करता है।
Luke 7:48 और उसने स्त्री से कहा, तेरे पाप क्षमा हुए।
Luke 7:49 तब जो लोग उसके साथ भोजन करने बैठे थे, वे अपने अपने मन में सोचने लगे, यह कौन है जो पापों को भी क्षमा करता है?
Luke 7:50 पर उसने स्त्री से कहा, तेरे विश्वास ने तुझे बचा लिया है, कुशल से चली जा।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 37-39
  • 2 पतरस 2