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बुधवार, 11 मार्च 2020

सर्वोच्च प्रशंसा



      खेलों से प्रेम करने वाले लोग अपनी पसंदीदा टीम या खिलाड़ियों की प्रशंसा करने के लिए बहुत कुछ करते हैं – वे उस टीम के प्रतीक चिन्ह वाले कपड़े पहनते हैं, अपनी पसंदीदा टीम और उसकी उपलब्धियों तथा उसके खिलाड़ियों के विषय सोशल मीडिया पर अपने विचार व्यक्त करते हैं, उनकी बड़ाई करते हैं, और वे यह स्पष्ट कर देते है कि उनकी निष्ठा किस के प्रति है। मेरे पास भी मेरी पसंदीदा टीम के टोपियाँ, टी-शर्ट्स, और मेरे द्वारा उनकी प्रशंसा में लिखी गई टिप्पणियाँ हैं। खेल और खिलाड़ियों के प्रति हमारी निष्ठा हमें इस बात की भी याद दिलाती है कि हमारी सबसे उच्च तथा सच्ची निष्ठा हमारे प्रभु परमेश्वर के प्रति होनी चाहिए।

      जब मैं परमेश्वर के वचन बाइबल को पढ़ता हूँ, तो दाऊद द्वारा लिखित भजन 34 एक ऐसी ही निःसंकोच निष्ठा का भजन है, जहाँ दाऊद हमारा ध्यान उस की और खींचता है जो संसार की किसी भी अन्य चीज़ से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। दाऊद कहता है, “मैं हर समय यहोवा को धन्य कहा करूंगा” (पद 1), जो हमारा ध्यान हमारे जीवन की उन कमियों की ओर ले जाता है जो हमारे जीवनों में परमेश्वर के सत्य, ज्योति, और उद्धार का स्त्रोत न होने के कारण आ जाती हैं। जब दाऊद कहता है, “उसकी स्तुति निरन्तर मेरे मुख से होती रहेगी” (पद 1), तो हमारा ध्यान इस पर जाता है कि हम कितनी बार संसार और संसार के लोगों, संसार की बातों की प्रशंसा करते हैं, और कितनी बार हमारे मुख से हमारे प्रति परमेश्वर के प्रेम, उसके कार्यों, उसकी देखभाल और उसके प्रावधानों की प्रशंसा होती है। जब दाऊद कहता है, “मैं यहोवा पर घमण्ड करूंगा”(पद 2), तो हमें एहसास होता है कि हम अपनी छोटी-छोटी सफलताओं और उपलब्धियों पर तो बहुत घमण्ड करते हैं, परन्तु प्रभु यीशु से मिले उद्धार और परमेश्वर की संतान होने के दर्जे को लेकर हम कितना घमण्ड करते हैं?

      हमारा अपनी पसंदीदा खेल की टीमों में, अपनी रुचियों में, और अपनी उपलब्धियों में आनन्द लेना गलत नहीं है। परन्तु हमारी सर्वोच्च प्रशंसा और निष्ठा हमारे प्रभु परमेश्वर के लिए होनी चाहिए। - डेव ब्रैनन

सच्चे प्रेम की कसौटी सच्ची निष्ठा है।

हे देश देश के लोगो, हमारे परमेश्वर को धन्य कहो, और उसकी स्तुति में राग उठाओ – भजन 66:8

बाइबल पाठ: भजन 34:1-7
Psalms 34:1 मैं हर समय यहोवा को धन्य कहा करूंगा; उसकी स्तुति निरन्तर मेरे मुख से होती रहेगी।
Psalms 34:2 मैं यहोवा पर घमण्ड करूंगा; नम्र लोग यह सुनकर आनन्दित होंगे।
Psalms 34:3 मेरे साथ यहोवा की बड़ाई करो, और आओ हम मिलकर उसके नाम की स्तुति करें।
Psalms 34:4 मैं यहोवा के पास गया, तब उसने मेरी सुन ली, और मुझे पूरी रीति से निर्भय किया।
Psalms 34:5 जिन्होंने उसकी ओर दृष्टि की उन्होंने ज्योति पाई; और उनका मुंह कभी काला न होने पाया।
Psalms 34:6 इस दीन जन ने पुकारा तब यहोवा ने सुन लिया, और उसको उसके सब कष्टों से छुड़ा लिया।
Psalms 34:7 यहोवा के डरवैयों के चारों ओर उसका दूत छावनी किए हुए उन को बचाता है।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 14-16
  • मरकुस 12:28-44



मंगलवार, 10 मार्च 2020

शान्ति और आश्वासन



      मैं दुकान में कुछ खरीदने के लिए गई थी, और मैंने देखा की एक मुझ से अधिक आयु की महिला भी दुकान के उसी भाग में सामान को देखते हुए इधर से उधर चहल-कदमी कर रही थी, मानो वह कुछ ढूँढ़ रही थी। जब वह ढूँढती हुई मेरे पास पहुँची तो हमारी बातचीत होने लगी, और हमारी बातचीत का विषय हमारे क्षेत्र में चल रहे सर्दी और नज़ले का संक्रमण बन गया जिसके कारण उस महिला को खांसी और सिरदर्द हो रहा था। शीघ्र ही उस महिला ने इस संक्रमण के विषय अपने विचारों को कटु शब्दों में व्यक्त करना आरम्भ कर दिया, और मैं असमंजस में पड़ी चुपचाप उसकी बात सुनती रही। थोड़ी देर में वह दुकान से अपना सामान लेकर चली गई, क्रुद्ध और खिसियाई हुई। यद्यपि उस महिला ने अपनी खिसियाहट व्यक्त कर दी थी, परन्तु मैं उसके दुःख को कम करने के लिए कुछ नहीं कर सकी।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में, इस्राएल के दूसरे राजा, दाऊद ने, अपने कुछ भजनों में परमेश्वर के सम्मुख अपना क्रोध और कुण्ठा व्यक्त की। दाऊद जानता था कि परमेश्वर न केवल सुनता है, वरन परमेश्वर दाऊद के दुःख के विषय कुछ कर भी सकता है। दाऊद ने भजन 61 में लिखा, “मूर्छा खाते समय मैं पृथ्वी की छोर से भी तुझे पुकारूंगा, जो चट्टान मेरे लिये ऊंची है, उस पर मुझ को ले चला; क्योंकि तू मेरा शरणस्थान है, और शत्रु से बचने के लिये ऊंचा गढ़ है” (पद 2, 3); परमेश्वर उसका शरणस्थान था – वह दृढ़ चट्टान जिसकी शरण में दाऊद भागकर जाता था।

      हम जब दुखी होते हैं, या किसी ऐसे जन के संपर्क में आते हैं जो दुखी है, तो अनुसरण करने के लिए दाऊद का उदाहरण उपयुक्त है। काश कि, उस दिन उस दुकान में, मैंने उस महिला से परमेश्वर के बारे में कुछ बात की होती। चाहे परमेश्वर हमारे सारे दुःख को कम न भी करे, फिर भी हम उससे मिलने वाली शान्ति में विश्राम कर सकते हैं, और हमें यह आश्वासन है कि वह हमारी सुनता अवश्य है। - लिंडा वॉशिंगटन

दृढ़ चट्टान पर विश्राम करें।

यहोवा मेरी चट्टान, और मेरा गढ़ और मेरा छुड़ाने वाला है; मेरा ईश्वर, मेरी चट्टान है, जिसका मैं शरणागत हूं, वह मेरी ढ़ाल और मेरी मुक्ति का सींग, और मेरा ऊँचा गढ़ है। - भजन 18:2

बाइबल पाठ: भजन 61
Psalms 61:1 हे परमेश्वर, मेरा चिल्लाना सुन, मेरी प्रार्थना की ओर घ्यान दे।
Psalms 61:2 मूर्छा खाते समय मैं पृथ्वी की छोर से भी तुझे पुकारूंगा, जो चट्टान मेरे लिये ऊंची है, उस पर मुझ को ले चल;
Psalms 61:3 क्योंकि तू मेरा शरणस्थान है, और शत्रु से बचने के लिये ऊंचा गढ़ है।
Psalms 61:4 मैं तेरे तम्बू में युगानुयुग बना रहूंगा। मैं तेरे पंखों की ओट में शरण लिये रहुंगा
Psalms 61:5 क्योंकि हे परमेश्वर, तू ने मेरी मन्नतें सुनीं, जो तेरे नाम के डरवैये हैं, उनका सा भाग तू ने मुझे दिया है।
Psalms 61:6 तू राजा की आयु को बहुत बढ़ाएगा; उसके वर्ष पीढ़ी पीढ़ी के बराबर होंगे।
Psalms 61:7 वह परमेश्वर के सम्मुख सदा बना रहेगा; तू अपनी करूणा और सच्चाई को उसकी रक्षा के लिये ठहरा रख।
Psalms 61:8 और मैं सर्वदा तेरे नाम का भजन गा गाकर अपनी मन्नतें हर दिन पूरी किया करूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 11-13
  • मरकुस 12:1-27



सोमवार, 9 मार्च 2020

आज्ञाकारी



      मेरी दूसरी बेटी, ब्रिटा, अपनी बड़ी बहन के कमरे में, बड़े बच्चों के बिस्तर में सोने के लिए बहुत उत्सुक्त रहती थी। मैं हर रात्रि उसे वहां बिस्तर में सुलाती थी, और उसे निर्देश देती थी कि वह बिस्तर में ही रहे, वहां से उतर कर कहीं नहीं जाए, अन्यथा मैं उसे उसके छोटे बच्चों के खटोले में ही लेटा दूंगी। किन्तु मैं बहुत बार उसे बिस्तर से निकल कर गलियारे में घूमते हुए पाती थी, और मुझे अपनी निरुत्साहित बेटी को लेजा कर खटोले में सुलाना पड़ता था। कई वर्षों के बाद मुझे पता चला की उसकी बड़ी बहन उसके साथ अपना कमरा बाँटना नहीं चाहती थी, इसलिए सामान्यतः ब्रिटा से प्रेम भाव दिखाते रहने वाली वह बहन, रात में उसे अपने कमरे से बाहर भेजने के लिए, उससे कहती थी की उसे सुनाई दिया है कि माँ ब्रिटा को बुला रही है, और ब्रिटा अपनी बहन की बात मानकर, मेरे निर्देशों की अनसुनी करके, बिस्तर से निकलकर मुझे ढूँढने बाहर आ जाती थी, और फिर मुझे उसे खटोले में लेटाना पड़ता था।

      हम सभी को गलत आवाज़ को सुनने और मानने के गलत परिणाम भुगतने पड़ते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि जब परमेश्वर ने एक जन को बेतेल भेजा, तो उसे स्पष्ट निर्देश भी दिए कि वहां पर वह न तो कुछ खाए और न कुछ पीए, और न ही जिस मार्ग से गया था उसी मार्ग से लौटे (1 राजाओं 13:9)। इसलिए जब राजा यारोबाम ने उसे अपने साथ भोजन करने के लिए आमंत्रित किया तो उस नबी ने राजा के निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया। परन्तु कुछ समय के बाद जब एक वृद्ध नबी ने उसे अपने साथ आने और उसके घर में भोजन के लिए कहा, तो पहले तो उसने मना किया, किन्तु फिर उसने वृद्ध नबी की झूठी बातों में आकर उस का निमंत्रण स्वीकार कर लिया और उस वृद्ध नबी के घर जाकर, परमेश्वर के निर्देशों के विरुद्ध, भोजन कर लिया, और इसके दुष्परिणाम भुगतने पड़े।

      जैसे मैं चाहती थी कि ब्रिटा बड़े बच्चों के बिस्तर पर सोने का आनन्द ले, किन्तु बहकावे में आकर अनाज्ञाकारिता करना उसे भारी पड़ता था, उसी प्रकार परमेश्वर भी चाहता है कि हम उसके आज्ञाकारी बने रहें, क्योंकि उसने अपनी आज्ञाएं हमारी भलाई के लिए हमें दी हैं, और हमारा आज्ञाकारी न रहना उसे दुखी करता है तथा हमें हानि पहुँचाता है। - कर्स्टन होल्म्बर्ग

परमेश्वर का वचन ही सबसे अधिक महत्त्व रखता है।

भला होता कि उनका मन सदैव ऐसा ही बना रहे, कि वे मेरा भय मानते हुए मेरी सब आज्ञाओं पर चलते रहें, जिस से उनकी और उनके वंश की सदैव भलाई होती रहे! – व्यवस्थाविवरण 5:29

बाइबल पाठ: 1 राजाओं 13:11-22
1 Kings 13:11 बेतेल में एक बूढ़ा नबी रहता था, और उसके एक बेटे ने आकर उस से उन सब कामों का वर्णन किया जो परमेश्वर के जन ने उस दिन बेतेल में किए थे; और जो बातें उसने राजा से कही थीं, उन को भी उसने अपने पिता से कह सुनाया।
1 Kings 13:12 उसके बेटों ने तो यह देखा था, कि परमेश्वर का वह जन जो यहूदा से आया था, किस मार्ग से चला गया, सो उनके पिता ने उन से पूछा, वह किस मार्ग से चला गया?
1 Kings 13:13 और उसने अपने बेटों से कहा, मेरे लिये गदहे पर काठी बान्धो; तब उन्होंने गदहे पर काठी बान्धी, और वह उस पर चढ़ा,
1 Kings 13:14 और परमेश्वर के जन के पीछे जा कर उसे एक बांजवृझ के तले बैठा हुआ पाया; और उस से मूछा, परमेश्वर का जो जन यहूदा से आया था, क्या तू वही है?
1 Kings 13:15 उसने कहा हां, वही हूँ। उसने उस से कहा, मेरे संग घर चलकर भोजन कर।
1 Kings 13:16 उसने उस से कहा, मैं न तो तेरे संग लौट सकता, और न तेरे संग घर में जा सकता हूँ और न मैं इस स्थान में तेरे संग रोटी खाऊंगा, वा पानी पीऊंगा।
1 Kings 13:17 क्योंकि यहोवा के वचन के द्वारा मुझे यह आज्ञा मिली है, कि वहां न तो रोटी खाना और न पानी पीना, और जिस मार्ग से तू जाएगा उस से न लौटना।
1 Kings 13:18 उसने कहा, जैसा तू नबी है वैसा ही मैं भी नबी हूँ; और मुझ से एक दूत ने यहोवा से वचन पाकर कहा, कि उस पुरुष को अपने संग अपने घर लौटा ले आ, कि वह रोटी खाए, और पानी पीए। यह उसने उस से झूठ कहा।
1 Kings 13:19 अतएव वह उसके संग लौट गया और उसके घर में रोटी खाई और पानी पीया।
1 Kings 13:20 और जब वे मेज पर बैठे ही थे, कि यहोवा का वचन उस नबी के पास पहुंचा, जो दूसरे को लौटा ले आया था।
1 Kings 13:21 और उसने परमेश्वर के उस जन को जो यहूदा से आया था, पुकार के कहा, यहोवा यों कहता है इसलिये कि तू ने यहोवा का वचन न माना, और जो आज्ञा तेरे परमेश्वर यहोवा ने तुझे दी थी उसे भी नहीं माना;
1 Kings 13:22 परन्तु जिस स्थान के विषय उसने तुझ से कहा था, कि उस में न तो रोटी खाना और न पानी पीना, उसी में तू ने लौट कर रोटी खाई, और पानी भी पिया है इस कारण तुझे अपने पुरखाओं के कब्रिस्तान में मिट्टी नहीं दी जाएगी।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 8-10
  • मरकुस 11:19-33



रविवार, 8 मार्च 2020

शिक्षा



      सिंगापुर के एक समाचार पत्र में, सन 2010 में, एक विशेष लेख छपा था जिसमें आठ वरिष्ठ नागरिकों के जीवन के अनुभवों के आधार पर जीवन के लिए शिक्षाएं दी गई थीं। उस लेख की आरंभिक पंक्तियाँ थीं: “यदयपि आयु के साथ शरीर और मस्तिष्क के लिए चुनौतियां आती हैं, किन्तु साथ ही अन्य क्षेत्रों में उन्नति भी देखने को मिलती है। सामाजिक और भावनात्मक ज्ञान की बहुतायत होती है, जो ऐसे गुण हैं जिन्हें वैज्ञानिक अब बुद्धिमानी कहने लगे हैं...वृद्धों का ज्ञान।”

      निःसंदेह बुद्धिमान वृद्ध व्यक्तियों के पास जीवन के विषय हमें सिखाने के लिए बहुत कुछ होता है; और उनकी इस बुद्धिमानी की अवहेलना करना मूर्खतापूर्ण हो सकता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम एक ऐसे ही युवक राजा से मिलते हैं जिसने राजपाट संभालते ही यह गलती की और भारी हानि उठाई।

      राजा सुलैमान की मृत्यु के पश्चात उसका पुत्र रहूबियाम राजा बना। हम 1 राजाओं 12:3 में पढ़ते हैं कि इस्राएल के लोग उसके पास अपनी एक विनती लेकर गए – कि वह उनके उस कठोर परिश्रम और भारी करों के बोझ को हल्का कर दे जो सुलैमान ने उन पर लगा रखा था; और इसके प्रत्युत्तर में वे वफादारी से सदा उसके सेवा करते रहेंगे। राजा ने इसके विषय निर्णय लेने के लिए पहले वृद्धों से परामर्श लिया, किन्तु उनके द्वारा दिए गए परामर्श की अवहेलना करके उसने अपने साथी युवकों की मूर्खतापूर्ण बात को मान लिया, और प्रजा के बोझ को और भी अधिक बढ़ा दिया। अपनी इस मूर्खता के कारण उसने अपने राज्य का एक बहुत बड़ा भाग गँवा दिया, और इस्राएल दो भागों, यहूदा और इस्राएल, में विभाजित हो गया।

      हम सभी को वर्षों के अनुभव से आने वाली बुद्धिमता के परामर्शों की आवश्यकता होती है, विशेषकर उन लोगों से जो परमेश्वर के भय में और परमेश्वर के साथ चलते रहे हैं, और परमेश्वर के आज्ञाकारी रहे हैं। उस ज्ञान के खजाने बारे में सोचिए जो उन्होंने परमेश्वर से प्राप्त किया है। उनके पास प्रभु के बारे में हमारे साथ बांटने के लिए बहुत कुछ है; हम उन्हें खोजें और उनसे शिक्षा प्राप्त करें। - पोह फैंग चिया

युवावस्था की गलतियों से बचने के लिए वृद्धावस्था से ज्ञान को लें।

बूढ़ों में बुद्धि पाई जाती है, और लम्बी आयु वालों में समझ होती तो है। - अय्यूब 12:12

बाइबल पाठ: 1 राजाओं 12:1-7, 12-17
1 Kings 12:1 रहूबियाम तो शकेम को गया, क्योंकि सब इस्राएली उसको राजा बनाने के लिये वहीं गए थे।
1 Kings 12:2 और जब नबात के पुत्र यारोबाम ने यह सुना, ( जो अब तक मिस्र में रहता था, क्योंकि यारोबाम सुलैमान राजा के डर के मारे भगकर मिस्र में रहता था।
1 Kings 12:3 सो उन लोगों ने उसको बुलवा भेजा ) तब यारोबाम और इस्राएल की समस्त सभा रहूबियाम के पास जा कर यों कहने लगी,
1 Kings 12:4 कि तेरे पिता ने तो हम लोगों पर भारी जूआ डाल रखा था, तो अब तू अपने पिता की कठिन सेवा को, और उस भारी जूए को, जो उसने हम पर डाल रखा है, कुछ हलका कर; तब हम तेरे आधीन रहेंगे।
1 Kings 12:5 उसने कहा, उभी तो जाओ, और तीन दिन के बाद मेरे पास फिर आना। तब वे चले गए।
1 Kings 12:6 तब राजा रहूबियाम ने उन बूढ़ों से जो उसके पिता सुलैमान के जीवन भर उसके साम्हने उपस्थित रहा करते थे सम्मति ली, कि इस प्रजा को कैसा उत्तर देना उचित है, इस में तुम क्या सम्मति देते हो?
1 Kings 12:7 उन्होंने उसको यह उत्तर दिया, कि यदि तू अभी प्रजा के लोगों का दास बनकर उनके आधीन हो और उन से मधुर बातें कहे, तो वे सदैव तेरे आधीन बने रहेंगे।
1 Kings 12:12 तीसरे दिन, जैसे राजा ने ठहराया था, कि तीसरे दिन मेरे पास फिर आना, वैसे ही यारोबाम और समस्त प्रजागण रहूबियाम के पास उपस्थित हुए।
1 Kings 12:13 तब राजा ने प्रजा से कड़ी बातें कीं,
1 Kings 12:14 और बूढ़ों की दी हुई सम्मति छोड़कर, जवानों की सम्मति के अनुसार उन से कहा, कि मेरे पिता ने तो तुम्हारा जूआ भारी कर दिया, परन्तु मैं उसे और भी भारी कर दूंगा: मेरे पिता ने तो कोड़ों से तुम को ताड़ना दी, परन्तु मैं तुम को बिच्छुओं से ताड़ना दूंगा।
1 Kings 12:15 सो राजा ने प्रजा की बात नहीं मानी, इसका कारण यह है, कि जो वचन यहोवा ने शीलोवासी अहिय्याह के द्वारा नबात के पुत्र यारोबाम से कहा था, उसको पूरा करने के लिये उसने ऐसा ही ठहराया था।
1 Kings 12:16 जब सब इस्राएल ने देखा कि राजा हमारी नहीं सुनता, तब वे बोले, कि दाऊद के साथ हमारा क्या अंश? हमारा तो यिशै के पुत्र में कोई भाग नहीं! हे इस्राएल अपने अपने डेरे को चले जाओ: अब हे दाऊद, अपने ही घराने की चिन्ता कर।
1 Kings 12:17 सो इस्राएल अपने अपने डेरे को चले गए। केवल जितने इस्राएली यहूदा के नगरों में बसे हुए थे उन पर रहूबियाम राज्य करता रहा।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 5-7
  • मरकुस 11:1-18



शनिवार, 7 मार्च 2020

सदा-सर्वदा



      मेरी पोती एलिसा और मेरा एक नियम है, हम विदा लेते समय एक दूसरे के गले से लिपट कर 20 सेकेण्ड तक ऊंची आवाज़ में रोने और सुबकने का नाटक करते हैं, और फिर एक दूसरे से पीछे हट कर सामान्य स्वर में कहते हैं “फिर मिलेंगे” और मुड़कर चल देते हैं। हमारी इस बचकानी प्रथा के बावजूद हमारी यही अपेक्षा रहती है कि हम फिर से मिलेंगे, और शीघ्र ही मिलेंगे।

      परन्तु कभी-कभी अपने प्यारों से बिछुड़ना बहुत कठिन हो सकता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में जब पौलुस ने इफिसुस की मसीही मण्डली के अगुवों  से अंतिम विदाई ली, तब “वे सब बहुत रोए और पौलुस के गले में लिपट कर उसे चूमने लगे। वे विशेष कर के इस बात का शोक करते थे, जो उसने कही थी, कि तुम मेरा मुंह फिर न देखोगे; और उन्होंने उसे जहाज तक पहुंचाया” (प्रेरितों 20:37-38)।

      सबसे अधिक शोक तब होता है जब हम मृत्यु के द्वारा अलग किए जाते हैं और इस जीवन में अंतिम बार अलविदा कहते हैं। वह बिछुड़ना कल्पना से भी बाहर होता है; हम शोकित होते हैं; हम रोते हैं। अपने प्रिय जन को फिर कभी न देख पाने के हृदयविदारक सत्य का सामना कर पाना असंभव प्रतीत होता है।

      लेकिन पौलुस ने ऐसे समयों के लिए लिखा है की हम उन के समान शोक न करें जिनके पास कोई आशा नहीं है, क्योंकि हम मसीही विश्वासियों के लिए, जिनका यह विश्वास है कि हमारा प्रभु मरा और फिर जी उठा, भविष्य में अपने मसीही विश्वासी प्रिय जनों के साथ एक पुनर्मिलन निश्चित है (1 थिस्सलुनीकियों 4:13-18)।

      और सबसे अच्छी बात यह है कि उसके बाद हम सभी मसीही विश्वासी एक-दूसरे के साथ और प्रभु के साथ सदा-सर्वदा तक रहेंगे। - सिंडी हैस कैस्पर

मृत्यु के समय प्रभु के लोग “अलविदा” नहीं परन्तु “फिर मिलेंगे” कहते हैं।

और जैसे आदम में सब मरते हैं, वैसा ही मसीह में सब जिलाए जाएंगे। - 1 कुरिन्थियों 15:22

बाइबल पाठ: 1 थिस्सलुनीकियों 4:13-18
1 Thessalonians 4:13 हे भाइयों, हम नहीं चाहते, कि तुम उनके विषय में जो सोते हैं, अज्ञान रहो; ऐसा न हो, कि तुम औरों के समान शोक करो जिन्हें आशा नहीं।
1 Thessalonians 4:14 क्योंकि यदि हम प्रतीति करते हैं, कि यीशु मरा, और जी भी उठा, तो वैसे ही परमेश्वर उन्हें भी जो यीशु में सो गए हैं, उसी के साथ ले आएगा।
1 Thessalonians 4:15 क्योंकि हम प्रभु के वचन के अनुसार तुम से यह कहते हैं, कि हम जो जीवित हैं, और प्रभु के आने तक बचे रहेंगे तो सोए हुओं से कभी आगे न बढ़ेंगे।
1 Thessalonians 4:16 क्योंकि प्रभु आप ही स्वर्ग से उतरेगा; उस समय ललकार, और प्रधान दूत का शब्द सुनाई देगा, और परमेश्वर की तुरही फूंकी जाएगी, और जो मसीह में मरे हैं, वे पहिले जी उठेंगे।
1 Thessalonians 4:17 तब हम जो जीवित और बचे रहेंगे, उन के साथ बादलों पर उठा लिये जाएंगे, कि हवा में प्रभु से मिलें, और इस रीति से हम सदा प्रभु के साथ रहेंगे।
1 Thessalonians 4:18 सो इन बातों से एक दूसरे को शान्‍ति दिया करो।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 3-4
  • मरकुस 10:32-52



शुक्रवार, 6 मार्च 2020

बच्चों के समान



      वह छोटी लड़की स्तुति के संगीत पर गलियारे में आनंदपूर्वक और शालीनता के साथ अकेली ही नृत्य कर रही थी। वह गलियारे में अकेली ही थी, परन्तु इससे वह थिरकने, हाथ हिलाने, घूमने और अपने पांवों को संगीत के साथ उठाने से रुक नहीं रही थी; और उसकी माँ भी मुस्कुराती हुई उसे देख रही थी किन्तु उसे रोक नहीं रही थी।

      उसे देखते हुए मेरा मन भी उत्साहित हुआ, और बहुत लालसा हुई कि मैं भी उसके साथ नृत्य करूं – परन्तु मैंने नहीं किया। मैं बहुत पहले ही आनंद और कौतूहल की अपनी बचपने की निःसंकोच अभिव्यक्ति को कहीं खो चुकी थी। यद्यपि हम से अपेक्षा रखी जाती है कि हम अपने बचपन की बातों को पीछे छोड़कर व्यसक और परिपक्व होंगे, किन्तु कभी हम से यह अपेक्षा नहीं की गई है कि हम परमेश्वर के साथ अपने संबंध में बचपन के उस आनंद और कौतूहल को कहीं खो देंगे।

      हम परमेश्वर के वचन बाइबल में देखते हैं कि जब प्रभु यीशु पृथ्वी पर थे, तो वे बच्चों का उनके पास आने का स्वागत करते थे, और अपनी शिक्षाओं में अकसर उनका उल्लेख करते थे (मत्ती 11:25; 18:3; 21:16)। एक बार तो उन्होंने अपने शिष्यों को डांटा, क्योंकि वे बच्चों को आशीष देने के लिए उनके पास लाने से माता-पिताओं को रोक रहे थे; प्रभु ने कहा, “बालकों को मेरे पास आने दो और उन्हें मना न करो, क्योंकि परमेश्वर का राज्य ऐसों ही का है” (मरकुस 10:14)। प्रभु उन बच्चों के समान गुणों के बारे में कह रहे थे जो हमें मसीह को स्वीकार करने के लिए तैयार करते हैं – आनन्द और कौतूहल, परन्तु साथ ही सादगी, निर्भरता, भरोसा, और नम्रता भी।

      बच्चों के समान आनन्द और कौतुहल हमारे मनों को उसे स्वीकार करने के लिए और भी अधिक संवेदनशील बनाते हैं। प्रभु हमारी प्रतीक्षा में है, कि हम बच्चों के समान उसकी बाहों में चले आएं। - एलिसन कीडा

भरोसा सबसे अधिक बच्चे के समान मन में ही चमकता है।

उसी समय यीशु ने कहा, हे पिता, स्वर्ग और पृथ्वी के प्रभु; मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, कि तू ने इन बातों को ज्ञानियों और समझदारों से छिपा रखा, और बालकों पर प्रगट किया है। - मत्ती 11:25

बाइबल पाठ: मरकुस 10:13-16
Mark 10:13 फिर लोग बालकों को उसके पास लाने लगे, कि वह उन पर हाथ रखे, पर चेलों ने उन को डांटा।
Mark 10:14 यीशु ने यह देख क्रुध हो कर उन से कहा, बालकों को मेरे पास आने दो और उन्हें मना न करो, क्योंकि परमेश्वर का राज्य ऐसों ही का है।
Mark 10:15 मैं तुम से सच कहता हूं, कि जो कोई परमेश्वर के राज्य को बालक के समान ग्रहण न करे, वह उस में कभी प्रवेश करने न पाएगा।
Mark 10:16 और उसने उन्हें गोद में लिया, और उन पर हाथ रखकर उन्हें आशीष दी।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 1-2
  • मरकुस 10:1-31



गुरुवार, 5 मार्च 2020

सामर्थ्य



      मेरा मित्र आर्ची छुट्टियाँ मनाकर जब घर लौटा तो उसने पाया कि उसके पड़ौसी ने उसकी ज़मीन की सीमा के पांच फुट अन्दर आकर बाड़ लगा ली थी। कई सप्ताह बीत गए, जिनमें आर्ची ने अपने पड़ौसी के साथ उस बाड़ को हटाने के प्रयास किए। उसने इस काम के खर्च को आधा-आधा बाँटने का भी प्रस्ताव दिया, परन्तु कुछ नहीं हुआ। आर्ची नागरिक अधिकारियों के सामने शिकायत रख सकता था, मुकद्दमा कर सकता था। परन्तु उसने अपने इस अधिकार को प्रयोग न करने का निर्णय लिया और उस बाड़ को बने रहने दिया – ताकि अपने पड़ौसी को परमेश्वर के अनुग्रह को दिखा सके।

      हो सकता है कि आप कहें, “आर्ची डरपोक और दब्बू है;” परन्तु मैं कहूँगा की वह असाधारण सामर्थ्य से भरा हुआ है – उसने अधिग्रहण के ऊपर अनुग्रह को चुना।

      इस सन्दर्भ में मैं परमेश्वर के वचन बाइबल के पात्रों, अब्राहम और लूत के बारे में सोचता हूँ। यद्यपि ये दोनों चाचा-भतीजा थे, परन्तु उनके पशुओं की अधिकाई के कारण उनके लिए स्थान छोटा पड़ने लगा और उनके चरवाहों में झगड़े होने लगे। उस समय उसी स्थान पर अन्याजाति, अविश्वासी कनानी और परिज्जी लोग भी रहा करते थे (उत्पत्ति 13:7)। अब्राहम ने लूत को प्रस्ताव दिया कि वे अपने-अपने स्थान चुनकर अलग-अलग जाकर रहते हैं, जिससे झगड़े न बढ़ें, और उसने पहला चुनाव करने का अधिकार अपने भतीजे लूत को दिया। लूत ने अवसर का लाभ उठाया और सबसे उपजाऊ तथा सींचा हुआ क्षेत्र अपने लिए चुन लिया; और अब्राहम ने जो रह गया था, वह ले लिया। समय बीता और लूत ने जो चुना था वह सब नाश हो गया, और उसने सब कुछ गँवा दिया; किन्तु जो उस समय अनुपजाऊ और बंजर लग रहा था, वही अब्राहम और उसके वंशजों के लिए परमेश्वर द्वारा प्रतिज्ञा की हुई आशीष की भूमि हो गया (पद 12-17)।

      हमारे अधिकार होते हैं, और हम उनका प्रयोग भी कर सकते हैं, विशेषकर तब जब औरों के अधिकारों की भी बात साथ में हो। कभी-कभी हमारा उन अधिकारों के निर्वाह की मांग करना सही भी हो सकता है, जैसा की पौलुस ने किया जब धर्म-संसद ने उसके विरुद्ध अन्यायपूर्ण कार्य किया (प्रेरितों 23:1-3)। परन्तु हम ऐसा करने के स्थान पर संसार के समक्ष एक बेहतर नमूना भी रख सकते हैं, नम्र होकर मामले के निपटारे को परमेश्वर के हाथों में छोड़ना। बाइबल इसे दुर्बलता नहीं विनम्रता – परमेश्वर के नियंत्रण में सामर्थ्य, कहती है। - डेविड एच. रोपर

मेरे जीवन की गवाही से मेरे पड़ौसी को परमेश्वर के गुणों की अनुभूति होती है।

उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें। - मत्ती 5:16

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 13:1-18
Genesis 13:1 तब अब्राम अपनी पत्नी, और अपनी सारी सम्पत्ति ले कर, लूत को भी संग लिये हुए, मिस्र को छोड़ कर कनान के दक्खिन देश में आया।
Genesis 13:2 अब्राम भेड़-बकरी, गाय-बैल, और सोने-रूपे का बड़ा धनी था।
Genesis 13:3 फिर वह दक्खिन देश से चलकर, बेतेल के पास उसी स्थान को पहुंचा, जहां उसका तम्बू पहले पड़ा था, जो बेतेल और ऐ के बीच में है।
Genesis 13:4 यह स्थान उस वेदी का है, जिसे उसने पहले बनाई थी, और वहां अब्राम ने फिर यहोवा से प्रार्थना की।
Genesis 13:5 और लूत के पास भी, जो अब्राम के साथ चलता था, भेड़-बकरी, गाय-बैल, और तम्बू थे।
Genesis 13:6 सो उस देश में उन दोनों की समाई न हो सकी कि वे इकट्ठे रहें: क्योंकि उनके पास बहुत धन था इसलिये वे इकट्ठे न रह सके।
Genesis 13:7 सो अब्राम, और लूत की भेड़-बकरी, और गाय-बैल के चरवाहों के बीच में झगड़ा हुआ: और उस समय कनानी, और परिज्जी लोग, उस देश में रहते थे।
Genesis 13:8 तब अब्राम लूत से कहने लगा, मेरे और तेरे बीच, और मेरे और तेरे चरवाहों के बीच में झगड़ा न होने पाए; क्योंकि हम लोग भाई बन्धु हैं।
Genesis 13:9 क्या सारा देश तेरे साम्हने नहीं? सो मुझ से अलग हो, यदि तू बाईं ओर जाए तो मैं दाहिनी ओर जाऊंगा; और यदि तू दाहिनी ओर जाए तो मैं बाईं ओर जाऊंगा।
Genesis 13:10 तब लूत ने आंख उठा कर, यरदन नदी के पास वाली सारी तराई को देखा, कि वह सब सिंची हुई है। जब तक यहोवा ने सदोम और अमोरा को नाश न किया था, तब तक सोअर के मार्ग तक वह तराई यहोवा की बाटिका, और मिस्र देश के समान उपजाऊ थी।
Genesis 13:11 सो लूत अपने लिये यरदन की सारी तराई को चुन के पूर्व की ओर चला, और वे एक दूसरे से अलग हो गए।
Genesis 13:12 अब्राम तो कनान देश में रहा, पर लूत उस तराई के नगरों में रहने लगा; और अपना तम्बू सदोम के निकट खड़ा किया।
Genesis 13:13 सदोम के लोग यहोवा के लेखे में बड़े दुष्ट और पापी थे।
Genesis 13:14 जब लूत अब्राम से अलग हो गया तब उसके पश्चात यहोवा ने अब्राम से कहा, आंख उठा कर जिस स्थान पर तू है वहां से उत्तर-दक्खिन, पूर्व-पश्चिम, चारों ओर दृष्टि कर।
Genesis 13:15 क्योंकि जितनी भूमि तुझे दिखाई देती है, उस सब को मैं तुझे और तेरे वंश को युग युग के लिये दूंगा।
Genesis 13:16 और मैं तेरे वंश को पृथ्वी की धूल के किनकों की नाईं बहुत करूंगा, यहां तक कि जो कोई पृथ्वी की धूल के किनकों को गिन सकेगा वही तेरा वंश भी गिन सकेगा।
Genesis 13:17 उठ, इस देश की लम्बाई और चौड़ाई में चल फिर; क्योंकि मैं उसे तुझी को दूंगा।
Genesis 13:18 इसके पशचात्‌ अब्राम अपना तम्बू उखाड़ कर, माम्रे के बांजों के बीच जो हेब्रोन में थे जा कर रहने लगा, और वहां भी यहोवा की एक वेदी बनाई।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 34-36
  • मरकुस 9:30-50