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रविवार, 3 मई 2020

दृष्टिकोण



     हमारे इलाके में पिछले तीस वर्षों की तुलना में सबसे अधिक बर्फ पड़ी थी। लगातार पड़ रही बर्फ को बेलचे से रास्ते से हटाते-हटाते मेरी मांसपेशियां दुखने लगी थीं। उस दिन जब मैं अपने व्यर्थ प्रतीत होने वाले प्रयास को कर के, थकी हुई, घर के अन्दर कमरे में आई तो वहां जल रही आग की गर्मी से, और उसके चारों और बैठे अपने बच्चों को देखकर मुझे अच्छा लगा। अपने घर की सुरक्षा में से जब मैंने खिड़की से बाहर देखा, तो उस मौसम के प्रति मेरा दृष्टिकोण बिलकुल बदल गया। फिर मुझे करने के लिए और परिश्रम के स्थान पर पेड़ों की डालियों पर जमी हुई बर्फ, और दूर-दूर तक धरती पर फ़ैली हुई बर्फ की सफ़ेद चादर के सुन्दर दृश्य दिखाई देने लगे।

     मुझे ऐसा ही, किन्तु और भी अधिक मार्मिक, दृष्टिकोण में परिवर्तन परमेश्वर के वचन बाइबल में आसाप में दिखता है जब मैं उसके द्वारा लिखे गए भजन 73 को पढ़ती हूँ। इस भजन के आरम्भ में वह संसार की कार्य-प्रणाली, कैसे गलत करने वाले लाभान्वित होते दिखाई देते हैं और ईमानदार परेशान रहते हैं, के कारण दुखी होता है। उसे संदेह होता है कि संसार से भिन्न हो कर तथा औरों के लाभ के लिए जीने से क्या कोई लाभ है (पद 13)। परन्तु जब वह परमेश्वर की उपस्थिति में आता है, उसका दृष्टिकोण बदल जाता है (पद 16-17)। उसे ध्यान हो आता है कि परमेश्वर संसार और उसकी समस्याओं के साथ खराई से न्याय करेगा, और इससे भी अधिक महत्वपूर्ण बात, परमेश्वर की उपस्थिति में होना भला है (पद 28)।

     जब संसार की निरंतर बनी रहने वाली समस्याएं हमारे उत्साह को ठंडा कर देती हैं, हमें हताश करने लगती हैं, तो प्रार्थना में परमेश्वर की उपस्थिति में आने और उसके प्रेम, ढाढ़स, और आशा द्वारा प्रोत्साहित होना बहुत अच्छा होता है। परमेश्वर के जीवन और दृष्टिकोण बदल देने वाले सत्य – कि उसका न्याय और समझ-बूझ, हमारे दृष्टिकोण से कहीं बढ़कर और उत्तम है, हमने ठंडेपन से निकालकर उसकी शांति की गर्मी प्रदान करता है। चाहे हमारी परिस्थितियाँ न भी बदलें, हमारा बदला हुआ दृष्टिकोण हमें परमेश्वर के कार्यों में निहित भलाई और सुन्दरता देख पाने की समझ देता है। - कर्सटिन होल्मबर्ग

परमेश्वर ही हमें सही दृष्टिकोण प्रदान करता है।

मेरी आंखें खोल दे, कि मैं तेरी व्यवस्था की अद्भुत बातें देख सकूं। - भजन 119:18

बाइबल पाठ: भजन 73:12-28
भजन संहिता 73:12 देखो, ये तो दुष्ट लोग हैं; तौभी सदा सुभागी रहकर, धन सम्पत्ति बटोरते रहते हैं।
भजन संहिता 73:13 निश्चय, मैं ने अपने हृदय को व्यर्थ शुद्ध किया और अपने हाथों को निर्दोषता में धोया है;
भजन संहिता 73:14 क्योंकि मैं दिन भर मार खाता आया हूं और प्रति भोर को मेरी ताड़ना होती आई है।
भजन संहिता 73:15 यदि मैं ने कहा होता कि मैं ऐसा ही कहूंगा, तो देख मैं तेरे लड़कों की सन्तान के साथ क्रूरता का व्यवहार करता,
भजन संहिता 73:16 जब मैं सोचने लगा कि इसे मैं कैसे समझूं, तो यह मेरी दृष्टि में अति कठिन समस्या थी,
भजन संहिता 73:17 जब तक कि मैं ने ईश्वर के पवित्र स्थान में जा कर उन लोगों के परिणाम को न सोचा।
भजन संहिता 73:18 निश्चय तू उन्हें फिसलने वाले स्थानों में रखता है; और गिराकर सत्यानाश कर देता है।
भजन संहिता 73:19 अहा, वे क्षण भर में कैसे उजड़ गए हैं! वे मिट गए, वे घबराते घबराते नाश हो गए हैं।
भजन संहिता 73:20 जैसे जागने हारा स्वप्न को तुच्छ जानता है, वैसे ही हे प्रभु जब तू उठेगा, तब उन को छाया सा समझ कर तुच्छ जानेगा।
भजन संहिता 73:21 मेरा मन तो चिड़चिड़ा हो गया, मेरा अन्त:करण छिद गया था,
भजन संहिता 73:22 मैं तो पशु सरीखा था, और समझता न था, मैं तेरे संग रह कर भी, पशु बन गया था।
भजन संहिता 73:23 तौभी मैं निरन्तर तेरे संग ही था; तू ने मेरे दाहिने हाथ को पकड़ रखा।
भजन संहिता 73:24 तू सम्मति देता हुआ, मेरी अगुवाई करेगा, और तब मेरी महिमा कर के मुझ को अपने पास रखेगा।
भजन संहिता 73:25 स्वर्ग में मेरा और कौन है? तेरे संग रहते हुए मैं पृथ्वी पर और कुछ नहीं चाहता।
भजन संहिता 73:26 मेरे हृदय और मन दोनों तो हार गए हैं, परन्तु परमेश्वर सर्वदा के लिये मेरा भाग और मेरे हृदय की चट्टान बना है।
भजन संहिता 73:27 जो तुझ से दूर रहते हैं वे तो नाश होंगे; जो कोई तेरे विरुद्ध व्यभिचार करता है, उसको तू विनाश करता है।
भजन संहिता 73:28 परन्तु परमेश्वर के समीप रहना, यही मेरे लिये भला है; मैं ने प्रभु यहोवा को अपना शरणस्थान माना है, जिस से मैं तेरे सब कामों का वर्णन करूं।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजाओं 14-15
  • लूका 22:21-46



शनिवार, 2 मई 2020

प्रेम



     एक दिन मेरी बेटी हमारे एक वर्षीय नाती के साथ, हमारे घर कुछ समय बिताने के लिए आई। मुझे घर से बाहर कुछ काम करने के लिए जाने था, इसलिए जैसे ही मैं कमरे से बाहर जाने लगा, मेरा नाती रोने लगा। ऐसा दो बार हुआ, और हर बार मैं वापस आकर उसके साथ कुछ पल बिताता, उससे बात करता। मैं जब तीसरी बार बाहर जाने लगा, तो फिर से उसके होंठ रोना आरम्भ करने के लिए कंपकंपाने लगे। तब मेरी बेटी ने कहा, “पिताजी, आप उसे अपने साथ ही बाहर ले जाएं।”

     अब, कोई भी नाना-नानी, दादा-दादी, आपको बता सकते हैं की इसके आगे क्या हुआ होगा। मेरा नाती मेरे साथ बाहर घूमने के लिए गया, क्योंकि मैं उस से प्रेम करता हूँ।

     यही बात परमेश्वर के साथ हमारे संबंध में भी है, उस बच्चे की मेरे प्रति अभिलाषा के समान, परमेश्वर के प्रति हमारी अभिलाषाओं का प्रत्युत्तर भी प्रेम ही होता है। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें आश्वस्त करती है कि, “और जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, उसको हम जान गए, और हम ने उस की प्रतीति है; परमेश्वर प्रेम है: जो प्रेम में बना रहता है, वह परमेश्वर में बना रहता है; और परमेश्वर उस में बना रहता है” (1 यूहन्ना 4:16)। परमेश्वर हम से हमारे द्वारा कुछ किए गए या नहीं किए गए के कारण प्रेम नहीं करता है। उसका प्रेम हमारी किसी भी योग्यता पर कतई आधारित नहीं है, वरन उसकी भलाई और विश्वासयोग्यता के कारण है। जब कि हमारे चारों ओर का संसार प्रेम और दया से रहित है, हम परमेश्वर के कभी न बदलने वाले प्रेम पर अपनी आशा और शान्ति का स्त्रोत होने के लिए सदा भरोसा बनाए रख सकते हैं।

     हमारे स्वर्गीय पिता का हृदय उसके द्वारा हमें दी गई उसके पुत्र और उसकी आत्मा की भेंट में होकर प्रगट है। यह आश्वासन कितना शांतिदायक है कि परमेश्वर हम से ऐसा प्रेम रखता है जिसका कभी अंत नहीं होगा। - जेम्स बैंक्स

परमेश्वर की अभिलाषा है कि हम उसकी लालसा रखें।

फसह के पर्व से पहिले जब यीशु ने जान लिया, कि मेरी वह घड़ी आ पहुंची है कि जगत छोड़कर पिता के पास जाऊं, तो अपने लोगों से, जो जगत में थे, जैसा प्रेम वह रखता था, अन्‍त तक वैसा ही प्रेम रखता रहा। - यूहन्ना 13:1

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 4:13-16
1 यूहन्ना 4:13 इसी से हम जानते हैं, कि हम उस में बने रहते हैं, और वह हम में; क्योंकि उसने अपने आत्मा में से हमें दिया है।
1 यूहन्ना 4:14 और हम ने देख भी लिया और गवाही देते हैं, कि पिता ने पुत्र को जगत का उद्धारकर्ता कर के भेजा है।
1 यूहन्ना 4:15 जो कोई यह मान लेता है, कि यीशु परमेश्वर का पुत्र है: परमेश्वर उस में बना रहता है, और वह परमेश्वर में।
1 यूहन्ना 4:16 और जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, उसको हम जान गए, और हम ने उस की प्रतीति है; परमेश्वर प्रेम है: जो प्रेम में बना रहता है, वह परमेश्वर में बना रहता है; और परमेश्वर उस में बना रहता है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजाओं 12-13
  • लूका 22:1-20



शुक्रवार, 1 मई 2020

प्रतीक्षा



     प्रति मई दिवस (मई 1) के दिन, इंगलैंड के ऑक्सफ़ोर्ड में, बसंत ऋतु के आगमन का स्वागत करने के लिए एक भीड़ तड़के प्रातः एकत्रित होती है। प्रातः 6:00 बजे, मैग्डालैन कॉलेज की संगीत मंडली मैग्डालैन मीनार से गीत गाती है। हज़ारों प्रतीक्षा करते हैं कि अंधेरी रात गीतों और घंटियों के बजने के साथ समाप्त होगी और दिन निकलेगा।

     उन लोगों के समान मैं भी प्रतीक्षा करती हूँ, अपनी प्रार्थनाओं का उत्तर आने का, परमेश्वर से मार्गदर्शन मिलने का। यद्यपि मैं उस समय को तो नहीं जानती हूँ जब मेरी प्रतीक्षा समाप्त होगी, फिर भी मैं एक आशा के साथ प्रतीक्षा करती हूँ। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 130 में, भजनकार एक घोर परेशानी में होने, ऐसी परिस्थिति का सामना करने का, जो सबसे काली रात के समान थी, लिखता है। अपनी उन परेशानियों के मध्य में, वह परमेश्वर पर भरोसा बनाए रखने और उस पहरेदार के समान सचेत रहने, जिसे पौ फटने की घोषणा करने का दायित्व दिया गया है, का निर्णय लेता है, “पहरूए जितना भोर को चाहते हैं, हां, पहरूए जितना भोर को चाहते हैं, उस से भी अधिक मैं यहोवा को अपने प्राणों से चाहता हूं” (भजन 130:6)।

     भजनकार को परमेश्वर की विश्वासयोग्यता के प्रकट होने के भरोसे से आशा मिलती है और उस अन्धकार को सहने की सामर्थ्य भी। समस्त पवित्र शास्त्र में दी गई परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं के आधार पर, उसे प्रतीक्षा करते रहने में भी आशा बनी रहती है, यद्यपि उसने अभी भोर की पहली किरणों को देखा नहीं है।

     यदि आप किसी काली रात में हैं, तो प्रोत्साहित हो जाएं। भोर आने वाली है – चाहे इस जीवन अथवा स्वर्ग में! इस बीच में, आशा न छोड़ें, प्रभु के छुटकारे की प्रतीक्षा करें। वह विश्वासयोग्य है। - लीसा सामरा

चाहे अन्धकार हो अथवा उजाला, परमेश्वर पर सदा भरोसा किया जा सकता है।

परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों के समान उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे। - यशायाह 40:31

बाइबल पाठ: भजन 130:1-6
भजन संहिता 130:1 हे यहोवा, मैं ने गहिरे स्थानों में से तुझ को पुकारा है!
भजन संहिता 130:2 हे प्रभु, मेरी सुन! तेरे कान मेरे गिड़गिड़ाने की ओर ध्यान से लगे रहें!
भजन संहिता 130:3 हे याह, यदि तू अधर्म के कामों का लेखा ले, तो हे प्रभु कौन खड़ा रह सकेगा?
भजन संहिता 130:4 परन्तु तू क्षमा करने वाला है? जिस से तेरा भय माना जाए।
भजन संहिता 130:5 मैं यहोवा की बाट जोहता हूं, मैं जी से उसकी बाट जोहता हूं, और मेरी आशा उसके वचन पर है;
भजन संहिता 130:6 पहरूए जितना भोर को चाहते हैं, हां, पहरूए जितना भोर को चाहते हैं, उस से भी अधिक मैं यहोवा को अपने प्राणों से चाहता हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजाओं 10-11
  • लूका 21:20-38



गुरुवार, 30 अप्रैल 2020

छुडाए गए



     पूर्वी अफ्रीका के देश जैनज़िबार, में स्टोन टाउन के विशाल क्राइस्ट चर्च भवन की हमारी यात्रा, हमारे लिए बहुत हृदयस्पर्शी थी। वह चर्च भवन आज उस स्थान पर स्थित है जहां कभी पूर्वी अफ्रीका की सबसे बड़ी दास-मंडी हुआ करती थी। इस चर्च भवन के बनाने वाले, एक भौतिक चिन्ह के द्वारा, दिखाना चाहते थे कि प्रभु यीशु में उद्धार के सुसमाचार के द्वारा किस प्रकार से दासता की बेड़ियाँ तोड़ दी जाती हैं। वह स्थान अब फिर कभी उस वीभत्स अत्याचार और बुराई का स्थान नहीं होगा, वरन परमेश्वर के अवतरित अनुग्रह की महिमा का स्थान होगा।

     जिन्होंने उस चर्च भवन को बनवाया, वे यह व्यक्त करना चाहते थे कि प्रभु यीशु द्वारा क्रूस पर दिया गया बलिदान किस प्रकार से पाप के बंधनों से छुड़ा लेता है। इसी बात को परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने इफसुस की मसीही मंडली को लिखी अपनी पत्री में कहा: “हम को उस में उसके लोहू के द्वारा छुटकारा, अर्थात अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है” (इफिसियों 1:7)। यहाँ पर प्रयुक्त शब्द छुटकारा, पुराने नियम में बेचने-खरीदने की मंडी का अभिप्राय देता है, जहां पर किसी व्यक्ति अथवा वस्तु को खरीद लिया जाता था। प्रभु यीशु ने अपने प्राणों की कीमत के द्वारा पाप तथा बुराई के दासत्व से छुड़ा लेने के लिए संसार के सभी लोगों के लिए कीमत चुका दी है; अब बस संसार के प्रत्येक जन को स्वेच्छा से पाप और बुराई को छोड़कर, प्रभु यीशु के साथ हो लेने का निर्णय लेना है।

     इफसुस को लिखी इस पत्री के आरंभिक शब्दों (पद 3-14) में, वह मसीह यीशु में मिली इस स्वतंत्रता का विचार करके आनन्द से उमंडने लगता है। वह आराधना और स्तुति में होकर प्रभु यीशु की मृत्यु द्वारा हमारे प्रति परमेश्वर के अनुग्रह का बखान करता है, जिसके फलस्वरूप हम पाप के बंधनों से छुडाए गए।

     अब संसार के किसी भी व्यक्ति को पाप के दासत्व में बने रहने की कोई अनिवार्यता अथवा आवश्यकता नहीं है, क्योंकि हम प्रभु यीशु द्वारा परमेश्वर के लिए जीने और उसकी महिमा करने के लिए छुड़ा लिए गए हैं। - एमी बाउचर पाई

प्रभु यीशु हमें पाप के दासत्व से छुड़ाता है।

जिसने अपने आप को हमारे लिये दे दिया, कि हमें हर प्रकार के अधर्म से छुड़ा ले, और शुद्ध कर के अपने लिये एक ऐसी जाति बना ले जो भले भले कामों में सरगर्म हो। - तीतुस 2:14

बाइबल पाठ: इफिसियों 1:3-14
इफिसियों 1:3 हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद हो, कि उसने हमें मसीह में स्‍वर्गीय स्थानों में सब प्रकार की आशीष दी है।
इफिसियों 1:4 जैसा उसने हमें जगत की उत्‍पति से पहिले उस में चुन लिया, कि हम उसके निकट प्रेम में पवित्र और निर्दोष हों।
इफिसियों 1:5 और अपनी इच्छा की सुमति के अनुसार हमें अपने लिये पहिले से ठहराया, कि यीशु मसीह के द्वारा हम उसके लेपालक पुत्र हों,
इफिसियों 1:6 कि उसके उस अनुग्रह की महिमा की स्‍तुति हो, जिसे उसने हमें उस प्यारे में सेंत मेंत दिया।
इफिसियों 1:7 हम को उस में उसके लोहू के द्वारा छुटकारा, अर्थात अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है।
इफिसियों 1:8 जिसे उसने सारे ज्ञान और समझ सहित हम पर बहुतायत से किया।
इफिसियों 1:9 कि उसने अपनी इच्छा का भेद उस सुमति के अनुसार हमें बताया जिसे उसने अपने आप में ठान लिया था।
इफिसियों 1:10 कि समयों के पूरे होने का ऐसा प्रबन्‍ध हो कि जो कुछ स्वर्ग में है, और जो कुछ पृथ्वी पर है, सब कुछ वह मसीह में एकत्र करे।
इफिसियों 1:11 उसी में जिस में हम भी उसी की मनसा से जो अपनी इच्छा के मत के अनुसार सब कुछ करता है, पहिले से ठहराए जा कर मीरास बने।
इफिसियों 1:12 कि हम जिन्हों ने पहिले से मसीह पर आशा रखी थी, उस की महिमा की स्‍तुति के कारण हों।
इफिसियों 1:13 और उसी में तुम पर भी जब तुम ने सत्य का वचन सुना, जो तुम्हारे उद्धार का सुसमाचार है, और जिस पर तुम ने विश्वास किया, प्रतिज्ञा किए हुए पवित्र आत्मा की छाप लगी।
इफिसियों 1:14 वह उसके मोल लिये हुओं के छुटकारे के लिये हमारी मीरास का बयाना है, कि उस की महिमा की स्‍तुति हो।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजाओं 8-9
  • लूका 21:1-19



बुधवार, 29 अप्रैल 2020

साहस और सामर्थ्य



     मेरे बचपन के समय के निवास स्थान पर हमारे चर्च में ब्रदर जस्टिस एक बहुत विश्वासयोग्य व्यक्ति थे। वे अपने विवाह के प्रति  निष्ठावान थे, डाक-खाने में अपने कार्य के प्रति समर्पित थे, और प्रत्येक इतवार की आराधाना सभा के समय हमारे चर्च में अगुवे के रूप में सदैव उपस्थित रहते थे। हाल ही में मैं अपने बचपन के उस चर्च में गया, और वहां प्यानो के ऊपर वही घंटी रखी हुई थी जिसे ब्रदर जस्टिस सूचित करने के लिए बजाते थे, जब परमेश्वर के वचन बाइबल के अध्ययन का समय समाप्त होने को होता था। वह घंटी इतने समय तक अपने स्थान पर ठीक बनी रही है। ब्रदर जस्टिस को प्रभु के पास गए कई वर्ष बीत गए हैं, किन्तु उनकी विश्वासयोग्यता का चिन्ह आज भी चर्च में बना हुआ है।

     बाइबल में इब्रानियों के अध्याय 3 में एक विश्वासयोग्य सेवक और पुत्र की ओर पाठक का ध्यान खींचा गया है। परमेश्वर का सेवक होने में मूसा की भूमिका पर कोई संदेह नहीं है, किन्तु पाठकों को यीशु पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए कहा गया है, “सो हे पवित्र भाइयों तुम जो स्‍वर्गीय बुलाहट में भागी हो, उस प्रेरित और महायाजक यीशु पर जिसे हम अंगीकार करते हैं ध्यान करो” (पद 1)। जितने परीक्षाओं का सामना कर रहे थे, उन सभी को ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया (2:18)। उनकी विरासत उन्हें केवल विश्वासयोग्य प्रभु यीशु का अनुसरण करने से ही प्राप्त होगी।

     जब परीक्षाओं की हवाएं आपके चारों ओर चल रही होती हैं, तब आप क्या करते हैं? तब, जब आप थके हुए, जीर्ण, और हार मान लेने की कगार पर हों? इब्रानियों 3:1 हमें आमंत्रित करता है कि हम ध्यान से, मन लगाकर प्रभु यीशु की ओर देखें, उसके जीवन पर मनन करें। हम जब यीशु पर ध्यान करेंगे तो हमें वह विश्वासयोग्य परमेश्वर का पुत्र मिलेगा जो हमें उसके परिवार में होकर संसार में अपने जीवन को विश्वासयोग्यता से व्यतीत करने का साहस और सामर्थ्य देता है। - आर्थर जैक्सन

प्रभु यीशु पर ध्यान लगाए रखने से हम जीवन की सभी चुनौतियों का सामना कर सकते हैं।

और विश्वास के कर्ता और सिद्ध करने वाले यीशु की ओर ताकते रहें; जिसने उस आनन्द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्ज़ा की कुछ चिन्‍ता न कर के, क्रूस का दुख सहा; और सिंहासन पर परमेश्वर के दाहिने जा बैठा। इसलिये उस पर ध्यान करो, जिसने अपने विरोध में पापियों का इतना वाद-विवाद सह लिया कि तुम निराश हो कर हियाव न छोड़ दो। - इब्रानियों 12:2-3

बाइबल पाठ: इब्रानियों 3:1-6
इब्रानियों 3:1 सो हे पवित्र भाइयों तुम जो स्‍वर्गीय बुलाहट में भागी हो, उस प्रेरित और महायाजक यीशु पर जिसे हम अंगीकार करते हैं ध्यान करो।
इब्रानियों 3:2 जो अपने नियुक्त करने वाले के लिये विश्वास योग्य था, जैसा मूसा भी उसके सारे घर में था।
इब्रानियों 3:3 क्योंकि वह मूसा से इतना बढ़ कर महिमा के योग्य समझा गया है, जितना कि घर का बनाने वाला घर से बढ़ कर आदर रखता है।
इब्रानियों 3:4 क्योंकि हर एक घर का कोई न कोई बनाने वाला होता है, पर जिसने सब कुछ बनाया वह परमेश्वर है।
इब्रानियों 3:5 मूसा तो उसके सारे घर में सेवक के समान विश्वास योग्य रहा, कि जिन बातों का वर्णन होने वाला था, उन की गवाही दे।
इब्रानियों 3:6 पर मसीह पुत्र के समान उसके घर का अधिकारी है, और उसका घर हम हैं, यदि हम साहस पर, और अपनी आशा के घमण्‍ड पर अन्‍त तक दृढ़ता से स्थिर रहें।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजाओं 6-7
  • लूका 20:27-47



मंगलवार, 28 अप्रैल 2020

प्रशिक्षण



     जब मेरे बेटे के अध्यापक ने मुझ से निवेदन किया की मैं उनके विज्ञान शिविर में एक सहायिका बनूँ, तो मुझे संकोच हुआ। परमेश्वर ने मुझे अपने बेटे से प्रेम करने और उसकी अच्छी परवरिश करने में मेरी सहायता की थी, परन्तु मुझे अकसर संदेह रहता था कि औरों की सेवा करने के लिए वह मुझे कैसे उपयोग कर सकेगा? मैं किसी के लिए सहायक या आदर्श कैसे हो सकती थी जब मेरा अतीत गलतियों से भरा पड़ा था, और मैं आज भी गलत आदतों के साथ संघर्ष करती हूँ, और कभी-कभी लड़खड़ा कर उन में फिर से गिर भी जाती हूँ?

      मैं आज भी कभी-कभी यह ध्यान नहीं रखने पाती हूँ कि परमेश्वर – जो एकमात्र सिद्ध है, केवल वही एक है जो हृदयों और जीवनों को बदला सकता है – हमें समय के साथ-साथ बदलता भी चला जाता है। फिर पवित्र आत्मा मुझे स्मरण करवाता है कि कैसे पौलुस ने तीमुथियुस को प्रोत्साहित किया कि वह अपने दायित्वों का निर्वाह करते हुए प्रशिक्षित होता चला जाए, विश्वास में स्थिर बना रहे, और परमेश्वर ने जो वरदान उसे दिए हैं, उनका उपयोग करे (2 तीमुथियुस 1:6)। तीमुथियुस साहस रख सकता था क्योंकि, उसके बल का स्त्रोत, परमेश्वर उसकी सहायता करेगा कि, जो लोग उसकी सेवा के क्षेत्र में होंगे उनकी सेवा करते हुए वह प्रेम रखे और अनुशासित रहे; इससे स्वयं उसकी भी बढ़ोतरी होती रहेगी, तथा वह और अधिक परिपक्व होता जाएगा (पद 7)।

     प्रभु यीशु हमें उद्धार देता है और हमें बलवंत करता है कि हम अपने जीवनों के द्वारा उसका आदर करें; इसलिए नहीं क्योंकि हम में कुछ विशेष योग्यताएं हैं, परन्तु इसलिए क्योंकि हम सभी उसके परिवार के बहुमूल्य सदस्य है (पद 9)।

     हम इस दायित्व का विश्वासयोग्यता से निर्वाह कर सकते हैं यदि हमें यह ध्यान रहे कि हमारा कार्य केवल परमेश्वर तथा औरों से प्रेम रखना है। मसीह का काम है कि हमें उद्धार, और हमें अपना वह उद्देश्य भी दे, जो संसार के प्रति हमारे सीमित दृष्टिकोण की सीमाओं से भी बाहर है। हम जब दैनिक जीवन में मसीह यीशु का अनुसरण करते रहते हैं, तब वह हमें सक्षम और परिवर्तित करता जाता है, औरों को प्रोत्साहित करने के लिए हमें प्रयोग करता है, और हम उसके प्रेम तथा सत्य को औरों तक पहुंचाने के लिए प्रशिक्षित होते चले जाते हैं। - होकिटिल डिक्सन

हमारी सामर्थ्य के स्त्रोत के साथ हमारा व्यक्तिगत संबंध, 
हमें विश्वासयोग्यता से अपने दायित्व निभाने के लिए सक्षम करता है।

इन बातों की आज्ञा कर, और सिखाता रह। कोई तेरी जवानी को तुच्‍छ न समझने पाए; पर वचन, और चाल चलन, और प्रेम, और विश्वास, और पवित्रता में विश्वासियों के लिये आदर्श बन जा। - 1 तीमुथियुस 4:11-12

बाइबल पाठ:  2 तीमुथियुस 1:6-14
2 तीमुथियुस 1:6 इसी कारण मैं तुझे सुधि दिलाता हूं, कि तू परमेश्वर के उस वरदान को जो मेरे हाथ रखने के द्वारा तुझे मिला है चमका दे।
2 तीमुथियुस 1:7 क्योंकि परमेश्वर ने हमें भय की नहीं पर सामर्थ्य, और प्रेम, और संयम की आत्मा दी है।
2 तीमुथियुस 1:8 इसलिये हमारे प्रभु की गवाही से, और मुझ से जो उसका कैदी हूं, लज्ज़ित न हो, पर उस परमेश्वर की सामर्थ्य के अनुसार सुसमाचार के लिये मेरे साथ दुख उठा।
2 तीमुथियुस 1:9 जिसने हमारा उद्धार किया, और पवित्र बुलाहट से बुलाया, और यह हमारे कामों के अनुसार नहीं; पर अपनी मनसा और उस अनुग्रह के अनुसार है जो मसीह यीशु में सनातन से हम पर हुआ है।
2 तीमुथियुस 1:10 पर अब हमारे उद्धारकर्ता मसीह यीशु के प्रगट होने के द्वारा प्रकाश हुआ, जिसने मृत्यु का नाश किया, और जीवन और अमरता को उस सुसमाचार के द्वारा प्रकाशमान कर दिया।
2 तीमुथियुस 1:11 जिस के लिये मैं प्रचारक, और प्रेरित, और उपदेशक भी ठहरा।
2 तीमुथियुस 1:12 इस कारण मैं इन दुखों को भी उठाता हूं, पर लजाता नहीं, क्योंकि मैं उसे जिस की मैं ने प्रतीति की है, जानता हूं; और मुझे निश्‍चय है, कि वह मेरी थाती की उस दिन तक रखवाली कर सकता है।
2 तीमुथियुस 1:13 जो खरी बातें तू ने मुझ से सुनी हैं उन को उस विश्वास और प्रेम के साथ जो मसीह यीशु में है, अपना आदर्श बनाकर रख।
2 तीमुथियुस 1:14 और पवित्र आत्मा के द्वारा जो हम में बसा हुआ है, इस अच्छी थाती की रखवाली कर।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजाओं 3-5
  • लूका 20:1-26



सोमवार, 27 अप्रैल 2020

बुद्धि



     विख्यात ब्रिटिश पत्रकार और सामाजिक आलोचक, मैल्कम मग्रिज, साठ वर्ष की आयु में मसीही विश्वास में आए। अपने पचहत्तरवें जन्म दिन पर उन्होंने अपने अनुभवों के आधार पर जीवन से सम्बंधित पच्चीस व्यावाहारिक बातें बताईं। उनमें से एक थी, “मैं आज तक किसी ऐसे धनी व्यक्ति से नहीं मिला हूँ जो सुखी था, परन्तु शायद ही कभी किसी ऐसे निर्धन व्यक्ति से मिला होऊंगा जो धनी होना नहीं चाहता हो।” हम में से अधिकाँश इस बात से सहमत होंगे कि धन हमें खुशी नहीं दे सकता है, परन्तु फिर भी हम में से अधिकाँश और अधिक धन रखना चाहेंगे जिससे निश्चिन्त रह सकें।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में संसार के सबसे धनी और सबसे बुद्धिमान व्यक्ति, राजा सुलैमान, के जीवन का विवरण दिया गया है। उस विवरण के आधार पर, सुलैमान की संपत्ति दो ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से भी अधिक मूल्य की आंकी गई है। यद्यपि वह बहुत धनी था, परन्तु उसे यह भी ज्ञात था कि धन की बहुत सीमाएं भी होती हैं। उसके द्वारा लिखे गए नीतिवचनों के संकलन में नीतिवचन की पुस्तक का अध्याय 8 इस विषय पर उसके अनुभव पर आधारित है। सुलैमान बुद्धि द्वारा, एक व्यक्ति के रूप में, कही जा रही बातों को लिखता है : “हे मनुष्यों, मैं तुम को पुकारती हूं, और मेरी बात सब आदमियों के लिये है...क्योंकि मुझ से सच्चाई की बातों का वर्णन होगा; दुष्टता की बातों से मुझ को घृणा आती है” (पद 4-7); “चान्दी नहीं, मेरी शिक्षा ही को लो, और उत्तम कुन्दन से बढ़ कर ज्ञान को ग्रहण करो। क्योंकि बुद्धि, मूंगे से भी अच्छी है, और सारी मनभावनी वस्तुओं में कोई भी उसके तुल्य नहीं है” (पद 10-11)।

     बुद्धि कहती है, “मेरा फल चोखे सोने से, वरन कुन्दन से भी उत्तम है, और मेरी उपज उत्तम चान्दी से अच्छी है। मैं धर्म की बाट में, और न्याय की डगरों के बीच में चलती हूं, जिस से मैं अपने प्रेमियों को परमार्थ के भागी करूं, और उनके भण्डारों को भर दूं” (पद 19-21)।
     यही बुद्धि वास्तविक धन है। - डेविड सी. मेक्कैसलैंड

जितने उस के खोजी होकर उस का अनुसरण करते हैं, 
परमेश्वर उन सभी को बुद्धि का सच्चा धन प्रदान करता है।

यहोवा का भय मानना बुद्धि का आरम्भ है, और परमपवित्र ईश्वर को जानना ही समझ है। - नीतिवचन 9:10

बाइबल पाठ: नीतिवचन 8:10-21
नीतिवचन 8:10 चान्दी नहीं, मेरी शिक्षा ही को लो, और उत्तम कुन्दन से बढ़ कर ज्ञान को ग्रहण करो।
नीतिवचन 8:11 क्योंकि बुद्धि, मूंगे से भी अच्छी है, और सारी मनभावनी वस्तुओं में कोई भी उसके तुल्य नहीं है।
नीतिवचन 8:12 मैं जो बुद्धि हूं, सो चतुराई में वास करती हूं, और ज्ञान और विवेक को प्राप्त करती हूं।
नीतिवचन 8:13 यहोवा का भय मानना बुराई से बैर रखना है। घमण्ड, अंहकार, और बुरी चाल से, और उलट फेर की बात से भी मैं बैर रखती हूं।
नीतिवचन 8:14 उत्तम युक्ति, और खरी बुद्धि मेरी ही है, मैं तो समझ हूं, और पराक्रम भी मेरा है।
नीतिवचन 8:15 मेरे ही द्वारा राजा राज्य करते हैं, और अधिकारी धर्म से विचार करते हैं;
नीतिवचन 8:16 मेरे ही द्वारा राजा हाकिम और रईस, और पृथ्वी के सब न्यायी शासन करते हैं।
नीतिवचन 8:17 जो मुझ से प्रेम रखते हैं, उन से मैं भी प्रेम रखती हूं, और जो मुझ को यत्न से तड़के उठ कर खोजते हैं, वे मुझे पाते हैं।
नीतिवचन 8:18 धन और प्रतिष्ठा मेरे पास है, वरन ठहरने वाला धन और धर्म भी हैं।
नीतिवचन 8:19 मेरा फल चोखे सोने से, वरन कुन्दन से भी उत्तम है, और मेरी उपज उत्तम चान्दी से अच्छी है।
नीतिवचन 8:20 मैं धर्म की बाट में, और न्याय की डगरों के बीच में चलती हूं,
नीतिवचन 8:21 जिस से मैं अपने प्रेमियों को परमार्थ के भागी करूं, और उनके भण्डारों को भर दूं।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजाओं 1-2
  • लूका 19:28-48