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मंगलवार, 1 सितंबर 2020

विश्वास


         अपने पुलिस स्टेशन वापस आने पर पुलिस सिपाही विक मिग्लियो, थका हुआ दीवार से टिक कर बैठ गया। घरेलू हिंसा के निपटारे में उसके कार्य का आधा समय व्यय हो गया था। उस हिंसा के परिणाम स्वरूप एक बॉयफ्रेंड हिरासत में था, एक युवती घायल अवस्था में आपात-कालीन चिकित्सा कक्ष में थी और एक विचलित माँ सोच रही थी कि यह सब कैसे हो गया? उस जवान पुलिस सिपाही के मन में यह घटना बहुत समय तक अपना प्रभाव बनाए रखेगी। उसके साथ के एक अन्य अधिकारी ने उसे समझाया, “अब तुम इसके बारे में और क्या कर सकते थे; बात को यहीं छोड़ दो।” परन्तु विक को सहानुभूति के ये शब्द खोखले प्रतीत हुए। कुछ पुलिस वाले अपने कार्य की हृदय-स्पर्शी घटनाओं को अपने कार्य-स्थल पर ही छोड़ देते हैं। परन्तु विक ऐसा नहीं था; विशेषकर इस प्रकार के कठोर मालों के लिए तो बिलकुल नहीं।

         उस पुलिस अधिकारी विक का हृदय प्रभु यीशु मसीह की करुणा को दिखाता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु के शिष्यों ने उससे एक प्रश्न पूछा, “स्वर्ग के राज्य में बड़ा कौन है?” (मत्ती 18:1)। प्रभु ने एक बालक को अपने पास बुलाकर अपने शिष्यों से कहा, “मैं तुम से सच कहता हूं, यदि तुम न फिरो और बालकों के समान न बनो, तो स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने नहीं पाओगे” (पद 3)। फिर प्रभु ने किसी भी बालक को कोई भी हानि पहुंचाने वाले को सख्त चेतावनी दी (पद 6)। प्रभु के लिए बच्चे इतने विशेष हैं, कि उसने अपने शिष्यों से कहा, “देखो, तुम इन छोटों में से किसी को तुच्छ न जानना; क्योंकि मैं तुम से कहता हूं, कि स्वर्ग में उन के दूत मेरे स्वर्गीय पिता का मुंह सदा देखते हैं” (पद 10)।

         यह हमारे लिए कितनी आश्वस्त करने वाली बात है कि बच्चों के प्रति प्रभु यीशु का प्रेम, हम सभी के प्रति उसके प्रेम के साथ संबंधित है। इसीलिए वह हमें बच्चों के समान विश्वास रखने के द्वारा अपने पुत्र और पुत्री बनने का निमंत्रण देता है। - टिम गुस्ताफसन

 

हमारे सांसारिक परिवार हमें त्याग सकते हैं, परन्तु हमारा स्वर्गीय पिता हमें कभी नहीं त्यागेगा।


परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। - यूहन्ना 1:12

बाइबल पाठ: मत्ती 18:1-10

मत्ती 18:1 उसी घड़ी चेले यीशु के पास आकर पूछने लगे, कि स्वर्ग के राज्य में बड़ा कौन है?

मत्ती 18:2 इस पर उसने एक बालक को पास बुलाकर उन के बीच में खड़ा किया।

मत्ती 18:3 और कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, यदि तुम न फिरो और बालकों के समान न बनो, तो स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने नहीं पाओगे।

मत्ती 18:4 जो कोई अपने आप को इस बालक के समान छोटा करेगा, वह स्वर्ग के राज्य में बड़ा होगा।

मत्ती 18:5 और जो कोई मेरे नाम से एक ऐसे बालक को ग्रहण करता है वह मुझे ग्रहण करता है।

मत्ती 18:6 पर जो कोई इन छोटों में से जो मुझ पर विश्वास करते हैं एक को ठोकर खिलाए, उसके लिये भला होता, कि बड़ी चक्की का पाट उसके गले में लटकाया जाता, और वह गहिरे समुद्र में डुबाया जाता।

मत्ती 18:7 ठोकरों के कारण संसार पर हाय! ठोकरों का लगना अवश्य है; पर हाय उस मनुष्य पर जिस के द्वारा ठोकर लगती है।

मत्ती 18:8 यदि तेरा हाथ या तेरा पांव तुझे ठोकर खिलाए, तो काटकर फेंक दे; टुण्‍डा या लंगड़ा हो कर जीवन में प्रवेश करना तेरे लिये इस से भला है, कि दो हाथ या दो पांव रहते हुए तू अनन्त आग में डाला जाए।

मत्ती 18:9 और यदि तेरी आंख तुझे ठोकर खिलाए, तो उसे निकाल कर फेंक दे। काना हो कर जीवन में प्रवेश करना तेरे लिये इस से भला है, कि दो आंख रहते हुए तू नरक की आग में डाला जाए।

मत्ती 18:10 देखो, तुम इन छोटों में से किसी को तुच्‍छ न जानना; क्योंकि मैं तुम से कहता हूं, कि स्वर्ग में उन के दूत मेरे स्‍वर्गीय पिता का मुंह सदा देखते हैं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 135-136
  • '1 कुरिन्थियों 12

सोमवार, 31 अगस्त 2020

बचाव


         न्यू यॉर्क शहर में सन 2016 में लिफ्ट में फंस जाने की दुर्घटनाओं में इक्यावन लोगों के घायल होने और पाँच लोगों के मर जाने के बाद, लोगों को लिफ्ट के काम न करने की स्थिति में शांत रहने और सुरक्षित रहने के बारे में सिखाने के लिए विज्ञापनों को निकाला गया। यह देखा गया था कि जो सबसे अधिक घायल हुए थे, वे लोग थे जो अपने आप बाहर निकालने के प्रयास कर रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, ऐसी स्थिति में सबसे सुरक्षित बचाव का तरीका था कि लिफ्ट में लगी आपात-स्थिति की घंटी बजाएं, और शांत होकर सहायता आने की प्रतीक्षा करें। न्यू यॉर्क शहर के अधिकारियों ने लोगों को आश्वस्त किया कि वे लोगों को चोट लगने से बचाने और उन्हें उनकी विकट स्थिति से निकालने के लिए तुरंत सहायता उपलब्ध करवाएंगे।

         परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरितों के कार्य नामक पुस्तक में, पतरस ने उपदेश दिया, जिसमें अपने आप को अपने ही तरीकों से पाप से बचाने के प्रयासों के व्यर्थ होने के बारे में समझाया। लूका, जिसने यह पुस्तक लिखी थी, ने उस समय घटित हुई कुछ अद्भुत घटनाओं के बारे में लिखा, जिसमें प्रभु यीशु में विश्वास करने वाले ऐसी भाषाओं में बोल रहे थे जो उन्हें पहले नहीं आती थीं (प्रेरितों 2:1-12)। पतरस ने उठकर वहाँ एकत्रित अपने यहूदी भाइयों और बहनों समझाया कि वो लोग देख जो रहे थे – उद्धार के दिन में पवित्र आत्मा का उडेला जाना, वह एक प्राचीन भविष्यवाणी (योएल 2:28-32) की परिपूर्णता थी।

         जिन्होंने पाप और उसके दुष्प्रभावों से बचाव के लिए प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास किया था, उन पर अब पवित्र आत्मा की आशीष स्पष्ट दिखाई दे रही थी। फिर पतरस ने उन्हें बताया कि किस प्रकार यह आशीष अब संसार के सभी लोगों के लिए मुफ्त में उपलब्ध है (पद 21)। परमेश्वर के पास पहुँचने का मार्ग हमें व्यवस्था के पालन के द्वारा नहीं मिलता है वरन प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास करने, उस से अपने पापों की क्षमा माँगने और उसे अपना उद्धारकर्ता स्वीकार करने के द्वारा मिलता है।

         यदि हम पाप में फंसे हैं, तो हम अपने आप बचा नहीं सकते हैं। हमारी एकमात्र आशा प्रभु यीशु मसीह को अपना प्रभु और उद्धारकर्ता स्वीकार करके, स्वेच्छा से उसे अपना जीवन समर्पित कर देना है; बचाव का यही एक मार्ग है। - मार्विन विलियम्स

 

जो सहायता के लिए यीशु को पुकारते हैं, वे बचाए जाते हैं।


यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता। - यूहन्ना 14:6

बाइबल पाठ: प्रेरितों 2:14-21

प्रेरितों के काम 2:14 पतरस उन ग्यारह के साथ खड़ा हुआ और ऊंचे शब्द से कहने लगा, कि हे यहूदियों, और हे यरूशलेम के सब रहने वालों, यह जान लो और कान लगाकर मेरी बातें सुनो।

प्रेरितों के काम 2:15 जैसा तुम समझ रहे हो, ये नशे में नहीं, क्योंकि अभी तो पहर ही दिन चढ़ा है।

प्रेरितों के काम 2:16 परन्तु यह वह बात है, जो योएल भविष्यद्वक्ता के द्वारा कही गई है।

प्रेरितों के काम 2:17 कि परमेश्वर कहता है, कि अन्त कि दिनों में ऐसा होगा, कि मैं अपना आत्मा सब मनुष्यों पर उडेलूंगा और तुम्हारे बेटे और तुम्हारी बेटियां भविष्यवाणी करेंगी और तुम्हारे जवान दर्शन देखेंगे, और तुम्हारे पुरिनए स्वप्न देखेंगे।

प्रेरितों के काम 2:18 वरन मैं अपने दासों और अपनी दासियों पर भी उन दिनों में अपने आत्मा में से उडेलूंगा, और वे भविष्यवाणी करेंगे।

प्रेरितों के काम 2:19 और मैं ऊपर आकाश में अद्भुत काम, और नीचे धरती पर चिन्ह, अर्थात लहू, और आग और धुएं का बादल दिखाऊंगा।

प्रेरितों के काम 2:20 प्रभु के महान और प्रसिद्ध दिन के आने से पहिले सूर्य अन्‍धेरा और चान्‍द लहू हो जाएगा।

प्रेरितों के काम 2:21 और जो कोई प्रभु का नाम लेगा, वही उद्धार पाएगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 132-134
  • 1 कुरिन्थियों 11:17-34

रविवार, 30 अगस्त 2020

नींव

 

         अपने घर में कई वर्ष रहने के पश्चात मेरे मित्रों को पता पड़ा कि उनके घर की बैठक धीरे-धीरे धंसती जा रही है – दीवारों में दरारें आ गई थीं, और खिड़कियाँ खुल नहीं रही थीं। जाँच करने पर पता चला कि वह कमरा बाद में बनाया गया था, और उसे बिना नींव डाले ही बना दिया गया था। उस गलत और कामचलाऊ निर्माण कार्य को सुधारने के लिए लंबा समय लगा, नई नींव खोदनी और डालनी पड़ी और उसके बाद उस पर फिर से बैठक को बनाया गया। जब कार्य पूरा हो गया, तब मैं फिर से उनके घर गई, परन्तु मुझे वह बैठक पहले जैसी ही लगी, बस अब दरारें नहीं थीं, और खिड़की ठीक से खुलती और बन्द होती थी। मैं समझ गई, अच्छी नींव का होना बहुत आवश्यक है।

         यही हमारे जीवनों के लिए भी सत्य है।

         परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु ने मूर्ख और बुद्धिमान घर बनाने वालों की एक नीति-कथा सुनाई थी, उनकी बातों को न मानने की मूर्खता को समझाने के लिए (लूका 6:46-49)। वे जो उनकी बातें सुनकर उन्हें मानते हैं, उनका पालन करते हैं, वे उस बुद्धिमान व्यक्ति के समान हैं जिसने अपना घर एक दृढ़ नींव पर बनाया; और जो प्रभु की बातों को सुनकर उनकी अवहेलना कर देते हैं, वे मूर्ख व्यक्ति के समान हैं जिसने मिट्टी पर बिना नेव का घर बनाया। प्रभु यीशु ने बुद्धिमान व्यक्तियों को आश्वस्त किया कि जब उन्हें जीवन की आँधियों का सामना करना पड़ेगा, तो उनका जीवन स्थिर बना रहेगा, उनका विश्वास स्थिर रहेगा, क्योंकि वह अटल नींव पर खड़ा है।

         हम इस बात में शान्ति और आश्वासन पा सकते हैं कि जब हम प्रभु यीशु के वचनों को सुनते और उनका पालन करते हैं, तो यह हमारे जीवनों को एक दृढ़ नींव प्रदान करता है। हम बाइबल को पढ़ने, प्रार्थना करने, और अन्य मसीही विश्वासियों से शिक्षा लेने के द्वारा उसके प्रति अपने प्रेम को और बढ़ा सकते हैं, और दृढ़ कर सकते हैं। तब, जब भी विश्वास-घात, दुःख, या निराशाओं आदि की आँधियाँ हमारे विरुद्ध आएंगी, वे हमें हिला नहीं सकेंगी, क्योंकि हम दृढ़ और अटल नींव, प्रभु यीशु के वचन पर स्थापित हैं। हमारा उद्धारकर्ता प्रभु परमेश्वर हमें वह आवश्यक सहारा प्रदान करेगा। - एमी बाउचर पाई

 

प्रभु यीशु कि सुनना और उसकी बातों को मानना 

हमारे जीवनों को एक दृढ़ नींव प्रदान करता है।


क्योंकि उस नींव को छोड़ जो पड़ी है, और वह यीशु मसीह है कोई दूसरी नेव नहीं डाल सकता। - 1 कुरिन्थियों 3:11

बाइबल पाठ: लूका 6:46-49

लूका 6:46 जब तुम मेरा कहना नहीं मानते, तो क्यों मुझे हे प्रभु, हे प्रभु, कहते हो?

लूका 6:47 जो कोई मेरे पास आता है, और मेरी बातें सुनकर उन्हें मानता है, मैं तुम्हें बताता हूं कि वह किस के समान है

लूका 6:48 वह उस मनुष्य के समान है, जिसने घर बनाते समय भूमि गहरी खोदकर चट्टान की नेव डाली, और जब बाढ़ आई तो धारा उस घर पर लगी, परन्तु उसे हिला न सकी; क्योंकि वह पक्का बना था।

लूका 6:49 परन्तु जो सुनकर नहीं मानता, वह उस मनुष्य के समान है, जिसने मिट्टी पर बिना नेव का घर बनाया। जब उस पर धारा लगी, तो वह तुरन्त गिर पड़ा, और वह गिरकर सत्यानाश हो गया।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 129-131
  • 1 कुरिन्थियों 11:1-16

शनिवार, 29 अगस्त 2020

प्रेमी पिता

 

         अपनी युवावस्था में, जैसा कि इस आयु में सामान्यतः होता है, मैं भी अपनी माँ की आज्ञाओं के विरुद्ध विद्रोह करने के समय से निकल चुकी हूँ। मेरा पिता का देहांत मेरे किशोरावस्था में प्रवेश करने से पहले ही हो चुका था, इसलिए मेरी माँ को अकेले ही मेरी परवरिश करनी पड़ी और मेरी उस आयु की बातों को संभालना पड़ा। मुझे ध्यान है कि मैं समझती थी कि माँ नहीं चाहती कि मैं कुछ मज़े लूँ – और यह भी कि शायद वह मुझसे प्रेम भी नहीं करती थी – क्योंकि वह अकसर मेरी बातों के लिए मना कर देती थी। लेकिन अब मैं समझ सकती हूँ कि जिन बातों के लिए वो मना करती थीं, वो बातें मेरे लिए अच्छी नहीं थीं, और वो मना भी इसीलिए करती थीं क्योंकि वो मुझसे प्रेम करती थीं।

         परमेश्वर के वचन बाइबल में इस्राएलियों ने भी उनकी बेबीलोन की बंधुवाई को लेकर उनके प्रति परमेश्वर के प्रेम पर प्रश्न किए। परन्तु उनकी वह बंधुवाई परमेश्वर द्वारा उनके निरंतर उसके विरोध में होकर चलने और कार्य करने के लिए थी, जिससे वे इस्राएली शिक्षा ले सकें। अब, परमेश्वर ने उन्हें समझाने के लिए अपने भविष्यद्वक्ता मलाकी को उनके पास भेजा, और उसके द्वारा परमेश्वर की ओर से उन इस्राएलियों से कहे गए आरंभिक शब्द थे, “मैंने तुमसे प्रेम किया है” (मलाकी 1:2)। इस्राएलियों ने ताना मारने के भाव के साथ पूछा कि कैसे परमेश्वर उनसे प्रेम करता है; उनके कहने का अभिप्राय था, “अच्छा! सच में?” और परमेश्वर ने मलाकी में होकर उन्हें स्मरण करवाया कि उसने उन लोगों को एदोमियों के ऊपर चुनने के द्वारा उनके प्रति अपने प्रेम को दिखाया है।

         हम सभी जीवन में कठिन समयों से होकर निकलते हैं। उन कठिन समयों में हमारे सामने परमेश्वर और उसके प्रेम पर संदेह करने का प्रलोभन होता है। ऐसे में हम उन समयों को स्मरण करें जब परमेश्वर ने हमारे प्रति अपने कभी कम न होने और कभी न बदलने वाले प्रेम को दिखाया है। जब हम थोड़ा थम कर उसकी भलाई और कृपा को स्मरण करते हैं, तो हम पाते हैं कि वह निःसंदेह हमारा प्रेमी पिता है। - कर्स्टन होल्मबर्ग

 

हमारा स्वर्गीय पिता हमें सुधरता भी है और सांत्वना भी देता है।


और तुम उस उपदेश को जो तुम को पुत्रों के समान दिया जाता है, भूल गए हो, कि हे मेरे पुत्र, प्रभु की ताड़ना को हलकी बात न जान, और जब वह तुझे घुड़के तो हियाव न छोड़। क्योंकि प्रभु, जिस से प्रेम करता है, उस की ताड़ना भी करता है; और जिसे पुत्र बना लेता है, उसको कोड़े भी लगाता है। तुम दुख को ताड़ना समझकर सह लो: परमेश्वर तुम्हें पुत्र जान कर तुम्हारे साथ बर्ताव करता है, वह कौन सा पुत्र है, जिस की ताड़ना पिता नहीं करता? - इब्रानियों 12:5–7


बाइबल पाठ: मलाकी 1:1-5

मलाकी 1:1 मलाकी के द्वारा इस्राएल के विषय में कहा हुआ यहोवा का भारी वचन।

मलाकी 1:2 यहोवा यह कहता है, मैं ने तुम से प्रेम किया है, परन्तु तुम पूछते हो, तू ने किस बात में हम से प्रेम किया है? यहोवा की यह वाणी है, क्या ऐसाव याकूब का भाई न था?

मलाकी 1:3 तौभी मैं ने याकूब से प्रेम किया परन्तु ऐसाव को अप्रिय जान कर उसके पहाड़ों को उजाड़ डाला, और उसकी बपौती को जंगल के गीदड़ों का कर दिया है।

मलाकी 1:4 एदोम कहता है, हमारा देश उजड़ गया है, परन्तु हम खण्डहरों को फिर कर बसाएंगे; सेनाओं का यहोवा यों कहता है, यदि वे बनाए भी, परन्तु मैं ढा दूंगा; उनका नाम दुष्ट जाति पड़ेगा, और वे ऐसे लोग कहलाएंगे जिन पर यहोवा सदैव क्रोधित रहे।

मलाकी 1:5 तुम्हारी आंखें इसे देखेंगी, और तुम कहोगे, यहोवा का प्रताप इस्राएल के सिवाने की परली ओर भी बढ़ता जाए।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 126-128
  • 1 कुरिन्थियों 10:19-33

शुक्रवार, 28 अगस्त 2020

विश्वासयोग्य

 

         मैं जब किशोरावस्था में था, और जब मेरी माँ मुझे परमेश्वर में विश्वास रखने के लिए प्रोत्साहित करती थी, और कहती थी “परमेश्वर में विश्वास रखो। वह तुम्हारी सहायता करेगा” तो कभी-कभी मैं पलटकर कहता था, “अरे माँ, यह इतनी सीधी बात नहीं है! परमेश्वर भी उन्हीं की सहायता करता है जो अपनी सहायता स्वयं करने का प्रयास करते हैं।”

         परन्तु ये शब्द, “परमेश्वर भी उन्हीं की सहायता करता है जो अपनी सहायता स्वयं करने का प्रयास करते हैं” परमेश्वर के वचन बाइबल में कहीं नहीं पाए जाते हैं। वरन परमेश्वर का वचन हमें सिखाता है कि हम अपने दैनिक आवश्यकताओं के लिए उस पर निर्भर रहना सीखें। प्रभु यीशु ने कहा, “आकाश के पक्षियों को देखो! वे न बोते हैं, न काटते हैं, और न खत्तों में बटोरते हैं; तौभी तुम्हारा स्वर्गीय पिता उन को खिलाता है; क्या तुम उन से अधिक मूल्य नहीं रखते। तुम में कौन है, जो चिन्ता कर के अपनी अवस्था में एक घड़ी भी बढ़ा सकता है” (मत्ती 6:26-27)।

         हम जिन भी बातों का आनन्द लेते हैं – यहाँ तक कि अपना जीवन यापन करने तथा अपनी सहायता कर पाने की हमारी सामर्थ्य, सब परमेश्वर से मिले उपहार हैं जो हम से असीम प्रेम करता है।

         मेरी माँ के जीवन के अन्त के दिनों में उन्हें एलज्हाइमर रोग हो गया, जिससे मानसिक तथा स्मरण शक्ति जाती रहती है, और उनकी भी रचनात्मक कार्यों की क्षमता और स्मृति जाती रही, परन्तु परमेश्वर में उनका विश्वास बना रहा। वे हमारे साथ हमारे घर में रहीं, और मुझे प्रत्यक्ष देखने का अवसर मिला कि कैसे परमेश्वर अद्भुत और अनपेक्षित तरीकों से उनकी आवश्यकताओं को पूरा करता रहा, जिससे मुझे यह समझने और मानने का अवसर मिला कि सदा से उनकी बात ही सही थी। चिंता करने की बजाए उन्होंने अपने आप को उसके भरोसे छोड़ दिया था जिसने उनकी देखभाल करने का वायदा किया था – और प्रभु परमेश्वर विश्वासयोग्य प्रमाणित हुआ। - जेम्स बैंक्स

 

कल की चिंता न करें – परमेश्वर वहाँ पहले ही से उपस्थित है।


इस कारण मैं इन दुखों को भी उठाता हूं, पर लजाता नहीं, क्योंकि मैं उसे जिस पर मैंने विश्वास किया है, जानता हूं; और मुझे निश्चय है, कि वह मेरी धरोहर की उस दिन तक रखवाली कर सकता है। - 2 तीमुथियुस 1:12

बाइबल पाठ: मत्ती 6:25-34

मत्ती 6:25 इसलिये मैं तुम से कहता हूं, कि अपने प्राण के लिये यह चिन्ता न करना कि हम क्या खाएंगे? और क्या पीएंगे? और न अपने शरीर के लिये कि क्या पहनेंगे? क्या प्राण भोजन से, और शरीर वस्त्र से बढ़कर नहीं?

मत्ती 6:26 आकाश के पक्षियों को देखो! वे न बोते हैं, न काटते हैं, और न खत्तों में बटोरते हैं; तौभी तुम्हारा स्वर्गीय  पिता उन को खिलाता है; क्या तुम उन से अधिक मूल्य नहीं रखते।

मत्ती 6:27 तुम में कौन है, जो चिन्ता कर के अपनी अवस्था में एक घड़ी भी बढ़ा सकता है

मत्ती 6:28 और वस्त्र के लिये क्यों चिन्ता  करते हो? जंगली सोसनों पर ध्यान करो, कि वे कैसे बढ़ते हैं, वे न तो परिश्रम करते हैं, न कातते हैं।

मत्ती 6:29 तौभी मैं तुम से कहता हूं, कि सुलैमान भी, अपने सारे वैभव में उन में से किसी के समान वस्त्र पहने हुए न था।

मत्ती 6:30 इसलिये जब परमेश्वर मैदान की घास को, जो आज है, और कल भाड़ में झोंकी जाएगी, ऐसा वस्त्र पहनाता है, तो हे अल्प-विश्वासियों, तुम को वह क्योंकर न पहनाएगा?

मत्ती 6:31 इसलिये तुम चिन्ता कर के यह न कहना, कि हम क्या खाएंगे, या क्या पीएंगे, या क्या पहनेंगे?

मत्ती 6:32 क्योंकि अन्यजाति इन सब वस्तुओं की खोज में रहते हैं, और तुम्हारा स्वर्गीय पिता जानता है, कि तुम्हें ये सब वस्तुएं चाहिए।

मत्ती 6:33 इसलिये पहिले तुम उसे राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं भी तुम्हें मिल जाएंगी।

मत्ती 6:34 सो कल के लिये चिन्ता न करो, क्योंकि कल का दिन अपनी चिन्ता आप कर लेगा; आज के लिये आज ही का दुख बहुत है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 123-125
  • 1 कुरिन्थियों 10:1-18

गुरुवार, 27 अगस्त 2020

सेवा

 

         शिक्षा मनोवैज्ञानिक बेंजामिन ब्लूम ने जवान लोगों में प्रतिभा को विकसित करने पर शोध किया, और 120 उत्कृष्ट लोगों, जिनमें खिलाड़ी, कलाकार, विद्वान सम्मिलित थे, के बचपन का अध्ययन किया तो उसने पाया कि उन सभी में एक बात पाई जाती थी – उन्होंने अपने कार्य के लिए लम्बे समय तक कड़ा अभ्यास किया था।

         ब्लूम के शोध से यह संकेत मिलता है कि हमारे जीवन के किसी भी क्षेत्र में उन्नति करने के लिए हमें अनुशासित होना पड़ता है। परमेश्वर के साथ हमारे संबंध में भी एक आत्मिक अनुशासन की आवश्यकता होती है, और उसके साथ नियमित समय बिताना, उसके वचन के अध्ययन और प्रार्थना में, उसमें हमारे विश्वास को बनाए रखने का एक तरीका है।

         परमेश्वर के वचन बाइबल में दानिय्येल एक उत्तम उदाहरण है परमेश्वर के साथ अनुशासित संबंध को बनाए रखने वाले व्यक्ति का। अपने लड़कपन में ही दानिय्येल ने सोच-समझ कर और बुद्धिमानी के साथ निर्णय लेने आरंभ कर दिया था (1:8)। वह नियमित प्रार्थना करने वाला, और परमेश्वर को धन्यवाद करने वाला व्यक्ति भी था (6:10)। उसके बारंबार हर बात के लिए परमेश्वर और उसकी इच्छा का खोजी होने के द्वारा उसका जीवन ऐसा हो गया था कि उसके आस-पास के लोग परमेश्वर में उसके विश्वास को स्पष्ट देख सकते थे। दारा राजा ने तो उसे “जीवित परमेश्वर का दास” (पद 20) और दो बार “निरंतर” परमेश्वर की सेवा करने वाला कहा था (पद 16, 20)।

         दानिय्येल के समान हमें भी परमेश्वर को भली-भांति जानना बहुत आवश्यक है। यह कितनी दिलासा देने वाली बात है कि परमेश्वर हम में ऐसे कार्य करता है जिससे हम में उसके साथ समय बिताने की लालसा उत्पन्न हो सके (फिलिप्पियों 2:13)। इसलिए हम परमेश्वर के पास अनुशासित होकर नियमित आया करें, इस बात पर भरोसा रखते हुए कि उसके साथ बिताए गए समय के द्वारा हम में उसके प्रति प्रेम बढ़ता जाएगा, और हम अपने उद्धारकर्ता के ज्ञान और समझ में बढ़ते जाएँगे, जो फिर परमेश्वर के लिए हमारी सेवा को भी और उन्नत करता जाएगा। - कीला ओकोआ

 

परमेश्वर के साथ बिताया गया समय हमें बदल देता है।


क्योंकि परमेश्वर ही है, जिस न अपनी सुइच्‍छा निमित्त तुम्हारे मन में इच्छा और काम, दोनों बातों के करने का प्रभाव डाला है। - फिलिप्पियों 2:13

बाइबल पाठ: दानिय्येल 6:10-22

दानिय्येल 6:10 जब दानिय्येल को मालूम हुआ कि उस पत्र पर हस्ताक्षर किया गया है, तब वह अपने घर में गया जिसकी उपरौठी कोठरी की खिड़कियां यरूशलेम के सामने खुली रहती थीं, और अपनी रीति के अनुसार जैसा वह दिन में तीन बार अपने परमेश्वर के सामने घुटने टेक कर प्रार्थना और धन्यवाद करता था, वैसा ही तब भी करता रहा।

दानिय्येल 6:11 तब उन पुरुषों ने उतावली से आकर दानिय्येल को अपने परमेश्वर के सामने बिनती करते और गिड़गिड़ाते हुए पाया।

दानिय्येल 6:12 सो वे राजा के पास जा कर, उसकी राज-आज्ञा के विषय में उस से कहने लगे, हे राजा, क्या तू ने ऐसे आज्ञापत्र पर हस्ताक्षर नहीं किया कि तीस दिन तक जो कोई तुझे छोड़ किसी मनुष्य या देवता से बिनती करेगा, वह सिंहों की माँद में डाल दिया जाएगा? राजा ने उत्तर दिया, हां, मादियों और फारसियों की अटल व्यवस्था के अनुसार यह बात स्थिर है।

दानिय्येल 6:13 तब उन्होंने राजा से कहा, यहूदी बंधुओं में से जो दानिय्येल है, उसने, हे राजा, न तो तेरी ओर कुछ ध्यान दिया, और न तेरे हस्ताक्षर किए हुए आज्ञापत्र की ओर; वह दिन में तीन बार बिनती किया करता है।

दानिय्येल 6:14 यह वचन सुनकर, राजा बहुत उदास हुआ, और दानिय्येल के बचाने के उपाय सोचने लगा; और सूर्य के अस्त होने तक उसके बचाने का यत्न करता रहा।

दानिय्येल 6:15 तब वे पुरुष राजा के पास उतावली से आकर कहने लगे, हे राजा, यह जान रख, कि मादियों और फारसियों में यह व्यवस्था है कि जो जो मनाही या आज्ञा राजा ठहराए, वह नहीं बदल सकती।

दानिय्येल 6:16 तब राजा ने आज्ञा दी, और दानिय्येल लाकर सिंहों की माँद में डाल दिया गया। उस समय राजा ने दानिय्येल से कहा, तेरा परमेश्वर जिसकी तू नित्य उपासना करता है, वही तुझे बचाए!

दानिय्येल 6:17 तब एक पत्थर लाकर उस गड़हे के मुंह पर रखा गया, और राजा ने उस पर अपनी अंगूठी से, और अपने प्रधानों की अंगूठियों से मुहर लगा दी कि दानिय्येल के विषय में कुछ बदलने ने पाए।

दानिय्येल 6:18 तब राजा अपने महल में चला गया, और उस रात को बिना भोजन पड़ा रहा; और उसके पास सुख विलास की कोई वस्तु नहीं पहुंचाई गई, और उसे नींद भी नहीं आई।

दानिय्येल 6:19 भोर को पौ फटते ही राजा उठा, और सिंहों के गड़हे की ओर फुर्ती से चला गया।

दानिय्येल 6:20 जब राजा गड़हे के निकट आया, तब शोक भरी वाणी से चिल्लाने लगा और दानिय्येल से कहा, हे दानिय्येल, हे जीवते परमेश्वर के दास, क्या तेरा परमेश्वर जिसकी तू नित्य उपासना करता है, तुझे सिंहों से बचा सका है?

दानिय्येल 6:21 तब दानिय्येल ने राजा से कहा, हे राजा, तू युग-युग जीवित रहे!

दानिय्येल 6:22 मेरे परमेश्वर ने अपना दूत भेज कर सिंहों के मुंह को ऐसा बन्द कर रखा कि उन्होंने मेरी कुछ भी हानि नहीं की; इसका कारण यह है, कि मैं उसके सामने निर्दोष पाया गया; और हे राजा, तेरे सम्मुख भी मैं ने कोई भूल नहीं की।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 120-122
  • 1 कुरिन्थियों 9

बुधवार, 26 अगस्त 2020

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         लोगों में सुलह करने विषय पर आयोजित एक वार्ता में एक बुद्धिमान भाग लेने वाले ने कहा कि हम “लोगों को समय में जमा न दिया करें,” अर्थात कुछ पुरानी बातों ही के द्वारा उन्हें सदा स्मरण न करते रहें। उसने समझाया कि यह हमारी प्रवृत्ति होती है कि हम लोगों द्वारा की गई गलतियों को स्मरण रखते हैं, और उन्हें कभी बदलने और उन गलतियों से आगे बढ़ने, सुधरने का अवसर ही नहीं देते हैं।

         हम परमेश्वर के वचन बाइबल में देखते हैं कि प्रभु यीशु के शिष्य पतरस के जीवन में अनेकों ऐसे अवसर आए थे जब परमेश्वर उसे ‘समय में जमा’ सकता था; परन्तु परमेश्वर ने ऐसा कभी नहीं किया। उस आवेशपूर्ण शिष्य पतरस ने प्रभु यीशु को भी “सुधारने” का प्रयास किया था, जिसके लिए उसे प्रभु यीशु से तीखी डांट भी खानी पड़ी थी (मत्ती 16:21-23)। वह प्रभु यीशु का इनकार करने के लिए भी विख्यात है (यूहन्ना 18:15-27); परन्तु प्रभु ने उसे फिर से बहाल भी कर दिया (21:15-19)। और फिर उसने एक बार चर्च में जातीय भेद-भाव को लाने में भी सहयोग दिया।

         यह अंतिम बात तब हुई जब पतरस ने, जो कैफा भी कहलाता था, अपने आप को गैर-यहूदियों से पृथक कर लिया था (गलातियों 2:11-12)। अभी हाल तक तो वह उनके साथ स्वतंत्र होकर मेल-जोल रखता था। फिर कुछ यहूदी आए, जो इस बात पर जोर देने लगे कि मसीही विश्वासियों के लिए भी खतना करवाना अनिवार्य है, और उनके आने पर पतरस अपने आप को खतना-रहित गैर-यहूदियों से पृथक रखने लग गया। यह मूसा की व्यवस्था की ओर लौटना था, और चर्च की एकता के लिए खतरे की घंटी का बजना था। तभी पौलुस भी वहाँ आया, और उसने पतरस के इस व्यवहार को सबके सामने चुनौती दी, और उसे “कपट” कहा (पद 13)। पौलुस द्वारा उठाए गए इस निर्भीक कदम के कारण, इस बात का समाधान हो गया। और इसके बाद पतरस ने परमेश्वर की सेवा उस मनोहर एक-मनता के साथ की, जो परमेश्वर हम से चाहता है।

         किसी को भी अपने बुरे समयों में ‘जम’ जाने या फंसे रह जाने की आवश्यकता नहीं है। परमेश्वर के अनुग्रह में होकर हम एक दूसरे को गले लगा सकते हैं, एक दूसरे से सीख सकते हैं, और आवश्यक होने पर एक-दूसरे को सुधार भी सकते हैं, और इस प्रकार मसीह यीशु के प्रेम में साथ-साथ बढ़ सकते हैं। - टिम गुस्ताफसन

 

यदि हम किसी का सामना करें, तो हमारा एक ही उद्देश्य होना चाहिए, 

उसे पुनःस्थापित करना, न कि लज्जित करना। - चक स्विनडौल


हे भाइयों, यदि कोई मनुष्य किसी अपराध में पकड़ा भी जाए, तो तुम जो आत्मिक हो, नम्रता के साथ ऐसे को संभालो, और अपनी भी चौकसी रखो, कि तुम भी परीक्षा में न पड़ो। तुम एक दूसरे के भार उठाओ, और इस प्रकार मसीह की व्यवस्था को पूरी करो। -  गलातियों 6:1-2

 बाइबल पाठ: गलतियों 2:11-16

गलतियों 2:11 पर जब कैफा अन्‍ताकिया में आया तो मैं ने उसके मुंह पर उसका सामना किया, क्योंकि वह दोषी ठहरा था।

गलतियों 2:12 इसलिये कि याकूब की ओर से कितने लोगों के आने से पहिले वह अन्यजातियों के साथ खाया करता था, परन्तु जब वे आए, तो खतना किए हुए लोगों के डर के मारे उन से हट गया और किनारा करने लगा।

गलतियों 2:13 और उसके साथ शेष यहूदियों ने भी कपट किया, यहां तक कि बरनबास भी उन के कपट में पड़ गया।

गलतियों 2:14 पर जब मैं ने देखा, कि वे सुसमाचार की सच्चाई पर सीधी चाल नहीं चलते, तो मैं ने सब के सामने कैफा से कहा; कि जब तू यहूदी हो कर अन्यजातियों के समान चलता है, और यहूदियों के समान नहीं तो तू अन्यजातियों को यहूदियों के समान चलने को क्यों कहता है?

गलतियों 2:15 हम जो जन्म के यहूदी हैं, और पापी अन्यजातियों में से नहीं।

गलतियों 2:16 तौभी यह जानकर कि मनुष्य व्यवस्था के कामों से नहीं, पर केवल यीशु मसीह पर विश्वास करने के द्वारा धर्मी ठहरता है, हम ने आप भी मसीह यीशु पर विश्वास किया, कि हम व्यवस्था के कामों से नहीं पर मसीह पर विश्वास करने से धर्मी ठहरें; इसलिये कि व्यवस्था के कामों से कोई प्राणी धर्मी न ठहरेगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 119:89-176
  • 1 कुरिन्थियों 8