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शनिवार, 8 मई 2021

भरोसा


          मेसाचुसेट्स के बोस्टन शहर में एक पट्टिका लगी है जिस पर लिखा है “Crossing the Bowl of Tears” (आँसुओं का कटोरा पार करना)। यह उन लोगों की स्मृति में लगाई गई है जिन्होंने सन 1840 के अन्त के समय आयरलैंड में आए भयंकर अकाल से बचने के लिए अटलांटिक महासागर को पार करने का जोखिम उठाया। अकाल की इस भयानक त्रासदी में दस लाख से अधिक लोग मारे गए, और उतने ही लोगों ने घर-बार छोड़कर, खतरनाक हालात में महासागर पार करने का जोखिम उठाया। भूख और दुःख के कारण, ये यात्री कहीं पर, किसी रीति से कुछ आशा को ढूँढ रहे थे; उनकी इस तलाश को जॉन बॉयल ओ’रियली ने काव्यात्मक रीति से “आँसुओं का कटोरा” कहा।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 55 में, दाऊद बताता है कि वह कैसे आशा को ढूँढ़ रहा था। यद्यपि, जिन खतरों का वह सामना कर रहा था, हमें उनके कोई विवरण तो नहीं पता है, लेकिन हम यह समझ सकते हैं कि उनके बोझ के कारण वह अपने आप को भावनात्मक रीति से टूटा हुआ अनुभव करने लगा था (पद 4-5)। ऐसे में उसकी स्वाभाविक प्रतिक्रिया थी कि वह प्रार्थना करे, और उसने लिखा, “और मैं ने कहा, भला होता कि मेरे कबूतर के से पंख होते तो मैं उड़ जाता और विश्राम पाता” (पद 6)।

          जब भी संकट आएँ, तो सदा स्मरण रखें कि सभी शान्ति का परमेश्वर आपको आपके सबसे अन्धकारपूर्ण समयों और सबसे गहरे भय के पार सुरक्षित लेकर जा सकता है। हमारे प्रभु परमेश्वर का अपने विश्वासियों से यह वायदा है कि वह हमारी आँखों से सब आँसुओं को पोंछ देगा (प्रकाशितवाक्य 21:4)। उसके इस आश्वासन से सामर्थ्य पाकर, हम आज अपने आँसुओं को भी उसे सौंप सकते हैं, इस भरोसे के साथ कि अवश्य ही एक दिन वह उन सभी का हिसाब चुकाएगा। - बिल क्राउडर

 

हे परमेश्वर पिता, जब जीवन अभिभूत करे, तो मुझे अपनी सामर्थ्य से भर देना।


तू मेरे मारे मारे फिरने का हिसाब रखता है; तू मेरे आंसुओं को अपनी कुप्पी में रख ले! क्या उनकी चर्चा तेरी पुस्तक में नहीं है? - भजन संहिता 56:8

बाइबल पाठ: भजन 55:4-19

भजन संहिता 55:4 मेरा मन भीतर ही भीतर संकट में है, और मृत्यु का भय मुझ में समा गया है।

भजन संहिता 55:5 भय और कंपकंपी ने मुझे पकड़ लिया है, और भय के कारण मेरे रोंए रोंए खड़े हो गए हैं।

भजन संहिता 55:6 और मैं ने कहा, भला होता कि मेरे कबूतर के से पंख होते तो मैं उड़ जाता और विश्राम पाता!

भजन संहिता 55:7 देखो, फिर तो मैं उड़ते उड़ते दूर निकल जाता और जंगल में बसेरा लेता,

भजन संहिता 55:8 मैं प्रचण्ड बयार और आन्धी के झोंके से बचकर किसी शरण स्थान में भाग जाता।

भजन संहिता 55:9 हे प्रभु, उन को सत्यानाश कर, और उनकी भाषा में गड़बड़ी डाल दे; क्योंकि मैं ने नगर में उपद्रव और झगड़ा देखा है।

भजन संहिता 55:10 रात दिन वे उसकी शहरपनाह पर चढ़कर चारों ओर घूमते हैं; और उसके भीतर दुष्टता और उत्पात होता है।

भजन संहिता 55:11 उसके भीतर दुष्टता ने बसेरा डाला है; और अन्धेर, अत्याचार और छल उसके चौक से दूर नहीं होते।

भजन संहिता 55:12 जो मेरी नामधराई करता है वह शत्रु नहीं था, नहीं तो मैं उसको सह लेता; जो मेरे विरुद्ध बड़ाई मारता है वह मेरा बैरी नहीं है, नहीं तो मैं उस से छिप जाता।

भजन संहिता 55:13 परन्तु वह तो तू ही था जो मेरी बराबरी का मनुष्य मेरा परम-मित्र और मेरी जान पहचान का था।

भजन संहिता 55:14 हम दोनों आपस में कैसी मीठी मीठी बातें करते थे; हम भीड़ के साथ परमेश्वर के भवन को जाते थे।

भजन संहिता 55:15 उन को मृत्यु अचानक आ दबाए; वे जीवित ही अधोलोक में उतर जाएं; क्योंकि उनके घर और मन दोनों में बुराइयां और उत्पात भरा है।

भजन संहिता 55:16 परन्तु मैं तो परमेश्वर को पुकारूंगा; और यहोवा मुझे बचा लेगा।

भजन संहिता 55:17 सांझ को, भोर को, दोपहर को, तीनों पहर मैं दोहाई दूंगा और कराहता रहूंगा। और वह मेरा शब्द सुन लेगा।

भजन संहिता 55:18 जो लड़ाई मेरे विरुद्ध मची थी उस से उसने मुझे कुशल के साथ बचा लिया है। उन्होंने तो बहुतों को संग ले कर मेरा सामना किया था।

भजन संहिता 55:19 ईश्वर जो आदि से विराजमान है यह सुनकर उन को उत्तर देगा। ये वे हैं जिन में कोई परिवर्तन नहीं और उन में परमेश्वर का भय है ही नहीं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 2 राजाओं 4-6
  • लूका 24:36-53

शुक्रवार, 7 मई 2021

आदर्श

 

          यदि आप से पूछा जाए कि आपका परामर्शदाता कौन है, तो आपके सामने किसका नाम आएगा? मेरे लिए वह नाम पास्टर रिच है। उन्होंने मुझे में संभावनाओं को देखा, और तब भी मुझ पर भरोसा रखा जब मैं स्वयं अपने आप पर भरोसा नहीं रखती थी। उन्होंने स्वयं नम्रता और प्रेम के साथ सेवकाई करने का एक आदर्श बनकर मुझे सिखाया; और परिणामस्वरूप आज मैं परमेश्वर की सेवा औरों को सिखाने तथा औरों के लिए आदर्श बनकर कार्य करने के द्वारा करने पा रही हूँ।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि एलिशा के एक अगुवे के रूप में विकसित होने में एलिय्याह की बहुत प्रमुख भूमिका थी। एलिय्याह ने एलिशा को हल जोतते हुए देखा और उसे अपने पीछे हो लेने के लिए कहा, क्योंकि परमेश्वर ने एलिय्याह से कहा था कि वह एलिशा को अपना उत्तराधिकारी अभिषेक करे (1 राजाओं 9:16, 19)। युवा एलिशा ने अपने परामर्शदाता को अद्भुत आश्चर्यकर्म करते हुए देखा, और साथ ही यह भी सीखा कि चाहे कुछ भी हो जाए, केवल परमेश्वर ही की आज्ञाकारिता का जीवन जीना है। एलिय्याह ने अपने के जीवन के अन्त का समय निकट आने पर, एलिशा को तीन बार अवसर दिया कि वह वापस चला जाए, किन्तु हर बार एलिशा ने इसके लिए मना कर दिया, और कहा “...यहोवा के और तेरे जीवन की शपथ मैं तुझे नहीं छोड़ने का” (2 राजा 2:2, 4, 6)। एलिशा की इस विश्वासयोग्यता के कारण उसे भी परमेश्वर ने अद्भुत रीति से अपने कार्यों के लिए उपयोग किया।

          हम सभी को कोई न कोई ऐसा आदर्श चाहिए होता है जिससे हम प्रभु यीशु का अनुसरण करने के अर्थ को सीखें और समझें, और फिर उसका पालन करें। प्रभु परमेश्वर हमारे मध्य में ऐसे भक्त लोगों को खड़ा करे जो हमारी आत्मिक उन्नति में हमारे मार्गदर्शक और आदर्श बनें, और हमें सही मसीही जीवन जीने में सहायक हों। साथ ही, प्रभु परमेश्वर के अनुग्रह और उसके आत्मा की सामर्थ्य से हम भी औरों के लिए परामर्शदाता, मार्गदर्शक, और आदर्श बन सकें। - एस्तेरा पिरोसका एस्कोबार

 

परमेश्वर पिता हमारे जीवनों में हमें चुनौतियां देने और 

प्रोत्साहित करने वाले मार्गदर्शक लोगों के लिए आपका धन्यवाद।


तुम मेरी सी चाल चलो जैसा मैं मसीह की सी चाल चलता हूं। - 1 कुरिन्थियों 11:1

बाइबल पाठ: 2 राजाओं 2:1-6

2 राजा 2:1 जब यहोवा एलिय्याह को बवंडर के द्वारा स्वर्ग में उठा लेने को था, तब एलिय्याह और एलिशा दोनों संग संग गिलगाल से चले।

2 राजा 2:2 एलिय्याह ने एलिशा से कहा, यहोवा मुझे बेतेल तक भेजता है इसलिये तू यहीं ठहरा रह। एलिशा ने कहा, यहोवा के और तेरे जीवन की शपथ मैं तुझे नहीं छोड़ने का; इसलिये वे बेतेल को चले गए।

2 राजा 2:3 और बेतेल-वासी भविष्यद्वक्ताओं के चेले एलिशा के पास आकर कहने लगे, क्या तुझे मालूम है कि आज यहोवा तेरे स्वामी को तेरे ऊपर से उठा लेने पर है? उसने कहा, हां, मुझे भी यह मालूम है, तुम चुप रहो।

2 राजा 2:4 और एलिय्याह ने उस से कहा, हे एलिशा, यहोवा मुझे यरीहो को भेजता है; इसलिये तू यहीं ठहरा रह: उसने कहा, यहोवा के और तेरे जीवन की शपथ मैं तुझे नहीं छोड़ने का; सो वे यरीहो को आए।

2 राजा 2:5 और यरीहो-वासी भविष्यद्वक्ताओं के चेले एलिशा के पास आकर कहने लगे, क्या तुझे मालूम है कि आज यहोवा तेरे स्वामी को तेरे ऊपर से उठा लेने पर है? उसने उत्तर दिया, हां मुझे भी मालूम है, तुम चुप रहो।

2 राजा 2:6 फिर एलिय्याह ने उस से कहा, यहोवा मुझे यरदन तक भेजता है, सो तू यहीं ठहरा रह; उसने कहा, यहोवा के और तेरे जीवन की शपथ मैं तुझे नहीं छोड़ने का; सो वे दोनों आगे चले।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 2 राजाओं 1-3
  • लूका 24:1-35

गुरुवार, 6 मई 2021

संतुष्टि

 

          मैंने अपने घर के पीछे के आँगन के बाड़े के ऊपर से झाँक कर देखा; हमारे घर के पीछे बने पार्क और उसमें बने दौड़ने के ट्रैक पर कई लोग चल, भाग, और टहल रहे थे। मेरे मन में विचार आया, जब मेरे शरीर में शक्ति थी तब मैं भी वहाँ यही किया करता था; और तुरंत मुझे निराशा की एक लहर ने घेर लिया।

          बाद में जब मैं परमेश्वर के वचन बाइबल में से पढ़ रहा था, मेरा ध्यान यशायाह 55:1 “अहो सब प्यासे लोगों, पानी के पास आओ” पर गया और मुझे एहसास हुआ कि प्यास – असंतुष्टि जीवन का नियम है, अपवाद नहीं। इस संसार की कोई भी बात, चाहे वह कोई भली वस्तु ही क्यों न हो, हमें पूर्णतः संतुष्ट कर नहीं सकती है। चाहे मेरे शरीर में भरपूर शक्ति भी होती, और मैं उन लोगों के साथ उन बातों में सम्मिलित हो जाता, फिर भी जीवन में और भी कुछ होता जिसे लेकर मैं असंतुष्ट अनुभव करता।

          हमें संसार की संस्कृति निरंतर कहती रहती है कि हमारे कुछ करने, खरीदने, पहनने, शरीर पर लगाने, कुछ देखने, कहीं जाने, कुछ चलाने, आदि से हमें पूरी संतुष्टि और अमिट आनन्द मिलेगा। परन्तु यह झूठ है। इस संसार में ऐसा कुछ भी नहीं है, और न ही हम कुछ ऐसा कर सकते हैं जो हमें पूर्ण और स्थाई संतुष्टि प्रदान करे।

          वरन यशायाह में होकर परमेश्वर हमें निमंत्रण देता है कि हर बात के लिए, बारंबार परमेश्वर के पास आते रहें, हर बात के बारे में परमेश्वर से सुनते रहें कि वह उसके बारे में हम से क्या कहना चाहता है। परमेश्वर की इच्छा और योजनाओं में ही पूर्ण शान्ति और संतुष्टि है। - डेविड एच. रोपर

 

प्रभु केवल आप ही हमारी प्यास को तृप्त कर सकते हैं।


हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा। - मत्ती 11:28

बाइबल पाठ: यशायाह 55:1-6

यशायाह 55:1 अहो सब प्यासे लोगों, पानी के पास आओ; और जिनके पास रुपया न हो, तुम भी आकर मोल लो और खाओ! दाखमधु और दूध बिन रुपए और बिना दाम ही आकर ले लो।

यशायाह 55:2 जो भोजन वस्तु नहीं है, उसके लिये तुम क्यों रुपया लगाते हो, और, जिस से पेट नहीं भरता उसके लिये क्यों परिश्रम करते हो? मेरी ओर मन लगाकर सुनो, तब उत्तम वस्तुएं खाने पाओगे और चिकनी चिकनी वस्तुएं खाकर सन्तुष्ट हो जाओगे।

यशायाह 55:3 कान लगाओ, और मेरे पास आओ; सुनो, तब तुम जीवित रहोगे; और मैं तुम्हारे साथ सदा की वाचा बान्धूंगा अर्थात दाऊद पर की अटल करुणा की वाचा।

यशायाह 55:4 सुनो, मैं ने उसको राज्य राज्य के लोगों के लिये साक्षी और प्रधान और आज्ञा देने वाला ठहराया है।

यशायाह 55:5 सुन, तू ऐसी जाति को जिसे तू नहीं जानता बुलाएगा, और ऐसी जातियां जो तुझे नहीं जानतीं तेरे पास दौड़ी आएंगी, वे तेरे परमेश्वर यहोवा और इस्राएल के पवित्र के निमित्त यह करेंगी, क्योंकि उसने तुझे शोभायमान किया है।

यशायाह 55:6 जब तक यहोवा मिल सकता है तब तक उसकी खोज में रहो, जब तक वह निकट है तब तक उसे पुकारो;

 

एक साल में बाइबल: 

  • 1 राजाओं 21-22
  • लूका 23:26-56

बुधवार, 5 मई 2021

प्रार्थना

 

          उस दिन का आरंभ किसी भी अन्य सामान्य दिन के समान ही हुआ था, परन्तु उसका अन्त बहुत भयानक हुआ। सैकड़ों अन्य लड़कियों के साथ, एस्तेर को भी उनके आवासीय स्कूल के होस्टल से धार्मिक कट्टरपंथियों के एक दल ने अगुवा कर लिया। एक महीन के बाद एस्तेर – जिसने प्रभु यीशु मसीह का इनकार करने से मना कर दिया था, के अतिरिक्त, बाकी सभी को रिहा कर दिया गया। जब मैंने और मेरे मित्रों ने इस घटना के बारे में तथा अन्य उन लोगों के बारे में पढ़ा, जो अपने मसीही विश्वास के कारण सताव का सामना कर रहे थे, तो हमारे हृदय द्रवित हुए। हम उन लोगों के लिए कुछ करना चाहते थे; परन्तु क्या?

          परमेश्वर के वचन बाइबल में कोरिन्थ के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में पौलुस ने एशिया में उसे और उसके साथियों को जिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, उनके बारे में लिखा। उनपर इतना घोर सताव आया था कि उनके प्राण भी खतरे में आ गए थे (2 कुरिन्थियों 1:8); किन्तु मसीही विश्वासियों की प्रार्थनाओं ने पौलुस और उसके साथियों की सहायता की (पद 11)। यद्यपि कोरिन्थ की मसीही मण्डली पौलुस और उसके साथियों से कई मील की दूरी पर स्थित थी, फिर भी उनकी प्रार्थनाओं का महत्व था, और परमेश्वर ने उन प्रार्थनाओं को सुना और उनका उत्तर दिया। यहाँ पर एक अद्भुत भेद की बात है – सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने अपनी योजनाओं को पूरा करने के लिए हमारी प्रार्थनाओं को माध्यम बनाया है। औरों के लिए प्रार्थना करना कितना बड़ा विशेषाधिकार है!

          हम आज अपने उन मसीही विश्वासी भाइयों और बहनों के लिए प्रार्थनाएँ कर सकते हैं जो अपने विश्वास के कारण दुःख, तकलीफों और सताव का सामना कर रहे हैं। चाहे हम उनके पास न भी हों, फिर भी प्रार्थना से हम उनके लिए कुछ कर सकते हैं। हम उन सभी के लिए प्रार्थना कर सकते हैं जो अपने मसीही विश्वास के लिए संसार के विभिन्न स्थानों में तिरस्कृत, शोषित, उत्पीड़ित और सताए हुए हैं; कई तो मार भी डाले गए हैं। हम प्रार्थना करें कि ऐसी परिस्थितियों से होकर निकलने वाले प्रभु परमेश्वर की शान्ति और प्रोत्साहन का अनुभव करें, और आशा में दृढ़ होकर खड़े रहें। हमारी प्रार्थना ऐसे लोगों के लिए सहायता हैं। - पोह फैंग चिया

 

प्रार्थना द्वारा हम परमेश्वर की सामर्थ्य को कार्यान्वित करते हैं।


जिसने अपने निज पुत्र को भी न रख छोड़ा, परन्तु उसे हम सब के लिये दे दिया: वह उसके साथ हमें और सब कुछ क्योंकर न देगा? - रोमियों 8:32

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 1:8-11

2 कुरिन्थियों 1:8 हे भाइयों, हम नहीं चाहते कि तुम हमारे उस क्लेश से अनजान रहो, जो आसिया में हम पर पड़ा, कि ऐसे भारी बोझ से दब गए थे, जो हमारी सामर्थ्य से बाहर था, यहां तक कि हम जीवन से भी हाथ धो बैठे थे।

2 कुरिन्थियों 1:9 वरन हम ने अपने मन में समझ लिया था, कि हम पर मृत्यु की आज्ञा हो चुकी है कि हम अपना भरोसा न रखें, वरन परमेश्वर का जो मरे हुओं को जिलाता है।

2 कुरिन्थियों 1:10 उसी ने हमें ऐसी बड़ी मृत्यु से बचाया, और बचाएगा; और उस से हमारी यह आशा है, कि वह आगे को भी बचाता रहेगा।

2 कुरिन्थियों 1:11 और तुम भी मिलकर प्रार्थना के द्वारा हमारी सहायता करोगे, कि जो वरदान बहुतों के द्वारा हमें मिला, उसके कारण बहुत लोग हमारी ओर से धन्यवाद करें।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 1 राजाओं 19-20
  • लूका 23:1-25

मंगलवार, 4 मई 2021

प्रतीक्षा

 

          पुलिस ने एक महिला पर खतरनाक रीति से कार चलाने का दोष और दण्ड लागू किया। स्कूल बस से उतरते हुए बच्चों के लिए कुछ देर सड़क पर प्रतीक्षा करने की बजाए, उसने कार फुटपाथ पर डाली, उनसे आगे निकली और फिर से सड़क पर आ गई।

          यह सच है कि प्रतीक्षा करनी पड़े तो हम अधीर होने लगते हैं। किन्तु प्रतीक्षा हमें कुछ अच्छी बातें भी सिखा और करवा सकती है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु ने अपने शिष्यों से कहा कि वे यरूशलेम ही में रहकर प्रतीक्षा करें जब तक कि उन्हें पवित्र आत्मा का बपतिस्मा न मिल जाए (प्रेरितों 1:4-5)।

          जब वो शिष्य प्रतीक्षा में ऊपर के कमरे में एकत्रित रहते थे, संभवतः उत्साह और प्रत्याशा से भरे हुए, तब प्रतीत होता है कि वे यह भी समझते थे कि प्रभु द्वारा उन से प्रतीक्षा करने के लिए कहने का अर्थ यह नहीं था कि वे निष्क्रिय होकर बैठे रहें। वे लोग उस स्थान पर एकत्रित होकर प्रार्थना करते रहते थे (पद 14); और पवित्र शास्त्र से शिक्षा पाकर उन्होंने यहूदा के स्थान पर एक अन्य शिष्य को चुनकर नियुक्त किया (पद 26)। जब वे एक मन होकर प्रार्थना और आराधना में लगे हुए थे, तब पवित्र आत्मा उन पर उतर आया (2:1-4)।

          वो शिष्य केवल प्रतीक्षा ही नहीं कर रहे थे; वे तैयारी भी कर रहे थे। जब हम परमेश्वर के निर्देशों की प्रतीक्षा कर रहे हों, तो इसका यह अर्थ नहीं है कि हम अधीर होकर कुछ कर बैठें या फिर निष्क्रिय होकर पड़े रहें। हम प्रतीक्षा के समय को प्रार्थना, आराधना, और संगति रखने में बिता सकते हैं, और जो कार्य प्रभु परमेश्वर हमसे करवा सकता है उसकी प्रत्याशा में वह समय तैयारी करने में बिता सकते हैं। प्रतीक्षा करना हमारे शरीरों, मनों, और मस्तिष्क को आने वाले दायित्व के लिए तैयार करने का समय होना चाहिए।

          निःसंदेह, जब परमेश्वर हम से प्रतीक्षा करने के लिए कहे, तो हम आने वाले दायित्व और आशीष के कारण उत्साहित हों, और प्रभु परमेश्वर भर उसकी योजनाओं के लिए भरोसा रखते हुए, प्रतीक्षा के अपने समय को तैयारी में बिताएँ। - पीटर चिन

 

प्रभु मुझे प्रतीक्षा के समयों में अधीर न होने दें, वरन आते समय के लिए तैयार करें।


जो काम तुझे मिले उसे अपनी शक्ति भर करना, क्योंकि अधोलोक में जहां तू जाने वाला है, न काम न युक्ति न ज्ञान और न बुद्धि है। - सभोपदेशक 9:10

बाइबल पाठ: प्रेरितों 1:1-11

प्रेरितों के काम 1:1 हे थियुफिलुस, मैं ने पहिली पुस्तिका उन सब बातों के विषय में लिखी, जो यीशु ने आरम्भ में किया और करता और सिखाता रहा।

प्रेरितों के काम 1:2 उस दिन तक जब वह उन प्रेरितों को जिन्हें उसने चुना था, पवित्र आत्मा के द्वारा आज्ञा देकर ऊपर उठाया न गया।

प्रेरितों के काम 1:3 और उसने दु:ख उठाने के बाद बहुत से पड़े प्रमाणों से अपने आप को उन्हें जीवित दिखाया, और चालीस दिन तक वह उन्हें दिखाई देता रहा: और परमेश्वर के राज्य की बातें करता रहा।

प्रेरितों के काम 1:4 ओर उन से मिलकर उन्हें आज्ञा दी, कि यरूशलेम को न छोड़ो, परन्तु पिता की उस प्रतिज्ञा के पूरे होने की बाट जोहते रहो, जिस की चर्चा तुम मुझ से सुन चुके हो।

प्रेरितों के काम 1:5 क्योंकि यूहन्ना ने तो पानी में बपतिस्मा दिया है परन्तु थोड़े दिनों के बाद तुम पवित्रात्मा से बपतिस्मा पाओगे।

प्रेरितों के काम 1:6 सो उन्होंने इकट्ठे हो कर उस से पूछा, कि हे प्रभु, क्या तू इसी समय इस्राएल को राज्य फेर देगा?

प्रेरितों के काम 1:7 उसने उन से कहा; उन समयों या कालों को जानना, जिन को पिता ने अपने ही अधिकार में रखा है, तुम्हारा काम नहीं।

प्रेरितों के काम 1:8 परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ्य पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे।

प्रेरितों के काम 1:9 यह कहकर वह उन के देखते देखते ऊपर उठा लिया गया; और बादल ने उसे उन की आंखों से छिपा लिया।

प्रेरितों के काम 1:10 और उसके जाते समय जब वे आकाश की ओर ताक रहे थे, तो देखो, दो पुरुष श्वेत वस्त्र पहने हुए उन के पास आ खड़े हुए।

प्रेरितों के काम 1:11 और कहने लगे; हे गलीली पुरुषों, तुम क्यों खड़े स्वर्ग की ओर देख रहे हो? यही यीशु, जो तुम्हारे पास से स्वर्ग पर उठा लिया गया है, जिस रीति से तुम ने उसे स्वर्ग को जाते देखा है उसी रीति से वह फिर आएगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 1 राजाओं 16-18
  • लूका 22:47-71

सोमवार, 3 मई 2021

पड़ौसी

 

          2017 की गर्मियों में, हरिकेन हार्वी नामक एक बहुत प्रचंड चक्रवाधी तूफ़ान ने अमेरिका के खाड़ी तट के क्षेत्र में बहुत तबाही मचाई। उस समय बहुत से लोगों ने आगे बढ़कर ज़रूरतमंद लोगों की भोजन, पानी, वस्त्रों और रहने के स्थान द्वारा सहायता की।

          मेरीलैंड के एक प्यानों-स्टोर के मालिक को लगा कि उसे इससे कुछ और बढ़कर करना चाहिए। उसने विचार किया कि कैसे संगीत ऐसे लोगों में जिनका सब कुछ नष्ट हो गया था एक विशेष प्रकार की चंगाई और सामान्य होने के भाव को जागृत कर सकता है। इसलिए वह और उसके कर्मचारी मिलकर लोगों के पुराने प्यानों ठीक करने लगे और पता लगाने लगे कि किन्हें उनकी सबसे अधिक आवश्यकता है। फिर बसंत के समय में डीनक क्रैमर और उसकी पत्नी लोइस, ट्रक में उन प्यानों को भरकर ह्यूस्टन, टेक्सस के लिए लम्बी यात्रा पर निकले जिससे उस विनाश से प्रभावित क्षेत्र के कृतज्ञ परिवारों, चर्चों और स्कूलों को मुफ्त में उन प्यानों को वितरित कर सकें।

          कभी-कभी हम यह सोच लेते हैं कि शब्द पड़ौसी का अर्थ है कोई ऐसा व्यक्ति जो पास ही में रहता है, या जिसे हम जानते हैं। लेकिन परमेश्वर के वचन बाइबल में, लूका 10 अध्याय में प्रभु यीशु द्वारा दिया गया नेक सामरी व्यक्ति का दृष्टांत है, जो सिखाता है कि पड़ौसी के प्रति प्रेम रखने के लिए कोई सीमाएँ बीच में नहीं आनी चाहिएँ। सामरिया के उस व्यक्ति ने निःसंकोच और बिना कोई कीमत लिए एक घायल अजनबी की सहायता की, यद्यपि वह घायल मनुष्य एक यहूदी था और यहूदी सामरियों को तुच्छ समझते थे।

          जब डीन क्रैमर से पूछा गया कि उसने वो सारे प्यानों ऐसी ही क्यों वितरित कर दिए, तो उसका सीधा सा उत्तर था, “हमें अपनी पड़ौसियों की सहायता करने के लिए कहा गया है।” और प्रभु यीशु ने कहा है परमेश्वर और पड़ौसियों से प्रेम करने से बढ़कर और कोई आज्ञा नहीं है। - सिंडी हैस कैस्पर

 

प्रभु मुझे सभी से प्रेम रखना, उन्हें अपने पड़ौसी समझना सिखाएं।


और तू प्रभु अपने परमेश्वर से अपने सारे मन से और अपने सारे प्राण से, और अपनी सारी बुद्धि से, और अपनी सारी शक्ति से प्रेम रखना। दूसरी यह है, कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रखना: इस से बड़ी और कोई आज्ञा नहीं। - मरकुस 12:30-31

बाइबल पाठ: लूका 10:25-37

लूका 10:25 और देखो, एक व्यवस्थापक उठा; और यह कहकर, उस की परीक्षा करने लगा; कि हे गुरु, अनन्त जीवन का वारिस होने के लिये मैं क्या करूँ?

लूका 10:26 उसने उस से कहा; कि व्यवस्था में क्या लिखा है तू कैसे पढ़ता है?

लूका 10:27 उसने उत्तर दिया, कि तू प्रभु अपने परमेश्वर से अपने सारे मन और अपने सारे प्राण और अपनी सारी शक्ति और अपनी सारी बुद्धि के साथ प्रेम रख; और अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख।

लूका 10:28 उसने उस से कहा, तू ने ठीक उत्तर दिया है, यही कर: तो तू जीवित रहेगा।

लूका 10:29 परन्तु उसने अपने आप को धर्मी ठहराने की इच्छा से यीशु से पूछा, तो मेरा पड़ोसी कौन है?

लूका 10:30 यीशु ने उत्तर दिया; कि एक मनुष्य यरूशलेम से यरीहो को जा रहा था, कि डाकुओं ने घेरकर उसके कपड़े उतार लिये, और मार पीट कर उसे अधमरा छोड़कर चले गए।

लूका 10:31 और ऐसा हुआ; कि उसी मार्ग से एक याजक जा रहा था: परन्तु उसे देख के कतरा कर चला गया।

लूका 10:32 इसी रीति से एक लेवी उस जगह पर आया, वह भी उसे देख के कतरा कर चला गया।

लूका 10:33 परन्तु एक सामरी यात्री वहां आ निकला, और उसे देखकर तरस खाया।

लूका 10:34 और उसके पास आकर और उसके घावों पर तेल और दाखरस डालकर पट्टियां बान्‍धी, और अपनी सवारी पर चढ़ाकर सराय में ले गया, और उस की सेवा टहल की।

लूका 10:35 दूसरे दिन उसने दो दीनार निकाल कर सराय के मालिक को दिए, और कहा; इस की सेवा टहल करना, और जो कुछ तेरा और लगेगा, वह मैं लौटने पर तुझे भर दूंगा।

लूका 10:36 अब तेरी समझ में जो डाकुओं में घिर गया था, इन तीनों में से उसका पड़ोसी कौन ठहरा?

लूका 10:37 उसने कहा, वही जिसने उस पर तरस खाया: यीशु ने उस से कहा, जा, तू भी ऐसा ही कर।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 1 राजाओं 14-15
  • लूका 22:21-46

रविवार, 2 मई 2021

प्रार्थना

 

          केविन ने अपनी आँख से आँसू पोंछते हुए, मेरी पत्नी केरी को पढ़ने के लिए एक पर्ची पकड़ाई। उसे पता था की मैं और केरी प्रार्थना कर रहे थे कि हमारी बेटी प्रभु यीशु में विश्वास में लौट कर आ जाए। केविन ने बताया कि वह पर्ची उसे, उसकी माँ के देहांत के बाद, उनकी बाइबल में मिली थी, और उसने आशा व्यक्त की, कि हम उसे पढ़ने से प्रोत्साहित होंगे। उस पर्ची में सबसे ऊपर लिखा था “मेरे बेटे केविन के लिए” और उसके नीचे, उसके उद्धार के लिए एक प्रार्थना लिखी हुई थी, जो उसकी माँ केविन के लिए किया करती थी।

          केविन ने आगे बताया, “अब मैं इस पर्ची को हमेशा अपने साथ अपनी बाइबल में रखता हूँ। मेरी माँ पैंतीस वर्ष से भी अधिक तक मेरे उद्धार पाने के लिए प्रार्थना करती रही। तब मैं परमेश्वर से बहुत दूर था, परन्तु आज मैं मसीही विश्वासी हूँ।” उसने हमारी ओर ध्यान से देखते हुए और अपने आँसुओं में से मुसकुराते हुए कहा “अपनी बेटी के लिए प्रार्थना करना कभी न छोड़ना – उत्तर आने में चाहे कितना भी समय क्यों न लग जाए, हिम्मत बनाए रखना।”

          उसके इन प्रोत्साहन के शब्दों से मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु द्वारा प्रार्थना से संबंधित एक दृष्टांत याद आया, जो लूका रचित सुसमाचार में लिखा है। लूका ने प्रभु के इस दृष्टांत का आरंभ इन शब्दों में किया, “फिर उसने इस के विषय में कि नित्य प्रार्थना करना और हियाव न छोड़ना चाहिए उन से यह दृष्टान्त कहा” (लूका 18:1)।

          इस दृष्टांत में प्रभु यीशु ने एक “अधर्मी न्यायी”, जो किसी की परवाह नहीं करता था, की तुलना पूर्णतः सिद्ध स्वर्गीय पिता परमेश्वर से, जो सभी की चिंता करता है और चाहता है कि लोग उसके पास आएँ तथा आशीषित हों, की है। उस न्यायी ने केवल इसलिए निवेदन को सुना और न्याय को चुकाया क्योंकि वह बारंबार किए जा रहे निवेदन से और परेशान नहीं होना चाहता था। हम इससे प्रोत्साहित हो सकते हैं कि जब वह अधर्मी न्यायी प्रार्थना का उत्तर दे सकता है, तो सब से प्रेम करने और सब का ध्यान रखने वाला परमेश्वर क्यों हमारी प्रार्थनाओं का उत्तर नहीं देगा। हमारा परमेश्वर पिता चाहता है कि हम उससे प्रार्थना करें। - जेम्स बैंक्स

 

प्रभु परमेश्वर पिता, मुझे आपके कार्य और राज्य के लिए प्रार्थना करते रहने वाला बनाएं।


निरन्तर  प्रार्थना में लगे रहो। - 1 थिस्स्लुनीकियों 5:17

बाइबल पाठ: लूका 18:1-8

लूका 18:1 फिर उसने इस के विषय में कि नित्य प्रार्थना करना और हियाव न छोड़ना चाहिए उन से यह दृष्टान्त कहा।

लूका 18:2 कि किसी नगर में एक न्यायी रहता था; जो न परमेश्वर से डरता था और न किसी मनुष्य की परवाह करता था।

लूका 18:3 और उसी नगर में एक विधवा भी रहती थी: जो उसके पास आ आकर कहा करती थी, कि मेरा न्याय चुकाकर मुझे मुद्दई से बचा।

लूका 18:4 उसने कितने समय तक तो न माना परन्तु अन्त में मन में विचारकर कहा, यद्यपि मैं न परमेश्वर से डरता, और न मनुष्यों की कुछ परवाह करता हूं।

लूका 18:5 तौभी यह विधवा मुझे सताती रहती है, इसलिये मैं उसका न्याय चुकाऊंगा कहीं ऐसा न हो कि घड़ी घड़ी आकर अन्त को मेरा नाक में दम करे।

लूका 18:6 प्रभु ने कहा, सुनो, कि यह अधर्मी न्यायी क्या कहता है?

लूका 18:7 सो क्या परमेश्वर अपने चुने हुओं का न्याय न चुकाएगा, जो रात-दिन उस की दुहाई देते रहते; और क्या वह उन के विषय में देर करेगा?

लूका 18:8 मैं तुम से कहता हूं; वह तुरन्त उन का न्याय चुकाएगा; तौभी मनुष्य का पुत्र जब आएगा, तो क्या वह पृथ्वी पर विश्वास पाएगा?

 

एक साल में बाइबल: 

  • 1 राजाओं 12-13
  • लूका 22:1-20