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रविवार, 6 जून 2021

समय

 

          मोहावे मरुभूमि में भी, अधिकांश अन्य मरुभूमियों के समान रेत के टीले, निर्जल शुष्क घाटियाँ, पठार, और पहाड़ हैं। किन्तु एक अमेरिकन जीव-शास्त्री, एडमण्ड जैगर ने ध्यान किया कि थोड़े-थोड़े वर्षों के बाद, जब बहुतायत से वर्षा होती है तो सारी मरुभूमि थोड़े से समय के लिए रंग-बिरंगे फूलों से भर जाती है; उस रेत या कंकड़-पत्थर से भरी भूमि का शायद ही कोई स्थान होता हो जहाँ पर फूल नहीं खिले होते हैं। मोहावे के फूलों का यह दृश्य वार्षिक बात नहीं है। शोध कर्ताओं ने पुष्टि के है कि उस सूखी भूमि को तूफानों के द्वारा पानी से अच्छे से भीगना और फिर सूर्य के द्वारा तपना आवश्यक होता है, और तब ठीक समय पर मरुभूमि फूलों से भर जाती है।

          निर्जल सूखे में से परमेश्वर द्वारा जीवन उत्पन्न कर देने का यह चित्रण परमेश्वर के वचन बाइबल में यशायाह भविष्यद्वक्ता का स्मरण करवाता है। यशायाह ने सभी जातियों पर परमेश्वर के न्याय का सन्देश देने के बाद आशा का एक प्रोत्साहक सन्देश भी दिया (यशायाह 35)। भविष्य के ऐसे समय का वर्णन करते हुए, जब परमेश्वर सब कुछ ठीक कर देगा, भविष्यद्वक्ता ने कहा, “जंगल और निर्जल देश प्रफुल्लित होंगे, मरुभूमि मगन हो कर केसर के समान फूलेगी” (पद 1)। उसने घोषित किया “और यहोवा के छुड़ाए हुए लोग लौटकर जयजयकार करते हुए सिय्योन में आएंगे; और उनके सिर पर सदा का आनन्द होगा; वे हर्ष और आनन्द पाएंगे और शोक और लम्बी सांस का लेना जाता रहेगा” (पद 10)।

          परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं के द्वारा हमारे अनन्त भविष्य के सुरक्षित कर दिए जाने के कारण, हम जीवन के सूखे या, तूफानों से तर कर दिए जाने वाले समयों में उस पर भरोसा बनाए रखें। उसके प्रेम में गहरी जड़ पकड़े हुए, हम उसमें बढ़ते रहें, और सही समय पर, सही परिस्थितियों के द्वारा, वह हमारे शुष्क जीवनों को भी अपनी आशीषों के फूलों से भर देगा। - सोहचील डिक्सन

 

प्रभु परमेश्वर जीवन की हर परिस्थिति में हमारे साथ बने रहने

 और हमें संभाले रहने के लिए आपका बहुत धन्यवाद।


और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। - रोमियों 8:28

बाइबल पाठ: यशायाह 35:1-10

यशायाह 35:1 जंगल और निर्जल देश प्रफुल्लित होंगे, मरुभूमि मगन हो कर केसर के समान फूलेगी;

यशायाह 35:2 वह अत्यन्त प्रफुल्लित होगी और आनन्द के साथ जयजयकार करेगी। उसकी शोभा लबानोन की सी होगी और वह कर्मेल और शारोन के तुल्य तेजोमय हो जाएगी। वे यहोवा की शोभा और हमारे परमेश्वर का तेज देखेंगे।

यशायाह 35:3 ढीले हाथों को दृढ़ करो और थरथराते हुए घुटनों को स्थिर करो।

यशायाह 35:4 घबराने वालों से कहो, हियाव बान्धो, मत डरो! देखो, तुम्हारा परमेश्वर पलटा लेने और प्रतिफल देने को आ रहा है। हां, परमेश्वर आकर तुम्हारा उद्धार करेगा।

यशायाह 35:5 तब अन्धों की आँखें खोली जाएंगी और बहरों के कान भी खोले जाएंगे;

यशायाह 35:6 तब लंगड़ा हरिण की सी चौकड़ियाँ भरेगा और गूंगे अपनी जीभ से जयजयकार करेंगे। क्योंकि जंगल में जल के सोते फूट निकलेंगे और मरुभूमि में नदियां बहने लगेंगी

यशायाह 35:7 मृगतृष्णा ताल बन जाएगी और सूखी भूमि में सोते फूटेंगे; और जिस स्थान में सियार बैठा करते हैं उस में घास और नरकट और सरकण्डे होंगे।

यशायाह 35:8 और वहां एक सड़क अर्थात राजमार्ग होगा, उसका नाम पवित्र मार्ग होगा; कोई अशुद्ध जन उस पर से न चलने पाएगा; वह तो उन्हीं के लिये रहेगा और उस मार्ग पर जो चलेंगे वह चाहे मूर्ख भी हों तौभी कभी न भटकेंगे।

यशायाह 35:9 वहां सिंह न होगा और न कोई हिंसक जन्तु उस पर चढ़ेगा न वहां पाया जाएगा, परन्तु छुड़ाए हुए उस में नित चलेंगे।

यशायाह 35:10 और यहोवा के छुड़ाए हुए लोग लौटकर जयजयकार करते हुए सिय्योन में आएंगे; और उनके सिर पर सदा का आनन्द होगा; वे हर्ष और आनन्द पाएंगे और शोक और लम्बी सांस का लेना जाता रहेगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 2 इतिहास 25-27
  • यूहन्ना 16


शनिवार, 5 जून 2021

खज़ाना

 

          जॉन और मेरी अपनी भू-संपत्ति में अपने कुत्ते को टहला रहे थे, और उनका ध्यान हाल ही की वर्षा के कारण मिट्टी में से दिखने लगे एक जंग लगे कनस्तर की ओर गया। वे उसे मिट्टी से निकाल कर अपने घर के अन्दर ले गए, और जब उसे खोला तो पाया कि उसमें एक शताब्दी पुराने सोने के सिक्के थे। वे दोनों उस स्थान पर वापस गए, और वहाँ पर और खुदाई की। उन्हें सात और कनस्तर मिले, और उन सभी में कुल मिलाकर 1,427 सिक्के थे। उन्होंने अपने इस खज़ाने को सुरक्षित रखने के लिए उसे एक अन्य स्थान पर ले जाकर दबा दिया। सिक्कों का वह भण्डार सैडल रिज होर्ड के नाम से जाना गया, और उसकी कीमत लगभग 1 करोड़ डॉलर आँकी गई, जो अमेरिका के इतिहास का अपने प्रकार का सबसे बड़ा खज़ाना था।

          यह कहानी परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु मसीह द्वारा कही गई एक बात के बहुत अनुरूप है। प्रभु ने परमेश्वर के राज्य के बारे में समझाने के लिए यह दृष्टांत कहा: “स्वर्ग का राज्य खेत में छिपे हुए धन के समान है, जिसे किसी मनुष्य ने पाकर छिपा दिया, और मारे आनन्द के जा कर और अपना सब कुछ बेचकर उस खेत को मोल लिया” (मत्ती 13:44)।

          यद्यपि इस प्रकार की खोज बहुत ही कम होने पाती है, फिर भी गड़े हुए खज़ानों की कहानियों ने लम्बे समय से लोगों की कल्पनाओं को बाँध के रखा है। लेकिन प्रभु यीशु ने ऐसे खज़ाने के बारे में बताया जो सभी को उपलब्ध हो सकता है – जो भी अपने पापों को स्वीकार करते हुए, उनके लिए प्रभु से क्षमा मांगता है, और प्रभु का शिष्य बनकर जीवन जीने का निर्णय लेता है, उसे परमेश्वर की संतान बनाए जाकर (यूहन्ना 1:12-13) यह स्वर्गीय खज़ाना प्रभु द्वारा मुफ्त में उपलब्ध करवा दिया जाता है।

          हम उस स्वर्गीय खज़ाने की थाह कभी पा नहीं सकेंगे। हम जब अपने पुराने जीवन को छोड़कर, परमेश्वर और उसके उद्देश्यों की पूर्ति के लिए जीवन व्यतीत करते हैं, तो हम उस खज़ाने की कीमत को भी समझते चले जाते हैं। प्रत्येक मसीही विश्वासी को परमेश्वर उसकी कलपना से भी परे “अपनी उस कृपा से जो मसीह यीशु में हम पर है, आने वाले समयों में अपने अनुग्रह का असीम धन” (इफिसियों 2:7) प्रदान करता है। परमेश्वर हमें अपनी संतान बना कर, इस पृथ्वी पर एक नया जीवन, जीवन जीने का एक नया उद्देश्य, और स्वर्ग में उसके साथ रहते हुए अनन्तकाल के लिए समझ तथा बयान से बाहर स्वर्गीय आशीषों तथा आनन्द का अद्भुत खज़ाना प्रदान करता है। - जेम्स बैंक्स

 

प्रभु यीशु हम मनुष्यों के लिए सबसे महान और बहुमूल्य खज़ाना है।


परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। वे न तो लहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं। - यूहन्ना 1:12-13

बाइबल पाठ: मत्ती 13:44-46

मत्ती 13:44 स्वर्ग का राज्य खेत में छिपे हुए धन के समान है, जिसे किसी मनुष्य ने पाकर छिपा दिया, और मारे आनन्द के जा कर और अपना सब कुछ बेचकर उस खेत को मोल लिया।

मत्ती 13:45 फिर स्वर्ग का राज्य एक व्यापारी के समान है जो अच्छे मोतियों की खोज में था।

मत्ती 13:46 जब उसे एक बहुमूल्य मोती मिला तो उसने जा कर अपना सब कुछ बेच डाला और उसे मोल ले लिया।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 2 इतिहास 23-24
  • यूहन्ना 15


शुक्रवार, 4 जून 2021

आराम

 

          डार्नैल फिजियोथेरेपिस्ट के कक्ष में यह जानते हुए गया कि वहाँ होने वाले उसके इलाज में उसे बहुत पीड़ा होगी। फिजियोथेरेपिस्ट ने उसकी बाँह को खींचना, सीधा करना और मोड़ना आरंभ किया, और उन स्थितियों में बनाकर रखा जिनमें उसे चोट लगने के बाद से उसकी बाँह नहीं आने पाई थी। कुछ समय उस पीड़ादायक स्थिति में रखने के बाद वह डार्नैल से कहती, “ठीक है, अब तुम आराम से हो सकते हो।” डार्नैल ने बाद में कहा कि प्रत्येक फिज़ियोथेरापी सत्र में उसने यह वाक्य लगभग पचास बार सुना होगा।

          उस वाक्य के उन शब्दों पर विचार करते समय डार्नैल को यह एहसास हुआ कि वह इस बात को अपने जीवन पर भी लागू कर सकता है। चिंता करते रहने के स्थान पर वह परमेश्वर की भलाई और विश्वासयोग्यता में भरोसा रखते हुए, परमेश्वर में आराम से रह सकता है।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में, जब प्रभु यीशु अपनी मृत्यु के समय के निकट पहुँच रहे थे, तब वे जानते थे कि उनके शिष्यों को यह सीखने की आवश्यकता है। शीघ्र ही उन्हें सताव और घोर परेशानी के समय का सामना करना पड़ेगा। उन्हें प्रोत्साहित रखने के लिए  प्रभु यीशु ने उन्हें आश्वस्त किया कि वह पवित्र आत्मा को उनके पास भेजेगा, जो उनके साथ रहेगा, और उन्हें उन बातों को स्मरण करवाएगा जो प्रभु ने उन शिष्यों को सिखाई थीं (यूहन्ना 14:26)। इसीलिए प्रभु शिष्यों से यह भी कह सका, “तुम्हें शान्ति दिए जाता हूं, अपनी शान्ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे” (पद 27)।

          हमारे जीवनों ऐसा बहुत कुछ होता रहता है जिससे हमें तनाव अनुभव हो। लेकिन हम परमेश्वर में अपने भरोसे में बढ़ते जा सकते हैं, अपने आप को यह स्मरण करवाने के द्वारा कि उसका पवित्र आत्मा हम में निवास करता है – और हमें परमेश्वर की शान्ति को प्रदान करता है। जब हम प्रभु के आत्मा की सामर्थ्य के सहारे जीवन व्यतीत करते हैं, तो हमें भी उस फिजियोथेरेपिस्ट के कहे वाक्य के अनुसार प्रभु से आश्वासन मिलता है “ठीक है, अब तुम आराम से हो सकते हो।” – ऐनी सेटास

 

हम परमेश्वर में भरोसा रखते हुए, उसमें आराम से रह सकते हैं।


मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि तुम्हें मुझ में शान्ति मिले; संसार में तुम्हें क्लेश होता है, परन्तु ढाढ़स बांधो, मैं ने संसार को जीत लिया है। - यूहन्ना 16:33

बाइबल पाठ: यूहन्ना 14:25-31

यूहन्ना 14:25 ये बातें मैं ने तुम्हारे साथ रहते हुए तुम से कहीं।

यूहन्ना 14:26 परन्तु सहायक अर्थात पवित्र आत्मा जिसे पिता मेरे नाम से भेजेगा, वह तुम्हें सब बातें सिखाएगा, और जो कुछ मैं ने तुम से कहा है, वह सब तुम्हें स्मरण कराएगा।

यूहन्ना 14:27 मैं तुम्हें शान्ति दिए जाता हूं, अपनी शान्ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे।

यूहन्ना 14:28 तुम ने सुना, कि मैं ने तुम से कहा, कि मैं जाता हूं, और तुम्हारे पास फिर आता हूं: यदि तुम मुझ से प्रेम रखते, तो इस बात से आनन्दित होते, कि मैं पिता के पास जाता हूं क्योंकि पिता मुझ से बड़ा है।

यूहन्ना 14:29 और मैं ने अब इस के होने से पहिले तुम से कह दिया है, कि जब वह हो जाए, तो तुम प्रतीति करो।

यूहन्ना 14:30 मैं अब से तुम्हारे साथ और बहुत बातें न करूंगा, क्योंकि इस संसार का सरदार आता है, और मुझ में उसका कुछ नहीं।

यूहन्ना 14:31 परन्तु यह इसलिये होता है कि संसार जाने कि मैं पिता से प्रेम रखता हूं, और जिस तरह पिता ने मुझे आज्ञा दी, मैं वैसे ही करता हूं: उठो, यहां से चलें।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 2 इतिहास 21-22
  • यूहन्ना 14


गुरुवार, 3 जून 2021

जागृत

 

          मेरे कॉलेज के दिनों में, मेरे गर्मी के अवकाश के समय कोलोराडो के अति-सुन्दर पहाड़ों में एक अतिथि निवासस्थान में कार्य करते हुए व्यतीत होते थे। वहाँ पर काम करने वालों को बारी-बारी से रात में जागृत रहने और मेहमानों की सुरक्षा, विशेषकर जंगल की आग से, का ध्यान रखने का काम करना पड़ता था। जो आरंभ में एक थका देने वाला और किसी के भी धन्यवाद को आकर्षित नहीं करने वाला कार्य लगता था, वही मेरे लिए एक अद्भुत अवसर बन गया कि मैं शांत होकर मनन कर सकूँ, और परमेश्वर की उपस्थिति, उसकी महिमा में दिलासा पा सकूँ।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में राजा दाऊद परमेश्वर की उपस्थिति के लिए लालायित रहता था, उसकी खोज करता था (भजन 63:1), अपने बिस्तर पर से भी, और रातों के पहर में भी (पद 6)। भजन यह स्पष्ट कर देता है कि दाऊद परेशानी में था। यह संभव है कि उसकी यह परेशानी उसके पुत्र अबशालोम का उसके विरुद्ध विद्रोह का गहरा संताप रहा हो। लेकिन फिर भी, रातों को जागृत रहना दाऊद के लिए परमेश्वर के “पंखों की छाया में” (पद 7) दिलासा और शान्ति पाने का समय बन गया – वह परमेश्वर की उपस्थिति और सामर्थ्य में सांत्वना पा सका।

          हो सकता है कि आप भी आज अपने जीवन में किसी संकट या कठिनाई का सामना कर रहे हों, और रातों को जागृत रहने से भी आपको कोई शान्ति न मिल रही हो। हो सकता है कि आप का कोई अपना ही “अबशालोम” आपके हृदय पर बोझ बना हुआ हो। या परिवार, कार्य, आर्थिक परिस्थितियाँ आपके लिए एक भारी बोझ बने हुए हों, जिनमें आपको कोई शान्ति नहीं दे पा रहा है। यदि ऐसा है तो अपने इन जागृत रहने की मजबूरी के अवसरों को परमेश्वर को पुकारने, उसकी उपस्थिति का एहसास करने, और उससे अपने मन की बातों को खुलकर कहने के अवसर बनाकर प्रयोग करें। उसकी प्रेमी बाँहों में (पद 8) अपने जागृत रहने के समय को बिताएँ। - इवान मॉर्गन, अतिथि लेखक

 

प्रभु परमेश्वर हर समय जागृत रहकर मेरी देखभाल करते रहने के लिए बहुत धन्यवाद।


हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा। - मत्ती 11:28

बाइबल पाठ: भजन 63:1-11

भजन संहिता 63:1 हे परमेश्वर, तू मेरा ईश्वर है, मैं तुझे यत्न से ढूंढूंगा; सूखी और निर्जल ऊसर भूमि पर, मेरा मन तेरा प्यासा है, मेरा शरीर तेरा अति अभिलाषी है।

भजन संहिता 63:2 इस प्रकार से मैं ने पवित्रस्थान में तुझ पर दृष्टि की, कि तेरी सामर्थ्य और महिमा को देखूं।

भजन संहिता 63:3 क्योंकि तेरी करुणा जीवन से भी उत्तम है मैं तेरी प्रशंसा करूंगा।

भजन संहिता 63:4 इसी प्रकार मैं जीवन भर तुझे धन्य कहता रहूंगा; और तेरा नाम ले कर अपने हाथ उठाऊंगा।

भजन संहिता 63:5 मेरा जीव मानो चर्बी और चिकने भोजन से तृप्त होगा, और मैं जयजयकार कर के तेरी स्तुति करूंगा।

भजन संहिता 63:6 जब मैं बिछौने पर पड़ा तेरा स्मरण करूंगा, तब रात के एक एक पहर में तुझ पर ध्यान करूंगा;

भजन संहिता 63:7 क्योंकि तू मेरा सहायक बना है, इसलिये मैं तेरे पंखों की छाया में जयजयकार करूंगा।

भजन संहिता 63:8 मेरा मन तेरे पीछे पीछे लगा चलता है; और मुझे तो तू अपने दाहिने हाथ से थाम रखता है।

भजन संहिता 63:9 परन्तु जो मेरे प्राण के खोजी हैं, वे पृथ्वी के नीचे स्थानों में जा पड़ेंगे;

भजन संहिता 63:10 वे तलवार से मारे जाएंगे, और गीदड़ों का आहार हो जाएंगे।

भजन संहिता 63:11 परन्तु राजा परमेश्वर के कारण आनन्दित होगा; जो कोई ईश्वर की शपथ खाए, वह बड़ाई करने पाएगा; परन्तु झूठ बोलने वालों का मुंह बन्द किया जाएगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 2 इतिहास 19-20
  • यूहन्ना 13:21-38


बुधवार, 2 जून 2021

स्वरूप

 

          एक जवान महिला की खूबसूरत भूरी त्वचा में जब सफ़ेद धब्बे उभरने लगे, तो वह घबरा गई, मानो वह लुप्त होने लगी हो, या “स्वयं” को खोने लग गई हो। उसने भारी मेक-आप के साथ अपने उन धब्बों को छिपाने के प्रयास किए – जो उसकी त्वचा में विटिलाइगो के कारण विकसित हो रहे थे – जो त्वचा को रंग देने वाले पदार्थ मेलानिन की कमी आ जाने के कारण होता है।

          फिर एक दिन उसने अपने आप से पूछा: मैं इन्हें क्यों छिपाऊँ? उसने परमेश्वर की सामर्थ्य पर भरोसा रखते हुए अपने आप को जैसी वह थी स्वीकार कर लिया, और भारी मेक-आप का प्रयोग करना बन्द कर दिया। शीघ्र ही वह अपने आत्म-विश्वास के लिए लोगों का ध्यान आकर्षित करने लगी। अन्ततः वह विटिलाइगो के साथ संसार भर में मेक-आप का सामान बेचने वाली कंपनी की प्रथम प्रवक्ता-मॉडल बनी।

          उसने एक बार एक टी.वी. में साक्षात्कार के समय कार्यक्रम के मेज़बान को बताया, “यह एक बहुत बड़ी आशीष है” और उसने आगे कहा कि उसे प्रोत्साहित करती रहने वाली बातें हैं उसका विश्वास, परिवार और उसके मित्र।

          इस महिला की कहानी हमें स्मरण कराती है कि, जैसा कि परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा है, हम सभी को परमेश्वर ने अपने ही स्वरूप में बनाया है, “तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया, अपने ही स्वरूप के अनुसार परमेश्वर ने उसको उत्पन्न किया, नर और नारी कर के उसने मनुष्यों की सृष्टि की” (उत्पत्ति 1:27)। हम बाहर से चाहे जैसे भी दिखाई दें, लेकिन हम सभी परमेश्वर के स्वरूप को दिखाने वाले लोग हैं। उसके द्वारा सृजे गए होने के कारण, हम उसकी महिमा को प्रतिबिंबित करते हैं; और प्रभु यीशु मसीह के अनुयायी होने के नाते, हम संसार में उसका प्रतिनिधित्व करने के लिए उसी के स्वरूप में परिवर्तित किए जा रहे हैं।

          क्या आप अपने स्वरूप के साथ किसी प्रकार के संघर्ष में हैं? अपने आप को आईने में देखकर मुस्कराइए – परमेश्वर ने आपको अपने स्वरूप में बनाया है। - पेट्रीशिया रेबौन

 

प्रभु आपने मुझे जैसा भी बनाया है, उसी में मैं आपकी महिमा का कारण ठहरूं।


परन्तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं। - 2 कुरिन्थियों 3:18

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 1:26-31

उत्पत्ति 1:26 फिर परमेश्वर ने कहा, हम मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार अपनी समानता में बनाएं; और वे समुद्र की मछलियों, और आकाश के पक्षियों, और घरेलू पशुओं, और सारी पृथ्वी पर, और सब रेंगने वाले जन्तुओं पर जो पृथ्वी पर रेंगते हैं, अधिकार रखें।

उत्पत्ति 1:27 तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया, अपने ही स्वरूप के अनुसार परमेश्वर ने उसको उत्पन्न किया, नर और नारी कर के उसने मनुष्यों की सृष्टि की।

उत्पत्ति 1:28 और परमेश्वर ने उन को आशीष दी: और उन से कहा, फूलो-फलो, और पृथ्वी में भर जाओ, और उसको अपने वश में कर लो; और समुद्र की मछलियों, तथा आकाश के पक्षियों, और पृथ्वी पर रेंगने वाले सब जन्तुओं पर अधिकार रखो।

उत्पत्ति 1:29 फिर परमेश्वर ने उन से कहा, सुनो, जितने बीज वाले छोटे छोटे पेड़ सारी पृथ्वी के ऊपर हैं और जितने वृक्षों में बीज वाले फल होते हैं, वे सब मैं ने तुम को दिए हैं; वे तुम्हारे भोजन के लिये हैं:

उत्पत्ति 1:30 और जितने पृथ्वी के पशु, और आकाश के पक्षी, और पृथ्वी पर रेंगने वाले जन्तु हैं, जिन में जीवन के प्राण हैं, उन सब के खाने के लिये मैं ने सब हरे हरे छोटे पेड़ दिए हैं; और वैसा ही हो गया।

उत्पत्ति 1:31 तब परमेश्वर ने जो कुछ बनाया था, सब को देखा, तो क्या देखा, कि वह बहुत ही अच्छा है। तथा सांझ हुई फिर भोर हुआ। इस प्रकार छठवां दिन हो गया।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 2 इतिहास 17-18
  • यूहन्ना 13:1-20