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रविवार, 23 जनवरी 2011

औकात एवं घमंड

ब्रिटिश संसद के लिये एक नवनिर्वाचित व्यक्ति अपने परिवार को लंडन शहर दिखाने लाया, और बड़े घमंड से उन्हें लंडन का दौरा करवाने लगा। जब वे लंडन की भवय और विशाल वेस्टमिनिस्टर ऐब्बी में पहुंचे तो उसकी ८ वर्षीय पुत्री उस भवन की सुन्दरता और विशाल आकार देखकर भौंचक रह गई। उसकी इस प्रतिक्रिया पर उसके पिता ने गर्व से पूछा, "बेटी, तुम किस सोच में पड़ गईं?" उसने कहा, "पिताजी मैं सोच रही थी कि अपने घर में आप तो आप कितने बड़े लगते हैं लेकिन यहां इस भवन में कितने छोटे लग रहे हैं!"

घमंड अनजाने ही हमारे जीवनों मे घर बना लेता है और हमें पता भी नहीं चलता। जैसा हमें अपने आप को सोचना चाहिये, उस से अधिक कभी न सोचें (रोमियों १२:३)।

जब हम अपने ही दायरों में रहते हैं तो घमंडी हो जाना आसान होता है, लेकिन हमें अपनी औकात का पता तब ही चलता है जब हमें बड़े कामों, बड़ी परिस्थितियों, बड़ी चुनौतियों और बड़ी प्रतियोगिताओं का सामना करना पड़ता है। जैसे छोटे तालाबों में बड़ी बड़ी लगने वाली मछलियां सागर में पहुंच कर अपना असली आकार समझने पाती हैं, वैसे ही ऐसी बड़ी बातों के सम्मुख ही हमें अपनी असली औकात का पता चलता है।

परमेश्वर के वचन में जो एक बात स्पष्ट है वह यह कि उसे घंडियों से घृणा है। भजनकार ने परमेश्वर की अगुवाई में उसके संबंध में लिखा "...जिसकी आंखें चढ़ी हों और जिसका मन घमण्डी है, उसकी मैं न सहूंगा।" (भजन १०१:५); तथा याकूब ने कहा "...इस कारण यह लिखा है, कि परमेश्वर अभिमानियों से विरोध करता है, पर दीनों पर अनुग्रह करता है।" (याकूब ४:६)

यदि हम परमेश्वर के आत्मा के आगे दीन होकर उससे अनुरोध करें, तो वह हमारी वास्तविक स्थिति हमें दिखाने में हमारी सहायता करेगा और हमें घमंड से भी बचाए रखेगा। - रिचर्ड डी हॉन


जो परमेश्वर को जानते हैं वे नम्र रहेंगे, जो स्वयं अपनी हकीकत को जानते पहचानते हैं वे कभी घमंडी नहीं होंगे।

क्‍योंकि मैं उस अनुग्रह के कारण जो मुझ को मिला है, तुम में से हर एक से कहता हूं, कि जैसा समझना चाहिए, उस से बढ़ कर कोई भी अपने आप को न समझे पर जैसा परमेश्वर ने हर एक को परिमाण के अनुसार बांट दिया है, वैसा ही सुबुद्धि के साथ अपने को समझे। - रोमियों १२:३


बाइबल पाठ: याकूब ४:१-१०

तुम में लड़ाइयां और झगड़े कहां से आ गए? क्‍या उन सुख-विलासों से नहीं जो तुम्हारे अंगों में लड़ते-भिड़ते हैं?
तुम लालसा रखते हो, और तुम्हें मिलता नहीं, तुम हत्या और डाह करते हो, ओर कुछ प्राप्‍त नहीं कर सकते, तुम झगड़ते और लड़ते हो; तुम्हें इसलिये नहीं मिलता, कि मांगते नहीं।
तुम मांगते हो और पाते नहीं, इसलिये कि बुरी इच्‍छा से मांगते हो, ताकि अपने भोग विलास में उड़ा दो।
हे व्यभिचारिणयों, क्‍या तुम नहीं जानतीं, कि संसार से मित्रता करनी परमेश्वर से बैर करना है सो जो कोई संसार का मित्र होना चाहता है, वह अपने आप को परमेश्वर का बैरी बनाता है।
क्‍या तुम यह समझते हो, कि पवित्र शास्‍त्र व्यर्थ कहता है जिस आत्मा को उस ने हमारे भीतर बसाया है, क्‍या वह ऐसी लालसा करता है, जिस का प्रतिफल डाह हो?
वह तो और भी अनुग्रह देता है; इस कारण यह लिखा है, कि परमेश्वर अभिमानियों से विरोध करता है, पर दीनों पर अनुग्रह करता है।
इसलिये परमेश्वर के आधीन हो जाओ और शैतान का साम्हना करो, तो वह तुम्हारे पास से भाग निकलेगा।
परमेश्वर के निकट आओ, तो वह भी तुम्हारे निकट आएगा: हे पापियों, अपने हाथ शुद्ध करो और हे दुचित्ते लोगों अपने हृदय को पवित्र करो।
दुखी होओ, और शोक करा, और रोओ: तुम्हारी हंसी शोक में और तुम्हारा आनन्‍द उदासी में बदल जाए।
प्रभु के साम्हने दीन बनो, तो वह तुम्हें शिरोमणि बनाएगा।

एक साल में बाइबल:
  • निर्गमन ७-८
  • मत्ती १५:१-२०

शनिवार, 22 जनवरी 2011

ऊंचा नाम करने की लालसा

एक साहसी व्यक्ति ने शिकागो शहर में स्थित १,४५४ फुट उंची स्टील और कांच से बनी इमारत ’सीयर्स टावर” पर उसकी बाहरी सतह पर से चढ़कर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसे करने के लिये उसे ५० पौंड वज़न चढ़ाई की सामग्री ढोनी पड़ी और ४० किलोमीटर प्रति घंटा की रफतार से चलती हवा का सामना करके भी स्थिर रहना पड़ा। जब तक वह इमारत के शिखर पर पहुंचा, उसका नाम चारों ओर फैल चुका था। लेकिन शिखर पर पहुंचते ही पुलिस ने उसे पकड़ कर अनुचित व्यवहार तथा दूसरे की सम्पत्ति में बिना आज्ञा घुसने और नुकसान पहुंचने के अपराध में पकड़ कर जेल में डाल दिया। उसकी ख्याति कुछ ही पल की थी।

इस घटना ने मुझे बाइबल में उत्पत्ति ११ अध्याय में वर्णित लोगों की याद दिलाई जिन्होंने बेबल की मीनार बनाना आरंभ किया। उन बलवाई लोगों ने अपना नाम ऊंचा करने की ठान रखी थी। वह मीनार प्रतीक थी उनकी महत्वकांक्षाओं और परमेश्वर के विरुद्ध एक जुट होने की। उन्होंने ठाना था कि "...आओ, हम एक नगर और एक गुम्मट बना लें, जिसकी चोटी आकाश से बात करे, इस प्रकार से हम अपना नाम करें ऐसा न हो कि हम को सारी पृथ्वी पर फैलना पड़े।" (उत्पत्ति ११:४) लेकिन परमेश्वर ने उनके स्वार्थी और परमेश्वर विरोधी इरादे सफल नहीं होने दिये। उसने उनकी भाषा में गड़बड़ी डाल दी जिससे उनका आपसी संबंध टुट गया और मीनार का बनना रुक गया।

कई बार मसीही विश्वासी भी अपना नाम ऊंचा करने की महत्वकांक्षा में पड़कर अपने जीवन में से परमेश्वर को उसके उचित स्थान से उतार देते हैं। ऐसा तब होता है जब वे परमेश्वर से अपना ध्यान खींच कर, अपनी सामर्थ पर भरोसा करके अपने व्यवसाय, अपनी धार्मिकता या समाज में अपना स्थान बनाने में संलगन हो जाएं और परमेश्वर के कार्यों को नज़रंदाज़ कर दें। यदि एक विश्ववासी के जीवन में परमेश्वर आदर नहीं पाएगा, तो उसका स्वयं का भी आदर जाता रहेगा।

सदा ध्यान रखिये, जब जब आप अपने जीवन में परमेश्वर को ऊंचा उठाएंगे, वह भी आपको संसार में ऊंचा करेगा; और यदि आपके जीवन में परमेश्वर का सम्मान नहीं रहेगा, तो परमेश्वर द्वारा संसार में आपका सम्मान भी जाता रहेगा। - मार्ट डी हॉन


यदि ऊंचा उठना चाहते हैं तो झुकना और नम्र होना सीखिये।

फिर उन्होंने कहा, आओ, हम एक नगर और एक गुम्मट बना लें, जिसकी चोटी आकाश से बात करे, इस प्रकार से हम अपना नाम करें ऐसा न हो कि हम को सारी पृथ्वी पर फैलना पड़े। - उत्पत्ति ११:४


बाइबल पाठ: उत्पत्ति ११:१-९

सारी पृथ्वी पर एक ही भाषा, और एक ही बोली थी।
उस समय लोग पूर्व की और चलते चलते शिनार देश में एक मैदान पाकर उस में बस गए।
तब वे आपस में कहने लगे, कि आओ हम ईंटें बना बना के भली भांति आग में पकाएं, और उन्होंने पत्थर के स्थान में ईंट से, और चूने के स्थान में मिट्टी के गारे से काम लिया।
फिर उन्होंने कहा, आओ, हम एक नगर और एक गुम्मट बना लें, जिसकी चोटी आकाश से बात करे, इस प्रकार से हम अपना नाम करें ऐसा न हो कि हम को सारी पृथ्वी पर फैलना पड़े।
जब लोग नगर और गुम्मट बनाने लगे तब इन्हें देखने के लिये यहोवा उतर आया।
और यहोवा ने कहा, मैं क्या देखता हूं, कि सब एक ही दल के हैं और भाषा भी उन सब की एक ही है, और उन्होंने ऐसा ही काम भी आरम्भ किया; और अब जितना वे करने का यत्न करेंगे, उस में से कुछ उनके लिये अनहोना न होगा।
इसलिये आओ, हम उतर के उनकी भाषा में बड़ी गड़बड़ी डालें, कि वे एक दूसरे की बोली को न समझ सकें।
इस प्रकार यहोवा ने उनको, वहां से सारी पृथ्वी के ऊपर फैला दिया और उन्होंने उस नगर का बनाना छोड़ दिया।
इस कारण उस नगर का नाम बाबुल पड़ा क्योंकि सारी पृथ्वी की भाषा में जो गड़बड़ी है, सो यहोवा ने वहीं डाली, और वहीं से यहोवा ने मनुष्यों को सारी पृथ्वी के ऊपर फैला दिया।

एक साल में बाइबल:
  • निर्गमन ४-६
  • मत्ती १४:२२-३६

शुक्रवार, 21 जनवरी 2011

उद्धारकर्ता मेमना और न्यायी सिंह

प्रभु यीशु हमारे पापों के लिये अपने प्राण देने आया, और जो कोई उस पर विश्वास लाता है, वह उसे पाप के दण्ड से बचा लेता है। लेकिन एक समय आएगा जब पृथ्वी के लोगों के लिये पापों से उद्धार के लिये दिया गया यह अवसर जाता रहेगा। तब वह मेमना जो पापों के लिये बलिदान हुआ, फिर सिंह बन कर न्याय सिंहासन पर बैठेगा, और जितनों ने उसके उद्धार के प्रस्ताव को ठुकराया था वे सब उसके न्याय के आधीन होंगे।

बाइबल शिक्षक और लेखक वॉरन रिस्बी ने अपनी एक पुस्तक "Discover Yourself in the Psalms" में एक प्रचारक द्वारा सुनाई गई छोटी कहानी बताई: "एक घोड़ा बिदक गया और उससे जुति हुई बघ्घी लेकर भाग निकला। उस बघ्घी में एक बच्चा बैठा था। बच्चे की जान खतरे में देखकर एक नौजवान ने अपनी जान जोखिम में डाली और घोड़े को पकड़ कर काबू में कर लिया। यह बच्चा आगे चलकर बड़ा अपराधी हो गया। एक दिन वह पकड़ा गया और न्यायाधीश के सामने दण्ड के लिये लाया गया। उस अपराधी ने अपने न्यायाधीश को पहिचान लिया कि वह वही व्यक्ति था जिसने कई साल पहले उसकी जान बचाई थी। अपने उस अनुभव का उल्लेख करके अपराधी ने न्यायाधीश से पुनः अपने प्राणों के रक्षा की याचना करी। लेकिन न्यायाधीश ने उत्तर दिया: "ऐ जवान, उस समय की स्थिति में मैं तुम्हारा रक्षक था और मैंने तुम्हारी रक्षा करी, परन्तु आज मैं तुम्हारा न्यायी हूँ और मुझे तुम्हारी आज की स्थिति के आधार पर ही तुम्हारा न्याय करना है। तुम्हारे अपराधों के लिये मैं तुम्हें मृत्यु दण्ड की आज्ञा देता हूँ।"

आज प्रभु यीशु हमारे पापों के लिये मारा गया मेमना है, और उसका उद्धार का अवसर हमारे लिये खुला है। लेकिन अगर हम विश्वास में उसकी ओर नहीं मुड़ते और उसके उद्धार के प्रस्ताव को नहीं अपनाते, तो एक दिन वह हमारा न्यायी होगा जो खराई से हमारे उन पापों के अनुसार हमारा न्याय करेगा, जिनकी क्षमा के अवसर का हमने लाभ नहीं उठाया। वह तब कहेगा : "पृथ्वी पर मैं तुम्हारा उद्धारकर्ता था परन्तु तुमने मुझ पर विश्वास नहीं किया। अब यहां मैं तुम्हारा न्यायी हूँ, और तुम्हारे पापों में बने रहने की दशा के अनुसार, न्याय की मांग है कि अपने पापों के दण्ड के लिये तुम अनन्तकाल के नरक में डाले जाओ।"

जो अभी मेमने पर विश्वास लाएंगे, बाद में उन्हें न्यायासन पर विराजमन सिंह के न्याय का सामना नहीं करना पड़ेगा। - डेव एगनर


पृथ्वी पर रहकर जो हम मसीह के साथ करते हैं वही निर्धारित करता है कि स्वर्ग में मसीह हमारे साथ क्या करेगा।

तब उन प्राचीनों में से एक ने मुझे से कहा, मत रो, देख, यहूदा के गोत्र का वह सिंह, जो दाऊद का मूल है, उस पुस्‍तक को खोलने और उसकी सातों मुहर तोड़ने के लिये जयवन्‍त हुआ है। और मैं ने उस सिंहासन और चारों प्राणियों और उन प्राचीनों के बीच में, मानों एक वध किया हुआ मेम्ना खड़ा देखा: उसके सात सींग और सात आंखे थीं, ये परमेश्वर की सातों आत्माएं हैं, जो सारी पृथ्वी पर भेजी गई हैं। - प्रकाशितवाक्य ५:५, ६


बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य ५

और जो सिंहासन पर बैठा था, मैं ने उसके दाहिने हाथ में एक पुस्‍तक देखी, जो भीतर और बाहर लिखी हुई थी, और वह सात मुहर लगाकर बन्‍द की गई थी।
फिर मैं ने एक बलवन्‍त स्‍वर्गदूत को देखा जो ऊंचे शब्‍द से यह प्रचार करता था कि इस पुस्‍तक के खोलने और उस की मुहरें तोड़ने के योग्य कौन है?
और न स्‍वर्ग में, न पृथ्वी पर, न पृथ्वी के नीचे कोई उस पुस्‍तक को खोलने या उस पर दृष्‍टि डालने के योग्य निकला।
और मैं फूट फूट कर रोने लगा, क्‍योंकि उस पुस्‍तक के खोलने, या उस पर दृष्‍टि करने के योग्य कोई न मिला।
तब उन प्राचीनों में से एक ने मुझे से कहा, मत रो, देख, यहूदा के गोत्र का वह सिंह, जो दाऊद का मूल है, उस पुस्‍तक को खोलने और उसकी सातों मुहर तोड़ने के लिये जयवन्‍त हुआ है।
और मैं ने उस सिंहासन और चारों प्राणियों और उन प्राचीनों के बीच में, मानों एक वध किया हुआ मेम्ना खड़ा देखा: उसके सात सींग और सात आंखे थीं, ये परमेश्वर की सातों आत्माएं हैं, जो सारी पृथ्वी पर भेजी गई हैं।
उस ने आकर उसके दाहिने हाथ से जो सिंहासन पर बैठा था, वह पुस्‍तक ले ली,
और जब उस ने पुस्‍तक ले ली, तो वे चारों प्राणी और चौबीसों प्राचीन उस मेम्ने के साम्हने गिर पड़े, और हर एक के हाथ में वीणा और धूप से भरे हुए सोने के कटोरे थे, ये तो पवित्र लोगों की प्रार्थनाएं हैं।
और वे यह नया गीत गाने लगे, कि तू इस पुस्‍तक के लेने, और उसकी मुहरें खोलने के योग्य है क्‍योंकि तू ने वध होकर अपने लोहू से हर एक कुल, और भाषा, और लोग, और जाति में से परमेश्वर के लिये लोगों को मोल लिया है।
और उन्‍हें हमारे परमेश्वर के लिये एक राज्य और याजक बनाया और वे पृथ्वी पर राज्य करते हैं।
और जब मैं ने देखा, तो उस सिंहासन और उन प्राणियों और उन प्राचीनों की चारों ओर बहुत से स्‍वर्गदूतों का शब्‍द सुना, जिन की गिनती लाखों और करोड़ों की थी।
और वे ऊंचे शब्‍द से कहते थे, कि वध किया हुआ मेम्ना ही सामर्थ, और धन, और ज्ञान, और शक्ति, और आदर, और महिमा, और धन्यवाद के योग्य है।
फिर मैं ने स्‍वर्ग में, और पृथ्वी पर, और पृथ्वी के नीचे, और समुद्र की सब सृजी हुई वस्‍तुओं को, और सब कुछ को जो उन में हैं, यह कहते सुना, कि जो सिंहासन पर बैठा है, उसका, और मेम्ने का धन्यवाद, और आदर, और महिमा, और राज्य, युगानुयुग रहे।
और चारों प्राणियों ने आमीन कहा, और प्राचीनों ने गिरकर दण्‍डवत किया।

एक साल में बाइबल:
  • निर्गमन १-३
  • मत्ती १४:१-२१

गुरुवार, 20 जनवरी 2011

यह मज़ाक नहीं है

भजन २ समाज के उन दुष्ट हाकिमों और नेताओं को संबोधित करता है जो सोचते थे कि वे परमेश्वर और उसके अभिशिक्त का विरोध करने में सफल रहेंगे। भजनकार कहता है कि परमेश्वर उनको ठ्ठों में उड़ाएगा।

W. S. Pulmer ने परमेश्वर के भय से रहित उन पुरुषों और स्त्रियों के बारे में लिखा जिन्हों ने मसीही विश्वासियों को सताया और मार डाला। पुलमर ने ऐसे ३० रोमी अफसरों के संबंध में लिखा कि, "उनमें से एक किसी भयानक ताड़ना के बाद पागल हो गया, एक की उसी के पुत्र ने हत्या कर दी, एक अन्धा हो गया, एक डूबकर मरा, एक को गला घोंट कर मार डाला गया, एक अति कठोर कारावास में तड़प कर मरा, दो ने आत्महत्या कर ली, पाँच को उनके अपने लोगों या नौकरों ने मार डाला, पाँच अन्य को बहुत यातना के साथ दर्दनाक मौत मरे और शेष या तो युद्ध में या बन्दी जाए कर मारे गए। इनमें से एक था जूलियन जो विधर्मी जूलियन के नाम से जाना जाता था। कहते हैं कि अपनी समृद्धि के दिनों में उसने अपनी तलवार आसमान की ओर उठा कर परमेश्वर के पुत्र यीशु मसीह को, जिसे वह निन्दा स्वरुप "गलीली" कहता था, को कोसा था। लेकिन जब वह युद्ध में घायल हुआ और उसने जाना कि अब उसका समय पूरा हो गया है, तो वह पुकार उठा "ऐ गलीली, तू ने आखिर मुझे हरा ही दिया।"

परमेश्वर का, जो यथा संभव, पापियों पर अनुग्रह करना चाहता है, किसी पापी के प्रति ठ्ठा करने की स्थिति तक जाना कोई मज़ाक की नहीं, बलकि अति गंभीर बात है। भजनकार ने लिखा "पुत्रा को चूमो ऐसा न हो कि वह क्रोध करे, और तुम मार्ग ही में नाश हो जाओ; क्योंकि क्षण भर में उसका क्रोध भड़कने को है। धन्य हैं वे जिनका भरोसा उस पर है।" (भजन २:१२)

आज मसीह यीशु में परमेश्वर का प्रेम और अनुग्रह आपके लिये उपलब्ध है। इससे पहले कि समय निकल जाए, उसे ग्रहण कर लीजिए। इसे हलके में न लीजिए, यह मज़ाक की बात नहीं है। - रिचर्ड डी हॉन


पाप से खिलवाड़, न्यय से खेलना है

वह जो स्वर्ग में विराजमान है, हंसेगा, प्रभु उनको ठट्ठों में उड़ाएगा। - भजन २:४


बाइबल पाठ: भजन २

जाति जाति के लोग क्यों हुल्लड़ मचाते हैं, और देश देश के लोग व्यर्थ बातें क्यों सोच रहे हैं?
यहोवा के और उसके अभिषिक्त के विरूद्ध पृथ्वी के राजा मिलकर, और हाकिम आपस में सम्मति करके कहते हैं, कि
आओ, हम उनके बन्धन तोड़ डालें, और उनकी रस्सियों अपने ऊपर से उतार फेंके।
वह जो स्वर्ग में विराजमान है, हंसेगा, प्रभु उनको ठट्ठों में उड़ाएगा।
तब वह उन से क्रोध करके बातें करेगा, और क्रोध में कहकर उन्हें घबरा देगा, कि
मैं तो अपने ठहराए हुए राजा को अपने पवित्र पर्वत सिय्योन की राजगद्दी पर बैठा चुका हूं।
मैं उस वचन का प्रचार करूंगा: जो यहोवा ने मुझ से कहा, तू मेरा पुत्र है, आज तू मुझ से उत्पन्न हुआ।
मुझ से मांग, और मैं जाति जाति के लोगों को तेरी सम्पत्ति होने के लिये, और दूर दूर के देशों को तेरी निज भूमि बनने के लिये दे दूंगा।
तू उन्हें लोहे के डण्डे से टुकड़े टुकड़े करेगा। तू कुम्हार के बर्तन की नाईं उन्हें चकना चूर कर डालेगा।
इसलिये अब, हे राजाओं, बुद्धिमान बनो, हे पृथ्वी के न्यायियों, यह उपदेश ग्रहण करो।
डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और कांपते हुए मगन हो।
पुत्र को चूमो ऐसा न हो कि वह क्रोध करे, और तुम मार्ग ही में नाश हो जाओ; क्योंकि क्षण भर में उसका क्रोध भड़कने को है। धन्य हैं वे जिनका भरोसा उस पर है।

एक साल में बाइबल:
  • उत्पत्ति ४९-५०
  • मत्ती १३:३१-५८

बुधवार, 19 जनवरी 2011

अन्तिम न्याय

अमेरिका के तीसरे उप-राष्ट्रपति एरन बर्र की परवरिश एक परमेश्वर का भय रखने वाले परिवार में हुई थी। उनके दादा जौनथन एडवर्ड्स ने उन्हें मसीह को ग्रहण करने को चिताया भी था। लेकिन बर्र परमेश्वर से कोई संबंध नहीं रखना चाहते थे और उनका कहना रहता था कि "मेरी इच्छा है कि परमेश्वर मुझ से दूर ही रहे।"

ऐरन बर्र को कुछ हद तक राजनैतिक सफलता अवश्य मिली, परन्तु वे लगतार परेशानियों में घिरे रहे। उन्होंने ४८ वर्ष की अवस्था में एक जन ऐलिक्ज़ैंडर हैमिलटन की हत्या भी कर दी। इसके बाद वे ३२ वर्ष और जीवित रहे, लेकिन वे वर्ष दुख और असफलताओं से भरे रहे, और उन्होंने दु्खी मन से यह मान लिया कि "साठ साल पहले मैं ने परमेश्वर से सौदा किया था कि यदि वह मुझे अकेला छोड़ देगा तो मैं भी उसे अकेला छोड़ दूंगा, और परमेश्वर ने तब से मेरी कभी कोई चिंता नहीं की।" एरन बर्र को, जो उन्होंने चाहा, वह मिल गया।

वे लोग जो परमेश्वर के साथ कोई संबंध नहीं रखना चाहते, अपने आप को परमेश्वर के न्याय का भागी बना लेते हैं। वे पृथ्वी के अपने दिन परमेश्वर से विमुख रहकर और फिर अनन्त काल उसकी संगति से निर्वासित होकर बिताने के खतरे में हैं, यदि समय रहते पश्चातप नहीं करते।

मित्र, आपके मन में उठने वाला आपके पाप और अपराध के प्रति दोष का एहसास और म्रुत्यु का भय लक्षण हैं कि परमेश्वर का आत्मा आपको पश्चाताप और उद्धार के लिये उकसा रहा है। आप के प्रति उसके धैर्य और उसकी प्रतीक्षा के लिये परमेश्वर का धन्यवाद कीजिए, अपने पापों से पश्चाताप कीजिये और प्रभु यीशु से अपने व्यक्तिगत उद्धार की भेंट को स्वीकार कीजिये। कभी भी परमेश्वर को अपने से दूर रहने के लिये मत कहिये। आपके लिये जो सबसे भयानक बात हो सकती है वह यही है कि परमेश्वर आपकी बात मान ले और आपसे दूर हो जाए।

परमेश्वर द्वारा त्याग दिया जाना ही अन्तिम न्याय है। - हर्ब वैन्डर लुग्ट


नरक के पास से बच निकलने का तो मार्ग है, लेकिन नरक में पड़ कर वहां से बच निकलने का कोई मार्ग नहीं है।

...जब उन्‍होंने परमेश्वर को पहिचानना न चाहा, इसलिये परमेश्वर ने भी उन्‍हें उन के निकम्मे मन पर छोड़ दिया; - रोमियों १:२८


बाइबल पाठ: रोमियों १:१८-३२

परमेश्वर का क्रोध तो उन लोगों की सब अभक्ति और अधर्म पर स्‍वर्ग से प्रगट होता है, जो सत्य को अधर्म से दबाए रखते हैं।
इसलिये कि परमश्‍ेवर के विषय में ज्ञान उन के मनों में प्रगट है, क्‍योंकि परमेश्वर ने उन पर प्रगट किया है।
क्‍योंकि उस के अनदेखे गुण, अर्थात उस की सनातन सामर्थ, और परमेश्वरत्‍व जगत की सृष्‍टि के समय से उसके कामों के द्वारा देखने में आते है, यहां तक कि वे निरूत्तर हैं।
इस कारण कि परमेश्वर को जानने पर भी उन्‍होंने परमेश्वर के योग्य बड़ाई और धन्यवाद न किया, परन्‍तु व्यर्थ विचार करने लगे, यहां तक कि उन का निर्बुद्धि मन अन्‍धेरा हो गया।
वे अपने आप को बुद्धिमान जताकर मूर्ख बन गए।
और अविनाशी परमेश्वर की महिमा को नाशमान मनुष्य, और पक्षियों, और चौपायों, और रेंगने वाले जन्‍तुओं की मूरत की समानता में बदल डाला।
इस कारण परमेश्वर ने उन्‍हें उन के मन के अभिलाषाओं के अनुसार अशुद्धता के लिये छोड़ दिया, कि वे आपस में अपने शरीरों का अनादर करें।
क्‍योंकि उन्‍होंने परमेश्वर की सच्‍चाई को बदल कर झूठ बना डाला, और सृष्‍टि की उपासना और सेवा की, न कि उस सृजनहार की जो सदा धन्य है। आमीन।
इसलिये परमश्‍ेवर ने उन्‍हें नीच कामनाओं के वश में छोड़ दिया; यहां तक कि उन की स्‍त्रियों ने भी स्‍वाभाविक व्यवहार को, उस से जो स्‍वभाव के विरूद्ध है, बदल डाला।
वैसे ही पुरूष भी स्‍त्रियों के साथ स्‍वाभाविक व्यवहार छोड़ कर आपस में कामातुर होकर जलने लगे, और पुरूषों ने पुरूषों के साथ निर्लज्ज़ काम करके अपने भ्रम का ठीक फल पाया।
और जब उन्‍होंने परमेश्वर को पहिचानना न चाहा, इसलिये परमेश्वर ने भी उन्‍हें उन के निकम्मे मन पर छोड़ दिया; कि वे अनुचित काम करें।
सो वे सब प्रकार के अधर्म, और दुष्‍टता, और लोभ, और बैरभाव, से भर गए; और डाह, और हत्या, और झगड़े, और छल, और ईर्ष्या से भरपूर हो गए, और चुगलखोर,
बदनाम करने वाले, परमेश्वर के देखने में घृणित, औरों का अनादर करने वाले, अभिमानी, डींगमार, बुरी बुरी बातों के बनाने वाले, माता पिता की आज्ञा न मानने वाले,
निर्बुद्धि, विश्वासघाती, दयारिहत और निर्दयी हो गए।
वे तो परमेश्वर की यह विधि जानते हैं, कि ऐसे ऐसे काम करने वाले मुत्यु के दण्‍ड के योग्य हैं, तौभी न केवल आप ही ऐसे काम करते हैं, वरन करने वालों से प्रसन्न भी होते हैं।

एक साल में बाइबल:
  • उत्पत्ति ४६-४८
  • मत्ती १३:१-३०

मंगलवार, 18 जनवरी 2011

अविश्वास का खतरा

फ्रांस एवं जर्मनी के सन १८७०-७१ में युद्ध के समय एक ग्रहस्थ को अपने घर के निकट दो तोप के गोले मिले जो फटे नहीं थे। उनके खतरे से अन्भिज्ञ, उसने उन्हें उठाकर साफ किया, चमकाया और अपने घर में कमरा गरम करने को आग जलाने के स्थान के ऊपर की ताक पर सजा कर रख लिया। कुछ दिनों पश्चात उसका एक मित्र, जो युद्ध सामग्री का विशेषज्ञ था, उससे मिलने आया और उस ग्रहस्थ ने बड़े गर्व से अपने सजाए हुए उन तोप के गोलों को उसे दिखाया। उस मित्र ने कौतूहलवश उन गोलों की जांच करी और पाया कि वे अभी भी फट सकने के योग्य थे। उसने अपने ग्रहस्थ मित्र से कहा, "इन्हें तुरन्त आग के पास से दूर करो, ये अभी भी उतने ही घातक हैं जितने के अपने निर्माण के दिन थे।" अपने और परिवार के लिये उपस्थित भयानक खतरे से अनभिज्ञ वह ग्रहस्थ, स्वयं द्वारा उत्पन्न बहुत खतरनाक परिस्थिति में, सन्तोष से जी रहा था।

ऐसे ही बहुत से लोग, अपनी अज्ञानता से उत्पन्न इससे भी कहीं अधिक खतरनाक परिस्थिति में जीवन व्यतीत करे जा रहे हैं - नरक में मसीह रहित अनन्तकाल बिताने का खतरा। जान बूझकर अविश्वास के अपने निर्णय से उत्पन्न खतरे को पहचाने बिना, वे अपने ऊपर किसी भी क्षण आने वाले सर्वनाश के प्रति ज़रा भी चिंतित नहीं हैं।

प्रभु यीशु द्वारा मत्ती १३:३६-४३ में कहे गए शब्द, बाइबल में पाई जाने वाली सबसे गंभीर चेतावनियों में से हैं। ये "जीवते परमेश्वर के हाथों में पड़ना भयानक बात है" (इब्रानियों १०:३१) की सच्चाई को व्यक्त करते हैं। प्रभु यीशु ने नरक को भयानक अंधकार और पीड़ा का बाहरी स्थान (मत्ती २२:१३) और अनन्त आग का स्थान (मत्ती १८:८-९) बताया है।

हम प्रभु द्वारा बताए गए अविश्वास के खतरे और भयानक परिणामों को ज़रा भी हलका करके नहीं आंक सकते। प्रभु और उससे मिलने वाले उद्धार की भेंट के प्रति किया गया हमारा व्यक्तिगत निर्णय ही हमारे अनन्त भविष्य को निर्धारित करता है।

आपका निर्णय क्या है? आप अनन्त कहां बिताएंगे? - हेनरी बौश


प्रभु यीशु से उद्धार ग्रहण करने के विष्य में जो हिचकिचता है, वह अनन्त विनाश के खतरे में है।

और जो परमेश्वर को नहीं पहचानते, और हमारे प्रभु यीशु के सुसमाचार को नहीं मानते उन से पलटा लेगा। वे प्रभु के साम्हने से, और उसकी शक्ति के तेज से दूर होकर अनन्‍त विनाश का दण्‍ड पाएंगे। - २ थिस्सलोनिकियों १:८-९

बाइबल पाठ: मत्ती १३:३६-४३

तब वह भीड़ को छोड़ कर घर में आया, और उसके चेलों ने उसके पास आ कर कहा, खेत के जंगली दाने का दृष्‍टान्‍त हमें समझा दे।
उस ने उन को उत्तर दिया, कि अच्‍छे बीज का बोने वाला मनुष्य का पुत्र है।
खेत संसार है, अच्‍छा बीज राज्य के सन्‍तान, और जंगली बीज दुष्‍ट के सन्‍तान हैं।
जिस बैरी ने उन को बोया वह शैतान है; कटनी जगत का अन्‍त है: और काटने वाले स्‍वर्गदूत हैं।
सो जैसे जंगली दाने बटोरे जाते और जलाए जाते हैं वैसा ही जगत के अन्‍त में होगा।
मनुष्य का पुत्र अपने स्‍वर्गदूतों को भेजेगा, और वे उसके राज्य में से सब ठोकर के कारणों को और कुकर्म करने वालों को इकट्ठा करेंगे।
और उन्‍हें आग के कुंड में डालेंगे, वहां रोना और दांत पीसना होगा।
उस समय धर्मी अपने पिता के राज्य में सूर्य की नाई चमकेंगे; जिस के कान हों वह सुन ले।

एक साल में बाइबल:
  • उत्पत्ति ४३-४५
  • मत्ती १२:२४-५०

सोमवार, 17 जनवरी 2011

आता तूफान

मैं अपने मित्र के साथ झील में नाव में था और हम मछली पकड़ रहे थे। अचानक दूर हमने बादलों की गड़गड़ाहट की आवाज़ सुनी। वह आने वाले तूफान की चेतावनी थी। मुझे लगा कि अभी तूफान के आने में देर है, इसलिये मैं ने अपने अपने मित्र की बात पर ध्यान नहीं दिया कि हमें शीघ्र वापस किनारे पहुंच कर घर की ओर चल देना चाहिये। मैं सोच रहा था कि तूफान दिशा बदल कर हम से दूर निकल जाएगा। तभी परिस्थिति अचानक बदल गई, हवा में तेज़ी आ गई और हमारे ऊपर आकाश में बादल भरने लगे। यह देखकर हमने अपनी नाव के इंजन को चालू करने की कोशिश करी परन्तु वह नहीं चला। मेरा मित्र अपनी पूरी शक्ति से नाव खेने लगा और मैं इंजन चालू करने के प्रयास करता रहा। पानी में ऊंची लहरें उठने लगीं और तेज़ बारिश आरंभ हो गई, और तूफान की तेज़ हवा हमारी नाव को पतझड़ के पत्ते की तरह डगमगाने लगी। बड़ी मुशकिल से हम सही सलामत किनारे पहुंच पाए।

इस अनुभव ने मुझे एक बहुमूल्य शिक्षा और बड़ा सन्देश सिखाया - न्याय का दिन आ रहा है! वह दिन कहीं दूर प्रतीत तो हो सकता है, लेकिन वह अचानक ऊपर आ पड़ेगा और उस समय बचाव का कोई मार्ग नहीं रहेगा। जिन बातों पर हम अपनी सुरक्षा के लिये आज भरोसा करते हैं वे ऐन मौके पर मिथ्या सबित हो जाएंगी और हम गंभीर खतरे में पड़ जाएंगे।

जीवन के अन्त और न्याय के लक्षणों को पहिचन कर उनके प्रति जागृत रहने में ही सच्ची बुद्धिमानी है। अपने काम पर निकलने से पहले आज दर्पण में अपने आप को ग़ौर से देखिये और उन चिन्हों को पहिचानने का प्रयास कीजिए। सफेद होते बाल, चेहरे पर आती झुर्रियां, जोड़ों में बढ़ती अकड़ाहट और दुखन, काम करने से सांस का तेज़ हो जाना, कभी कभी चक्कर आ जाना, ये सब उस आने वाले ’तूफान’ के लक्षण हैं जो एक न एक दिन घेर ही लेगा।

इससे पहले कि बहुत देर हो जाए क्यों न मसीह यीशु में अपना शरणस्थान बना लें और सुरक्षित हो जाएं? अपने ’इंजन’ और अपनी ’नाव खेने’ की शक्ति पर भरोसा न रखें, ये न जाने कब धोखा दे जाएं। - एम. आर. डी हॉन


जब तक हम मृत्यु और मृत्यु के पश्चात के लिये तैयार न हों, हम जीने के लिये भी तैयार नहीं हैं।

...मनुष्यों के लिये एक बार मरना और उसके बाद न्याय का होना नियुक्त है। - इब्रानियों ९:२७


बाइबल पाठ: नीतिवचन २९:१-६

जो बार बार डांटे जाने पर भी हठ करता है, वह अचानक नाश हो जाएगा और उसका कोई भी उपाय काम न आएगा।
जब धर्मी लोग शिरोमणि होते हैं, तब प्रजा आनन्दित होती है; परन्तु जब दुष्ट प्रभुता करता है तब प्रजा हाथ मारती है।
जो पुरूष बुद्धि से प्रीति रखता है, अपने पिता को आनन्दित करता है; परन्तु वेश्याओं की संगति करने वाला धन को उड़ा देता है।
राजा न्याय से देश को स्थिर करता है, परन्तु जो बहुत घूस लेता है उसको उलट देता है।
जो पुरूष किसी से चिकनी चुपड़ी बातें करता है, वह उसके पैरों के लिये जाल लगाता है।
बुरे मनुष्य का अपराध फन्दा होता है, परन्तु धर्मी आनन्दित हो कर जयजयकार करता है।

एक साल में बाइबल:
  • उत्पत्ति ४१-४२
  • मत्ती १२:१-२३