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मंगलवार, 17 जनवरी 2012

सबका मामला

   घटना १९५५ की है जब अमेरिका के दक्षिणी प्रांतों में अपनी रंग-भेद नीतियाँ गहरी पैठ बनाए हुई थीं। उत्तरी प्रांत शिकागो से एमेट टिल नामक एक काला युवक अपने रिशतेदारों से मिलने दक्षिणी प्रांत मिसिस्सिपी गया। एमेट ने वहाँ एक श्वेत महिला से बात करने का ’दुसाहस’ किया और उसके इस ’अपराध’ के कारण दो श्वेत लोगों ने उसकी निर्मम हत्या कर दी। उन दोनो पर मुकदमा चला और पंचों ने, जो सभी श्वेत तथा पुरुष थे, एक घंटे से भी कम समय में विचार-विमर्ष कर के उन दोनो को निर्दोष कहा तथा न्यायाधीश ने उन पंचों के निर्णय को सही माना तथा दोनो अभियुक्तों को बरी कर दिया। बाद में दोनो ने ’लाईफ’ पत्रिका को दिये एक साक्षात्कार में अपने अपराध को स्वीकार भी कर लिया किंतु उन्हें कोई सज़ा नहीं हुई।

   न्यायाधीश के पैसले के बाद एमेट की माँ ने कहा, "दो महीने पहले मेरे पास शिकागो में एक अच्छा घर था। मेरी अच्छी नौकरी थी। मेरा एक बेटा था। जब दक्षिणी प्रांतों में नीग्रो लोगों के साथ कुछ दुर्व्यवहार होता था तो मैं कहती थी, ’ये उनका अपना मामला है, मेरा इससे कोई लेना-देना नहीं है’। अब मैं जानती हूँ कि मैं कितनी गलत थी। मेरे पुत्र की हत्या ने मुझे दिखा दिया है कि संसार में कहीं भी कोई भी अन्याय हो, वह हम सब का मामला होता है।"

   दूसरों की चिंताओं को अपना बनाना ही परमेश्वर के वचन बाइबल में लैव्यवस्था १९:१८ "...एक दूसरे से अपने समान प्रेम रखना" का आह्वाहन है। प्रभु यीशु ने इस पद को उध्वत कर के उसकी व्याखया करी और समझाया कि इसका सार है कि प्रेम दिखाने के लिए स्थान या व्यक्ति की कोई सीमा ना रखें (मत्ती २२:३९; लूका १०:२५-३७)। हमारा पड़ौसी केवल वही नहीं है जो हमारे निकट रहता है; हर वह व्यक्ति जिसे हमारी सहायता की आवश्यक्ता है, हमारा पड़ौसी है। जैसे हम अपना ध्यान रखते हैं, वैसे ही दुसरों का भी ध्यान रखना चाहिए।

   अपने पड़ौसी से अपने समान प्रेम रखने का तात्पर्य है कि दूसरों पर हो रहे अत्याचार, उनके दुख और अन्यायों को अपना लेना। यह प्रत्येक मसीही विश्वासी का कर्तव्य है। - मार्विन विलियम्स


प्रेम का व्यावाहरिक रूप ही करुणा है।

पलटा न लेना, और न अपने जाति भाइयों से बैर रखना, परन्तु एक दूसरे से अपने समान प्रेम रखना; मैं यहोवा हूं। - लैव्यवस्था १९:१८

बाइबल पाठ: लैव्यवस्था १९:११-१८
Lev 19:11  तुम चोरी न करना, और एक दूसरे से न तो कपट करना, और न झूठ बोलना।
Lev 19:12  तुम मेरे नाम की झूठी शपथ खाके अपने परमेश्वर का नाम अपवित्र न ठहराना; मैं यहोवा हूं।
Lev 19:13  एक दूसरे पर अन्धेर न करना, और न एक दूसरे को लूट लेना। और मजदूर की मजदूरी तेरे पास सारी रात बिहान तक न रहने पाएं।
Lev 19:14  बहिरे को शाप न देना, और न अन्धे के आगे ठोकर रखना; और अपने परमेश्वर का भय मानना; मैं यहोवा हूं।
Lev 19:15  न्याय में कुटिलता न करना; और न तो कंगाल का पक्ष करना और न बड़े मनुष्यों का मुंह देखा विचार करना; उस दूसरे का न्याय धर्म से करना।
Lev 19:16  लूतरा बनके अपने लोगों में न फिरा करना, और एक दूसरे के लोहू बहाने की युक्तियां न बान्धना; मैं यहोवा हूं।
Lev 19:17  अपने मन में एक दूसरे के प्रति बैर न रखना; अपने पड़ोसी को अवश्य डांटना नहीं, तो उसके पाप का भार तुझ को उठाना पड़ेगा।
Lev 19:18  पलटा न लेना, और न अपने जाति भाइयों से बैर रखना, परन्तु एक दूसरे से अपने समान प्रेम रखना; मैं यहोवा हूं।
एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति ४१-४२ 
  • मत्ती १२:१-२३

सोमवार, 16 जनवरी 2012

जीवन का आदर

   दाऊद ने अपनी रचना किए जाने का वर्णन भजन १३९ में लिखा है, कैसे उसकी माँ के गर्भ में परमेश्वर ने उसे बनाया। इससे पहले कि दाऊद इस पृथ्वी पर जन्म लेता परमेश्वर उसके साथ संलग्न था, उसे जानता था, उससे प्रेम करता था।
   परमेश्वर ने अपनी पूर्वनिश्चित योजना के अनुसार दाऊद को व्यक्तित्व और रूप दिया। इस भजन में दाऊद एक अलंकार का रोचक प्रयोग करके कहता है कि परमेश्वर ने अपनी पुस्तक में उससे संबंधित अपनी योजना को लिखा और उस योजना को उसकी माता के गर्भ में कार्यान्वित किया: "तेरी आंखों ने मेरे बेड़ौल तत्व को देखा; और मेरे सब अंग जो दिन दिन बनते जाते थे वे रचे जाने से पहिले तेरी पुस्तक में लिखे हुए थे" (भजन १३९:१६)।
   इसे दूसरे रूप में देखें तो दाऊद अपने परमेश्वर पिता के प्रेम में उस पिता की एक अनुपम सृष्टि है। वह परमेश्वर के मन से निकली, परमेश्वर ही की कल्पनाओं का, परमेश्वर ही के हाथों द्वारा सृजा गया साकार रूप था। यह जो बात दाऊद के विषय में सत्य है, वही बात संसार के हर मनुष्य के विष्य में भी उतनी ही सत्य है। हम में से प्रत्येक परमेश्वर की अनुपम सृष्टि है।
   क्योंकि यह बात हम सब के लिए सत्य और खरी है, इसलिए हमें प्रत्येक जीवन का आदर करना चाहिए। हर मनुष्य हमारे आदर और प्रेम का पात्र है; चाहे वह गर्भस्थ शिशु हो या नया जन्मा बच्चा, सुन्दर और प्रीय लगने वाला बच्चा हो या थका-मान्दा झुर्रीदार बुज़ुर्ग, अमीर और संभ्रांत व्यक्ति हो या कंगाल और फटेहाल - सभी मनुष्य हमारे सृष्टिकर्ता की अद्भुत बुद्धि की रचना हैं।
   आईये दाऊद के साथ मिलकर अपने सृष्टिकर्ता से कहें, "मैं तेरा धन्यवाद करूंगा, इसलिये कि मैं भयानक और अद्भुत रीति से रचा गया हूं। तेरे काम तो आश्चर्य के हैं, और मैं इसे भली भांति जानता हूं" (भजन १३९:१४) और उसकी आराधना करें। - डेविड रोपर

समस्त जीवन परमेश्वर की रचना है और उसके द्वारा हस्ताक्षरित है।

मैं तेरा धन्यवाद करूंगा, इसलिये कि मैं भयानक और अद्भुत रीति से रचा गया हूं। - भजन १३९:१४

बाइबल पाठ: भजन १३९:१३-१८
Psa 139:13  मेरे मन का स्वामी तो तू है; तू ने मुझे माता के गर्भ में रचा।
Psa 139:14  मैं तेरा धन्यवाद करूंगा, इसलिये कि मैं भयानक और अद्भुत रीति से रचा गया हूं। तेरे काम तो आश्चर्य के हैं, और मैं इसे भली भांति जानता हूं।
Psa 139:15  जब मैं गुप्त में बनाया जाता, और पृथ्वी के नीचे स्थानों में रचा जाता था, तब मेरी हडि्डयां तुझ से छिपी न थीं।
Psa 139:16  तेरी आंखों ने मेरे बेड़ौल तत्व को देखा; और मेरे सब अंग जो दिन दिन बनते जाते थे वे रचे जाने से पहिले तेरी पुस्तक में लिखे हुए थे।
Psa 139:17  और मेरे लिये तो हे ईश्वर, तेरे विचार क्या ही बहुमूल्य हैं! उनकी संख्या का जोड़ कैसा बड़ा है।
Psa 139:18  यदि मैं उनको गिनता तो वे बालू के किनकों से भी अधिक ठहरते। जब मैं जाग उठता हूं, तब भी तेरे संग रहता हूं।
 
एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति ३९-४० 
  • मत्ती ११

रविवार, 15 जनवरी 2012

एक और अवसर

   घटना १५ जनवरी २००९ की है, अमेरिका की यू.एस.ऐरवेज़ की उड़ान संख्या १५४९ के १५५ यात्रियों को यह निश्चित लगा कि अब वे मृत्यु से कुछ ही पल दूर हैं। न्यू-यॉर्क शहर से उड़ान भरते समय उनका वायुयान उड़ती हुई बतखों के एक झुंड से टकराया और उसके दोनो इंजन क्षतिग्रस्त होकर बन्द हो गए। बिना इंजनों की शक्ति के वायुयान के चालकों ने यान को घने आबादी वाले इलाके के ऊपर से निकाला और फिर वायुयान के लाउडस्पीकर पर कप्तान ने यात्रियों के लिए घोषणा करी कि वे टकराव के झटके के लिए तैयार हो जाएं। इसके ९० सेकेंड बाद उन्होंने वह विमान न्यू-यॉर्क के साथ बहती हडसन नदी के बर्फीले पानी में उतार दिया, जहाँ बचाव नौकाएं यात्रियों की रक्षा के लिए तैयार थीं और उन्होंने तुरंत ही सभी यात्रियों और यान के चालक दल के सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लोगों ने इस घटना को हडसन का आश्चर्यकर्म कहा; सभी ने वायुयान के कप्तान और चालक दल की प्रशंसा करी तथा उन्हें बहुत बहुत धन्यवाद दिया। एक कृतज्ञ यात्री ने एक ही वाक्य में सारी बात बयान कर दी; उसने कहा, "हमें जीवन का एक और अवसर मिला है।"

   जब खतरे और विषम स्थितियाँ हमारे सामने होती हैं, तब हमें हर पल की कीमत का एहसास होता है। किंतु जब जीवन सामन्य रीति से चल रहा होता है तो समय कि बहुमूल्यता का ध्यान नहीं रहता और ना ही हम यह सोचते हैं कि हर दिन, हर पल हमारे लिए जीवन का एक और अवसर है। ना जाने कौन कौन से खतरे हमारे पास से होकर निकल गए, ना जाने किस किस बात से परमेश्वर ने हमें सुरक्षित रखा: "हम मिट नहीं गए; यह यहोवा की महाकरुणा का फल है, क्योंकि उसकी दया अमर है। प्रति भोर वह नई होती रहती है; तेरी सच्चाई महान है। मेरे मन ने कहा, यहोवा मेरा भाग है, इस कारण मैं उस में आशा रखूंगा" (विलापगीत ३:२२-२४)।

   परमेश्वर हमारा रक्षक और रखवाला है; हमें सदा उसके कृतज्ञ और धन्यवादी बने रहना चाहिए। परमेश्वर की भलाईयों, अनुग्रह, विश्वासयोग्यता और हमारे साथ उसकी लगातार बनी रहने वाली उपस्थिति के लिए हमें उसे अपनी आशा का अडिग और स्थिर आधार बना लेना चाहिए। सच्चे मन से निकली पाप-क्षमा और समर्पण की एक छोटी प्रार्थना अनन्त काल के लिए आपका भविष्य सुनिश्चित कर देगी।

   परमेश्वर हमें जीवन के जो अवसर दे रहा है, उन्हें व्यर्थ ना गवांएं, उनका भरपूरी से लाभ उठाएं, उसके लिए उपयोगी बनें और अपने जीवनों से उसे महिमा दें। - डेविड मैककैसलैंड


हमारा परमेश्वर अवसर देने वाला परमेश्वर है।

हम मिट नहीं गए; यह यहोवा की महाकरुणा का फल है, क्योंकि उसकी दया अमर है। प्रति भोर वह नई होती रहती है; तेरी सच्चाई महान है। मेरे मन ने कहा, यहोवा मेरा भाग है, इस कारण मैं उस में आशा रखूंगा। - विलापगीत ३:२२-२४

बाइबल पाठ: विलापगीत ३:२२-३३
Lam 3:22  हम मिट नहीं गए यह यहोवा की महाकरुणा का फल है, क्योंकि उसकी दया अमर है।
Lam 3:23  प्रति भोर वह नई होती रहती है; तेरी सच्चाई महान है।
Lam 3:24  मेरे मन ने कहा, यहोवा मेरा भाग है, इस कारण मैं उस में आशा रखूंगा।
Lam 3:25  जो यहोवा की बाट जोहते और उसके पास जाते हैं, उनके लिये यहोवा भला है।
Lam 3:26  यहोवा से उद्धार पाने की आशा रख कर चुपचाप रहना भला है।
Lam 3:27  पुरुष के लिये जवानी में जूआ उठाना भला है।
Lam 3:28  वह यह जान कर अकेला चुपचाप रहे, कि परमेश्वर ही ने उस पर यह बोझ डाला है;
Lam 3:29  वह अपना मुंह धूल में रखे, क्या जाने इस में कुछ आशा हो?
Lam 3:30  वह अपना गाल अपने मारने वाले की ओर फेरे, और नामधराई सहता रहे।
Lam 3:31  क्योंकि प्रभु मन से सर्वदा उतारे नहीं रहता,
Lam 3:32  चाहे वह दु:ख भी दे, तौभी अपनी करुणा की बहुतायत के कारण वह दया भी करता है;
Lam 3:33  क्योंकि वह मनुष्यों को अपने मन से न तो दबाता है और न दु:ख देता है।
एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति ३६-३८ 
  • मत्ती १०:२१-४२

शनिवार, 14 जनवरी 2012

सफाई

   सदियों से संसार के कई स्थानों में पवन-चक्कियाँ कुओं से पानी निकालने और अनाज पीसने के लिए प्रयोग की जा रही हैं। पिछले कुछ दशकों से इसी वायु वेग की ऊर्जा का प्रयोग बिजली उत्पादन के लिए भी किया जाने लगा है। इस प्रक्रिया के लिए भी पवन-चक्की के समान ही वायु वेग की ऊर्जा को बिजली बनाने के जनेरेटर को चलाने के लिए प्रयोग किया जाता है। जैसे जैसे यह पवन-बिजली उत्पादन बढ़ा और इससे संबंधित प्रक्रियाओं पर शोध हुआ, एक अनपेक्षित बात प्रगट हुई - पवन-बिजली उत्पादक जनेरेटर, जब वायु धीमी चल रही होती है, तब चाहे ठीक काम करते हों, किंतु तेज़ वायु चलने के समय यदि उनके फलकों (blades) पर - जो वायु वेग से घूमते हैं, यदि छोटे छोटे मरे हुए कीड़े जमा हुए हों तो उनका कार्य बाधित हो जाता है और बिजली का उत्पादन कम हो जाता है। इसलिए उनके सही काम करते रहने के लिए, उनके फलकों को समय समय पर धो कर, मरे हुए उन कीड़ों को उन पर से हटाना और उन्हें साफ रखना आवश्यक होता है।

   मसीही विश्वासी के जीवन में भी यही सिद्धांत कार्यकारी होता है। यदि जीवन में छोटे छोटे पाप जमा होते रहें, तो वे मसीही जीवन के लिए बाधा बन जाते हैं और विश्वास के जीवन को सही तरह से चलने नहीं देते, कार्यकारी नहीं रहने देते। परमेश्वर ने हमारे जीवनों को पाप से साफ रखने के लिए एक विधि दी है। परमेश्वर के वचन बाइबल के १ यूहन्ना १:९ में परमेश्वर का प्रत्येक मसीही विश्वासी को आश्वासन है कि, "यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है"। हमारे जीवनों में पापों के जमाव को होने से बचने के लिए, हमें अपने जीवनों को परमेश्वर के वचन की रौशनी में लगातार जांचते रहना चाहिए, और जहां कहीं कोई ऐसी बात नज़र आए, तुरंत उसे परमेश्वर के सामने स्वीकार करके उस के लिए क्षमा मांगना तथा पुनः उसे दोहराने से बचने का निर्णय लेना आवश्यक है।

   मसीही विश्वासी के लिए यह इस लिए भी आवश्यक है, क्योंकि उसकी सामर्थ परमेश्वर से आती है, और पाप उसके तथा परमेश्वर के संबंध में बाधा डालता है, परमेश्वर की संगति में रहने नहीं देता और विश्वासी तक परमेश्वर की सामर्थ पहुँचने नहीं देता। नतीजा होता है एक कमज़ोर, शिथिल, प्रभाव रहित मसीही जीवन - मानो बिना वायु-ऊर्जा की पवन-चक्की, जो स्वयं और दूसरों, दोनो के लिए बोझिल होता है तथा परमेश्वर के लिए अनुपयोगी।

   परमेश्वर की सामर्थ में बने रहने और काम करते रहने के लिए प्रतिदिन जीवन से पापों की सफाई अनिवार्य है। - सिंडी हैस कैस्पर


पाप हमारी आत्मिक सामर्थ बाधित कर देता है; पाप का अंगीकार तथा उससे पश्चाताप उस सामर्थ को पुनःस्थापित कर देता है।

परन्‍तु हमारे पास यह धन मिट्ठी के बरतनों में रखा है, कि यह असीम सामर्थ हमारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर ही की ओर से ठहरे। - २ कुरिन्थियों ४:७

बाइबल पाठ: १ यूहन्ना १:५-१०
1Jn 1:5 जो समाचार हम ने उस से सुना, और तुम्हें सुनाते हैं, वह यह है कि परमेश्वर ज्योति हैं: और उस में कुछ भी अन्‍धकार नहीं।
1Jn 1:6 यदि हम कहें, कि उसके साथ हमारी सहभागिता है, और फिर अन्‍धकार में चलें, तो हम झूठे हैं: और सत्य पर नहीं चलते।
1Jn 1:7  पर यदि जैसा वह ज्योति में है, वैसे ही हम भी ज्योति में चलें, तो एक दूसरे से सहभागिता रखते हैं; और उसके पुत्र यीशु मसीह का लोहू हमें सब पापों से शुद्ध करता है।
1Jn 1:8  यदि हम कहें, कि हम में कुछ भी पाप नहीं, तो अपने आप को धोखा देते हैं: और हम में सत्य नहीं।
1Jn 1:9  यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है।
1Jn 1:10  यदि कहें कि हम ने पाप नहीं किया, तो उसे झूठा ठहराते हैं, और उसका वचन हम में नहीं है।
एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति ३३-३५ 
  • मत्ती १०:१-२०

शुक्रवार, 13 जनवरी 2012

विश्वासयोग्यता

   पिछले कुछ समय से सारा संसार जिस आर्थिक संकट से जूझ रहा है, उसने लोगों को अपने कर्ज़ की स्थिति की ओर बारीकी से ध्यान देने को बाध्य किया है। जब कर्ज़ लेना आसान था तो लोग उसके प्रति लापरवाह हो गए और उसका ठीक उपयोग नहीं किया। उन्होंने इस बात का आँकलन नहीं किया कि वास्तव में उन्हें क्या चाहिए; बस जो चाहा, उसे कर्ज़ के माध्यम से ले लिया; कर्ज़ चुकाना उनके लिए कोई ध्यान देने वाली बात नहीं थी। किंतु वर्तमान संकट में अब ऐसा नहीं है। अब अचानक ही कर्ज़ लेने वाले लोगों की आर्थिक विश्वासयोग्यता एक बहुत अहम मुद्दा बन गई है।

   एक कर्ज़ चुकाने के तरीकों में सहायता करने वाली एक कंपनी के विज्ञापन के तुरंत बाद सन्देश दिया गया, "आर्थिक विश्वासयोग्यता कहीं से खरीदी नहीं जा सकती, इसे सतत प्रयास सहित कार्य करके बनाना पड़ता है।"

   यही सिद्धांत हमारे जीवनों की विश्वासयोग्यता पर भी लागू होता है। हम अपनी विश्वासयोग्यता कहीं से खरीद नहीं सकते, इसे पाने के लिए हमें उसके अनुरूप कार्य करने पड़ते हैं, जीवन शैली दिखानी पड़ती है। हो सकता है कि कुछ विश्वासयोग्य लोगों की संगति में रहकर हम कुछ समय के लिए थोड़ी विश्वासयोग्यता ’उधार’ ले लें, किंतु यह अधिक समय नहीं चल सकता, देर-सवेर हमें अपनी निज विश्वासयोग्यता प्रकट करने की आवश्यक्ता पड़ ही जाती है।

   विश्वासयोग्यता बनाने के लिए हमें ऐसा बनना पड़ता है जिसके द्वारा लोग हम पर विश्वास रख सकें। मसीह विश्वासियों के लिए तो यह अति अनिवार्य है क्योंकि उनके जीवन परमेश्वर के नाम और प्रतिष्ठा को प्रभावित करते हैं (१ पतरस २:१२)। जब हम अपने आप को मसीही विश्वासी कहते हैं तो मसीह की प्रतिष्ठा हमारे नाम के साथ जुड़ जाती है। यदि लोग हमें विश्वासयोग्य नहीं पाएंगे तो वे हमारे आदर्श और हमारे प्रभु पर भी विश्वास नहीं ला पाएंगे।

   विश्वासयोग्य बनने के लिए सम्मान्नीय जीवन जीना होगा। तभी लोग हम पर विश्वास कर सकेंगे, जिससे फिर वे हमारे प्रभु पर भी विश्वास कर के परमेशवर की महिमा कर सकेंगे। - जूली ऐकैरमैन लिंक


यदि हम अपने चरित्र का ध्यान रखें तो हमारी विश्वास्योग्यता स्वतः ही बन जाएगी।

अन्यजातियों में तुम्हारा चाल-चलन भला हो; इसलिये कि जिन जिन बातों में वे तुम्हें कुकर्मी जान कर बदनाम करते हैं, वे तुम्हारे भले कामों को देखकर उन्‍हीं के कारण कृपा दृष्‍टि के दिन परमेश्वर की महिमा करें। - १ पतरस २:१२

बाइबल पाठ: १ पतरस २:११-२१
1Pe 2:11  हे प्रियों मैं तुम से बिनती करता हूं, कि तुम अपने आप को परदेशी और यात्री जान कर उस सांसारिक अभिलाषाओं से जो आत्मा से युद्ध करती हैं, बचे रहो।
1Pe 2:12  अन्यजातियों में तुम्हारा चाल-चलन भला हो; इसलिये कि जिन जिन बातों में वे तुम्हें कुकर्मी जान कर बदनाम करते हैं, वे तुम्हारे भले कामों को देखकर उन्‍हीं के कारण कृपा दृष्‍टि के दिन परमेश्वर की महिमा करें।
1Pe 2:13  प्रभु के लिये मनुष्यों के ठहराए हुए हर एक प्रबन्‍ध के आधीन में रहो, राजा के इसलिये कि वह सब पर प्रधान है।
1Pe 2:14  और हाकिमों के, क्‍योंकि वे कुकिर्मयों को दण्‍ड देने और सुकिर्मयों की प्रशंसा के लिये उसके भेजे हुए हैं।
1Pe 2:15  क्‍योंकि परमेश्वर की इच्‍छा यह है, कि तुम भले काम करने से निर्बुद्धि लोगों की अज्ञानता की बातों को बन्‍द कर दो।
1Pe 2:16  और अपने आप को स्‍वतंत्र जानो पर अपनी इस स्‍वतंत्रता को बुराई के लिये आड़ न बनाओ, परन्‍तु अपने आप को परमेश्वर के दास समझकर चलो।
1Pe 2:17  सब का आदर करो, भाइयों से प्रेम रखो, परमेश्वर से डरो, राजा का सम्मान करो।
1Pe 2:18  हे सेवकों, हर प्रकार के भय के साथ अपने स्‍वामियों के आधीन रहो, न केवल भलों और नम्रों के, पर कुटिलों के भी।
1Pe 2:19  क्‍योंकि यदि कोई परमेश्वर का विचार करके अन्याय से दुख उठाता हुआ क्‍लेश सहता है, तो यह सुहावना है।
1Pe 2:20  क्‍योंकि यदि तुम ने अपराध करके घूंसे खाए और धीरज धरा, तो उस में क्‍या बड़ाई की बात है पर यदि भला काम करके दुख उठाते हो और धीरज धरते हो, तो यह परमेश्वर को भाता है।
1Pe 2:21  और तुम इसी के लिये बुलाए भी गए हो क्‍योंकि मसीह भी तुम्हारे लिये दुख उठा कर, तुम्हें एक आदर्श दे गया है, कि तुम भी उसके चिन्‍ह पर चलो।
 
एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति ३१-३२ 
  • मत्ती ९:१८-३८

गुरुवार, 12 जनवरी 2012

पूरे कार्य

   बचपन में मैं कराटे में उच्च प्रशिक्षण प्राप्त कर ब्लैक बेल्ट पाना चाहता था। कई वर्ष पहले मैंने कराटे का प्रशिक्षण लेना आरंभ भी किया, और अपने लक्ष्य के निकट भी आ गया, किंतु अपने लक्ष्य से दो स्तर पूर्व ही मैंने अपना प्रशिक्षण छोड़ दिया। छोड़ने के दो कारण थे - मेरे प्रशिक्षक ने प्रशिक्षण की शैली मेरे मध्य प्रशिक्षण में बदल दी, तथा मैं कुछ अन्य बातों में व्यस्त हो गया और अपने प्रशिक्षण को उचित समय नहीं दे पाया।

   अब लगभग हर सप्ताह मुझे यह बात परेशान करती है कि परमेश्वर चाहता है कि मैं अपने जीवन के हर क्षेत्र में, अपने कार्यों को पूरा करने वाला बनूँ, ना कि अधूरा छोड़ देने वाला - विशेषकर उन क्षेत्रों में जो उसकी सेवकाई से संबंधित हैं। हमारे प्रभु यीशु ने इस बात को हमारे लिए उदाहरणस्वरूप रखा, जब क्रूस पर चढ़ाए जाने के लिए पकड़े जाने से पूर्व अपनी प्रार्थना में उसने परमेश्वर से कहा, "जो काम तू ने मुझे करने को दिया था, उसे पूरा करके मैं ने पृथ्वी पर तेरी महिमा की है" (यूहन्ना १७:४)।

   जब प्रेरित पौलुस अपने जीवन के अन्त की बात कर रहा था तो उस के मन में किसी अधूरे छोड़े हुए कार्य या सेवकाई को लेकर कोई परेशानी नहीं थी। तिमुथियुस को लिखी अपनी दूसरी पत्री में, जो उसकी विदाई की तथा मृत्यु पूर्व उसके द्वारा लिखी अन्तिम पत्री थी (२ तिमुथियुस ४:६), पौलुस मसीह के लिए अपनी सेवकाई को पूरा करने के संबंध में सुन्दर रूपकों का प्रयोग करता है। उसने अपने जीवन और सेवकाई को एक मल्लयुद्ध के समान बताया: "मैं अच्‍छी कुश्‍ती लड़ चुका हूं..."; फिर वह एक धावक और दौड़ के रूपक को सामने लाता है: "...मैं ने अपनी दौड़ पूरी कर ली है..." कुश्ती तथा दौड़ दोनो ही अच्छे थे क्योंकि वे परमेश्वर और सुसमाचार के लिए थे: "...मैं ने विश्वास की रखवाली की है" (२ तिमुथियुस ४:७)। पौलुस ने यह सुदृढ़ किया कि जो भी ज़िम्मेदारी परमेश्वर ने उसे सौंपी थी, परमेश्वर के अनुग्रह और सामर्थ से उसने उसे पूरा भी किया।

   मसीही विश्वासियों के लिए पौलुस का जीवन एक उदाहरण और प्रेरक है कि हम भी वे लोग हों जो अपनी ज़िम्मेदारियों को गंभीरता से लेते हैं तथा उन्हें पूरा करते हैं, विशेषकर मसीह के लिए अपनी सेवकाई से संबंधित ज़िम्मेदारियों को। - मारविन विलियम्स


अपनी जीवन दौड़ अपने अनन्त जीवन को ध्यान में रखते हुए दौड़ें।

मैं अच्‍छी कुश्‍ती लड़ चुका हूं मैं ने अपनी दौड़ पूरी कर ली है, मैं ने विश्वास की रखवाली की है। - २ तिमुथियुस ४:७

बाइबल पाठ: २ तिमुथियुस ४:१-८
2Ti 4:1  परमेश्वर और मसीह यीशु को गवाह करके, जो जीवतों और मरे हुओं का न्याय करेगा, उसे और उसके प्रगट होने, और राज्य को सुधि दिलाकर मैं तुझे चिताता हूं।
2Ti 4:2  कि तू वचन को प्रचार कर; समय और असमय तैयार रह, सब प्रकार की सहनशीलता, और शिक्षा के साथ उलाहना दे, और डांट, और समझा।
2Ti 4:3 क्‍योंकि ऐसा समय आएगा, कि लोग खरा उपदेश न सह सकेंगे पर कानों की खुजली के कारण अपनी अभिलाषाओं के अनुसार अपके लिये बहुतेरे उपदेशक बटोर लेंगे।
2Ti 4:4  और अपने कान सत्य से फेरकर कथा-कहानियों पर लगाएंगे।
2Ti 4:5  पर तू सब बातों में सावधान रह, दुख उठा, सुसमाचार प्रचार का काम कर और अपनी सेवा को पूरा कर।
2Ti 4:6 क्‍योंकि अब मैं अर्घ की नाई उंडेला जाता हूं, और मेरे कूच का समय आ पहुंचा है।
2Ti 4:7 मैं अच्‍छी कुश्‍ती लड़ चुका हूं मैं ने अपनी दौड़ पूरी कर ली है, मैं ने विश्वास की रखवाली की है।
2Ti 4:8  भविष्य में मेरे लिये धर्म का वह मुकुट रखा हुआ है, जिसे प्रभु, जो धर्मी, और न्यायी है, मुझे उस दिन देगा और मुझे ही नहीं, वरन उन सब को भी, जो उसके प्रगट होने को प्रिय जानते हैं।
 
एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति २९-३० 
  • मत्ती ९:१-१७

बुधवार, 11 जनवरी 2012

अनुसर्णीय

 छोटी बच्ची अलीसा, जो अभी ६ वर्ष ही की है और जिसने अभी केवल पढ़ना सीखना ही आरंभ किया है, अपने माता-पिता तथा दादा-दादी को रोज़ सुबह अपनी अपनी बाइबल पढ़ते देखती थी। एक प्रातः उसकी दादी ने उठने पर पाया कि अलीसा घर में सब से पहले ही उठ गई थी, और सोफे पर अपनी बाइबल एवं प्रार्थना तथा मनन से संबंधित एक पुस्तक लिए बैठी हुई थी। वह बच्ची भी, जैसा वह अपने परिवार में देखती आई थी, दिन के आरंभ में परमेश्वर के साथ समय बिताने के उदाहरण का अनुसरण करना चाहती थी।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम एक युवा पास्टर तिमुथियुस का उल्लेख पाते हैं, जिसके पास इफिसुस के चर्च की बड़ी ज़िम्मेदारियाँ थीं। उसे मसीही विश्वासियों को प्रभु यीशु मसीह तथा मसीही जीवन और विश्वास के बारे में सिखाना होता था, आराधना की तैयारी तथा नेतृत्व करना होता था, गलत शिक्षाओं तथा धारणाओं के झूठ को उजागर कर लोगों को उनसे बच कर रहना समझाना होता था। अनुभवी तथा बुज़ुर्ग प्रेरित पौलुस ने उसे इस इलाके के चर्चों के संचालन की ज़िम्मेदारी उसे सौंपी थी और इस कार्य से संबंधित निर्देश भी दिए थे। पौलुस ने ही तिमुथियुस को समझाया था कि उसे अपने व्यक्तिगत जीवन के उदाहरण के प्रति कैसा सचेत रहना है; अपनी पत्री में पौलुस ने तिमुथियुस को लिखा, "कोई तेरी जवानी को तुच्‍छ न समझने पाए; पर वचन, और चाल चलन, और प्रेम, और विश्वास, और पवित्रता में विश्वासियों के लिये आदर्श बन जा" (१ तिमुथियुस ४:१२)।

   पौलुस ने उसे आगे लिखा, "जब तक मैं न आऊं, तब तक पढ़ने और उपदेश और सिखाने में लौलीन रह" तथा " इन बातों पर स्थिर रह, क्‍योंकि यदि ऐसा करता रहेगा, तो तू अपने, और अपने सुनने वालों के लिये भी उद्धार का कारण होगा" (१ तिमुथियुस ४:१३, १६)। तिमुथियुस के लिए यह आवश्यक था कि वह स्वयं अपने आत्मिक जीवन और शिक्षाओं पर ध्यान देता रहे और उन में दृढ़ बना रहे; तब ही वह दूसरों के लिए अच्छा आदर्श बना रह सकता था।

   हम सब के आस-पास लोग हैं जो हमें देख रहे हैं और हमारे जीवन उन पर प्रभाव डाल रहे हैं। इसलिए हमें ऐसे जीवन बिताने का यत्न करते रहना चाहिए जो दूसरों को परमेश्वर की निकटता में लाएं; फिर वे लोग भी अपने जीवनों के द्वारा औरों को परमेश्वर की निकटता में लाने वाले हो सकेंगे। जो शिक्षा पौलुस ने तिमुथियुस को समझाई और सिखाई, वही प्रत्येक मसीही विश्वासी को अनुसर्णीय बनाने के लिए उपयोगी तथा आवश्यक है। - ऐनी सेटस


श्रेष्ठ उदाहरण श्रेष्ठ परमर्श से कहीं अधिक लाभकारी होता है।

कोई तेरी जवानी को तुच्‍छ न समझने पाए; पर वचन, और चाल चलन, और प्रेम, और विश्वास, और पवित्रता में विश्वासियों के लिये आदर्श बन जा। - १ तिमुथियुस ४:१२

बाइबल पाठ: १ तिमुथियुस ४:१२-१६
1Ti 4:12 कोई तेरी जवानी को तुच्‍छ न समझने पाए; पर वचन, और चाल चलन, और प्रेम, और विश्वास, और पवित्रता में विश्वासियों के लिये आदर्श बन जा।
1Ti 4:13  जब तक मैं न आऊं, तब तक पढ़ने और उपदेश और सिखाने में लौलीन रह।
1Ti 4:14 उस वरदान से जो तुझ में है, और भविष्यद्वाणी के द्वारा प्राचीनों के हाथ रखते समय तुझे मिला था, निश्‍चिन्‍त न रह।
1Ti 4:15  उन बातों को सोचता रह, ताकि तेरी उन्नति सब पर प्रगट हो। अपनी और अपने उपदेश की चौकसी रख।
1Ti 4:16 इन बातों पर स्थिर रह, क्‍योंकि यदि ऐसा करता रहेगा, तो तू अपने, और अपने सुनने वालों के लिये भी उद्धार का कारण होगा।
 
एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति २७-२८ 
  • मत्ती ८:१८-३४