ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

गुरुवार, 7 जून 2012

अनुग्रह के भण्डारी

   पिछले सप्ताह मुझे अनुग्रह दिखाने के अनेक अवसर मिले। मैं उन में बिलकुल सिद्ध तो नहीं रही, परन्तु जितना मैंने किया मैं उससे बहुत प्रसन्न थी; मैं विशेषकर एक परिस्थिति को लेकर अपने किए से बहुत संतुष्ट थी, जहां क्रोधित होने कि बजाए, मैंने कहा, "मैं समझ सकती हूं कि आप से यह गलती कैसे हुई, मैंने भी कई गलतियां करीं हैं" और बात को आगे बढ़ाने की बजाए उसे वहीं समाप्त कर दिया।

   अपने आंकलन के स्तर पर मुझे इस बात के लिए चाहे पूरे नहीं, परन्तु पूरे के निकट अंक अवश्य ही मिलने चाहिएं थे। मुझे यह स्वीकार करते हुए कुछ शर्म तो आ रही है, लेकिन मैं मान लेती हूं कि मेरे मन में इस बात के लिए कुछ घमण्ड और यह भावना भी थी कि ऐसे अनुग्रह दिखा कर, किसी आते समय में आवश्यक्तानुसार, मैं भी किसी अनुग्राह का पात्र बनने के योग्य हो गई हूं।

   इसके अगले इतवार को चर्च में हम भजन गा रहे थे, "Amazing Grace! How sweet the sound, that saved a wretch like me" अर्थात, "अद्भुत अनुग्रह! कितना मधुर है यह शब्द, जिसके कारण मुझ जैसा निकृष्ट पापी भी उद्धार पा सका" यह गीत गाते गाते, मुझे एकदम ही बीते सप्ताह में अपने रवैये के दंभ और ढिठाई का एहसास हुआ। मैंने एहसास किया कि ये मैं क्या सोचने और मानने लग गई थी?

   जो अनुग्रह मैंने किसी दूसरे पर दिखाया है वह मेरा तो है ही नहीं; वह तो पहले मुझ पर किया गया और मुझे दिया गया है। इसी लिए तो मैं उसे किसी अन्य पर दिखा पाई! किसी दूसरे पर अनुग्रह कर पाने का एक मात्र कारण है कि पहले हम पर परमेश्वर ने अनुग्रह किया, और हमें अपने अनुग्रह का भण्डारी बनाया जिस से हम दूसरों को उसे बांट सकें।

   भले भण्डारी अपने स्वामी के द्वारा दिये गए भण्डारीपन को योग्य रीति से निभाते हैं और उसकी इच्छा को पूरी करते हैं। हम सभी मसीही विश्वासी परमेश्वर के अनुग्रह के पात्र और भण्डारी हैं, उसे दूसरों तक पहुंचाने के लिए। आइये अपने इस वरदान को "...परमेश्वर के नाना प्रकार के अनुग्रह के भले भण्‍डारियों की नाईं एक दूसरे की सेवा में लगाए" (१ पतरस ४:१०)। - जूली ऐकैरमैन लिंक


परमेश्वर के अनुग्रह को जानने वाले उसे दूसरों को बांटने वाले भी होते हैं।

जिस को जो वरदान मिला है, वह उसे परमेश्वर के नाना प्रकार के अनुग्रह के भले भण्‍डारियों की नाईं एक दूसरे की सेवा में लगाए। - १ पतरस ४:१०

बाइबल पाठ: १ कुरिन्थियों १५:१-११
1Co 15:1  हे भाइयों, मैं तुम्हें वही सुसमाचार बताता हूं जो पहिले सुना चुका हूं, जिसे तुम ने अंगीकार भी किया या और जिस में तुम स्थिर भी हो।
1Co 15:2  उसी के द्वारा तुम्हारा उद्धार भी होता है, यदि उस सुसमाचार को जो मैं ने तुम्हें सुनाया था स्मरण रखते हो; नहीं तो तुम्हारा विश्वास करना व्यर्थ हुआ।
1Co 15:3 इसी कारण मैं ने सब से पहिले तुम्हें वही बात पहुंचा दी, जो मुझे पहुंची थी, कि पवित्र शास्‍त्र के वचन के अनुसार यीशु मसीह हमारे पापों के लिये मर गया।
1Co 15:4 और गाड़ा गया; और पवित्र शास्‍त्र के अनुसार तीसरे दिन जी भी उठा।
1Co 15:5  और कैफा को तब बारहों को दिखाई दिया।
1Co 15:6  फिर पांच सौ से अधिक भाइयों को एक साथ दिखाई दिया, जिन में से बहुतेरे अब तक वर्तमान हैं पर कितने सो गए।
1Co 15:7  फिर याकूब को दिखाई दिया तब सब प्रेरितों को दिखाई दिया।
1Co 15:8  और सब के बाद मुझ को भी दिखाई दिया, जो मानो अधूरे दिनों का जन्मा हूं।
1Co 15:9  क्‍योंकि मैं प्ररितों में सब से छोटा हूं, वरन प्ररित कहलाने के योग्य भी नहीं, क्‍योंकि मैं ने परमेश्वर की कलीसिया को सताया था।
1Co 15:10 परन्‍तु मैं जो कुछ भी हूं, परमेश्वर के अनुग्रह से हूं: और उसका अनुग्रह जो मुझ पर हुआ, वह व्यर्थ नहीं हुआ परन्तु मैं ने उन सब से बढ़ कर परिश्रम भी किया: तौभी यह मेरी ओर से नहीं हुआ परन्‍तु परमेश्वर के अनुग्रह से जो मुझ पर था।
1Co 15:11  सो चाहे मैं हूं, चाहे वे हों, हम यही प्रचार करते हैं, और इसी पर तुम ने विश्वास भी किया।


एक साल में बाइबल: 

  • २ इतिहास २८-२९ 
  • यूहन्ना १७

बुधवार, 6 जून 2012

नायक

   नैतिकता के आधार पर सेना की कुछ गतिविधियों से आपत्ति रखने वाले कॉर्पोरल डेस्मन्ड डौस अमेरिका के सर्वोच्च सैनिक पदक - Congressional Medal of Honor को पाने वाले ऐसे पहले सैनिक थे। सच्ची लगन और समर्पण वाले प्रभु यीशु मसीह के शिष्य, डौस, का मानना था कि किसी की हत्या करना उनके लिए गलत है, लेकिन वे अपने देश की सेवा से भी चूकना नहीं चाहते थे; इसलिए उन्होंने सेना की चिकित्सा सेवा में भर्ती ली। प्रशिक्षण के दौरान उनके साथ के सैनिक, राइफल ना चलाने के कारण उनका मज़ाक उड़ाते थे। जब रात को सोने से पहले वे अपनी बाइबल पढ़ते और फिर पलंग के किनारे घुटने टेक कर प्रार्थना करते थे, तो वे लोग उनका ठठ्ठा करते थे। किंतु जब युद्ध समय आया तो कहानी बहुत फर्क थी।

   दूसरे विश्वयुद्ध में मई १९४५ में ओकिनावा के युद्ध के समय डौस ने बारंबार अपने जीवन को जोखिम में डाल कर युद्धभूमि में अनेक घायलों की जान बचाई। अपनी इस निस्वार्थ सेवा कार्य के कारण उन्होंने ना केवल उनका आदर और कृतज्ञता प्राप्त करी जिनकी उन्होंने जान बचाई थी, वरन अपने आलोचकों और ठठ्ठा करने वालों से भी प्रशंसा प्राप्त करी। डौस का यह व्यवहार और उसका प्रतिफल, परमेश्वर के वचन बाइबल से उन्हें मिली शिक्षाओं के आधार पर था।

   प्रभु यीशु के चेले प्रेरित पतरस ने अपनी पत्री में प्रभु यीशु के अनुयायीयों को अनुचित और अन्यायपूर्ण आलोचना के विष्य में लिखा, कि वे इस से ना घबराएं, वरन अपने जीवन में परमेश्वर को आदर देते हुए नम्रता के साथ अपनी आशा के विष्य में पूछने वालों को उत्तर देने के लिए तैयार सदा तैयार रहें : "और यदि तुम धर्म के कारण दुख भी उठाओ, तो धन्य हो; पर उन के डराने से मत डरो, और न घबराओ। पर मसीह को प्रभु जान कर अपने अपने मन में पवित्र समझो, और जो कोई तुम से तुम्हारी आशा के विषय में कुछ पूछे, तो उसे उत्तर देने के लिये सर्वदा तैयार रहो, पर नम्रता और भय के साथ" (१ पतरस ३:१४-१५)।

   आज यही व्यवहार, इस मसीह विरोधी और पाप से दुखी संसार के लोगों को, प्रत्येक मसीही विश्वासी के जीवन में दिखना चाहिए जिससे वे परमेश्वर के प्रेम और क्षमा का अनुभव ले सकें, और पापों से फिरने के महत्व को जान सकें। - डेविड मैक्कैसलैंड


भलाई के बदले भलाई करना तो मानवीय, परन्तु बुराई के बदले भलाई करना ईश्वरीय व्यवहार है।

और यदि तुम धर्म के कारण दुख भी उठाओ, तो धन्य हो; पर उन के डराने से मत डरो, और न घबराओ। - १ पतरस ३:१४

बाइबल पाठ: १ पतरस ३:८-१७
1Pe 3:8  निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखने वाले, और करूणामय, और नम्र बनो।
1Pe 3:9  बुराई के बदले बुराई मत करो, और न गाली के बदले गाली दो; पर इस के विपरीत आशीष ही दो: क्‍योंकि तुम आशीष के वारिस होने के लिये बुलाए गए हो।
1Pe 3:10  क्‍योंकि जो कोई जीवन की इच्‍छा रखता है, और अच्‍छे दिन देखना चाहता है, वह अपनी जीभ को बुराई से, और अपने होंठों को छल की बातें करने से रोके रहे।
1Pe 3:11  वह बुराई का साथ छोड़े, और भलाई ही करे; वह मेल मिलाप को ढूंढ़े, और उस के यत्‍न में रहे।
1Pe 3:12  क्‍योंकि प्रभु की आंखे धमिर्यों पर लगी रहती हैं, और उसके कान उन की बिनती की ओर लगे रहते हैं, परन्‍तु प्रभु बुराई करने वालों के विमुख रहता है।
1Pe 3:13   और यदि तुम भलाई करने में उत्तेजित रहो तो तुम्हारी बुराई करने वाला फिर कौन है?
1Pe 3:14   और यदि तुम धर्म के कारण दुख भी उठाओ, तो धन्य हो; पर उन के डराने से मत डरो, और न घबराओ।
1Pe 3:15   पर मसीह को प्रभु जान कर अपने अपने मन में पवित्र समझो, और जो कोई तुम से तुम्हारी आशा के विषय में कुछ पूछे, तो उसे उत्तर देने के लिये सर्वदा तैयार रहो, पर नम्रता और भय के साथ।
1Pe 3:16  और विवेक भी शुद्ध रखो, इसलिये कि जिन बातों के विषय में वे जो तुम्हारे मसीही अच्‍छे चालचलन का अपमान करते हैं लज्ज़ित हों।
1Pe 3:17  क्‍योंकि यदि परमेश्वर की यही इच्‍छा हो, कि तुम भलाई करने के कारण दुख उठाओ, तो यह बुराई करने के कारण दुख उठाने से उत्तम है।


एक साल में बाइबल: 

  • २ इतिहास २५-२७ 
  • यूहन्ना १६

मंगलवार, 5 जून 2012

विश्वास

   जब मेरी सहेली के पति डेव, अचानक निढाल होकर गिर पड़े, और फिर बाद में उनकी मृत्यु हो गई तो किसी को कोई शक नहीं था कि उनका जीवन जाता रहा था; लोगों ने यह सब देखा था, इन बातों के गवाह थे। प्रभु यीशु की मृत्यु के लिए भी यह सच था; उनकी मृत्यु के भी गवाह थे। परन्तु तीसरे दिन कुछ अद्भुत हो गया - प्रभु यीशु मृतकों में से जी उठे! यह भी सच है, इसके भी गवाह हैं जिन्होंने उन्हें जीवित देखा, उनसे बातें करीं, उन के साथ रहे।

   जब हम डेव के अन्तिम संसकार के लिए एकत्रित हुए तो परमेश्वर के वचन बाइबल से हमने वे जाने पहचाने खंड पढ़े जो हमें इस बात कि याद दिलाते हैं कि डेव अब स्वर्ग में एक नए जीवन के आनन्द में हैं। यद्यपि हम इन प्रतिज्ञाओं को केवल विश्वास के आधार पर ही स्वीकार करते हैं क्योंकि हम में से किसी ने भी डेव को स्वर्ग में जाते हुए नहीं देखा है; किंतु प्रभु यीशु के लिए ऐसा नहीं है। बहुत से गवाहों ने उन्हें स्वर्ग पर जाते देखा (प्रेरितों १:९)। एक गवाह ऐसा भी है जिसने प्रभु यीशु को स्वर्ग में विद्यमान देखा है - स्तिफनुस ने "कहा, देखो, मैं स्‍वर्ग को खुला हुआ, और मनुष्य के पुत्र को परमेश्वर के दाहिनी ओर खड़ा हुआ देखता हूं" (प्रेरितों ७:५६)। प्रभु यीशु के इस कथन पर कि वह हमारे लिए स्वर्ग में स्थान तैयार करने जाता है (यूहन्ना १४:२) हम इसलिए भी विश्वास कर सकते हैं क्योंकि उसे स्वर्ग में जीवित देखा गया है।

   जब हमारा कोई प्रीय स्वर्ग सिधार जाता है, तो हम दुख और निराशा के गर्त में जाने लगते हैं। ऐसे में हमें कभी भी नहीं भूलना चाहिए कि जिस परमेश्वर ने प्रभु यीशु को मृतकों में से जिला कर स्वर्ग ले जाने की अपनी प्रतिज्ञा पूरी करी है, वही परमेश्वर हम सब मसीही विश्वासियों को भी प्रभु यीशु के पास स्वर्ग में ले जाने का वायदा करता है, और वह सदा ही अपने वायदों के पूरे करने में विश्वासयोग्य रहा है।

   हमारा विश्वास हमारे सच्चे और जीवित परमेश्वर के अटल वचन पर स्थापित है। - जूली ऐकैरमैन लिंक


स्वर्ग की प्रतिज्ञा हमारी अनन्त आशा है।

यह कह कर वह उन के देखते देखते ऊपर उठा लिया गया, और बादल ने उसे उन की आंखों से छिपा लिया। - प्रेरितों १:९

बाइबल पाठ: प्रेरितों १:१-११
Act 1:1  हे थियुफिलुस, मैं ने पहिली पुस्‍तिका उन सब बातों के विषय में लिखी, जो यीशु ने आरम्भ में किया और करता और सिखाता रहा।
Act 1:2  उस दिन तक जब वह उन प्ररितों को जिन्‍हें उस ने चुना था, पवित्र आत्मा के द्वारा आज्ञा देकर ऊपर उठाया न गया।
Act 1:3  और उस ने दु:ख उठाने के बाद बहुत से पक्के प्रमाणों से अपने आप को उन्‍हें जीवित दिखाया, और चालीस दिन तक वह उन्‍हें दिखाई देता रहा : और परमेश्वर के राज्य की बातें करता रहा।
Act 1:4  ओर उन से मिल कर उन्‍हें आज्ञा दी, कि यरूशलेम को न छोड़ो, परन्‍तु पिता की उस प्रतिज्ञा के पूरे होने की बाट जोहते रहो, जिस की चर्चा तुम मुझ से सुन चुके हो।
Act 1:5  क्‍योंकि यूहन्ना ने तो पानी में बपतिस्मा दिया है परन्‍तु थोड़े दिनों के बाद तुम पवित्रात्मा से बपतिस्मा पाओगे।
Act 1:6  सो उन्हों ने इकट्ठे हो कर उस से पूछा, कि हे प्रभु, क्‍या तू इसी समय इस्‍त्राएल को राज्य फेर देगा?
Act 1:7  उस ने उन से कहा, उन समयों या कालों को जानना, जिन को पिता ने अपने ही अधिकार में रखा है, तुम्हारा काम नहीं।
Act 1:8 परन्‍तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे।
Act 1:9  यह कह कर वह उन के देखते देखते ऊपर उठा लिया गया, और बादल ने उसे उन की आंखों से छिपा लिया।
Act 1:10  और उसके जाते समय जब वे आकाश की ओर ताक रहे थे, तो देखो, दो पुरूष श्वेत वस्‍त्र पहिने हुए उन के पास आ खड़े हुए।
Act 1:11  और कहने लगे, हे गलीली पुरूषों, तुम क्‍यों खड़े स्‍वर्ग की ओर देख रहे हो? यही यीशु, जो तुम्हारे पास से स्‍वर्ग पर उठा लिया गया है, जिस रीति से तुम ने उसे स्‍वर्ग को जाते देखा है उसी रीति से वह फिर आएगा।


एक साल में बाइबल: 

  • २ इतिहास २३-२४ 
  • यूहन्ना १५

सोमवार, 4 जून 2012

कपट और खण्डन

   जब उस दोषी राजनितज्ञ को अपने अनुचित और निन्दनीय व्यवहार के लिए पत्रकारों का सामना करना पड़ा, तो उसने बड़े भोलेपन से उत्तर दिया, "मुझे ऐसी कोई बात स्मरण नहीं आती।" एक सार्वजनिक व्यक्ति द्वारा कपट और खण्डन के प्रयोग से अपने काले कारनामों के उत्तरदायित्व से बच निकलने का यह एक और उदाहरण था। जब किसी को अपने दुषकर्मों के दायित्व से बचने के लिए कोई मार्ग चाहिए होता है, तो वे अकसर इसी बात का उपयोग करते हैं - कपट और खण्डन द्वारा ध्यान अपने से हटा कर किसी दूसरे पर कर देना; किसी दूसरे को ज़िम्मेदार ठहरा कर उसे फंसा देना और आप बच निकलना।

   मसीही विश्वासी भी इस से अछूते नहीं हैं। यह भी देखने में आता है कि हम मसीही विश्वासी भी कभी कभी अपने गलत व्यवहार के लिए अनजान होने का बहाना बनाते हैं, या फिर अन्य किसी को उसके लिए ज़िम्मेदार ठहराने का प्रयास करते हैं, नहीं तो किसी न किसी बात के कारण उस व्यवहार को उचित ठहराना चाहते हैं - परन्तु हम भूल जाते हैं कि हमारा परमेश्वर सच्चाई को जानता है। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि "...क्योंकि यहोवा का देखना मनुष्य का सा नहीं है; मनुष्य तो बाहर का रूप देखता है, परन्तु यहोवा की दृष्टि मन पर रहती है" (१ शमूएल १६:७)। यह बात हर हाल में सच है, चाहे मन स्वच्छ हो या मलिन। हम मनुष्यों को धोखा दे सकते हैं जो केवल बाहरी रूप ही को देख पाते हैं; चाहे हम बाहर से कितने भी मासूम क्यों ना दिखें, परमेश्वर हमारे हृदय कि हर दशा को जानता है; उस से कुछ भी छुपा हुआ नहीं है, और वह अपने इसी ज्ञान के आधार पर हम से लेखा लेगा और हमें प्रतिफल देगा।

   इसलिए बुद्धिमानी इसी में है कि हम विनम्रता के साथ अपने पाप परमेश्वर के सामने मान लें और उससे क्षमा मांग लें, क्योंकि वह चाहता है कि हम सत्य को स्वीकार करें (भजन ५१:६)। पाप के दुषपरिणामों से बचने का एकमात्र मार्ग है उन्हें मान लेना, उनके लिए पश्चाताप कर लेना और परमेश्वर से उनकी क्षमा मांगे लेना; इसी के द्वारा परमेश्वर के साथ हमारि संगति फिर से बहाल हो सकती है। - बिल क्राउडर


हम दुसरे मनुष्यों को धोखा दे सकते हैं, परन्तु परमेश्वर को नहीं, जो हमारे वास्तविक दशा भली भांति जानता है।


...क्योंकि यहोवा का देखना मनुष्य का सा नहीं है; मनुष्य तो बाहर का रूप देखता है, परन्तु यहोवा की दृष्टि मन पर रहती है। - १ शमूएल १६:७

बाइबल पाठ: भजन ५१:१-१०
Psa 51:1  हे परमेश्वर, अपनी करूणा के अनुसार मुझ पर अनुग्रह कर; अपनी बड़ी दया के अनुसार मेरे अपराधों को मिटा दे।
Psa 51:2  मुझे भलीं भांति धोकर मेरा अधर्म दूर कर, और मेरा पाप छुड़ा कर मुझे शुद्ध कर!
Psa 51:3  मैं तो अपने अपराधों को जानता हूं, और मेरा पाप निरन्तर मेरी दृष्टि में रहता है।
Psa 51:4  मैं ने केवल तेरे ही विरूद्ध पाप किया, और जो तेरी दृष्टि में बुरा है, वही किया है, ताकि तू बोलने में धर्मी और न्याय करने में निष्कलंक ठहरे।
Psa 51:5  देख, मैं अधर्म के साथ उत्पन्न हुआ, और पाप के साथ अपनी माता के गर्भ में पड़ा।
Psa 51:6  देख, तू हृदय की सच्चाई से प्रसन्न होता है; और मेरे मन ही में ज्ञान सिखाएगा।
Psa 51:7  जूफा से मुझे शुद्ध कर, तो मैं पवित्र हो जाऊंगा; मुझे धो, और मैं हिम से भी अधिक श्वेत बनूंगा।
Psa 51:8  मुझे हर्ष और आनन्द की बातें सुना, जिस से जो हडि्डयां तू ने तोड़ डाली हैं वह मगन हो जाएं।
Psa 51:9  अपना मुख मेरे पापों की ओर से फेर ले, और मेरे सारे अधर्म के कामों को मिटा डाल।
Psa 51:10  हे परमेश्वर, मेरे अन्दर शुद्ध मन उत्पन्न कर, और मेरे भीतर स्थिर आत्मा नये सिरे से उत्पन्न कर।


एक साल में बाइबल: 

  • २ इतिहास २१-२२ 
  • यूहन्ना १४

रविवार, 3 जून 2012

निशाना

   सन २००४ के ओलंपिक खेलों में राइफल से निशानेबाज़ी में स्वर्णपदक जीतने वाले मैट इम्मोन्स एक और पदक जीतने के बहुत करीब थे। वह अन्य खिलाड़ियों से निर्णायक रीति से आगे थे और अपने अंतिम प्रयास में केंद्र बिंदु पर निशाना लगा सकने की आशा रखते थे। उन्होंने निशाना लगाया, गोली सही जगह लगी भी किंतु कुछ गलत हो गया; ऐसा गलत कि जिससे उनकी वर्यिता गिर कर आठवें स्थान पर आ गई और वे पदक से चूक गए! उन्होंने निशाना तो साधा था, किंतु अपने नहीं अपने साथ वाले प्रत्योगी के निशाने पर। गलत निशाना साधने की इस चूक ने उनके लिए सब कुछ उलट-पुलट कर दिया।

   प्रेरित पौलुस ने फिलिप्पियों को लिखी अपनी पत्री में, मसीही जीवन में, विश्वासियों के लिए सही निशाने पर निशाना साधने की महत्वता पर ज़ोर दिया: "हे भाइयों, मेरी भावना यह नहीं कि मैं पकड़ चुका हूं: परन्‍तु केवल यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ। निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है" (फिलिप्पियों ३:१३-१४)।

   पौलुस ने एक धावक के लक्ष्य की ओर दौड़ने के उदाहरण को भी लिया। रोचक बात है कि जो शब्द धावक के लक्ष्य के लिए प्रयोग हुआ है, उसका एक अन्य अर्थ तीरंदाज़ी में तीर चलाने के लक्ष्य के लिए भी है। इन दोनो ही बातों में जीतना, लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने के द्वारा ही संभव है। मसीही विश्वासी के लिए भी मसीह की समानता में ढलते जाने पर ध्यान केंद्रित रखना उसके पूरे जीवन की साधना होनी चाहिए (रोमियों ८:२८-२९; गलतियों ५:२२-२३)।

   आज आपका ध्यान किस बात पर केंद्रित है? क्या आपका ध्यान अधिकाधिक उन्नति पाने तथा सांसारिक यश और संपत्ति अर्जित कर लेने पर है? यदि आप मसीही विश्वासी हैं तो आपका सही निशाना अपने उद्धारकर्ता प्रभु यीशु की समानता में ढलना है (२ कुरिन्थियों ३:१८); और किसी बात पर ध्यान केंद्रित करना, गलत निशाने पर निशाना साधने के समान होगा, अन्ततः जिसके परिणाम अति दुखदायी होंगे।

   आज निश्चित कर लें कि आप सही निशाने पर अपना निशाना साध रहे हैं कि नहीं। - डेनिस फिशर


अपने जीवन को सबसे अधिक लाभकारी बनाने के लिए परमेश्वर के उद्देश्यों को अपना लक्ष्य बना लें।


निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है। - फिलिप्पियों ३:१४

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों ३:७-१४
Php 3:7  परन्‍तु जो जो बातें मेरे लाभ की थीं, उन्‍हीं को मैं ने मसीह के कारण हानि समझ लिया है।
Php 3:8  वरन मैं अपने प्रभु मसीह यीशु की पहिचान की उत्तमता के कारण सब बातों को हानि समझता हूं: जिस के कारण मैं ने सब वस्‍तुओं की हानि उठाई, और उन्‍हें कूड़ा समझता हूं, जिस से मैं मसीह को प्राप्‍त करूं।
Php 3:9  और उस में पाया जाऊं, न कि अपनी उस धामिर्कता के साथ, जो व्यवस्था से है, वरन उस धामिर्कता के साथ जो मसीह पर विश्वास करने के कारण है, और परमेश्वर की ओर से विश्वास करने पर मिलती है।
Php 3:10  और मैं उसको और उसके मृत्युंजय की सामर्थ को, और उसके साथ दुखों में सहभागी हाने के मर्म को जानूं, और उस की मृत्यु की समानता को प्राप्‍त करूं।
Php 3:11  ताकि मैं किसी भी रीति से मरे हुओं में से जी उठने के पद तक पहुंचूं।
Php 3:12  यह मतलब नहीं, कि मैं पा चुका हूं, या सिद्ध हो चुका हूं: पर उस पदार्थ को पकड़ने के लिये दौड़ा चला जाता हूं, जिस के लिये मसीह यीशु ने मुझे पकड़ा था।
Php 3:13 हे भाइयों, मेरी भावना यह नहीं कि मैं पकड़ चुका हूं: परन्‍तु केवल यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ।
Php 3:14  निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है।


एक साल में बाइबल: 

  • २ इतिहास १९-२० 
  • यूहन्ना १३:२१-३८

शनिवार, 2 जून 2012

प्रार्थना

   अधिकांश अंग्रज़ी बोलने वाले लोगों के लिए ASAP का अर्थ होता है "As Soon As Possible" अर्थात जितनी जल्दी हो सके। परन्तु मसीही विश्वासी के लिए इसका अर्थ "Always Say A Prayer" अर्थात सदा प्रार्थना कीजिए भी हो सकता है।

   इस्त्राएल के इतिहास में हिजकिय्याह यहूदा के राजाओं में सर्वश्रेष्ठ राजाओं में से एक था। अपने पिता अहाज़ के परमेश्वर विरोधी शासन के बाद, हिजकिय्याह ने अपने देश को वापस परमेश्वर की ओर मोड़ा और परमेश्वर की आराधना फिर से स्थापित करी (२ राजा १८:३-४)। किंतु फिर भी जब अश्शूर के राजा ने यहूदा पर चढ़ाई करी, तो वह उससे घबरा गया और उसे शान्त करने के लिए यरूशलेम में स्थित परमेश्वर के मन्दिर में से सोना उतरवाकर उसे भेंट कर दिया (२ राजा १८:१३-१६)।

   अश्शूर का राजा इससे संतुष्ट नहीं हुआ और एक और धमकी के साथ फिर से लौट कर यहूदा पर चढ़ाई करने को आया। अब हिजकिय्याह परमेश्वर की ओर मुड़ा और प्रार्थना करी: "...पृथ्वी के सब राज्यों के ऊपर केवल तू ही परमेश्वर है। आकाश और पृथ्वी को तू ही ने बनाया है...इसलिये अब हे हमारे परमेश्वर यहोवा तू हमें उसके हाथ से बचा, कि पृथ्वी के राज्य राज्य के लोग जान लें कि केवल तू ही यहोवा है" (२ राजा १९:१५-१९)। राजा हिजकिय्याह की इस प्रार्थना का परमेश्वर ने अद्भुत रीति से उत्तर दिया और उसे शत्रुओं के हाथों से छुड़ाया (२ राजा १९:३५-३७)।

   क्या आप भी किसी ऐसी समस्या से परेशान हैं जिसने आपको लाचार कर रखा है? यह समस्या आपके कार्य, परिवार या स्वास्थय से संबंधित हो सकती है। हो सकता है कि समाधान के आपके अपने सभी प्रयास विफल हो चुके हों। निराश और हताश ना हों, हमारे पास वह सर्वशक्तिमान परमेश्वर है जिसके लिए कुछ भी असंभव नहीं, और जिसके पास उस में विश्वास के साथ, आप अपनी हर समस्या ले कर कभी भी आ सकते हैं। इसलिए स्मरण रखिए कि और कुछ करने से पहले "ASAP - Always Say A Prayer" अर्थात सदा प्रार्थना कीजिए। - सी. पी. हीया


किसी भी समस्या के लिए प्रार्थना हमारा प्रथम प्रत्युत्तर होना चाहिए ना कि अंतिम विकल्प।
 
इसलिये अब हे हमारे परमेश्वर यहोवा तू हमें उसके हाथ से बचा, कि पृथ्वी के राज्य राज्य के लोग जान लें कि केवल तू ही यहोवा है। - २ राजा १९:१९
 
बाइबल पाठ: २ राजा १९:१०-१९; ३५-३७
2Ki 19:10  तुम यहूदा के राजा हिजकिय्याह से यों कहना : तेरा परमेश्वर जिसका तू भरोसा करता है, यह कह कर तुझे धोखा न देने पाए, कि यरूशलेम अश्शूर के राजा के वश में न पड़ेगा।
2Ki 19:11  देख, तू ने तो सुना है अश्शूर के राजाओं ने सब देशों से कैसा य्यवहार किया है उन्हें सत्यानाश कर दिया है। फिर क्या तू बचेगा?
2Ki 19:12  गोजान और हारान और रेसेप और तलस्सार में रहने वाले एदेनी, जिन जातियों को मेरे पुरखाओं ने नाश किया, क्या उन में से किसी जाति के देवताओं ने उसको बचा लिया?
2Ki 19:13  हमात का राजा, और अर्पाद का राजा, और समवैंम नगर का राजा, और हेना और इथ्वा के राजा ये सब कहां रहे? इस पत्री को हिजकिय्याह ने दूतों के हाथ से लेकर पढ़ा।
2Ki 19:14  तब यहोवा के भवन में जाकर उसको यहोवा के साम्हने फैला दिया।
2Ki 19:15  और यहोवा से यह प्रार्थना की, कि हे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा! हे करूबों पर विराजने वाले! पृथ्वी के सब राज्यों के ऊपर केवल तू ही परमेश्वर है। आकाश और पृथ्वी को तू ही ने बनाया है।
2Ki 19:16  हे यहोवा! कान लगा कर सुन, हे यहोवा आंख खोल कर देख, और सन्हेरीब के वचनों को सुन ले, जो उस ने जीवते परमेश्वर की निन्दा करने को कहला भेजे हैं।
2Ki 19:17  हे यहोवा, सच तो है, कि अश्शूर के राजाओं ने जातियों को और उनके देशों को उजाड़ा है।
2Ki 19:18  और उनके देवताओं को आग में फेंका है, क्योंकि वे ईश्वर न थे; वे मनुष्यों के बनाए हुए काठ और पत्थर ही के थे, इस कारण वे उनको नाश कर सके।
2Ki 19:19  इसलिये अब हे हमारे परमेश्वर यहोवा तू हमें उसके हाथ से बचा, कि पृथ्वी के राज्य राज्य के लोग जान लें कि केवल तू ही यहोवा है।
2Ki 19:35  उसी रात में क्या हुआ, कि यहोवा के दूत ने निकल कर अश्शूरियों की छावनी में एक लाख पचासी हजार पुरुषों को मारा, और भोर को जब लोग सबेरे उठे, तब देखा, कि लोथ ही लोथ पड़ी हैं।
2Ki 19:36  तब अश्शूर का राजा सन्हेरीब चल दिया, और लौट कर नीनवे में रहने लगा।
2Ki 19:37  वहां वह अपने देवता निस्रोक के मन्दिर में दणडवत कर रहा था, कि अदेम्मेलेक और सरेसेर ने उसको तलवार से मारा, और अरारात देश में भाग गए। और उसी का पुत्र एसर्हद्दोन उसके स्थान पर राज्य करने लगा।
 
एक साल में बाइबल: 
  • २ इतिहास १७-१८ 
  • यूहन्ना १३:१-२०

शुक्रवार, 1 जून 2012

प्रश्न

   एक अफ्रीकी कहावत है: "जो प्रश्न पूछता है वह भटकता नहीं।" परमेश्वर के वचन बाइबल में दाउद द्वारा उठाए गए प्रश्न हम इसी बात से समझ सकते हैं। अपने लिखे भजनों में दाउद ने परमेश्वर के सम्मुख कई प्रश्न किए, क्योंकि वह परमेश्वर के मार्गदर्शन का खोजी था, अपनी राह परमेश्वर की इच्छा के अनुकूल रखना चाहता था।

दाउद द्वारा पूछे गए प्रश्नों के कुछ उदाहरण देखिए:

  • परमेश्वर की योजना के कार्यान्वित होने की लालसा का प्रश्न - "हे यहोवा, कब तक?" (भजन ६:३)
  • परमेश्वर के प्रति श्रद्धा और भय का प्रश्न क्योंकि परमेश्वर एक पापी जन की भी चिंता करता है - "तो फिर मनुष्य क्या है कि तू उसका स्मरण रखे, और आदमी क्या है कि तू उसकी सुधि ले?" (भजन ८:४)
  • परमेश्वर की निकटता और उपस्थिति में हर समय बने रहने की लालसा का प्रश्न - "हे यहोवा तू क्यों दूर खड़ा रहता है? संकट के समय में क्यों छिपा रहता है?" (भजन १०:१)
  • परमेश्वर के सम्मुख रह पाने के लिए सबसे मुख्य प्रश्न - " हे परमेश्वर तेरे तम्बू में कौन रहेगा? तेरे पवित्र पर्वत पर कौन बसने पाएगा?" (भजन १५:१)


   दाउद के पास परमेश्वर की संगति में रहने के लिए कुछ कठिन प्रश्न थे, क्योंकि वह अपने अनुभव से जान चुका था कि अपने जीवन में परमेश्वर को नज़रांदाज़ कर के अपनी लालसाओं की पूर्ति में पाप के मार्ग पर चल निकलने का क्या अंजाम होता है। जैसे जैसे वह अपने मनन में होकर भजन लिखता गया, वह परमेश्वर के हृदय को खोजने वाला व्यक्ति बनता गया, परमेश्वर की इच्छाओं को जानकर उन पर चलने वाला बन गया। इसीलिए नए नियम में आकर दाउद के विषय में परमेश्वर की ओर से लिखा गया : "जिस के विषय में उस [परमेश्वर] ने गवाही दी, कि मुझे एक मनुष्य यिशै का पुत्र दाऊद, मेरे मन के अनुसार मिल गया है। वही मेरे सारी इच्‍छा पूरी करेगा" (प्रेरितों १३:२२)।

   दाउद के समान, आपके भी मन में प्रश्न होंगे। उन्हें पूछते रहिये, और परमेश्वर के वचन और परमेश्वर के पवित्र आत्मा के कार्य में विश्वास रखकर, दाउद के समान परमेश्वर द्वारा दिखाए मार्ग पर चलते रहिए। - डेव ब्रैनन


प्रश्न पूछना अच्छा है; परमेश्वर के उत्तरों को खोजना और उनका पालन करना और भी अच्छा और लाभदायक है।

तो फिर मनुष्य क्या है कि तू उसका स्मरण रखे, और आदमी क्या है कि तू उसकी सुधि ले? - भजन ८:४

बाइबल पाठ: भजन ८
Psa 8:1  हे यहोवा हमारे प्रभु, तेरा नाम सारी पृथ्वी पर क्या ही प्रतापमय है! तू ने अपना वैभव स्वर्ग पर दिखाया है।
Psa 8:2  तू ने अपने बैरियों के कारण बच्चों और दूध पिउवों के द्वारा सामर्थ्य की नेव डाली है, ताकि तू शत्रु और पलटा लेने वालों को रोक रखे।
Psa 8:3  जब मैं आकाश को, जो तेरे हाथों का कार्य है, और चंद्रमा और तरागण को जो तू ने नियुक्त किए हैं, देखता हूं;
Psa 8:4  तो फिर मनुष्य क्या है कि तू उसका स्मरण रखे, और आदमी क्या है कि तू उसकी सुधि ले?
Psa 8:5  क्योंकि तू ने उसको परमेश्वर से थोड़ा ही कम बनाया है, और महिमा और प्रताप का मुकुट उसके सिर पर रखा है।
Psa 8:6  तू ने उसे अपने हाथों के कार्यों पर प्रभुता दी है; तू ने उसके पांव तले सब कुछ कर दिया है।
Psa 8:7  सब भेड़-बकरी और गाय-बैल और जितने वनपशु हैं,
Psa 8:8  आकाश के पक्षी और समुद्र की मछलियां, और जितने जीव-जन्तु समुद्रों में चलते फिरते हैं।
Psa 8:9  हे यहोवा, हे हमारे प्रभु, तेरा नाम सारी पृथ्वी पर क्या ही प्रतापमय है।


एक साल में बाइबल: 

  • २ इतिहास १५-१६ 
  • यूहन्ना १२:२७-५०