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बुधवार, 3 मई 2017

सेवक


   मैं खीज कर चिल्ला उठी, "मैं किसी की नौकरानी नहीं हूँ!" उस प्रातः मेरे परिवार की माँगें कुछ अधिक ही लग रही थीं; मैं अपने पति की नीली टाई ढूँढ़ने के साथ-साथ, रो रहे शिशु को दूध पिला रही थी और अपने 2 वर्षीय बच्चे के खोए हुए खिलौने को पलंग के नीचे से निकालने का प्रयास भी कर रही थी।

   उसी दिन, बाद में जब मैं परमेश्वर के वचन बाइबल को पढ़ रही थी तो मेरे सामने यह पद आया: "क्योंकि बड़ा कौन है; वह जो भोजन पर बैठा या वह जो सेवा करता है? क्या वह नहीं जो भोजन पर बैठा है? पर मैं तुम्हारे बीच में सेवक की नाईं हूं" (लूका 22:27)।

   प्रभु यीशु को अपने शिष्यों के पाँव धोने की कोई आवश्यकता नहीं थी, परन्तु उन्होंने यह किया (यूहन्ना 13:5); इस काम को करने के लिए सेवक होते थे, परन्तु प्रभु यीशु ने स्वयं शिष्यों की सेवा करना चुना। आज का समाज इस बात पर ज़ोर देता है कि हमारा कोई उच्च-स्तर हो, हम भी कुछ हों। हमें सबसे अच्छा मेहनताना देने वाली नौकरियाँ, कंपनी में सर्वोच्च स्थान, चर्च में वर्चस्व चाहिए। लेकिन हम चाहे जिस भी पद पर हों, अपने तथा समस्त संसार के उध्दारकर्ता के उदाहरण से सेवा करने की शिक्षा ले सकते हैं।

   हम जीवन में विभिन्न भूमिकाएं निभाते हैं - माता-पिता, सन्तान, मित्र, कार्यकर्ता, अगुवे, या विद्यार्थी। प्रश्न यह है: क्या हम इन भिन्न भूमिकाओं को सेवभाव के साथ निभाते हैं? चाहे मेरी दैनिक दिनचर्या थका देने वाली होती है, मैं धन्यवादी हूँ कि मेरा स्वामी-परमेश्वर मेरे साथ रहता है, मेरी सहायता और मार्गदर्शन करता है, क्योंकि मैं उसका अनुसरण करना चाहती हूँ, स्वेच्छा से लोगों की सेवा करना चाहती हूँ।

  परमेश्वर करे कि हम अपने प्रभु यीशु के समान सेवक बनकर उसके लिए एक सजीव उदाहरण बनें; क्योंकि इसका प्रतिफल महान है (लूका 22:30)। - कीला ओकोआ


प्रभु यीशु के समान होने के लिए हम में 
उसके समान सेवक का सा आचरण होना चाहिए।

यीशु ने उन्हें पास बुलाकर कहा, तुम जानते हो, कि अन्य जातियों के हाकिम उन पर प्रभुता करते हैं; और जो बड़े हैं, वे उन पर अधिकार जताते हैं। परन्तु तुम में ऐसा न होगा; परन्तु जो कोई तुम में बड़ा होना चाहे, वह तुम्हारा सेवक बने। और जो तुम में प्रधान होना चाहे वह तुम्हारा दास बने। जैसे कि मनुष्य का पुत्र, वह इसलिये नहीं आया कि उस की सेवा टहल करी जाए, परन्तु इसलिये आया कि आप सेवा टहल करे और बहुतों की छुडौती के लिये अपने प्राण दे। - मत्ती 20:25-28

बाइबल पाठ: लूका 22:24-30
Luke 22:24 उन में यह वाद-विवाद भी हुआ; कि हम में से कौन बड़ा समझा जाता है 
Luke 22:25 उसने उन से कहा, अन्यजातियों के राजा उन पर प्रभुता करते हैं; और जो उन पर अधिकार रखते हैं, वे उपकारक कहलाते हैं। 
Luke 22:26 परन्तु तुम ऐसे न होना; वरन जो तुम में बड़ा है, वह छोटे की नाईं और जो प्रधान है, वह सेवक की नाईं बने। 
Luke 22:27 क्योंकि बड़ा कौन है; वह जो भोजन पर बैठा या वह जो सेवा करता है? क्या वह नहीं जो भोजन पर बैठा है? पर मैं तुम्हारे बीच में सेवक की नाईं हूं। 
Luke 22:28 परन्तु तुम वह हो, जो मेरी परीक्षाओं में लगातार मेरे साथ रहे। 
Luke 22:29 और जैसे मेरे पिता ने मेरे लिये एक राज्य ठहराया है, 
Luke 22:30 वैसे ही मैं भी तुम्हारे लिये ठहराता हूं, ताकि तुम मेरे राज्य में मेरी मेज पर खाओ-पिओ; वरन सिंहासनों पर बैठकर इस्त्राएल के बारह गोत्रों का न्याय करो।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 14-15
  • लूका 22:21-46


मंगलवार, 2 मई 2017

पीढ़ी


   बच्चों का अपने माता-पिता के परमेश्वर में विश्वास के उदाहरण का अनुसरण न करना आश्चर्यजनक हो सकता है। ऐसे ही अनेपक्षित उस व्यक्ति का मसीह यीशु में विश्वास तथा प्रतिबध्ता होती है जो किसी ऐसे परिवार से आया है जहाँ यह विश्वास कभी था ही नहीं। प्रत्येक पीढ़ी के प्रत्येक जन के पास इस विश्वास के प्रति निर्णय लेने के लिए चुनाव करने की स्वतंत्रता होती है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि शमूएल परमेश्वर का महान जन था, जिसने अपने दो बेटों, योएल और अबिय्याह को इस्त्राएल पर अगुवे बनाकर नियुक्त किया (1 शमूएल 8:1-2)। परन्तु अपने पिता के चरित्र के विपरीत वे दोनों भ्रष्ट थे: "परन्तु उसके पुत्र उसकी राह पर न चले, अर्थात लालच में आकर घूस लेते और न्याय बिगाड़ते थे" (1 शमूएल 8:3)। लेकिन फिर भी कई वर्ष पश्चात हम पाते हैं कि योएल का पुत्र हेमन को परमेश्वर के भवन में संगीतज्ञ नियुक्त किया गया (1 इतिहास 6:31-33)। शमूएल का पोता हेमन, और उसका प्रमुख सहायक आसप - जिसने अनेक भजनों की रचना की - परमेश्वर के भवन में स्तुतिगान के द्वारा परमेश्वर की सेवकाई करते थे (1 इतिहास 15:16-17)।

   चाहे कोई व्यक्ति अपने माता-पिता के लिए अत्यंत मूल्यवान मसीही विश्वास के प्रति उदासीन भी रहे, तो भी इससे यह नहीं समझना चाहिए कि परमेश्वर उसके जीवन में कार्यरत नहीं है। बाद के वर्षों में हालात के साथ ही उसका मन भी बदल सकता है और वर्षों पहले बोए गए विश्वास के बीज आने वाली पीढ़ी में अंकुरित हो सकते हैं।

   परिवार की वर्तमान परिस्थिति चाहे जो भी हो, हम मसीही विश्वासी भली-भांति जानते हैं कि, "यहोवा भला है, उसकी करूणा सदा के लिये, और उसकी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है" (भजन 100:5)। - डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर की विश्वासयोग्यता पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है।

इन बातों को जिनकी आज्ञा मैं तुझे सुनाता हूं चित्त लगाकर सुन, कि जब तू वह काम करे जो तेरे परमेश्वर यहोवा की दृष्टि में भला और ठीक है, तब तेरा और तेरे बाद तेरे वंश का भी सदा भला होता रहे। - व्यवस्थाविवरण 12:28

बाइबल पाठ: भजन 100 
Psalms 100:1 हे सारी पृथ्वी के लोगों यहोवा का जयजयकार करो! 
Psalms 100:2 आनन्द से यहोवा की आराधना करो! जयजयकार के साथ उसके सम्मुख आओ! 
Psalms 100:3 निश्चय जानो, कि यहोवा ही परमेश्वर है। उसी ने हम को बनाया, और हम उसी के हैं; हम उसकी प्रजा, और उसकी चराई की भेड़ें हैं।
Psalms 100:4 उसके फाटकों से धन्यवाद, और उसके आंगनों में स्तुति करते हुए प्रवेश करो, उसका धन्यवाद करो, और उसके नाम को धन्य कहो! 
Psalms 100:5 क्योंकि यहोवा भला है, उसकी करूणा सदा के लिये, और उसकी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 12-13
  • लूका 22:1-20


सोमवार, 1 मई 2017

सुधार


   नैरोबी, कीनिया में हुए एक सम्मेलन के पश्चात हमारे दल के लोग सम्मेलन स्थल से एक अतिथिगृह गए, जहाँ से अगली प्रातः हमें वापस लौटने के लिए उड़ान भरनी थी। जब हम अतिथिगृह पहुंचे तो हमारे दल की एक महिला को ध्यान आया कि वह अपना सामान पीछे सम्मेलन स्थल पर ही भूल आई है। उसके सामान लाने के लिए वापस सम्मेलन स्थल जाने के पश्चात, हमारे दल के अगुवे ने, जो सदा हर बात के लिए अतिसावधान रहता था, उस महिला की हमारे समक्ष और उसकी पीठ पीछे कटु-आलोचना की।

   अगली प्रातः जब हम हवाई-अड्डे पहुँचे तो उस अगुवे ने बड़ी लज्जा और संकोच के साथ यह जाना कि वह भी अपना सारा सामान, जिसमें उसका पासपोर्ट भी था, अतिथिगृह में ही छोड़ आया था। अब उसके सामान को लाने के लिए वापस जाना हमें और भी अधिक महंगा पड़ा। बाद में उसने हम सबसे क्षमा माँगते हुए कहा, "मैं अब से ऐसे किसी की कटु आलोचना फिर कभी नहीं करूँगा।"

   परमेश्वर का वचन बाइबल हमें सिखाती है कि क्योंकि हम सब में त्रुटियाँ और कमियाँ हैं इसलिए हमें एक दूसरे की बरदाश्त करनी चाहिए, एक दूसरे को क्षमा करना चाहिए; हमें कोमलता के साथ एक दूसरे को सकारात्मक रीति से सुधारना चाहिए: "इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो। और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो" (कुलुस्सियों 3:12-13)।

   जब किसी को सुधारना पड़े तो हमें उसके साथ वही रवैया अपनाना चाहिए जो हमारे प्रभु यीशु ने हमारे साथ अपनाया है - धीरज, सहनशीलता और क्षमा के साथ प्रेम भरे व्यवहार का। - लॉरेंस दरमानी


प्रभावी संबंधों के लिए कोमलता और नम्रता का व्यवहार होना आवश्यक है।

हे भाइयों, यदि कोई मनुष्य किसी अपराध में पकड़ा भी जाए, तो तुम जो आत्मिक हो, नम्रता के साथ ऐसे को संभालो, और अपनी भी चौकसी रखो, कि तुम भी परीक्षा में न पड़ो। तुम एक दूसरे के भार उठाओ, और इस प्रकार मसीह की व्यवस्था को पूरी करो। - गलतियों 6:1-2

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:12-25
Colossians 3:12 इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो। 
Colossians 3:13 और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो। 
Colossians 3:14 और इन सब के ऊपर प्रेम को जो सिद्धता का कटिबन्‍ध है बान्‍ध लो। 
Colossians 3:15 और मसीह की शान्‍ति जिस के लिये तुम एक देह हो कर बुलाए भी गए हो, तुम्हारे हृदय में राज्य करे, और तुम धन्यवादी बने रहो। 
Colossians 3:16 मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिध्द ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्‍तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ। 
Colossians 3:17 और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो।
Colossians 3:18 हे पत्‍नियों, जेसा प्रभु में उचित है, वैसा ही अपने अपने पति के आधीन रहो। 
Colossians 3:19 हे पतियों, अपनी अपनी पत्‍नी से प्रेम रखो, और उन से कठोरता न करो। 
Colossians 3:20 हे बालको, सब बातों में अपने अपने माता-पिता की आज्ञा का पालन करो, क्योंकि प्रभु इस से प्रसन्न होता है। 
Colossians 3:21 हे बच्‍चे वालो, अपने बालकों को तंग न करो, न हो कि उन का साहस टूट जाए। 
Colossians 3:22 हे सेवकों, जो शरीर के अनुसार तुम्हारे स्‍वामी हैं, सब बातों में उन की आज्ञा का पालन करो, मनुष्यों को प्रसन्न करने वालों की नाईं दिखाने के लिये नहीं, परन्तु मन की सीधाई और परमेश्वर के भय से। 
Colossians 3:23 और जो कुछ तुम करते हो, तन मन से करो, यह समझ कर कि मनुष्यों के लिये नहीं परन्तु प्रभु के लिये करते हो। 
Colossians 3:24 क्योंकि तुम जानते हो कि तुम्हें इस के बदले प्रभु से मीरास मिलेगी: तुम प्रभु मसीह की सेवा करते हो। 
Colossians 3:25 क्योंकि जो बुरा करता है, वह अपनी बुराई का फल पाएगा; वहां किसी का पक्षपात नहीं।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 10-11
  • लूका 21:20-38


रविवार, 30 अप्रैल 2017

रूपान्तरण


   मीडिया द्वारा संचालित एवं प्रभावित हमारे वर्तमान युग में संसार के समक्ष हमारे स्वरूप को संवार कर प्रस्तुत करने वाले परामर्शदाता अत्यंत अनिवार्य से हो गए हैं। मनोरंजन करने वाले, खिलाड़ी, राजनैतिज्ञ, व्यवसायिक अगुवे आदि सभी इस बात का बहुत ध्यान रखते हैं कि वे संसार को कैसे प्रतीत होते हैं। ऐसे लोगों के मध्य ये ऊँची कीमतों पर कार्य करने वाले परामर्शदाता अपने ग्राहकों की छवि को संसार के समक्ष सजा-संवार कर प्रस्तुत करने में लगे रहते हैं - चाहे वासत्वकिता और उनके द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली अपने ग्राहकों की छवि में कोई सामंजस्य ना भी हो।

   जिस बात की हमें और संसार के सभी लोगों को वासत्विक आवश्यकता है वह कोई बाहरी रूप-सज्जा नहीं वरन भीतरी रूपान्तरण है। हमारे भीतर की त्रुटियों और कमज़ोरियों को बाहरी सजावट से सुधारा नहीं जा सकता है। हमारा भीतरी मनुष्यत्व - वह जो हम अपने मन-मस्तिष्क में हैं, वही हमारा वास्तविक स्वरूप है। हमारी भीतरी दशा हमें दिखाती है कि हम अपने सृष्टिकर्ता परमेश्वर से, जिसके स्वरूप में हम रचे गए हैं, कितनी दूर जा चुके हैं; उस परमेश्वर पिता की धार्मिकता के स्तर से कितना गिर चुके हैं। क्योंकि हमारा भीतरी स्वरूप हमारे पापों के कारण बिगड़ा है, इसलिए हमारे पापों का सार्थक एवं स्थाई समाधान ही हमारे भीतरी स्वरूप को वास्तविकता में संवार सकता है, हमारा सच्चा रूपान्तरण कर सकता है। क्योंकि पाप का समाधान मनुष्य के पास है नहीं, इसलिए यह रूपान्तरण कर पाना भी किसी मानवीय क्षमता से कहीं परे है; यह उसी सृष्टिकर्ता परमेश्वर द्वारा संभव है जिसने हमें अपने स्वरूप रचा है।

   यह वास्तविक रूपान्तरण हमें मसीह यीशु में लाए साधारण विश्वास और उससे प्राप्त होने वाली पापों की क्षमा द्वारा मिलता है; क्योंकि प्रभु यीशु हमें बाहर से नहीं वरन अन्दर से संवारता और सुधारता है। प्रभु यीशु मसीह का अनुयायी होना कोई धर्म-परिवर्तन नहीं, मन का परिवर्तन है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने कुलुस्से के मसीही विश्वासियों को लिखा, "...क्योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्‍व को उसके कामों समेत उतार डाला है। और नए मनुष्यत्‍व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्‍वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिये नया बनता जाता है" (कुलुस्सियों 3:9-10)।

   नया! एक अद्भुत आशा से भरा यह कैसा ज़बर्दस्त शब्द है। मसीह यीशु हमें अपने अन्दर एक नया मनुष्य बना देता है, हमारा रूपान्तरण कर के हमें एक नया हृदय, एक नया व्यक्तित्व प्रदान करता है; वह भी सेंत-मेंत, किसी धर्म के कार्य या प्रक्रिया या अनुष्ठान के द्वारा नहीं वरन उसके प्रति केवल हमारे व्यक्तिगत एवं सच्चे समर्पण और विश्वास के द्वारा। प्रभु यीशु मसीह द्वारा किया जाने वाला यह रूपान्तरण केवल बाहरी स्वरूप का, अथवा अल्पकालिक नहीं वरन भीतरी, सच्चा, सार्थक एवं चिरस्थाई है। यह रूपान्तरण हमें परमेश्वर के स्वरूप की ओर लौटा लाता है जिसमें हम मूल रूप से रचे गए थे। - बिल क्राउडर


परमेश्वर का आत्मा हम मसीही विश्वासियों के अन्दर 
मसीह का स्वरूप विकसित करता है।

सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:17

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:1-11
Colossians 3:1 सो जब तुम मसीह के साथ जिलाए गए, तो स्‍वर्गीय वस्‍तुओं की खोज में रहो, जहां मसीह वर्तमान है और परमेश्वर के दाहिनी ओर बैठा है। 
Colossians 3:2 पृथ्वी पर की नहीं परन्तु स्‍वर्गीय वस्‍तुओं पर ध्यान लगाओ। 
Colossians 3:3 क्योंकि तुम तो मर गए, और तुम्हारा जीवन मसीह के साथ परमेश्वर में छिपा हुआ है। 
Colossians 3:4 जब मसीह जो हमारा जीवन है, प्रगट होगा, तब तुम भी उसके साथ महिमा सहित प्रगट किए जाओगे। 
Colossians 3:5 इसलिये अपने उन अंगो को मार डालो, जो पृथ्वी पर हैं, अर्थात व्यभिचार, अशुद्धता, दुष्‍कामना, बुरी लालसा और लोभ को जो मूर्ति पूजा के बराबर है। 
Colossians 3:6 इन ही के कारण परमेश्वर का प्रकोप आज्ञा न मानने वालों पर पड़ता है। 
Colossians 3:7 और तुम भी, जब इन बुराइयों में जीवन बिताते थे, तो इन्‍हीं के अनुसार चलते थे। 
Colossians 3:8 पर अब तुम भी इन सब को अर्थात क्रोध, रोष, बैरभाव, निन्‍दा, और मुंह से गालियां बकना ये सब बातें छोड़ दो। 
Colossians 3:9 एक दूसरे से झूठ मत बोलो क्योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्‍व को उसके कामों समेत उतार डाला है। 
Colossians 3:10 और नए मनुष्यत्‍व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्‍वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिये नया बनता जाता है। 
Colossians 3:11 उस में न तो यूनानी रहा, न यहूदी, न खतना, न खतनारिहत, न जंगली, न स्‍कूती, न दास और न स्‍वतंत्र: केवल मसीह सब कुछ और सब में है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 8-9
  • लूका 21:1-19


शनिवार, 29 अप्रैल 2017

तत्पर और तैयार


   तकनीकी से हमें बहुत सुविधाएं एवं आशीषें हैं। किसी स्वास्थ्य संबंधित समस्या के बारे में जानकारी चाहिए, तो इंटरनैट पर जाएं, और वहाँ आपको जानकारी प्राप्त करने के अनेकों विकल्प मिल जाएंगे। किसी मित्र से संपर्क करना है, तो उसे टेक्स्ट लिखकर, ईमेल भेजकर, या उसके फेसबुक पृष्ठ पर सन्देश लिखकर आप अपनी बात उस तक तुरंत पहुँचा सकते हैं। परन्तु तकनीकी कभी-कभी कुंठित कर देने वाली भी हो सकती है। कुछ समय पहले मुझे अपने बैंक खाते से संबंधित कुछ जानकारी लेनी थी, जिसे पाने के लिए मुझे अनेकों सुरक्षा-प्रश्नों के उत्तर देने पड़े। क्योंकि उन प्रश्नों में से कुछ के उत्तर मैं सही नहीं दे पाया इसलिए मुझे अपने ही खाते की जानकारी पाने से रोक दिया गया। या फिर किसी ऐसे समय के बारे में विचार कीजिए जब आप अपने सेल-फोन पर कोई महत्वपूर्ण वार्तालाप कर रहे हैं और फोन की बैट्री समाप्त हो जाए; ऐसा होते ही आपकी बातचीत कट जाएगी और जब तक आप फोन को चार्ज होने के लिए लगा नहीं देंगे, बातचीत पुनः आरंभ करने का कोई तरीका सम्भव नहीं है।

   इस सब के कारण मुझे इस सत्य से बहुत आनन्द होता है कि परमेश्वर के साथ संपर्क करने के लिए मुझे किसी तकनीकी यंत्र की कोई आवश्यकता नहीं है। मैं चाहे जब, किसी भी स्थान या परिस्थिति में परमेश्वर पिता के साथ प्रार्थना द्वारा संपर्क कर सकता हूँ। ना किसी सुरक्षा-प्रश्न का उत्तर देने की आवश्यकता है और ना ही बैट्री को चार्ज रखने का ध्यान रखने की। मुझे वह आश्वासन बहुत प्रीय है जो परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित यूहन्ना ने दिया है, "और हमें उसके साम्हने जो हियाव होता है, वह यह है; कि यदि हम उस की इच्छा के अनुसार कुछ मांगते हैं, तो हमारी सुनता है" (1 यूहन्ना 5:14)।

   परमेश्वर पिता अपने बच्चों को सदा उपलब्ध रहता है; वह ना कभी ऊँघता है और न ही कभी सोता है (भजन 121:4)। और हमारे प्रति उसका प्रेम इतना गहरा है कि वह हमारी हर बात सुनने के लिए सदा तत्पर और तैयार रहता है। - जो स्टोवैल


हमारी प्रत्येक आवश्यकता में परमेश्वर सदा उपलब्ध रहता है।

सुन, इस्राएल का रक्षक, न ऊंघेगा और न सोएगा। - भजन 121:4

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 5:5-15
1 John 5:5 संसार पर जय पाने वाला कौन है केवल वह जिस का यह विश्वास है, कि यीशु, परमेश्वर का पुत्र है। 
1 John 5:6 यही है वह, जो पानी और लोहू के द्वारा आया था; अर्थात यीशु मसीह: वह न केवल पानी के द्वारा, वरन पानी और लोहू दोनों के द्वारा आया था। 
1 John 5:7 और जो गवाही देता है, वह आत्मा है; क्योंकि आत्मा सत्य है। 
1 John 5:8 और गवाही देने वाले तीन हैं; आत्मा, और पानी, और लोहू; और तीनों एक ही बात पर सहमत हैं। 
1 John 5:9 जब हम मनुष्यों की गवाही मान लेते हैं, तो परमेश्वर की गवाही तो उस से बढ़कर है; और परमेश्वर की गवाही यह है, कि उसने अपने पुत्र के विषय में गवाही दी है। 
1 John 5:10 जो परमेश्वर के पुत्र पर विश्वास करता है, वह अपने ही में गवाही रखता है; जिसने परमेश्वर को प्रतीति नहीं की, उसने उसे झूठा ठहराया; क्योंकि उसने उस गवाही पर विश्वास नहीं किया, जो परमेश्वर ने अपने पुत्र के विषय में दी है। 
1 John 5:11 और वह गवाही यह है, कि परमेश्वर ने हमें अनन्त जीवन दिया है: और यह जीवन उसके पुत्र में है। 
1 John 5:12 जिस के पास पुत्र है, उसके पास जीवन है; और जिस के पास परमेश्वर का पुत्र नहीं, उसके पास जीवन भी नहीं है।
1 John 5:13 मैं ने तुम्हें, जो परमेश्वर के पुत्र के नाम पर विश्वास करते हो, इसलिये लिखा है; कि तुम जानो, कि अनन्त जीवन तुम्हारा है। 
1 John 5:14 और हमें उसके साम्हने जो हियाव होता है, वह यह है; कि यदि हम उस की इच्छा के अनुसार कुछ मांगते हैं, तो हमारी सुनता है। 
1 John 5:15 और जब हम जानते हैं, कि जो कुछ हम मांगते हैं वह हमारी सुनता है, तो यह भी जानते हैं, कि जो कुछ हम ने उस से मांगा, वह पाया है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 6-7
  • लूका 20:27-47


शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017

भय


   जब सैलिनियों से भरा पानी का जहाज़ किनारे पहुँचा तो यात्री जितना शीघ्र हो सका जहाज़ से उतरने लगे। उन्होंने पिछले कुछ दिन जहाज़ में एक जीवाणु के संक्रमण के साथ बिताए थे, जिससे सैंकड़ों यात्री बीमार पड़ गए थे। उतरते हुए यात्रियों से उनके अनुभवों के बारे में पूछताछ कर रहे समाचार संवाददाता द्वारा पूछे जाने पर एक यात्री ने कहा, "मैं शिकायत तो नहीं करना चाहता; क्योंकि हम सभी एक ही नाव पर सवार थे।" यात्री की यह बात सुनकर वह संवाददाता मुस्कुरा उठा।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में मत्ती 8 में हम एक अन्य जल यात्रा के बारे में पढ़ते हैं (पद 23-27)। प्रभु यीशु एक नाव में चढ़े और चेले भी उनके पीछे उसी नाव में चढ़ गए। वे झील के पार जा रहे थे कि एक बड़े तूफान ने उन्हें घेर लिया, नाव बुरी तरह से डगमगाने लगी और चेलों को भय लगने लगा कि नाव अब डूब ही जाएगी। उन्होंने घबरा कर प्रभु यीशु को उठाया, यह समझकर कि वह उनपर मंडरा रहे खतरे से अनभिज्ञ है।

   प्रभु यीशु उन चेलों के साथ उसी नाव में तो था परन्तु चेलों के समान वह तूफान से भयभीत नहीं था। सर्वशक्तिमान सृष्टिकर्ता होने के नाते उसे इन बातों का कोई भय नहीं था; "...तब उसने उठ कर आन्‍धी और पानी को डांटा, और सब शान्‍त हो गया" (मत्ती 8:26)।

   परन्तु हम प्रभु यीशु के समान सामर्थी नहीं हैं, इसीलिए परिस्थितियों द्वारा हम भयभीत हो जाते हैं। जब हमारे जीवन परिस्थितियों के तूफानों में घिरने लगें तो हमें क्या करना चाहिए? वे तूफान चाहे जल्दी से निकल जाएं या फिर लंबे समय तक बने रहें, हम एक बात को लेकर आश्वस्त रह सकते हैं, हमारा उध्दारकर्ता प्रभु यीशु सदा हमारे साथ बना रहता है; हम उसके साथ एक ही नाव में सवार हैं जिसकी बात हर तूफान और परिस्थिति मानती है। इसलिए जिसका उसे भय नहीं है, उसे लेकर हमें भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। - सिंडी हैस कैस्पर


एक मसीही विश्वासी के जितना निकट प्रभु परमेश्वर रहता है, 
उतना निकट कोई तूफान कभी नहीं आ सकता है।

और उन्होंने निकलकर हर जगह प्रचार किया, और प्रभु उन के साथ काम करता रहा, और उन चिन्‍हों के द्वारा जो साथ साथ होते थे वचन को, दृढ़ करता रहा। आमीन। - मरकुस 16:20

बाइबल पाठ: मत्ती 8:23-27
Matthew 8:23 जब वह नाव पर चढ़ा, तो उसके चेले उसके पीछे हो लिए। 
Matthew 8:24 और देखो, झील में एक ऐसा बड़ा तूफान उठा कि नाव लहरों से ढंपने लगी; और वह सो रहा था।
Matthew 8:25 तब उन्होंने पास आकर उसे जगाया, और कहा, हे प्रभु, हमें बचा, हम नाश हुए जाते हैं। 
Matthew 8:26 उसने उन से कहा; हे अल्पविश्वासियों, क्यों डरते हो? तब उसने उठ कर आन्‍धी और पानी को डांटा, और सब शान्‍त हो गया। 
Matthew 8:27 और लोग अचम्भा कर के कहने लगे कि यह कैसा मनुष्य है, कि आन्‍धी और पानी भी उस की आज्ञा मानते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 3-5
  • लूका 20:1-26


गुरुवार, 27 अप्रैल 2017

पालनहार


   मेरे मित्र ग्रीष्म ऋतु के लिए सब्ज़ियाँ उगाने की योजनाएं बना रहे हैं, उन्हें लागू कर रहे हैं। कुछ ने शीघ्र आरंभ के लिए घरों के अन्दर ही बीज बो कर पौध उगाना आरंभ कर दिया है, जहाँ बीजों के अंकुरित होने के लिए वे सबसे उपयुक्त वातावरण को बना तथा नियंत्रित कर सकते हैं। जब शरद ऋतु के पाले द्वारा अंकुरों को हानि का खतरा टल जाएगा तब वे उन पौधों को बाहर ज़मीन में बनी क्यारियों में लगा देंगे। एक बार पौधे उगने लगें, फिर उनकी देखभाल करने, समय से उन्हें पर्याप्त रीति से सींचने, खाद डालने, जंगली पौधों को निकालने, कीट तथा जानवरों से उनका बचाव करने, आदि का समय आरंभ हो जाता है। भोजन वस्तु को उगाना बड़ी मेहनत का कार्य है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि मूसा के द्वारा परमेश्वर ने इस्त्राएलियों को इस बात का स्मरण दिलाया। जब वे इस्त्राएली मिस्त्र में दासत्व में थे तो उन्हें अपने हाथों से फसल की सींचाई करनी पड़ती थी (व्यवस्थाविवरण 11:10)। परन्तु परमेश्वर जिस स्थान पर बसाने के लिए उन्हें लेकर जा रहा था, वहाँ के लिए उसने उनसे वायदा किया था कि उनके इस परिश्रम को हलका करेगा, उन्हें समयानुसार वर्षा देगा: "मैं तुम्हारे देश में बरसात के आदि और अन्त दोनों समयों की वर्षा को अपने अपने समय पर बरसाऊंगा, जिस से तू अपना अन्न, नया दाखमधु, और टटका तेल संचय कर सकेगा" (व्यवस्थाविवरण 11:14)। परमेश्वर ने ऐसा करने के लिए केवल एक ही शर्त रखी थी, "और यदि तुम मेरी आज्ञाओं को जो आज मैं तुम्हें सुनाता हूं ध्यान से सुनकर, अपने सम्पूर्ण मन और सारे प्राण के साथ, अपने परमेश्वर यहोवा से प्रेम रखो और उसकी सेवा करते रहो" (व्यवस्थाविवरण 11:13)। प्रभु परमेश्वर अपने लोगों को एक ऐसे स्थान पर ले जा रहा था जहाँ उनकी आज्ञाकारिता और परमेश्वर की आशीष मिलकर अन्य लोगों के लिए जीवन का प्रकाश बन जाएंगे।

   आज भी परमेश्वर हम मसीही विश्वासियों के द्वारा यही प्रयोजन रखता है; वह चाहता है कि उसके प्रति हमारा प्रेम, उसके वचन के प्रति हमारी आज्ञाकारिता के द्वारा प्रगट हो, जिससे उसकी आशीषों से परिपूर्ण होकर हमारे जीवन औरों को परमेश्वर की ओर आकर्षित करने वाली ज्योति बन जाएं। वह चाहता है कि संसार हमारे जीवनों से देखे कि वो हमारा सृष्टिकर्ता ही नहीं वरन पालनहार भी है, और हम सब के लिए अनन्त आनन्द के जीवन की ज्योति तथा मार्ग भी। - जूली ऐकैरमैन लिंक


परमेश्वर से प्रेम करने से जीवन सरल नहीं हो जाता; 
परन्तु उसकी सामर्थ्य से सहज अवश्य हो जाता है।

यीशु ने उसको उत्तर दिया, यदि कोई मुझ से प्रेम रखे, तो वह मेरे वचन को मानेगा, और मेरा पिता उस से प्रेम रखेगा, और हम उसके पास आएंगे, और उसके साथ वास करेंगे। - यूहन्ना 14:23

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 11:8-15
Deuteronomy 11:8 इस कारण जितनी आज्ञाएं मैं आज तुम्हें सुनाता हूं उन सभों को माना करना, इसलिये कि तुम सामर्थी हो कर उस देश में जिसके अधिकारी होने के लिये तुम पार जा रहे हो प्रवेश कर के उसके अधिकारी हो जाओ, 
Deuteronomy 11:9 और उस देश में बहुत दिन रहने पाओ, जिसे तुम्हें और तुम्हारे वंश को देने की शपथ यहोवा ने तुम्हारे पूर्वजों से खाई थी, और उस में दूध और मधु की धाराएं बहती हैं। 
Deuteronomy 11:10 देखो, जिस देश के अधिकारी होने को तुम जा रहे हो वह मिस्र देश के समान नहीं है, जहां से निकलकर आए हो, जहां तुम बीज बोते थे और हरे साग के खेत की रीति के अनुसार अपने पांव की नलियां बनाकर सींचते थे; 
Deuteronomy 11:11 परन्तु जिस देश के अधिकारी होने को तुम पार जाने पर हो वह पहाड़ों और तराईयों का देश है, और आकाश की वर्षा के जल से सिंचता है; 
Deuteronomy 11:12 वह ऐसा देश है जिसकी तेरे परमेश्वर यहोवा को सुधि रहती है; और वर्ष के आदि से ले कर अन्त तक तेरे परमेश्वर यहोवा की दृष्टि उस पर निरन्तर लगी रहती है।
Deuteronomy 11:13 और यदि तुम मेरी आज्ञाओं को जो आज मैं तुम्हें सुनाता हूं ध्यान से सुनकर, अपने सम्पूर्ण मन और सारे प्राण के साथ, अपने परमेश्वर यहोवा से प्रेम रखो और उसकी सेवा करते रहो, 
Deuteronomy 11:14 तो मैं तुम्हारे देश में बरसात के आदि और अन्त दोनों समयों की वर्षा को अपने अपने समय पर बरसाऊंगा, जिस से तू अपना अन्न, नया दाखमधु, और टटका तेल संचय कर सकेगा। 
Deuteronomy 11:15 और मैं तेरे पशुओं के लिये तेरे मैदान में घास उपजाऊंगा, और तू पेट भर खाएगा और सन्तुष्ट रहेगा।

एक साल में बाइबल:

  • 1 राजा 1-2
  • लूका 19:28-48