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शुक्रवार, 25 अगस्त 2017

उद्देश्य


   जब कोई दुःख या कलेष किसी पर आता है तो मसीही विश्वासी बहुधा परमेश्वर के वचन बाइबल का एक पद कहते हैं: "और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं" (रोमियों 8:28)। परन्तु विपरीत परिस्थितियों में इस पद की व्यावाहरिकता पर विश्वास कर पाना कठिन होता है। एक बार मैं एक ऐसे पुरुष के साथ, उसे सांत्वना देने के लिए बैठा हुआ था, जिसने एक के बाद एक, अपना तीसरा पुत्र भी खो दिया था। मैं चुपचाप सुन रहा था जब वह विलाप कर रहा था कि "कैसे यह त्रासदी मेरे लिए कुछ भला कर सकती है?" मेरे पास उसके लिए कोई उत्तर नहीं था। मैं बस चुपचाप बैठा उसके दुःख में दुःखी हो रहा था। कई महीनों बाद उस व्यक्ति ने मुझे बताया कि वह धन्यवादी है, क्योंकि उसके दुःख ने उसे परमेश्वर की निकटता में बढ़ाया था।

   चाहे रोमियों 8:28 व्यावाहरिक रीति से समझने में कितना भी कठिन क्यों न लगे, उसकी सच्चाई की अनगिनित गवाहियाँ उपलब्ध हैं। मसीही स्तुतिगीतों की प्रसिद्ध लेखिका फैनी क्रॉसबी का जीवन इसका उत्तम उदाहरण है। संसार उसके द्वारा लिखे गए स्तुत्ति गीतों का लाभार्थी है। लेकिन जो अनगिनित लोगों के लिए भला रहा है, वह एक व्यक्तिगत त्रासदी में होकर उपलब्ध हुआ; क्योंकि फैनी 5 वर्ष की आयु में अन्धी हो गई थी। केवल 8 वर्ष की आयु से उसने कविताएं और प्रभु परमेश्वर के स्तुतिगीत लिखना आरंभ कर दिया। उसकी लगन और परमेश्वर के प्रति प्रेम तथा समर्पण के कारण संसार को "Blessed Assurance", "Safe In The Arms of Jesus", "Pass Me Not O Gentle Saviour" जैसे उत्कृष्ठ और लोकप्रीय गीत मिले। परमेश्वर ने उसकी कठिनाई को हमारी और उसकी भलाई तथा अपनी महिमा के लिए प्रयोग किया।

   जब हम पर कोई त्रासदी आ पड़े, तो यह समझ पाना कठीन होता है कि उससे कोई भलाई कैसे हो सकती है; यह भी संभव है कि उस भलाई को हम इस जीवन में जानने या अनुभव करने न पाएं। परन्तु परमेश्वर के उद्देश्य सदा हमारी भलाई के लिए हैं और वह सदा हमारे साथ बना रहता है। - लॉरेंस दरमानी


हमारी परीक्षाओं में भी परमेश्वर के उद्देश्य हमारी भलाई ही के लिए होते हैं।

चाहे पापी सौ बार पाप करे अपने दिन भी बढ़ाए, तौभी मुझे निश्चय है कि जो परमेश्वर से डरते हैं और उसको अपने सम्मुख जानकर भय से चलते हैं, उनका भला ही होगा; - सभोपदेशक 8:12

बाइबल पाठ: रोमियों 8:28-39
Romans 8:28 और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। 
Romans 8:29 क्योंकि जिन्हें उसने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे। 
Romans 8:30 फिर जिन्हें उसने पहिले से ठहराया, उन्हें बुलाया भी, और जिन्हें बुलाया, उन्हें धर्मी भी ठहराया है, और जिन्हें धर्मी ठहराया, उन्हें महिमा भी दी है।
Romans 8:31 सो हम इन बातों के विषय में क्या कहें? यदि परमेश्वर हमारी ओर है, तो हमारा विरोधी कौन हो सकता है? 
Romans 8:32 जिसने अपने निज पुत्र को भी न रख छोड़ा, परन्तु उसे हम सब के लिये दे दिया: वह उसके साथ हमें और सब कुछ क्योंकर न देगा? 
Romans 8:33 परमेश्वर के चुने हुओं पर दोष कौन लगाएगा? परमेश्वर वह है जो उन को धर्मी ठहराने वाला है। 
Romans 8:34 फिर कौन है जो दण्ड की आज्ञा देगा? मसीह वह है जो मर गया वरन मुर्दों में से जी भी उठा, और परमेश्वर की दाहिनी ओर है, और हमारे लिये निवेदन भी करता है। 
Romans 8:35 कौन हम को मसीह के प्रेम से अलग करेगा? क्या क्लेश, या संकट, या उपद्रव, या अकाल, या नंगाई, या जोखिम, या तलवार? 
Romans 8:36 जैसा लिखा है, कि तेरे लिये हम दिन भर घात किए जाते हैं; हम वध होने वाली भेंडों की नाईं गिने गए हैं। 
Romans 8:37 परन्तु इन सब बातों में हम उसके द्वारा जिसने हम से प्रेम किया है, जयवन्त से भी बढ़कर हैं। 
Romans 8:38 क्योंकि मैं निश्चय जानता हूं, कि न मृत्यु, न जीवन, न स्वर्गदूत, न प्रधानताएं, न वर्तमान, न भविष्य, न सामर्थ, न ऊंचाई, 
Romans 8:39 न गहिराई और न कोई और सृष्टि, हमें परमेश्वर के प्रेम से, जो हमारे प्रभु मसीह यीशु में है, अलग कर सकेगी।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 119:1-88
  • 1 कुरिन्थियों 7:20-40


गुरुवार, 24 अगस्त 2017

संघर्ष तथा सांत्वना


   जब मेरी बहन करोल को छाती का कैंसर हुआ, तो हमारा सारा परिवार चिंतित हुआ। उस रोग, और उसके इलाज के लिए होने वाले ऑपरेशन आदि के कारण हम सब को उसके फिर से स्वस्थ हो पाने की चिंता हुई और हम सब उसके लिए प्रार्थना करने में लगे रहे। आते महीनों में करोल अपने इलाज और प्रगति के बारे में, उस रोग का सामना करने की अपनी चुनौतियों के बारे में हमें स्पष्टता से बताती रही। जब यह खबर आई कि ऑपरेशन तथा इलाज सफल रहा है, और वह स्वस्थ होने की राह पर चल पड़ी है, हम सब बहुत हर्षित हुए।

   इस बात को एक वर्ष भी नहीं बीता था कि मेरी दूसरी बहन लिंडा को भी यही रोग पाया गया। तुरंत करोल लिंडा के साथ होकर उसे समझाने लगी कि आगे क्या होगा, और आती चुनौतियों के लिए कैसे अपने आप को तैयार करे। करोल के अनुभव ने उसे तैयार किया था कि वह लिंडा के साथ मिलकर चले, अपने अनुभवों के द्वारा उसे सांत्वना और मार्गदर्शन दे।

   यही बात प्रेरित पौलुस ने परमेश्वर के वचन बाइबल में कुरिन्थुस के मसीही विश्वासियों को अपनी दूसरी पत्री में लिखी: "हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर, और पिता का धन्यवाद हो, जो दया का पिता, और सब प्रकार की शान्‍ति का परमेश्वर है। वह हमारे सब क्‍लेशों में शान्‍ति देता है; ताकि हम उस शान्‍ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्‍ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्‍लेश में हों" (2 कुरिन्थियों 1:3-4)।

   धन्यवाद हो कि परमेश्वर किसी भी बात को, किसी भी अनुभव को व्यर्थ नहीं जाने देता है। हमारे संघर्ष न केवल हमें अवसर देते हैं कि हम उसकी सांत्वना का अनुभव कर सकें, परन्तु उन संघर्षों के कारण हमें यह अवसर भी प्राप्त होता है कि हम उन्हें भी सांत्वना दे सकें जो उसी प्रकार के संघर्षों का सामना कर रहे हैं। - बिल क्राउडर


परमेश्वर का हमारे साथ होना हमें सांत्वना देता है; 
जिससे कि हम दूसरों के साथ होकर उन्हें सांत्वना दे सकें।

परन्तु प्रभु तू दयालु और अनुग्रहकारी ईश्वर है, तू विलम्ब से कोप करने वाला और अति करूणामय है। - भजन 86:15

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 1:3-11
2 Corinthians 1:3 हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर, और पिता का धन्यवाद हो, जो दया का पिता, और सब प्रकार की शान्‍ति का परमेश्वर है। 
2 Corinthians 1:4 वह हमारे सब क्‍लेशों में शान्‍ति देता है; ताकि हम उस शान्‍ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्‍ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्‍लेश में हों। 
2 Corinthians 1:5 क्योंकि जैसे मसीह के दुख हम को अधिक होते हैं, वैसे ही हमारी शान्‍ति भी मसीह के द्वारा अधिक होती है। 
2 Corinthians 1:6 यदि हम क्‍लेश पाते हैं, तो यह तुम्हारी शान्‍ति और उद्धार के लिये है और यदि शान्‍ति पाते हैं, तो यह तुम्हारी शान्‍ति के लिये है; जिस के प्रभाव से तुम धीरज के साथ उन क्‍लेशों को सह लेते हो, जिन्हें हम भी सहते हैं। 
2 Corinthians 1:7 और हमारी आशा तुम्हारे विषय में दृढ़ है; क्योंकि हम जानते हैं, कि तुम जैसे दुखों के वैसे ही शान्‍ति के भी सहभागी हो। 
2 Corinthians 1:8 हे भाइयों, हम नहीं चाहते कि तुम हमारे उस क्‍लेश से अनजान रहो, जो आसिया में हम पर पड़ा, कि ऐसे भारी बोझ से दब गए थे, जो हमारी सामर्थ से बाहर था, यहां तक कि हम जीवन से भी हाथ धो बैठे थे। 
2 Corinthians 1:9 वरन हम ने अपने मन में समझ लिया था, कि हम पर मृत्यु की आज्ञा हो चुकी है कि हम अपना भरोसा न रखें, वरन परमेश्वर का जो मरे हुओं को जिलाता है। 
2 Corinthians 1:10 उसी ने हमें ऐसी बड़ी मृत्यु से बचाया, और बचाएगा; और उस से हमारी यह आशा है, कि वह आगे को भी बचाता रहेगा। 
2 Corinthians 1:11 और तुम भी मिलकर प्रार्थना के द्वारा हमारी सहायता करोगे, कि जो वरदान बहुतों के द्वारा हमें मिला, उसके कारण बहुत लोग हमारी ओर से धन्यवाद करें।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 116-118
  • 1 कुरिन्थियों 7:1-19


बुधवार, 23 अगस्त 2017

विश्राम


   जब हमारे बच्चे छोटे थे तो मैं उन्हें मेरे दादा-दादी से मिलाने उत्तरी विस्कौन्सिन लेकर गया। उन के रहने के स्थान पर टेलिविज़न का रिसेप्शन अच्छा नहीं था; परन्तु उन के लिए टेलिविज़न का कोई विशेष महत्व भी नहीं था। मैंने देखा कि मेरा बेटा स्कॉट कुछ देर से टी.वी. पर कुछ लगाने का असफल प्रयास कर रहा था। अन्ततः उसने कुण्ठित होकर पूछा, "यदि आपको टी.वी. पर एक ही चैनल मिले और उस पर भी कुछ ऐसा आ रहा हो जिसे आप पसन्द नहीं करते हैं, तो फिर क्या करें?" मैंने मुस्कुराते हुए उत्तर दिया, "टी.वी. बन्द कर दो"; यह वह उत्तर तो नहीं था जिसकी उसे उम्मीद थी, परन्तु और कोई विकल्प भी नहीं था। आज के समय में ऐसा नहीं है, टी.वी. बन्द करने की भी आवश्यकता नहीं होगी, और टी.वी. के अतिरिक्त भी हमारे मनोरंजन के लिए अनेकों अन्य उपकरण और साधन हैं जो हम तक सूचनाएं भी पहुँचाते हैं, और हमारा ध्यान भी बाँटते हैं।

   कभी ऐसा भी होता है कि हमें अपने मन-मस्तिष्क को विश्राम देने के लिए इन सब को कुछ समय तक बन्द करके शान्त होकर बैठ जाना चाहिए; सूचना, जानकारी और मनोरंजन के इन साधनों की जीवन में पकड़ से निकलना चाहिए। प्रभु यीशु अक्सर एकांत में जाया करते थे, विशेषकर जब उन्हें प्रार्थना में समय बिताना होता था (मत्ती 14:13)। प्रभु ने अपने शिष्यों को भी प्रोत्साहित किया कि वे भी थोड़े समय के लिए ऐसा ही करें (मरकुस 6:31)। एकांत और चिंतन का ऐसा समय हम सब के लिए लाभदायक होता है; ऐसे समय में हम परमेश्वर के और निकट आ सकते हैं।

   मसीह यीशु के उदाहरण का अनुसरण कीजिए; अकेले होकर एकांत में विश्राम के लिए कुछ समय बिताएं, प्रभु और उसके वचन पर मनन करें। यह मनन तथा विश्राम आपके देह, प्राण, और आत्मा, सब के लिए लाभकारी होगा। - सिंडी हैस कैस्पर


जीवन के शोर की धव्नि को धीमा करना 
परमेश्वर की आवाज़ को ध्यान से सुनने में सहायक होता है।

और भोर को दिन निकलने से बहुत पहिले, वह[यीशु] उठ कर निकला, और एक जंगली स्थान में गया और वहां प्रार्थना करने लगा। - मरकुस 1:35

बाइबल पाठ: मरकुस 6:30-32, 45-47
Mark 6:30 प्रेरितों ने यीशु के पास इकट्ठे हो कर, जो कुछ उन्होंने किया, और सिखाया था, सब उसको बता दिया। 
Mark 6:31 उसने उन से कहा; तुम आप अलग किसी जंगली स्थान में आकर थोड़ा विश्राम करो; क्योंकि बहुत लोग आते जाते थे, और उन्हें खाने का अवसर भी नहीं मिलता था। 
Mark 6:32 इसलिये वे नाव पर चढ़कर, सुनसान जगह में अलग चले गए।

Mark 6:45 तब उसने तुरन्त अपने चेलों को बरबस नाव पर चढाया, कि वे उस से पहिले उस पार बैतसैदा को चले जांए, जब तक कि वह लोगों को विदा करे। 
Mark 6:46 और उन्हें विदा कर के पहाड़ पर प्रार्थना करने को गया। 
Mark 6:47 और जब सांझ हुई, तो नाव झील के बीच में थी, और वह अकेला भूमि पर था।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 113-115
  • 1 कुरिन्थियों 6


मंगलवार, 22 अगस्त 2017

प्रेम


   दूसरे विश्व-युद्ध में उत्तरी अफ्रीका में अपनी सैनिक टुकड़ी की अगुवाई करते समय मेरे पिताजी की टांग में गोली लगी। उसके पश्चात मेरे पिता फिर कभी शारीरिक रूप से 100% स्वस्थ्य नहीं रहे। इस घटना के अनेकों वर्षों के पश्चात मेरा जन्म हुआ, और अपने बचपन में मुझे कभी ज्ञात ही नहीं हुआ कि पिताजी के साथ ऐसी कोई घटना घटित हुई थी। मुझे तो इसका बाद में किसी अन्य के द्वारा बताए जाने पर पता चला। यद्यपि उनको टांग में दर्द बना रहता था, लेकिन पिताजी ने कभी इस बात की कोई शिकायत नहीं की; और उन्होंने इस कारण से हमारी देखभाल और परवरिश में कभी कोई कमी भी नहीं आने दी। वे भरसक अपने परिवार के पालन-पोषण में लगे रहे।

   मेरे माता-पिता जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु से प्रेम करते थे और उन्होंने हमारी परवरिश में हमें भी प्रभु से प्रेम करना, उस पर विश्वास रखना, और उसकी सेवकाई करना सिखाया। परिस्थितियाँ चाहे जैसी भी हों, समय सरल हो या कठिन, वे हर बात के लिए प्रभु परमेश्वर पर भरोसा बनाए रखते थे, परिश्रम करते थे, और हम से निःस्वार्थ प्रेम करते थे। परमेश्वर के वचन बाइबल में नीतिवचन 14:26 में लिखा है, "यहोवा के भय मानने से दृढ़ भरोसा होता है, और उसके पुत्रों को शरणस्थान मिलता है।" मेरे पिताजी ने परिवार के लिए यही किया। उन्हें चाहे किसी भी कठिनाई का सामना क्यों न करना पड़ा हो, उन्होंने हमारे आत्मिक, भावनात्मक और शारीरिक जीवनों के लिए सदा एक सुरक्षित स्थान बना कर रखा।

   जितना प्रेम हम अपने बच्चों से करते हैं, उससे कहीं अधिक प्रेम हमारा परमेश्वर पिता हमसे करता है। उस प्रेम के अन्तर्गत हम अभिभावक, प्रभु परमेश्वर के मार्गदर्शन और सहायता से अपने परिवारों के लिए एक सुरक्षित स्थान बना कर रख सकते हैं। - डेव ब्रैनन


परमेश्वर पिता का प्रेम असीम है।

यहोवा का भय मानने से जीवन बढ़ता है; और उसका भय मानने वाला ठिकाना पा कर सुखी रहता है; उस पर विपत्ती नहीं पड़ने की। - नीतिवचन 19:23

बाइबल पाठ: भजन 112:1-10
Psalms 112:1 याह की स्तुति करो। क्या ही धन्य है वह पुरूष जो यहोवा का भय मानता है, और उसकी आज्ञाओं से अति प्रसन्न रहता है! 
Psalms 112:2 उसका वंश पृथ्वी पर पराक्रमी होगा; सीधे लोगों की सन्तान आशीष पाएगी। 
Psalms 112:3 उसके घर में धन सम्पत्ति रहती है; और उसका धर्म सदा बना रहेगा। 
Psalms 112:4 सीधे लोगों के लिये अन्धकार के बीच में ज्योति उदय होती है; वह अनुग्रहकारी, दयावन्त और धर्मी होता है। 
Psalms 112:5 जो पुरूष अनुग्रह करता और उधार देता है, उसका कल्याण होता है, वह न्याय में अपने मुकद्दमें को जीतेगा। 
Psalms 112:6 वह तो सदा तक अटल रहेगा; धर्मी का स्मरण सदा तक बना रहेगा। 
Psalms 112:7 वह बुरे समाचार से नहीं डरता; उसका हृदय यहोवा पर भरोसा रखने से स्थिर रहता है। 
Psalms 112:8 उसका हृदय सम्भला हुआ है, इसलिये वह न डरेगा, वरन अपने द्रोहियों पर दृष्टि कर के सन्तुष्ट होगा। 
Psalms 112:9 उसने उदारता से दरिद्रों को दान दिया, उसका धर्म सदा बना रहेगा और उसका सींग महिमा के साथ ऊंचा किया जाएगा। 
Psalms 112:10 दुष्ट उसे देख कर कुढेगा; वह दांत पीस-पीसकर गल जाएगा; दुष्टों की लालसा पूरी न होगी।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 110-112
  • 1 कुरिन्थियों 5


सोमवार, 21 अगस्त 2017

साथ


   बचपन में, ग्रीष्मावकाश का मेरा सबसे पसन्दीदा सप्ताह वह होता था जिसमें मैं एक मसीही ग्रीष्म कैंप में जाता था। कैंप की अन्तिम रात्रि को हम सभी लोग एक साथ आग के चारों ओर बैठते थे और मसीही गाने गाते तथा उस सप्ताह हमने प्रभु परमेश्वर तथा परमेश्वर के वचन बाइबल के बारे में जो सीखा था उसके बारे में अपने विचार बताते थे। वहाँ गाए जाने वाले गानों में से एक, जिसे मैं अभी भी स्मरण करता हूँ, था वह गीत जो मसीह यीशु के पीछे चलने का निर्णय लेने और उससे होने वाली कठिन परिस्थितियों पर आधारित था। उस गीत के कोरस में बारंबार आता था, "न लौटूँगा, न लौटूँगा।"

   जब बाइबल के एक प्रमुख पात्र और परमेश्वर के भविष्यद्वक्ता एलीशा ने अपने से वरिष्ठ भविष्यद्वक्ता एलिय्याह का अनुसरण करने का निर्णय लिया, तो एलीशा ने कुछ विलक्षण किया, जिससे उसका वापस अपने पुराने किसान होने के जीवन में लौटना बहुत कठिन हो गया। एलिय्याह द्वारा उसके पीछे चलने के लिए बुलाए जाने पर एलीशा ने जाकर अपने घर वालों से विदा लेनी चाही तो एलिय्याह ने इस पर अपनी असहमति जताई (1 राजा 19:20)। अपने किसान होने के जीवन को छोड़ते समय, एलीशा ने खेती करने के अपने साधनों को जला डाला, बैलों का बलिदान कर दिया और सब कुछ छोड़कर वह एलिय्याह के साथ हो लिया (पद 21)।

   अपने आप को परमेश्वर को, जो हमारे समर्पण और भक्ति का योग्य पात्र है, समर्पित कर देना बहुधा कीमत माँगता है। ऐसा करने के लिए अपनी रिश्तेदारियों, धन-संपत्ति, रहन-सहन आदि के बारे में कठिन निर्णय लेने होते हैं। लेकिन प्रभु यीशु के साथ रहने और चलने से जो मिलता है, वह इन सब से कहीं अधिक बेशकीमती और आशीषमय होता है। प्रभु यीशु ने कहा है, "क्योंकि जो कोई अपना प्राण बचाना चाहे, वह उसे खोएगा; और जो कोई मेरे लिये अपना प्राण खोएगा, वह उसे पाएगा" (मत्ती 16:25)। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


यीशु को उसके प्रति पूर्णतः समर्पित लोगों की आवश्यकता है।

उसने सब से कहा, यदि कोई मेरे पीछे आना चाहे, तो अपने आप से इन्कार करे और प्रति दिन अपना क्रूस उठाए हुए मेरे पीछे हो ले। - लूका 9:23

बाइबल पाठ: 1 राजा 19:19-21
1 Kings 19:19 तब वह वहां से चल दिया, और शापात का पुत्र एलीशा उसे मिला जो बारह जोड़ी बैल अपने आगे किए हुए आप बारहवीं के साथ हो कर हल जोत रहा था। उसके पास जा कर एलिय्याह ने अपनी चद्दर उस पर डाल दी। 
1 Kings 19:20 तब वह बैलों को छोड़ कर एलिय्याह के पीछे दौड़ा, और कहने लगा, मुझे अपने माता-पिता को चूमने दे, तब मैं तेरे पीछे चलूंगा। उसने कहा, लौट जा, मैं ने तुझ से क्या किया है? 
1 Kings 19:21 तब वह उसके पीछे से लौट गया, और एक जोड़ी बैल ले कर बलि किए, और बैलों का सामान जलाकर उनका मांस पका के अपने लोगों को दे दिया, और उन्होंने खाया; तब वह कमर बान्धकर एलिय्याह के पीछे चला, और उसकी सेवा टहल करने लगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 107-109
  • 1 कुरिन्थियों 4


रविवार, 20 अगस्त 2017

पड़ौसी


   मेरी को सप्ताह के मध्य में होने वाली चर्च समूह की सभा में भाग लेना अच्छा लगता था। उस सभा में वह और उसके मित्र मिलकर प्रार्थना करते, परमेश्वर की आराधना करते और पिछले इतवार के सन्देश पर चर्चा करते, एक दूसरे के प्रश्नों के उत्तर देते थे। इस बार की सभा में उनकी चर्चा का विषय था चर्च "जाना" और दुःखी संसार के समक्ष प्रभु यीशु मसीह का चर्च "होना"। मेरी अपने मित्रों से मिलने और उनके साथ चर्चा में भाग लेने के लिए आतुर थी।

   मेरी ने सभा के लिए निकलने के लिए अपनी कार की चाबियाँ उठाई ही थीं कि दरवाज़े की घंटी बजी। दरवाज़े पर उसकी पड़ौसन सू खड़ी थी, जिससे मेरी की औपचारिकता मात्र ही की पहचान भर थी। सू ने कहा, "आपको कष्ट दे रही हूँ, क्षमा कीजिए, परन्तु क्या आपके पास अभी कुछ समय है?" मेरी कहने ही वाली थी कि वह अपने काम से बाहर जा रही है, कि इतने में सू ने आगे कहा, "मुझे अपनी कार मरम्मत करवाने के लिए ले जाकर उसे वहाँ छोड़ कर आना है। सामान्यतः ऐसा होने पर मैं वहाँ से या तो साइकल चला कर या फिर पैदल ही लौट आती हूँ, परन्तु मेरी पीठ में चोट आई है और मैं न चल पा रही हूँ, और न ही साइकल चला पा रही हूँ। क्या आप मेरे साथ चलकर, मुझे वापस घर छोड़ देंगी?" मेरी को थोड़ी सी हिचकिचाहट हुई, परन्तु उसने मुस्कुराते हुए कहा, "अवश्य", और उसके साथ चल पड़ी।

   उस दिन मेरी अपने मित्रों के साथ चर्चा में बैठने नहीं जा सकी। जब वह अपनी पड़ौसन को वापस घर ला रही थी तो उसे मालुम पड़ा कि कैसे सू अपने पति की देखभाल कर रही है, जिन्हें मानसिक रोग है, और बहुत देखभाल की आवश्यकता रहती है। इस गहन देखभाल के कारण सू कैसे कठिन संघर्ष से होकर निकल रही है। मेरी ने सहानुभूति के साथ सू की बात को सुना, उसे सांत्वना दी और उसके लिए प्रार्थना करने का वायदा किया, और साथ ही कभी भी किसी भी प्रकार से सू की सहायता करने के लिए उपलब्ध होने का आश्वासन दिया।

   मेरी जो उस दिन की सैध्दान्तिक चर्चा में नहीं कर पाई, वह उसने व्यावाहरिक जीवन में करा। उसने अपने पड़ौसी तक, उसकी कठिन परिस्थिति में, मसीह यीशु का प्रेम और सांत्वना को पहुँचाया; मसीही विश्वासी होने की अपनी ज़िम्मेदारी को निभाया। - मेरियन स्ट्राउड


हमारा मसीही विश्वास का प्रमाण हमारा व्यावाहरिक मसीही जीवन है।

हे मनुष्य, वह तुझे बता चुका है कि अच्छा क्या है; और यहोवा तुझ से इसे छोड़ और क्या चाहता है, कि तू न्याय से काम करे, और कृपा से प्रीति रखे, और अपने परमेश्वर के साथ नम्रता से चले? - मीका 6:8

बाइबल पाठ: लूका 10:29-37
Luke 10:29 परन्तु उसने अपने आप को धर्मी ठहराने की इच्छा से यीशु से पूछा, तो मेरा पड़ोसी कौन है? 
Luke 10:30 यीशु ने उत्तर दिया; कि एक मनुष्य यरूशलेम से यरीहो को जा रहा था, कि डाकुओं ने घेरकर उसके कपड़े उतार लिये, और मार पीट कर उसे अधमूआ छोड़कर चले गए। 
Luke 10:31 और ऐसा हुआ; कि उसी मार्ग से एक याजक[पुरोहित, धर्मोपदेशक] जा रहा था: परन्तु उसे देख के कतरा कर चला गया। 
Luke 10:32 इसी रीति से एक लेवी[मंदिर में सेवादार] उस जगह पर आया, वह भी उसे देख के कतरा कर चला गया। 
Luke 10:33 परन्तु एक सामरी[नीच जाती का समझा जाने वाला] यात्री वहां आ निकला, और उसे देखकर तरस खाया। 
Luke 10:34 और उसके पास आकर और उसके घावों पर तेल और दाखरस डालकर पट्टियां बान्‍धी, और अपनी सवारी पर चढ़ाकर सराय में ले गया, और उस की सेवा टहल की। 
Luke 10:35 दूसरे दिन उसने दो दिनार निकाल कर भटियारे को दिए, और कहा; इस की सेवा टहल करना, और जो कुछ तेरा और लगेगा, वह मैं लौटने पर तुझे भर दूंगा। 
Luke 10:36 अब तेरी समझ में जो डाकुओं में घिर गया था, इन तीनों में से उसका पड़ोसी कौन ठहरा? 
Luke 10:37 उसने कहा, वही जिसने उस पर तरस खाया: यीशु ने उस से कहा, जा, तू भी ऐसा ही कर।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 105-106
  • 1 कुरिन्थियों 3


शनिवार, 19 अगस्त 2017

कला


   बारहवीं शताब्दी के चीनी कलाकार ली-टैंग ने लोगों, पक्षियों और मवेशियों को लेकर प्राकृतिक दृश्य बनाए। क्योंकि वे रेशम पर बारीक रेखाओं से रेखा-चित्र बनाने में प्रवीण थे इसलिए उन्हें प्राकृतिक दृश्यों की चीनी कला का उस्ताद माना जाता है। सदियों से संसार भर के विभिन्न कलाकारों ने परमेश्वर की सृष्टि में प्रदर्शित उसकी कलाकृतियों का चित्रण किया है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार लिखता है: "आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है" (भजन 19:1)। बाइबल हमें यह भी बताती है कि हम मनुष्यों के अन्दर कला की यह रचनात्मक प्रवृत्ति हमारे परमेश्वर के स्वरूप में सृजे जाने के कारण है (उत्पत्ति 1:27)।

   परमेश्वर ने अपने कार्यों के लिए अनेकों लोगों को चुना और उनमें काठ, सोना, चांदी, पीतल, और रतनों से कलाकृतियाँ बनाने की प्रवीणता दी जिससे कि वे उसके अराधनास्थल के लिए वस्तुओं को बना सकें (निर्गमन 31:1-11)। आत्मिक सच्चाईयों को दर्शाने वाली ये कलाकृतियाँ, परमेश्वर की अराधना के लिए पुरोहितों और लोगों को प्रोत्साहित करती थीं, उनका मार्गदर्शन और सहायता करती थीं।

   विभिन्न प्रकार की कला और कलाकृतियों के द्वारा हम सृष्टिकर्ता एवं मुक्तिदाता प्रभु परमेश्वर का गुणानुवाद करते हैं, उसकी सृष्टि की भवयता एवं महानता को प्रतिबिंबित करते हैं, और परमेश्वर का आदर तथा महिमा करते हैं। - डेनिस फिशर


हमें परमेश्वर की महिमा के लिए सृजा गया है।

तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया, अपने ही स्वरूप के अनुसार परमेश्वर ने उसको उत्पन्न किया, नर और नारी कर के उसने मनुष्यों की सृष्टि की। - उत्पत्ति 1:27

बाइबल पाठ: निर्गमन 31:1-11
Exodus 31:1 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, 
Exodus 31:2 सुन, मैं ऊरी के पुत्र बसलेल को, जो हूर का पोता और यहूदा के गोत्र का है, नाम ले कर बुलाता हूं।
Exodus 31:3 और मैं उसको परमेश्वर की आत्मा से जो बुद्धि, प्रवीणता, ज्ञान, और सब प्रकार के कार्यों की समझ देनेवाली आत्मा है परिपूर्ण करता हूं, 
Exodus 31:4 जिस से वह कारीगरी के कार्य बुद्धि से निकाल निकाल कर सब भांति की बनावट में, अर्थात सोने, चांदी, और पीतल में, 
Exodus 31:5 और जड़ने के लिये मणि काटने में, और लकड़ी के खोदने में काम करे। 
Exodus 31:6 और सुन, मैं दान के गोत्र वाले अहीसामाक के पुत्र ओहोलीआब को उसके संग कर देता हूं; वरन जितने बुद्धिमान है उन सभों के हृदय में मैं बुद्धि देता हूं, जिस से जितनी वस्तुओं की आज्ञा मैं ने तुझे दी है उन सभों को वे बनाएं; 
Exodus 31:7 अर्थात मिलापवाला तम्बू, और साक्षीपत्र का सन्दूक, और उस पर का प्रायश्चित्तवाला ढकना, और तम्बू का सारा सामान, 
Exodus 31:8 और सामान सहित मेज़, और सारे सामान समेत चोखे सोने की दीवट, और धूपवेदी, 
Exodus 31:9 और सारे सामान सहित होमवेदी, और पाए समेत हौदी, 
Exodus 31:10 और काढ़े हुए वस्त्र, और हारून याजक के याजक वाले काम के पवित्र वस्त्र, और उसके पुत्रों के वस्त्र, 
Exodus 31:11 और अभिषेक का तेल, और पवित्र स्थान के लिये सुगन्धित धूप, इन सभों को वे उन सब आज्ञाओं के अनुसार बनाएं जो मैं ने तुझे दी हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 103-104
  • 1 कुरिन्थियों 2