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गुरुवार, 12 अप्रैल 2018

पाप और परीक्षा



   वीनस फ्लाए ट्रैप नामक पौधा अपने अन्दर फंसे किसी कीट को 10 दिन में पचा लेता है। यह प्रक्रिया आरंभ होती है जब कोई कीड़ा, संदेह किए बिना उस पौधे के फंदे को बनाने वाले पत्तों पर लगे मधुरस की गंध से आकर्षित होकर उन पत्तों पर आकर बैठता है, और उस मधुरस का स्वाद लेते हुए और अधिक पाने के प्रयास में पत्तों के फंदे में और अन्दर तक चला जाता है, और अन्दर पहुँचकर फंदे में फंस जाता है, आधे सेकेंड के अन्दर पत्ते उस पर बन्द हो जाते हैं और वह कीट अन्दर ही फंसा रह जाता है, जहाँ उसे पचाने वाले पदार्थ होते हैं जो उसे समाप्त कर देते हैं।

   यह मांसाहारी पौधा मुझे पाप की याद दिलाता है जो हमारे लिए भूखा रहता है और यदि हम आकर्षित होकर उसमें फंस जाएँ  तो हमें नाश कर देता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में परमेश्वर ने कैन को सचेत किया, “यदि तू भला करे, तो क्या तेरी भेंट ग्रहण न की जाएगी? और यदि तू भला न करे, तो पाप द्वार पर छिपा रहता है, और उसकी लालसा तेरी और होगी, और तू उस पर प्रभुता करेगा” (उत्पत्ति 4:7); परन्तु इसके कुछ समय बाद ही कैन ने जाकर अपने भाई हाबिल की हत्या कर दी और सदा के लिए श्रापित हो गया।

   हमें फंसाने के लिए पाप हमें किसी नए अनुभव का आनन्द लेने के लिए लुभाता है, हमें आश्वस्त करने का प्रयास करता है कि सही और ईमानदारी का जीवन जीने से कोई लाभ नहीं होता, या हमारे शरीर की इन्द्रियों के आकर्षणों के द्वारा हमें परीक्षाओं में डालने के प्रयास करता है। परन्तु बाइबल हमें मार्ग बताती है कि हम पाप को अपने ऊपर जयवंत होने देने के स्थान पर किस प्रकार पाप पर जयवंत रह सकते हैं। बाइबल कहती है, “पर मैं कहता हूं, आत्मा के अनुसार चलो, तो तुम शरीर की लालसा किसी रीति से पूरी न करोगे” (गलतियों 5:16); “पर हे परमेश्वर के जन, तू इन बातों से भाग; और धर्म, भक्ति, विश्वास, प्रेम, धीरज, और नम्रता का पीछा कर” (1 तिमुथियुस 6:11)।

   हम जब भी परीक्षाओं का सामना करें, हमें पाप से अकेले संघर्ष करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि इसके लिए हमारे प्रभु परमेश्वर ने हमें अलौकिक सामर्थ्य प्रदान की है। परमेश्वर के आत्मा की सामर्थ्य पर भरोसा रखने और उसके निर्देशों के पालन के द्वारा हम परमेश्वर की महिमा के लिए पाप और परीक्षाओं पर विजयी जीवन जी सकते हैं। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


यदि हम परीक्षाओं से भागेंगे नहीं, तो उनमें गिर जाएँगे।

तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े, जो मनुष्य के सहने से बाहर है: और परमेश्वर सच्चा है: वह तुम्हें सामर्थ से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, वरन परीक्षा के साथ निकास भी करेगा; कि तुम सह सको। - 1 कुरिन्थियों 10:13

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 4:1-8
Genesis 4:1 जब आदम अपनी पत्नी हव्वा के पास गया तब उसने गर्भवती हो कर कैन को जन्म दिया और कहा, मैं ने यहोवा की सहायता से एक पुरूष पाया है।
Genesis 4:2 फिर वह उसके भाई हाबिल को भी जन्मी, और हाबिल तो भेड़-बकरियों का चरवाहा बन गया, परन्तु कैन भूमि की खेती करने वाला किसान बना।
Genesis 4:3 कुछ दिनों के पश्चात कैन यहोवा के पास भूमि की उपज में से कुछ भेंट ले आया।
Genesis 4:4 और हाबिल भी अपनी भेड़-बकरियों के कई एक पहिलौठे बच्चे भेंट चढ़ाने ले आया और उनकी चर्बी भेंट चढ़ाई; तब यहोवा ने हाबिल और उसकी भेंट को तो ग्रहण किया,
Genesis 4:5 परन्तु कैन और उसकी भेंट को उसने ग्रहण न किया। तब कैन अति क्रोधित हुआ, और उसके मुंह पर उदासी छा गई।
Genesis 4:6 तब यहोवा ने कैन से कहा, तू क्यों क्रोधित हुआ? और तेरे मुंह पर उदासी क्यों छा गई है?
Genesis 4:7 यदि तू भला करे, तो क्या तेरी भेंट ग्रहण न की जाएगी? और यदि तू भला न करे, तो पाप द्वार पर छिपा रहता है, और उसकी लालसा तेरी और होगी, और तू उस पर प्रभुता करेगा।
Genesis 4:8 तब कैन ने अपने भाई हाबिल से कुछ कहा: और जब वे मैदान में थे, तब कैन ने अपने भाई हाबिल पर चढ़ कर उसे घात किया।
 Genesis 4:9 तब यहोवा ने कैन से पूछा, तेरा भाई हाबिल कहां है? उसने कहा मालूम नहीं: क्या मैं अपने भाई का रखवाला हूं?
Genesis 4:10 उसने कहा, तू ने क्या किया है? तेरे भाई का लोहू भूमि में से मेरी ओर चिल्ला कर मेरी दोहाई दे रहा है!
Genesis 4:11 इसलिये अब भूमि जिसने तेरे भाई का लोहू तेरे हाथ से पीने के लिये अपना मुंह खोला है, उसकी ओर से तू शापित है।
Genesis 4:12 चाहे तू भूमि पर खेती करे, तौभी उसकी पूरी उपज फिर तुझे न मिलेगी, और तू पृथ्वी पर बहेतू और भगोड़ा होगा।


एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 19-21
  • लूका 11:29-54



बुधवार, 11 अप्रैल 2018

बुद्धिमता



   हेनरी प्रति सप्ताह 70  घंटे कार्य करता था। वह अपने कार्य को पसन्द करता था और अपने परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अपने कार्य द्वारा अच्छी आय प्राप्त करता था। वह सदा ही अपने कार्य में बिताए गए समय को कुछ कम करना चाहता था, परन्तु उसने कभी ऐसा किया नहीं। एक संध्या वह एक बड़े अच्छे समाचार के साथ अपने घर आया – उसे अपनी कंपनी का सर्वोच्च पद दिया गया था; परन्तु घर पर कोई नहीं था। समय के साथ, उसके बच्चे बड़े होकर अलग निकल गए थे; उसकी पत्नि ने भी अपने लिए एक जीविका खोज ली थी और वह उसमें व्यस्त हो गई थी। अब हेनरी के साथ उसके आनन्द को बाँटने वाला, उसके अच्छे समाचार को सुनकर हर्षित होने वाला कोई भी नहीं था।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में राजा सुलेमान ने कार्य और जीवन के मध्य संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। सुलेमान ने लिखा, “मूर्ख छाती पर हाथ रखे रहता और अपना मांस खाता है” (सभोपदेशक 4:5)। हमें अपने कार्य और जिम्मेदारियों में आलसी होने की सीमा तक भी नहीं जाना चाहिए, परन्तु साथ ही हमें अन्य सभी जिम्मेदारियों को अनदेखा कर के कार्य ही करते रहने की धुन में लगे रहने वाला भी नहीं हो जाना चाहिए, “चैन के साथ एक मुट्ठी उन दो मुट्ठियों से अच्छा है, जिनके साथ परिश्रम और मन का कुढ़ना हो” (सभोपदेशक 4:6)। कहने का अभिप्राय है कि कम कमा कर भी अपनी कमाई का आनन्द लेना कहीं अधिक भला है। सफलता की वेदी पर संबंधों को बलि चढ़ाना मूर्खता है। सँसार की कोई भी उपलब्धि हो, वह अस्थायी ही होती है, जबकि हमारे संबंध ही हैं जो हमारे जीवनों को सार्थक, आनंदमय, और लाभप्रद बनाते हैं (पद 7-12)।

   व्यतीत करने के लिए अपने समय को ठीक से विभिन्न गतिविधियों के लिए बाँटने के द्वारा हम जीने के लिए कार्य करना सीख सकते हैं, न कि कार्य करते रहने के लिए जीते रहना। यदि हम प्रभु परमेश्वर को अपना स्वामी मानकर उसपर भरोसा रखें, उससे प्रार्थना में यह आशीष माँगें, तो अवश्य ही वह हमें जीने के लिए कार्य करने की बुद्धिमता प्रदान करेगा। - पो फंग चिया


समय को बुद्धिमता से बिताने के लिए उसे परमेश्वर के अनन्तकाल में निवेश करें।

पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से मांगे, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उसको दी जाएगी। - याकूब 1:5

बाइबल पाठ: सभोपदेशक 4:4-16
Ecclesiastes 4:4 तब में ने सब परिश्रम के काम और सब सफल कामों को देखा जो लोग अपने पड़ोसी से जलन के कारण करते हैं। यह भी व्यर्थ और मन का कुढ़ना है।
Ecclesiastes 4:5 मूर्ख छाती पर हाथ रखे रहता और अपना मांस खाता है।
Ecclesiastes 4:6 चैन के साथ एक मुट्ठी उन दो मुट्ठियों से अच्छा है, जिनके साथ परिश्रम और मन का कुढ़ना हो।
Ecclesiastes 4:7 फिर मैं ने धरती पर यह भी व्यर्थ बात देखी।
Ecclesiastes 4:8 कोई अकेला रहता और उसका कोई नहीं है; न उसके बेटा है, न भाई है, तौभी उसके परिश्रम का अन्त नहीं होता; न उसकी आंखें धन से सन्तुष्ट होती हैं, और न वह कहता है, मैं किस के लिये परिश्रम करता और अपने जीवन को सुखरहित रखता हूं? यह भी व्यर्थ और निरा दु:खभरा काम है।
Ecclesiastes 4:9 एक से दो अच्छे हैं, क्योंकि उनके परिश्रम का अच्छा फल मिलता है।
Ecclesiastes 4:10 क्योंकि यदि उन में से एक गिरे, तो दूसरा उसको उठाएगा; परन्तु हाय उस पर जो अकेला हो कर गिरे और उसका कोई उठाने वाला न हो।
Ecclesiastes 4:11 फिर यदि दो जन एक संग सोए तो वे गर्म रहेंगे, परन्तु कोई अकेला क्योंकर गर्म हो सकता है?
Ecclesiastes 4:12 यदि कोई अकेले पर प्रबल हो तो हो, परन्तु दो उसका साम्हना कर सकेंगे। जो डोरी तीन तागे से बटी हो वह जल्दी नहीं टूटती।
Ecclesiastes 4:13 बुद्धिमान लड़का दरिद्र होने पर भी ऐसे बूढ़े और मूर्ख राजा से अधिक उत्तम है जो फिर सम्मति ग्रहण न करे,
Ecclesiastes 4:14 चाहे वह उसके राज्य में धनहीन उत्पन्न हुआ या बन्दीगृह से निकलकर राजा हुआ हो।
Ecclesiastes 4:15 मैं ने सब जीवतों को जो धरती पर चलते फिरते हैं देखा कि वे उस दूसरे लड़के के संग हो लिये हैं जो उनका स्थान लेने के लिये खड़ा हुआ।
Ecclesiastes 4:16 वे सब लोग अनगिनित थे जिन पर वह प्रधान हुआ था। तौभी भविष्य में होने वाले लोग उसके कारण आनन्दित न होंगे। नि:सन्देह यह भी व्यर्थ और मन का कुढ़ना है।


एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 17-18
  • लूका 11:1-28



मंगलवार, 10 अप्रैल 2018

मधु



   जब सन 1922 में मिस्र के राजा तूतनखामेन की कब्र मिली, तो उसके अन्दर साथ ही अनेकों ऐसी अन्य वस्तुएँ भी रखी हुई थीं जिन्हें मिस्री परलोक के जीवन के लिए आवश्यक समझते थे, जैसे कि सोने की बनी वेदियाँ, आभूषण, वस्त्र, फर्नीचर, हथियार, और मधु से भरा हुआ एक बर्तन, और 3200 वर्ष के बाद भी वह मधु खाने योग्य था!

   आज हम मधु को मुख्यतः मीठा करने वाली वस्तु समझते हैं, परन्तु प्राचीन सँसार में, उसके अन्य भी उपयोग थे। मधु ही एकमात्र ऐसा भोजन है जिसमें जीवन के लिए आवश्यक सभी तत्व एक साथ मिलते हैं, इसलिए वह पोषण के लिए प्रयोग होता था। इसके अतिरिक्त, मधु में चिकित्सीय गुण भी पाए जाते हैं; इसमें संक्रमण को रोकने की क्षमता होती है, इसलिए इसे घावों की मरहम-पट्टी के लिए भी प्रयोग किया जाता था।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि जब परमेश्वर ने इस्राएलियों को मिस्र से छुड़ाया, तो उसने उनके साथ उन्हें एक ऐसे देश में ले जाकर बसाने की वाचा बांधी जिसमें दूध और मधु की धाराएं बहती थीं (निर्गमन 3:8, 17), जो कि बहुतायत को दिखाने वाला अलंकार है। जब इस्राएलियों के पाप के कारण उनकी यात्रा का समय बढ़ गया, तब जंगल की यात्रा में परमेश्वर ने उन्हें मन्ना खिलाया, जिसका स्वाद मधु के समान था (निर्गमन 16:31)। बाद में इस्राएली एक ही प्रकार के भोजन को लेकर कुड़कड़ाए, परन्तु संभव है कि परमेश्वर उन्हें उस वस्तु के स्वाद का आदि करना चाह रहा था, जिसे वे उस वाचा किए हुए देश में बहुतायत से पाने और उपयोग करने वाले थे।

   परमेश्वर आज भी मधु को अपने वचन और गुणों को हमें स्मरण दिलाने के लिए प्रयोग करता है: “तेरे वचन मुझ को कैसे मीठे लगते हैं, वे मेरे मुंह में मधु से भी मीठे हैं!” (भजन 119:103)। इसलिए हम मसीही विश्वासियों द्वारा बोले गए शब्द भी परमेश्वर द्वारा हमें दिए जाने वाले उसके वचन के मधु के समान ही होने चाहिएँ। - जूली ऐकैर्मैन लिंक


अपना समय अपनी आशीषों को गिनने में लगाएं
 न कि अपनी शिकायतों को व्यक्त करने में।

मन भावने वचन मधु भरे छते के समान प्राणों को मीठे लगते, और हड्डियों को हरी-भरी करते हैं। - नीतिवचन 16:24

बाइबल पाठ: निर्गमन 3:7-17
Exodus 3:7 फिर यहोवा ने कहा, मैं ने अपनी प्रजा के लोग जो मिस्र में हैं उनके दु:ख को निश्चय देखा है, और उनकी जो चिल्लाहट परिश्रम कराने वालों के कारण होती है उसको भी मैं ने सुना है, और उनकी पीड़ा पर मैं ने चित्त लगाया है ;
Exodus 3:8 इसलिये अब मैं उतर आया हूं कि उन्हें मिस्रियों के वश से छुड़ाऊं, और उस देश से निकाल कर एक अच्छे और बड़े देश में जिस में दूध और मधु की धारा बहती है, अर्थात कनानी, हित्ती, एमोरी, परिज्जी, हिव्वी, और यबूसी लोगों के स्थान में पहुंचाऊं।
Exodus 3:9 सो अब सुन, इस्राएलियों की चिल्लाहट मुझे सुनाईं पड़ी है, और मिस्रियों का उन पर अन्धेर करना भी मुझे दिखाई पड़ा है,
Exodus 3:10 इसलिये आ, मैं तुझे फिरौन के पास भेजता हूं कि तू मेरी इस्राएली प्रजा को मिस्र से निकाल ले आए।
Exodus 3:11 तब मूसा ने परमेश्वर से कहा, मैं कौन हूं जो फिरौन के पास जाऊं, और इस्राएलियों को मिस्र से निकाल ले आऊं?
Exodus 3:12 उसने कहा, निश्चय मैं तेरे संग रहूंगा; और इस बात का कि तेरा भेजने वाला मैं हूं, तेरे लिये यह चिन्ह होगा कि जब तू उन लोगों को मिस्र से निकाल चुके तब तुम इसी पहाड़ पर परमेश्वर की उपासना करोगे।
Exodus 3:13 मूसा ने परमेश्वर से कहा, जब मैं इस्राएलियों के पास जा कर उन से यह कहूं, कि तुम्हारे पितरों के परमेश्वर ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है, तब यदि वे मुझ से पूछें, कि उसका क्या नाम है? तब मैं उन को क्या बताऊं?
Exodus 3:14 परमेश्वर ने मूसा से कहा, मैं जो हूं सो हूं। फिर उसने कहा, तू इस्राएलियों से यह कहना, कि जिसका नाम मैं हूं है उसी ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है।
Exodus 3:15 फिर परमेश्वर ने मूसा से यह भी कहा, कि तू इस्राएलियों से यह कहना, कि तुम्हारे पितरों का परमेश्वर, अर्थात इब्राहीम का परमेश्वर, इसहाक का परमेश्वर और याकूब का परमेश्वर, यहोवा उसी ने मुझ को तुम्हारे पास भेजा है। देख सदा तक मेरा नाम यही रहेगा, और पीढ़ी पीढ़ी में मेरा स्मरण इसी से हुआ करेगा।
Exodus 3:16 इसलिये अब जा कर इस्राएली पुरनियों को इकट्ठा कर, और उन से कह, कि तुम्हारे पितर इब्राहीम, इसहाक, और याकूब के परमेश्वर, यहोवा ने मुझे दर्शन देकर यह कहा है, कि मैं ने तुम पर और तुम से जो बर्ताव मिस्र में किया जाता है उस पर भी चित लगाया है;
Exodus 3:17 और मैं ने ठान लिया है कि तुम को मिस्र के दुखों में से निकाल कर कनानी, हित्ती, एमोरी, परिज्जी हिब्बी, और यबूसी लोगों के देश में ले चलूंगा, जो ऐसा देश है कि जिस में दूध और मधु की धारा बहती है।


एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 15-16
  • लूका 10:25-42



सोमवार, 9 अप्रैल 2018

आनन्दित



   मुझे पक्षियों को फुदकते-चहचहाते देखना अच्छा लगता है। इसलिए कई वर्ष पहले मैंने अपने घर के पीछे के आँगन में पक्षियों के लिए एक सुरक्षित स्थान बनाया, और कई महीनों तक मैं उन्हें वहाँ आकर आनन्दित होते हुए देखता और उनके आनन्द में स्वयं भी आनन्दित होता था।परन्तु एक दिन एक बाज़ पक्षी ने उस स्थान को देख लिया और उसके लिए वह एक निज शिकारगाह हो गया, और वह सुरक्षित स्थान समाप्त हो गया।
   यही जीवन है; जैसे ही हमें लगता है कि सब कुछ ठीक से चल रहा है, हम निश्चिन्त होकर आराम से बैठ सकते हैं, तभी कुछ-न-कुछ हमारे जीवनों को झकझोर देता है। हम बहुधा यही प्रश्न करते हैं कि जीवन का इतना अधिक भाग आंसुओं के साथ क्यों होता है?

   इस पुरातन प्रश्न के मैंने कई उत्तर सुने हैं, परन्तु अब मैं केवल एक उत्तर से संतुष्ट हूँ: “सँसार का सारा अनुशासन हमें ऐसे बच्चे बनाने के लिए है जिनसे होकर परमेश्वर प्रकट होता है” (जॉर्ज मैकडोनाल्ड, Life Essential)। जब हम बच्चों के समान बन जाते हैं, तब हम अपने परमेश्वर पिता पर भरोसा करना, उसके प्रेम में आश्वस्त रहना सीख जाते हैं; उसे और गहराई से जानना चाहते हैं, उसके समान बनना चाहते हैं।

   हमारे जीवनपर्यन्त चिंताए और दुःख हमारे साथ लगे रहेंगे, परन्तु “इसलिये हम हियाव नहीं छोड़ते; यद्यपि हमारा बाहरी मनुष्यत्‍व नाश भी होता जाता है, तौभी हमारा भीतरी मनुष्यत्‍व दिन प्रतिदिन नया होता जाता है। क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्‍लेश हमारे लिये बहुत ही महत्‍वपूर्ण और अनन्त महिमा उत्पन्न करता जाता है। और हम तो देखी हुई वस्‍तुओं को नहीं परन्तु अनदेखी वस्‍तुओं को देखते रहते हैं, क्योंकि देखी हुई वस्तुएं थोड़े ही दिन की हैं, परन्तु अनदेखी वस्तुएं सदा बनी रहती हैं” (2 कुरिन्थियों 4:16-18)।

   इसलिए जब ऐसा अन्त हमारे सामने रखा हुआ है, तो क्या हम उस अति-उत्तम अन्त का ध्यान करके, ढाढ़स के साथ आनन्दित नहीं रह सकते हैं? – डेविड रोपर


स्वर्ग के आनन्द पृथ्वी की कठिनाईयों से कहीं अधिक बढ़कर होंगे।

मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि तुम्हें मुझ में शान्‍ति मिले; संसार में तुम्हें क्‍लेश होता है, परन्तु ढाढ़स बांधो, मैं ने संसार को जीन लिया है। - यूहन्ना 16:33

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 4: 8-18
2 Corinthians 4:8 हम चारों ओर से क्‍लेश तो भोगते हैं, पर संकट में नहीं पड़ते; निरूपाय तो हैं, पर निराश नहीं होते।
2 Corinthians 4:9 सताए तो जाते हैं; पर त्यागे नहीं जाते; गिराए तो जाते हैं, पर नाश नहीं होते।
2 Corinthians 4:10 हम यीशु की मृत्यु को अपनी देह में हर समय लिये फिरते हैं; कि यीशु का जीवन भी हमारी देह में प्रगट हो।
2 Corinthians 4:11 क्योंकि हम जीते जी सर्वदा यीशु के कारण मृत्यु के हाथ में सौंपे जाते हैं कि यीशु का जीवन भी हमारे मरणहार शरीर में प्रगट हो।
2 Corinthians 4:12 सो मृत्यु तो हम पर प्रभाव डालती है और जीवन तुम पर।
2 Corinthians 4:13 और इसलिये कि हम में वही विश्वास की आत्मा है, (जिस के विषय मे लिखा है, कि मैं ने विश्वास किया, इसलिये मैं बोला) सो हम भी विश्वास करते हैं, इसी लिये बोलते हैं।
2 Corinthians 4:14 क्योंकि हम जानते हैं, जिसने प्रभु यीशु को जिलाया, वही हमें भी यीशु में भागी जानकर जिलाएगा, और तुम्हारे साथ अपने साम्हने उपस्थित करेगा।
2 Corinthians 4:15 क्योंकि सब वस्तुएं तुम्हारे लिये हैं, ताकि अनुग्रह बहुतों के द्वारा अधिक हो कर परमेश्वर की महिमा के लिये धन्यवाद भी बढ़ाए।
2 Corinthians 4:16 इसलिये हम हियाव नहीं छोड़ते; यद्यपि हमारा बाहरी मनुष्यत्‍व नाश भी होता जाता है, तौभी हमारा भीतरी मनुष्यत्‍व दिन प्रतिदिन नया होता जाता है।
2 Corinthians 4:17 क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्‍लेश हमारे लिये बहुत ही महत्‍वपूर्ण और अनन्त महिमा उत्पन्न करता जाता है।
2 Corinthians 4:18 और हम तो देखी हुई वस्‍तुओं को नहीं परन्तु अनदेखी वस्‍तुओं को देखते रहते हैं, क्योंकि देखी हुई वस्तुएं थोड़े ही दिन की हैं, परन्तु अनदेखी वस्तुएं सदा बनी रहती हैं।


एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 13-14
  • लूका 10:1-24



रविवार, 8 अप्रैल 2018

स्थानांतरण


   अफ्रीका के घाना देश में लोग सामान्यतः निधन हो जाने की सूचनाएं दीवारों और विज्ञापन पट्टिकाओं पर लगा देते हैं। किसी प्रिय जन के निधन की या उसके अंतिम संस्कार की सूचना की भाषा भी ध्यान आकर्षित करने वाली होती है, जैसे कि “शीघ्र चले गए”, “जीवन का उत्सव”, “बहुत बड़ा सदमा”, आदि। एक बार ऐसी ही एक सूचना का शीर्षक था, “स्थानांतरित हुए” – जो कब्र से आगे के जीवन के लिए संकेत था।

   जब किसी निकट संबंधी अथवा मित्र का देहांत होता है, हम शोकित होते हैं, जैसे कि परमेश्वर के वचन बाइबल के नए नियम खण्ड में यूहन्ना रचित सुसमाचार में अपने भाई लाजार की मृत्यु को लेकर मार्था और मरियम हुए थे (यूहन्ना 11:17-27)। हमें दिवंगत प्रिय जन की कमी इतनी खलती है कि हमारे हृदय टूटते हैं और हम विलाप करते, रोते हैं, जैसे कि लाज़रस की मृत्यु के समय प्रभु यीशु भी रोए थे (पद 35)।

   परन्तु ऐसे ही दुखी करने वाले अवसर पर प्रभु यीशु ने मृत्योपरांत जीवन के संबंध में यह आनन्दित करने वाला कथन दिया: “...पुनरुत्थान और जीवन मैं ही हूं, जो कोई मुझ पर विश्वास करता है वह यदि मर भी जाए, तौभी जीएगा” (यूहन्ना 11:25)। प्रभु यीशु के इस आश्वासन के आधार पर हम मसीही विश्वासी अपने दिवंगत सह-विश्वासियों को अस्थायी विदा ही कहते हैं। क्योंकि, जैसे पौलुस ने कहा, “...हम सदा प्रभु के साथ रहेंगे” (1 थिस्सलुनीकियों 4:17)। निःसंदेह, विदा कहना कष्टदायक होता है, परन्तु हम आश्वस्त रह सकते हैं कि जिन्हें हम विदा दे रहे हैं वे प्रभु के सुरक्षित हाथों में हैं।

   स्थानान्तरण आभास देता है कि हम केवल अपना निवास-स्थान बदल रहे हैं। चाहे हमारे लिए पृथ्वी पर जीवन का अन्त है, परन्तु हम अनंतकाल तक बेहतर स्थान और हालात में, वहाँ जहाँ प्रभु यीशु हैं, जीवित रहेंगे; इसीलिए, “इन बातों से एक दूसरे को शान्‍ति दिया करो” (1 थिस्सलुनीकियों 4:18)। - लॉरेंस दर्मानी


प्रभु यीशु के कारण हम सदा के लिए जीवित रह सकते हैं।

इसलिये हम ढाढ़स बान्‍धे रहते हैं, और देह से अलग हो कर प्रभु के साथ रहना और भी उत्तम समझते हैं। - 2 कुरिन्थियों 5:8

बाइबल पाठ: यूहन्ना 11:17-27
John 11:17 सो यीशु को आकर यह मालूम हुआ कि उसे कब्र में रखे चार दिन हो चुके हैं।
John 11:18 बैतनिय्याह यरूशलेम के समीप कोई दो मील की दूरी पर था।
John 11:19 और बहुत से यहूदी मारथा और मरियम के पास उन के भाई के विषय में शान्‍ति देने के लिये आए थे।
John 11:20 सो मारथा यीशु के आने का समाचार सुनकर उस से भेंट करने को गई, परन्तु मरियम घर में बैठी रही।
John 11:21 मारथा ने यीशु से कहा, हे प्रभु, यदि तू यहां होता, तो मेरा भाई कदापि न मरता।
John 11:22 और अब भी मैं जानती हूं, कि जो कुछ तू परमेश्वर से मांगेगा, परमेश्वर तुझे देगा।
John 11:23 यीशु ने उस से कहा, तेरा भाई जी उठेगा।
John 11:24 मारथा ने उस से कहा, मैं जानती हूं, कि अन्‍तिम दिन में पुनरुत्थान के समय वह जी उठेगा।
John 11:25 यीशु ने उस से कहा, पुनरुत्थान और जीवन मैं ही हूं, जो कोई मुझ पर विश्वास करता है वह यदि मर भी जाए, तौभी जीएगा।
John 11:26 और जो कोई जीवता है, और मुझ पर विश्वास करता है, वह अनन्तकाल तक न मरेगा, क्या तू इस बात पर विश्वास करती है?
John 11:27 उसने उस से कहा, हां हे प्रभु, मैं विश्वास कर चुकी हूं, कि परमेश्वर का पुत्र मसीह जो जगत में आनेवाला था, वह तू ही है।


एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 10-12
  • लूका 9:37-62


शनिवार, 7 अप्रैल 2018

इच्छा एवं योजना



   मेरे पति जब 18 वर्ष के थे तब उन्होंने कारों की सफाई करने का व्यवसाय आरंभ किया था। उन्होंने एक गैराज को किराए पर लिया, सहायकों को वेतन पर रखा, और विज्ञापन के लिए पर्चे छपवा कर बंटवाए। उनका यह व्यवसाय चल निकला। उनका उद्देश्य था कि वे इस व्यवसाय को बेचकर उससे मिलने वाले धन से अपनी कॉलेज की पढाई का खर्चा उठाएंगे। इसलिए जब एक ग्राहक ने व्यवसाय को खरीदने में रुचि दिखाई तो वे बहुत प्रसन्न हुए। कुछ बातचीत और मोल-भाव के बाद ऐसा लगा कि यह सौदा सफल हो जाएगा; परन्तु एन मौके पर आकर सौदा चूक गया। फिर इसके सात महीन बाद ही व्यवसाय बेचने की उनकी योजना सफल हुई।

   यदि हमारी योजनाओं के संबंध में परमेश्वर की योजनाएं और पूर्ति के समय हमारी इच्छा के अनुसार नहीं होते हैं, तो निराश होना स्वाभाविक होता है। हम परमेश्वर के वचन बाइबल में देखते हैं कि जब राजा दाऊद ने परमेश्वर के मंदिर को बनवाना चाहा, तो उसका उद्देश्य सही था, उसका नेतृत्व सही था, और उसके पास इसके लिए आवश्यक सभी संसाधन थी उपलब्ध थे। परन्तु परमेश्वर ने उसे मंदिर बनावाने से मना किया, क्योंकि उसने युद्ध में बहुत से लोगों का खून बहाया था (1 इतिहास 22:8)।

   परमेश्वर की इस बात को सुनकर दाऊद क्रोधित हो सकता था, खीज कर मुँह फुला सकता था, या फिर अपनी इच्छा को पूरा करने के लिए परमेश्वर की बात को अनदेखा कर के आगे बढ़ सकता था। परन्तु उसने ऐसा कुछ नहीं किया, वरन दीनता से परमेश्वर के सामने झुक गया और कहा, “...हे यहोवा परमेश्वर! मैं क्या हूँ? और मेरा घराना क्या है? कि तू ने मुझे यहां तक पहुंचाया है” (1 इतिहास 17:16)। इसके आगे दाऊद ने परमेश्वर की आराधना की, और उसके प्रति अपने समर्पण और भक्ति की पुष्टि की। अपनी इच्छाओं से अधिक, वह परमेश्वर के साथ अपने संबंध को महत्व एवँ मूल्य देता था।

   हमारे लिए यह विचार करने की बात है कि हमारे लिए किस का अधिक महत्व और कीमत है – हमारी अपनी इच्छाओं एवँ योजनाओं की पूर्ति होने की, या परमेश्वर के प्रति हमारे प्रेम, समर्पण और आज्ञाकारिता की? – जेनिफर बेन्सन शुल्ट


सच्ची संतुष्टि परमेश्वर की इच्छा के प्रति समर्पित होने से मिलती है।

हे यहोवा, मनुष्य क्या है कि तू उसकी सुधि लेता है, या आदमी क्या है, कि तू उसकी कुछ चिन्ता करता है? – भजन 144:3

बाइबल पाठ: 1 इतिहास 17:1-20
1 Chronicles 17:1 जब दाऊद अपने भवन में रहने लगा, तब दाऊद ने नातान नबी से कहा, देख, मैं तो देवदारु के बने हुए घर में रहता हूँ, परन्तु यहोवा की वाचा का सन्दूक तम्बू में रहता है।
1 Chronicles 17:2 नातान ने दाऊद से कहा, जो कुछ तेरे मन में हो उसे कर, क्योंकि परमेश्वर तेरे संग है।
1 Chronicles 17:3 उसी दिन रात को परमेश्वर का यह वचन नातान के पास पहुंचा, जा कर मेरे दास दाऊद से कह,
1 Chronicles 17:4 यहोवा यों कहता है, कि मेरे निवास के लिये तू घर बनवाने न पाएगा।
1 Chronicles 17:5 क्योंकि जिस दिन से मैं इस्राएलियों को मिस्र से ले आया, आज के दिन तक मैं कभी घर में नहीं रहा; परन्तु एक तम्बू से दूसरे तम्बू को ओर एक निवास से दूसरे निवास को आया जाया करता हूँ।
1 Chronicles 17:6 जहां जहां मैं ने सब इस्राएलियों के बीच आना जाना किया, क्या मैं ने इस्राएल के न्यायियों में से जिन को मैं ने अपनी प्रजा की चरवाही करने को ठहराया था, किसी से ऐसी बात कभी कही, कि तुम लोगों ने मेरे लिये देवदारु का घर क्यों नहीं बनवाया?
1 Chronicles 17:7 सो अब तू मेरे दास दाऊद से ऐसा कह, कि सेनाओं का यहोवा यों कहता है, कि मैं ने तो तुझ को भेड़शाला से और भेड़-बकरियों के पीछे पीछे फिरने से इस मनसा से बुला लिया, कि तू मेरी प्रजा इस्राएल का प्रधान हो जाए;
1 Chronicles 17:8 और जहां कहीं तू आया और गया, वहां मैं तेरे संग रहा, और तेरे सब शत्रुओं को तेरे साम्हने से नष्ट किया है। अब मैं तेरे नाम को पृथ्वी के बड़े बड़े लोगों के नामों के समान बड़ा कर दूंगा।
1 Chronicles 17:9 और मैं अपनी प्रजा इस्राएल के लिये एक स्थान ठहराऊंगा, और उसको स्थिर करूंगा कि वह अपने ही स्थान में बसी रहे और कभी चलायमान न हो; और कुटिल लोग उन को नाश न करने पाएंगे, जैसे कि पहिले दिनों में करते थे;
1 Chronicles 17:10 उस समय भी जब मैं अपनी प्रजा इस्राएल के ऊपर न्यायी ठहराता था; सो मैं तेरे सब शत्रुओं को दबा दूंगा। फिर मैं तुझे यह भी बताता हूँ, कि यहोवा तेरा घर बनाये रखेगा।
1 Chronicles 17:11 जब तेरी आयु पूरी हो जायेगी और तुझे अपने पितरों के संग जाना पड़ेगा, तब मैं तेरे बाद तेरे वंश को जो तेरे पुत्रों में से होगा, खड़ा कर के उसके राज्य को स्थिर करूंगा।
1 Chronicles 17:12 मेरे लिये एक घर वही बनाएगा, और मैं उसकी राजगद्दी को सदैव स्थिर रखूंगा।
1 Chronicles 17:13 मैं उसका पिता ठहरूंगा और वह मेरा पुत्र ठहरेगा; और जैसे मैं ने अपनी करुणा उस पर से जो तुझ से पहिले था हटाई, वैसे मैं उस पर से न हटाऊंगा,
1 Chronicles 17:14 वरन मैं उसको अपने घर और अपने राज्य में सदैव स्थिर रखूंगा और उसकी राजगद्दी सदैव अटल रहेगी।
1 Chronicles 17:15 इन सब बातों और इस दर्शन के अनुसार नातान ने दाऊद को समझा दिया।
1 Chronicles 17:16 तब दाऊद राजा भीतर जा कर यहोवा के सम्मुख बैठा, और कहने लगा, हे यहोवा परमेश्वर! मैं क्या हूँ? और मेरा घराना क्या है? कि तू ने मुझे यहां तक पहुंचाया है?
1 Chronicles 17:17 और हे परमेश्वर! यह तेरी दृष्टि में छोटी सी बात हुई, क्योंकि तू ने अपने दास के घराने के विषय भविष्य के बहुत दिनों तक की चर्चा की है, और हे यहोवा परमेश्वर! तू ने मुझे ऊंचे पद का मनुष्य सा जाना है।
1 Chronicles 17:18 जो महिमा तेरे दास पर दिखाई गई है, उसके विषय दाऊद तुझ से और क्या कह सकता है? तू तो अपने दास को जानता है।
1 Chronicles 17:19 हे यहोवा! तू ने अपने दास के निमित्त और अपने मन के अनुसार यह बड़ा काम किया है, कि तेरा दास उसको जान ले।
1 Chronicles 17:20 हे यहोवा! जो कुछ हम ने अपने कानों से सुना है, उसके अनुसार तेरे तुल्य कोई नहीं, और न तुझे छोड़ और कोई परमेश्वर है।


एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 7-9
  • लूका 9:18-36



शुक्रवार, 6 अप्रैल 2018

क्रूस


   अमेरिका की सबसे अधिक जानी-पहचानी छवियों में से एक है दक्षिणी कैलिफोर्निया में लगा HOLLYWOOD (हॉलीवुड) चिन्ह। सैलानियों के लिए हॉलीवुड के निकट की पहाड़ी पर लगे उस चिन्ह को देखने से चूकना कठिन है। सँसार भर से लोग इस चमक-धमक से भरे शहर की चकाचौंध, वहाँ के मार्ग में सीमेंट में सिनेमा स्टारों के पैरों के निशान देखने कि लिए आते हैं, और उन्हें आशा रहती है कि संभवतः वे मार्ग में चलते हुए किसी सिनेमा स्टार की एक झलक देखने पाएँगे।

   हॉलीवुड की पहाड़ियों में ही लगा किन्तु कम चर्चित एक और चिन्ह भी है “हॉलीवुड पिलग्रिमेज मेमोरियल मॉन्यूमेंट”, जो अनन्त महत्व का एक बहुत ही जाने पहचाने चिन्ह के द्वारा है – एक 32 फुट ऊँचा क्रूस जो पहाड़ी से शहर की ओर रुख किए हुए है। वह क्रूस वहाँ क्रिस्टीन वेदारिल स्टीवेंसन की यादगार में लगाया गया है, जो एक धनी उत्तराधिकारी थीं और जिन्होंने 1920 में पिलग्रिमेज थयेटर की स्थापना की थी, जिसे आज जौन एनसन फोर्ड थयेटर के नाम से जाना जाता है। उसी स्थान पर मसीह यीशु के बारे में नाटक, ‘द पिलग्रिमेज प्ले’ का मंचन होता था।

   ये दोनों चिन्ह एक रोचक तुलना सामने रखते हैं। सिनेमा, अच्छा या बुरा, जैसा भी हो, आता-जाता ही रहेगा। सिनेमा की मनोरंजन के क्षमता, उसके कलाकारों का योगदान, और उसके विषय का समसामयिक होना सदा अस्थायी ही रहेगा।

   परन्तु प्रभु यीशु मसीह का क्रूस हमें इतिहास की वास्तविकता के एक ऐसे नाटक का स्मरण करवाता है जो अपने प्रयोजन तथा महत्व में अनन्त है। मसीह यीशु का कार्य हमारे प्रेमी परमेश्वर पिता की कहानी है जो हम पापी मनुष्यों को पाप से छुड़ाने के लिए हमारे पीछे-पीछे आता है, और हमें सेंट-मेंत में अपनी क्षमा का दान देने की पेशकश करता है। प्रभु के पुनरुत्थान ने मृत्यु को सदा के लिए हरा दिया और हम सबके लिए अनन्त काल का प्रभाव छोड़ा है। प्रभु यीशु के जीवन और मृत्यु तथा मृतकों में से पुनरुत्थान के इस उच्च स्तरीय नाटक की वास्ताविकता की जड़ें इतिहास में जमी हुई है। प्रभु यीशु का क्रूस कभी अपने अर्थ और सामर्थ्य को नहीं खोएगा। - डेनिस फिशर


क्रूस का अर्थ समझने के लिए आपको उसे जानना होगा जो उस पर बलिदान हुआ।

पर ऐसा न हो, कि मैं और किसी बात का घमण्‍ड करूं, केवल हमारे प्रभु यीशु मसीह के क्रूस का जिस के द्वारा संसार मेरी दृष्टि में और मैं संसार की दृष्टि में क्रूस पर चढ़ाया गया हूं। - गलतियों 6:14

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 1:18-31
1 Corinthians 1:18 क्योंकि क्रूस की कथा नाश होने वालों के निकट मूर्खता है, परन्तु हम उद्धार पाने वालों के निकट परमेश्वर की सामर्थ है।
1 Corinthians 1:19 क्योंकि लिखा है, कि मैं ज्ञानवानों के ज्ञान को नाश करूंगा, और समझदारों की समझ को तुच्‍छ कर दूंगा।
1 Corinthians 1:20 कहां रहा ज्ञानवान? कहां रहा शास्त्री? कहां इस संसार का विवादी? क्या परमेश्वर ने संसार के ज्ञान को मूर्खता नहीं ठहराया?
1 Corinthians 1:21 क्योंकि जब परमेश्वर के ज्ञान के अनुसार संसार ने ज्ञान से परमेश्वर को न जाना तो परमेश्वर को यह अच्छा लगा, कि इस प्रचार की मूर्खता के द्वारा विश्वास करने वालों को उद्धार दे।
1 Corinthians 1:22 यहूदी तो चिन्ह चाहते हैं, और यूनानी ज्ञान की खोज में हैं।
1 Corinthians 1:23 परन्तु हम तो उस क्रूस पर चढ़ाए हुए मसीह का प्रचार करते हैं जो यहूदियों के निकट ठोकर का कारण, और अन्यजातियों के निकट मूर्खता है।
1 Corinthians 1:24 परन्तु जो बुलाए हुए हैं क्या यहूदी, क्या यूनानी, उन के निकट मसीह परमेश्वर की सामर्थ, और परमेश्वर का ज्ञान है।
1 Corinthians 1:25 क्योंकि परमेश्वर की मूर्खता मनुष्यों के ज्ञान से ज्ञानवान है; और परमेश्वर की निर्बलता मनुष्यों के बल से बहुत बलवान है।
1 Corinthians 1:26 हे भाइयो, अपने बुलाए जाने को तो सोचो, कि न शरीर के अनुसार बहुत ज्ञानवान, और न बहुत सामर्थी, और न बहुत कुलीन बुलाए गए।
1 Corinthians 1:27 परन्तु परमेश्वर ने जगत के मूर्खों को चुन लिया है, कि ज्ञान वालों को लज्ज़ित करे; और परमेश्वर ने जगत के निर्बलों को चुन लिया है, कि बलवानों को लज्ज़ित करे।
1 Corinthians 1:28 और परमेश्वर ने जगत के नीचों और तुच्‍छों को, वरन जो हैं भी नहीं उन को भी चुन लिया, कि उन्हें जो हैं, व्यर्थ ठहराए।
1 Corinthians 1:29 ताकि कोई प्राणी परमेश्वर के साम्हने घमण्‍ड न करने पाए।
1 Corinthians 1:30 परन्तु उसी की ओर से तुम मसीह यीशु में हो, जो परमेश्वर की ओर से हमारे लिये ज्ञान ठहरा अर्थात धर्म, और पवित्रता, और छुटकारा।
1 Corinthians 1:31 ताकि जैसा लिखा है, वैसा ही हो, कि जो घमण्‍ड करे वह प्रभु में घमण्‍ड करे।


एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 4-6
  • लूका 9:1-17