ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

सोमवार, 7 मई 2018

आशीष



   परमेश्वर के वचन बाइबल का एक भविष्यद्वक्ता, एलीशा दृढ़ता और साहस से भरा था। एलीशा ने एलिय्याह भविष्यद्वक्ता की शिष्यता में समय बिताया था, उसने परमेश्वर के सामर्थ्य द्वारा एलिय्याह को झूठ से भरे समाज में निडर होकर सत्य को कहते और आश्चर्यकर्म करते हुए देखा था। बाइबल में 2 राजा 2:1 बताता है कि अब वह समय आ पहुँचा था जब एलिय्याह को परमेश्वर के पास स्वर्ग की ओर उठाया जाना था, और एलीशा उसे जाते हुए देखना नहीं चाहता था।

   लेकिन वह अलग होने की घड़ी आ पहुँची थी और एलीशा जानता था कि उस सेवकाई को सफलतापूर्वक चलाते रहने के लिए जो एलिय्याह करता आया था, एलीशा को भी उसी सामर्थ्य के आवश्यकता होगी जो एलिय्याह के पास थी। इस लिए एलीशा ने एल्लियाह के सामने अपने लिए एक दबंग माँग रखी: “...एलीशा ने कहा, तुझ में जो आत्मा है, उसका दूना भाग मुझे मिल जाए” (2 राजा 2:9)। उसकी यह साहसी माँग, परमेश्वर की व्यवस्था के अन्तर्गत पहलौठे को दूना भाग विरासत में दिए जाने पर आधारित थी (व्यवस्थाविवरण 21:17)। एलीशा चाहता था कि उसे एलिय्याह का वारिस होने की पहचान मिले, और परमेश्वर ने उसकी माँग स्वीकार की।

   हाल ही में मेरी एक सलाहकार और आत्मिक बातों में देखरेख करने वाली महिला – जो प्रभु यीशु मसीह में पापों की क्षमा और उद्धार के सुसमाचार के प्रचार में लगी रहती थीं, की मृत्यु हुई। वह पिछले कई वर्षों से ख़राब स्वास्थ्य से जूझती रही थीं, और अब उसका समय हो गया था कि वह प्रभु के पास अनन्त आनन्द में प्रवेश करें। हम में से जो उन्हें जानते थे, इस बात के लिए कृतज्ञ थे कि अब वह पीड़ा से दूर थीं, परमेश्वर के साथ आनन्द में थीं, परन्तु उनकी अनुपस्थिति और प्रेम तथा उदाहरण की कमी बुरी लग रही थी। अपनी विदाई के बावजूद उन्होंने हमें अकेला नहीं छोड़ा था – अब हमारे साथ भी परमेश्वर की उपस्थिति थी।

   एलीशा ने एलिय्याह की आत्मा का दोगुना भाग पाया था – जो एक बहुत महान विशेषाधिकार और आशीष थी। हम जो अब प्रभु यीशु के जीवन, मारे जाने, और पुनरुत्थान के बाद के समय में जीवित हैं, यदि हम प्रभु यीशु में विश्वास ले आएँ, तो हमारे लिए प्रभु की ओर से परमेश्वर पवित्र-आत्मा के साथ रहने की प्रतिज्ञा है; हम मसीही विश्वासियों के लिए अद्भुत आशीष है कि त्रिएक परमेश्वर सदा हमारे साथ बना रहता है। - एमी बाउचर पाई


जब प्रभु यीशु का अपने पिता के पास स्वर्गारोहण हुआ, 
तब उन्होंने अपना पवित्र-आत्मा हमारे लिए भेजा।

क्योंकि बुद्धि यहोवा ही देता है; ज्ञान और समझ की बातें उसी के मुंह से निकलती हैं। - नीतिवचन 2:6

बाइबल पाठ: 2 राजा 2:5-12
2 Kings 2:5 और यरीहोवासी भविष्यद्वक्ताओं के चेले एलीशा के पास आकर कहने लगे, क्या तुझे मालूम है कि आज यहोवा तेरे स्वामी को तेरे ऊपर से उठा लेने पर है? उसने उत्तर दिया, हां मुझे भी मालूम है, तुम चुप रहो।
2 Kings 2:6 फिर एलिय्याह ने उस से कहा, यहोवा मुझे यरदन तक भेजता है, सो तू यहीं ठहरा रह; उसने कहा, यहोवा के और तेरे जीवन की शपथ मैं तुझे नहीं छोड़ने का; सो वे दोनों आगे चले।
2 Kings 2:7 और भविष्यद्वक्ताओं के चेलों में से पचास जन जा कर उनके साम्हने दूर खड़े हुए, और वे दोनों यरदन के तीर खड़े हुए।
2 Kings 2:8 तब एलिय्याह ने अपनी चद्दर पकड़ कर ऐंठ ली, और जल पर मारा, तब वह इधर उधर दो भाग हो गया; और वे दोनों स्थल ही स्थल पार उतर गए।
2 Kings 2:9 उनके पार पहुंचने पर एलिय्याह ने एलीशा से कहा, उस से पहिले कि मैं तेरे पास से उठा लिये जाऊं जो कुछ तू चाहे कि मैं तेरे लिये करूं वह मांग; एलीशा ने कहा, तुझ में जो आत्मा है, उसका दूना भाग मुझे मिल जाए।
2 Kings 2:10 एलिय्याह ने कहा, तू ने कठिन बात मांगी है, तौभी यदि तू मुझे उठा लिये जाने के बाद देखने पाए तो तेरे लिये ऐसा ही होगा; नहीं तो न होगा।
2 Kings 2:11 वे चलते चलते बातें कर रहे थे, कि अचानक एक अग्नि मय रथ और अग्निमय घोड़ों ने उन को अलग अलग किया, और एलिय्याह बवंडर में हो कर स्वर्ग पर चढ़ गया।
2 Kings 2:12 और उसे एलीशा देखता और पुकारता रहा, हाय मेरे पिता! हाय मेरे पिता! हाय इस्राएल के रथ और सवारो! जब वह उसको फिर देख न पड़ा, तब उसने अपने वस्त्र पाड़े और फाड़कर दो भाग कर दिए।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 1-3
  • लूका 24:1-35



रविवार, 6 मई 2018

आनन्द



   बॉब और इवौन पौट्टर, और उनके तीन किशोर बच्चे एक जिंदादिल परिवार थे, जब उनके जीवन ने एक अद्भुत मोड़ लिया। उन्होंने 1956 में बिली ग्राहम के एक मसीही प्रचार सभा में भाग लिया, और अपने जीवन मसीह यीशु को समर्पित कर दिए। इसके कुछ समय बाद उनके अन्दर अपने विश्वास और मसीह यीशु के बारे में सच्चाई को सँसार के अन्य लोगों को बताने की लालसा उठी, और उन्होंने अपने घर को प्रति शनिवार संध्या को परमेश्वर के वचन बाइबल के अध्ययन के लिए खोल दिया, तथा बाइबल में रुचि रखने और आने वाले हाई-स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को परमेश्वर के वचन की शिक्षा देने लगे। एक मित्र ने मुझे भी आमंत्रित किया, और मैं भी बाइबल अध्ययन के लिए उनके घर नित्य जाने लगा।

   वहाँ होने वाला बाइबल अध्ययन गंभीर होता था, जिसमें पाठ के विषय तैयारी करना और पवित्र-शास्त्र के भाग कंठस्थ करना सम्मिलित होता था। एक आनन्द, मित्रता और खिलखिलाहट से भरे हुए वातावरण में हम बाइबल के विषय एक-दूसरे को चुनौतियां देते रहते थे, सीखते थे और प्रभु हमारे जीवन बदलता जा रहा था।

   बाद के वर्षों में भी मैं पौट्टर परिवार के संपर्क में बना रहा, और मुझे बॉब से अनेकों पत्र तथा कार्ड मिलते रहे, जो सदा अपने पत्रों और कार्डों को इन शब्दों के साथ अन्त करता था: “मुझे इस से बढ़कर और कोई आनन्द नहीं, कि मैं सुनूं, कि मेरे लड़के-बाले सत्य पर चलते हैं” (3 यूहन्ना 1:4)। जैसे कि प्रेरित यूहन्ना ने यह पत्री अपने मित्र गयुस को लिखते हुए किया था, बॉब भी, अपने संपर्क में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को प्रभु परमेश्वर के साथ निष्ठा के साथ चलते रहने के लिए प्रेरित करता था।

   कुछ वर्ष पहले मैं बॉब की यादगारी में रखी गई सभा में भाग लेने के लिए गया। वह एक आनंदपूर्ण समय था जहाँ ऐसे लोग एकत्रित थे जो विश्वास के मार्ग पर निष्ठा के साथ चल रहे थे – क्योंकि एक जवान दंपत्ति ने अपने घर के दरवाजों को औरों के लिए खोला था और अपने सच्चे मन से उनकी सहायाता की थी कि वे प्रभु की निकटता में चलें और बढ़ें, तथा औरों तक प्रभु के सुसमाचार को पहुँचाएँ। - डेविड मैक्कैस्लैंड


आज किसी के लिए प्रोत्साहन की आवाज़ बनें।

वह वहां पहुंचकर, और परमेश्वर के अनुग्रह को देखकर आनन्‍दित हुआ; और सब को उपदेश दिया कि तन मन लगाकर प्रभु से लिपटे रहो। - प्रेरितों 11:23

बाइबल पाठ: 3 यूहन्ना 1:1-8
3 John 1:1 मुझ प्राचीन की ओर से उस प्रिय गयुस के नाम, जिस से मैं सच्चा प्रेम रखता हूं।।
3 John 1:2 हे प्रिय, मेरी यह प्रार्थना है; कि जैसे तू आत्मिक उन्नति कर रहा है, वैसे ही तू सब बातों मे उन्नति करे, और भला चंगा रहे।
3 John 1:3 क्योंकि जब भाइयों ने आकर, तेरे उस सत्य की गवाही दी, जिस पर तू सचमुच चलता है, तो मैं बहुत ही आनन्‍दित हुआ।
3 John 1:4 मुझे इस से बढ़कर और कोई आनन्द नहीं, कि मैं सुनूं, कि मेरे लड़के-बाले सत्य पर चलते हैं।
3 John 1:5 हे प्रिय, जो कुछ तू उन भाइयों के साथ करता है, जो परदेशी भी हैं, उसे विश्वासी के समान करता है।
3 John 1:6 उन्होंने मण्‍डली के साम्हने तेरे प्रेम की गवाही दी थी: यदि तू उन्हें उस प्रकार विदा करेगा जिस प्रकार परमेश्वर के लोगों के लिये उचित है तो अच्छा करेगा।
3 John 1:7 क्योंकि वे उस नाम के लिये निकले हैं, और अन्यजातियों से कुछ नहीं लेते।
3 John 1:8 इसलिये ऐसों का स्‍वागत करना चाहिए, जिस से हम भी सत्य के पक्ष में उन के सहकर्मी हों।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 21-22
  • लूका 23:26-56



शनिवार, 5 मई 2018

प्रार्थना



   क्या आप को व्यवस्थित प्रार्थना का जीवन निभाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है? हम में से बहुतेरों को करना पड़ता है। हम जानते हैं कि प्रार्थना करना महत्वपूर्ण है, परन्तु यह कठिन भी हो सकता है। प्रार्थना में परमेश्वर के साथ गंभीर अंतरंग सहभागिता के पल भी आते हैं और ऐसे समय भी आते हैं जब हमें लगता है मानो हम केवल औपचारिकता ही निभा रहे हैं। हमें प्रार्थना में संघर्ष क्यों करना पड़ता है?

   मसीही विश्वास का जीवन जीना, लंबी दौड़ के समान है। हमारे प्रार्थना के जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव, ऊबड़-खाबड़ अथवा समतल मार्ग, इस लंबी दौड़ के जीवन को प्रतिबिंबित करते हैं। जैसे लंबी दौड़ में हमें बदलते मार्ग के होते हुए भी दौड़ते रहना पड़ता है, उसी प्रकार हमें प्रार्थना में भी लगे ही रहना पडता है। कहने का अभिप्राय है, हार न मानें, प्रार्थना में लगे ही रहें।

   परमेश्वर की ओर से भी उसके वचन बाइबल में हमारे लिए यही प्रोत्साहन है। प्रेरित पौलुस ने कहा, “नित्य प्रार्थना में लगे रहो” (1 थिस्सलुनीकियों 5:17); “प्रार्थना में नित्य लगे रहो” (रोमियों 12:12); “प्रार्थना में लगे रहो” (कुलुस्सियों 4:2)। ये सभी कथन दृढ़ होकर प्रार्थना में लगातार लगे रहने को कहते हैं।

   क्योंकि हमारा स्वर्गीय पिता, परमेश्वर, व्यक्तित्व है, हम उसके साथ एक निकट संपर्क और सहभागिता विक्सित कर सकते हैं; उसी प्रकार से जैसे हम मनुष्यों के साथ निकट सहभागिता विकसित करते हैं। ए. डब्ल्यू. टोज़र ने लिखा कि जैसे जैसे हम प्रार्थना करना सीखते हैं, हमारा प्रार्थना का जीवन “एक प्रारंभिक हलके से आकस्मिक स्पर्श से विक्सित होकर मानवीय आत्मा के सबसे अंतरंग संपर्क के सर्वोच्च अनुभव तक जा सकता है।”

   यही वह है जिसकी हमें आवश्यकता है – परमेश्वर के साथ एक गहरी अंतरंग सहभागिता। यह तब ही संभव है जब हम प्रार्थना में लगे ही रहेंगे। - पो फैंग चिया


ऐसा कोई दिन नहीं है जिसमें हमें प्रार्थना की आवश्यकता नहीं होती है।

सो मैं चाहता हूं, कि हर जगह पुरूष बिना क्रोध और विवाद के पवित्र हाथों को उठा कर प्रार्थना किया करें। - 1 तिमुथियुस 2:8

बाइबल पाठ: 1 थिस्सलुनीकियों 5:16-28
1 Thessalonians 5:16 सदा आनन्‍दित रहो।
1 Thessalonians 5:17 निरन्‍तर प्रार्थना में लगे रहो।
1 Thessalonians 5:18 हर बात में धन्यवाद करो: क्योंकि तुम्हारे लिये मसीह यीशु में परमेश्वर की यही इच्छा है।
1 Thessalonians 5:19 आत्मा को न बुझाओ।
1 Thessalonians 5:20 भविष्यद्वाणियों को तुच्‍छ न जानो।
1 Thessalonians 5:21 सब बातों को परखो: जो अच्छी है उसे पकड़े रहो।
1 Thessalonians 5:22 सब प्रकार की बुराई से बचे रहो।
1 Thessalonians 5:23 शान्‍ति का परमेश्वर आप ही तुम्हें पूरी रीति से पवित्र करे; और तुम्हारी आत्मा और प्राण और देह हमारे प्रभु यीशु मसीह के आने तक पूरे पूरे और निर्दोष सुरक्षित रहें।
1 Thessalonians 5:24 तुम्हारा बुलाने वाला सच्चा है, और वह ऐसा ही करेगा।
1 Thessalonians 5:25 हे भाइयों, हमारे लिये प्रार्थना करो।
1 Thessalonians 5:26 सब भाइयों को पवित्र चुम्बन से नमस्‍कार करो।
1 Thessalonians 5:27 मैं तुम्हें प्रभु की शपथ देता हूं, कि यह पत्री सब भाइयों को पढ़कर सुनाईं जाए।
1 Thessalonians 5:28 हमारे प्रभु यीशु मसीह का अनुग्रह तुम पर होता रहे।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 19-20
  • लूका 23:1-25



शुक्रवार, 4 मई 2018

पुनःनिर्माण



   यरूशलेम के यहूदी भाग में तिफेरेट यिस्राएल नामक आराधनालय स्थित है। यह आराधनालय 19वीं शताब्दी में बनाया गया था, और 1948 के अरब-इस्राएली युद्ध में छापामारों ने इसे ध्वस्त कर दिया था। वर्षों तक यह आराधनालय खण्डहर ही रहा; फिर 2014 में इसका पुनःनिर्माण आरंभ किया गया। पुनःनिर्माण के समय उन खण्डहरों में से पत्थर लेकर उसके कोने के पत्थर के स्थान पर रखे गए, और ऐसा करते समय शहर के एक अधिकारी ने परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम खण्ड में से यिर्मयाह के विलाप गीत के एक पद को अध्दरित किया: “हे यहोवा, हम को अपनी ओर फेर, तब हम फिर सुधर जाएंगे। प्राचीनकाल के समान हमारे दिन बदल कर ज्यों के त्यों कर दे!” (विलापगीत 5:21)।

   विलापगीत पुस्तक, यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता द्वारा कहा गया यरूशलेम का अंत्येष्टि गीत है। इस पुस्तक में विस्तृत चित्रामक विवरण के साथ भविष्यद्वक्ता इस शहर पर युद्ध के प्रभाव को बयान करता है। पद 21 परमेश्वर द्वारा हस्तक्षेप करने के लिए उसके हृदय की गहराईयों से निकली प्रार्थना है। साथ ही भविष्यद्वक्ता यह भी विचार करता है कि क्या ऐसा हो पाना संभव भी है? हृदय की वेदना के इस गीत का समापन करते हुए भविष्यद्वक्ता कहता है, “क्या तू ने हमें बिल्कुल त्याग दिया है? क्या तू हम से अत्यन्त क्रोधित है?” (पद 22)। दशकों के बाद परमेश्वर ने इस प्रार्थना का उत्तर दिया, जब निष्कासित यहूदी वापस यरूशलेम को लौट कर आए।

   हमारे जीवन भी ध्वस्त और खण्डहर प्रतीत हो सकते हैं। हमारे अपने द्वारा उत्पन्न परेशानियां और जीवन के ऐसे संघर्ष हम जिन से बच नहीं सकते हैं, हमें उजड़ा हुआ छोड़ सकते हैं। परन्तु हमारा एक परमेश्वर पिता है जो सब समझता है। वह कोमलता, और धैर्य के साथ हमारे जीवन से मलबे को साफ़ करता है, उसे पुनःउपयोगी बनाता है, और उस मलबे तथा खण्डहरों में से कुछ और बेहतर बनाकर खड़ा करता है। इस सारे कार्य में समय लगता है, परन्तु हम उस पर तथा उसकी क्षमता और योजनाओं पर सदैव भरोसा रख सकते हैं – वह पुनःनिर्माण कार्य का माहिर है। - टिम गुस्टाफसन


एक दिन परमेश्वर खोयी हुई सारी सुंदरता को लौटा देगा।

वह मेरे जी में जी ले आता है। धर्म के मार्गो में वह अपने नाम के निमित्त मेरी अगुवाई करता है। - भजन 23:3

बाइबल पाठ: विलापगीत 5:8-22
Lamentations 5:8 हमारे ऊपर दास अधिकार रखते हैं; उनके हाथ से कोई हमें नहीं छुड़ाता।
Lamentations 5:9 जंगल में की तलवार के कारण हम अपने प्राण जोखिम में डाल कर भोजनवस्तु ले आते हैं।
Lamentations 5:10 भूख की झुलसाने वाली आग के कारण, हमारा चमड़ा तंदूर के समान काला हो गया है।
Lamentations 5:11 सिय्योन में स्त्रियां, और यहूदा के नगरों में कुमारियां भ्रष्ट की गई हैं।
Lamentations 5:12 हाकिम हाथ के बल टांगे गए हैं; और पुरनियों का कुछ भी आदर नहीं किया गया।
Lamentations 5:13 जवानों को चक्की चलानी पड़ती है; और लड़के-बाले लकड़ी का बोझ उठाते हुए लडखड़ाते हैं।
Lamentations 5:14 अब फाटक पर पुरनिये नहीं बैठते, न जवानों का गीत सुनाईं पड़ता है।
Lamentations 5:15 हमारे मन का हर्ष जाता रहा, हमारा नाचना विलाप में बदल गया है।
Lamentations 5:16 हमारे सिर पर का मुकुट गिर पड़ा है; हम पर हाय, क्योंकि हम ने पाप किया है!
Lamentations 5:17 इस कारण हमारा हृदय निर्बल हो गया है, इन्हीं बातों से हमारी आंखें धुंधली पड़ गई हैं,
Lamentations 5:18 क्योंकि सिय्योन पर्वत उजाड़ पड़ा है; उस में सियार घूमते हैं।
Lamentations 5:19 परन्तु हे यहोवा, तू तो सदा तक विराजमान रहेगा; तेरा राज्य पीढ़ी-पीढ़ी बना रहेगा।
Lamentations 5:20 तू ने क्यों हम को सदा के लिये भुला दिया है, और क्यों बहुत काल के लिये हमें छोड़ दिया है?
Lamentations 5:21 हे यहोवा, हम को अपनी ओर फेर, तब हम फिर सुधर जाएंगे। प्राचीनकाल के समान हमारे दिन बदल कर ज्यों के त्यों कर दे!
Lamentations 5:22 क्या तू ने हमें बिल्कुल त्याग दिया है? क्या तू हम से अत्यन्त क्रोधित है?
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 16-18
  • लूका 22:47-71



गुरुवार, 3 मई 2018

आवश्यकता



   मैं एक वृद्धाश्रम में हॉल में पीछे खड़ा अपने बेटी के हाई-स्कूल की संगीत मण्डली द्वारा गाए जाने वाले मसीही स्तुतिगीत “It is Well, It is Well With My Soul” (है खुशहाल, है खुशहाल, मेरी जान) को सुन रहा था और सोच रहा थी कि मेरी बेटी ने, जो उस संगीत मण्डली की संचालक थी, इस स्तुति गीत को क्यों चुना? वह जानती थी कि यह गीत उसकी बहन की अंत्येष्टि के समय बजाया गया था, और जब भी मैं इस गीत को सुनता हूँ तो मेरे लिए अपनी भावनाओं को नियंत्रण में रखना कठिन हो जाता है।

   मेरे इन विचारों को बाधित करते हुए, मेरे निकट बैठे हुए एक पुरुष ने मुझ से कहा, “मुझे यही सुनने की आवश्यकता थी।” मैंने उन्हें अपना परिचय दिया और उनसे पूछा, कि उन्हें इस गीत की आवश्यकता क्यों थी? उन्होंने उत्तर दिया, “अभी पिछले सप्ताह ही  एक मोटरसाईकिल दुर्घटना में मेरे पुत्र का देहांत हुआ है; इस गीत की सांत्वना की मुझे आवश्यकता थी।”

   “ओहो! मैं तो अपने आप पर ही इतना केंद्रित हो रखा था कि  मैंने औरों की आवश्यकता के बारे में सोचा ही नहीं, किन्तु परमेश्वर उस गीत को वहाँ उपयोगी कर रहा था जहाँ इसकी आवश्यकता थी।” मैंने उस व्यक्ति, मैक, से जो उस वृद्धाश्रम में कार्य करता था मित्रता बढ़ाई, और हमने साथ बैठकर कठिन समयों में परमेश्वर की देखभाल के बारे में बातचीत की।

   हमारे चारों ओर आवश्यकताओं से भरे लोग हैं, कभी-कभी उनकी सहायता के लिए हमें अपनी भावनाओं और कार्यक्रम को अलग रखना होता है। ऐसा करने का एक तरीका है वह स्मरण करना जिसके द्वारा हमारे कठिन समयों और विपरीत परिस्थितियों में परमेश्वर ने हमें शान्ति और सांत्वना दी है, जिससे कि हम औरों को भी वही प्रदान  कर सकें (2 कुरिन्थियों 1:4)। अपनी ही बातों और चिंताओं में तल्लीन हो कर अपने साथ या निकट के किसी व्यक्ति की आवश्यकता को नज़रंदाज़ कर देना बहुत सरल होता है।

   हमें ध्यान रखना चाहिए कि हो सकता है कि हमारे आस-पास के किसी व्यक्ति को किसी बात के लिए प्रार्थना की, सान्तवना के कुछ शब्दों की, हिम्मत दिलाने वाले आलिंगन की, प्रभु यीशु के नाम में प्रेम और करुणा दिखाए जाने की, आवश्यकता हो सकती है। लोगों की आवश्यकता के प्रति संवेदनशील बने रहने से हम मसीही व्यवहार को उनके समक्ष प्रभावी रीति से रख सकते हैं। - डेव ब्रैनन

सांत्वना प्राप्त करके सांत्वना बाँटना भी आवश्यक है।

मैं, मैं ही तेरा शान्तिदाता हूं; तू कौन है जो मरने वाले मनुष्य से, और घास के समान मुर्झाने वाले आदमी से डरता है – यशायाह 51:12

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 1:3-7
2 Corinthians 1:3 हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर, और पिता का धन्यवाद हो, जो दया का पिता, और सब प्रकार की शान्‍ति का परमेश्वर है।
2 Corinthians 1:4 वह हमारे सब क्‍लेशों में शान्‍ति देता है; ताकि हम उस शान्‍ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्‍ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्‍लेश में हों।
2 Corinthians 1:5 क्योंकि जैसे मसीह के दुख हम को अधिक होते हैं, वैसे ही हमारी शान्‍ति भी मसीह के द्वारा अधिक होती है।
2 Corinthians 1:6 यदि हम क्‍लेश पाते हैं, तो यह तुम्हारी शान्‍ति और उद्धार के लिये है और यदि शान्‍ति पाते हैं, तो यह तुम्हारी शान्‍ति के लिये है; जिस के प्रभाव से तुम धीरज के साथ उन क्‍लेशों को सह लेते हो, जिन्हें हम भी सहते हैं।
2 Corinthians 1:7 और हमारी आशा तुम्हारे विषय में दृढ़ है; क्योंकि हम जानते हैं, कि तुम जैसे दुखों के वैसे ही शान्‍ति के भी सहभागी हो।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 14-15
  • लूका 22:21-46



बुधवार, 2 मई 2018

चमक



   एक छोटी लड़की को कौतूहल था कि संत कैसे होते हैं? एक दिन उसकी माँ उसे एक बड़े चर्च-भवन में ले गई, जिसकी खिड़कियों और दीवारों पर रंगीन काँच से बाइबल की कहानियों और लोगों के दृश्य बने हुए थे। बाहर से चमक रही धूप उन रंगीन काँच से बने दृश्यों में से होकर अन्दर आ रही थी। इस सुन्दर दृश्य को देखकर वह लड़की ऊँची आवाज़ में बोल उठी, “अब मुझे पता चल गया कि संत कैसे होते हैं; वे अपने में से रौशनी को चमकने देने वाले होते हैं!”

   हम में से कुछ विचार रख सकते हैं कि संत वे होते हैं जो सिद्ध जीवन जीते हैं, और प्रभु यीशु के समान आश्चर्यकर्म करते हैं। परन्तु जब परमेश्वर के वचन बाइबल का कोई अनुवाद ‘संत’ शब्द का प्रयोग करता है, तब वह एक ऐसे व्यक्ति के विषय कह रहा होता है जो प्रभु यीशु में लाए गए विश्वास के द्वारा परमेश्वर का जन बना गया है। दूसरे शब्दों में, संत भी हम मसीही विश्वासियों के समान ही लोग होते हैं, जिन्हें परमेश्वर की सेवा करने की उच्च बुलाहट प्राप्त होती है, और जो भी वे करते हैं उसके द्वारा परमेश्वर के साथ अपने संबंधों को प्रतिबिंबित करते हैं। इसीलिए प्रेरित पौलुस ने अपने पाठकों के लिए प्रार्थना करी कि उनकी आँखें ज्योतिर्मय हो जाएँ जिससे वे जाने कि पवित्र लोगों में उनकी मीरास की महिमा का धन कैसा है (इफिसियों 1:18)।

   सो अब जब हम दर्पण देखते हैं, तो क्या दिखाई देता है? वहाँ हमें न तो रंगीन काँच में से चमकती हुई रौशनी दिखती है और न ही हमारे सिर के चारों ओर रौशनी की कोई गोलाकार आकृति। परन्तु यदि हम परमेश्वर द्वारा हमें दी गई बुलाहट और दायित्व को पूरा कर रहे हैं, तो हम उन लोगों के समान दिखाई देंगे, जो स्वतः ही अपने जीवनों से परमेश्वर के प्रेम, आनन्द, शान्ति, धीरज, दयालुता, कोमलता, और आत्म-संयम के सदगुणों की रौशनी को अपने जीवनों में से चमकने देते हैं। - कीला ओकोआ


संत वे होते हैं जिनमें से होकर परमेश्वर की ज्योति सँसार पर चमकती है।

और तुम्हारे मन की आंखें ज्योतिर्मय हों कि तुम जान लो कि उसके बुलाने से कैसी आशा होती है, और पवित्र लोगों में उस की मीरास की महिमा का धन कैसा है। - इफिसियों 1:18

बाइबल पाठ: मत्ती 5:13-16
Matthew 5:13 तुम पृथ्वी के नमक हो; परन्तु यदि नमक का स्‍वाद बिगड़ जाए, तो वह फिर किस वस्तु से नमकीन किया जाएगा? फिर वह किसी काम का नहीं, केवल इस के कि बाहर फेंका जाए और मनुष्यों के पैरों तले रौंदा जाए।
Matthew 5:14 तुम जगत की ज्योति हो; जो नगर पहाड़ पर बसा हुआ है वह छिप नहीं सकता।
Matthew 5:15 और लोग दिया जलाकर पैमाने के नीचे नहीं परन्तु दीवट पर रखते हैं, तब उस से घर के सब लोगों को प्रकाश पहुंचता है।
Matthew 5:16 उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 12-13
  • लूका 22:1-20



मंगलवार, 1 मई 2018

कबाड़



   एडम मिन्टर कबाड़ के व्यवसाय में है। वह एक कबाड़खाना मालिक का बेटा है, और विश्व भर में कबाड़ पर शोध करता हुआ, सँसार भर में घूमता रहता है। अपनी पुस्तक Junkyard Planet में उसने सँसार भर में कबाड़ को पुनः प्रयोग होने लायक बनाने के करोड़ों-बिलियन डॉलर व्यवसाय के बारे में बताया है। वह ध्यान दिलाता है कि विश्व-भर में व्यवसायी फेंकी गई वस्तुओं जैसे कि ताम्बे के तार, पुराने कपड़े-लत्ते, पलास्टिक की वस्तुएँ आदि को एकत्रित करके उनसे कुछ नया और उपयोगी बनाने के प्रयासों में लगे रहते हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में देखते हैं कि जब पौलुस ने प्रभु यीशु के हाथों में अपने आप को समर्पित कर दिया, अपना जीवन उन्हें सौंप दिया, तो उसे यह एहसास भी हुआ कि उसकी सभी सांसारिक उपलब्धियां और योग्यताएँ कूड़े से अधिक नहीं हैं। परन्तु प्रभु यीशु ने उसके जीवन की सभी बातों को कुछ अच्छे और उपयोगी में परिवर्तित कर दिया। पौलुस ने कहा, “परन्तु जो जो बातें मेरे लाभ की थीं, उन्‍हीं को मैं ने मसीह के कारण हानि समझ लिया है। वरन मैं अपने प्रभु मसीह यीशु की पहिचान की उत्तमता के कारण सब बातों को हानि समझता हूं: जिस के कारण मैं ने सब वस्‍तुओं की हानि उठाई, और उन्हें कूड़ा समझता हूं, जिस से मैं मसीह को प्राप्त करूं” (फिलिप्पियों 3:7-8)। यहूदियों की धार्मिक व्यवस्था में प्रशिक्षित होने से, वह मसीह यीशु के अनुयायीयों के प्रति क्रुद्ध और हिंसक था (प्रेरितों 9:1-2)। मसीह यीशु द्वारा बदल दिए जाने के बाद, उसका क्रुद्ध और जटिल जीवन औरों के लिए मसीह यीशु के प्रेम से भर गया था (2 कुरिन्थियों 5:14-17)।

   यदि आज आपको अपना जीवन कबाड़ से भरा हुआ लगता है, तो यह कभी न भूलें कि परमेश्वर सदा से कबाड़ को संवारने-सुधारने और उपयोगी बनाने में संलग्न रहा है। हम जब भी अपने जीवन उसे समर्पित करते हैं, वह उन्हें अपने तथा दूसरों के लिए नया और उपयोगी बना देता है। - डेनिस फिशर


मसीह यीशु सब कुछ नया कर देता है।

सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:17

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 3:7-8
Philippians 3:1 निदान, हे मेरे भाइयो, प्रभु में आनन्‍दित रहो: वे ही बातें तुम को बार बार लिखने में मुझे तो कोई कष्‍ट नहीं होता, और इस में तुम्हारी कुशलता है।
Philippians 3:2 कुत्तों से चौकस रहो, उन बुरे काम करने वालों से चौकस रहो, उन काट कूट करने वालों से चौकस रहो।
Philippians 3:3 क्योंकि खतना वाले तो हम ही हैं जो परमेश्वर के आत्मा की अगुवाई से उपासना करते हैं, और मसीह यीशु पर घमण्‍ड करते हैं और शरीर पर भरोसा नहीं रखते।
Philippians 3:4 पर मैं तो शरीर पर भी भरोसा रख सकता हूं यदि किसी और को शरीर पर भरोसा रखने का विचार हो, तो मैं उस से भी बढ़कर रख सकता हूं।
Philippians 3:5 आठवें दिन मेरा खतना हुआ, इस्त्राएल के वंश, और बिन्यामीन के गोत्र का हूं; इब्रानियों का इब्रानी हूं; व्यवस्था के विषय में यदि कहो तो फरीसी हूं।
Philippians 3:6 उत्‍साह के विषय में यदि कहो तो कलीसिया का सताने वाला; और व्यवस्था की धामिर्कता के विषय में यदि कहो तो निर्दोष था।
Philippians 3:7 परन्तु जो जो बातें मेरे लाभ की थीं, उन्‍हीं को मैं ने मसीह के कारण हानि समझ लिया है।
Philippians 3:8 वरन मैं अपने प्रभु मसीह यीशु की पहिचान की उत्तमता के कारण सब बातों को हानि समझता हूं: जिस के कारण मैं ने सब वस्‍तुओं की हानि उठाई, और उन्हें कूड़ा समझता हूं, जिस से मैं मसीह को प्राप्त करूं।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 10-11
  • लूका 21:20-38