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शुक्रवार, 2 नवंबर 2018

सचेत और सतर्क



      काम करने की मेरी मेज़ हमारे पड़ौस की ओर खुलती है, और उस  स्थान से मैं निकट के पेड़ों पर आने-जाने वाले पक्षियों को नीचे धरती पर आकर चुगते हुए, और कुछ को खिड़की की जाली में फंसे कीड़ों को खाने के लिए आते देख सकता हूँ। वे पक्षी अपने चारों और किसी खतरे के आभास के लिए देखते और सुनते रहते हैं। वे तब ही भोजन करना आरंभ करते हैं जब वे निश्चिन्त हो जाते हैं कि आस-पास कोई ख़तरा नहीं है। तब भी, वे बीच-बीच में भोजन से रुक कर आसपास का किसी भी संभावित खतरे के लिए फिर से आँकलन कर लेते हैं।

      ये पक्षी जिस सतर्कता को दिखाते हैं, वह मुझे स्मरण दिलाती है कि परमेश्वर के वचन बाइबल में भी हम मसीही विश्वासियों को अपने मसीही विश्वास के प्रति सचेत और सतर्क रहने को कहा गया है। हमारा सँसार प्रलोभनों, आकर्षणों और लालचों से भरा हुआ है, जिनका प्रयोग शैतान हमें पथ-भ्रष्ट करने के प्रयासों के लिए करता रहता है, जैसे कि उसने अदन की वाटिका में आदम और हव्वा को बहकाने और पाप में फंसाने के लिए किया था; शैतान की बातों में आकर उन्होंने उस वर्जित फल को देखा कि “उस वृक्ष का फल खाने में अच्छा, और देखने में मनभाऊ, और बुद्धि देने के लिये चाहने योग्य भी है, तब उसने उस में से तोड़कर खाया; और अपने पति को भी दिया, और उसने भी खाया” और वे परमेश्वर की अनाज्ञाकारिता के पाप को कर बैठे।

      प्रेरितों ने अपनी पत्रियों में हमें सचेत किया है: पौलुस ने कोरिन्थ के मसीही विश्वासियों को लिखा, “जागते रहो, विश्वास में स्थिर रहो, पुरूषार्थ करो, बलवन्‍त होओ” (1 कुरिन्थियों 16:13); पतरस ने भी अपनी पत्री में लिखा, “सचेत हो, और जागते रहो, क्योंकि तुम्हारा विरोधी शैतान गर्जने वाले सिंह के समान इस खोज में रहता है, कि किस को फाड़ खाए” (1 पतरस 5:8); और यहूदा ने भी लिखा कि “हे प्रियो, जब मैं तुम्हें उस उद्धार के विषय में लिखने में अत्यन्‍त परिश्रम से प्रयत्न कर रहा था, जिस में हम सब सहभागी हैं; तो मैं ने तुम्हें यह समझाना आवश्यक जाना कि उस विश्वास के लिये पूरा यत्‍न करो जो पवित्र लोगों को एक ही बार सौंपा गया था” (यहूदा 1:3)।

      अपने दैनिक जीवनों के लिए परिश्रम करते हुए, क्या हम उन बातों के प्रति सचेत रहते हैं जो हमारे लिए हानिकारक हो सकती हैं, हमें फंसा और पाप में गिरा सकती हैं? क्या हम अपने अन्दर आने वाले किसी भी स्वाभिमान अथवा उलझाने वाली लालसा के पनपने के प्रति सतर्क रहते हैं? क्या हम अपनी प्रत्येक इच्छा और लालसा को परमेश्वर के हाथों में समर्पित करके, उसकी इच्छा को सर्वोपरि रखने के लिए प्रयासरत रहते हैं? – लॉरेंस दरमानी


प्रलोभनों और परीक्षाओं से बच कर निकलने का सबसे सुरक्षित तरीका है
 परमेश्वर की आधीनता की ओर भागना।

इस कारण जब कि गवाहों का ऐसा बड़ा बादल हम को घेरे हुए है, तो आओ, हर एक रोकने वाली वस्तु, और उलझाने वाले पाप को दूर कर के, वह दौड़ जिस में हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें। - इब्रानियों 12:1

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 3:1-7
Genesis 3:1 यहोवा परमेश्वर ने जितने बनैले पशु बनाए थे, उन सब में सर्प धूर्त था, और उसने स्त्री से कहा, क्या सच है, कि परमेश्वर ने कहा, कि तुम इस बाटिका के किसी वृक्ष का फल न खाना?
Genesis 3:2 स्त्री ने सर्प से कहा, इस बाटिका के वृक्षों के फल हम खा सकते हैं।
Genesis 3:3 पर जो वृक्ष बाटिका के बीच में है, उसके फल के विषय में परमेश्वर ने कहा है कि न तो तुम उसको खाना और न उसको छूना, नहीं तो मर जाओगे।
Genesis 3:4 तब सर्प ने स्त्री से कहा, तुम निश्चय न मरोगे,
Genesis 3:5 वरन परमेश्वर आप जानता है, कि जिस दिन तुम उसका फल खाओगे उसी दिन तुम्हारी आंखें खुल जाएंगी, और तुम भले बुरे का ज्ञान पाकर परमेश्वर के तुल्य हो जाओगे।
Genesis 3:6 सो जब स्त्री ने देखा कि उस वृक्ष का फल खाने में अच्छा, और देखने में मनभाऊ, और बुद्धि देने के लिये चाहने योग्य भी है, तब उसने उस में से तोड़कर खाया; और अपने पति को भी दिया, और उसने भी खाया।
Genesis 3:7 तब उन दोनों की आंखे खुल गई, और उन को मालूम हुआ कि वे नंगे है; सो उन्होंने अंजीर के पत्ते जोड़ जोड़ कर लंगोट बना लिये।


एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 27-29
  • तीतुस 3



गुरुवार, 1 नवंबर 2018

सुरक्षा



      स्थानीय पार्क में विचरण करते समय, मेरा और मेरे बच्चों का सामन वहाँ विचरण के लिए आए किसी अन्य जन के कुत्तों से हुआ, जो पट्टे अथवा रस्सी से बंधे हुए नहीं थे, खुले घूम रहे थे। उन कुत्तों के मालिक को यह बात ध्यान में नहीं आई कि उन कुत्तों में से एक मेरे बेटे को डराने लगा था। मेरे बेटे ने उस कुत्ते को भगाने का प्रयास किया, परन्तु वह और भी अधिक उसे डराने लगा। अन्ततः घबराकर मेरे बेटे ने दूर की ओर भागना आरंभ कर दिया, किन्तु वह कुत्ता भी उसके पीछे  जाने लगा। यह देख मैंने तुरंत अपने बेटे को पुकार कर कहा, “दूर मत जाओ; भाग कर मेरे पास आओ!” मेरा बेटा भाग कर मेरे पास आ गया और शान्त हो गया। वह कुत्ता भी उसे मेरे पास देखकर किसी अन्य स्थान पर गड़बड़ी करने चला गया।

      हमारे जीवनों में ऐसी परिस्थितियाँ आती हैं जब परेशानियां हमें तंग करने लगती हैं, और हम उन बच कर इधर-उधर भागने लग जाते हैं। हम जितना उन परेशानियों से बचना चाहते हैं, वे उतनी अधिक हम पर हावी होने लगती हैं, हम उनसे बचने नहीं पाते हैं। हमारा स्वर्गीय परमेश्वर पिता हमें अपने पास बुलाता है, पुकार कर हमें कहता है, “दूर मत जाओ; भाग कर मेरे पास आओ!”

      हम अपने आप में उन परेशानियों और कठिनाइयों पर जयवंत होने में सक्षम नहीं हैं; परन्तु हमारा परमेश्वर पिता सदैव हमारे साथ उपस्थित रहता है, हमें सहायता और सांत्वना प्रदान करता रहता है। हमें बस उसकी वाणी सुनकर उसकी ओर लौट कर आना है, उसका शरणागत होना है। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें आश्वस्त करता है कि “यहोवा का नाम दृढ़ गढ़ है; धर्मी उस में भाग कर सब दुर्घटनाओं से बचता है” (नीतिवचन 18:10)। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


संकट के समयों में परमेश्वर हमारा शरणस्थान है।

यहोवा मेरी चट्टान, और मेरा गढ़ और मेरा छुड़ाने वाला है; मेरा ईश्वर, मेरी चट्टान है, जिसका मैं शरणागत हूं, वह मेरी ढ़ाल और मेरी मुक्ति का सींग, और मेरा ऊँचा गढ़ है। - भजन 18:2

बाइबल पाठ: यशायाह 43:1-7
Isaiah 43:1 हे इस्राएल तेरा रचने वाला और हे याकूब तेरा सृजनहार यहोवा अब यों कहता है, मत डर, क्योंकि मैं ने तुझे छुड़ा लिया है; मैं ने तुझे नाम ले कर बुलाया है, तू मेरा ही है।
Isaiah 43:2 जब तू जल में हो कर जाए, मैं तेरे संग संग रहूंगा और जब तू नदियों में हो कर चले, तब वे तुझे न डुबा सकेंगी; जब तू आग में चले तब तुझे आंच न लगेगी, और उसकी लौ तुझे न जला सकेगी।
Isaiah 43:3 क्योंकि मैं यहोवा तेरा परमेश्वर हूं, इस्राएल का पवित्र मैं तेरा उद्धारकर्ता हूं। तेरी छुड़ौती में मैं मिस्र को और तेरी सन्ती कूश और सबा को देता हूं।
Isaiah 43:4 मेरी दृष्टि में तू अनमोल और प्रतिष्ठित ठहरा है और मैं तुझ से प्रेम रखता हूं, इस कारण मैं तेरी सन्ती मनुष्यों को और तेरे प्राण के बदले में राज्य राज्य के लोगों को दे दूंगा।
Isaiah 43:5 मत डर, क्योंकि मैं तेरे साथ हूं; मैं तेरे वंश को पूर्व से ले आऊंगा, और पच्छिम से भी इकट्ठा करूंगा।
Isaiah 43:6 मैं उत्तर से कहूंगा, दे दे, और दक्खिन से कि रोक मत रख; मेरे पुत्रों को दूर से और मेरी पुत्रियों को पृथ्वी की छोर से ले आओ;
Isaiah 43:7 हर एक को जो मेरा कहलाता है, जिस को मैं ने अपनी महिमा के लिये सृजा, जिस को मैं ने रचा और बनाया है।


एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 24-26
  • तीतुस 2



बुधवार, 31 अक्टूबर 2018

योजना



      मेरी एक मित्र अपने कार्य से सेवा-निवृत्ति पाने वाली थी, और मैंने उससे पूछा कि जीवन के अगले चरण के लिए उसकी क्या योजना है? उसने कहा कि वह सुनिश्चित करना चाहती है कि उसके पास जीवन यापन के लिए पर्याप्त पैसा रहे। इस वार्तालाप के अगले दिन, मैं अपने आर्थिक सलाहकार के साथ बात कर रहा था, और उसने मुझे सलाह दी कि मैं कैसे सुनिश्चित कर सकता हूँ कि मेरे पास पैसे की कमी न होने पाए। इसमें कोई संदेह नहीं कि हम सभी चाहते हैं कि हमारे पास हमारे शेष जीवन भर के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रहें।

      किन्तु कोई भी आर्थक योजना पृथ्वी पर इस प्रकार की सुरक्षा की संपूर्ण गारंटी नहीं दे सकती है। परन्तु एक योजना है जो न केवल पृथ्वी पर, वरन इस जीवन के बाद भी अनन्त काल तक के लिए हमें सुरक्षा प्रदान कर सकती है। परमेश्वर के वचन बाइबल में इसका विवरण दिया गया है। प्रभु यीशु का शिष्य, प्रेरित पतरस इसके विषय लिखते हुए कहता है, “हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद दो, जिसने यीशु मसीह के हुओं में से जी उठने के द्वारा, अपनी बड़ी दया से हमें जीवित आशा के लिये नया जन्म दिया। अर्थात एक अविनाशी और निर्मल, और अजर मीरास के लिये” (1 पतरस 1:3-4)।

      जब हम प्रभु यीशु मसीह में विशवास लाते हैं और उससे अपने पापों की क्षमा माँगकर अपना जीवन उसे समर्पित कर देते हैं, तब हम अपने उस विश्वास के द्वारा परमेश्वर की संतान और उसके घराने के हो जाते हैं, और परमेश्वर की अनन्त, अक्षय मीरास के वारिस बन जाते हैं। विश्वास से मिली इस आशीष के कारण, हम अनन्त काल तक जीवित रहेंगे और हमें कभी अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति में कमी नहीं होगी।

      यदि हम ऐसा कर सकते हैं, तो सेवा-निवृत्ति के लिए योजनाएं बनाना अच्छा है। परन्तु सबसे अधिक महत्वपूर्ण है ऐसे अक्षय संसाधनों और मीरास का वारिस होना, जिसकी सुरक्षा सदा बनी रहेगी, उपलब्ध रहेगी। और ऐसी योजना का लाभार्थी होना केवल प्रभु यीशु मसीह में लाए गए विश्वास के द्वारा ही संभव है। - डेव ब्रैनन


स्वर्ग की प्रतिज्ञा हमारी अनन्त आशा है।

परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं। - यूहन्ना 1:12-13

बाइबल पाठ: 1 पतरस 1:3-9
1 Peter 1:3 हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद दो, जिसने यीशु मसीह के हुओं में से जी उठने के द्वारा, अपनी बड़ी दया से हमें जीवित आशा के लिये नया जन्म दिया।
1 Peter 1:4 अर्थात एक अविनाशी और निर्मल, और अजर मीरास के लिये।
1 Peter 1:5 जो तुम्हारे लिये स्वर्ग में रखी है, जिन की रक्षा परमेश्वर की सामर्थ से, विश्वास के द्वारा उस उद्धार के लिये, जो आने वाले समय में प्रगट होने वाली है, की जाती है।
1 Peter 1:6 और इस कारण तुम मगन होते हो, यद्यपि अवश्य है कि अब कुछ दिन तक नाना प्रकार की परीक्षाओं के कारण उदास हो।
1 Peter 1:7 और यह इसलिये है कि तुम्हारा परखा हुआ विश्वास, जो आग से ताए हुए नाशमान सोने से भी कहीं अधिक बहुमूल्य है, यीशु मसीह के प्रगट होने पर प्रशंसा, और महिमा, और आदर का कारण ठहरे।
1 Peter 1:8 उस से तुम बिन देखे प्रेम रखते हो, और अब तो उस पर बिन देखे भी विश्वास कर के ऐसे आनन्‍दित और मगन होते हो, जो वर्णन से बाहर और महिमा से भरा हुआ है।
1 Peter 1:9 और अपने विश्वास का प्रतिफल अर्थात आत्माओं का उद्धार प्राप्त करते हो।


एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 22-23
  • तीतुस 1



मंगलवार, 30 अक्टूबर 2018

सुनना



      मुझे लग रहा था मानों मैं पानी के अन्दर हूँ, ज़ुकाम और एलर्जी के कारण मेरे कान बन्द थे और आवाजें बहुत दबी हुई आ रहीं थीं, मुझे साफ़ सुनाई नहीं दे रहा था; मैं स्पष्ट सुन पाने के लिए संघर्ष कर रहा था। मेरी उस स्थिति ने मुझे एहसास करवाया कि मैं सुन पाने की अपनी क्षमता को कितना हलके में लेता हूँ।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में शमूएल भविष्यद्वक्ता के जीवन का भी वर्णन है। बचपन में उसकी परवरिश परमेश्वर के मंदिर में महापुरोहित ऐली के परिवार के साथ हुई थी। उसके बचपन की घटना है, जब रात्रि में सोते समय परमेश्वर ने तीन बार उसे उसका नाम लेकर बुलाया। छोटे शमूएल को अपना नाम पुकारे जाने पर अचरज हुआ, विशेषकर जब वह तीनों बार उठकर ऐली के पास गया और ऐली ने कहा कि उसने शमूएल को नहीं बुलाया। लेकिन तीसरी बार ऐली समझ गया कि परमेश्वर शमूएल से बातें कर रहा है। उन दिनों परमेश्वर का वचन दुर्लभ था और लोग परमेश्वर की वाणी को सुनने के आदी नहीं थे। परन्तु ऐली ने शमूएल को निर्देश दिए कि फिर से परमेश्वर की वाणी सुनने पर वह क्या करे।

      परमेश्वर आज हम से उन दिनों से कहीं अधिक स्पष्टता से बातें करता है, अपने वचन बाइबल के द्वारा। इब्रानियों की पत्री में लिखा है, “पूर्व युग में परमेश्वर ने बाप दादों से थोड़ा थोड़ा कर के और भांति भांति से भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा बातें कर के। इन दिनों के अन्‍त में हम से पुत्र के द्वारा बातें की, जिसे उसने सारी वस्‍तुओं का वारिस ठहराया और उसी के द्वारा उसने सारी सृष्‍टि रची है” (इब्रानियों 1:1-2)। प्रेरितों 2 में हम पिन्तेकुस्त के दिन पवित्र आत्मा के आगमन के विषय पढ़ते हैं, जो हमें मसीह यीशु की शिक्षाओं को समझाता है “परन्तु जब वह अर्थात सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा, क्योंकि वह अपनी ओर से न कहेगा, परन्तु जो कुछ सुनेगा, वही कहेगा, और आनेवाली बातें तुम्हें बताएगा” (यूहन्ना 16:13)। परन्तु हमें परमेश्वर की वाणी को सुनकर आज्ञाकारिता में उसका प्रत्युत्तर देना सीखने की आवश्यकता है।

      जैसे ज़ुकाम के समय में मैं आवाजों को स्पष्ट नहीं सुन पा रहा था, और मुझे प्रयास करके समझना पड़ रहा था कि क्या कहा जा रहा है, वैसे ही हमें भी परमेश्वर की वाणी को स्पष्ट समझने के लिए प्रयास करना सीखना होगा। परमेश्वर के वचन बाइबल तथा अन्य परिपक्व मसीही विश्वासियों की सहायता के द्वारा हम ऐसा कर सकते हैं; परमेश्वर का पवित्र आत्मा हमें सिखाता है। परमेश्वर, अपनी सन्तान, हम मसीही विश्वासियों से बातें करना चाहता है; वह हमें अनन्त जीवन की बातें सिखाना चाहता है। - एमी बाउचर पाई


परमेश्वर अपनी संतानों से बात करता है, परन्तु हमें उसकी वाणी को पहचानना होगा।

मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं, और मैं उन्हें जानता हूं, और वे मेरे पीछे पीछे चलती हैं। - यूहन्ना 10:27

बाइबल पाठ: 1 शमूएल 3:10
1 Samuel 3:1 और वह बालक शमूएल एली के साम्हने यहोवा की सेवा टहल करता था। और उन दिनों में यहोवा का वचन दुर्लभ था; और दर्शन कम मिलता था।
1 Samuel 3:2 और उस समय ऐसा हुआ कि (एली की आंखे तो धुंघली होने लगी थीं और उसे न सूझ पड़ता था) जब वह अपने स्थान में लेटा हुआ था,
1 Samuel 3:3 और परमेश्वर का दीपक अब तक बुझा नहीं था, और शमूएल यहोवा के मन्दिर में जहाँ परमेश्वर का सन्दूक था लेटा था;
1 Samuel 3:4 तब यहोवा ने शमूएल को पुकारा; और उसने कहा, क्या आज्ञा!
1 Samuel 3:5 तब उसने एली के पास दौड़कर कहा, क्या आज्ञा, तू ने तो मुझे पुकारा है। वह बोला, मैं ने नहीं पुकारा; फिर जा लेट रह। तो वह जा कर लेट गया।
1 Samuel 3:6 तब यहोवा ने फिर पुकार के कहा, हे शमूएल! शमूएल उठ कर एली के पास गया, और कहा, क्या आज्ञा, तू ने तो मुझे पुकारा है। उसने कहा, हे मेरे बेटे, मैं ने नहीं पुकारा; फिर जा लेट रह।
1 Samuel 3:7 उस समय तक तो शमूएल यहोवा को नहीं पहचानता था, और न तो यहोवा का वचन ही उस पर प्रगट हुआ था।
1 Samuel 3:8 फिर तीसरी बार यहोवा ने शमूएल को पुकारा। और वह उठके एली के पास गया, और कहा, क्या आज्ञा, तू ने तो मुझे पुकारा है। तब एली ने समझ लिया कि इस बालक को यहोवा ने पुकारा है।
1 Samuel 3:9 इसलिये एली ने शमूएल से कहा, जा लेट रहे; और यदि वह तुझे फिर पुकारे, तो तू कहना, कि हे यहोवा, कह, क्योंकि तेरा दास सुन रहा है तब शमूएल अपने स्थान पर जा कर लेट गया।
1 Samuel 3:10 तब यहोवा आ खड़ा हुआ, और पहिले के समान पुकारा, शमूएल! शमूएल! शमूएल ने कहा, कह, क्योंकि तेरा दास सुन रहा है।


एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 20-21
  • 2 तिमुथियुस 4



सोमवार, 29 अक्टूबर 2018

प्रार्थना



      हमारे शहर के एक व्यक्ति, एलेन ननिंगा के देहांत होने पर छापी गई उनकी निधन-सूचना में उन्हें “सर्वप्रथम, मसीह का एक समर्पित गवाह” कहा गया। उनके पारिवारिक जीवन और जीविका-कार्य के वर्णन के उपरान्त, उस लेख में उनके लगभग एक दशक तक बिगड़ते चले आ रहे स्वास्थ्य के बारे में बताया गया, और लेख के अन्त में लिखा हुआ था, “उनके बारम्बार अस्पताल में भर्ती होते रहने और वहाँ जो गवाही उन्होंने रखी, उसके कारण उन्हें ‘प्रार्थना करते रहने वाला मरीज़’ उपनाम मिला।” अन्य मरीजों के लिए की गई उनकी सेवा, और अपने कष्टों के बावजूद, अपने चारों ओर विद्यमान अन्य लोगों के दुखों में उनके लिए प्रार्थनाएं करने के कारण वे अस्पताल में इस उपनाम से जाने जाते थे।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि यहूदा इस्करियोती द्वारा धोखा देकर पकड़वाए जाने के कुछ ही घंटे पहले प्रभु यीशु ने अपने शिष्यों के लिए प्रार्थना की, और उस प्रार्थना में कहा, “मैं आगे को जगत में न रहूंगा, परन्तु ये जगत में रहेंगे, और मैं तेरे पास आता हूं; हे पवित्र पिता, अपने उस नाम से जो तू ने मुझे दिया है, उन की रक्षा कर, कि वे हमारे समान एक हों” (यूहन्ना 17:11)। यह जानते हुए भी कि उनके साथ कुछ ही समय में क्या होने जा रहा है, प्रभु ने अपनी नहीं, अपने शिष्यों और मित्रों तथा अन्य लोगों की चिंता की।

      अपनी बीमारी और परेशानी में हम औरों की प्रार्थनाओं के लालायित रहते हैं। वे प्रार्थनाएं हमें प्रोत्साहित करती हैं, हमारी सहायता करती हैं। परन्तु अपने प्रभु परमेश्वर के समान, हम भी अपने चारों ओर के लोगों की आवश्यकताओं के लिए प्रार्थना करें। - डेविड मैक्कैस्लैंड


हमारी परेशानियां हमारी प्रार्थनाओं में औरों के लिए प्रेम और सहानुभूति भर सकती हैं।

निरन्‍तर प्रार्थना मे लगे रहो। - 1 थिस्सलुनीकियों 5:17

बाइबल पाठ: यूहन्ना 17:6-19
John 17:6 मैं ने तेरा नाम उन मनुष्यों पर प्रगट किया जिन्हें तू ने जगत में से मुझे दिया: वे तेरे थे और तू ने उन्हें मुझे दिया और उन्होंने तेरे वचन को मान लिया है।
John 17:7 अब वे जान गए हैं, कि जो कुछ तू ने मुझे दिया है, सब तेरी ओर से है।
John 17:8 क्योंकि जो बातें तू ने मुझे पहुंचा दीं, मैं ने उन्हें उन को पहुंचा दिया और उन्होंने उन को ग्रहण किया: और सच सच जान लिया है, कि मैं तेरी ओर से निकला हूं, और प्रतीति कर ली है कि तू ही ने मुझे भेजा।
John 17:9 मैं उन के लिये बिनती करता हूं, संसार के लिये बिनती नहीं करता हूं परन्तु उन्‍हीं के लिये जिन्हें तू ने मुझे दिया है, क्योंकि वे तेरे हैं।
John 17:10 और जो कुछ मेरा है वह सब तेरा है; और जो तेरा है वह मेरा है; और इन से मेरी महिमा प्रगट हुई है।
John 17:11 मैं आगे को जगत में न रहूंगा, परन्तु ये जगत में रहेंगे, और मैं तेरे पास आता हूं; हे पवित्र पिता, अपने उस नाम से जो तू ने मुझे दिया है, उन की रक्षा कर, कि वे हमारे समान एक हों।
John 17:12 जब मैं उन के साथ था, तो मैं ने तेरे उस नाम से, जो तू ने मुझे दिया है, उन की रक्षा की, मैं ने उन की चौकसी की और विनाश के पुत्र को छोड़ उन में से काई नाश न हुआ, इसलिये कि पवित्र शास्त्र की बात पूरी हो।
John 17:13 परन्तु अब मैं तेरे पास आता हूं, और ये बातें जगत में कहता हूं, कि वे मेरा आनन्द अपने में पूरा पाएं।
John 17:14 मैं ने तेरा वचन उन्हें पहुंचा दिया है, और संसार ने उन से बैर किया, क्योंकि जैसा मैं संसार का नहीं, वैसे ही वे भी संसार के नहीं।
John 17:15 मैं यह बिनती नहीं करता, कि तू उन्हें जगत से उठा ले, परन्तु यह कि तू उन्हें उस दुष्‍ट से बचाए रख।
John 17:16 जैसे मैं संसार का नहीं, वैसे ही वे भी संसार के नहीं।
John 17:17 सत्य के द्वारा उन्हें पवित्र कर: तेरा वचन सत्य है।
John 17:18 जैसे तू ने जगत में मुझे भेजा, वैसे ही मैं ने भी उन्हें जगत में भेजा।
John 17:19 और उन के लिये मैं अपने आप को पवित्र करता हूं ताकि वे भी सत्य के द्वारा पवित्र किए जाएं।


एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 18-19
  • 2 तिमुथियुस 3



रविवार, 28 अक्टूबर 2018

गिनती



      मेरा बेटा एक से दस तक गिनती करना सीख रहा है। जो भी उसके सामने होता है, वह सब को गिनने लगता है, अपने खिलौनों से लेकर पेड़ों तक। वह उन्हें भी गिनता रहता है मैं जिन्हें नज़रंदाज़ कर देती हूँ, जैसे के स्कूल के मार्ग में उगने वाले जंगली फूलों को, या मेरे पैर की उँगलियों को!

      मेरा बेटा मुझे भी गिनना सिखा रहा है। बहुधा मैं उन कार्यों में जिन्हें मैं पूरा नहीं करने पाई हूँ, या उन वस्तुओं में जो मेरे पास नहीं हैं, इतनी लीन हो जाती हूँ कि जो कुछ मुझे मिल चुका है, वे भली वस्तुएँ जो मेरे पास हैं उनका ध्यान करना भूल जाती हूँ। इस वर्ष मुझे जो नए मित्र मिले हैं, मेरी जिन प्रार्थनाओं का उत्तर मुझे मिल गया है, मेरे जीवन में आए आनन्द के समय, मित्रों के साथ बिताए आनन्द और हंसी-खुशी के पल, आदि बातों की गिनती करना मुझे कम ही याद रहता है।

      परमेश्वर जो मुझे दिन-प्रति-दिन देता रहता है, उस सब की गिनती कर पाने के लिए हाथों की दस ऊंगलियां पर्याप्त नहीं हैं। जैसे परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार कहता है, “हे मेरे परमेश्वर यहोवा, तू ने बहुत से काम किए हैं! जो आश्चर्यकर्म और कल्पनाएं तू हमारे लिये करता है वह बहुत सी हैं; तेरे तुल्य कोई नहीं! मैं तो चाहता हूं की खोल कर उनकी चर्चा करूं, परन्तु उनकी गिनती नहीं हो सकती” (भजन 40:5)। परमेश्वर से मिली, और मिलती रहने वाली भलाई, उद्धार, अनन्त-जीवन, आदि आशीषों की कोई क्या गिनती कर सकता है, और कैसे?

      हम हमारे प्रति परमेश्वर के बहुमूल्य विचारों के लिए उसकी आराधना करें, दाऊद के साथ मिलकर कहें, “और मेरे लिये तो हे ईश्वर, तेरे विचार क्या ही बहुमूल्य हैं! उनकी संख्या का जोड़ कैसा बड़ा है। यदि मैं उन को गिनता तो वे बालू के किनकों से भी अधिक ठहरते। जब मैं जाग उठता हूं, तब भी तेरे संग रहता हूं” (भजन 139:17-18)।

      हम गिनती करना सीखें! – केला ओकोआ


परमेश्वर की अनगिनित आशीषों और भलाईयों के लिए उसके धन्यवादी और कृतज्ञ हों।

क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि जो कल्पनाएं मैं तुम्हारे विषय करता हूँ उन्हें मैं जानता हूँ, वे हानि की नहीं, वरन कुशल ही की हैं, और अन्त में तुम्हारी आशा पूरी करूंगा। - यिर्मयाह 29:11

बाइबल पाठ: भजन 139:14-18
Psalms 139:14 मैं तेरा धन्यवाद करूंगा, इसलिये कि मैं भयानक और अद्भुत रीति से रचा गया हूं। तेरे काम तो आश्चर्य के हैं, और मैं इसे भली भांति जानता हूं।
Psalms 139:15 जब मैं गुप्त में बनाया जाता, और पृथ्वी के नीचे स्थानों में रचा जाता था, तब मेरी हडि्डयां तुझ से छिपी न थीं।
Psalms 139:16 तेरी आंखों ने मेरे बेडौल तत्व को देखा; और मेरे सब अंग जो दिन दिन बनते जाते थे वे रचे जाने से पहिले तेरी पुस्तक में लिखे हुए थे।
Psalms 139:17 और मेरे लिये तो हे ईश्वर, तेरे विचार क्या ही बहुमूल्य हैं! उनकी संख्या का जोड़ कैसा बड़ा है।
Psalms 139:18 यदि मैं उन को गिनता तो वे बालू के किनकों से भी अधिक ठहरते। जब मैं जाग उठता हूं, तब भी तेरे संग रहता हूं।


एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 15-17
  • 2 तिमुथियुस 2



शनिवार, 27 अक्टूबर 2018

विचार



      परमेश्वर के वचन बाइबल में गिनती 33 एक ऐसा अध्याय है जिस पर हम बिना मनन किए आगे बढ़ जाते होंगे। यह अध्याय इस्राएल के मिस्र से निकलकर मोआब के मैदान तक आने की यात्रा के पड़ावों की लंबी सूची है। परन्तु अवश्य ही यह महतवपूर्ण होगा, क्योंकि गिनती की पुस्तक का यही एकमात्र खण्ड है जिसके पहले यह लिखा हुआ आया है कि “जब से इस्त्राएली मूसा और हारून की अगुवाई से दल बान्धकर मिस्र देश से निकले, तब से उनके ये पड़ाव हुए। मूसा ने यहोवा से आज्ञा पाकर उनके कूच उनके पड़ावों के अनुसार लिख दिए; और वे ये हैं” (गिनती 33: 1-2)।

      इस प्रकार यात्रा के पड़ावों का लेखा रखने का क्या महत्व हो सकता है? क्या यह संभव है कि यह सूची इस्राएलियों को एक ऐसा ख़ाका प्रदान करती, जिसके सहारे वे अपनी चालीस वर्ष की यात्रा के अनुभवों की स्मृतियों को ताज़ा कर सकते थे, उन्हें अपनी संतानों के समक्ष दोहरा सकते थे।

      मैं कल्पना कर सकता हूँ कि इस्राएल के किसी परिवार का कोई वृद्ध अपने परिवार के साथ अलाव के चारों ओर बैठा हुआ है, और बच्चों को उस चालीस वर्ष की यात्रा के अनुभवों के संसमरणों को बता रहा है; वह कह रहा होगा, “मैं रपीदीम को कभी नहीं भूल सकता हूँ! हम प्यास से बेहाल थे, चारों ओर सैकड़ों मीलों तक केवल रेत और सूखी झाड़ियों के अतिरिक्त और कुछ नहीं था। फिर परमेश्वर ने मूसा को निर्देश दिया कि वह अपनी लाठी ले और वहाँ की एक चट्टान पर, जो कठोर पत्थर के अतिरिक्त और कुछ नहीं थी, मारे! हम सोचने लगे, यह कितना व्यर्थ कार्य है; उस चट्टान को मारने से भला क्या होगा? परन्तु हम सब आश्चर्यचकित रह गए जब मूसा के चट्टान पर मारते ही उसमें से पानी की नदी फूट निकली जो हम लाखों इस्राएलियों की प्यास बुझाने और अन्य आवश्यकताओं के लिए पर्याप्त थी। मैं उस दिन को कभी नहीं भूलूंगा।” (देखिए भजन 114:8; निर्गमन 17:1-7; गिनती 20:1-13)।

      क्यों न हम अपने जीवनों के साथ भी ऐसा ही करके देखें? अपने जीवनों को उनके विभिन्न पड़ावों, परिस्थितियों और आयु के अनुसार स्मरण कर के देखें, और विचार करें कि परमेश्वर हमें कैसे लिए चलता आया है, हमारे प्रति विश्वासयोग्य रहा है, हमारी आवश्यकताओं को पूरा करता है, अपने प्रेम में हमें सँभाले रहा है। - डेविड रोपर


परमेश्वर की विश्वासयोग्यता प्रति पीढ़ी बनी रहती है।

और उन्हें अपने पवित्र विश्राम दिन का ज्ञान दिया, और अपने दास मूसा के द्वारा आज्ञाएं और विधियां और व्यवस्था दीं। और उनकी भूख मिटाने को आकाश से उन्हें भोजन दिया और उनकी प्यास बुझाने को चट्टान में से उनके लिये पानी निकाला, और उन्हें आज्ञा दी कि जिस देश को तुम्हें देने की मैं ने शपथ खाई है उसके अधिकारी होने को तुम उस में जाओ। - नहेम्याह 9:14-15

बाइबल पाठ: निर्गमन 17:1-7
Exodus 17:1 फिर इस्राएलियों की सारी मण्डली सीन नाम जंगल से निकल चली, और यहोवा के आज्ञानुसार कूच कर के रपीदीम में अपने डेरे खड़े किए; और वहां उन लोगों को पीने का पानी न मिला।
Exodus 17:2 इसलिये वे मूसा से वादविवाद कर के कहने लगे, कि हमें पीने का पानी दे। मूसा ने उन से कहा, तुम मुझ से क्यों वादविवाद करते हो? और यहोवा की परीक्षा क्यों करते हो?
Exodus 17:3 फिर वहां लोगों को पानी की प्यास लगी तब वे यह कहकर मूसा पर बुड़बुड़ाने लगे, कि तू हमें लड़के बालों और पशुओं समेत प्यासों मार डालने के लिये मिस्र से क्यों ले आया है?
Exodus 17:4 तब मूसा ने यहोवा की दोहाई दी, और कहा, इन लोगों से मैं क्या करूं? ये सब मुझे पत्थरवाह करने को तैयार हैं।
Exodus 17:5 यहोवा ने मूसा से कहा, इस्राएल के वृद्ध लोगों में से कुछ को अपने साथ ले ले; और जिस लाठी से तू ने नील नदी पर मारा था, उसे अपने हाथ में ले कर लोगों के आगे बढ़ चल।
Exodus 17:6 देख मैं तेरे आगे चलकर होरेब पहाड़ की एक चट्टान पर खड़ा रहूंगा; और तू उस चट्टान पर मारना, तब उस में से पानी निकलेगा जिससे ये लोग पीएं। तब मूसा ने इस्राएल के वृद्ध लोगों के देखते वैसा ही किया।
Exodus 17:7 और मूसा ने उस स्थान का नाम मस्सा और मरीबा रखा, क्योंकि इस्राएलियों ने वहां वादविवाद किया था, और यहोवा की परीक्षा यह कहकर की, कि क्या यहोवा हमारे बीच है वा नहीं?


एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 12-14
  • 2 तिमुथियुस 1