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शुक्रवार, 14 जून 2019

अनुग्रह



      एक मित्र और उसकी पत्नि ने, जो अब नब्बे वर्ष से अधिक के हैं और वैवाहिक जीवन के छियासठ वर्ष पूरे कर चुके हैं, अपने बच्चों, नाती-पोतों, और आने वाली पीढ़ियों के लिए अपने पारिवारिक इतिहास को लिखा। उनकी पुस्तक का अंतिम अध्याय था, “माता और पिता की ओर से एक पत्र” जिसमें उनके द्वारा अपने जीवनों से सीखे महत्वपूर्ण पाठ थे। इनमें से एक ने मुझे रुक कर अपने जीवन पर विचार करने के लिए विवश किया: “यदि आपको लगने लगे कि मसीही विश्वास आपको थका दे रहा है, आपकी स्फूर्ति को छीन ले रहा है, तो फिर आप प्रभु यीशु मसीह के साथ संबंध का आनन्द लेने के स्थान पर एक धर्म का निर्वाह करने लगे हैं। प्रभु के साथ जीने से आप थकेंगे नहीं; वरन वह आपके लिए स्फूर्तिदायक, आपकी सामर्थ्य को बढ़ाने वाला और जीवन को और क्रियाशील कर देने वाला होगा” (मत्ती 11:28-29)।

      परमेश्वर के वचन बाइबल के इस खण्ड की यूजीन पीटरसन द्वारा की गई व्याख्या के आरंभ में प्रभु यीशु का निमंत्रण इस प्रकार से कहा गया है, “क्या आप थके हुए हैं? थक कर चूर-चूर हो गए हैं? धर्म के निर्वाह करते करते निष्क्रीय हो गए हैं?...मेरे साथ चलो और मेरे साथ काम करो...मेरे अनुग्रह की सहज लय से परिचित हो जाओ। (The Message)”

      यदि मैं यह सोचने लगूँ कि परमेश्वर की सेवा करना मेरे अपने प्रयासों से है, तो मैंने उसके साथ चलने के स्थान, पर उसके लिए काम करना आरंभ कर दिया; इन दोनों में एक बहुत महत्वपूर्ण भिन्नता है। यदि मैं मसीह यीशु के साथ चल नहीं रहा हूँ तो मेरी आत्मा रूखी और सरलता से टूटने वाली हो जाती है। तब लोग खीज दिलाने वाले  हो जाते हैं, न कि परमेश्वर के स्वरूप में बने साथी मनुष्य। तब कुछ भी सही नहीं लगता है।

      जब मैं यह देखता हूँ कि मैं प्रभु यीशु के साथ संबंध का आनन्द लेने के स्थान पर धर्म का निर्वाह करने लग गया हूँ, तो फिर यह समय है कि उस बोझ को उतार कर प्रभु के चरणों में रख दूँ, और उसके अनुग्रह की लय में प्रवाहित होने लगूँ। - डेविड मैक्कैस्लैंड


प्रभु यीशु चाहता है कि हम उसके साथ चलें।

यदि दो मनुष्य परस्पर सहमत न हों, तो क्या वे एक संग चल सकेंगे? – अमोस 3:3

बाइबल पाठ: मत्ती 11:25-30
Matthew 11:25 उसी समय यीशु ने कहा, हे पिता, स्वर्ग और पृथ्वी के प्रभु; मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, कि तू ने इन बातों को ज्ञानियों और समझदारों से छिपा रखा, और बालकों पर प्रगट किया है।
Matthew 11:26 हां, हे पिता, क्योंकि तुझे यही अच्छा लगा।
Matthew 11:27 मेरे पिता ने मुझे सब कुछ सौंपा है, और कोई पुत्र को नहीं जानता, केवल पिता; और कोई पिता को नहीं जानता, केवल पुत्र और वह जिस पर पुत्र उसे प्रगट करना चाहे।
Matthew 11:28 हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा।
Matthew 11:29 मेरा जूआ अपने ऊपर उठा लो; और मुझ से सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दीन हूं: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे।
Matthew 11:30 क्योंकि मेरा जूआ सहज और मेरा बोझ हल्का है।

एक साल में बाइबल:  
  • एज्रा 9-10
  • प्रेरितों 1



गुरुवार, 13 जून 2019

महिमा


      बहुत साल पहले मैं अपने पुत्रों के साथ आँगन में लेटा हुआ आकाश में बादलों को तैरते हुए देख रहा था। मेरे एक बेटे ने पूछा, “पिताजी, बादल ऐसे तैरते क्यों हैं?” मैंने उसे अपने व्यापक ज्ञान को दिखाने के लिए बोलना आरंभ किया, “देखो बेटा...,” किन्तु फिर शान्त हो गया। फिर मैंने स्वीकार किया “मुझे अभी पता नहीं है, परन्तु मैं तुम्हारे लिए उत्तर को पता करके बता दूँगा।”

      मैंने पाया कि इस प्रश्न का उत्तर था, वायुमण्डल की नमी का भाप से जल का द्रवीकरण होने के बाद, वह गुरत्वाकर्षण से नीचे धरती की ओर आने लगती है, और गरम धरती से उठ रही गरम हवा से मिलने के बाद वह फिर से भाप बनाकर वायुमण्डल में ऊपर उठ जाती है। यह इस प्रक्रिया का प्राकृतिक स्पष्टीकरण है।

      परन्तु प्राकृतिक स्पष्टिकरण अंतिम उत्तर नहीं होते हैं। बादल इसलिए तैरते हैं क्योंकि परमेश्वर ने अपनी बुद्धिमत्ता के अन्तर्गत प्रकृति के ऐसे नियम बनाए हैं कि उनसे उस “सर्वज्ञानी के आश्चर्यकर्म” प्रगट होते हैं (अय्यूब 37:16)। इसलिए बादलों को हम एक चिन्ह के समान देख सकते हैं  - सृष्टि में विदित परमेश्वर की भलाई और अनुग्रह का दृश्य और प्रगट चिन्ह।

      इसलिए यदि किसी दिन आप समय निकालकर बादलों में दिखने वाली छवियों पर ध्यान लगा रहे हों, तो यह स्मरण रखें: वह जो सब कुछ को सुन्दर बनाता है, उस ही ने बादलों को हवा में तैरने की क्षमता प्रदान की है। वह ऐसा इसलिए करता है जिससे हम उसकी रचना पर आश्चर्य करें और उसकी आराधना करें।
      आकाश भी परमेश्वर की महिमा का बयान करता है। - डेविड रोपर


सृष्टि सृष्टिकर्ता परमेश्वर की ओर संकेत करने वाले चिन्हों से भरी पड़ी है।

क्योंकि उसके अनदेखे गुण, अर्थात उस की सनातन सामर्थ, और परमेश्वरत्व जगत की सृष्टि के समय से उसके कामों के द्वारा देखने में आते है, यहां तक कि वे निरुत्तर हैं। - रोमियों 1:20

बाइबल पाठ: अय्यूब 37: 1-16
Job 37:1 फिर इस बात पर भी मेरा हृदय कांपता है, और अपने स्थान से उछल पड़ता है।
Job 37:2 उसके बोलने का शब्द तो सुनो, और उस शब्द को जो उसके मुंह से निकलता है सुनो।
Job 37:3 वह उसको सारे आकाश के तले, और अपनी बिजली को पृथ्वी की छोर तक भेजता है।
Job 37:4 उसके पीछे गरजने का शब्द होता है; वह अपने प्रतापी शब्द से गरजता है, और जब उसका शब्द सुनाईं देता है तब बिजली लगातार चमकने लगती है।
Job 37:5 ईश्वर गरज कर अपना शब्द अद्भूत रीति से सुनाता है, और बड़े बड़े काम करता है जिन को हम नहीं समझते।
Job 37:6 वह तो हिम से कहता है, पृथ्वी पर गिर, और इसी प्रकार मेंह को भी और मूसलाधार वर्षा को भी ऐसी ही आज्ञा देता है।
Job 37:7 वह सब मनुष्यों के हाथ पर मुहर कर देता है, जिस से उसके बनाए हुए सब मनुष्य उसको पहचानें।
Job 37:8 तब वनपशु गुफाओं में घुस जाते, और अपनी अपनी मांदों में रहते हैं।
Job 37:9 दक्खिन दिशा से बवण्डर और उतरहिया से जाड़ा आता है।
Job 37:10 ईश्वर की श्वास की फूंक से बरफ पड़ता है, तब जलाशयों का पाट जम जाता है।
Job 37:11 फिर वह घटाओं को भाफ़ से लादता, और अपनी बिजली से भरे हुए उजियाले का बादल दूर तक फैलाता है।
Job 37:12 वे उसकी बुद्धि की युक्ति से इधर उधर फिराए जाते हैं, इसलिये कि जो आज्ञा वह उन को दे, उसी को वे बसाई हुई पृथ्वी के ऊपर पूरी करें।
Job 37:13 चाहे ताड़ना देने के लिये, चाहे अपनी पृथ्वी की भलाई के लिये वा मनुष्यों पर करुणा करने के लिये वह उसे भेजे।
Job 37:14 हे अय्यूब! इस पर कान लगा और सुन ले; चुपचाप खड़ा रह, और ईश्वर के आश्चर्यकर्मों का विचार कर।
Job 37:15 क्या तू जानता है, कि ईश्वर क्योंकर अपने बादलों को आज्ञा देता, और अपने बादल की बिजली को चमकाता है?
Job 37:16 क्या तू घटाओं का तौलना, वा सर्वज्ञानी के आश्चर्यकर्म जानता है?

एक साल में बाइबल:  
  • एज्रा 6-8
  • यूहन्ना 21




बुधवार, 12 जून 2019

व्यर्थ



      तीन साल से शारीरिक अक्षमताओं और सदा बने रहने वाले दर्द से जूझते रहने के कारण निराशा और अवसाद से संघर्ष करते हुए मैंने अपनी एक सहेली से कहा, “मेरा शरीर बिखर रहा है, मुझे लगता है कि मेरे पास परमेश्वर को अर्पित करने या किसी अन्य को देने के लिए अब कुछ शेष नहीं रहा है।” उसने अपने हाथ मुझपर रखे और कहा, “क्या तुम यह कह रही हो कि जब मैं मुस्कुराहट के साथ तुम्हारा अभिनन्दन करती हूँ, या तुम्हारी बात को सुनती हूँ तो उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है? क्या तुम यह कहोगी कि मेरा तुम्हारे लिए प्रार्थना करना या तुम्हें सांत्वना के शब्द बोलना सब व्यर्थ है?”

      मैंने अपनी आरामकुर्सी में धंसते हुए उसे उत्तर दिया, “नहीं! ऐसा कदापि नहीं है।

      फिर उसने भौंहें चढ़ाकर कहा, “तो फिर तुम अपने आप से ये झूठ क्यों बोल रही हो? तुम भी तो यह सब मेरे और अपने अन्य मित्रों के लिए करती हो!”

      मैंने परमेश्वर का धन्यवाद किया कि उसने मुझे स्मरण दिलाया कि हम उसके लिए जो कुछ भी करते हैं, वह व्यर्थ कतई नहीं होता है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में 1 कुरिन्थियों 15 में प्रेरित पौलुस हमें आश्वस्त करता है कि हमारे शरीर वर्तमान में दुर्बल हो सकते हैं, परन्तु हम “सामर्थ्य के साथ जी उठेंगे” (पद 43)। क्योंकि परमेश्वर का यह वायदा है कि हम मसीह यीशु में जी उठेंगे, इसलिए हम उस पर भरोसा रख सकते हैं कि वह हमारी प्रत्येक भेंट, वह चाहे कितनी भी छोटी क्यों न हो, उसके लिए किया गया हमारा प्रत्येक प्रयास, वह चाहे छोटा ही क्यों न हो, को महत्व देगा और उसे अपने राज्य के लिए प्रयोग करेगा (पद 58)।

      चाहे हम शारीरिक दुर्बलता को क्यों न झेल रहे हों, हमारी उस परिक्षा की स्थिति में भी दी गई एक मुस्कराहट, प्रोत्साहन का एक शब्द, एक प्रार्थना, या हमारे विश्वास का एक प्रगटीकरण प्रभु की देह, उसकी कलीसिया के विभिन्न और विविध सदस्यों के जीवनों में उपयोगी और महत्वपूर्ण हो सकता है। जब हम प्रभु की सेवा करते हैं तो हमारा कोई भी कार्य, प्रेम की कोई भी अभिव्यक्ति, कभी व्यर्थ नहीं होते हैं, सब का महत्व और उपयोग है। - जोशील डिक्सन


जो भी आपके पास है, उससे जो कुछ भी संभव है वह करें, और परिणाम परमेश्वर पर छोड़ दें।

जिसने मुझे भेजा है; हमें उसके काम दिन ही दिन में करना अवश्य है: वह रात आनेवाली है जिस में कोई काम नहीं कर सकता। - यूहन्ना 9:4

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 15:42-58
1 Corinthians 15:42 मुर्दों का जी उठना भी ऐसा ही है। शरीर नाशमान दशा में बोया जाता है, और अविनाशी रूप में जी उठता है।
1 Corinthians 15:43 वह अनादर के साथ बोया जाता है, और तेज के साथ जी उठता है; निर्बलता के साथ बोया जाता है; और सामर्थ के साथ जी उठता है।
1 Corinthians 15:44 स्‍वाभाविक देह बोई जाती है, और आत्मिक देह जी उठती है: जब कि स्‍वाभाविक देह है, तो आत्मिक देह भी है।
1 Corinthians 15:45 ऐसा ही लिखा भी है, कि प्रथम मनुष्य, अर्थात आदम, जीवित प्राणी बना और अन्‍तिम आदम, जीवनदायक आत्मा बना।
1 Corinthians 15:46 परन्तु पहिले आत्मिक न था, पर स्‍वाभाविक था, इस के बाद आत्मिक हुआ।
1 Corinthians 15:47 प्रथम मनुष्य धरती से अर्थात मिट्टी का था; दूसरा मनुष्य स्‍वर्गीय है।
1 Corinthians 15:48 जैसा वह मिट्टी का था वैसे ही और मिट्टी के हैं; और जैसा वह स्‍वर्गीय है, वैसे ही और भी स्‍वर्गीय हैं।
1 Corinthians 15:49 और जैसे हम ने उसका रूप जो मिट्टी का था धारण किया वैसे ही उस स्‍वर्गीय का रूप भी धारण करेंगे।
1 Corinthians 15:50 हे भाइयों, मैं यह कहता हूं कि मांस और लोहू परमेश्वर के राज्य के अधिकारी नहीं हो सकते, और न विनाश अविनाशी का अधिकारी हो सकता है।
1 Corinthians 15:51 देखो, मैं तुम से भेद की बात कहता हूं: कि हम सब तो नहीं सोएंगे, परन्तु सब बदल जाएंगे।
1 Corinthians 15:52 और यह क्षण भर में, पलक मारते ही पिछली तुरही फूंकते ही होगा: क्योंकि तुरही फूंकी जाएगी और मुर्दे अविनाशी दशा में उठाए जांएगे, और हम बदल जाएंगे।
1 Corinthians 15:53 क्योंकि अवश्य है, कि यह नाशमान देह अविनाश को पहिन ले, और यह मरनहार देह अमरता को पहिन ले।
1 Corinthians 15:54 और जब यह नाशमान अविनाश को पहिन लेगा, और यह मरनहार अमरता को पहिन लेगा, तब वह वचन जो लिखा है, पूरा हो जाएगा, कि जय ने मृत्यु को निगल लिया।
1 Corinthians 15:55 हे मृत्यु तेरी जय कहां रही?
1 Corinthians 15:56 हे मृत्यु तेरा डंक कहां रहा? मृत्यु का डंक पाप है; और पाप का बल व्यवस्था है।
1 Corinthians 15:57 परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा हमें जयवन्‍त करता है।
1 Corinthians 15:58 सो हे मेरे प्रिय भाइयो, दृढ़ और अटल रहो, और प्रभु के काम में सर्वदा बढ़ते जाओ, क्योंकि यह जानते हो, कि तुम्हारा परिश्रम प्रभु में व्यर्थ नहीं है।

एक साल में बाइबल:  
  • एज्रा 3-5
  • यूहन्ना 20



मंगलवार, 11 जून 2019

अवस्था



      हमारे चर्च के स्तुतिगान समूह में जब मेरे पति माउथ-ऑर्गन बजाते हैं तो मैंने ध्यान किया है कि वे कभी-कभी बजाते समय अपनी आँखे बन्द कर लेते हैं। उनका कहना है कि वे यह इसलिए करते हैं जिससे उनका ध्यान बंटाने वाली किसी बात के कारण उनके बजाने में खलल न पड़े और वे पूरी एकाग्रता से बजा सकें; उनका ध्यान केवल उनके माउथ-ऑर्गन, संगीत और स्वयँ पर हो और इन सबके द्वारा वे पूरी लगाने के साथ परमेश्वर की स्तुति कर सकें।

      कुछ लोग सोचते हैं कि प्रार्थना करते समय आँखें बन्द रखना क्या आवश्यक है? क्योंकि हम कभी भी, किसी भी समय प्रार्थना कर सकते हैं, इसलिए सदा ही आँखे बन्द करना शायद संभव न हो – जैसे कि तब, जब हम कहीं टहलने निकले हैं, या बागबानी कर रहे हैं, या गाड़ी चला रहे हैं।

      जब हम परमेश्वर से वार्तालाप कर रहे हों, तो परमेश्वर के वचन बाइबल में हमारे किसी विशेष अवस्था में होने के लिए कोई नियम या अनिवार्यता नहीं है। जब राजा सुलेमान ने मंदिर के समर्पण के समय प्रार्थना की तो उसने घुटने टेक कर और अपने हाथ स्वर्ग की ओर उठाकर प्रार्थना की (2 इतिहास 6:13-14)। बाइबल में घुटने टेक कर (इफिसियों 3:14), खड़े होकर (लूका 18:10-13), औंधे मूँह होकर (मत्ती 26:39) प्रार्थना करने की अवस्थाओं का उल्लेख आया है।

      हम चाहे परमेश्वर के सामने घुटने टेकें या खड़े हों, चाहे अपने हाथ स्वर्ग की ओर उठाएँ, या परमेश्वर पर ध्यान बेहतर केंद्रित करने के लिए आँखों को बन्द करें, मुख्य बात हमारे शरीर की अवस्था नहीं, हमारे मन की दशा है। हम  जो कुछ करते हैं वह सब हमारे हृदय से ही आता है (नीतिवचन 4: 23)। इसलिए जब हम प्रार्थना करें, तो हमारे हृदय सदा ही परमेश्वर के समक्ष श्रद्धा, कृतज्ञता, और नम्रता में झुके रहें, क्योंकि हम जानते हैं कि उसकी आँखे सदा हम पर लगी रहती हैं और उसके कान हमारी प्रार्थनाओं की ओर सदा लगे रहते हैं (2 इतिहास 6:40)। - सिंडी हैस कैस्पर


नम्र हृदय की गहराइयों से ही सर्वोच्च प्रार्थना निकलती है।

सब से अधिक अपने मन की रक्षा कर; क्योंकि जीवन का मूल स्रोत वही है। - नीतिवचन 4: 23

बाइबल पाठ: 2 इतिहास 6:7-9, 12-15
2 Chronicles 6:7 मेरे पिता दाऊद की यह मनसा थी कि इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के नाम का एक भवन बनवाए।
2 Chronicles 6:8 परन्तु यहोवा ने मेरे पिता दाऊद से कहा, तेरी जो मनसा है कि यहोवा के नाम का एक भवन बनाए, ऐसी मनसा कर के तू ने भला तो किया;
2 Chronicles 6:9 तौभी तू उस भवन को बनाने न पाएगा: तेरा जो निज पुत्र होगा, वही मेरे नाम का भवन बनाएगा।
2 Chronicles 6:12 तब वह इस्राएल की सारी सभा के देखते यहोवा की वेदी के साम्हने खड़ा हुआ और अपने हाथ फैलाए।
2 Chronicles 6:13 सुलैमान ने पांच हाथ लम्बी, पांच हाथ चौड़ी और तीन हाथ ऊंची पीतल की एक चौकी बनाकर आंगन के बीच रखवाई थी; उसी पर खड़े हो कर उसने सारे इस्राएल की सभा के सामने घुटने टेक कर स्वर्ग की ओर हाथ फैलाए हुए कहा,
2 Chronicles 6:14 हे यहोवा, हे इस्राएल के परमेश्वर, तेरे समान न तो स्वर्ग में और न पृथ्वी पर कोई ईश्वर है: तेरे जो दास अपने सारे मन से अपने को तेरे सम्मुख जान कर चलते हैं, उनके लिये तू अपनी वाचा पूरी करता और करुणा करता रहता है।
2 Chronicles 6:15 तू ने जो वचन मेरे पिता दाऊद को दिया था, उसका तू ने पालन किया है; जैसा तू ने अपने मुंह से कहा था, वैसा ही अपने हाथ से उसको हमारी आंखों के साम्हने पूरा भी किया है।

एक साल में बाइबल:  
  • एज्रा 1-2
  • यूहन्ना 19:23-42



सोमवार, 10 जून 2019

खोज



      छोटे बच्चों की एक लोकप्रिय पुस्तक श्रंखला है “Where’s Waldo” (वाल्डो कहाँ है?)। वाल्डो एक कार्टून पात्र है और पुस्तक के प्रत्येक पृष्ठ पर बने चित्रों में वह लोगों के मध्य कहीं छिपा होता है, तथा बच्चों को उसे ढूँढना होता है। सँसार के सभी स्थानों पर, वाल्डो को खोज लेने से उनके बच्चों के चेहरे पर आने वाली मुस्कराहट से माता-पि़ता भी हर्षित होते हैं। या, जब बच्चे वाल्डो को खोजने के लिए उनकी सहायता मांगते हैं, तो बच्चों के साथ बिताए गए समय से उन्हें प्रसन्नता होती है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रारंभिक कलीसिया के एक अगुवे, स्तिफ्नुस को मसीह यीशु के नाम का प्रचार करने के लिए पत्थरवाह करके मार डाला गया (प्रेरितों 7), और इसके साथ ही यरूशलेम में मसीही विश्वासियों के विरुद्ध भारी सताव आरंभ हो गया। इस सताव से बचने के लिए बहुत से मसीही विश्वासी यरूशलेम छोड़कर इधर-उधर तित्तर-बित्तर हो गए। एक अन्य मसीही अगुवा, फिलिप्पुस, उन इधर-उधर तित्तर-बित्तर हुए मसीही विशावासियों में से कुछ के पीछे सामरिया में सेवकाई के लिए गया, उसने वहाँ मसीह यीशु का प्रचार किया, और उसे बहुत अच्छे से स्वीकार किया गया। जब वह वहाँ यह कर रहा था तो परमेश्वर के पवित्र आत्मा ने उसे एक विशेष अभियान पर उसे एक “जंगल के मार्ग” पर भेजा। यह देखते हुए कि उसके प्रचार से कैसा भला प्रतिफल आ रहा था, यह एक विचित्र बात लगती है। परन्तु फिलिप्पुस के आनन्द का अंदाजा कीजिए जब उस जंगल के मार्ग पर उसकी भेंट कुश देश के खजांची के साथ हुई, जो यशायाह नबी की पुस्तक में से प्रभु यीशु मसीह के विषय जानना चाह रहा था, और फिलिप्पुस ने इस खोज में उसकी सहायता की, तथा फिर उस खज़ान्ची ने प्रभु यीशु मसीह को ग्रहण करके बपतिस्मा भी ले लिया (पद 26-40)।

      बहुधा हमें भी अवसर दिया जाता है कि हम बाइबल में प्रभु यीशु मसीह के विषय खोजने में औरों की सहायता करें, जिससे वे प्रभु को और अधिक निकटता से जान सकें। जैसे माता-पिता के लिए वाल्डो को खोजने और फिलिप्पुस के लिए उस खजांची की सहायता करने से मिले आनन्द की अनुभूति थी, वैसे ही आनन्द का अनुभव हमें भी होता है जब हम उन लोगों के चेहरों पर उस मुस्कराहट, उस संतुष्टि को देखते हैं, जिनकी हम सहायता कर रहे हैं।

      अपने जीवन के दिन बिताते हुए, हम मसीही विश्वासियों को तत्पर और तैयार रहना चाहिए कि हम पवित्र आत्मा की अगुवाई में मसीह यीशु के विषय बाँटने में लोगों के सहायक बनें, उनकी खोज में उनके मार्गदर्शक हों। वे लोग चाहे हमारे परिचित हों, या जीवन में एक बार मिलने वाले हों, प्रभु से मिलने का आनन्द अविस्मरणीय होता है। - रैंडी किल्गोर


एक मसीही विश्वासी जो सबसे महान काम कर सकता है वह है, 
अपने मित्र की प्रभु यीशु मसीह को खोजने में सहायता करे।

यीशु ने उन्हें उत्तर दिया; परमेश्वर का कार्य यह है, कि तुम उस पर, जिसे उसने भेजा है, विश्वास करो। - यूहन्ना 6:29

बाइबल पाठ: प्रेरितों 8:26-40
Acts 8:26 फिर प्रभु के एक स्वर्गदूत ने फिलेप्पुस से कहा; उठ कर दक्‍खिन की ओर उस मार्ग पर जा, जो यरूशलेम से अज्ज़ाह को जाता है, और जंगल में है।
Acts 8:27 वह उठ कर चल दिया, और देखो, कूश देश का एक मनुष्य आ रहा था जो खोजा और कूशियों की रानी कन्‍दाके का मन्‍त्री और खजांची था, और भजन करने को यरूशलेम आया था।
Acts 8:28 और वह अपने रथ पर बैठा हुआ था, और यशायाह भविष्यद्वक्ता की पुस्‍तक पढ़ता हुआ लौटा जा रहा था।
Acts 8:29 तब आत्मा ने फिलेप्पुस से कहा, निकट जा कर इस रथ के साथ हो ले।
Acts 8:30 फिलेप्पुस ने उस ओर दौड़ कर उसे यशायाह भविष्यद्वक्ता की पुस्‍तक पढ़ते हुए सुना, और पूछा, कि तू जो पढ़ रहा है क्या उसे समझता भी है?
Acts 8:31 उसने कहा, जब तक कोई मुझे न समझाए तो मैं क्योंकर समझूं और उसने फिलेप्पुस से बिनती की, कि चढ़कर मेरे पास बैठ।
Acts 8:32 पवित्र शास्त्र का जो अध्याय वह पढ़ रहा था, वह यह था; कि वह भेड़ की नाईं वध होने को पहुंचाया गया, और जैसा मेम्ना अपने ऊन कतरने वालों के साम्हने चुपचाप रहता है, वैसे ही उसने भी अपना मुंह न खोला।
Acts 8:33 उस की दीनता में उसका न्याय होने नहीं पाया, और उसके समय के लोगों का वर्णन कौन करेगा, क्योंकि पृथ्वी से उसका प्राण उठाया जाता है।
Acts 8:34 इस पर खोजे ने फिलेप्पुस से पूछा; मैं तुझ से बिनती करता हूं, यह बता कि भविष्यद्वक्ता यह किस विषय में कहता है, अपने या किसी दूसरे के विषय में।
Acts 8:35 तब फिलेप्पुस ने अपना मुंह खोला, और इसी शास्त्र से आरम्भ कर के उसे यीशु का सुसमाचार सुनाया।
Acts 8:36 मार्ग में चलते चलते वे किसी जल की जगह पहुंचे, तब खोजे ने कहा, देख यहां जल है, अब मुझे बपतिस्मा लेने में क्या रोक है।
Acts 8:37 फिलेप्पुस ने कहा, यदि तू सारे मन से विश्वास करता है तो हो सकता है: उसने उत्तर दिया मैं विश्वास करता हूं कि यीशु मसीह परमेश्वर का पुत्र है।
Acts 8:38 तब उसने रथ खड़ा करने की आज्ञा दी, और फिलेप्पुस और खोजा दोनों जल में उतर पड़े, और उसने उसे बपतिस्मा दिया।
Acts 8:39 जब वे जल में से निकलकर ऊपर आए, तो प्रभु का आत्मा फिलेप्पुस को उठा ले गया, सो खोजे ने उसे फिर न देखा, और वह आनन्द करता हुआ अपने मार्ग चला गया।
Acts 8:40 और फिलेप्पुस अशदोद में आ निकला, और जब तक कैसरिया में न पहुंचा, तब तक नगर नगर सुसमाचार सुनाता गया।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 इतिहास 34-36
  • यूहन्ना 19:1-22



रविवार, 9 जून 2019

आराधना



      गीत गाने से मस्तिष्क में परिवर्तन आते हैं। कुछ अध्ययनों से पता चला है कि जब हम गाते हैं तो हमारी शरीर में चिन्ता और तनाव को कम करने वाले हार्मोन्स अधिक निकलते हैं। अन्य शोध में देखा गया है कि जब लोग सामूहिक गान में सम्मिलित होते हैं तो उनकी हृदय की धडकनें भी एक दूसरे के साथ लय में हो जाती हैं।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने मसीही विश्वासियों की मंडलियों के लोगों को प्रोत्साहित किया कि वे भजनों, आत्मिक गीतों और स्तुतिगान में साथ सम्मिलित हों, और परमेश्वर के धन्यवादी बने रहें (इफिसियों 5:19-20)। और बाइबल में “स्तुति करें” 50 से भी अधिक बार दोहराया गया है।

      बाइबल के पुराने नियम खण्ड के 2 इतिहास 20 में हम परमेश्वर के लोगों द्वारा युद्ध भूमि में जाते हुए परमेश्वर की आराधना, उसका स्तुतिगान करते हुए आगे बढ़ने के द्वारा परमेश्वर पर अपना भरोसा व्यक्त करने की घटना के विषय पढ़ते हैं। यहूदा के लोगों की ओर तीन शत्रु जातियां मिलकर आक्रमण करने के लिए आईं। यहूदा के राजा यहोशापात ने घबराकर सभी लोगों को एकत्रित किया, और परमेश्वर से गहन प्रार्थना करने में उनकी अगुवाई के। उन्होंने उपवास रखा, खाना-पीना छोड़कर बस प्रार्थना करने में समय बिताया, “हे हमारे परमेश्वर, क्या तू उनका न्याय न करेगा? यह जो बड़ी भीड़ हम पर चढ़ाई कर रही है, उसके साम्हने हमारा तो बस नहीं चलता और हमें हुछ सूझता नहीं कि क्या करना चाहिये? परन्तु हमारी आंखें तेरी ओर लगी हैं” (पद 12)। परमेश्वर से आश्वासन और निर्देश पाकर वे अगले दिन युद्धभूमि की ओर निकल पड़े। लेकिन यहूदा की सेना की अगुवाई उनके सर्वोत्तम योद्धा नहीं वरन परमेश्वर की आराधना और स्तुति गाने वाले लोग कर रहे थे, और वे परमेश्वर का स्तुतिगान करते हुए शत्रुओं की ओर बढ़ चले। उन्हें परमेश्वर के वायदे पर भरोसा था, कि उन्हें यह युद्ध लड़ना नहीं पड़ेगा (पद 17)।

      जब वे स्तुतिगान और आराधना करते हुए यूद्ध भूमि की ओर बढ़ रहे थे, उनके विरोध में आने वाले शत्रु आपस में ही लड़ने लग गए और उन्होंने एक दूसरे को मार डाला। यहूदा के लोगों के वहाँ पहुंचने तक युद्ध समाप्त हो चुका था; यहूदा के लोगों को युद्ध भूमि में जाकर उन शत्रुओं के साथ आई ढेर सारी लूट को एकत्रित करने का कार्य शेष रह गया था। परमेश्वर ने अपने आराधना और स्तुति करने वाले, उसपर भरोसा रखने वाले लोगों न केवल बचा लिया था, वरन उन्हें बहुत पुरुस्कृत भी किया था।

      परमेश्वर चाहता है कि हम उसकी आराधना और स्तुति करें, और इसमें वह हमारी भलाई चाहता है। चाहे हम किसी युद्ध भूमि की ओर कूच कर रहे हों अथवा नहीं, परन्तु परमेश्वर की आराधना करने में हमारे विचारों, मनों, और जीवन को परिवर्तित करने की सामर्थ्य है। - एमी पीटरसन


जो मन परमेश्वर के साथ लयबद्ध है, वह उसकी आराधना और स्तुति करेगा।

और आपस में भजन और स्‍तुतिगान और आत्मिक गीत गाया करो, और अपने अपने मन में प्रभु के साम्हने गाते और कीर्तन करते रहो। और सदा सब बातों के लिये हमारे प्रभु यीशु मसीह के नाम से परमेश्वर पिता का धन्यवाद करते रहो। - इफिसियों 5:19-20

बाइबल पाठ: 2 इतिहास 20:14-22
2 Chronicles 20:14 तब आसाप के वंश में से यहजीएल नाम एक लेवीय जो जकर्याह का पुत्र और बनायाह का पोता और मत्तन्याह के पुत्र यीएल का परपोता था, उस में मण्डली के बीच यहोवा का आत्मा समाया।
2 Chronicles 20:15 और वह कहने लगा, हे सब यहूदियो, हे यरूशलेम के रहनेवालो, हे राजा यहोशापात, तुम सब ध्यान दो; यहोवा तुम से यों कहता है, तुम इस बड़ी भीड़ से मत डरो और तुम्हारा मन कच्चा न हो; क्योंकि युद्ध तुम्हारा नहीं, परमेश्वर का है।
2 Chronicles 20:16 कल उनका साम्हना करने को जाना। देखो वे सीस की चढ़ाई पर चढ़े आते हैं और यरूएल नाम जंगल के साम्हने नाले के सिरे पर तुम्हें मिलेंगे।
2 Chronicles 20:17 इस लड़ाई में तुम्हें लड़ना न होगा; हे यहूदा, और हे यरूशलेम, ठहरे रहना, और खड़े रह कर यहोवा की ओर से अपना बचाव देखना। मत डरो, और तुम्हारा मन कच्चा न हो; कल उनका साम्हना करने को चलना और यहोवा तुम्हारे साथ रहेगा।
2 Chronicles 20:18 तब यहोशापात भूमि की ओर मुंह कर के झुका और सब यहूदियों और यरूशलेम के निवासियों ने यहोवा के साम्हने गिर के यहोवा को दण्डवत किया।
2 Chronicles 20:19 और कहातियों और कोरहियों में से कुछ लेवीय खड़े हो कर इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की स्तुति अत्यन्त ऊंचे स्वर से करने लगे।
2 Chronicles 20:20 बिहान को वे सबेरे उठ कर तकोआ के जंगल की ओर निकल गए; और चलते समय यहोशापात ने खड़े हो कर कहा, हे यहूदियो, हे यरूशलेम के निवासियो, मेरी सुनो, अपने परमेश्वर यहोवा पर विश्वास रखो, तब तुम स्थिर रहोगे; उसके नबियों की प्रतीत करो, तब तुम कृतार्थ हो जाओगे।
2 Chronicles 20:21 तब उसने प्रजा के साथ सम्मति कर के कितनों को ठहराया, जो कि पवित्रता से शोभायमान हो कर हथियारबन्दों के आगे आगे चलते हुए यहोवा के गीत गाएं, और यह कहते हुए उसकी स्तुति करें, कि यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि उसकी करुणा सदा की है।
2 Chronicles 20:22 जिस समय वे गाकर स्तुति करने लगे, उसी समय यहोवा ने अम्मोनियों, मोआबियों और सेईर के पहाड़ी देश के लोगों पर जो यहूदा के विरुद्ध आ रहे थे, घातकों को बैठा दिया और वे मारे गए।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 इतिहास 32-33
  • यूहन्ना 18:19-40



शनिवार, 8 जून 2019

क्षमा



      मैं जब अपने हाथों को देखती हूँ तो मुझे स्मरण हो आता है कि मैंने अपनी सगाई और विवाह, दोनों की अंगूठियाँ खो दीं हैं। मैं एक यात्रा की तैयारी करते हुए कई कार्य एक साथ करने का प्रयास कर रही थी और उसी में वे अंगूठियाँ कहीं रखी गईं, और मुझे अब तक समझ नहीं आता है कि वे गई कहाँ। मैं अपने इस लापरवाही के बार में अपने पति को बताने से बहुत घबरा रही थी, यह सोच कर कि उनपर इसका क्या प्रभाव होगा और वे क्या प्रतिक्रिया देंगे। परन्तु उनकी प्रतिक्रया मेरे प्रति प्रेम और सहानुभूति की थी न कि उन अंगूठियों को लेकर परेशान होने की। लेकिन अभी भी मुझे लगता है कि मुझे उनके इस अनुग्रह के लिए कुछ ऐसा करना चाहिए जिससे मैं उसकी कीमत चुका सकूँ। परन्तु वे इस घटना को मेरे विरुद्ध याद ही नहीं रखते हैं, उसके प्रतिफल में कुछ चाहते ही नहीं हैं।

      ऐसे ही कितनी ही बार हमें अपने पाप स्मरण आते हैं और हमें लगता है कि हमें परमेश्वर से उन पापों की क्षमा पाने के प्रत्युत्तर में कुछ करना चाहिए। परन्तु परमेश्वर ने अपने वचन बाइबल में कहा है कि उसकी यह क्षमा और प्रेम, उसका प्रदान किया गया उद्धार, हमारे किन्ही कर्मों द्वारा नहीं परन्तु उसके अनुग्रह से है (इफिसियों 2:8-9)। परमेश्वर ने यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता के द्वारा इस नई वाचा के विषय भविष्यवाणी की थी: “और तब उन्हें फिर एक दूसरे से यह न कहना पड़ेगा कि यहोवा को जानो, क्योंकि, यहोवा की यह वाणी है कि छोटे से ले कर बड़े तक, सब के सब मेरा ज्ञान रखेंगे; क्योंकि मैं उनका अधर्म क्षमा करूंगा, और उनका पाप फिर स्मरण न करूंगा” (यिर्मयाह 31:34)। हमारा ऐसा परमेश्वर है जो क्षमा करता है और हमारे पापों को फिर कभी स्मरण नहीं करता है।

      हम अपने अतीत के विषय दुखी हो सकते हैं, परन्तु हमें परमेश्वर पर भरोसा बनाए रखना है और उसकी बात का विश्वास करना है कि हमारे द्वारा प्रभु यीशु मसीह में लाए गए विश्वास में होकर हमारे प्रति उसका अनुग्रह और क्षमा वास्तविक हैं, हमारे जीवनों में सदा सक्रीय हैं। इस सुसमाचार के द्वारा हमें परमेश्वर का धन्यवादी और कृतज्ञ होना चाहिए, तथा औरों को बताने वाला होना चाहिए कि हमारे प्रभु परमेश्वर से मिलने वाली क्षमा सँसार के सभी लोगों के लिए सेंत-मेंत उपलब्ध है। - कीला ओकोआ


परमेश्वर का अनुग्रह और क्षमा सभी के लिए सेंत-मेंत उपहारस्वरूप उपलब्ध हैं।

क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर का दान है। और न कर्मों के कारण, ऐसा न हो कि कोई घमण्‍ड करे। - इफिसियों 2:8-9

बाइबल पाठ: इब्रानियों 8:6-13
Hebrews 8:6 पर उसको उन की सेवकाई से बढ़कर मिली, क्योंकि वह और भी उत्तम वाचा का मध्यस्थ ठहरा, जो और उत्तम प्रतिज्ञाओं के सहारे बान्‍धी गई है।
Hebrews 8:7 क्योंकि यदि वह पहिली वाचा निर्दोष होती, तो दूसरी के लिये अवसर न ढूंढ़ा जाता।
Hebrews 8:8 पर वह उन पर दोष लगाकर कहता है, कि प्रभु कहता है, देखो वे दिन आते हैं, कि मैं इस्त्राएल के घराने के साथ, और यहूदा के घराने के साथ, नई वाचा बान्‍धूंगा।
Hebrews 8:9 यह उस वाचा के समान न होगी, जो मैं ने उन के बाप दादों के साथ उस समय बान्‍धी थी, जब मैं उन का हाथ पकड़ कर उन्हें मिसर देश से निकाल लाया, क्योंकि वे मेरी वाचा पर स्थिर न रहे, और मैं ने उन की सुधि न ली; प्रभु यही कहता है।
Hebrews 8:10 फिर प्रभु कहता है, कि जो वाचा मैं उन दिनों के बाद इस्त्राएल के घराने के साथ बान्‍धूंगा, वह यह है, कि मैं अपनी व्यवस्था को उन के मनों में डालूंगा, और उसे उन के हृदय पर लिखूंगा, और मैं उन का परमेश्वर ठहरूंगा, और वे मेरे लोग ठहरेंगे।
Hebrews 8:11 और हर एक अपने देश वाले को और अपने भाई को यह शिक्षा न देगा, कि तू प्रभु को पहिचान क्योंकि छोटे से बड़े तक सब मुझे जान लेंगे।
Hebrews 8:12 क्योंकि मैं उन के अधर्म के विषय मे दयावन्‍त हूंगा, और उन के पापों को फिर स्मरण न करूंगा।
Hebrews 8:13 नई वाचा के स्थापन से उसने प्रथम वाचा को पुरानी ठहराई, और जो वस्तु पुरानी और जीर्ण जो जाती है उसका मिट जाना अनिवार्य है।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 इतिहास 30-31
  • यूहन्ना 18:1-18