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शुक्रवार, 24 अप्रैल 2020

प्रतीक्षा



     बच्चों की अनेकों पुस्तकों के लेखक, डॉक्टर सियुस का कहना है, “चाहे मछली के कांटे में फंसने की हो, या पतंग उड़ाने के लिए हवा के चलने की, या सप्ताहांत आरंभ होने के लिए शुक्रवार संध्या की, प्रतीक्षा सभी को रहती है।” हमारे जीवनों का बहुत बड़ा भाग प्रतीक्षा से संबंधित है, किन्तु परमेश्वर कभी उतावली में नहीं होता है। पुरानी कहावत है, “परमेश्वर का अपना समय और विलम्ब होता है।” इसलिए हम प्रतीक्षा में रहते हैं।

     प्रतीक्षा करना कठिन होता है; हम प्रतीक्षा में बैठे अपने अंगूठे मटकाते हैं, पैर हिलाते हैं, उबासियों को दबाते हैं, और अन्दर से उठ रही खिसियाहट को नियंत्रण में रखने के लिए लम्बी साँसें लेते हैं, कुछ शारीरिक गतिविधि करते रहते हैं। हमें कितनी ही बातों के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ती है, जैसे कि, ‘इस अटपटे व्यक्ति के साथ...’, ‘इस उबाऊ काम को करने के लिए...’, ‘इस शर्मनाक व्यवहार के साथ...’, ‘इस स्वास्थ्य समस्या के साथ जिसका कोई उपाय नहीं है...’,मुझे ही क्यों रहना पड़ रहा है? परमेश्वर इनके बारे में कुछ करता क्यों नहीं है? और परमेश्वर का उत्तर होता है, “थोड़ी प्रतीक्षा करो और देखो कि मैं क्या कर के दिखाऊँगा!”

     प्रतीक्षा जीवन के सबसे अच्छे शिक्षकों में से एक है, क्योंकि इसी के द्वारा हम सही समय के महत्व को सीखते हैं, हम में होकर या हमारे लिए परमेश्वर द्वारा किए जा रहे कार्य के महत्त्व को जानना सीखते हैं। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि प्रतीक्षा में होकर ही हम धीरज रखना, परमेश्वर की भलाई और प्रेम पर भरोसा रखना सीखने पाते हैं, चाहे बातें हमारी इच्छा के अनुसार या हमारे अनुरूप न भी जा रही हों (भजन 70:5)।

     किन्तु ऐसा नहीं है कि हम मसीही विश्वासियों के लिए प्रतीक्षा करना उदासीन होकर, दांत-पीस कर बैठे रहना हो। हम प्रभु के समय और अवसर की प्रतीक्षा करते हुए प्रभु में आनंदित रह सकते हैं, स्वयं उत्साहित तथा औरों को प्रोत्साहित कर सकते हैं, हमारे उज्जवल अनंत भविष्य की आशा के सुसमाचार को औरों तक पहुँचा सकते हैं, क्योंकि हम जानते और मानते हैं कि अपने समय में, अपने तरीके द्वारा, परमेश्वर हमें इन परिस्थितियों से छुड़ा लेगा। परमेश्वर चाहे कभी उतावली में न हो, वह कभी विलम्ब भी नहीं करता है। - डेविड एच. रोपर

हमारी प्रतीक्षा में भी परमेश्वर हमारे साथ है।

हर एक बात का एक अवसर और प्रत्येक काम का, जो आकाश के नीचे होता है, एक समय है। - सभोपदेशक 3:1

बाइबल पाठ: भजन 70
भजन संहिता 70:1 हे परमेश्वर मुझे छुड़ाने के लिये, हे यहोवा मेरी सहायता करने के लिये फुर्ती कर!
भजन संहिता 70:2 जो मेरे प्राण के खोजी हैं, उनकी आशा टूटे, और मुंह काला हो जाए! जो मेरी हानि से प्रसन्न होते हैं, वे पीछे हटाए और निरादर किए जाएं।
भजन संहिता 70:3 जो कहते हैं, आहा, आहा, वे अपनी लज्जा के मारे उलटे फेरे जाएं।
भजन संहिता 70:4 जितने तुझे ढूंढ़ते हैं, वे सब तेरे कारण हर्षित और आनन्दित हों! और जो तेरा उद्धार चाहते हैं, वे निरन्तर कहते रहें, कि परमेश्वर की बड़ाई हो।
भजन संहिता 70:5 मैं तो दीन और दरिद्र हूं; हे परमेश्वर मेरे लिये फुर्ती कर! तू मेरा सहायक और छुड़ाने वाला है; हे यहोवा विलम्ब न कर!

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमुएल 19-20
  • लूका 18:1-23



शांत



     क्या कुछ ऐसा है जो आपको रात को ठीक से सोने नहीं देता है? हाल ही में मैं ठीक से सो नहीं पा रही हूँ, बिस्तर पर इधर से उधर करवट बदलती रहती हूँ, और फिर मुझे चिंता होने लगती है कि मैं आने वाले दिन की समस्याओं का सामना करने के लिए पर्याप्त आराम नहीं करने पाऊँगी। क्या आप का भी यही अनुभव रहता है? किसी संबंध को लेकर चिंता, भविष्य की अनिश्चितता, या अन्य जो भी बात हो – हम सभी कभी न कभी चिंता करते ही हैं।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि राजा दाऊद वास्तव में परेशानियों में था, जब उस ने भजन 4 लिखा था। लोग मिथ्या, आधारहीन आरोप लगा कर उसकी साख़ को ख़राब कर रहे थे (पद 2)। कुछ तो उस के राज करने की योग्यता पर प्रश्न चिह्न लगा रहे थे (पद 6)। संभवतः ऐसे अनुचित व्यवहार के कारण दाऊद क्रोधित भी हो रहा होगा। लेकिन फिर भी हम ये अद्भुत शब्द पढ़ते हैं: “मैं शान्ति से लेट जाऊंगा और सो जाऊंगा; क्योंकि, हे यहोवा, केवल तू ही मुझ को एकान्त में निश्चिन्त रहने देता है” (पद 8)।

     सुविख्यात मसीही प्रचारक चार्ल्स स्पर्जन ने पद 8 की बहुत सुन्दर व्याख्या की है; वे कहते हैं, “इस प्रकार से लेट जाने के द्वारा...[दाऊद] ने अपने आप को एक अन्य के हाथों में छोड़ दिया; उस ने ऐसा संपूर्णतः किया, क्योंकि वह फिर निश्चिन्त हो कर सो गया; उसे पूरा भरोसा था।” उसे यह भरोसा क्यों था? आरम्भ से ही दाऊद को विश्वास था कि परमेश्वर उस की प्रार्थनाएं सुनेगा और उन का उत्तर देगा (पद 3)। और वह निश्चित था कि क्योंकि परमेश्वर ने उस से प्रेम करना चुना है, इस लिए वह अपने प्रेम में होकर उस की प्रत्येक आवश्यकता को पूरा भी करेगा।

     जब भी हमें चिंताएँ सताएँ, परमेश्वर हमारी सहायता करे कि हम उसकी सामर्थ्य और उपस्थिति में शांत हो सकें। हम उस की सर्वशक्तिशाली और प्रेम भरी बाहों में शांत हो कर लेट जाएं और सो जाएं। - पोह फैंग चिया

हम पूर्णतः विश्वासयोग्य परमेश्वर में अपना पूरा भरोसा रख सकते हैं।

चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं!  - भजन 46:10

बाइबल पाठ: भजन 4
भजन संहिता 4:1 हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूं तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं सकेती में पड़ा तब तू ने मुझे विस्तार दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले।
भजन संहिता 4:2 हे मनुष्यों के पुत्रों, कब तक मेरी महिमा के बदले अनादर होता रहेगा? तुम कब तक व्यर्थ बातों से प्रीति रखोगे और झूठी युक्ति की खोज में रहोगे?
भजन संहिता 4:3 यह जान रखो कि यहोवा ने भक्त को अपने लिये अलग कर रखा है; जब मैं यहोवा को पुकारूंगा तब वह सुन लेगा।
भजन संहिता 4:4 कांपते रहो और पाप मत करो; अपने अपने बिछौने पर मन ही मन सोचो और चुपचाप रहो।
भजन संहिता 4:5 धर्म के बलिदान चढ़ाओ, और यहोवा पर भरोसा रखो।
भजन संहिता 4:6 बहुत से हैं जो कहते हैं, कि कौन हम को कुछ भलाई दिखाएगा? हे यहोवा तू अपने मुख का प्रकाश हम पर चमका!
भजन संहिता 4:7 तू ने मेरे मन में उस से कहीं अधिक आनन्द भर दिया है, जो उन को अन्न और दाखमधु की बढ़ती से होता था।
भजन संहिता 4:8 मैं शान्ति से लेट जाऊंगा और सो जाऊंगा; क्योंकि, हे यहोवा, केवल तू ही मुझ को एकान्त में निश्चिन्त रहने देता है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 22-24
  • यूहन्ना 8:28-59



गुरुवार, 23 अप्रैल 2020

साहस



     अमेरिका के भूतपूर्व राष्ट्रपति जॉन ऍफ़. केनेडी की 1963 में की गई हत्या से संबंधित रहस्यों में से एक है “बाबुश्का महिला” का रहस्य। उसे मूवी कैमरा के साथ उस दिन की घटनाओं को रिकॉर्ड करते हुए, उस दिन ली गई तस्वीरों में देखा गया है, किन्तु न उसके बारे में कुछ पता चला और न वह कभी पकड़ में आई है। इस रहस्यमयी महिला को, जो एक ओवरकोट पहने और सिर पर स्कार्फ (जो रूसी बाबुश्का के समान दिखता है) पहने हुए है, दशकों की खोज के बावजूद न तो कभी देखा गया है और न ही उस के द्वारा रिकॉर्ड की गई फिल्म देखी जा सकी है। उस के बारे में इतिहासकार और विद्वान बस अनुमान ही लगाते हैं कि वह अपने भय के कारण नवम्बर की उस दुखद शाम की अपनी कहानी बताने नहीं पाई है।

     परन्तु परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु के शिष्यों के छिप जाने के कारण को जानने के लिए किसी अनुमान की आवश्यकता नहीं है। वे उन अधिकारियों से भयभीत थे जिन्होंने उन के गुरु की हत्या कर दी थी (यूहन्ना 20:19), और सामने आ कर अपने अनुभव बताने से डरते थे। किन्तु फिर प्रभु यीशु मृतकों में से जी उठे। कुछ समय के पश्चात पवित्र आत्मा भी आ गया; और उस के बाद तो उन पहले के डरे और सहमे हुए मसीह के अनुयायियों को शांत नहीं रखा जा सका। पिन्तेकुस्त के दिन पवित्र आत्मा की सामर्थ्य से भरे हुए शमौन पतरस ने सब के सामने खुले आम घोषणा की, “सो अब इस्त्राएल का सारा घराना निश्‍चय जान ले कि परमेश्वर ने उसी यीशु को जिसे तुम ने क्रूस पर चढ़ाया, प्रभु भी ठहराया और मसीह भी” (प्रेरितों 2:36)।

     प्रभु यीशु मसीह के नाम में और उस के बारे में बोलने के लिए अवसर केवल उन तक ही सीमित नहीं हैं जो दुसाहसी व्यक्तित्व अथवा सेवकाई के कार्य के लिए प्रशिक्षित होते हैं। यह तो हमारे अंदर बसा हुआ पवित्र आत्मा है जो हमें प्रभु यीशु के सुसमाचार को सुनाने के लिए सक्षम करता है। उस की सामर्थ्य से हम अपने उद्धारकर्ता प्रभु परमेश्वर के सुसमाचार को औरों के साथ बांटने का साहस प्राप्त कर सकते हैं। - बिल क्राउडर

जिन्हें उसे सुनने की आवश्यकता है, उन के साथ प्रभु यीशु के अद्वितीय प्रेम को बांटें।

फिर पर्व के अंतिम दिन, जो मुख्य दिन है, यीशु खड़ा हुआ और पुकार कर कहा, यदि कोई प्यासा हो तो मेरे पास आकर पीए। जो मुझ पर विश्वास करेगा, जैसा पवित्र शास्त्र में आया है उसके हृदय में से जीवन के जल की नदियां बह निकलेंगी। उसने यह वचन उस आत्मा के विषय में कहा, जिसे उस पर विश्वास करने वाले पाने पर थे; क्योंकि आत्मा अब तक न उतरा था; क्योंकि यीशु अब तक अपनी महिमा को न पहुंचा था। - यूहन्ना 7:37-39

बाइबल पाठ: प्रेरितों 2:22-36
प्रेरितों के काम 2:22 हे इस्त्राएलियों, ये बातें सुनो: कि यीशु नासरी एक मनुष्य था जिस का परमेश्वर की ओर से होने का प्रमाण उन सामर्थ्य के कामों और आश्चर्य के कामों और चिन्‍हों से प्रगट है, जो परमेश्वर ने तुम्हारे बीच उसके द्वारा कर दिखलाए जिसे तुम आप ही जानते हो।
प्रेरितों के काम 2:23 उसी को, जब वह परमेश्वर की ठहराई हुई मनसा और होनहार के ज्ञान के अनुसार पकड़वाया गया, तो तुम ने अधर्मियों के हाथ से उसे क्रूस पर चढ़वा कर मार डाला।
प्रेरितों के काम 2:24 परन्तु उसी को परमेश्वर ने मृत्यु के बन्‍धनों से छुड़ाकर जिलाया: क्योंकि यह अनहोना था कि वह उसके वश में रहता।
प्रेरितों के काम 2:25 क्योंकि दाऊद उसके विषय में कहता है, कि मैं प्रभु को सर्वदा अपने साम्हने देखता रहा क्योंकि वह मेरी दाहिनी ओर है, ताकि मैं डिग न जाऊं।
प्रेरितों के काम 2:26 इसी कारण मेरा मन आनन्द हुआ, और मेरी जीभ मगन हुई; वरन मेरा शरीर भी आशा में बसा रहेगा।
प्रेरितों के काम 2:27 क्योंकि तू मेरे प्राणों को अधोलोक में न छोड़ेगा; और न अपने पवित्र जन को सड़ने ही देगा!
प्रेरितों के काम 2:28 तू ने मुझे जीवन का मार्ग बताया है; तू मुझे अपने दर्शन के द्वारा आनन्द से भर देगा।
प्रेरितों के काम 2:29 हे भाइयो, मैं उस कुलपति दाऊद के विषय में तुम से साहस के साथ कह सकता हूं कि वह तो मर गया और गाड़ा भी गया और उस की कब्र आज तक हमारे यहां वर्तमान है।
प्रेरितों के काम 2:30 सो भविष्यद्वक्ता हो कर और यह जान कर कि परमेश्वर ने मुझ से शपथ खाई है, कि मैं तेरे वंश में से एक व्यक्ति को तेरे सिंहासन पर बैठाऊंगा।
प्रेरितों के काम 2:31 उसने होनहार को पहिले ही से देखकर मसीह के जी उठने के विषय में भविष्यद्वाणी की, कि न तो उसका प्राण अधोलोक में छोड़ा गया, और न उस की देह सड़ने पाई।
प्रेरितों के काम 2:32 इसी यीशु को परमेश्वर ने जिलाया, जिस के हम सब गवाह हैं।
प्रेरितों के काम 2:33 इस प्रकार परमेश्वर के दाहिने हाथ से सर्वोच्‍च पद पाकर, और पिता से वह पवित्र आत्मा प्राप्त कर के जिस की प्रतिज्ञा की गई थी, उसने यह उंडेल दिया है जो तुम देखते और सुनते हो।
प्रेरितों के काम 2:34 क्योंकि दाऊद तो स्वर्ग पर नहीं चढ़ा; परन्तु वह आप कहता है, कि प्रभु ने मेरे प्रभु से कहा;
प्रेरितों के काम 2:35 मेरे दाहिने बैठ, जब तक कि मैं तेरे बैरियों को तेरे पांवों तले की चौकी न कर दूं।
प्रेरितों के काम 2:36 सो अब इस्त्राएल का सारा घराना निश्‍चय जान ले कि परमेश्वर ने उसी यीशु को जिसे तुम ने क्रूस पर चढ़ाया, प्रभु भी ठहराया और मसीह भी।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 19-21
  • यूहन्ना 8:1-27



शान्ति



     ग्रेस एक बहुत विशिष्ट महिला है। जब भी मैं उसके बारे में सोचती हूँ, तो एक ही शब्द मेरे मन में आता है: शान्ति। मैं उसे पिछले छः महीनों से जानती हूँ और उसके चहरे पर सदा ही के शांत और आश्वस्त भाव बना रहता है, जिसमें शायद ही कभी कोई परिवर्तन आता हो। ग्रेस का यह भाव तब भी नहीं बदला जब उसके पति को एक दुर्लभ रोग से ग्रसित पाया गया और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।

     मैंने जब ग्रेस से उनके शान्त और आश्वस्त रहने का रहस्य पूछा, तो उन्होंने कहा, “यह किसी रहस्य से नहीं, एक व्यक्ति – प्रभु यीशु मसीह के कारण है। इस का कारण मुझ में विद्यमान प्रभु यीशु हैं। जीवन के तूफानों के मध्य जिस शान्ति का मैं अनुभव करती हूँ, उसके लिए और कोई स्पष्टीकरण नहीं है।”

     हमारी शान्ति का रहस्य भी प्रभु यीशु के साथ हमारा संबंध है; वही हर परिस्थिति में हमारी शान्ति है। जब प्रभु यीशु हमारा उद्धारकर्ता और प्रभु होता है, और हम उसके समान बनते जाते हैं, तो उसकी शान्ति भी हमारे जीवनों में वास्तविक होती है। परिस्थितियाँ, जैसे कि बीमारियाँ, आर्थिक समस्याएँ, जोखिम और खतरे विद्यमान तो हो सकते हैं, परन्तु प्रभु की शान्ति हमें उसके वचन, बाइबल के द्वारा आश्वस्त रखती है कि परमेश्वर हमें अपने हाथों में थामे हुए है (दनिय्येल 5:23), और हम विश्वास रख सकते हैं कि अंततः सब बातों में हो कर भी हमारा भला ही होगा (रोमियों 8:28)। 

     क्या हमनेकभी इस तर्क और समझ से परे शान्ति का अनुभव किया है? क्या हमारे अंदर यह आश्वासन बना रहता है कि हर बात परमेश्वर के नियंत्रण में रहती है, और है। हम सब के लिए आज मेरी इच्छा, प्रेरित पौलुस द्वारा लिखे गए शब्दों में व्यक्त है: “अब प्रभु जो शान्‍ति का सोता है आप ही तुम्हें सदा और हर प्रकार से शान्‍ति दे: प्रभु तुम सब के साथ रहे” (2 थिस्स्लुनीकियों 3:16)। - कीला ओकोआ

प्रभु यीशु में विश्वास रखना ही शान्ति है।

मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे। - यूहन्ना 14:27

बाइबल पाठ: 2 थिस्स्लुनीकियों 3:16-18
2 थिस्स्लुनीकियों 3:16 अब प्रभु जो शान्‍ति का सोता है आप ही तुम्हें सदा और हर प्रकार से शान्‍ति दे: प्रभु तुम सब के साथ रहे।।
2 थिस्स्लुनीकियों 3:17 मैं पौलुस अपने हाथ से नमस्‍कार लिखता हूं: हर पत्री में मेरा यही चिन्ह है: मैं इसी प्रकार से लिखता हूं।
2 थिस्स्लुनीकियों 3:18 हमारे प्रभु यीशु मसीह का अनुग्रह तुम सब पर होता रहे।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमुएल 16-18
  • लूका 17:20-37



बुधवार, 22 अप्रैल 2020

थामे हुए



     मेरा ‘चॉकलेट’ के रंग का पालतू कुत्ता जब तीन माह का पिल्ला ही था तो मैं उसके टीकों और जांच के लिए उसे पशु चिकित्सक के पास ले कर गया। बड़े ध्यान से उसका निरीक्षण करते समय, उसे उस पिल्ले के पिछले बाईं पंजे पर सफ़ेद बालों का एक छोटा सा स्थान दिखाई दिया। उसने मुस्कुराते हुए, मज़ाक में कहा, ‘अच्छा तो परमेश्वर ने तुम्हें चॉकलेट में डुबकी देते समय यहाँ से पकड़ा था।’ उसकी बात सुनकर मैं अपनी हंसी को नहीं रोक सका, परन्तु अनायास ही उस पशु चिकित्सक ने परमेश्वर द्वारा अपनी सृष्टि में लिए जाने वाली गहरी और व्यक्तिगत रूचि के संबंध में एक महत्वपूर्ण बात कह दी थी।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु ने मत्ती 10:30 में अपने शिष्यों से कहा, “तुम्हारे सिर के बाल भी सब गिने हुए हैं” अर्थात, परमेश्वर इतना महान है कि वह हमारी छोटी से छोटी बात में भी रूचि रखता है। ऐसा कुछ नहीं है, वह चाहे कितना भी छोटा क्यों न हो, वह जिसके विषय नहीं जानता हो, और हमारी कोई भी चिंता इतनी गौण नहीं है कि उसके सम्मुख न लाई जा सके; वह हम से इतना प्रेम करता है।

     न केवल परमेश्वर ने हमारी सृष्टि की है, वरन वह हर पल, हर क्षण हमारी देखभाल करता है, हमें सुरक्षा प्रदान करता रहता है। वह उन छोटी से छोटी बातों पर भी ध्यान लगाए रहता है, जिनके बारे में हम जानते, या सोचते नहीं हैं, या जिन्हें महत्वपूर्ण नहीं समझते हैं। यह कितना शांत और आश्वस्त करने वाली बात है कि हमारा सिद्ध, सर्वज्ञानी, सर्वशक्तिमान स्वर्गीय पिता, हमें तथा अपनी समस्त सृष्टि को, अपने सामर्थी और प्रेम भरे हाथों में सदा थामे रहता है। जेम्स बैंक्स

परमेश्वर हमारी प्रत्येक आवश्यकता की पूर्ति करता है।

किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं। तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरिक्षत रखेगी। - फिलिप्पियों 4:6-7

बाइबल पाठ: मत्ती 10:29-31
मत्ती 10:29 क्या पैसे में दो गौरैये नहीं बिकतीं? तौभी तुम्हारे पिता की इच्छा के बिना उन में से एक भी भूमि पर नहीं गिर सकती।
मत्ती 10:30 तुम्हारे सिर के बाल भी सब गिने हुए हैं।
मत्ती 10:31 इसलिये, डरो नहीं; तुम बहुत गौरैयों से बढ़कर हो।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमुएल 14-15
  • लूका 17:1-19



मंगलवार, 21 अप्रैल 2020

प्रतिज्ञा



     मैं अपने विवाह की तस्वीरों के डिब्बे में से पुरानी तसवीरें देख रही थी, और मेरे हाथ मेरे तथा मेरे पति की एक तस्वीर पर रुक गए – जो हमारे ‘श्रीमान और श्रीमती’ बनते के साथ ही ली गई थी। मेरे हाव-भाव में उनके प्रति मेरे समर्पण का भाव स्पष्ट दिखाई दे रहा था। मैं उनके साथ कहीं भी जाने के लिए तैयार थी।

     अब लगभग चार दशक के बाद भी, हमारा विवाह संबंध परस्पर प्रेम और समर्पण के द्वारा मज़बूती के साथ गठा हुआ है, और हमें भले और बुरे दोनों समयों में से सुरक्षित लेकर चलता रहा है। मैंने हर साल अपनी वह प्रतिज्ञा दोहराई है, अपने आप को अपने पति के साथ कहीं भी जाने के लिए समर्पित बनाए रखा है।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में यिर्मयाह 2:2 में परमेश्वर अपनी प्रिय किन्तु भटके हुए हठीले इस्राएल से कहता है, “...तेरी जवानी का स्नेह और तेरे विवाह के समय का प्रेम मुझे स्मरण आता है कि तू कैसे जंगल में मेरे पीछे पीछे चली...।” यहाँ पर  ‘स्नेह’ के लिए मूल इब्रानी भाषा में जिस शब्द का प्रयोग किया गया है, उसका अर्थ सर्वोच्च संभव वफादारी और प्रतिबद्धता है। इस्राएल ने आरंभ में परमेश्वर के प्रति जिस दृढ़ समर्पण को व्यक्त किया था, धीरे-धीरे वह उस से मुड़ गया।

     वफादारी के संबंधों में जिस दृढ़ता के साथ समर्पण का दावा किया जाता है, समय के साथ वह फीका पड़ सकता है, और प्रेम तथा उत्साह के उस आरम्भिक पैनेपन के जाते रहने से विश्वासघात करने की संभावना उत्पन्न हो जाती है। हम अपने विवाहों में ऐसी संभावना के उत्पन्न होने के खतरे से तो परिचित हैं; परन्तु परमेश्वर के प्रति प्रेम के हमारे संबंध का क्या हाल है? क्या हम आज भी उसके प्रति वैसे ही दृढ़ समर्पित हैं जैसे तब थे जब हम मसीही विश्वास में आए ही थे?

     परमेश्वर अपने लोगों को विश्वासयोग्यता में लौट कर आने के अवसर देता है (यिर्मयाह 3:14-15)। हम आज ही उसके साथ की गई अपनी प्रतिज्ञा को फिर से दोहरा कर नया कर सकते हैं। - एलिसा मॉर्गन

यदि आप यह जानते हैं कि आपकी अगुवाई प्रभु परमेश्वर कर रहा है, 
तो आपको यह जानने की आवश्यकता नहीं है कि हम कहाँ जा रहे हैं।

वह मुझे हरी हरी चराइयों में बैठाता है; वह मुझे सुखदाई जल के झरने के पास ले चलता है; - भजन 23:2

बाइबल पाठ: यिर्मयाह 2:1-8; 3:14-15
यिर्मयाह 2:1 यहोवा का वह वचन मेरे पास पहुंचा,
यिर्मयाह 2:2 और यरूशलेम में पुकार कर यह सुना दे, यहोवा यह कहता है, तेरी जवानी का स्नेह और तेरे विवाह के समय का प्रेम मुझे स्मरण आता है कि तू कैसे जंगल में मेरे पीछे पीछे चली जहां भूमि जोती-बोई न गई थी।
यिर्मयाह 2:3 इस्राएल, यहोवा के लिये पवित्र और उसकी पहली अपज थी। उसे खाने वाले सब दोषी ठहरेंगे और विपत्ति में पड़ेंगे, यहोवा की यही वाणी है।
यिर्मयाह 2:4 हे याकूब के घराने, हे इस्राएल के घराने के कुलों के लोगों, यहोवा का वचन सुनो!
यिर्मयाह 2:5 यहोवा यों कहता है, तुम्हारे पुरखाओं ने मुझ में कौन ऐसी कुटिलता पाई कि मुझ से दूर हट गए और निकम्मी वस्तुओं के पीछे हो कर स्वयं निकम्मे हो गए?
यिर्मयाह 2:6 उन्होंने इतना भी न कहा कि जो हमें मिस्र देश से निकाल ले आया वह यहोवा कहां है? जो हमें जंगल में से और रेत और गड़हों से भरे हुए निर्जल और घोर अन्धकार के देश से जिस में हो कर कोई नहीं चलता, और जिस में कोई मनुष्य नहीं रहता, हमें निकाल ले आया।
यिर्मयाह 2:7 और मैं तुम को इस उपजाऊ देश में ले आया कि उसका फल और उत्तम उपज खाओ; परन्तु मेरे इस देश में आकर तुम ने इसे अशुद्ध किया, और मेरे इस निज भाग को घृणित कर दिया है।
यिर्मयाह 2:8 याजकों ने भी नहीं पूछा कि यहोवा कहां है; जो व्यवस्था सिखाते थे वे भी मुझ को न जानते थे; चरवाहों ने भी मुझ से बलवा किया; भविष्यद्वक्ताओं ने बाल देवता के नाम से भविष्यद्वाणी की और निष्फल बातों के पीछे चले।
यिर्मयाह 3:14 हे भटकने वाले लड़को लौट आओ, क्योंकि मैं तुम्हरा स्वामी हूँ; यहोवा की यह वाणी है। तुम्हारे प्रत्येक नगर पीछे एक, और प्रत्येक कुल पीछे दो को लेकर मैं सिय्योन में पहुंचा दूंगा।
यिर्मयाह 3:15 और मैं तुम्हें अपने मन के अनुकूल चरवाहे दूंगा, जो ज्ञान और बुद्धि से तुम्हें चराएंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमुएल 12-13
  • लूका 16



सोमवार, 20 अप्रैल 2020

क्षमा



     मैंने एक दोपहर के दो घंटे एक चित्र-कला प्रदर्शनी, जिसका शीर्षक था ‘पिता और उसके दो पुत्र: क्षमा के चित्र’ के चित्र देखने में बिताए; इस प्रदर्शनी के सभी चित्र परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु द्वारा दिए गए उड़ाऊ पुत्र के दृष्टांत (लूका 15:11-31) पर आधारित थे। मुझे एडवर्ड रिओजस द्वारा बनाए गए चित्र ने विशेषतः प्रभावित किया। उस चित्र में उड़ाऊ पुत्र घर की ओर लौट रहा है, उसके सिर झुका हुआ है और उसने चिथड़े पहने हुए हैं। उसके पीछे मृत्यु का देश है, और वह जिस मार्ग पर चल रहा है, उसके दूसरे छोर पर उसका पिता उसकी ओर दौड़ा चला आ रहा है। चित्र के नीचे प्रभु यीशु द्वारा कहे गए शब्द, “तब वह उठ कर, अपने पिता के पास चला: वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा” (लूका 15:20) लिखे हुए हैं।

     एक बार फिर मेरा हृदय, परमेश्वर के उस अपरिवर्तनीय प्रेम का एहसास करने के द्वारा, जिसने मेरा जीवन बदल दिया है, बहुत गहराई से द्रवित हुआ। जब मैं उससे मुँह मोड़कर चला गया, तब परमेश्वर ने मुझ से मुँह नहीं मोड़ा, वरन वह मेरी प्रतीक्षा करता रहा, मेरी राह देखता रहा। हम उसके प्रेम के योग्य तो नहीं हैं, फिर भी उसका प्रेम हमारे प्रति कभी कम नहीं होता है। चाहे हम अकसर परमेश्वर की उपेक्षा करते रहते हैं, फिर भी वह कभी हमसे दूर नहीं जाता है।

     हम सभी उसके सामने दोषी हैं, फिर भी हमारा स्वर्गीय परमेश्वर पिता हमारी ओर हाथ बढ़ाकर, हमें गले लगाकर, हमारा स्वागत ऐसे ही करता है जैसे प्रभु द्वारा सुनाए गए दृष्टांत में पिता करता है। उड़ाऊ पुत्र के लौट आने पर उस पिता ने अपने सेवकों से कहा, “और पला हुआ बछड़ा लाकर मारो ताकि हम खांए और आनन्द मनाएं। क्योंकि मेरा यह पुत्र मर गया था, फिर जी गया है: खो गया था, अब मिल गया है: और वे आनन्द करने लगे” ( पद 23, 24)।

     आज भी जो भी जन प्रभु परमेश्वर की ओर लौट कर आता है, परमेश्वर उसे क्षमा करता है, उसका स्वागत करता है। और यह क्षमा प्राप्ती, आनन्द मनाने योग्य बात है। - डेविड सी. मेक्कैसलैंड

हम चाहे उसके प्रेम के योग्य नहीं हैं, 
फिर भी हमारे प्रति परमेश्वर का प्रेम बदलता नहीं है।

यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। - 1 यूहन्ना 1:9

बाइबल पाठ: लूका 15:11-24
लूका 15:11 फिर उसने कहा, किसी मनुष्य के दो पुत्र थे।
लूका 15:12 उन में से छुटके ने पिता से कहा कि हे पिता संपत्ति में से जो भाग मेरा हो, वह मुझे दे दीजिए। उसने उन को अपनी संपत्ति बांट दी।
लूका 15:13 और बहुत दिन न बीते थे कि छुटका पुत्र सब कुछ इकट्ठा कर के एक दूर देश को चला गया और वहां कुकर्म में अपनी संपत्ति उड़ा दी।
लूका 15:14 जब वह सब कुछ खर्च कर चुका, तो उस देश में बड़ा अकाल पड़ा, और वह कंगाल हो गया।
लूका 15:15 और वह उस देश के निवासियों में से एक के यहां जा पड़ा: उसने उसे अपने खेतों में सूअर चराने के लिये भेजा।
लूका 15:16 और वह चाहता था, कि उन फलियों से जिन्हें सूअर खाते थे अपना पेट भरे; और उसे कोई कुछ नहीं देता था।
लूका 15:17 जब वह अपने आपे में आया, तब कहने लगा, कि मेरे पिता के कितने ही मजदूरों को भोजन से अधिक रोटी मिलती है, और मैं यहां भूखा मर रहा हूं।
लूका 15:18 मैं अब उठ कर अपने पिता के पास जाऊंगा और उस से कहूंगा कि पिता जी मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है।
लूका 15:19 अब इस योग्य नहीं रहा कि तेरा पुत्र कहलाऊं, मुझे अपने एक मजदूर के समान रख ले।
लूका 15:20 तब वह उठ कर, अपने पिता के पास चला: वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा।
लूका 15:21 पुत्र ने उस से कहा; पिता जी, मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है; और अब इस योग्य नहीं रहा, कि तेरा पुत्र कहलाऊं।
लूका 15:22 परन्तु पिता ने अपने दासों से कहा; फट अच्‍छे से अच्छा वस्‍त्र निकाल कर उसे पहिनाओ, और उसके हाथ में अंगूठी, और पांवों में जूतियां पहिनाओ।
लूका 15:23 और पला हुआ बछड़ा लाकर मारो ताकि हम खांए और आनन्द मनाएं।
लूका 15:24 क्योंकि मेरा यह पुत्र मर गया था, फिर जी गया है: खो गया था, अब मिल गया है: और वे आनन्द करने लगे।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमुएल 9-11
  • लूका 15:11-32