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शुक्रवार, 11 जून 2021

स्तुति

 

          मसीही गीतों की गायन मण्डली, फॉर्मर न्यूज़बॉयज के मुख्य गायक, पीटर फरलर ने अपनी गायन मण्डली के स्तुति गीत “He Reigns (वह राज्य करता है)” के गाए जाने के बारे में बताया। वह स्तुतिगान संसार के प्रत्येक जाति और राष्ट्र से मसीही विश्वासी लोगों के साथ आने और एक मन होकर, साथ मिलकर परमेश्वर की स्तुति करने के बारे में है। फरलर ने कहा कि जब भी उनकी गायन मण्डली इस स्तुति गीत को गाती है, वह मसीही विश्वासियों के मध्य पवित्र आत्मा के विचरण को अनुभव करता था।

          फरलर का यह वर्णन परमेश्वर के वचन बाइबल में उस पिन्तेकुस्त के दिन यरूशलेम में एकत्रित लोगों के अनुभव के समान है, जब प्रभु यीशु के शिष्य पवित्र-आत्मा से भर गए (प्रेरितों 2:4), और वहाँ पर लोगों की आशा या अपेक्षा से बहुत परे की बातें घटित होने लगीं। परिणामस्वरूप हर एक राष्ट्र से वहाँ पर एकत्रित यहूदी, असमंजस में एक साथ आ गए, क्योंकि प्रत्येक अपनी ही भाषा में परमेश्वर के महान कार्यों के बारे में सुनने पा रहा था (पद 5-6, 11)। पतरस ने लोगों को समझाया कि यह पुराने नियम की भविष्यवाणी का पूरा होना था, जिसमें परमेश्वर ने कहा था कि,मैं [सभी लोगों पर] अपनी आत्मा को उंडेलूँगा” (पद 17)।

          परमेश्वर की अद्भुत सामर्थ्य के इस प्रदर्शन के कारण लोग पतरस द्वारा दिए जा रहे सुसमाचार सन्देश के प्रति अधिक संवेदनशील हो गए, और उस दिन तीन हज़ार लोगों ने मन फिराया (पद 41)। इस अद्भुत आरंभ के पश्चात, ये नए विश्वासी अपने-अपने स्थानों को लौट गए, और प्रभु यीशु मसीह में विश्वास के द्वारा उद्धार मिलने के सुसमाचार को भी अपने साथ ले गए।

          उद्धार का यह सुसमाचार आज भी सारे संसार में गूँज रहा है; सारे संसार के सभी लोगों को आशा प्रदान कर रहा है। जब हम साथ मिलकर परमेश्वर की स्तुति और आराधना करते हैं, तो उसका आत्मा हम में कार्य करता है, लोगों को एक-मनता के साथ एकत्रित करता है, जो फिर और उत्साह के साथ सुसमाचार का प्रसार तथा परमेश्वर की स्तुति करने पाते हैं। - रेमी ओयेडेले

 

पिता परमेश्वर मैं सभी लोगों के लिए आपके प्रेम को बता सकूँ।


यहोवा की महिमा और सामर्थ्य को मानो। यहोवा के नाम की महिमा ऐसी मानो जो उसके नाम के योग्य है। भेंट ले कर उसके सम्मुख आओ, पवित्रता से शोभायमान हो कर यहोवा को दण्डवत करो। - 1 इतिहास 16:29

बाइबल पाठ: प्रेरितों 2:1-12

प्रेरितों के काम 2:1 जब पिन्तेकुस्त का दिन आया, तो वे सब एक जगह इकट्ठे थे।

प्रेरितों के काम 2:2 और एकाएक आकाश से बड़ी आंधी की सी सनसनाहट का शब्द हुआ, और उस से सारा घर जहां वे बैठे थे, गूंज गया।

प्रेरितों के काम 2:3 और उन्हें आग की सी जीभें फटती हुई दिखाई दीं; और उन में से हर एक पर आ ठहरीं।

प्रेरितों के काम 2:4 और वे सब पवित्र आत्मा से भर गए, और जिस प्रकार आत्मा ने उन्हें बोलने की सामर्थ्य दी, वे अन्य अन्य भाषा बोलने लगे।

प्रेरितों के काम 2:5 और आकाश के नीचे की हर एक जाति में से भक्त यहूदी यरूशलेम में रहते थे।

प्रेरितों के काम 2:6 जब वह शब्द हुआ तो भीड़ लग गई और लोग घबरा गए, क्योंकि हर एक को यही सुनाई देता था, कि ये मेरी ही भाषा में बोल रहे हैं।

प्रेरितों के काम 2:7 और वे सब चकित और अचम्भित हो कर कहने लगे; देखो, ये जो बोल रहे हैं क्या सब गलीली नहीं?

प्रेरितों के काम 2:8 तो फिर क्यों हम में से हर एक अपनी अपनी जन्म भूमि की भाषा सुनता है?

प्रेरितों के काम 2:9 हम जो पारथी और मेदी और एलामी लोग और मिसुपुतामिया और यहूदिया और कप्‍पदूकिया और पुन्‍तुस और आसिया।

प्रेरितों के काम 2:10 और फ्रूगिया और पमफूलिया और मिसर और लिबूआ देश जो कुरेने के आस पास है, इन सब देशों के रहने वाले और रोमी प्रवासी, क्या यहूदी क्या यहूदी मत धारण करने वाले, क्रेती और अरबी भी हैं।

प्रेरितों के काम 2:11 परन्तु अपनी अपनी भाषा में उन से परमेश्वर के बड़े बड़े कामों की चर्चा सुनते हैं।

प्रेरितों के काम 2:12 और वे सब चकित हुए, और घबराकर एक दूसरे से कहने लगे कि यह क्या हुआ चाहता है?

 

एक साल में बाइबल: 

  • एज्रा 1-2
  • यूहन्ना 19:23-42


गुरुवार, 10 जून 2021

उदार

 

          स्टीव, एक बासठ वर्षीय बेघर सेवा-निवृत्त सैनिक है। वह जाकर गर्म मौसम वाले स्थान में रहने लगा जिससे कि वर्ष भर रातों को बाहर खुले में सोने में समस्या न हो। एक संध्या को जब वह अपने हाथों से बनाए गए चित्रों को लोगों को दिखा रहा था, इस आशा में कि उसे कुछ पैसे मिल जाएँगे, एक युवती आई और उसने स्टीव को पीज़ा के कुछ भाग दिए। स्टीव ने उन्हें कृतज्ञता के साथ स्वीकार कर लिया। कुछ ही पल में उसने उसे मिले इस बहुतायत के भोजन को अपने ही समान एक अन्य बेघर और भूखे व्यक्ति के साथ बाँटा। लगभग तुरंत ही वही युवती फिर से आ गई और उसे प्लेट भर के भोजन दिया, इस बात की सराहना करते हुए कि जो उसे मिला था, वह उसके साथ उदार रहा था।

          स्टीव की कहानी परमेश्वर के वचन बाइबल में नीतिवचन 11:25 के सिद्धांत को चित्रित करती है, जहाँ कहा गया है कि जब हम औरों के प्रति उदार होंगे, तो हमें भी उदारता से दिया जाएगा। लेकिन हमें इस अपेक्षा से उदार होकर नहीं देना चाहिए कि हमें वापस कुछ मिल और जाएगा। ऐसा बहुत ही कम होता है कि हमारी उदारता का उतनी तेज़ी से प्रतिफल आ जाता है जितना स्टीव के लिए आ गया। जब हम किसी की सहायता के लिए दें, तो ऐसा परमेश्वर के सप्रेम देने के निर्देश के पालन के लिए करें (फिलिप्पियों 2:3-4; 1 यूहन्ना 3:17)। जब हम ऐसा करते हैं, तब परमेश्वर इससे प्रसन्न होता है; और, यद्यपि वह बाध्य नहीं है कि तुरंत ही हमारे बटुए या पेट को भर दे, फिर भी वह हमें पुरस्कृत करने के तरीके निकाल लेता है – कभी भौतिक वस्तुओं के द्वारा, तो कभी आत्मिक आशीषों से।

          स्टीव ने भोजन की दूसरी प्लेट को भी मुस्कराते हुए और खुले हाथों से औरों के साथ बाँटा। यद्यपि उसके पास अपने कोई संसाधन नहीं थे, फिर भी वह उदारता से देने का एक उदाहरण बना। प्रसन्न चित्त होकर जो भी उसके पास था, उसे दूसरों के साथ साझा किया, न कि अपने ही लिए उसे संग्रह कर के रख लिया। परमेश्वर हमें जैसा सक्षम करे और मार्गदर्शन करे, हम भी उदारता के साथ अपनी आशीषों को बांटने वाले बनें। - कर्स्टन होल्मबर्ग

 

परमेश्वर जो हमें देता है हम उसके साथ उदार हो सकते हैं।


हर एक जन जैसा मन में ठाने वैसा ही दान करे न कुढ़ कुढ़ के, और न दबाव से, क्योंकि परमेश्वर हर्ष से देने वाले से प्रेम रखता है। - 2 कुरिन्थियों 9:7

बाइबल पाठ: नीतिवचन 11:23-31

नीतिवचन 11:23 धर्मियों की लालसा तो केवल भलाई की होती है; परन्तु दुष्टों की आशा का फल क्रोध ही होता है।

नीतिवचन 11:24 ऐसे हैं, जो छितरा देते हैं, तौभी उनकी बढ़ती ही होती है; और ऐसे भी हैं जो यथार्थ से कम देते हैं, और इस से उनकी घटती ही होती है।

नीतिवचन 11:25 उदार प्राणी हृष्ट पुष्ट हो जाता है, और जो औरों की खेती सींचता है, उसकी भी सींची जाएगी।

नीतिवचन 11:26 जो अपना अनाज रख छोड़ता है, उसको लोग शाप देते हैं, परन्तु जो उसे बेच देता है, उसको आशीर्वाद दिया जाता है।

नीतिवचन 11:27 जो यत्न से भलाई करता है वह औरों की प्रसन्नता खोजता है, परन्तु जो दूसरे की बुराई का खोजी होता है, उसी पर बुराई आ पड़ती है।

नीतिवचन 11:28 जो अपने धन पर भरोसा रखता है वह गिर जाता है, परन्तु धर्मी लोग नये पत्ते के समान लहलहाते हैं।

नीतिवचन 11:29 जो अपने घराने को दु:ख देता, उसका भाग वायु ही होगा, और मूढ़ बुद्धिमान का दास हो जाता है।

नीतिवचन 11:30 धर्मी का प्रतिफल जीवन का वृक्ष होता है, और बुद्धिमान मनुष्य लोगों के मन को मोह लेता है।

नीतिवचन 11:31 देख, धर्मी को पृथ्वी पर फल मिलेगा, तो निश्चय है कि दुष्ट और पापी को भी मिलेगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • इतिहास 34-36
  • यूहन्ना 19:1-22


बुधवार, 9 जून 2021

प्रार्थना

 

          एबी उस समय हाई स्कूल की छात्रा थी, जब उसने और उसकी माँ ने एक वायु-यान दुर्घटना का समाचार सुना, जिसमें एक लड़का घायल होने से गंभीर हालत में था, जबकि उसके पिता और सौतेली माँ का उस दुर्घटना में निधन हो गया था। वे उन लोगों को नहीं जानते थे, लेकिन एबी की माँ ने कहा कि उन्हें उस लड़के के लिए प्रार्थनाएँ करनी चाहिएँ, और उन्होंने की भी।

          कुछ वर्षों के बाद, जब एक दिन जब एबी विश्वविद्यालय में अपनी कक्षा में आई तो एक लड़के ने उसे अपने साथ की सीट पर बैठने के लिए आमंत्रित किया, और एबी ने स्वीकार कर लिया। उस लड़के का नाम ऑस्टिन हैच था; वह वही लड़का था जिसके लिए एबी ने प्रार्थनाएँ की थीं। उन दोनों में मित्रता हुई और बढ़ती गई, और फिर 2018 में उनका विवाह हो गया। उनके विवाह से कुछ पहले एक साक्षात्कार में एबी ने कहा, “अब यह सोचना इतना विचित्र सा लगता है कि मैं अनजाने में ही अपने भावी पति के लिए प्रार्थनाएं कर रही थी।”

          हमारे लिए, बिना दूसरों के लिए प्रार्थना करने का समय निकाले, अपनी प्रार्थनाओं को अपनी ही व्यक्तिगत आवश्यकताओं और अपने निकट के लोगों के लिए ही सीमित रखना बहुत सरल होता है। किन्तु परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस ने इफिसुस के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में लिखा,और हर समय और हर प्रकार से आत्मा में प्रार्थना, और बिनती करते रहो, और इसी लिये जागते रहो, कि सब पवित्र लोगों के लिये लगातार बिनती किया करो” (इफिसियों 6:18); और 1 तिमुथियुस 2:1-2 हमें सभी के लिए प्रार्थना करने को कहता है, अधिकारियों के लिए भी।

          हम औरों के लिए भी प्रार्थनाएँ करें – उनके लिए भी जिन्हें हम नहीं जानते हैं। यह “एक दूसरे के भार उठाने” (गलातियों 6:2) का एक तरीका है। - डेव ब्रैनन

 

प्रभु परमेश्वर, मुझे औरों के लिए प्रार्थनाएँ करने वाला बनाएं।


अब मैं सब से पहिले यह उपदेश देता हूं, कि बिनती, और प्रार्थना, और निवेदन, और धन्यवाद, सब मनुष्यों के लिये किए जाएं। राजाओं और सब ऊंचे पद वालों के निमित्त इसलिये कि हम विश्राम और चैन के साथ सारी भक्ति और गम्भीरता से जीवन बिताएं। - 1 तीमुथियुस 2:1-2

बाइबल पाठ: इफिसियों 6:16-20

इफिसियों 6:16 और उन सब के साथ विश्वास की ढाल ले कर स्थिर रहो जिस से तुम उस दुष्‍ट के सब जलते हुए तीरों को बुझा सको।

इफिसियों 6:17 और उद्धार का टोप, और आत्मा की तलवार जो परमेश्वर का वचन है, ले लो।

इफिसियों 6:18 और हर समय और हर प्रकार से आत्मा में प्रार्थना, और बिनती करते रहो, और इसी लिये जागते रहो, कि सब पवित्र लोगों के लिये लगातार बिनती किया करो।

इफिसियों 6:19 और मेरे लिये भी, कि मुझे बोलने के समय ऐसा प्रबल वचन दिया जाए, कि मैं हियाव से सुसमाचार का भेद बता सकूं जिस के लिये मैं जंजीर से जकड़ा हुआ राजदूत हूं।

इफिसियों 6:20 और यह भी कि मैं उस के विषय में जैसा मुझे चाहिए हियाव से बोलूं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • इतिहास 32-33
  • यूहन्ना 18:19-40


मंगलवार, 8 जून 2021

कार्य

 

          जब मैंने अपनी सहेली एरिन के टखने पर बोलिंग बॉल के द्वारा खूँटियाँ गिराए जाने के टैटू को देखा तो मेरे मन में जिज्ञासा उत्पन्न हुई। इस अनुपम टैटू को बनवाने के लिए एरिन को सारा ग्रोव के एक गाने “Setting Up the Pins” से प्रेरणा प्राप्त हुई थी। उस गाने के शब्दों में श्रोताओं को प्रोत्साहित किया गया है कि वे बारंबार दोहराए जाने वाले दिनचर्या के कार्यों में भी आनन्द प्राप्त करें। ऐसे कार्यों में भी जो बोलिंग बॉल द्वारा गिराए जाने के लिए खूँटियों को खड़े करते रहने के समान हैं – एक जन जाकर उन खूँटियों को ठीक से खड़ा करता है, और तुरंत ही कोई और जन बॉल को फेंक कर उन्हें गिरा देने का प्रयास करता है, और किसी को उन्हें फिर से खड़ा करना पड़ता है, ताकि अगला खिलाड़ी आकर उन्हें फिर से गिराने का प्रयास करे; और यही क्रम बारंबार दोहराया जाता है।

          घरेलू कार्य, कपड़े धोना, खाना बनाना, बागीचे का ध्यान करते रहना – जीवन ऐसे कार्यों से भरा हुआ प्रतीत होता है जिन्हें एक बार कर लेने के बाद फिर से बारंबार दोहराते रहना पड़ता है। यह कोई नया संघर्ष नहीं है, परन्तु एक पुरानी खिसियाहट है। ऐसा संघर्ष जिसके बार में परमेश्वर के वचन बाइबल में पुराने नियम की पुस्तक सभोपदेशक में भी लिखा गया है। इस पुस्तक के आरंभिक अध्याय में लेखक मानव जीवन दोहराए जाते रहने वाले दैनिक कार्यों के चक्र की व्यर्थता के बारे में लिखता है (1:2-3)। वह कहता है,जो कुछ हुआ था, वही फिर होगा, और जो कुछ बन चुका है वही फिर बनाया जाएगा; और सूर्य के नीचे कोई बात नई नहीं है” (पद 9)।

          लेकिन मेरी सहेली के समान ही, लेखक भी उनमें आनन्द और अर्थपूर्ण होने की अनुभूति को देखने पाता है, यह स्मरण करने के द्वारा कि हमारी पूर्ण तृप्ति परमेश्वर के भय में उसकी आज्ञाकारिता से ही है “सब कुछ सुना गया; अन्त की बात यह है कि परमेश्वर का भय मान और उसकी आज्ञाओं का पालन कर; क्योंकि मनुष्य का सम्पूर्ण कर्तव्य यही है” (12:13)। यह समझ पाने में हमारे लिए संतुष्टि है कि परमेश्वर साधारण और नीरस प्रतीत होने वाले कार्यों को भी महत्व देता है, और उनके प्रति हमारी विश्वासयोग्यता के लिए हमें प्रतिफल देगा (पद 14)।

          आप को कौन सी “खूँटियाँ” दिन-प्रतिदिन खड़ी करते रहना पड़ता है? उन समयों में जब बारंबार दोहराए जाने वाले कार्य उबाऊ लगने लगते हैं, हम अपने हर कार्य को परमेश्वर को एक प्रेम भेंट के समान अर्पित करें। - लिसा सामरा

 

पिता परमेश्वर मेरे साधारण कार्यों को भी महत्वपूर्ण समझने के लिए आपका बहुत धन्यवाद।


और जो कुछ तुम करते हो, तन मन से करो, यह समझ कर कि मनुष्यों के लिये नहीं परन्तु प्रभु के लिये करते हो। - कुलुस्सियों 3:23

बाइबल पाठ: सभोपदेशक 1:3-11

सभोपदेशक 1:3 उस सब परिश्रम से जिसे मनुष्य धरती पर करता है, उसको क्या लाभ प्राप्त होता है?

सभोपदेशक 1:4 एक पीढ़ी जाती है, और दूसरी पीढ़ी आती है, परन्तु पृथ्वी सर्वदा बनी रहती है।

सभोपदेशक 1:5 सूर्य उदय हो कर अस्त भी होता है, और अपने उदय की दिशा को वेग से चला जाता है।

सभोपदेशक 1:6 वायु दक्खिन की ओर बहती है, और उत्तर की ओर घूमती जाती है; वह घूमती और बहती रहती है, और अपने चक्करों में लौट आती है।

सभोपदेशक 1:7 सब नदियां समुद्र में जा मिलती हैं, तौभी समुद्र भर नहीं जाता; जिस स्थान से नदियां निकलती हैं; उधर ही को वे फिर जाती हैं।

सभोपदेशक 1:8 सब बातें परिश्रम से भरी हैं; मनुष्य इसका वर्णन नहीं कर सकता; न तो आंखें देखने से तृप्त होती हैं, और न कान सुनने से भरते हैं।

सभोपदेशक 1:9 जो कुछ हुआ था, वही फिर होगा, और जो कुछ बन चुका है वही फिर बनाया जाएगा; और सूर्य के नीचे कोई बात नई नहीं है।

सभोपदेशक 1:10 क्या ऐसी कोई बात है जिसके विषय में लोग कह सकें कि देख यह नई है? यह तो प्राचीन युगों में वर्तमान थी।

सभोपदेशक 1:11 प्राचीन बातों का कुछ स्मरण नहीं रहा, और होने वाली बातों का भी स्मरण उनके बाद होने वालों को न रहेगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • इतिहास 30-31
  • यूहन्ना 18:1-18


सोमवार, 7 जून 2021

अवसर

 

          उन्होंने कहा, “अपने बच्चों को चाँद दिखाने के किसी अवसर को मत गँवाना।” हमारी साप्ताहिक प्रार्थना सभा के आरंभ होने से पहले, एकत्रित लोगों में से हम कुछ लोग बीती रात की शरद पूर्णिमा के चाँद के मनोहर दृश्य के बारे में बात कर रहे थे। वह बड़ा सा चाँद बहुत आकर्षक था, विशेषकर उस समय, जब वह क्षितिज पर था। हमारे समूह की सबसे वृद्ध महिला, पके हुए बालों वाले श्रीमती वैब, परमेश्वर की सृष्टि से बहुत प्रेम करती थीं। उन्हें पता था कि उस समय हमारे दो बच्चे घर पर थे, और वे चाहती थीं कि उनकी उचित परवरिश करने में हमें सहायता दें। इसीलिए उन्होंने कहा, “अपने बच्चों को चाँद दिखाने के किसी अवसर को मत गँवाना।”

          श्रीमती वैब अच्छी भजनकार बनतीं। वो भी परमेश्वर के वचन बाइबल में दाऊद के समान ही सृष्टि, आकाश, और चाँद-सितारों पर ध्यान करती रहती थीं। न तो भजनकार, और न ही श्रीमती वैब का उन चाँद-सितारों की उपासना करने की कोई मनसा थी, वरन वे दोनों ही उनमें सृष्टिकर्ता के हाथों की अद्भुत कारीगरी को देखते थे; उस पर मनन करते थे, समझते थे कि किस प्रकार आकाश परमेश्वर की महिमा का वर्णन कर रहा है।

          हम भी अपने आस-पास के लोगों – छोटे बच्चों से लेकर किशोरों, युवाओं, वयस्कों को, अपने पड़ौसियों और परिवार जनों को, प्रोत्साहित कर सकते हैं कि वे थोड़ा रुक और ध्यान से सुन कर सृष्टि में प्रकट परमेश्वर की महिमा पर ध्यान करें। जब हम परमेश्वर की सृष्टि पर, उसके हाथों की कारीगरी पर ध्यान करेंगे, तो फिर उसकी आराधना भी करेंगे। जहाँ परमेश्वर की आराधना होगी, वहाँ उसकी आशीषें भी होंगी। इसलिए सृष्टिकर्ता की सृष्टि की सराहना करने के अवसर को कभी न गँवाएँ। - जॉन ब्लेज़

 

यदि हम रुक कर देखें और सुनें, तो सृष्टि द्वारा की जा रही परमेश्वर की महिमा के गवाह होंगे।


क्योंकि उसके अनदेखे गुण, अर्थात उस की सनातन सामर्थ्य, और परमेश्वरत्व जगत की सृष्टि के समय से उसके कामों के द्वारा देखने में आते हैं। - रोमियों 1:20

बाइबल पाठ: भजन 19:1-4

भजन संहिता 19:1 आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकाशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है।

भजन संहिता 19:2 दिन से दिन बातें करता है, और रात को रात ज्ञान सिखाती है।

भजन संहिता 19:3 न तो कोई बोली है और न कोई भाषा जहां उनका शब्द सुनाई नहीं देता है।

भजन संहिता 19:4 उनका स्वर सारी पृथ्वी पर गूंज गया है, और उनके वचन जगत की छोर तक पहुंच गए हैं। उन में उसने सूर्य के लिये एक मण्डप खड़ा किया है,

 

एक साल में बाइबल: 

  • इतिहास 28-29
  • यूहन्ना 17


रविवार, 6 जून 2021

समय

 

          मोहावे मरुभूमि में भी, अधिकांश अन्य मरुभूमियों के समान रेत के टीले, निर्जल शुष्क घाटियाँ, पठार, और पहाड़ हैं। किन्तु एक अमेरिकन जीव-शास्त्री, एडमण्ड जैगर ने ध्यान किया कि थोड़े-थोड़े वर्षों के बाद, जब बहुतायत से वर्षा होती है तो सारी मरुभूमि थोड़े से समय के लिए रंग-बिरंगे फूलों से भर जाती है; उस रेत या कंकड़-पत्थर से भरी भूमि का शायद ही कोई स्थान होता हो जहाँ पर फूल नहीं खिले होते हैं। मोहावे के फूलों का यह दृश्य वार्षिक बात नहीं है। शोध कर्ताओं ने पुष्टि के है कि उस सूखी भूमि को तूफानों के द्वारा पानी से अच्छे से भीगना और फिर सूर्य के द्वारा तपना आवश्यक होता है, और तब ठीक समय पर मरुभूमि फूलों से भर जाती है।

          निर्जल सूखे में से परमेश्वर द्वारा जीवन उत्पन्न कर देने का यह चित्रण परमेश्वर के वचन बाइबल में यशायाह भविष्यद्वक्ता का स्मरण करवाता है। यशायाह ने सभी जातियों पर परमेश्वर के न्याय का सन्देश देने के बाद आशा का एक प्रोत्साहक सन्देश भी दिया (यशायाह 35)। भविष्य के ऐसे समय का वर्णन करते हुए, जब परमेश्वर सब कुछ ठीक कर देगा, भविष्यद्वक्ता ने कहा, जंगल और निर्जल देश प्रफुल्लित होंगे, मरुभूमि मगन हो कर केसर के समान फूलेगी” (पद 1)। उसने घोषित किया “और यहोवा के छुड़ाए हुए लोग लौटकर जयजयकार करते हुए सिय्योन में आएंगे; और उनके सिर पर सदा का आनन्द होगा; वे हर्ष और आनन्द पाएंगे और शोक और लम्बी सांस का लेना जाता रहेगा” (पद 10)।

          परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं के द्वारा हमारे अनन्त भविष्य के सुरक्षित कर दिए जाने के कारण, हम जीवन के सूखे या, तूफानों से तर कर दिए जाने वाले समयों में उस पर भरोसा बनाए रखें। उसके प्रेम में गहरी जड़ पकड़े हुए, हम उसमें बढ़ते रहें, और सही समय पर, सही परिस्थितियों के द्वारा, वह हमारे शुष्क जीवनों को भी अपनी आशीषों के फूलों से भर देगा। - सोहचील डिक्सन

 

प्रभु परमेश्वर जीवन की हर परिस्थिति में हमारे साथ बने रहने

 और हमें संभाले रहने के लिए आपका बहुत धन्यवाद।


और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। - रोमियों 8:28

बाइबल पाठ: यशायाह 35:1-10

यशायाह 35:1 जंगल और निर्जल देश प्रफुल्लित होंगे, मरुभूमि मगन हो कर केसर के समान फूलेगी;

यशायाह 35:2 वह अत्यन्त प्रफुल्लित होगी और आनन्द के साथ जयजयकार करेगी। उसकी शोभा लबानोन की सी होगी और वह कर्मेल और शारोन के तुल्य तेजोमय हो जाएगी। वे यहोवा की शोभा और हमारे परमेश्वर का तेज देखेंगे।

यशायाह 35:3 ढीले हाथों को दृढ़ करो और थरथराते हुए घुटनों को स्थिर करो।

यशायाह 35:4 घबराने वालों से कहो, हियाव बान्धो, मत डरो! देखो, तुम्हारा परमेश्वर पलटा लेने और प्रतिफल देने को आ रहा है। हां, परमेश्वर आकर तुम्हारा उद्धार करेगा।

यशायाह 35:5 तब अन्धों की आँखें खोली जाएंगी और बहरों के कान भी खोले जाएंगे;

यशायाह 35:6 तब लंगड़ा हरिण की सी चौकड़ियाँ भरेगा और गूंगे अपनी जीभ से जयजयकार करेंगे। क्योंकि जंगल में जल के सोते फूट निकलेंगे और मरुभूमि में नदियां बहने लगेंगी

यशायाह 35:7 मृगतृष्णा ताल बन जाएगी और सूखी भूमि में सोते फूटेंगे; और जिस स्थान में सियार बैठा करते हैं उस में घास और नरकट और सरकण्डे होंगे।

यशायाह 35:8 और वहां एक सड़क अर्थात राजमार्ग होगा, उसका नाम पवित्र मार्ग होगा; कोई अशुद्ध जन उस पर से न चलने पाएगा; वह तो उन्हीं के लिये रहेगा और उस मार्ग पर जो चलेंगे वह चाहे मूर्ख भी हों तौभी कभी न भटकेंगे।

यशायाह 35:9 वहां सिंह न होगा और न कोई हिंसक जन्तु उस पर चढ़ेगा न वहां पाया जाएगा, परन्तु छुड़ाए हुए उस में नित चलेंगे।

यशायाह 35:10 और यहोवा के छुड़ाए हुए लोग लौटकर जयजयकार करते हुए सिय्योन में आएंगे; और उनके सिर पर सदा का आनन्द होगा; वे हर्ष और आनन्द पाएंगे और शोक और लम्बी सांस का लेना जाता रहेगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • इतिहास 25-27
  • यूहन्ना 16