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मंगलवार, 27 नवंबर 2012

एबेनेज़र


   एक पुराना स्तुति गीत है "हे प्रभु आशीष के सोते" जो परमेश्वर के साथ मसीही विश्वासी की जीवन यात्रा के अनुभवों पर आधारित है। इस गीत में एक शब्द प्रयुक्त हुआ है ’एबेनेज़र’; यह शब्द परमेश्वर की प्रजा इस्त्राएल के उस अनुभव से लिया गया जब वे लोग अपने परमेश्वर के साथ के उनके निकट संबंध पूर्वसमान बनाने के प्रयास कर रहे थे। उनके आत्मिक अगुवे शमूएल ने उन्हें कहा कि यदि वे उन पराए देवताओं को, जिन्हें उन्होंने अपना लिया है, तज कर पूरे मन और सच्चे समर्पण के साथ परमेश्वर के पास वापस लौट आएंगे, तो वह उन्हें उनके आताताई पलिश्ति लोगों के आतंक से बचा लेगा (१ शमूएल ७:३)।

   जब उन लोगों ने ऐसा किया और अपने पापों से पश्चाताप किया, तब परमेश्वर ने उन्हें विजय दी।  इस विजय के उपलक्ष्य में "तब शमूएल ने एक पत्थर लेकर मिस्पा और शेन के बीच में खड़ा किया, और यह कहकर उसका नाम एबेनेजेर रखा, कि यहां तक यहोवा ने हमारी सहायता की है (१ शमूएल ७:१२)।"

   आज जब स्तुति गीत में हम गाते हैं कि, "एबेनेज़र तू मसीहा, हुआ मेरा तारणहार; इससे मैं भी पार उतरूँगा, शोक समुन्दर के उस पार" तो हम स्मरण करते हैं कि अपनी कमी घटी और आवश्यक्ता के समय में
हम भी पश्चाताप और समर्पण के साथ परमेश्वर की ओर लौट सकते हैं और वह हमारी सहायता करेगा। हमने चाहे जो भी किया हो, हम चाहे कहीं भी भटक गए हों, उसका अनुग्रह हमारे लिए उपलब्ध है और वह हमें, जो उसकी सन्तान हैं, सदा ही बहाल करने की चाह रखता है।

   अपने मनों में परमेश्वर के वचन को बसा लें, उसे अपना एबेनेज़र बना लें, और सदा स्मरण रखें कि जिस परमेश्वर ने आज तक और यहां तक आपको संभाला है, आपकी हर परिस्थिति में वह केवल एक प्रार्थना भर की दूरी पर आपकी प्रतीक्षा कर रहा है। - डेविड मैक्कैसलैंड


क्योंकि परमेश्वर हमारे साथ है, इसलिए हमें भविष्य का भय नहीं।

...यहां तक यहोवा ने हमारी सहायता की है। - १ शमूएल ७:१२

बाइबल पाठ: १ शमूएल ७:३-१४
1Sa 7:3  तब शमूएल ने इस्राएल के सारे घराने से कहा, यदि तुम अपने पूर्ण मन से यहोवा की ओर फिरे हो, तो पराए देवताओं और अश्तोरेत देवियों को अपने बीच में से दूर करो, और यहोवा की ओर अपना मन लगाकर केवल उसी की उपासना करो, तब वह तुम्हें पलिश्तियों के हाथ से छुड़ाएगा। 
1Sa 7:4  तब इस्राएलियों ने बाल देवताओं और अशतोरेत देवियों को दूर किया, और केवल यहोवा ही की उपासना करने लगे।
1Sa 7:5  फिर शमूएल ने कहा, सब इस्राएलियों को मिस्पा में इकट्ठा करो, और मैं तुम्हारे लिये यहोवा से प्रार्थना करूंगा। 
1Sa 7:6  तब वे मिस्पा में इकट्ठे हुए, और जल भरके यहोवा के साम्हने उंडेल दिया, और उस दिन उपवास किया, और वहां कहने लगे, कि हम ने यहोवा के विरूद्ध पाप किया है। और शमूएल ने मिस्पा में इस्राएलियों का न्याय किया। 
1Sa 7:7  जब पलिश्तियों ने सुना कि इस्राएली मिस्पा में इकट्ठे हुए हैं, तब उनके सरदारों ने इस्राएलियों पर चढ़ाई की। यह सुनकर इस्राएली पलिश्तियों से भयभीत हुए। 
1Sa 7:8  और इस्राएलियों ने शमूएल से कहा, हमारे लिये हमारे परमेश्वर यहोवा की दोहाई देना न छोड़, जिस से वह हम को पलिश्तियों के हाथ से बचाए। 
1Sa 7:9  तब शमूएल ने एक दूधपिउवा मेम्ना ले सर्वांग होमबलि करके यहोवा को चढ़ाया; और शमूएल ने इस्राएलियों के लिये यहोवा की दोहाई दी, और यहोवा ने उसकी सुन ली। 
1Sa 7:10  और जिस समय शमूएल होमबलि हो चढ़ा रहा था उस समय पलिश्ती इस्राएलियों के संग युद्ध करने के लिये निकट आ गए, तब उसी दिन यहोवा ने पलिश्तियों के ऊपर बादल को बड़े कड़क के साथ गरजाकर उन्हें घबरा दिया, और वे इस्राएलियों से हार गए। 
1Sa 7:11  तब इस्राएली पुरूषों ने मिस्पा से निकल कर पलिश्तियों को खदेड़ा, और उन्हें बेतकर के नीचे तक मारते चले गए। 
1Sa 7:12  तब शमूएल ने एक पत्थर लेकर मिस्पा और शेन के बीच में खड़ा किया, और यह कहकर उसका नाम एबेनेजेर रखा, कि यहां तक यहोवा ने हमारी सहायता की है। 
1Sa 7:13  तब पलिश्ती दब गए, और इस्राएलियों के देश में फिर न आए, और शमूएल के जीवन भर यहोवा का हाथ पलिश्तियों के विरूद्ध बना रहा। 
1Sa 7:14  और एक्रोन और गत तक जितने नगर पलिश्तियों ने इस्राएलियों के हाथ से छीन लिए थे, वे फिर इस्राएलियों के वश में आ गए; और उनका देश भी इस्राएलियों ने पलिश्तियों के हाथ से छुड़ाया। और इस्राएलियों और एमोरियों के बीच भी सन्धि हो गई।

एक साल में बाइबल: 

  • सभोपदेशक १-३ 
  • २ कुरिन्थियों ११:१६-३३

सोमवार, 26 नवंबर 2012

उन्नत पाठ


   हमारी प्रवृत्ति है कि हम अपने दिन और समय को उपखंडों में बांट लेते हैं और फिर उन उपखंडों को विभिन्न गतिविधियों से भर लेते हैं, जैसे इस समय में घर का कार्य, इस समय में बाहर का कार्य, जीविका के कार्य के लिए यह समय, बच्चों की देखभाल के लिए वह समय आदि। इस सब के बाद फिर हम आत्मिक गतिविधियों के लिए समय निकालने के प्रयास करते हैं जिससे चर्च जाना, प्रार्थना सभा और बाइबल अध्ययन में सम्मिलित होना संभव हो सके। हमारे लिए ये आत्मिक गतिविधियां, सांसारिक गतिविधियों से अधिक महत्वपुर्ण शायद ही कभी होती हों।

   परन्तु जब मैं परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन संहिता में लिखे भजनों को पढ़ता हूँ तो मुझे इस प्रकार जीवन को उपखंडों में बांटकर उसका उपयोग करना और फिर आत्मिक बातों के लिए समय निकालने का प्रयास करना कहीं दिखलाई नहीं देता। वरन मैं पाता हूँ कि भजनकार दाऊद तथा अन्य भजन लेखकों ने तो परमेश्वर को अपने जीवन का केंद्र बिंदु बना रखा था और इनके जीवन की हर गतिविधि परमेश्वर से जुड़ी होती थी। उनके लिए परमेश्वर कि आराधना और उपासना जीवन का मूल कार्य थी, ना कि कोई ऐसा कार्य जिसके लिए अन्य बातों से कुछ समय निकाल कर एक औपचारिकता पूरी कर ली जाए और फिर वापस उन्हीं बातों में व्यस्त हो जाएं। उन भजनकारों के समान आशीषित होने के लिए अपनी प्राथमिकताओं का ऐसा ही निर्धारण आज हमारे लिए भी अति आवश्यक है। हमें परमेश्वर को अपने जीवन और कार्य की हर बात से संबंधित रखना चाहिए तब ही उसका मार्गदर्शन और आशीष हमारे जीवन के हर कार्य पर होगी।

   मेरे लिए ये भजन परमेश्वर को अपने जीवन में केंद्रीय स्थान पर रखने की प्रेर्णा के स्त्रोत हो गए हैं। उन भजनकारों की परमेश्वर के लिए तीव्र भूख-प्यास और लालसा के सामने परमेश्वर के लिए मेरी अपनी भूख-प्यास और लालसा बिलकुल फीकी प्रतीत होती है। हरिणी जैसे जल के लिए हांफती है वैसे ही वे परमेश्वर के लिए हांफते थे (भजन ४२:१-२); वे रात भर जागते थे और परमेश्वर की मनोहरता पर मनन करते रहते थे (भजन २७:४); उनके लिए हज़ार वर्ष किसी अन्य स्थान पर बिताने से अच्छा था परमेश्वर की उपस्थिति में एक दिन बिता लेना (भजन ८४:१०)।

   ऐसा लगता है कि ये भजनकार परमेश्वर की पहचान की किसी उन्नत पाठशाला में रहते और अध्ययन करते थे। उनके लिखे भजन पढ़ने, मनन करने और उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में लागू करने से उस उन्नत पाठशाला के वे उन्नत पाठ हमारे जीवनों में भी आ सकते हैं। - फिलिप यैन्सी


परमेश्वर को पूर्णतः समर्पित हृदय ही परमेश्वर के लिए उपयोगी हृदय हो सकता है।

यहोवा परमेश्वर मेरी ज्योति और मेरा उद्धार है; मैं किस से डरूं? यहोवा मेरे जीवन का दृढ़ गढ़ ठहरा है, मैं किस का भय खाऊं? - भजन २७:१

बाइबल पाठ: भजन २७
Psa 27:1  यहोवा परमेश्वर मेरी ज्योति और मेरा उद्धार है; मैं किस से डरूं? यहोवा मेरे जीवन का दृढ़ गढ़ ठहरा है, मैं किस का भय खाऊं? 
Psa 27:2  जब कुकर्मियों ने जो मुझे सताते और मुझी से बैर रखते थे, मुझे खा डालने के लिये मुझ पर चढ़ाई की, तब वे ही ठोकर खाकर गिर पड़े।
Psa 27:3  चाहे सेना भी मेरे विरूद्ध छावनी डाले, तौभी मैं न डरूंगा; चाहे मेरे विरूद्ध लड़ाई ठन जाए, उस दशा में भी मैं हियाव बान्धे निशचित रहूंगा।
Psa 27:4  एक वर मैं ने यहोवा से मांगा है, उसी के यत्न में लगा रहूंगा; कि मैं जीवन भर यहोवा के भवन में रहने पाऊं, जिस से यहोवा की मनोहरता पर दृष्टि लगाए रहूं, और उसके मन्दिर में ध्यान किया करूं।
Psa 27:5  क्योंकि वह तो मुझे विपत्ति के दिन में अपने मण्डप में छिपा रखेगा; अपने तम्बू के गुप्तस्थान में वह मुझे छिपा लेगा, और चट्टान पर चढ़ाएगा। 
Psa 27:6  अब मेरा सिर मेरे चारों ओर के शत्रुओं से ऊंचा होगा; और मैं यहोवा के तम्बू में जयजयकार के साथ बलिदान चढ़ाऊंगा और उसका भजन गाऊंगा।
Psa 27:7  हे यहोवा, मेरा शब्द सुन, मैं पुकारता हूं, तू मुझ पर अनुग्रह कर और मुझे उत्तर दे। 
Psa 27:8  तू ने कहा है, कि मेरे दर्शन के खोजी हो। इसलिये मेरा मन तुझ से कहता है, कि हे यहोवा, तेरे दर्शन का मैं खोजी रहूंगा। 
Psa 27:9  अपना मुख मुझ से न छिपा। अपने दास को क्रोध करके न हटा, तू मेरा सहायक बना है। हे मेरे उद्धार करने वाले परमेश्वर मुझे त्याग न दे, और मुझे छोड़ न दे! 
Psa 27:10  मेरे माता पिता ने तो मुझे छोड़ दिया है, परन्तु यहोवा मुझे सम्भाल लेगा।
Psa 27:11  हे यहोवा, अपने मार्ग में मेरी अगुवाई कर, और मेरे द्रोहियों के कारण मुझ को चौरस रास्ते पर ले चल। 
Psa 27:12  मुझ को मेरे सताने वालों की इच्छा पर न छोड़, क्योंकि झूठे साक्षी जो उपद्रव करने की धुन में हैं मेरे विरूद्ध उठे हैं।
Psa 27:13  यदि मुझे विश्वास न होता कि जीवितों की पृथ्वी पर यहोवा की भलाई को देखूंगा, तो मैं मूर्च्छित हो जाता। 
Psa 27:14  यहोवा की बाट जोहता रह; हियाव बान्ध और तेरा हृदय दृढ़ रहे; हां, यहोवा ही की बाट जोहता रह!

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल २७-२९ 
  • १ पतरस ३

रविवार, 25 नवंबर 2012

धन्यवादी


   घर पर परमेश्वर के धन्यवादी होने का पर्व मनाने और एक साथ भोजन करने के लिए परिवार के सभी सदस्य एकत्रित थे, भोजन के लिए मेज़ पर आकर बैठे हुए थे। उन्हें देखकर और उनकी विभिन्न योग्यताओं के बारे में सोचकर मैं प्रसन्न थी और मुस्कुरा रही थी। मेज़ पर डॉकटर भी थे और संगीतज्ञ भी। मैं चिकित्सकों के लिए भी धन्यवादी थी क्योंकि उनके द्वारा हमारे शरीर स्वस्थ बने रहते हैं, और संगीतज्ञों के लिए भी क्योंकि उनके संगीत से मन प्रफुल्लित होता है तथा विचलित मस्तिष्क शांति पाते हैं।

   डॉकटरों और संगीतज्ञों की योग्यताएं एक दूसरे से बहुत भिन्न हैं, किंतु उन दोनो के कार्य का प्रभावी होना एक ही बात पर निर्भर करता है - व्यवस्थित, क्रमबद्ध और सुचारू रूप से कार्यकारी संसार। यदि संसार में व्यवस्था और क्रमबद्धता नहीं होगी तो किसी बात का पूर्वानुमान संभव नहीं होगा; यदि पूर्वानुमान सही नहीं होगा तो ना संगीत बनेगा और ना ही चिकित्सा कार्यकारी होगी।

   जब परमेश्वर ने सृष्टि की रचना करी तो सब कुछ व्यवस्थित, क्रमबद्ध और सुचारू था। एक व्यवस्थित और क्रमबद्ध संसार में रोग इस बात का सूचक है कि कुछ अव्यवस्थित है; क्रमानुसार नहीं है। इसके विपरीत चंगाई इस बात का सूचक है कि अब व्यवस्था और क्रमबद्धता पुनः स्थापित हो गई है। जब यूहन्ना बपतिस्मा देने वाले ने जानना चाहा कि क्या यीशु ही वह आने वाला उद्धारकर्ता है तो प्रभु यीशु ने उन सन्देशवाहकों से कहा: "...जो कुछ तुम ने देखा और सुना है, जाकर यूहन्ना से कह दो; कि अन्‍धे देखते हैं, लंगड़े चलते फिरते हैं, कोढ़ी शुद्ध किए जाते हैं, और कंगालों को सुसमाचार सुनाया जाता है" (लूका ७:२२)। यह विभिन्न प्रकार कि चंगाई इस बात का प्रमाण थी कि यीशु ही वह उद्धारकर्ता है जिसकी संसार बाट जोह रहा था (मलाकी ४:२) और जो सब कुछ संसार के पाप में बिगड़ने से पहले के समान बहाल कर देगा (प्रेरितों ३:२१)।

   मैं संगीत के लिए भी धन्यवादी हूँ जो मेरे विचलित मन-मस्तिष्क को शांति देता है, और चिकित्सा के साधनों के लिए भी जिनसे मेरा शरीर स्वस्थ रहता है। यह मुझे स्मरण दिलाते रहते हैं कि मेरे प्रभु यीशु में मुझे और संसार के प्रत्येक मसीही विश्वासी को पापों से क्षमा, पाप के दण्ड से मुक्ति तथा परमेश्वर के साथ अनन्त काल की शांति और बहाली सेंत-मेंत मिली है। यही आशीषें उन सबके लिए भी ऐसे ही सेंत-मेंत उपलब्ध हैं जो प्रभु यीशु पर विश्वास लाते हैं और उसे अपने निज उद्धारकर्ता ग्रहण कर लेते हैं। - जूली ऐकैरमैन लिंक


प्रभु यीशु पाप से बिगड़े हुओं को सुधारने और बहाल करने का विशेषज्ञ है।

परन्तु तुम्हारे लिये जो मेरे नाम का भय मानते हो, धर्म का सूर्य उदय होगा, और उसकी किरणों के द्वारा तुम चंगे हो जाओगे; और तुम निकल कर पाले हुए बछड़ों की नाईं कूदोगे और फांदोगे। - मलाकी ४:२

बाइबल पाठ: लूका ७:११-२३
Luk 7:11  थोड़े दिन के बाद वह नाईन नाम के एक नगर को गया, और उसके चेले, और बड़ी भीड़ उसके साथ जा रही थी। 
Luk 7:12  जब वह नगर के फाटक के पास पहुंचा, तो देखो, लोग एक मुरदे को बाहर लिए जा रहे थे, जो अपनी मां का एकलौता पुत्र था, और वह विधवा थी: और नगर के बहुत से लोग उसके साथ थे। 
Luk 7:13  उसे देख कर प्रभु को तरस आया, और उस ने कहा; मत रो। 
Luk 7:14  तब उस ने पास आकर, अर्थी को छुआ; और उठाने वाले ठहर गए, तब उस ने कहा, हे जवान, मैं तुझ से कहता हूं, उठ। 
Luk 7:15  तब वह मुरदा उठ बैठा, और बोलने लगा: और उस ने उसे उस की मां को सौप दिया। 
Luk 7:16  इस से सब पर भय छा गया; और वे परमेश्वर की बड़ाई करके कहने लगे कि हमारे बीच में एक बड़ा भविष्यद्वक्ता उठा है, और परमेश्वर ने अपने लोगों पर कृपा दृष्‍टि की है। 
Luk 7:17  और उसके विषय में यह बात सारे यहूदिया और आस पास के सारे देश में फैल गई।
Luk 7:18  और यूहन्ना को उसके चेलों ने इन सब बातों का समचार दिया। 
Luk 7:19  तब यूहन्ना ने अपने चेलों में से दो को बुलाकर प्रभु के पास यह पूछने के लिये भेजा, कि क्‍या आने वाला तू ही है, या हम किसी और दूसरे की बाट देखें? 
Luk 7:20  उन्‍होंने उसके पास आकर कहा, यूहन्ना बपतिस्मा देने वाले ने हमें तेरे पास यह पूछने को भेजा है, कि क्‍या आने वाला तू ही है, या हम दूसरे की बाट जोहें?
Luk 7:21  उसी घड़ी उस ने बहुतों को बीमारियों और पीड़ाओं, और दुष्‍टात्माओं से छुड़ाया, और बहुत से अन्‍धों को आंखे दी। 
Luk 7:22  और उस ने उन से कहा, जो कुछ तुम ने देखा और सुना है, जाकर यूहन्ना से कह दो; कि अन्‍धे देखते हैं, लंगड़े चलते फिरते हैं, कोढ़ी शुद्ध किए जाते हैं, और कंगालों को सुसमाचार सुनाया जाता है। 
Luk 7:23  और धन्य है वह, जो मेरे कारण ठोकर न खाए।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल २४-२६ 
  • १ पतरस २

शनिवार, 24 नवंबर 2012

धन्यवादी मन


   एना एंडरसन के पति की मृत्यु विवाह के कुछ वर्षों में ही हो गई थी। पति की मृत्यु के पश्चात एना के पास तीन छोटी बेटियां और सामने एक कठिन भविष्य था। यद्यपि एना ने विर्जीनीया प्रांत में शिक्षिका का कार्य करने का प्रशिक्षण पाया था, किंतु फिलेडेल्फिया प्रांत में शिक्षिका का कार्य करने के लिए वह पूर्णतः योग्य नहीं थी। इस कारण उसे घर चलाने के लिए अन्य कामों का सहारा लेना पड़ा; वह लोगों के कपड़े धोती थी, कपड़े प्रेस करती थी, फिर बचे समय में बड़ी दुकानों के फर्श साफ करती थी। अफ्रीकी मूल और अश्वेत रंग की होने के कारण उसे बहुत बार रंग-भेद एवं पक्षपात का सामना करना पड़ता था।

   जब कभी किसी प्रकार के अवसर के दरवाज़े उन पर बन्द हो जाते थे तो एना का विश्वास रहता था कि यदि वे परमेश्वर पर पूर्ण मन से विश्वास रखेंगे और उसकी आधीनता में बने रहेंगे तो वह उनके लिए मार्ग निकालेगा (नीतिवचन ३:५-६)। एना ने अपनी पुत्रियों को भी इसी बात की शिक्षा दी कि वे हर बात में परमेश्वर पर निर्भर रहें, उसके वचन के अनुसार चलें और सदा हर बात में उसके धन्यवादी रहें।

   जब उसकी सबसे बड़ी पुत्री मेरियन ने अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त गायिका के स्थान तक उन्नति करी तब भी एना उसकी सफलता के लिए परमेश्वर से प्रार्थना करती रही और अपनी पुत्री की सारी उपलब्धियों और सफलताओं का श्रेय परमेश्वर को देती रही। मेरियन ने जब सुप्रसिद्ध Metropolitan Opera में अपने सम्मिलित किए जाने का शुभारंभ प्रतिष्ठित कारनेजी हॉल में अपने गायकी के प्रदर्शन के द्वारा किया, तो पत्रकारों ने इस बड़े आदर के बारे में एना से पूछा कि उसे कैसा लग रहा है। एना का उत्तर था, "हम परमेश्वर के बहुत धन्यवादी हैं।" यह कोई आम कथन नहीं वरन एना के मन से निकली परमेश्वर के प्रति सच्ची कृतज्ञता थी।

   बजाए इसके कि वह उन बातों पर विलाप करती जो उसके पास नहीं थीं, एना एंडरसन ने उन बातों के लिए जो उसके पास थीं परमेश्वर का धन्यवाद किया, उनका प्रयोग किया और उनके द्वारा परमेश्वर को महिमा दी।

   आज एना के उदाहरण का हम अनुसरण कर सकते हैं और विश्वास के साथ परमेश्वर और उसके वचन पर आश्वस्त होकर हर बात में उसके धन्यवादी रह सकते हैं, क्योंकि वह सब बातों के द्वारा हमारा भला ही करता है। एक धन्यवादी मन परमेश्वर से बड़े प्रतिफल पाता है। - डेविड मैक्कैसलैंड


कृतज्ञता भक्ति का चिन्ह है।

तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। - नीतिवचन ३:५

बाइबल पाठ: नीतिवचन ३:१-१२
Pro 3:1  हे मेरे पुत्र, मेरी शिक्षा को न भूलना; अपने हृदय में मेरी आज्ञाओं को रखे रहना; 
Pro 3:2  क्योंकि ऐसा करने से तेरी आयु बढ़ेगी, और तू अधिक कुशल से रहेगा। 
Pro 3:3  कृपा और सच्चाई तुझ से अलग न होने पाएं; वरन उनको अपने गले का हार बनाना, और अपनी हृदयरूपी पटिया पर लिखना। 
Pro 3:4  और तू परमेश्वर और मनुष्य दोनों का अनुग्रह पाएगा, तू अति बुद्धिमान होगा।
Pro 3:5  तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। 
Pro 3:6  उसी को स्मरण करके सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा। 
Pro 3:7  अपनी दृष्टि में बुद्धिमान न होना; यहोवा का भय मानना, और बुराई से अलग रहना। 
Pro 3:8  ऐसा करने से तेरा शरीर भला चंगा, और तेरी हड्डियां पुष्ट रहेंगी। 
Pro 3:9  अपनी संपत्ति के द्वारा और अपनी भूमि की पहिली उपज दे देकर यहोवा की प्रतिष्ठा करना; 
Pro 3:10  इस प्रकार तेरे खत्ते भरे और पूरे रहेंगे, और तेरे रसकुण्डों से नया दाखमधु उमण्डता रहेगा।
Pro 3:11  हे मेरे पुत्र, यहोवा की शिक्षा से मुंह न मोड़ना, और जब वह तुझे डांटे, तब तू बुरा न मानना, 
Pro 3:12  क्योंकि यहोवा जिस से प्रेम रखता है उसको डांटता है, जैसे कि बाप उस बेटे को जिसे वह अधिक चाहता है।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल २२-२३ 
  • १ पतरस १

शुक्रवार, 23 नवंबर 2012

खुली पहुँच


   नवंबर २००९ की घटना है, जब अमरीकी राष्ट्रपति के सुरक्षा घेरे में एक अप्रत्याशित चूक हुई; एक दंपत्ति बड़े रौब के साथ अमरीकी राष्ट्रपति निवास में आयोजित एक भोज में घुस आया, और यहां तक दुस्साहस किया कि उन्होंने राष्ट्रपति के साथ अपनी एक तस्वीर भी खिंचवा ली। साधारणतया इन अतिविशिश्ट लोगों के समीप कोई पहुँच नहीं सकता। जहां ऐसे अतिविशिश्ट लोग आमंत्रित होते हैं वहां सुरक्षा कर्मियों द्वारा आमंत्रित मेहमानों की सूची की पहले ही से बड़ी बारीकी से जाँच की जाती है और बुलाए गए मेहमानों की पृष्ठभूमि और गतिविधियों का व्यापक अध्ययन किया जाता है और अन्दर जाने वालों को पहचान कर ही जाने दिया जाता है जिससे जो आमंत्रित नहीं हैं वे अन्दर पहुँच ना सकें और जो पहुँचें उन से कोई खतरा ना हो।

   हम सामान्य लोगों के लिए स्थान स्थान पर प्रवेश निषेध एक आम बात हो गई है। जगह जगह सूचक चिन्ह लगे होते हैं: ’केवल कर्मचारियों के लिए’; ’प्रवेश निषेध’; ’केवल अधिकृत वाहनों के लिए’; ’इससे आगे जाना वर्जित है’ इत्यादि। हम में से कोई यह सुनना नहीं चाहता कि किसी स्थान पर उसका स्वागत नहीं है, किंतु सत्य यही है कि ऐसे अनेक स्थान होते हैं जहां हमारा स्वागत नहीं होता, हमारे प्रवेश पर प्रतिबंध लगा होता है। यह मुझे परमेश्वर का और भी अधिक धन्यवादी बनाता है, क्योंकि मेरे उसके पास जाने के लिए कभी कोई प्रतिबन्ध नहीं होता है।

   जो परमेश्वर के पास आना चाहते हैं, उनके लिए कभी कोई प्रतिबन्ध या रुकावट नहीं होती। प्रार्थना द्वारा हम कभी भी और कहीं भी उससे संपर्क कर सकते हैं, क्योंकि हमारे उद्धाकर्ता प्रभु यीशु ने अपने प्रत्येक विश्वासी को पिता परमेश्वर तक पहुँचने का खुला मार्ग बनाकर दे दिया है (इफिसीयों २:१८)। प्रभु यीशु ने निमंत्रण दिया है: "हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा" (मत्ती ११:२८); "जो कुछ पिता मुझे देता है वह सब मेरे पास आएगा, उसे मैं कभी न निकालूंगा" (यूहन्ना ६:३७); "यीशु खड़ा हुआ और पुकार कर कहा, यदि कोई पियासा हो तो मेरे पास आकर पीए" (यूहन्ना ७:३७)।

   एक बार जब आप मसीह यीशु के पास समर्पण और पश्चाताप के साथ आ जाते हैं और उसे अपना निज उद्धारकर्ता स्वीकार कर लेते हैं, उसके साथ आपकी अविरल संगति बनी रहती है और परमेश्वर पास खुली पहुँच का मार्ग सदा उपलब्ध रहता है। - सिंडी हैस कैसपर


परमेश्वर का सिंहासन स्थान में प्रवेश उसकी संतान के लिए सदा खुला है।

क्‍योंकि उस ही के द्वारा हम दोनों की एक आत्मा में पिता के पास पंहुच होती है। - इफिसीयों २:१८

बाइबल पाठ: इफिसीयों २:११-२२
Eph 2:11  इस कारण स्मरण करो, कि तुम जो शारीरिक रीति से अन्यजाति हो, (और जो लोग शरीर में हाथ के किए हुए खतने से खतनावाले कहलाते हैं, वे तुम को खतनारिहत कहते हैं)। 
Eph 2:12 तुम लोग उस समय मसीह से अलग और इस्‍त्राएल की प्रजा के पद से अलग किए हुए, और प्रतिज्ञा की वाचाओं के भागी न थे, और आशाहीन और जगत में ईश्वररिहत थे। 
Eph 2:13  पर अब तो मसीह यीशु में तुम जो पहिले दूर थे, मसीह के लोहू के द्वारा निकट हो गए हो। 
Eph 2:14 क्‍योंकि वही हमारा मेल है, जिस ने दोनों को एक कर लिया: और अलग करने वाली दीवार को जो बीच में थी, ढा दिया। 
Eph 2:15 और अपने शरीर में बैर अर्थात वह व्यवस्था जिस की आज्ञाएं विधियों की रीति पर थीं, मिटा दिया, कि दोनों से अपने में एक नया मनुष्य उत्‍पन्न करके मेल करा दे। 
Eph 2:16  और क्रूस पर बैर को नाश करके इस के द्वारा दानों को एक देह बनाकर परमेश्वर से मिलाए। 
Eph 2:17 और उस ने आकर तुम्हें जो दूर थे, और उन्‍हें जो निकट थे, दानों को मेल-मिलाप का सुसमाचार सुनाया। 
Eph 2:18 क्‍योंकि उस ही के द्वारा हम दोनों की एक आत्मा में पिता के पास पंहुच होती है। 
Eph 2:19 इसलिये तुम अब विदेशी और मुसाफिर नहीं रहे, परन्‍तु पवित्र लोगों के संगी स्‍वदेशी और परमेश्वर के घराने के हो गए। 
Eph 2:20  और प्रेरितों और भविष्यद्वक्ताओं की नेव पर जिस के कोने का पत्थर मसीह यीशु आप ही है, बनाए गए हो। 
Eph 2:21 जिस में सारी रचना एक साथ मिलकर प्रभु में एक पवित्र मन्‍दिर बनती जाती है। 
Eph 2:22  जिस में तुम भी आत्मा के द्वारा परमेश्वर का निवासस्थान होने के लिये एक साथ बनाए जाते हो।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल २०-२१ 
  • याकूब ५

गुरुवार, 22 नवंबर 2012

यथार्थवादी


   कुछ परिस्थितियों के कारण मैं निराश और परेशान थी और सोच रही थी कि कैसे मैं इस नकारत्मक मन्सा से बाहर निकलूँ। मैंने अपनी किताबों की अलमारी से सूज़न लेंज़्किस की पुस्तक Life is Licking Honey Off a Thorn निकाली और पढ़ने लगी। एक स्थान पर मैंने पढ़ा: "आँसू और हँसी, जैसे भी आएं, हम उन्हें स्वीकार करते हैं, और यथार्थ के अपने परमेश्वर पर उनका अर्थ और उद्देश्य समझाना छोड़ देते हैं।"

   उस लेखिका ने लिखा कि कुछ लोग आशावादी होते हैं जो सदा आनन्द और अच्छी यादों में जीते रहते हैं और जीवन की कड़ुवी बातों को नज़रंदाज़ करते हैं। कुछ निराशावादी होते हैं, जो जीवन कि हानियों पर ही ध्यान लगाए रखते हैं और अपने जीवन के आनन्द तथा जय को खो देते हैं। लेकिन जो प्रभु यीशु में सच्चे विश्वास के साथ जीवन जीते हैं वे यथार्थवादी होते हैं और जीवन में मिलने वाले अच्छे-बुरे सब को स्वीकार करते हैं, इस निश्चय के साथ कि प्रभु हमसे प्रेम करता है और हर बात के द्वारा हमारी भलाई और अपनी महिमा उत्पन्न करने के लिए कार्य कर रहा है।

   वह पुस्तक पढ़ते पढ़ते मैंने खिड़की के बाहर देखा तो घने काले बादल घिरे हुए थे और बरसात हो रही थी। कुछ समय के बाद हवा चलने लगी, बादल उड़ गए, स्वच्छ नीला आकाश दिखने लगा और धूप फिर खिल उठी। मैं सोचने लगी जीवन के तूफान भी ऐसे ही आते-जाते रहते हैं।

   हम मसीही विश्वासी रोमियों ८:२८ में दी परमेश्वर कि प्रतिज्ञा को भरोसे के साथ थामे रह सकते हैं "और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिल कर भलाई ही को उत्‍पन्न करती हैं; अर्थात उन्‍हीं के लिये जो उस की इच्‍छा के अनुसार बुलाए हुए हैं।" विश्वासी जन क्लेषों से निराश नहीं होते, "क्‍योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्‍लेश हमारे लि्ये बहुत ही महत्‍वपूर्ण और अनन्‍त जीवन महिमा उत्‍पन्न करता जाता है" (२ कुरिन्थियों ४:१७)।

   परमेश्वर हमसे प्रेम करता है और हमें उस दिन के लिए तैयार कर रहा है जब जीवन की काली घटाएं और तूफान सदा के लिए जाते रहेंगे और परमेश्वर की महिमा तथा उसके प्रेम का प्रकाश अनन्त काल तक हमारे जीवनों को रौशन करता रहेगा। - एने सेटास


परमेश्वर ने मंज़िल पर सुरक्षित पहुँचाने का वायदा किया है, सुखद यात्रा देने का नहीं।

क्‍योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्‍लेश हमारे लिये बहुत ही महत्‍वपूर्ण और अनन्‍त जीवन महिमा उत्‍पन्न करता जाता है। - २ कुरिन्थियों ४:१७

बाइबल पाठ: रोमियों ८:१३-३०
Rom 8:13  क्‍योंकि यदि तुम शरीर के अनुसार दिन काटोगे, तो मरोगे, यदि आत्मा से देह की क्रियाओं को मारोगे, तो जीवित रहोगे। 
Rom 8:14   इसलिये कि जितने लोग परमेश्वर के आत्मा के चलाए चलते हैं, वे ही परमेश्वर के पुत्र हैं। 
Rom 8:15  क्‍योंकि तुम को दासत्‍व की आत्मा नहीं मिली, कि फिर भयभीत हो परन्‍तु लेपालकपन की आत्मा मिली है, जिस से हम हे अब्‍बा, हे पिता कहकर पुकारते हैं। 
Rom 8:16  आत्मा आप ही हमारी आत्मा के साथ गवाही देता है, कि हम परमेश्वर की सन्‍तान हैं। 
Rom 8:17  और यदि सन्‍तान हैं, तो वारिस भी, वरन परमेश्वर के वारिस और मसीह के संगी वारिस हैं, जब कि हम उसके साथ दुख उठाएं कि उसके साथ महिमा भी पाएं।
Rom 8:18  क्‍योंकि मैं समझता हूं, कि इस समय के दु:ख और क्‍लेश उस महिमा के साम्हने, जो हम पर प्रगट होने वाली है, कुछ भी नहीं हैं। 
Rom 8:19  क्‍योंकि सृष्‍टि बड़ी आशाभरी दृष्‍टि से परमेश्वर के पुत्रों के प्रगट होने की बाट जोह रही है। 
Rom 8:20  क्‍योंकि सृष्‍टि अपनी इच्‍छा से नहीं पर आधीन करने वाले की ओर से व्यर्थता के आधीन इस आशा से की गई। 
Rom 8:21  कि सृष्‍टि भी आप ही विनाश के दासत्‍व से छुटकारा पाकर, परमेश्वर की सन्‍तानों की महिमा की स्‍वतंत्रता प्राप्‍त करेगी। 
Rom 8:22  क्‍योंकि हम जानते हैं, कि सारी सृष्‍टि अब तक मिलकर कहरती और पीड़ाओं में पड़ी तड़पती है। 
Rom 8:23   और केवल वही नहीं पर हम भी जिन के पास आत्मा का पहिला फल है, आप ही अपने में कहरते हैं, और लेपालक होने की, अर्थात अपनी देह के छुटकारे की बाट जोहते हैं। 
Rom 8:24  आशा के द्वारा तो हमारा उद्धार हुआ है परन्‍तु जिस वस्‍तु की आशा की जाती है जब वह देखने में आए, तो फिर आशा कहां रही? क्‍योंकि जिस वस्‍तु को कोई देख रहा है उस की आशा क्‍या करेगा? 
Rom 8:25  परन्‍तु जिस वस्‍तु को हम नहीं देखते, यदि उस की आशा रखते हैं, तो धीरज से उस की बाट जोहते भी हैं।
Rom 8:26  इसी रीति से आत्मा भी हमारी र्दुबलता में सहायता करता है, क्‍योंकि हम नहीं जानते, कि प्रार्थना किस रीति से करना चाहिए; परन्‍तु आत्मा आप ही ऐसी आहें भर भरकर जो बयान से बाहर है, हमारे लिये बिनती करता है। 
Rom 8:27  और मनों का जांचने वाला जानता है, कि आत्मा की मनसा क्‍या है क्‍योंकि वह पवित्र लोगों के लिये परमेश्वर की इच्‍छा के अनुसार बिनती करता है। 
Rom 8:28  और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्‍पन्न करती हैं; अर्थात उन्‍हीं के लिये जो उस की इच्‍छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। 
Rom 8:29  क्‍योंकि जिन्‍हें उस ने पहिले से जान लिया है उन्‍हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्‍वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे। 
Rom 8:30  फिर जिन्‍हें उस ने पहिले से ठहराया, उन्‍हें बुलाया भी, और जिन्‍हें बुलाया, उन्‍हें धर्मी भी ठहराया है, और जिन्‍हें धर्मी ठहराया, उन्‍हें महिमा भी दी है।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल १८-१९ 
  • याकूब ४

बुधवार, 21 नवंबर 2012

महान आराधना


   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन ८ अचंभित कर देने वाले दो परस्पर तुलनात्मक वाक्यों से होता है। भजन के पहले पद में भजनकार दाऊद बताता है कि परमेश्वर ने अपनी महिमा आकाशमण्डल में प्रगट करी है और इसके एकदम बाद दूसरे पद में वह कहता है: "तू ने अपने बैरियों के कारण बच्चों और दूध पिउवों के द्वारा सामर्थ्य की नेव डाली है, ताकि तू शत्रु और पलटा लेने वालों को रोक रखे" (भजन ८:२)।

   एक बच्चे की आराधना इतनी उभारने वाली क्यों होती है? इसलिए कि एक बच्चा सच्चे मन से परमेश्वर को जानता है और उससे प्रेम करता है, जो सामान्यतः संसार के लोगों में नहीं पाया जाता। प्रभु यीशु के जीवन काल में जब प्रभु यीशु के संबंध में, मन्दिर में बच्चे "दाऊद की सन्तान की होशान्ना" चिल्लाते हुए दौड़ते फिर रहे थे, तो यहूदी धर्म के अगुवों को यह बहुत बुरा लगा और उन्होंने इसपर एतराज़ किया; तब प्रभु यीशु ने उनके सामने इसी भजन ८ का यही पद २ उद्धरित किया (मत्ती २१:१५-१६)। प्रभु यीशु ने इस प्रकार से उन्हें जताया कि जो बात वे धर्म के अगुवे नहीं समझ पा रहे थे, वह उन बच्चों को सम्झ में आ गई थी - कि प्रभु यीशु ही वह परमेश्वर का पुत्र और जगत का उद्धारकर्ता है जिसकी प्रतीक्षा लंबे समय से की जा रही थी।

   एक पिता के रूप में मेरे सबसे स्मरणीय समयों में वे पल हैं जब मैं अपने बच्चों के साथ उनके पलंग के किनारे घुटने टेक कर प्रार्थना में होता था और वे बच्चे बड़े सहज भाव से अपना दिल खोल कर परमेश्वर के सामने रख देते थे। परमेश्वर के प्रति उनके प्रेम और विश्वास की सादगी ने मुझे बहुत बार बड़ी गहराई से छूआ, मेरे भय और शंकाओं का निवारण किया और मुझे विश्वास में बढ़ाया है।

   कभी उन बच्चों को छोटा या गौण ना समझें जो प्रभु यीशु में अपने विश्वास को गंभीरता से लेते हैं (मत्ती१८:६)। उनकी गवाही से सीखें क्योंकि उनका विश्वास और उनकी आराधना आकाशमण्डल जैसी महान है। - डेविड रोपर


बच्चे परमेश्वर के बहुमूल्य रत्न हैं, मसीह यीशु के लिए चमकने में उनकी सहायता करें।

परन्‍तु जब महायाजकों और शास्‍त्रियों ने इन अद्भुत कामों को, जो उस ने किए, और लड़कों को मन्‍दिर में दाऊद की सन्‍तान को होशाना पुकारते हुए देखा, तो क्रोधित होकर उस से कहने लगे, क्‍या तू सुनता है कि ये क्‍या कहते हैं? यीशु ने उन से कहा, हां; क्‍या तुम ने यह कभी नहीं पढ़ा, कि बालकों और दूध पीते बच्‍चों के मुंह से तु ने स्‍तुति सिद्ध कराई। - मत्ती २१:१५-१६

बाइबल पाठ: मत्ती १८:१-१०
Mat 18:1  उसी घड़ी चेले यीशु के पास आकर पूछने लगे, कि स्‍वर्ग के राज्य में बड़ा कौन है? 
Mat 18:2   इस पर उस ने एक बालक को पास बुलाकर उन के बीच में खड़ा किया। 
Mat 18:3  और कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, यदि तुम न फिरो और बालकों के समान न बनो, तो स्‍वर्ग के राज्य में प्रवेश करने नहीं पाओगे। 
Mat 18:4  जो कोई अपने आप को इस बालक के समान छोटा करेगा, वह स्‍वर्ग के राज्य में बड़ा होगा। 
Mat 18:5   और जो कोई मेरे नाम से एक ऐसे बालक को ग्रहण करता है वह मुझे ग्रहण करता है। 
Mat 18:6   पर जो कोई इन छोटों में से जो मुझ पर विश्वास करते हैं एक को ठोकर खिलाए, उसके लिये भला होता, कि बड़ी चक्की का पाट उसके गले में लटकाया जाता, और वह गहिरे समुद्र में डुबाया जाता।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल १६-१७ 
  • याकूब ३