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मंगलवार, 16 मार्च 2021

चिह्न

 

          आयोवा विश्वविद्यालय की बास्केटबॉल टीम का प्रतिष्ठित खिलाड़ी, जॉर्डन बोहानन, अपनी टीम के इतिहास में एक नया कीर्तिमान बनाने की कगार पर था, लेकिन उसने जानबूझकर बॉल को सही नहीं फेंका और उसके स्कूल का पच्चीस वर्ष पुराना कीर्तिमान बना रहा। उसने यह क्यों किया? वर्ष 1993 में आयोवा के क्रिस स्ट्रीट ने एक के बाद एक चौंतीस बार फ्री थ्रो में बॉल सही फेंक कर कीर्तिमान बनाया और उसके कुछ ही दिन के बाद एक कार दुर्घटना में उसकी मृत्यु हो गई। जॉर्डन ने अपनी प्रतिष्ठा के स्थान पर क्रिस की इस स्मृति को बनाए रखने को चुना, और उसके द्वारा स्थापित इस कीर्तिमान को नहीं तोड़ा।

          जॉर्डन ने अपनी उन्नति से अधिक महत्वपूर्ण बात पर ध्यान दिया। हम परमेश्वर के वचन बाइबल में युवा योद्धा दाऊद में भी यही भावना देखते हैं। दाऊद राजा शाऊल और शत्रु फिलिस्तियों की सेनाओं से जान बचा कर एक गुफा में अपने साथियों, जो उसकी ‘सेना’ भी थे, के साथ छुपा हुआ था। वहाँ उसके मन में अपने घर के स्थान बैतलहम के कुएँ का पानी पीने की तीव्र इच्छा हुई, लेकिन खतरनाक पलिस्तीनी लोग उसके चारों ओर बसे हुए थे (2 शमूएल 23:14-15)।

          हतप्रभ कर देने वाले बहादुरी दिखाते हुए उसके तीन साथियों ने पलिस्तियों का सामना किया, उनसे बच कर निकल गए, कुएँ से पानी लिया और दाऊद के पास ले आए। किन्तु दाऊद उसे पीने के लिए अपने आप को तैयार न कर सका, “और कहा, हे यहोवा, मुझ से ऐसा काम दूर रहे। क्या मैं उन मनुष्यों का लहू पीऊं जो अपने प्राणों पर खेल कर गए थे? इसलिये उसने उस पानी को पीने से इनकार किया” (2 शमूएल 23:17)।

          ऐसे संसार में जो अकसर उन्हें आदर देता है जो वह सब कुछ छीन और हथिया लेते है, जो वो ले सकते हैं, प्रेम और बलिदान के ऐसे कार्य कितने शक्तिशाली, और प्रोत्साहन देने वाली स्मृतियाँ हो सकते हैं! इस प्रकार के कार्य केवल एक चिह्न ही नहीं हैं; उनका महत्व चिह्न होने से कहीं बढ़कर है। - टिम गुस्ताफ्सन

 

हे पिता परमेश्वर मुझे औरों की आवश्यकताओं का ध्यान रखने वाला बनाएँ।


हर एक अपनी ही हित की नहीं, वरन दूसरों की हित की भी चिन्ता करे। - फिलिप्पियों 2:4

बाइबल पाठ: 2 शमूएल 23:13-17

2 शमूएल 23:13 फिर तीसों मुख्य सरदारों में से तीन जन कटनी के दिनों में दाऊद के पास अदुल्लाम नाम गुफा में आए, और पलिश्तियों का दल रपाईम नाम तराई में छावनी किए हुए था।

2 शमूएल 23:14 उस समय दाऊद गढ़ में था; और उस समय पलिश्तियों की चौकी बेतलेहेम में थी।

2 शमूएल 23:15 तब दाऊद ने बड़ी अभिलाषा के साथ कहा, कौन मुझे बेतलेहेम के फाटक के पास के कुएं का पानी पिलाएगा?

2 शमूएल 23:16 तो वे तीनों वीर पलिश्तियों की छावनी में टूट पड़े, और बेतलेहेम के फाटक के कुंए से पानी भर के दाऊद के पास ले आए। परन्तु उसने पीने से इनकार किया, और यहोवा के सामने अर्घ कर के उण्डेला,

2 शमूएल 23:17 और कहा, हे यहोवा, मुझ से ऐसा काम दूर रहे। क्या मैं उन मनुष्यों का लहू पीऊं जो अपने प्राणों पर खेल कर गए थे? इसलिये उसने उस पानी को पीने से इनकार किया। इन तीन वीरों ने तो ये ही काम किए।

 

एक साल में बाइबल: 

  • व्यवस्थाविवरण 28-29
  • मरकुस 14:54-72 

सोमवार, 15 मार्च 2021

सामर्थ्य

 

          व्यावसायिक जगत में काम करने के कारण मुझे अवसर मिला कि अनेकों कुशल और सूझ-बूझ वाले लोगों के साथ बातचीत और कार्य करूं, उनसे संपर्क रखूँ। लेकिन एक परियोजना पर काम करने का अनुभव कुछ भिन्न ही था। उस परियोजना का संचालक बाहर स्थान पर रहता था, और हमारी उससे बातचीत फोन के द्वारा होती थी, साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट उसे फोन के द्वारा दी जाती थी। हमने चाहे जितना भी कार्य किया हो, कितनी भी अच्छी प्रगति हुई हो, यह मैनेजर हमेशा ही हमारे कार्य की कटु आलोचना करता था, और हर बार हमारे कार्य को कम बता कर, और अधिक कार्य करने के लिए कहता था। उसकी ये बातें सुनते-सुनते मैं निरुत्साहित होने लगा और उससे बात करने में संकोच करने लगा। कभी-कभी तो मैं काम छोड़ देना चाहता था।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में संभव है कि मूसा को भी कुछ ऐसा ही लगा होगा जब अन्धकार वाली विपत्ति के समय वह फिरौन से मिला होगा। परमेश्वर ने मिस्र पर इससे पहले आठ विपत्तियाँ भेजी थीं, और अब इस नौवीं विपत्ति में पड़ने से फिरौन ने आप खो दिया, और उसने क्रोध में मूसा से कहा, “मेरे सामने से चला जा; और सचेत रह; मुझे अपना मुख फिर न दिखाना; क्योंकि जिस दिन तू मुझे मुंह दिखलाए उसी दिन तू मारा जाएगा” (निर्गमन 10:28)।

          उसकी इस धमकी के बावजूद, परमेश्वर ने मूसा ही को इस्राएलियों को मिस्र और फिरौन की अधीनता से छुड़ाने के लिए प्रयोग किया, “विश्वास ही से राजा के क्रोध से न डर कर उसने मिस्र को छोड़ दिया, क्योंकि वह अनदेखे को मानो देखता हुआ दृढ़ रहा” (इब्रानियों 11:27)। मूसा फिरौन का सामना करके उस पर विजय इसलिए प्राप्त कर सका क्योंकि उसे पूरा भरोसा था कि परमेश्वर छुटकारे की अपनी प्रतिज्ञा को पूरा करेगा (निर्गमन 3:17)।

          आज हम इस प्रतिज्ञा पर भरोसा रख सकते हैं कि हर परिस्थिति में परमेश्वर हमारे साथ है, अपनी पवित्र आत्मा के द्वारा हमें सहारा दिए हुए है। वह हमारी सहायता करता है कि हम धमकियों और दबाव का प्रतिरोध कर सकें, उनकी कोई अनुचित प्रतिक्रिया न दें। ऐसा करने के लिए वह हमें अलौकिक सामर्थ्य, प्रेम, और आत्मा-नियंत्रण प्रदान करता है (2 तिमुथियुस 1:7)। हम मसीही विश्वासियों में निवास करने वाला परमेश्वर पवित्र आत्मा हमें अपने कार्यों को करते रहने और परमेश्वर के मार्गदर्शन में चलते रहने का साहस और सामर्थ्य प्रदान करता है। - जेनिफर बेनसन शुल्टज़

 

प्रभु मेरी सहायता करें कि मैं हर बात के लिए आपकी ओर देखता रहूं, 

आपसे मार्गदर्शन और सामर्थ्य प्राप्त करता रहूं।


क्योंकि परमेश्वर ने हमें भय की नहीं पर सामर्थ्य, और प्रेम, और संयम की आत्मा दी है। - 2 तीमुथियुस 1:7

बाइबल पाठ: निर्गमन 10:21-29

निर्गमन 10:21 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, अपना हाथ आकाश की ओर बढ़ा कि मिस्र देश के ऊपर अन्धकार छा जाए, ऐसा अन्धकार कि टटोला जा सके।

निर्गमन 10:22 तब मूसा ने अपना हाथ आकाश की ओर बढ़ाया, और सारे मिस्र देश में तीन दिन तक घोर अन्धकार छाया रहा।

निर्गमन 10:23 तीन दिन तक न तो किसी ने किसी को देखा, और न कोई अपने स्थान से उठा; परन्तु सारे इस्राएलियों के घरों में उजियाला रहा।

निर्गमन 10:24 तब फिरौन ने मूसा को बुलवाकर कहा, तुम लोग जाओ, यहोवा की उपासना करो; अपने बालकों को भी संग ले जाओ; केवल अपनी भेड़-बकरी और गाय-बैल को छोड़ जाओ।

निर्गमन 10:25 मूसा ने कहा, तुझ को हमारे हाथ मेलबलि और होमबलि के पशु भी देने पड़ेंगे, जिन्हें हम अपने परमेश्वर यहोवा के लिये चढ़ाएं।

निर्गमन 10:26 इसलिये हमारे पशु भी हमारे संग जाएंगे, उनका एक खुर तक न रह जाएगा, क्योंकि उन्हीं में से हम को अपने परमेश्वर यहोवा की उपासना का सामान लेना होगा, और हम जब तक वहां न पहुंचें तब तक नहीं जानते कि क्या क्या ले कर यहोवा की उपासना करनी होगी।

निर्गमन 10:27 पर यहोवा ने फिरौन का मन हठीला कर दिया, जिस से उसने उन्हें जाने न दिया।

निर्गमन 10:28 तब फिरौन ने उस से कहा, मेरे सामने से चला जा; और सचेत रह; मुझे अपना मुख फिर न दिखाना; क्योंकि जिस दिन तू मुझे मुंह दिखलाए उसी दिन तू मारा जाएगा।

निर्गमन 10:29 मूसा ने कहा, कि तू ने ठीक कहा है; मैं तेरे मुंह को फिर कभी न देखूंगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • व्यवस्थाविवरण 26-27
  • मरकुस 14:27-53

रविवार, 14 मार्च 2021

पहचान

 

          एक टीवी कार्यक्रम में जवान लोगों ने, किशोरों के जीवन को बेहतर समझने के लिए, स्कूल के किशोर छात्रों की भूमिका निभाई। उन्होंने पाया कि किशोरों द्वारा अपनी पहचान के मूल्यांकन में सोशल मीडिया का बहुत बड़ा स्थान है। कार्यक्रम में भाग लेने वाले एक व्यक्ति ने कहा “छात्रों द्वारा स्वयं का मूल्यांकन सोशल मीडिया के साथ जुड़ा हुआ है, और इस पर निर्भर करता है कि उनके द्वारा पोस्ट की गई किसी फोटो को कितने लोग पसंद करते हैं।” औरों के द्वारा पसंद किए जाने की इस आवश्यकता के कारण युवा इंटरनेट पर कई प्रकार के विचित्र व्यवहार करने लगते हैं।

          औरों के द्वारा स्वीकार किए जाने की लालसा मनुष्य में सदा से ही रही है। परमेश्वर के वचन बाइबल में, उत्पत्ति 29 में याकूब की पत्नी, लिआः अपने पति का प्रेम पाने की चाह रखती थी, जो स्वाभाविक भी है। उसकी यह लालसा उसके तीन पुत्रों के नामों में झलकती है – वे तीनों नाम उसके अकेलेपन को दिखाते हैं (पद 31 – 34)। परन्तु, दुःख की बात है कि याकूब से उसको वह प्रेम नहीं मिला जिसकी उसको लालसा थी।

          उसके चौथे पुत्र के जन्म के बाद, लिआः अपने पति के स्थान पर, परमेश्वर की ओर मुड़ी, और अपने पुत्र का नाम यहूदा, जिसका अर्थ होता है “स्तुति,” रखा (पद 35)। लगता है कि अन्ततः लिआः ने अपने महत्व को परमेश्वर में प्राप्त करने का निर्णय ले लिया। वह परमेश्वर द्वारा बनाई गई मनुष्यों के उद्धार की योजना का भाग बन गई, प्रभु यीशु मसीह दाऊद के वंश से आया, और दाऊद यहूदा के वंश से था।

          हम अपने महत्व को अनेकों रीतियों से प्राप्त करने के प्रयास कर सकते हैं, परन्तु हमारी वास्तविक पहचान प्रभु यीशु मसीह ही में है, जिस में होकर हम परमेश्वर की संतान और मसीह के संगी वारिस, तथा वो लोग जो स्वर्गीय पिता परमेश्वर के साथ अनन्तकाल तक निवास करेंगे, बनते हैं। जैसा प्रेरित पौलुस ने लिखा, “वरन मैं अपने प्रभु मसीह यीशु की पहचान की उत्तमता के कारण सब बातों को हानि समझता हूं: जिस के कारण मैं ने सब वस्तुओं की हानि उठाई, और उन्हें कूड़ा समझता हूं, जिस से मैं मसीह को प्राप्त करूं” (फिलिप्पियों 3:8)। - पीटर चिन

 

हम हमारी वास्तविक पहचान अपने प्रभु परमेश्वर में पाते हैं, अन्य मनुष्यों से नहीं।


और यदि सन्तान हैं, तो वारिस भी, वरन परमेश्वर के वारिस और मसीह के संगी वारिस हैं, जब कि हम उसके साथ दुख उठाएं कि उसके साथ महिमा भी पाएँ। - रोमियों 8:17

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 29:31-35

उत्पत्ति 29:31 जब यहोवा ने देखा, कि लिआः अप्रिय हुई, तब उसने उसकी कोख खोली, पर राहेल बांझ रही।

उत्पत्ति 29:32 सो लिआः गर्भवती हुई, और उसके एक पुत्र उत्पन्न हुआ, और उसने यह कहकर उसका नाम रूबेन रखा, कि यहोवा ने मेरे दु:ख पर दृष्टि की है: सो अब मेरा पति मुझ से प्रीति रखेगा।

उत्पत्ति 29:33 फिर वह गर्भवती हुई और उसके एक पुत्र उत्पन्न हुआ; और उसने यह कहा कि यह सुन के, कि मैं अप्रिय हूं यहोवा ने मुझे यह भी पुत्र दिया: इसलिये उसने उसका नाम शिमोन रखा।

उत्पत्ति 29:34 फिर वह गर्भवती हुई और उसके एक पुत्र उत्पन्न हुआ; और उसने कहा, अब की बार तो मेरा पति मुझ से मिल जाएगा, क्योंकि उस से मेरे तीन पुत्र उत्पन्न हुए: इसलिये उसका नाम लेवीय रखा गया।

उत्पत्ति 29:35 और फिर वह गर्भवती हुई और उसके एक और पुत्र उत्पन्न हुआ; और उसने कहा, अब की बार तो मैं यहोवा का धन्यवाद करूंगी, इसलिये उसने उसका नाम यहूदा रखा; तब उसकी कोख बन्द हो गई।

 

एक साल में बाइबल: 

  • व्यवस्थाविवरण 23-25
  • मरकुस 13:21-37

शनिवार, 13 मार्च 2021

समझ

 

          वर्ष 1989 से बेघर और असहाय लोगों की सहायता करने वाली ‘गुड़ वर्क्स’ नामक एक संस्था के कार्यकारी निर्देशक, कीयथ वस्सरमैन ने हर साल कुछ दिन ‘बेघर’ होकर रहने का निर्णय लिया है, और रहते हैं। जिन लोगों की सेवा में उनकी संस्था लगी हुई है, उनकी समस्याओं और परिस्थितियों की समझ को जानते और समझते रहने के लिए वे सड़कों और गलियों में जाकर बेघर लोगों के साथ रहते हैं, और उनके हालात की समझा-बूझ लेते हैं।

          मैं सोचती हूँ कि कीयथ वस्सरमैन द्वारा किया जाने वाला यह कार्य, उनकी यह सोच, क्या वही नहीं है जो प्रभु यीशु ने हमारे लिए अपनाई है। वे सृष्टिकर्ता परमेश्वर हैं, किन्तु हम मनुष्यों के उद्धार के लिए वे एक शिशु बनकर संसार में आए, शिशु के समान असहाय और दुर्बल होकर रहे, साधारण मनुष्य के समान सब कुछ देखते और सहते हुए बड़े हुए, और वह सब कुछ स्वयं भी अनुभव किया जिसका एक साधारण मनुष्य सामान्यतः करना पड़ता है। और फिर अन्ततः, वे अपने ही शिष्य द्वारा धोखे से पकड़वाए गए और मनुष्यों के हाथों मारे भी गए, ताकि हम परमेश्वर के साथ संबंध में आने का अनुभव कर सकें।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों को लिखी पत्री का लेखक कहता है कि, “इसलिये जब कि लड़के मांस और लहू के भागी हैं, तो वह आप भी उन के समान उन का सहभागी हो गया; ताकि मृत्यु के द्वारा उसे जिसे मृत्यु पर शक्ति मिली थी, अर्थात शैतान को निकम्मा कर दे” (इब्रानियों 2:14)। यद्यपि प्रभु यीशु स्‍वर्गदूतों के भी सृष्टिकर्ता हैं (पद 9), फिर भी उन्होंने अपने आप को उन से भी छोटा कर लिया। यद्यपि वे अमर हैं, फिर भी उन्होंने अपने आप को नश्वर मनुष्य बना लिया और मृत्यु को सह लिया। यद्यपि वे सर्व-सामर्थी परमेश्वर हैं, फिर भी उन्होंने हमारे लिए हर प्रकार का दुःख सहा। उन्होंने यह सब क्यों किया? ताकि जब हम किसी परीक्षा या प्रलोभन या परेशानी से होकर निकलें तो वे हमारी सहायता कर सकें, और हमारा मेल-मिलाप परमेश्वर के साथ करवा सकें (आयतें 17-18)।

          हम, हमारे प्रति उनके इस प्रेम को समझ सकें; यह ध्यान में रखते हुए कि उन्हें हमारी परिस्थितियों और अनुभवों की समझ है; और हमारी आवश्यकताओं की समझ रखते हुए ही उन्होंने हमारे लिए पापों से छुटकारे का मार्ग बना कर दिया है। - एस्तेरा पिरोसका एस्कोबार

 

हे प्रभु यीशु, आपके जीवन, बलिदान, और पुनरुत्थान के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।


जैसा मसीह यीशु का स्वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्वभाव हो। जिसने परमेश्वर के स्वरूप में हो कर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा। वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया। - फिलिप्पियों 2:5-7

बाइबल पाठ: इब्रानियों 2:9-18

इब्रानियों 2:9 पर हम यीशु को जो स्‍वर्गदूतों से कुछ ही कम किया गया था, मृत्यु का दुख उठाने के कारण महिमा और आदर का मुकुट पहने हुए देखते हैं; ताकि परमेश्वर के अनुग्रह से हर एक मनुष्य के लिये मृत्यु का स्वाद चखे।

इब्रानियों 2:10 क्योंकि जिस के लिये सब कुछ है, और जिस के द्वारा सब कुछ है, उसे यही अच्छा लगा कि जब वह बहुत से पुत्रों को महिमा में पहुंचाए, तो उन के उद्धार के कर्ता को दुख उठाने के द्वारा सिद्ध करे।

इब्रानियों 2:11 क्योंकि पवित्र करने वाला और जो पवित्र किए जाते हैं, सब एक ही मूल से हैं: इसी कारण वह उन्हें भाई कहने से नहीं लजाता।

इब्रानियों 2:12 पर कहता है, कि मैं तेरा नाम अपने भाइयों को सुनाऊंगा, सभा के बीच में मैं तेरा भजन गाऊंगा।

इब्रानियों 2:13 और फिर यह, कि मैं उस पर भरोसा रखूंगा; और फिर यह कि देख, मैं उन लड़कों सहित जिसे परमेश्वर ने मुझे दिए।

इब्रानियों 2:14 इसलिये जब कि लड़के मांस और लहू के भागी हैं, तो वह आप भी उन के समान उन का सहभागी हो गया; ताकि मृत्यु के द्वारा उसे जिसे मृत्यु पर शक्ति मिली थी, अर्थात शैतान को निकम्मा कर दे।

इब्रानियों 2:15 और जितने मृत्यु के भय के मारे जीवन भर दासत्व में फंसे थे, उन्हें छुड़ा ले।

इब्रानियों 2:16 क्योंकि वह तो स्‍वर्गदूतों को नहीं वरन इब्राहीम के वंश को संभालता है।

इब्रानियों 2:17 इस कारण उसको चाहिए था, कि सब बातों में अपने भाइयों के समान बने; जिस से वह उन बातों में जो परमेश्वर से सम्बन्ध रखती हैं, एक दयालु और विश्वास योग्य महायाजक बने ताकि लोगों के पापों के लिये प्रायश्चित्त करे।

इब्रानियों 2:18 क्योंकि जब उसने परीक्षा की दशा में दुख उठाया, तो वह उन की भी सहायता कर सकता है, जिन की परीक्षा होती है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • व्यवस्थाविवरण 20-22
  • मरकुस 13:21-37

शुक्रवार, 12 मार्च 2021

निर्देश

 

          मुझे पहले ही देर हो चुकी थी; परन्तु मेरे सामने सड़क पर रखी संकेत पट्टिका पर लिखा था “देरी हो जाने की संभावना है” और वहाँ से आगे गाड़ियां धीरे चल रही थीं; मैंने खिसिया कर प्रतिक्रिया दी, अरे! क्या यह कोई मज़ाक हो रहा है? लेकिन मुझे फिर हँसी आ गई। मेरी अपेक्षा थी कि सभी कार्य मेरी आदर्श समय-सारणी के अनुसार होते रहेंगे; मैंने यह बात सोची ही नहीं थी कि मेरे मार्ग में कही सड़क की मरम्मत होने की आवश्यकता होगी, जिससे यातायात फिर धीमा हो जाएगा, और समय अधिक लगेगा।

          यदि इसी बात को आत्मिक स्तर पर देखा जाए, हम में से बहुत कम ऐसे होते हैं जो अपने जीवन में किसी ऐसी समस्या की संभावना रखते हुए योजनाएँ बनाते हैं, जिन के कारण हमें धीमा होना या मार्ग बदलना या रुकना पड़ सकता है। किन्तु फिर भी जब मैं पीछे मुड़कर जीवन को देखता हूँ, तो अनेकों बार ऐसा हुआ है कि परिस्थितियों ने मुझे किसी भिन्न मार्ग पर चलने की ओर पुनः निर्देशित किया है; आगे बढ़ने में देरी उत्पन्न की है।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में राजा सुलैमान ने मेरे समान कभी “देरी हो जाने की संभावना है” वाली संकेत पट्टिका का सामना नहीं किया। किन्तु नीतिवचन 16 अध्याय में वह हमारी अपनी योजनाओं की तुलना परमेश्वर के मार्गदर्शन के साथ करता है। इस अध्याय के पहले पद को हम अपने शब्दों में कुछ इस प्रकार से भी कह सकते हैं, “नश्वर मनुष्य बहुत बड़ी-बड़ी योजनाएँ बनाते हैं; परन्तु अंतिम निर्णय परमेश्वर ही का होता है।” इसी विचार को सुलैमान ने फिर से पद 9 में इस प्रकार व्यक्त किया, जिसे हम अपने ही शब्दों में यूँ कह सकते हैं, “हम अपने मार्ग निर्धारित करते हैं ... परन्तु प्रभु  ही हमारे कदमों को सही दिशा देता है।” अर्थात, आगे क्या होना है, इसके विषय हमारे अपने विचार तो हो सकते हैं, परन्तु संभव है कि परमेश्वर की योजना कुछ और हो।

          इस आत्मिक सत्य को हम कैसे नजरंदाज कर देते हैं? हम अपनी योजनाएँ बनाने लगते हैं, और परमेश्वर से उसकी योजनाओं के बारे में पूछना भूल जाते हैं। और फिर जब मेरी योजनाओं और मार्गों में बाधाएँ आती हैं, विलम्ब होते हैं, तब हम खिसियाते हैं, परेशान होते हैं।

          परन्तु चिंता करने के स्थान पर हम, जैसा सुलैमान ने सिखाया है, परमेश्वर पर भरोसा बनाए रखें, विश्वास रखें कि वह कदम-कदम करके हमारा मार्गदर्शन करेगा। हमें प्रार्थना पूर्वक उसके खोजी बने रहने, उसके उत्तर की प्रतीक्षा करते रहने, और उसके मार्गदर्शन की बाट जोहनी है। हमारी भलाई के लिए वही हमें सही मार्ग पर सही रीति से, अपने समय और योजनाओं के अनुसार लिए चलेगा। - एडम होल्ज़

 

चिंता के स्थान पर भरोसे को अपना लें; परमेश्वर आपका मार्गदर्शन करता रहेगा।


तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। उसी को स्मरण कर के सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा। - नीतिवचन 3:5-6

बाइबल पाठ: नीतिवचन 16:1-9

नीतिवचन 16:1 मन की युक्ति मनुष्य के वश में रहती है, परन्तु मुंह से कहना यहोवा की ओर से होता है।

नीतिवचन 16:2 मनुष्य का सारा चाल चलन अपनी दृष्टि में पवित्र ठहरता है, परन्तु यहोवा मन को तौलता है।

नीतिवचन 16:3 अपने कामों को यहोवा पर डाल दे, इस से तेरी कल्पनाएं सिद्ध होंगी।

नीतिवचन 16:4 यहोवा ने सब वस्तुएं विशेष उद्देश्य के लिये बनाईं हैं, वरन दुष्ट को भी विपत्ति भोगने के लिये बनाया है।

नीतिवचन 16:5 सब मन के घमण्डियों से यहोवा घृणा करता है; मैं दृढ़ता से कहता हूं, ऐसे लोग निर्दोष न ठहरेंगे।

नीतिवचन 16:6 अधर्म का प्रायश्चित कृपा और सच्चाई से होता है; और यहोवा के भय मानने के द्वारा मनुष्य बुराई करने से बच जाते हैं।

नीतिवचन 16:7 जब किसी का चाल चलन यहोवा को भावता है, तब वह उसके शत्रुओं का भी उस से मेल कराता है।

नीतिवचन 16:8 अन्याय के बड़े लाभ से, न्याय से थोड़ा ही प्राप्त करना उत्तम है।

नीतिवचन 16:9 मनुष्य मन में अपने मार्ग पर विचार करता है, परन्तु यहोवा ही उसके पैरों को स्थिर करता है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • व्यवस्थाविवरण 17-19
  • मरकुस 13:1-20

गुरुवार, 11 मार्च 2021

मिटा दिया

 

          जिस समय ब्रिटिश इंजीनियर एडवर्ड नैर्ने ने पेंसिल से लिखे हुए को मिटाने वाले रबर का आविष्कार किया, उस समय वास्तविकता में वे रोटी के बुरादे की ओर हाथ बढ़ा रहे थे। उस समय, 1770 में, कागज़ पर आए स्याही के धब्बों को मिटाने के लिए उन पर रोटी के बुरादे को छिड़का जाता था। किन्तु गलती से एडवर्ड नैर्ने के हाथ लेटैक्स रबर का टुकड़ा आ गया, और उन्होंने पाया कि उससे कागज़ पर से पेंसिल के निशान मिट गए, और उस रबर का जो बारीक बुरादा कागज़ पर आया, उसे भी बड़ी सरलता से हटाया जा सका।

          हम सभी को यह परमेश्वर के वचन बाइबल का आश्वासन है कि हमारे जीवन की सबसे बुरी गलतियाँ भी इसी प्रकार से मिटा कर पूरी तरह से साफ़ की जा सकती हैं। जीवन की रोटी, प्रभु यीशु मसीह, ने अपने जीवन के बलिदान के द्वारा उन्हें हमेशा के लिए मिटा देने का माध्यम बना करके दे दिया है; ऐसा कि उन्हें फिर कभी स्मरण नहीं किया जाएगा “मैं वही हूं जो अपने नाम के निमित्त तेरे अपराधों को मिटा देता हूं और तेरे पापों को स्मरण न करूंगा” (यशायाह 43:25)।

          हमें यह बहुत अचंभित कर देने वाला, और ऐसा समाधान प्रतीत हो सकता है, जिसके हम कदापि योग्य नहीं हैं। बहुतेरों के लिए यह विश्वास करना कठिन हो सकता है कि हमारे जीवन भर के पाप परमेश्वर द्वारा मिटा दिए जा सकते हैं, ऐसे जैसे “सुबह की ओस” की मिट जाती है। क्या परमेश्वर, जो सब कुछ जानता है, उन्हें इतनी सरलता से भुला सकता है?

          जब हम प्रभु यीशु मसीह को अपना उद्धारकर्ता स्वीकार करते हैं, तब परमेश्वर हमारे पक्ष में ठीक यही करता है। वह हमारे पाप क्षमा कर देता है, उन्हें फिर कभी स्मरण नहीं करता है, और हमें जीवन में आगे बढ़ने के लिए उन पापों के बोझ से मुक्त कर देता है। अब बीते समय की गलतियों के बोझ और बंधनों से मुक्त होकर, हमारा जीवन से वे धब्बे मिटा दिए जाते हैं, और हम आगे के कार्यों के लिए तैयार एवं स्वच्छ कर दिए जाते हैं।

          हाँ, यह संभव है कि हमारे किए हुए गलत कार्यों के दुष्परिणाम शेष रह जाएँ; किन्तु उन दुष्परिणामों को उत्पन्न करने वाला पाप परमेश्वर द्वारा प्रभु यीशु मसीह में लाए गए विश्वास के द्वारा मिटा दिया गया है, और हमें एक नई सृष्टि बनाकर नए जीवन में, नए कार्यों के लिए तैयार कर दिया गया है। पिछले जीवन के पापों के मिटा दिए जाने का इससे बेहतर और कोई तरीका नहीं है। - पेट्रीशिया रेबोन

 

प्रभु मेरे पाप मिटा कर मुझे अपने लिए उपयोगी, एक नई सृष्टि बनाएँ।


सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:17

बाइबल पाठ: यशायाह 44:21-23

यशायाह 44:21 हे याकूब, हे इस्राएल, इन बातों को स्मरण कर, तू मेरा दास है, मैं ने तुझे रचा है; हे इस्राएल, तू मेरा दास है, मैं तुझ को न बिसराऊंगा।

यशायाह 44:22 मैं ने तेरे अपराधों को काली घटा के समान और तेरे पापों को बादल के समान मिटा दिया है; मेरी ओर फिर लौट आ, क्योंकि मैं ने तुझे छुड़ा लिया है।

यशायाह 44:23 हे आकाश, ऊंचे स्वर से गा, क्योंकि यहोवा ने यह काम किया है; हे पृथ्वी के गहिरे स्थानों, जयजयकार करो; हे पहाड़ों, हे वन, हे वन के सब वृक्षों, गला खोल कर ऊंचे स्वर से गाओ! क्योंकि यहोवा ने याकूब को छुड़ा लिया है और इस्राएल में महिमावान होगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • व्यवस्थाविवरण 14-16
  • मरकुस 12:28-44

बुधवार, 10 मार्च 2021

बचाव

 

          फरवरी 18, 1952 के दिन, एक भयानक समुद्री तूफ़ान ने अमेरिका के मेसाचुसेट्स समुद्र-तट से लगभग दस मील की दूरी पर, तेल-पोत, एसएस पेंडलटन को दो भागों में तोड़ दिया। उस पोत के टूटे हुए और डूबते जा रहे एक भाग में चालीस से भी अधिक नाविक फँसे हुए थे। जब इस दुर्घटना का समाचार मेसाचुसेट्स में स्थित तट रक्षक सुरक्षा केंद्र पर पहुँचा तो बर्नी वेबर नामक एक अधिकारी ने अपने साथ तीन लोगों को एक जीवन-रक्षक नौका में लिया और उन्हें बचाने के लिए गए। परिस्थितियाँ बहुत कठिन और सफलता की संभावना लगभग असंभव थी। लेकिन जान जोखिम में डालकर, बहुत दिलेरी से प्रयास करते हुए उन्होंने मृत्यु की कगार पर आकर फँसे हुए बत्तीस नाविकों को बचा लिया। उनकी इस बहादुरी के कारनामे को अमेरिका के तट-रक्षक सेवा के इतिहास के सबसे साहसिक कारनामों में से एक माना जाता है, और वर्ष 2016 में इस पर आधारित एक फिल्म – The Finest Hours भी बनी।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में लूका 19:10 में प्रभु यीशु ने संसार में अपने आने के उद्देश्य को बताते हुए कहा, “” उनके द्वारा किए गए इस बचाव कार्य का माध्यम उनका क्रूस पर अपने जीवन का दिया गया बलिदान और मृतकों में से पुनरुत्थान बना। प्रभु यीशु ने समस्त मानवजाति के पापों को अपने ऊपर लिया, उनके दण्ड को सहा, और उन पापों से मुक्ति का मार्ग बनाकर दे दिया। अब सारे संसार का जो भी व्यक्ति अपने पापों के पश्चाताप के साथ, उन पर विश्वास लाता है, वह पापों से बचाया जाकर परमेश्वर की संतान बन जाता है, अनन्तकाल के लिए बचा लिया जाता है। प्रभु यीशु के मारे जाने, गाड़े जाने, और तीसरे दिन मृतकों में से जी उठने के बाद, लगभग 2000 वर्षों से जो भी उनके इस बचाव कार्य को स्वीकार कर रहा है, वह परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करके अनन्तकाल के लिए सुरक्षित हो जाता है।

          प्रभु यीशु  के अनुयायी होने के नाते हमें यह आदर है कि हम परमेश्वर पवित्र आत्मा की सहायता से प्रभु परमेश्वर के इस बचाव कार्य में उसके सहभागी हों, और जिन्हें इस बचाव की आवश्यकता है, उन तक इसका सुसमाचार पहुंचाएं। - बिल क्राउडर

 

प्रभु, मैं आपके बचाव कार्य में आपका सहभागी बन सकूँ।


परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। वे न तो लहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं। - यूहन्ना 1:12-13

बाइबल पाठ: लूका 19:1-10

लूका 19:1 वह यरीहो में प्रवेश कर के जा रहा था।

लूका 19:2 और देखो, ज़क्कई नाम एक मनुष्य था जो चुंगी लेने वालों का सरदार और धनी था।

लूका 19:3 वह यीशु को देखना चाहता था कि वह कौन सा है परन्तु भीड़ के कारण देख न सकता था। क्योंकि वह नाटा था।

लूका 19:4 तब उसको देखने के लिये वह आगे दौड़कर एक गूलर के पेड़ पर चढ़ गया, क्योंकि वह उसी मार्ग से जाने वाला था।

लूका 19:5 जब यीशु उस जगह पहुंचा, तो ऊपर दृष्टि कर के उस से कहा; हे ज़क्कई झट उतर आ; क्योंकि आज मुझे तेरे घर में रहना अवश्य है।

लूका 19:6 वह तुरन्त उतर कर आनन्द से उसे अपने घर को ले गया।

लूका 19:7 यह देख कर सब लोगे कुड़कुड़ा कर कहने लगे, वह तो एक पापी मनुष्य के यहां जा उतरा है।

लूका 19:8 ज़क्कई ने खड़े हो कर प्रभु से कहा; हे प्रभु, देख मैं अपनी आधी सम्पत्ति कंगालों को देता हूं, और यदि किसी का कुछ भी अन्याय कर के ले लिया है तो उसे चौगुना फेर देता हूं।

लूका 19:9 तब यीशु ने उस से कहा; आज इस घर में उद्धार आया है, इसलिये कि यह भी इब्राहीम का एक पुत्र है।

लूका 19:10 क्योंकि मनुष्य का पुत्र खोए हुओं को ढूंढ़ने और उन का उद्धार करने आया है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • व्यवस्थाविवरण 11-13
  • मरकुस 12:1-27