ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

सोमवार, 10 मई 2021

मित्र

 

          उसके पति के देहांत के बाद से बेट्सी अपने अधिकांश दिन अपने घर में अकेले ही बिताती है, टेलीविज़न देखने में या अपने लिए चाय बनाने में अपना समय बिताती है। इस एकाकीपन में वह अकेली नहीं है। अनुमान है कि ब्रिटेन की आबादी के लगभग पंद्रह प्रतिशत से अधिक लोग यह कहते हैं कि वे अपने को अधिकांशतः या हमेशा अकेला अनुभव करते हैं। इस कारण ब्रिटेन की सरकार ने इस अकेलेपन के कारण और उनका निवारण ढूँढने के लिए एक मंत्री को भी नियुक्त किया है।

          अकेलेपन के कुछ कारण तो सबको पता हैं: हम एक से दूसरे स्थान घर बदलते रहते हैं, और कहीं जड़ें नहीं जमाने पाते हैं। कुछ लोगों को लगता है कि वे अपनी देखभाल स्वयं कर सकते हैं, और उन्हें किसी की ओर हाथ बढ़ाने की कोई आवश्यकता अनुभव नहीं होती है। बहुतेरों को आधुनिक तकनीकी और उपकरणों ने वश में कर रखा है, और वे अपने फोन या कंप्यूटर या टी.वी. को ही देखते रहते हैं। सभी के पास अपने अकेलेपन के अपने ही कारण हैं।

          मुझे इस अकेलेपन के अन्धकार का खतरा अनुभव होता है, और हो सकता है कि आपको भी होता हो। इसीलिए हमें मित्रों की आवश्यकता है; हम मसीही विश्वासियों को अन्य मसीही विश्वासियों की संगति और मित्रता आवश्यक है। परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों की पत्री में, प्रभु यीशु के बलिदान की चर्चा का समापन हमें एक दूसरे के साथ मिलते रहने और निरंतर संगति रखने के निर्देश के साथ होता है (10:25)। हम सभी मसीही विश्वासी परमेश्वर के परिवार का अंग हैं, इसलिए हमें भाई-बहनों के समान परस्पर प्रेम दिखाना चाहिए और अजनबियों के प्रति अतिथि-सत्कार की भावना रखनी चाहिए (13:1-2)। यदि हम सभी प्रयास करें, तो हम सभी को एक-दूसरे की देखभाल और संगति के आनन्द का अनुभव भी होगा।

          हो सकता है कि अकेले रहने वाले लोग हमारी इस कृपा का प्रत्युत्तर न देने पाएँ, परन्तु कृपा न करने का यह कोई कारण नहीं है। हमारे प्रभु यीशु ने हमसे वायदा किया है कि वह हमें कभी नहीं छोड़ेगा या त्यागेगा (13:5), इसलिए हमें भी यही तत्परता औरों के साथ दिखानी चाहिए। जैसे वह हर समय, हर बात के लिए, हर परिस्थिति में, हमारा मित्र बनकर हमारे साथ बना रहता है, वैसे ही हम भी औरों के मित्र बनें, उनके साथ निरंतर संगति बनाए रखें। यदि आप स्वयं अकेले हैं, तो भी परमेश्वर के परिवार के अन्य सदस्यों के साथ संपर्क और संगति बनाए रखने, उनके सहायक बनने के तरीके ढूँढें। मसीह यीशु को अपना मित्र बना लें; उसकी मित्रता और आशीषें न केवल इस जीवन में, वरन परलोक में भी सदा साथ रहती हैं। - माइक व्हिटमर

 

अकेलेपन का समाधान परमेश्वर के परिवार का सक्रिय सदस्य होना है।


और एक दूसरे के साथ इकट्ठा होना ने छोड़ें, जैसे कि कितनों की रीति है, पर एक दूसरे को समझाते रहें; और ज्यों ज्यों उस दिन को निकट आते देखो, त्यों त्यों और भी अधिक यह किया करो। - इब्रानियों 10:25

बाइबल पाठ: इब्रानियों 13:1-8

इब्रानियों 13:1 भाईचारे की प्रीति बनी रहे।

इब्रानियों 13:2 पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है।

इब्रानियों 13:3 कैदियों की ऐसी सुधि लो, कि मानो उन के साथ तुम भी कैद हो; और जिन के साथ बुरा बर्ताव किया जाता है, उन की भी यह समझकर सुधि लिया करो, कि हमारी भी देह है।

इब्रानियों 13:4 विवाह सब में आदर की बात समझी जाए, और बिछौना निष्कलंक रहे; क्योंकि परमेश्वर व्यभिचारियों, और परस्त्रीगामियों का न्याय करेगा।

इब्रानियों 13:5 तुम्हारा स्वभाव लोभरहित हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा।

इब्रानियों 13:6 इसलिये हम बेधड़क हो कर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है।

इब्रानियों 13:7 जो तुम्हारे अगुवे थे, और जिन्होंने तुम्हें परमेश्वर का वचन सुनाया है, उन्हें स्मरण रखो; और ध्यान से उन के चाल-चलन का अन्त देखकर उन के विश्वास का अनुकरण करो।

इब्रानियों 13:8 यीशु मसीह कल और आज और युगानुयुग एक सा है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 2 राजाओं 10-12
  • यूहन्ना 1:29-51

रविवार, 9 मई 2021

सहायक

 

          हम दर्शकों के स्थान में बैठे हुए हमारी बेटी के बास्केटबाल खेल को देख रहे थे; खेल के दौरान उनके प्रशिक्षक ने एक शब्द कहा “डबल्स” (दो एक साथ)। यह सुनते ही तुरंत ही उनकी टीम की सुरक्षा रणनीति परिवर्तित हो गई, और उनके प्रतिरोधियों की सबसे लम्बे खिलाड़ी, जिसके पास गेंद थी, का सामना करने के लिए एक के स्थान पर अब दो खिलाड़ी आ गए। उन दोनों के आ जाने से वह प्रतिरोधी खिलाड़ी बॉल को सही दिशा में फेंक कर अंक नहीं बनाने पाई, और बॉल हमारी बेटी की टीम के हाथों में आ गई।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में जब सभोपदेशक का लेखक सुलैमान, इस संसार की कठिनाइयों और हताशाओं का सामना करता है, तब वह भी इस बात को मान लेता है कि परिश्रम के समय यदि कोई सहायक साथ हो तो परिश्रम से अच्छा परिणाम मिलता है (4:9)। जब कोई अकेला ही परिस्थितियों का सामना कर रहा होता है तो उसके पराजित होने की संभावना अधिक होती है; किन्तु यदि दो एक साथ हों तो वे अपने आप को बचा सकते हैं (पद 12)। यदि कोई मित्र हमारे साथ हो, तो वह हमें गिरने से बचा सकता है (पद 10)।

          सुलैमान के शब्द हमें प्रोत्साहित करते हैं कि अपनी जीवन यात्रा में किसी के मित्र, किसी के सहायक बनें; या किसी को अपनी सहायता के लिए साथ लिए चलें, जिससे हमें अकेले ही समस्याओं से जूझना न पड़े। किन्तु यह करने के लिए हम में से कुछ को अपने आप को इस प्रकार से खुला और उपलब्ध करवाना होगा, जैसा औरों के साथ होने से हम संकोच करते हैं और इस कारण अपने ही अंदर सीमित रहते हैं। लेकिन हम में से कुछ ऐसे भी हैं जो अपने साथ घनिष्ठता चाहते हैं, उन्हें लालसा रहते है कि लोग उनके संपर्क में आएँ और संगति करें, जिन से फिर वो अपने मन की बातों को बाँट सकें। कारण चाहे कुछ भी हो, हमें सहायता देने और सहायता लेने से संकोच नहीं करना चाहिए।

          उस बास्केटबॉल प्रशिक्षक की रणनीति वही थी जो सुलैमान की थी – अपने साथ सहायक ले लेना, जिससे चाहे खेल का स्थान हो या जीवन का मैदान हो, हमारे साथ हमें संभालने के लिए एक सहायक हो। हम अपने प्रभु परमेश्वर के धन्यवादी बने रहें कि वह हमारे जीवनों में सहायक खड़े करता है, और स्वयं भी हमारा सहायक बनकर हमारे साथ रहता है, तथा उसने हमारे सहायक के रूप में पवित्र आत्मा को हम मसीही विश्वासियों में बसाया है। - कर्स्टन होल्मबर्ग

 

प्रभु परमेश्वर जीवन के संघर्षों में आप हमारे सहायक बनें और हमें औरों के सहायक बनाएँ।


और मैं पिता से बिनती करूंगा, और वह तुम्हें एक और सहायक देगा, कि वह सर्वदा तुम्हारे साथ रहे। अर्थात सत्य का आत्मा, जिसे संसार ग्रहण नहीं कर सकता, क्योंकि वह न उसे देखता है और न उसे जानता है: तुम उसे जानते हो, क्योंकि वह तुम्हारे साथ रहता है, और वह तुम में होगा। - यूहन्ना 14:16-17

बाइबल पाठ: सभोपदेशक 4:1-12

सभोपदेशक 4:1 तब मैं ने वह सब अन्धेर देखा जो संसार में होता है। और क्या देखा, कि अन्धेर सहने वालों के आंसू बह रहे हैं, और उन को कोई शान्ति देने वाला नहीं! अन्धेर करने वालों के हाथ में शक्ति थी, परन्तु उन को कोई शान्ति देने वाला नहीं था।

सभोपदेशक 4:2 इसलिये मैं ने मरे हुओं को जो मर चुके हैं, उन जीवतों से जो अब तक जीवित हैं अधिक सराहा;

सभोपदेशक 4:3 वरन उन दोनों से अधिक सुभागी वह है जो अब तक हुआ ही नहीं, न ये बुरे काम देखे जो संसार में होते हैं।

सभोपदेशक 4:4 तब मैंने सब परिश्रम के काम और सब सफल कामों को देखा जो लोग अपने पड़ोसी से जलन के कारण करते हैं। यह भी व्यर्थ और मन का कुढ़ना है।

सभोपदेशक 4:5 मूर्ख छाती पर हाथ रखे रहता और अपना मांस खाता है।

सभोपदेशक 4:6 चैन के साथ एक मुट्ठी उन दो मुट्ठियों से अच्छा है, जिनके साथ परिश्रम और मन का कुढ़ना हो।

सभोपदेशक 4:7 फिर मैं ने धरती पर यह भी व्यर्थ बात देखी।

सभोपदेशक 4:8 कोई अकेला रहता और उसका कोई नहीं है; न उसके बेटा है, न भाई है, तौभी उसके परिश्रम का अन्त नहीं होता; न उसकी आंखें धन से सन्तुष्ट होती हैं, और न वह कहता है, मैं किस के लिये परिश्रम करता और अपने जीवन को सुख रहित रखता हूं? यह भी व्यर्थ और निरा दु:ख भरा काम है।

सभोपदेशक 4:9 एक से दो अच्छे हैं, क्योंकि उनके परिश्रम का अच्छा फल मिलता है।

सभोपदेशक 4:10 क्योंकि यदि उन में से एक गिरे, तो दूसरा उसको उठाएगा; परन्तु हाय उस पर जो अकेला हो कर गिरे और उसका कोई उठाने वाला न हो।

सभोपदेशक 4:11 फिर यदि दो जन एक संग सोए तो वे गर्म रहेंगे, परन्तु कोई अकेला क्योंकर गर्म हो सकता है?

सभोपदेशक 4:12 यदि कोई अकेले पर प्रबल हो तो हो, परन्तु दो उसका सामना कर सकेंगे। जो डोरी तीन तागे से बटी हो वह जल्दी नहीं टूटती।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 2 राजाओं 7-9
  • यूहन्ना 1:1-28

शनिवार, 8 मई 2021

भरोसा


          मेसाचुसेट्स के बोस्टन शहर में एक पट्टिका लगी है जिस पर लिखा है “Crossing the Bowl of Tears” (आँसुओं का कटोरा पार करना)। यह उन लोगों की स्मृति में लगाई गई है जिन्होंने सन 1840 के अन्त के समय आयरलैंड में आए भयंकर अकाल से बचने के लिए अटलांटिक महासागर को पार करने का जोखिम उठाया। अकाल की इस भयानक त्रासदी में दस लाख से अधिक लोग मारे गए, और उतने ही लोगों ने घर-बार छोड़कर, खतरनाक हालात में महासागर पार करने का जोखिम उठाया। भूख और दुःख के कारण, ये यात्री कहीं पर, किसी रीति से कुछ आशा को ढूँढ रहे थे; उनकी इस तलाश को जॉन बॉयल ओरियली ने काव्यात्मक रीति से “आँसुओं का कटोरा” कहा।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 55 में, दाऊद बताता है कि वह कैसे आशा को ढूँढ़ रहा था। यद्यपि, जिन खतरों का वह सामना कर रहा था, हमें उनके कोई विवरण तो नहीं पता है, लेकिन हम यह समझ सकते हैं कि उनके बोझ के कारण वह अपने आप को भावनात्मक रीति से टूटा हुआ अनुभव करने लगा था (पद 4-5)। ऐसे में उसकी स्वाभाविक प्रतिक्रिया थी कि वह प्रार्थना करे, और उसने लिखा, और मैं ने कहा, भला होता कि मेरे कबूतर के से पंख होते तो मैं उड़ जाता और विश्राम पाता” (पद 6)।

          जब भी संकट आएँ, तो सदा स्मरण रखें कि सभी शान्ति का परमेश्वर आपको आपके सबसे अन्धकारपूर्ण समयों और सबसे गहरे भय के पार सुरक्षित लेकर जा सकता है। हमारे प्रभु परमेश्वर का अपने विश्वासियों से यह वायदा है कि वह हमारी आँखों से सब आँसुओं को पोंछ देगा (प्रकाशितवाक्य 21:4)। उसके इस आश्वासन से सामर्थ्य पाकर, हम आज अपने आँसुओं को भी उसे सौंप सकते हैं, इस भरोसे के साथ कि अवश्य ही एक दिन वह उन सभी का हिसाब चुकाएगा। - बिल क्राउडर

 

हे परमेश्वर पिता, जब जीवन अभिभूत करे, तो मुझे अपनी सामर्थ्य से भर देना।


तू मेरे मारे मारे फिरने का हिसाब रखता है; तू मेरे आंसुओं को अपनी कुप्पी में रख ले! क्या उनकी चर्चा तेरी पुस्तक में नहीं है? - भजन संहिता 56:8

बाइबल पाठ: भजन 55:4-19

भजन संहिता 55:4 मेरा मन भीतर ही भीतर संकट में है, और मृत्यु का भय मुझ में समा गया है।

भजन संहिता 55:5 भय और कंपकंपी ने मुझे पकड़ लिया है, और भय के कारण मेरे रोंए रोंए खड़े हो गए हैं।

भजन संहिता 55:6 और मैं ने कहा, भला होता कि मेरे कबूतर के से पंख होते तो मैं उड़ जाता और विश्राम पाता!

भजन संहिता 55:7 देखो, फिर तो मैं उड़ते उड़ते दूर निकल जाता और जंगल में बसेरा लेता,

भजन संहिता 55:8 मैं प्रचण्ड बयार और आन्धी के झोंके से बचकर किसी शरण स्थान में भाग जाता।

भजन संहिता 55:9 हे प्रभु, उन को सत्यानाश कर, और उनकी भाषा में गड़बड़ी डाल दे; क्योंकि मैं ने नगर में उपद्रव और झगड़ा देखा है।

भजन संहिता 55:10 रात दिन वे उसकी शहरपनाह पर चढ़कर चारों ओर घूमते हैं; और उसके भीतर दुष्टता और उत्पात होता है।

भजन संहिता 55:11 उसके भीतर दुष्टता ने बसेरा डाला है; और अन्धेर, अत्याचार और छल उसके चौक से दूर नहीं होते।

भजन संहिता 55:12 जो मेरी नामधराई करता है वह शत्रु नहीं था, नहीं तो मैं उसको सह लेता; जो मेरे विरुद्ध बड़ाई मारता है वह मेरा बैरी नहीं है, नहीं तो मैं उस से छिप जाता।

भजन संहिता 55:13 परन्तु वह तो तू ही था जो मेरी बराबरी का मनुष्य मेरा परम-मित्र और मेरी जान पहचान का था।

भजन संहिता 55:14 हम दोनों आपस में कैसी मीठी मीठी बातें करते थे; हम भीड़ के साथ परमेश्वर के भवन को जाते थे।

भजन संहिता 55:15 उन को मृत्यु अचानक आ दबाए; वे जीवित ही अधोलोक में उतर जाएं; क्योंकि उनके घर और मन दोनों में बुराइयां और उत्पात भरा है।

भजन संहिता 55:16 परन्तु मैं तो परमेश्वर को पुकारूंगा; और यहोवा मुझे बचा लेगा।

भजन संहिता 55:17 सांझ को, भोर को, दोपहर को, तीनों पहर मैं दोहाई दूंगा और कराहता रहूंगा। और वह मेरा शब्द सुन लेगा।

भजन संहिता 55:18 जो लड़ाई मेरे विरुद्ध मची थी उस से उसने मुझे कुशल के साथ बचा लिया है। उन्होंने तो बहुतों को संग ले कर मेरा सामना किया था।

भजन संहिता 55:19 ईश्वर जो आदि से विराजमान है यह सुनकर उन को उत्तर देगा। ये वे हैं जिन में कोई परिवर्तन नहीं और उन में परमेश्वर का भय है ही नहीं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 2 राजाओं 4-6
  • लूका 24:36-53

शुक्रवार, 7 मई 2021

आदर्श

 

          यदि आप से पूछा जाए कि आपका परामर्शदाता कौन है, तो आपके सामने किसका नाम आएगा? मेरे लिए वह नाम पास्टर रिच है। उन्होंने मुझे में संभावनाओं को देखा, और तब भी मुझ पर भरोसा रखा जब मैं स्वयं अपने आप पर भरोसा नहीं रखती थी। उन्होंने स्वयं नम्रता और प्रेम के साथ सेवकाई करने का एक आदर्श बनकर मुझे सिखाया; और परिणामस्वरूप आज मैं परमेश्वर की सेवा औरों को सिखाने तथा औरों के लिए आदर्श बनकर कार्य करने के द्वारा करने पा रही हूँ।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि एलिशा के एक अगुवे के रूप में विकसित होने में एलिय्याह की बहुत प्रमुख भूमिका थी। एलिय्याह ने एलिशा को हल जोतते हुए देखा और उसे अपने पीछे हो लेने के लिए कहा, क्योंकि परमेश्वर ने एलिय्याह से कहा था कि वह एलिशा को अपना उत्तराधिकारी अभिषेक करे (1 राजाओं 9:16, 19)। युवा एलिशा ने अपने परामर्शदाता को अद्भुत आश्चर्यकर्म करते हुए देखा, और साथ ही यह भी सीखा कि चाहे कुछ भी हो जाए, केवल परमेश्वर ही की आज्ञाकारिता का जीवन जीना है। एलिय्याह ने अपने के जीवन के अन्त का समय निकट आने पर, एलिशा को तीन बार अवसर दिया कि वह वापस चला जाए, किन्तु हर बार एलिशा ने इसके लिए मना कर दिया, और कहा “...यहोवा के और तेरे जीवन की शपथ मैं तुझे नहीं छोड़ने का” (2 राजा 2:2, 4, 6)। एलिशा की इस विश्वासयोग्यता के कारण उसे भी परमेश्वर ने अद्भुत रीति से अपने कार्यों के लिए उपयोग किया।

          हम सभी को कोई न कोई ऐसा आदर्श चाहिए होता है जिससे हम प्रभु यीशु का अनुसरण करने के अर्थ को सीखें और समझें, और फिर उसका पालन करें। प्रभु परमेश्वर हमारे मध्य में ऐसे भक्त लोगों को खड़ा करे जो हमारी आत्मिक उन्नति में हमारे मार्गदर्शक और आदर्श बनें, और हमें सही मसीही जीवन जीने में सहायक हों। साथ ही, प्रभु परमेश्वर के अनुग्रह और उसके आत्मा की सामर्थ्य से हम भी औरों के लिए परामर्शदाता, मार्गदर्शक, और आदर्श बन सकें। - एस्तेरा पिरोसका एस्कोबार

 

परमेश्वर पिता हमारे जीवनों में हमें चुनौतियां देने और 

प्रोत्साहित करने वाले मार्गदर्शक लोगों के लिए आपका धन्यवाद


तुम मेरी सी चाल चलो जैसा मैं मसीह की सी चाल चलता हूं। - 1 कुरिन्थियों 11:1

बाइबल पाठ: 2 राजाओं 2:1-6

2 राजा 2:1 जब यहोवा एलिय्याह को बवंडर के द्वारा स्वर्ग में उठा लेने को था, तब एलिय्याह और एलिशा दोनों संग संग गिलगाल से चले।

2 राजा 2:2 एलिय्याह ने एलिशा से कहा, यहोवा मुझे बेतेल तक भेजता है इसलिये तू यहीं ठहरा रह। एलिशा ने कहा, यहोवा के और तेरे जीवन की शपथ मैं तुझे नहीं छोड़ने का; इसलिये वे बेतेल को चले गए।

2 राजा 2:3 और बेतेल-वासी भविष्यद्वक्ताओं के चेले एलिशा के पास आकर कहने लगे, क्या तुझे मालूम है कि आज यहोवा तेरे स्वामी को तेरे ऊपर से उठा लेने पर है? उसने कहा, हां, मुझे भी यह मालूम है, तुम चुप रहो।

2 राजा 2:4 और एलिय्याह ने उस से कहा, हे एलिशा, यहोवा मुझे यरीहो को भेजता है; इसलिये तू यहीं ठहरा रह: उसने कहा, यहोवा के और तेरे जीवन की शपथ मैं तुझे नहीं छोड़ने का; सो वे यरीहो को आए।

2 राजा 2:5 और यरीहो-वासी भविष्यद्वक्ताओं के चेले एलिशा के पास आकर कहने लगे, क्या तुझे मालूम है कि आज यहोवा तेरे स्वामी को तेरे ऊपर से उठा लेने पर है? उसने उत्तर दिया, हां मुझे भी मालूम है, तुम चुप रहो।

2 राजा 2:6 फिर एलिय्याह ने उस से कहा, यहोवा मुझे यरदन तक भेजता है, सो तू यहीं ठहरा रह; उसने कहा, यहोवा के और तेरे जीवन की शपथ मैं तुझे नहीं छोड़ने का; सो वे दोनों आगे चले।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 2 राजाओं 1-3
  • लूका 24:1-35

गुरुवार, 6 मई 2021

संतुष्टि

 

          मैंने अपने घर के पीछे के आँगन के बाड़े के ऊपर से झाँक कर देखा; हमारे घर के पीछे बने पार्क और उसमें बने दौड़ने के ट्रैक पर कई लोग चल, भाग, और टहल रहे थे। मेरे मन में विचार आया, जब मेरे शरीर में शक्ति थी तब मैं भी वहाँ यही किया करता था; और तुरंत मुझे निराशा की एक लहर ने घेर लिया।

          बाद में जब मैं परमेश्वर के वचन बाइबल में से पढ़ रहा था, मेरा ध्यान यशायाह 55:1 “अहो सब प्यासे लोगों, पानी के पास आओ” पर गया और मुझे एहसास हुआ कि प्यास – असंतुष्टि जीवन का नियम है, अपवाद नहीं। इस संसार की कोई भी बात, चाहे वह कोई भली वस्तु ही क्यों न हो, हमें पूर्णतः संतुष्ट कर नहीं सकती है। चाहे मेरे शरीर में भरपूर शक्ति भी होती, और मैं उन लोगों के साथ उन बातों में सम्मिलित हो जाता, फिर भी जीवन में और भी कुछ होता जिसे लेकर मैं असंतुष्ट अनुभव करता।

          हमें संसार की संस्कृति निरंतर कहती रहती है कि हमारे कुछ करने, खरीदने, पहनने, शरीर पर लगाने, कुछ देखने, कहीं जाने, कुछ चलाने, आदि से हमें पूरी संतुष्टि और अमिट आनन्द मिलेगा। परन्तु यह झूठ है। इस संसार में ऐसा कुछ भी नहीं है, और न ही हम कुछ ऐसा कर सकते हैं जो हमें पूर्ण और स्थाई संतुष्टि प्रदान करे।

          वरन यशायाह में होकर परमेश्वर हमें निमंत्रण देता है कि हर बात के लिए, बारंबार परमेश्वर के पास आते रहें, हर बात के बारे में परमेश्वर से सुनते रहें कि वह उसके बारे में हम से क्या कहना चाहता है। परमेश्वर की इच्छा और योजनाओं में ही पूर्ण शान्ति और संतुष्टि है। - डेविड एच. रोपर

 

प्रभु केवल आप ही हमारी प्यास को तृप्त कर सकते हैं।


हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा। - मत्ती 11:28

बाइबल पाठ: यशायाह 55:1-6

यशायाह 55:1 अहो सब प्यासे लोगों, पानी के पास आओ; और जिनके पास रुपया न हो, तुम भी आकर मोल लो और खाओ! दाखमधु और दूध बिन रुपए और बिना दाम ही आकर ले लो।

यशायाह 55:2 जो भोजन वस्तु नहीं है, उसके लिये तुम क्यों रुपया लगाते हो, और, जिस से पेट नहीं भरता उसके लिये क्यों परिश्रम करते हो? मेरी ओर मन लगाकर सुनो, तब उत्तम वस्तुएं खाने पाओगे और चिकनी चिकनी वस्तुएं खाकर सन्तुष्ट हो जाओगे।

यशायाह 55:3 कान लगाओ, और मेरे पास आओ; सुनो, तब तुम जीवित रहोगे; और मैं तुम्हारे साथ सदा की वाचा बान्धूंगा अर्थात दाऊद पर की अटल करुणा की वाचा।

यशायाह 55:4 सुनो, मैं ने उसको राज्य राज्य के लोगों के लिये साक्षी और प्रधान और आज्ञा देने वाला ठहराया है।

यशायाह 55:5 सुन, तू ऐसी जाति को जिसे तू नहीं जानता बुलाएगा, और ऐसी जातियां जो तुझे नहीं जानतीं तेरे पास दौड़ी आएंगी, वे तेरे परमेश्वर यहोवा और इस्राएल के पवित्र के निमित्त यह करेंगी, क्योंकि उसने तुझे शोभायमान किया है।

यशायाह 55:6 जब तक यहोवा मिल सकता है तब तक उसकी खोज में रहो, जब तक वह निकट है तब तक उसे पुकारो;

 

एक साल में बाइबल: 

  • 1 राजाओं 21-22
  • लूका 23:26-56

बुधवार, 5 मई 2021

प्रार्थना

 

          उस दिन का आरंभ किसी भी अन्य सामान्य दिन के समान ही हुआ था, परन्तु उसका अन्त बहुत भयानक हुआ। सैकड़ों अन्य लड़कियों के साथ, एस्तेर को भी उनके आवासीय स्कूल के होस्टल से धार्मिक कट्टरपंथियों के एक दल ने अगुवा कर लिया। एक महीन के बाद एस्तेर – जिसने प्रभु यीशु मसीह का इनकार करने से मना कर दिया था, के अतिरिक्त, बाकी सभी को रिहा कर दिया गया। जब मैंने और मेरे मित्रों ने इस घटना के बारे में तथा अन्य उन लोगों के बारे में पढ़ा, जो अपने मसीही विश्वास के कारण सताव का सामना कर रहे थे, तो हमारे हृदय द्रवित हुए। हम उन लोगों के लिए कुछ करना चाहते थे; परन्तु क्या?

          परमेश्वर के वचन बाइबल में कोरिन्थ के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में पौलुस ने एशिया में उसे और उसके साथियों को जिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, उनके बारे में लिखा। उनपर इतना घोर सताव आया था कि उनके प्राण भी खतरे में आ गए थे (2 कुरिन्थियों 1:8); किन्तु मसीही विश्वासियों की प्रार्थनाओं ने पौलुस और उसके साथियों की सहायता की (पद 11)। यद्यपि कोरिन्थ की मसीही मण्डली पौलुस और उसके साथियों से कई मील की दूरी पर स्थित थी, फिर भी उनकी प्रार्थनाओं का महत्व था, और परमेश्वर ने उन प्रार्थनाओं को सुना और उनका उत्तर दिया। यहाँ पर एक अद्भुत भेद की बात है – सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने अपनी योजनाओं को पूरा करने के लिए हमारी प्रार्थनाओं को माध्यम बनाया है। औरों के लिए प्रार्थना करना कितना बड़ा विशेषाधिकार है!

          हम आज अपने उन मसीही विश्वासी भाइयों और बहनों के लिए प्रार्थनाएँ कर सकते हैं जो अपने विश्वास के कारण दुःख, तकलीफों और सताव का सामना कर रहे हैं। चाहे हम उनके पास न भी हों, फिर भी प्रार्थना से हम उनके लिए कुछ कर सकते हैं। हम उन सभी के लिए प्रार्थना कर सकते हैं जो अपने मसीही विश्वास के लिए संसार के विभिन्न स्थानों में तिरस्कृत, शोषित, उत्पीड़ित और सताए हुए हैं; कई तो मार भी डाले गए हैं। हम प्रार्थना करें कि ऐसी परिस्थितियों से होकर निकलने वाले प्रभु परमेश्वर की शान्ति और प्रोत्साहन का अनुभव करें, और आशा में दृढ़ होकर खड़े रहें। हमारी प्रार्थना ऐसे लोगों के लिए सहायता हैं। - पोह फैंग चिया

 

प्रार्थना द्वारा हम परमेश्वर की सामर्थ्य को कार्यान्वित करते हैं।


जिसने अपने निज पुत्र को भी न रख छोड़ा, परन्तु उसे हम सब के लिये दे दिया: वह उसके साथ हमें और सब कुछ क्योंकर न देगा? - रोमियों 8:32

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 1:8-11

2 कुरिन्थियों 1:8 हे भाइयों, हम नहीं चाहते कि तुम हमारे उस क्लेश से अनजान रहो, जो आसिया में हम पर पड़ा, कि ऐसे भारी बोझ से दब गए थे, जो हमारी सामर्थ्य से बाहर था, यहां तक कि हम जीवन से भी हाथ धो बैठे थे।

2 कुरिन्थियों 1:9 वरन हम ने अपने मन में समझ लिया था, कि हम पर मृत्यु की आज्ञा हो चुकी है कि हम अपना भरोसा न रखें, वरन परमेश्वर का जो मरे हुओं को जिलाता है।

2 कुरिन्थियों 1:10 उसी ने हमें ऐसी बड़ी मृत्यु से बचाया, और बचाएगा; और उस से हमारी यह आशा है, कि वह आगे को भी बचाता रहेगा।

2 कुरिन्थियों 1:11 और तुम भी मिलकर प्रार्थना के द्वारा हमारी सहायता करोगे, कि जो वरदान बहुतों के द्वारा हमें मिला, उसके कारण बहुत लोग हमारी ओर से धन्यवाद करें।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 1 राजाओं 19-20
  • लूका 23:1-25

मंगलवार, 4 मई 2021

प्रतीक्षा

 

          पुलिस ने एक महिला पर खतरनाक रीति से कार चलाने का दोष और दण्ड लागू किया। स्कूल बस से उतरते हुए बच्चों के लिए कुछ देर सड़क पर प्रतीक्षा करने की बजाए, उसने कार फुटपाथ पर डाली, उनसे आगे निकली और फिर से सड़क पर आ गई।

          यह सच है कि प्रतीक्षा करनी पड़े तो हम अधीर होने लगते हैं। किन्तु प्रतीक्षा हमें कुछ अच्छी बातें भी सिखा और करवा सकती है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु ने अपने शिष्यों से कहा कि वे यरूशलेम ही में रहकर प्रतीक्षा करें जब तक कि उन्हें पवित्र आत्मा का बपतिस्मा न मिल जाए (प्रेरितों 1:4-5)।

          जब वो शिष्य प्रतीक्षा में ऊपर के कमरे में एकत्रित रहते थे, संभवतः उत्साह और प्रत्याशा से भरे हुए, तब प्रतीत होता है कि वे यह भी समझते थे कि प्रभु द्वारा उन से प्रतीक्षा करने के लिए कहने का अर्थ यह नहीं था कि वे निष्क्रिय होकर बैठे रहें। वे लोग उस स्थान पर एकत्रित होकर प्रार्थना करते रहते थे (पद 14); और पवित्र शास्त्र से शिक्षा पाकर उन्होंने यहूदा के स्थान पर एक अन्य शिष्य को चुनकर नियुक्त किया (पद 26)। जब वे एक मन होकर प्रार्थना और आराधना में लगे हुए थे, तब पवित्र आत्मा उन पर उतर आया (2:1-4)।

          वो शिष्य केवल प्रतीक्षा ही नहीं कर रहे थे; वे तैयारी भी कर रहे थे। जब हम परमेश्वर के निर्देशों की प्रतीक्षा कर रहे हों, तो इसका यह अर्थ नहीं है कि हम अधीर होकर कुछ कर बैठें या फिर निष्क्रिय होकर पड़े रहें। हम प्रतीक्षा के समय को प्रार्थना, आराधना, और संगति रखने में बिता सकते हैं, और जो कार्य प्रभु परमेश्वर हमसे करवा सकता है उसकी प्रत्याशा में वह समय तैयारी करने में बिता सकते हैं। प्रतीक्षा करना हमारे शरीरों, मनों, और मस्तिष्क को आने वाले दायित्व के लिए तैयार करने का समय होना चाहिए।

          निःसंदेह, जब परमेश्वर हम से प्रतीक्षा करने के लिए कहे, तो हम आने वाले दायित्व और आशीष के कारण उत्साहित हों, और प्रभु परमेश्वर भर उसकी योजनाओं के लिए भरोसा रखते हुए, प्रतीक्षा के अपने समय को तैयारी में बिताएँ। - पीटर चिन

 

प्रभु मुझे प्रतीक्षा के समयों में अधीर न होने दें, वरन आते समय के लिए तैयार करें।


जो काम तुझे मिले उसे अपनी शक्ति भर करना, क्योंकि अधोलोक में जहां तू जाने वाला है, न काम न युक्ति न ज्ञान और न बुद्धि है। - सभोपदेशक 9:10

बाइबल पाठ: प्रेरितों 1:1-11

प्रेरितों के काम 1:1 हे थियुफिलुस, मैं ने पहिली पुस्तिका उन सब बातों के विषय में लिखी, जो यीशु ने आरम्भ में किया और करता और सिखाता रहा।

प्रेरितों के काम 1:2 उस दिन तक जब वह उन प्रेरितों को जिन्हें उसने चुना था, पवित्र आत्मा के द्वारा आज्ञा देकर ऊपर उठाया न गया।

प्रेरितों के काम 1:3 और उसने दु:ख उठाने के बाद बहुत से पड़े प्रमाणों से अपने आप को उन्हें जीवित दिखाया, और चालीस दिन तक वह उन्हें दिखाई देता रहा: और परमेश्वर के राज्य की बातें करता रहा।

प्रेरितों के काम 1:4 ओर उन से मिलकर उन्हें आज्ञा दी, कि यरूशलेम को न छोड़ो, परन्तु पिता की उस प्रतिज्ञा के पूरे होने की बाट जोहते रहो, जिस की चर्चा तुम मुझ से सुन चुके हो।

प्रेरितों के काम 1:5 क्योंकि यूहन्ना ने तो पानी में बपतिस्मा दिया है परन्तु थोड़े दिनों के बाद तुम पवित्रात्मा से बपतिस्मा पाओगे।

प्रेरितों के काम 1:6 सो उन्होंने इकट्ठे हो कर उस से पूछा, कि हे प्रभु, क्या तू इसी समय इस्राएल को राज्य फेर देगा?

प्रेरितों के काम 1:7 उसने उन से कहा; उन समयों या कालों को जानना, जिन को पिता ने अपने ही अधिकार में रखा है, तुम्हारा काम नहीं।

प्रेरितों के काम 1:8 परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ्य पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे।

प्रेरितों के काम 1:9 यह कहकर वह उन के देखते देखते ऊपर उठा लिया गया; और बादल ने उसे उन की आंखों से छिपा लिया।

प्रेरितों के काम 1:10 और उसके जाते समय जब वे आकाश की ओर ताक रहे थे, तो देखो, दो पुरुष श्वेत वस्त्र पहने हुए उन के पास आ खड़े हुए।

प्रेरितों के काम 1:11 और कहने लगे; हे गलीली पुरुषों, तुम क्यों खड़े स्वर्ग की ओर देख रहे हो? यही यीशु, जो तुम्हारे पास से स्वर्ग पर उठा लिया गया है, जिस रीति से तुम ने उसे स्वर्ग को जाते देखा है उसी रीति से वह फिर आएगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 1 राजाओं 16-18
  • लूका 22:47-71