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रविवार, 28 दिसंबर 2014

भला और बुरा


   आग जलाते समय कभी-कभी हवा तेज़ होती है और मुझे आग जलाने नहीं देती; कभी जब आग जल रही होती है और मध्यम पड़ने लगती है तो हवा के झोंके उसे तेज़ कर देने में सहायक हो जाते हैं। वही हवा एक परिस्थिति में तो मेरे लिए बुरी और दूसरी में मेरे लिए अच्छी हो जाती है! जहाँ वह मेरी योजना और कार्य में बाधा बनती है मैं उसे बुरा मान लेता हूँ, और जहाँ वह मेरी सहायक हो जाती है, मैं उसे अच्छा मान लेता हूँ। हवा तो वही है, फर्क केवल मेरे परिपेक्ष और आँकलन का है।

   यह एक उदाहरण है उस विरोधाभास का जिसके अन्तर्गत हम परिस्थितियों अथवा लोगों के विषय में निर्णय लेते हैं या राय व्यक्त करते हैं। यदि वे हमारी योजनाओं और कार्यविधियों में सहायक होते हैं तो अच्छे हैं, यदि बाधा बनते हैं या सहायक नहीं होते तो बुरे हैं।

   लेकिन भले और बुरे की सही पहचान हमें परमेश्वर से मिलती है, जिसके मानक सदा सिद्ध और पक्षपात रहित होते हैं, जो समय, परिस्थितियों, लोगों और आवश्यकताओं के अनुसार बदलते नहीं हैं। उसकी नज़र में भला या बुरा वह नहीं है जो हम मनुष्यों की योजना और सोच के अनुसार भला या बुरा है; वरन भला या बुरा वह है जो उसके स्थापित मानकों के अनुसार भला या बुरा है, जो उसकी योजनाओं की पूर्ति में सहायक या बाधक है। हम मसीही विश्वासियों के लिए परमेश्वर की योजना है कि हम "...एक चुना हुआ वंश, और राज-पदधारी याजकों का समाज, और पवित्र लोग, और (परमेश्वर की) निज प्रजा हो, इसलिये कि जिसने तुम्हें अन्धकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण प्रगट करो" (1 पतरस 2:9)।

   परमेश्वर की इस योजना की पूर्ति के लिए हमें सब लोगों को आदर देना है, सभी मसीही विश्वासियों से प्रेम रखना है, परमेश्वर के भय और भक्ति में जीवन व्यतीत करना है और अपने ऊपर अधिकार रखने वालों का सम्मान करना है चाहे वे हमारे मन के अनुरूप हों अथवा नहीं (पद 17-18)। हमारे इस व्यवहार को देख कर उन अविश्वासियों में विश्वास की चिंगारी जगने की संभावना बन जाएगी जो बुरी परिस्थितियों में भी हमारे भले व्यवहार को देखेंगे; और हमारा ऐसा व्यवहार परमेश्वर की महिमा और गौरव का कारण ठहरेगा। - जूली ऐकैरमैन लिंक


जब परिस्थितियाँ बुरी प्रतीत हों तो स्मरण रखिए कि परमेश्वर सदैव भला रहता है।

जो मन के टेढ़े है, उन से यहोवा को घृणा आती है, परन्तु वह खरी चाल वालों से प्रसन्न रहता है। - नीतिवचन 11:20

बाइबल पाठ: 1 पतरस 2:9-25
1 Peter 2:9 पर तुम एक चुना हुआ वंश, और राज-पदधारी याजकों का समाज, और पवित्र लोग, और (परमेश्वर की) निज प्रजा हो, इसलिये कि जिसने तुम्हें अन्धकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण प्रगट करो। 
1 Peter 2:10 तुम पहिले तो कुछ भी नहीं थे, पर अब परमेश्वर ही प्रजा हो: तुम पर दया नहीं हुई थी पर अब तुम पर दया हुई है।
1 Peter 2:11 हे प्रियों मैं तुम से बिनती करता हूं, कि तुम अपने आप को परदेशी और यात्री जान कर उस सांसारिक अभिलाषाओं से जो आत्मा से युद्ध करती हैं, बचे रहो। 
1 Peter 2:12 अन्यजातियों में तुम्हारा चालचलन भला हो; इसलिये कि जिन जिन बातों में वे तुम्हें कुकर्मी जान कर बदनाम करते हैं, वे तुम्हारे भले कामों को देख कर; उन्‍हीं के कारण कृपा दृष्टि के दिन परमेश्वर की महिमा करें।
1 Peter 2:13 प्रभु के लिये मनुष्यों के ठहराए हुए हर एक प्रबन्‍ध के आधीन में रहो, राजा के इसलिये कि वह सब पर प्रधान है। 
1 Peter 2:14 और हाकिमों के, क्योंकि वे कुकिर्मयों को दण्‍ड देने और सुकिर्मयों की प्रशंसा के लिये उसके भेजे हुए हैं। 
1 Peter 2:15 क्योंकि परमेश्वर की इच्छा यह है, कि तुम भले काम करने से निर्बुद्धि लोगों की अज्ञानता की बातों को बन्‍द कर दो। 
1 Peter 2:16 और अपने आप को स्‍वतंत्र जानो पर अपनी इस स्‍वतंत्रता को बुराई के लिये आड़ न बनाओ, परन्तु अपने आप को परमेश्वर के दास समझ कर चलो। 
1 Peter 2:17 सब का आदर करो, भाइयों से प्रेम रखो, परमेश्वर से डरो, राजा का सम्मान करो।
1 Peter 2:18 हे सेवकों, हर प्रकार के भय के साथ अपने स्‍वामियों के आधीन रहो, न केवल भलों और नम्रों के, पर कुटिलों के भी। 
1 Peter 2:19 क्योंकि यदि कोई परमेश्वर का विचार कर के अन्याय से दुख उठाता हुआ क्‍लेश सहता है, तो यह सुहावना है। 
1 Peter 2:20 क्योंकि यदि तुम ने अपराध कर के घूंसे खाए और धीरज धरा, तो उस में क्या बड़ाई की बात है? पर यदि भला काम कर के दुख उठाते हो और धीरज धरते हो, तो यह परमेश्वर को भाता है। 
1 Peter 2:21 और तुम इसी के लिये बुलाए भी गए हो क्योंकि मसीह भी तुम्हारे लिये दुख उठा कर, तुम्हें एक आदर्श दे गया है, कि तुम भी उसके चिन्ह पर चलो। 
1 Peter 2:22 न तो उसने पाप किया, और न उसके मुंह से छल की कोई बात निकली। 
1 Peter 2:23 वह गाली सुन कर गाली नहीं देता था, और दुख उठा कर किसी को भी धमकी नहीं देता था, पर अपने आप को सच्चे न्यायी के हाथ में सौपता था। 
1 Peter 2:24 वह आप ही हमारे पापों को अपनी देह पर लिये हुए क्रूस पर चढ़ गया जिस से हम पापों के लिये मर कर के धामिर्कता के लिये जीवन बिताएं: उसी के मार खाने से तुम चंगे हुए। 
1 Peter 2:25 क्योंकि तुम पहिले भटकी हुई भेड़ों की नाईं थे, पर अब अपने प्राणों के रखवाले और अध्यक्ष के पास फिर आ गए हो।

एक साल में बाइबल: 
  • प्रकाशितवाक्य 9-12


शनिवार, 27 दिसंबर 2014

विजयी रणनीति


   जिन दिनों मैं हाई-स्कूल में बास्केट-बॉल प्रशिक्षक का कार्य किया करता था, मैंने एक बार एक बड़ी गलती कर दी - एक मैच से पहले मैंने अपने प्रतिद्वंदियों के बारे में जानकारी लेने के लिए अपने कुछ खिलाड़ियों को भेज दिया। उन्होंने आकर हमें बताया कि हम उस प्रतिद्वंदी टीम को आसानी से हरा सकते हैं। उनकी इस सूचना से हम अपनी क्षमता और तैयारी के प्रति अतिआश्वस्त हो गए, अपनी तैयारी में ढीले पड़ गए और हम वह मैच हार गए। अपनी क्षमता पर आवश्यकता से अधिक विश्वास रखना और प्रतिद्वंदी को अपने से कमज़ोर समझना अकसर हार के कारण होते हैं - सांसारिक जीवन में भी और आत्मिक जीवन में भी, जिसके लिए शैतान हमें अनेकों तरीकों से गिराने, फंसाने के प्रयास करता रहता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में ऐसी ही एक घटना का उल्लेख है जिससे हम इस बारे में शिक्षा ले सकते हैं - ऐ के युद्ध में इस्त्राएल की पराजय। कनान की भूमि में प्रवेश के पश्चात इस्त्राएलियों का पहला युद्ध यरीहो के निवासियों से हुआ, जिन्हें इस्त्राएलियों ने बड़ी सरलता से हरा दिया। अगला युद्ध ऐ से था, और इस्त्रएली गुप्तचरों ने समाचार दिया कि यरीहो के मुकाबले ऐ एक छोटा सा स्थान है, जिसे हराना कठिन नहीं होगा। गुप्तचरों के समाचार के अनुसार इस्त्राएलियों की एक छोटी सेना ने ऐ पर धावा बोला, परन्तु विजय के स्थान पर उन्हें पराजय मिली और उनके 36 सैनिक भी मारे गए। ऐ की इस पराजय में केवल गुप्तचरों से मिले आँकलन का दोष नहीं था, कुछ अन्य महत्वपूर्ण बातें भी थीं जिनसे हम आज भी अपने जीवन के लिए शिक्षा ले सकते हैं।

   ऐ से पहले यरीहो पर मिली विजय इसलिए संभव हुई थी क्योंकि इस्त्राएल के सेनानायक यहोशु को उस युद्ध के लिए परमेश्वर की योजना का पता था; लेकिन ऐ के युद्ध से पहले कहीं ऐसा वर्णन नहीं है कि यहोशु ने परमेश्वर से इस के बारे में कुछ पूछा या जाना हो; उसने केवल मनुष्यों से मिली सूचना और आँकलन पर ही विश्वास किया और उसके अनुसार योजना बनाई तथा कार्य किया। यरीहो के युद्ध से पहले इस्त्राएल के लोगों ने अपने आप को परमेश्वर के वचन के अनुसार तैयार किया था, उसकी आज्ञाकारिता में रही कमी की पूर्ति करी थी (यहोशू 5:2-8) लेकिन ऐ के युद्ध से पहले कहीं यह देखने को नहीं मिलता कि उन्होंने अपने आप को परमेश्वर के सम्मुख जाँचा हो, उसे अपना समर्पण किया हो, आत्मिक रीति से तैयार हुए हों। ऐ की पराजय का कारण इस्त्राएल की छावनी में छुपा पाप था - एक इस्त्राएली सैनिक, आकान ने यरीहो की लूट में से अर्पण की हुई वस्तुओं में से चुरा कर अपने डेरे में उसे छुपा लिया था (यहोशू 7:1)। जब तक वह पाप उनके मध्य था, इसत्राएली विजयी नहीं हो सकते थे; उस पाप का प्रगट किया जाना, उसके दोष से मुक्त होना और पुनः अपने आप को परमेश्वर के प्रति समर्पित करना आवश्यक था (यहोशू 7:16-26)। जब इस्त्राएलियों ने ऐसा किया, तत्पश्चात ही परमेश्वर ने उन्हें ऐ पर विजयी होने की रणनीति बताई (यहोशू 8:1-7)।

   प्रतिदिन के जीवन में हमें अपने कार्यों तथा ज़िम्मेदारियों में अनेकों निर्णय लेने की ’युद्धस्थितियों’ से होकर निकलना पड़ता है और कई बार निराशाओं तथा अनापेक्षित परिणामों का सामना भी करना पड़ता है। परमेश्वर की आज्ञाकारिता, उसके प्रति समर्पण तथा उसके सम्मुख पापों का अंगीकार एवं उनके लिए उससे क्षमा प्रार्थना ही हमें दैनिक जीवन के लिए परमेश्वर से मिलने वाली विजयी रणनीति प्रदान करवाती रहेंगी। - डेव ब्रैनन


मन की पवित्रता जीवन में सामर्थ्य प्रदान करवाती है।

सुनो, यहोवा का हाथ ऐसा छोटा नहीं हो गया कि उद्धार न कर सके, न वह ऐसा बहिरा हो गया है कि सुन न सके; परन्तु तुम्हारे अधर्म के कामों ने तुम को तुम्हारे परमेश्वर से अलग कर दिया है, और तुम्हारे पापों के कारण उस का मुँह तुम से ऐसा छिपा है कि वह नहीं सुनता। - यशायाह 59:1-2

बाइबल पाठ: यहोशू 7:1-13
Joshua 7:1 परन्तु इस्राएलियों ने अर्पण की वस्तु के विषय में विश्वासघात किया; अर्थात यहूदा के गोत्र का आकान, जो जेरहवंशी जब्दी का पोता और कर्म्मी का पुत्र था, उसने अर्पण की वस्तुओं में से कुछ ले लिया; इस कारण यहोवा का कोप इस्राएलियों पर भड़क उठा।
Joshua 7:2 और यहोशू ने यरीहो से ऐ नाम नगर के पास, जो बेतावेन से लगा हुआ बेतेल की पूर्व की ओर है, कितने पुरूषों को यह कहकर भेजा, कि जा कर देश का भेद ले आओ। और उन पुरूषों ने जा कर ऐ का भेद लिया।
Joshua 7:3 और उन्होंने यहोशू के पास लौटकर कहा, सब लोग वहां न जाएं, कोई दो वा तीन हजार पुरूष जा कर ऐ को जीत सकते हैं; सब लोगों को वहां जाने का कष्ट न दे, क्योंकि वे लोग थोड़े ही हैं। 
Joshua 7:4 इसलिये कोई तीन हजार पुरूष वहां गए; परन्तु ऐ के रहने वालों के साम्हने से भाग आए, 
Joshua 7:5 तब ऐ के रहने वालों ने उन में से कोई छत्तीस पुरूष मार डाले, और अपने फाटक से शबारीम तक उनका पीछा कर के उतराई में उन को मारते गए। तब लोगों का मन पिघलकर जल सा बन गया। 
Joshua 7:6 तब यहोशू ने अपने वस्त्र फाड़े, और वह और इस्राएली वृद्ध लोग यहोवा के सन्दूक के साम्हने मुंह के बल गिरकर पृथ्वी पर सांझ तक पड़े रहे; और उन्होंने अपने अपने सिर पर धूल डाली। 
Joshua 7:7 और यहोशू ने कहा, हाय, प्रभु यहोवा, तू अपनी इस प्रजा को यरदन पार क्यों ले आया? क्या हमें एमोरियों के वश में कर के नष्ट करने के लिये ले आया है? भला होता कि हम संतोष कर के यरदन के उस पार रह जाते। 
Joshua 7:8 हाय, प्रभु मैं क्या कहूं, जब इस्राएलियों ने अपने शत्रुओं को पीठ दिखाई है! 
Joshua 7:9 क्योंकि कनानी वरन इस देश के सब निवासी यह सुनकर हम को घेर लेंगे, और हमारा नाम पृथ्वी पर से मिटा डालेंगे; फिर तू अपने बड़े नाम के लिये क्या करेगा? 
Joshua 7:10 यहोवा ने यहोशू से कहा, उठ, खड़ा हो जा, तू क्यों इस भांति मुंह के बल पृथ्वी पर पड़ा है? 
Joshua 7:11 इस्राएलियों ने पाप किया है; और जो वाचा मैं ने उन से अपने साथ बन्धाई थी उसको उन्होंने तोड़ दिया है, उन्होंने अर्पण की वस्तुओं में से ले लिया, वरन चोरी भी की, और छल कर के उसको अपने सामान में रख लिया है। 
Joshua 7:12 इस कारण इस्राएली अपने शत्रुओं के साम्हने खड़े नहीं रह सकते; वे अपने शत्रुओं को पीठ दिखाते हैं, इसलिये कि वे आप अर्पण की वस्तु बन गए हैं। और यदि तुम अपने मध्य में से अर्पण की वस्तु को सत्यानाश न कर डालोगे, तो मैं आगे को तुम्हारे संग नहीं रहूंगा। 
Joshua 7:13 उठ, प्रजा के लोगों को पवित्र कर, उन से कह; कि बिहान तक अपने अपने को पवित्र कर रखो; क्योंकि इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यह कहता है, कि हे इस्राएल, तेरे मध्य में अर्पण की वस्तु है; इसलिये जब तक तू अर्पण की वस्तु को अपने मध्य में से दूर न करे तब तक तू अपने शत्रुओं के साम्हने खड़ा न रह सकेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • प्रकाशितवाक्य 4-8


शुक्रवार, 26 दिसंबर 2014

स्वच्छ


   आजकल आप जहाँ भी जाएं, आपको अपने हाथों को स्वच्छ रखने तथा अपने आस-पास सफाई बनाए रखने के निर्देश दिखाई देंगे। स्वास्थ्य अधिकारी हमें निरन्तर स्मरण दिलाते रहते हैं कि रोग फैलाने वाले जीवाणुओं से बचे रहने का सबसे उत्तम उपाय है स्वच्छता - अपनी तथा अपने आस-पास की। इसीलिए सार्वजनिक स्थानों पर, जहाँ गन्दगी में जीवाणुओं के पनपने का और लोगों में एक से दूसरे तक जीवाणुओं के फैलने का अवसर सबसे अधिक होता है इस स्वच्छता को बनाए रखने के निर्देश सबसे अधिक मिलते हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भी हमें ना केवल शारीरिक वरन आत्मिक स्वच्छता के विषय में शिक्षाएं मिलती हैं। दाऊद ने अपने लिखे एक भजन में परमेश्वर की उपस्थिति में आने के लिए आत्मिक स्वच्छता के बारे कहा: "यहोवा के पर्वत पर कौन चढ़ सकता है? और उसके पवित्र स्थान में कौन खड़ा हो सकता है? जिसके काम निर्दोष और हृदय शुद्ध है, जिसने अपने मन को व्यर्थ बात की ओर नहीं लगाया, और न कपट से शपथ खाई है" (भजन 24:3-4)। दाऊद यहाँ मन की अर्थात आत्मिक स्वच्छता की बात कर रहा है; एक ऐसे जीवन की जो परमेश्वर के भय और भक्ति में वह करने के लिए समर्पित है जो परमेश्वर को पसन्द है। ऐसा जीवन ही सच्ची आराधना के लिए परमेश्वर के सम्मुख खड़े रहने पाएगा।

   क्योंकि हम मसीही विश्वासियों में प्रभु का पवित्र आत्मा निवास करता है, इसलिए वह हमें कायल भी करता है कि हम एक स्वच्छ मन-मस्तिष्क रखने वाला जीवन व्यतीत करें, जहाँ से निकलने वाली सच्ची आराधना परमेश्वर को भावती तथा ग्रहणयोग्य हो। - बिल क्राउडर


सच्ची आराधना का उदगम प्रभु यीशु द्वारा स्वच्छ किए गए मन से होता है।

इसलिये हे भाइयों, मैं तुम से परमेश्वर की दया स्मरण दिला कर बिनती करता हूं, कि अपने शरीरों को जीवित, और पवित्र, और परमेश्वर को भावता हुआ बलिदान कर के चढ़ाओ: यही तुम्हारी आत्मिक सेवा है। और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो। - रोमियों 12:1-2

बाइबल पाठ: भजन 24
Psalms 24:1 पृथ्वी और जो कुछ उस में है यहोवा ही का है; जगत और उस में निवास करने वाले भी। 
Psalms 24:2 क्योंकि उसी ने उसकी नींव समुद्रों के ऊपर दृढ़ कर के रखी, और महानदों के ऊपर स्थिर किया है।
Psalms 24:3 यहोवा के पर्वत पर कौन चढ़ सकता है? और उसके पवित्र स्थान में कौन खड़ा हो सकता है? 
Psalms 24:4 जिसके काम निर्दोष और हृदय शुद्ध है, जिसने अपने मन को व्यर्थ बात की ओर नहीं लगाया, और न कपट से शपथ खाई है। 
Psalms 24:5 वह यहोवा की ओर से आशीष पाएगा, और अपने उद्धार करने वाले परमेश्वर की ओर से धर्मी ठहरेगा। 
Psalms 24:6 ऐसे ही लोग उसके खोजी हैं, वे तेरे दर्शन के खोजी याकूब वंशी हैं।
Psalms 24:7 हे फाटकों, अपने सिर ऊंचे करो। हे सनातन के द्वारों, ऊंचे हो जाओ। क्योंकि प्रतापी राजा प्रवेश करेगा। 
Psalms 24:8 वह प्रतापी राजा कौन है? परमेश्वर जो सामर्थी और पराक्रमी है, परमेश्वर जो युद्ध में पराक्रमी है! 
Psalms 24:9 हे फाटकों, अपने सिर ऊंचे करो हे सनातन के द्वारों तुम भी खुल जाओ! क्योंकि प्रतापी राजा प्रवेश करेगा! 
Psalms 24:10 वह प्रतापी राजा कौन है? सेनाओं का यहोवा, वही प्रतापी राजा है।

एक साल में बाइबल: 
  • प्रकाशितवाक्य 1-3


गुरुवार, 25 दिसंबर 2014

सन्देश


   रे टौमलिन्सन सन 1971 में लोगों और कंप्यूटर्स के बीच पारस्परिक क्रिया-प्रतिक्रीया पर कार्य कर रहे थे। जब उन्होंने अपने कंप्यूटर से अपने दफतर में स्थापित कंप्यूटर नेटवर्क से होकर एक अन्य कंप्यूटर को एक सन्देश भेजा तो वह विश्व का सबसे पहला ई-मेल था। आज, इस घटना के कई दशकों पश्चात, प्रतिदिन एक अरब से भी अधिक ई-मेल इधर से उधर भेजे जाते हैं। बहुत से ई-मेलों में महत्वपूर्ण सूचनाएं एवं जानकारियाँ होती हैं जो परिवारजनों, मित्रों या अन्य लोगों-जानकारों तक पहुँचानी होती हैं, लेकिन बहुत से ई-मेल अनचाहे विज्ञापनों के वाहक होते हैं और अनेक में तो विनाशकारी वायरस भी होते हैं जो ई-मेल खोलने पर उस कंप्यूटर में गड़बड़ी और खराबी ला सकते हैं, उसका अनुचित प्रयोग कर सकते हैं। इसलिए आज ई-मेल के प्रयोग से संबंधित एक नियम सा बन गया है, "यदि आप भेजेने वाले को नहीं जानते हैं या उस पर विश्वास नहीं रखते हैं तो ई-मेल को मत खोलिए।"

   परमेश्वर ने भी हमें अपने पुत्र प्रभु यीशु के रूप में एक सन्देश भेजा है, और क्योंकि परमेश्वर विश्वासयोग्य है, वह सदा ही हमारा भला ही चाहता है, इसलिए उसके सन्देश पर निसंकोच विश्वास किया जा सकता है, उसे पढ़ा जा सका सकता है। पुराने नियम के काल में परमेश्वर लोगों से अपने भविष्यद्वक्ताओं में होकर बोलता था, लेकिन बहुतेरों ने परमेश्वर के उस वचन का इन्कार किया; लेकिन उस सब कुछ का लक्ष्य था वर्तमान का सन्देश: "पूर्व युग में परमेश्वर ने बाप दादों से थोड़ा थोड़ा कर के और भांति भांति से भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा बातें कर के। इन दिनों के अन्‍त में हम से पुत्र के द्वारा बातें की, जिसे उसने सारी वस्‍तुओं का वारिस ठहराया और उसी के द्वारा उसने सारी सृष्‍टि रची है" (इब्रानियों 1:1-2)।

   संभव है कि हम सर्वशक्तिमान परमेश्वर के एक शिशु के रूप में इस संसार में आने के भेद से विस्मित हों, उसे समझ ना पाएं और अपने जीवनों को पूरी तरह से उसे समर्पित करने, उसे ग्रहण करने में हिचकिचाएं; लेकिन प्रभु यीशु का जन्म, जीवन, मृत्यु और मृतकों में से पुनरुत्थान ऐतिहासिक अकाट्य सत्य हैं।

   प्रभु यीशु का जन्म परमेश्वर द्वारा भेजा गया उसके प्रेम, आशा और हमारे लिए पापों के दोष से छुटकारे का अविस्मरणीय सन्देश है। क्या आप उस भेजने वाले पर विश्वास कर के उसके सन्देश को पढ़ेंगे, उसे अपने जीवन में स्थान देंगे? - डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर द्वारा भेजा गया अनन्त आशीष और आशा का सन्देश आपके द्वारा पढ़े और ग्रहण किए जाने की प्रतीक्षा में है।


और हम तुम्हें उस प्रतिज्ञा के विषय में, जो बाप दादों से की गई थी, यह सुसमाचार सुनाते हैं। - प्रेरितों 13:32

बाइबल पाठ: इब्रानियों 1:1-9
Hebrews 1:1 पूर्व युग में परमेश्वर ने बाप दादों से थोड़ा थोड़ा कर के और भांति भांति से भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा बातें कर के। 
Hebrews 1:2 इन दिनों के अन्‍त में हम से पुत्र के द्वारा बातें की, जिसे उसने सारी वस्‍तुओं का वारिस ठहराया और उसी के द्वारा उसने सारी सृष्‍टि रची है। 
Hebrews 1:3 वह उस की महिमा का प्रकाश, और उसके तत्‍व की छाप है, और सब वस्‍तुओं को अपनी सामर्थ के वचन से संभालता है: वह पापों को धोकर ऊंचे स्थानों पर महामहिमन के दाहिने जा बैठा। 
Hebrews 1:4 और स्‍वर्गदूतों से उतना ही उत्तम ठहरा, जितना उसने उन से बड़े पद का वारिस हो कर उत्तम नाम पाया। 
Hebrews 1:5 क्योंकि स्‍वर्गदूतों में से उसने कब किसी से कहा, कि तू मेरा पुत्र है, आज तू मुझ से उत्पन्न हुआ? और फिर यह, कि मैं उसका पिता हूंगा, और वह मेरा पुत्र होगा? 
Hebrews 1:6 और जब पहिलौठे को जगत में फिर लाता है, तो कहता है, कि परमेश्वर के सब स्वर्गदूत उसे दण्‍डवत करें। 
Hebrews 1:7 और स्‍वर्गदूतों के विषय में यह कहता है, कि वह अपने दूतों को पवन, और अपने सेवकों को धधकती आग बनाता है। 
Hebrews 1:8 परन्तु पुत्र से कहता है, कि हे परमेश्वर तेरा सिंहासन युगानुयुग रहेगा: तेरे राज्य का राजदण्‍ड न्याय का राजदण्‍ड है। 
Hebrews 1:9 तू ने धर्म से प्रेम और अधर्म से बैर रखा; इस कारण परमेश्वर तेरे परमेश्वर ने तेरे साथियों से बढ़कर हर्ष रूपी तेल से तुझे अभिषेक किया।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 यूहन्ना; 
  • 3 यूहन्ना; 
  • यहूदा


बुधवार, 24 दिसंबर 2014

अनुग्रह का पल


   प्रति वर्ष मैं कैमब्रिज, लण्डन में किंग्स कओलेज चैपल में होने वाली क्रिस्मस संध्या की उपासना का बी.बी.सी. द्वारा रेडियो पर प्रसारित होने वाला ’आँखों देखा हाल’ सुनना पसन्द करता हूँ। इस उपासना सभा में प्रभु यीशु के जन्म से संबंधित नौ पाठ, क्रिसमस संगीत, परमेश्वर के वचन बाइबल के भागों का पढ़ा जाना, प्रार्थनाएं और सामूहिक गान सम्मिलित होते हैं। एक वर्ष मैं प्रसारणकर्ता द्वारा प्रयुक्त शब्दों से कुछ चकित हुआ; जब उपासना सभा के अन्त पर उस भव्य चर्च भवन से उपासना मण्डली के लोग बाहर निकल रहे थे, तब उस प्रसारणकर्ता ने कहा कि "अब लोग उस अनुग्रह के पल से वापस वास्तविक संसार में प्रवेश कर रहे हैं।"

   लेकिन क्या पहले क्रिसमस के दिन भी ऐसा ही नहीं हुआ था? चरवाहों ने स्वर्गदूतों द्वारा जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु के जन्म की घोषणा को सुना, फिर स्वर्गदूतों का एक दल परमेश्वर की स्तुति करता हुआ प्रगट हुआ। यह सब देख-सुन कर वे चरवाहे बैतलेहम गए और उन्होंने यूसुफ, मरियम और शिशु यीशु को देखा, और फिर वे सब वापस अपने कार्य को लौट गए; लेकिन उनके लौटने में एक बात अलग थी - वे चरवाहे इस बालक के बारे में लोगों को बताने से अपने आप को रोक नहीं सके। उस अनुग्रह के पल ने उन चरवाहों को बदल दिया था, और जब वे वापस अपने वास्तविक जीवन में लौट कर आए तो उस अनुग्रह को अपने मन-जीवन में साथ ले आए और प्रभु यीशु के जन्म के सुसमाचार को लोगों के साथ बाँटते गए।

   हम मसीही विश्वासियों ने भी अपने जीवन में वह अनुग्रह का पल अनुभव किया जब हमने अपने पापों से पश्चाताप कर के अपना जीवन प्रभु यीशु को समर्पित किया तथा उसकी शिष्यता का निर्णय लिया। उस अनुग्रह के पल के अनुभव के बाद हम भी अपने अपने वास्तविक जीवन में लौट आए हैं किंतु उन चरवाहों के समान ही उस पल के अनुभव तथा आनन्द को लोगों के साथ बाँटने की ज़िम्मेदारी हमारी भी है। प्रति वर्ष यह दिन हमारे लिए केवल एक उत्सव मनाने का दिन ना हो वरन उससे भी बढ़कर अपने प्रभु यीशु में मिलने वाले उद्धार तथा पापों की क्षमा को लोगों के साथ बाँटने का समय हो। - डेविड मैक्कैसलैंड


क्रिसमस के आनन्द को अपने जीवन में सदा बनाए रखें, उसे सदा लोगों के साथ बाँटते रहें।

इस से सब पर भय छा गया; और वे परमेश्वर की बड़ाई कर के कहने लगे कि हमारे बीच में एक बड़ा भविष्यद्वक्ता उठा है, और परमेश्वर ने अपने लोगों पर कृपा दृष्टि की है। - लूका 7:16

बाइबल पाठ: लूका 2:8-20
Luke 2:8 और उस देश में कितने गड़ेरिये थे, जो रात को मैदान में रहकर अपने झुण्ड का पहरा देते थे। 
Luke 2:9 और प्रभु का एक दूत उन के पास आ खड़ा हुआ; और प्रभु का तेज उन के चारों ओर चमका, और वे बहुत डर गए। 
Luke 2:10 तब स्वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा। 
Luke 2:11 कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है। 
Luke 2:12 और इस का तुम्हारे लिये यह पता है, कि तुम एक बालक को कपड़े में लिपटा हुआ और चरनी में पड़ा पाओगे। 
Luke 2:13 तब एकाएक उस स्वर्गदूत के साथ स्‍वर्गदूतों का दल परमेश्वर की स्‍तुति करते हुए और यह कहते दिखाई दिया। 
Luke 2:14 कि आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है शान्‍ति हो। 
Luke 2:15 जब स्वर्गदूत उन के पास से स्वर्ग को चले गए, तो गड़ेरियों ने आपस में कहा, आओ, हम बैतलहम जा कर यह बात जो हुई है, और जिसे प्रभु ने हमें बताया है, देखें। 
Luke 2:16 और उन्होंने तुरन्त जा कर मरियम और यूसुफ को और चरनी में उस बालक को पड़ा देखा। 
Luke 2:17 इन्हें देखकर उन्होंने वह बात जो इस बालक के विषय में उन से कही गई थी, प्रगट की। 
Luke 2:18 और सब सुनने वालों ने उन बातों से जो गड़िरयों ने उन से कहीं आश्चर्य किया। 
Luke 2:19 परन्तु मरियम ये सब बातें अपने मन में रखकर सोचती रही। 
Luke 2:20 और गड़ेरिये जैसा उन से कहा गया था, वैसा ही सब सुनकर और देखकर परमेश्वर की महिमा और स्‍तुति करते हुए लौट गए।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 यूहन्ना 3-5


मंगलवार, 23 दिसंबर 2014

शान्ति


   अपनी पुस्तक क्रिसमस 1945 में लेखक मैथ्यु लिट्ट दूसरे विश्वयुद्ध की समाप्ति के बाद, शान्तिकाल के पहले क्रिसमस उत्सव के बारे में बताते हैं। उस समय के एक प्रमुख अखबार, ’द न्यूयॉर्क डेली न्यू’ में खबर छपी कि लोग न्यू यॉर्क बन्दरगाह पर एक विशाल नौसैनिक बेड़े के आगमन के लिए तैयार रहें: "क्रिसमस के दिन एक शक्तिशाली नौसैनिक बेड़ा आएगा जिसमें 4 युद्धपोत, 6 वायुयान वाहक पोत, 7 जंगी जहाज़ और 24 विध्वंसक जहाज़ होंगे।" लेकिन यह विशाल और शक्तिशाली बेड़ा युद्ध के लिए नहीं वरन 1000 ज़रूरतमन्द बच्चों की मेज़बानी करने के लिए आ रहा था।

   उन बच्चों के कपड़ों के नाप पहले से ही लिए जा चुके थे और उनके लिए नौसेना के गहरे नीले रंग के कोट तथा गरम टोपियाँ बनवाकर तैयार करी गईं थी ताकि जैसे ही वे बच्चे उन जहाज़ों पर आएं उन्हें वे वस्त्र भेंट किए जाएं। उस दिन वे युद्धपोत अनुकंपा के वाहक बन गए थे।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में यशायाह नबी की पुस्तक में प्रभु यीशु मसीह के सारे संसार पर आने वाले शान्तिमय राज्य के बारे में भविष्यवाणी है: "वह जाति जाति का न्याय करेगा, और देश देश के लोगों के झगड़ों को मिटाएगा; और वे अपनी तलवारें पीट कर हल के फाल और अपने भालों को हंसिया बनाएंगे; तब एक जाति दूसरी जाति के विरुद्ध फिर तलवार न चलाएगी, न लोग भविष्य में युद्ध की विद्या सीखेंगे" (यशायाह 2:4)। क्रिसमस का यह समय हमें स्मरण दिलाता है कि शान्ति का राजकुमार प्रभु यीशु मसीह अन्ततः सारे विश्व में शान्ति तथा अनुग्रह का समय लेकर आएगा।

   अभी जब हम शान्ति के राजकुमार के प्रथम आगमन के उत्सव को मनाते हैं और दूसरे आगमन की बाट जोहते हैं, तो साथ ही इस बात को भी ना भूलें कि प्रभु यीशु ने हम मसीही विश्वासियों को अपनी शान्ति के वाहक बनाकर इस पृथ्वी पर रखा है, और उसकी इस शान्ति को हमें संसार के सभी लोगों तक पहुँचाना है। - डेनिस फिशर


संसार में सच्ची शान्ति, शान्ति के राजकुमार द्वारा ही स्थापित हो सकती है।

उसकी प्रभुता सर्वदा बढ़ती रहेगी, और उसकी शान्ति का अन्त न होगा, इसलिये वे उसको दाऊद की राजगद्दी पर इस समय से ले कर सर्वदा के लिये न्याय और धर्म के द्वारा स्थिर किए ओर संभाले रहेगा। सेनाओं के यहोवा की धुन के द्वारा यह हो जाएगा। - यशायाह 9:7

बाइबल पाठ: यशायाह 2:1-4
Isaiah 2:1 आमोस के पुत्र यशायाह का वचन, जो उसने यहूदा और यरूशलेम के विषय में दर्शन में पाया।। 
Isaiah 2:2 अन्त के दिनों में ऐसा होगा कि यहोवा के भवन का पर्वत सब पहाड़ों पर दृढ़ किया जाएगा, और सब पहाडिय़ों से अधिक ऊंचा किया जाएगा; और हर जाति के लागे धारा की नाईं उसकी ओर चलेंगें। 
Isaiah 2:3 और बहुत देशों के लोग आएंगे, और आपस में कहेंगे: आओ, हम यहोवा के पर्वत पर चढ़कर, याकूब के परमेश्वर के भवन में जाएं; तब वह हम को अपने मार्ग सिखाएगा, और हम उसके पथों पर चलेंगे। क्योंकि यहोवा की व्यवस्था सिय्योन से, और उसका वचन यरूशलेम से निकलेगा। 
Isaiah 2:4 वह जाति जाति का न्याय करेगा, और देश देश के लोगों के झगड़ों को मिटाएगा; और वे अपनी तलवारें पीट कर हल के फाल और अपने भालों को हंसिया बनाएंगे; तब एक जाति दूसरी जाति के विरुद्ध फिर तलवार न चलाएगी, न लोग भविष्य में युद्ध की विद्या सीखेंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 यूहन्ना 1-2


सोमवार, 22 दिसंबर 2014

स्मरण


   परमेश्वर की अद्भुत, प्रेर्णाशील हस्तकला द्वारा विस्मित होने के लिए आपको रात्रि के आकाश को अधिक देर तक निहारना नहीं पड़ेगा। तारापुँजों के विशाल विस्तार और हमारे अपने तारापुँज आकाशगंगा का दूधिया विस्तार हमें स्मरण दिलाता है हमारे परमेश्वर प्रभु यीशु की महान सृजन शक्ति तथा इस सब को संभाल पाने की मानव-समझ से परे क्षमता को (कुलुस्सियों 1:16-17)। जब हम रात में आकाश को निहारते हैं तो प्रतीत होता है मानों परमेश्वर के रंगमंच के दृश्य को सबसे अग्रिम पंक्ति में बैठकर देख रहे हों।

   लेकिन प्रत्येक रात्रि के इस अद्भुत दृश्य की तुलना उस दृश्य की महिमा के सामने कुछ भी नहीं है जो उसने तब दिखाई जिस रात्रि परमेश्वर ने अपने पुत्र को पृथ्वी पर भेजा। वहाँ मैदान में चरवाहे अपनी भेड़ों की रखवाली कर रहे थे कि अचानक ही आकाश स्वर्गदूतों से रौशन हो गया और उन्होंने स्वर्गदूतों को कहते सुना, "कि आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है शान्‍ति हो" (लूका 2:14)। किसी दूर देश से ज्ञानी पुरुष भी उस राजा को दण्डवत करने आए, और परमेश्वर ने उनके मार्गदर्शन के लिए पूर्व दिशा में एक बहुत चमकदार तारा बना कर दिया।

   यद्यपि प्रत्येक रात्रि को "आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है" (भजन 19:1), लेकिन उस घटना से पहले या बाद में परमेश्वर की महिमा आकाश में वैसी कभी नहीं प्रगट हुई जैसी उस रात को हुई थी, जिस रात इस सृष्टि के सृष्टिकर्ता ने यह सार्वजनिक घोषणा करी कि वह समस्त मानवजाति से इतना प्रेम करता है कि उसे पाप के दोष से छुड़ाने के लिए स्वयं पृथ्वी पर आने के लिए तैयार है।

   अगली बार जब आप रात्रि को आकाश की ओर देखें और परमेश्वर की हस्तकला से विस्मित हों तो स्मरण रखें कि वह जो यह सब बना कर संभाले रख सकता है, उसी ने आपको भी बनाया है, वही आपको भी संभाल रहा है और वह आपको उस पर लाए गए साधारण विश्वास और पश्चाताप के द्वारा अपनी संगति तथा सहभागिता में आशीषित देखना चाहता है। - जो स्टोवैल


हमारे प्रति परमेश्वर के प्रेम की असाधारण महिमा प्रभु यीशु के पृथ्वी पर आगमन के द्वारा प्रगट करी गई।

क्योंकि उसी में सारी वस्‍तुओं की सृष्‍टि हुई, स्वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्या सिंहासन, क्या प्रभुतांए, क्या प्रधानताएं, क्या अधिकार, सारी वस्तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं। और वही सब वस्‍तुओं में प्रथम है, और सब वस्तुएं उसी में स्थिर रहती हैं। - कुलुस्सियों 1:16- 17

बाइबल पाठ: भजन 19:1-6
Psalms 19:1 आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है। 
Psalms 19:2 दिन से दिन बातें करता है, और रात को रात ज्ञान सिखाती है। 
Psalms 19:3 न तो कोई बोली है और न कोई भाषा जहां उनका शब्द सुनाई नहीं देता है। 
Psalms 19:4 उनका स्वर सारी पृथ्वी पर गूंज गया है, और उनके वचन जगत की छोर तक पहुंच गए हैं। उन में उसने सूर्य के लिये एक मण्डप खड़ा किया है, 
Psalms 19:5 जो दुल्हे के समान अपने महल से निकलता है। वह शूरवीर की नाईं अपनी दौड़ दौड़ने को हर्षित होता है। 
Psalms 19:6 वह आकाश की एक छोर से निकलता है, और वह उसकी दूसरी छोर तक चक्कर मारता है; और उसकी गर्मी सब को पहुंचती है।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 पतरस 1-3