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बुधवार, 16 मई 2018

भला



   मेरी सहेली ने मुझ से कहा, “मुझे नहीं लगता कि परमेश्वर भला है।” उसे अपने जीवन से संबंधित कुछ कठिन बातों के बारे में प्रार्थना करते हुए अनेकों वर्ष हो गए थे, परन्तु कुछ नहीं बदला था। परमेश्वर की चुप्पी को लेकर उसका क्रोध और कड़ुवाहट बढ़ते जा रहे थे। मैं उसे भली-भांति जानती थी, इसलिए मैं अनुभव कर सकती थी कि अपने मन की गहराईयों में वह मानती थी कि परमेश्वर भला है, परन्तु उसके मन में लगातार बनी हुई पीड़ा, और उसके प्रति परमेश्वर की प्रतीत होने वाली उदासीनता उसके मन में शंका उत्पन्न कर रही थी। उसके लिए अपनी उदासी को सहन करते रहने से अधिक सरल, अपनी परिस्थितियों के लिए क्रोधित हो जाना था।

   परमेश्वर की भलाई पर शक करना आदम और हव्वा जितना पुराना है (उत्पत्ति 3)। यही विचार सर्प ने हव्वा के मन में डाला था, जब उसने हव्वा को सुझाया कि परमेश्वर उन्हें फल खाने से इसलिए रोक रहा है क्योंकि, “परमेश्वर आप जानता है, कि जिस दिन तुम उसका फल खाओगे उसी दिन तुम्हारी आंखें खुल जाएंगी, और तुम भले बुरे का ज्ञान पाकर परमेश्वर के तुल्य हो जाओगे”(पद 5)। अपने अहम में फंस कर आदम और हव्वा ने सोचा कि उनके लिए क्या भला है और क्या बुरा, इसे निर्धारित करने का अधिकार स्वयं उन्हें है, न कि परमेश्वर को।

   अपनी पुत्री की मृत्यु के वर्षों पश्चात,जेम्स ब्रायन स्मिथ ने जाना कि वह परमेश्वर की भलाई की पुष्टि कर सकता है। अपनी पुस्तक The Good and Beautiful God में स्मिथ ने लिखा, “परमेश्वर की भलाई पर निर्णय मैं नहीं ले सकता हूँ। मैं तो मनुष्य हूँ और मेरी समझ बहुत सीमित है।” स्मिथ की यह अद्भुत टिप्पणी भोलेपन से नहीं है; वरन वर्षों तक अपनी पीड़ा पर विचार करते रहने और परमेश्वर के मन को जानने के गहन प्रयास का परिणाम है।

   निराशा के समयों में, हम एक-दूसरे की सुनें, और एक दूसरे को प्रोत्साहित करें कि हम इस सच्चाई पर बने रह सकें कि परमेश्वर भला है। - ऐनी सेटास


यहोवा सभों के लिये भला है, और उसकी दया उसकी सारी सृष्टि पर है। - भजन 145:9

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 3:1-8
Genesis 3:1 यहोवा परमेश्वर ने जितने बनैले पशु बनाए थे, उन सब में सर्प धूर्त था, और उसने स्त्री से कहा, क्या सच है, कि परमेश्वर ने कहा, कि तुम इस वाटिका के किसी वृक्ष का फल न खाना?
Genesis 3:2 स्त्री ने सर्प से कहा, इस वाटिका के वृक्षों के फल हम खा सकते हैं।
Genesis 3:3 पर जो वृक्ष वाटिका के बीच में है, उसके फल के विषय में परमेश्वर ने कहा है कि न तो तुम उसको खाना और न उसको छूना, नहीं तो मर जाओगे।
Genesis 3:4 तब सर्प ने स्त्री से कहा, तुम निश्चय न मरोगे,
Genesis 3:5 वरन परमेश्वर आप जानता है, कि जिस दिन तुम उसका फल खाओगे उसी दिन तुम्हारी आंखें खुल जाएंगी, और तुम भले बुरे का ज्ञान पाकर परमेश्वर के तुल्य हो जाओगे।
Genesis 3:6 सो जब स्त्री ने देखा कि उस वृक्ष का फल खाने में अच्छा, और देखने में मनभाऊ, और बुद्धि देने के लिये चाहने योग्य भी है, तब उसने उस में से तोड़कर खाया; और अपने पति को भी दिया, और उसने भी खाया।
Genesis 3:7 तब उन दोनों की आंखे खुल गई, और उन को मालूम हुआ कि वे नंगे है; सो उन्होंने अंजीर के पत्ते जोड़ जोड़ कर लंगोट बना लिये।
Genesis 3:8 तब यहोवा परमेश्वर जो दिन के ठंडे समय वाटिका में फिरता था उसका शब्द उन को सुनाई दिया। तब आदम और उसकी पत्नी वाटिका के वृक्षों के बीच यहोवा परमेश्वर से छिप गए।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 24-25
  • यूहन्ना 5:1-24



मंगलवार, 15 मई 2018

देख-भाल


अनुभवी संवाददाता, स्कॉट पेल्ले जब भी किसी यात्रा पर निकलते हैं तो अपने साथ कुछ वस्तुओं को अवश्य ही लेकर चलते हैं – शोर्ट-वेव रेडियो, कैमरा, न टूटने वाला सूटकेस, लैप-टॉप कम्प्यूटर, फोन, और आकस्मिक स्थित में उनके स्थान को बताने वाला यंत्र जो कहीं भी काम कर सकता है। उन्हें इस यंत्र के एंटीना को खोलकर दो बटन दबाने होते हैं और वह यंत्र उनकी उपस्थिति की जानकारी नैशनल ओशैनिक एण्ड ऐटमौस्फियारिक एडमिनिस्ट्रेशन के पास सैटलाईट सिग्नल के माध्यम से भेजा देता है। इस जानकारी में वे कौन हैं, तथा कहाँ पर और किस देश में हैं का विवरण होता है। जिस देश में वे उस समय हों, उसके अनुसार यदि संभव होता है तो वहाँ उन्हें बचाने के लिए बचाव टीम भेजी जाती है। पेल्ले को कभी इस यंत्र को प्रयोग करने का अवसर नहीं हुआ है, परन्तु वे इसके बिना कभी यात्रा नहीं करते हैं।

   परन्तु जब परमेश्वर के साथ हमारे संबंध और संपर्क की बात आती है तो हमें रेडियो, फोन, या इमरजेंसी यंत्रों की आवश्यकता नहीं होती है। हमारी परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी विकट क्यों न हों, वह सदा यह जानता है कि हम कौन हैं, कहाँ हैं, और किस हाल में हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने इस बात के संबंध में लिखा, “हे यहोवा, तू ने मुझे जांच कर जान लिया है। तू मेरा उठना बैठना जानता है; और मेरे विचारों को दूर ही से समझ लेता है। मेरे चलने और लेटने की तू भली भांति छानबीन करता है, और मेरी पूरी चालचलन का भेद जानता है” (भजन 139:1-3)। न तो हमारी आवश्यकताएँ परमेश्वर से कभी छिपी रहती हैं और ना ही हम कभी उसकी देख-भाल से दूर होते हैं।

   आज हम पूर्ण विश्वास के साथ भजनकार के साथ यह कह सकते हैं कि, “यदि मैं भोर की किरणों पर चढ़ कर समुद्र के पार जा बसूं, तो वहां भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा” (पद 9-10)। प्रभु परमेश्वर भली-भांति जानता है कि हम कौन हैं, कहाँ हैं, और हमारी आवश्यकताएँ क्या हैं।

   हम अपनी देख-भाल के लिए उसपर पूरा भरोसा रख सकते हैं। -डेविड मैक्कैस्लैंड


हम सदा परमेश्वर की नज़रों में रहते हैं।

यहोवा की आंखें सब स्थानों में लगी रहती हैं, वह बुरे भले दोनों को देखती रहती हैं। - नीतिवचन 15:3

बाइबल पाठ: भजन 139:1-18
Psalms 139:1 हे यहोवा, तू ने मुझे जांच कर जान लिया है।।
Psalms 139:2 तू मेरा उठना बैठना जानता है; और मेरे विचारों को दूर ही से समझ लेता है।
Psalms 139:3 मेरे चलने और लेटने की तू भली भांति छानबीन करता है, और मेरी पूरी चालचलन का भेद जानता है।
Psalms 139:4 हे यहोवा, मेरे मुंह में ऐसी कोई बात नहीं जिसे तू पूरी रीति से न जानता हो।
Psalms 139:5 तू ने मुझे आगे पीछे घेर रखा है, और अपना हाथ मुझ पर रखे रहता है।
Psalms 139:6 यह ज्ञान मेरे लिये बहुत कठिन है; यह गम्भीर और मेरी समझ से बाहर है।
Psalms 139:7 मैं तेरे आत्मा से भाग कर किधर जाऊं? वा तेरे साम्हने से किधर भागूं?
Psalms 139:8 यदि मैं आकाश पर चढूं, तो तू वहां है! यदि मैं अपना बिछौना अधोलोक में बिछाऊं तो वहां भी तू है!
Psalms 139:9 यदि मैं भोर की किरणों पर चढ़ कर समुद्र के पार जा बसूं,
Psalms 139:10 तो वहां भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा।
Psalms 139:11 यदि मैं कहूं कि अन्धकार में तो मैं छिप जाऊंगा, और मेरे चारों ओर का उजियाला रात का अन्धेरा हो जाएगा,
Psalms 139:12 तौभी अन्धकार तुझ से न छिपाएगा, रात तो दिन के तुल्य प्रकाश देगी; क्योंकि तेरे लिये अन्धियारा और उजियाला दोनों एक समान हैं।
Psalms 139:13 मेरे मन का स्वामी तो तू है; तू ने मुझे माता के गर्भ में रचा।
Psalms 139:14 मैं तेरा धन्यवाद करूंगा, इसलिये कि मैं भयानक और अद्भुत रीति से रचा गया हूं। तेरे काम तो आश्चर्य के हैं, और मैं इसे भली भांति जानता हूं।
Psalms 139:15 जब मैं गुप्त में बनाया जाता, और पृथ्वी के नीचे स्थानों में रचा जाता था, तब मेरी हडि्डयां तुझ से छिपी न थीं।
Psalms 139:16 तेरी आंखों ने मेरे बेडौल तत्व को देखा; और मेरे सब अंग जो दिन दिन बनते जाते थे वे रचे जाने से पहिले तेरी पुस्तक में लिखे हुए थे।
Psalms 139:17 और मेरे लिये तो हे ईश्वर, तेरे विचार क्या ही बहुमूल्य हैं! उनकी संख्या का जोड़ कैसा बड़ा है।
Psalms 139:18 यदि मैं उन को गिनता तो वे बालू के किनकों से भी अधिक ठहरते। जब मैं जाग उठता हूं, तब भी तेरे संग रहता हूं।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 22-23
  • यूहन्ना 4:31-54


सोमवार, 14 मई 2018

कार्य



   बीच दोपहर का समय था, प्रभु यीशु पैदल यात्रा से थके हुए, याकूब के कुएँ के निकट बैठ गए। उनके शिष्य भोजन लाने के लिए वहीं स्थित सूखार नगर को चले गए। कुएँ से पाने लेने के लिए एक महिला नगर से निकल कर आई ... और वहाँ उसने अपने मसीहा को पा लिया। परमेश्वर के वचन बाइबल का यह वृतान्त आगे बताता है कि प्रभु यीशु से बातचीत करने के तुरंत बाद वह महिला नगर को गई और प्रभु यीशु की बातें सुनने के लिए उसने वहाँ के लोगों को यह कहते हुए आमंत्रित किया “आओ, एक मनुष्य को देखो, जिसने सब कुछ जो मैं ने किया मुझे बता दिया: कहीं यह तो मसीह नहीं है?” (यूहन्ना 4:29)।

   प्रभु के शिष्य भी भोजन लेकर वापस कुएँ पर आ गए। जब शिष्यों ने प्रभु से आग्रह किया कि वे भी भोजन करें, तो प्रभु ने उन्हें उत्तर दिया, “...मेरा भोजन यह है, कि अपने भेजने वाले की इच्छा के अनुसार चलूं और उसका काम पूरा करूं” (पद 34)। अब मेरा आपसे एक प्रश्न है – उस समय प्रभु यीशु भला क्या कार्य कर रहे थे? वे तो कुएँ के निकट बैठे विश्राम तथा प्रतीक्षा कर रहे थे।

   मुझे इस घटना से बहुत प्रोत्साहन मिलता है, क्योंकि मैं भी शारीरिक दुर्बलताओं के साथ जीवन व्यतीत कर रहा हूँ। यह खण्ड मुझे बताता है कि प्रभु के लिए उपयोगी होने के लिए मुझे इधर-उधर भागा-दौड़ी करने की आवश्यकता नहीं है; उसकी इच्छा को पूरा करने, उसके लिए कार्य करने के लिए चिन्तित रहने की आवश्यकता नहीं है। जीवन के इस भाग में आकर, मैं विश्राम और प्रतीक्षा कर सकता हूँ और मेरा परमेश्वर पिता मेरे लिए उपयुक्त कार्य मेरे पास स्वयं लेकर आएगा।

   इसी प्रकार आपके लिए भी आपका छोटा सा निवास-स्थान, आपका सीमित कार्य-स्थल, आपका बंदीगृह का कमरा, या आपका अस्पताल का बिस्तर ही आपके लिए ‘याकूब का कूआँ’ बन सकता है – एक विश्राम और प्रतीक्षा का स्थान, जहाँ परमेश्वर पिता आपके पास आपके लिए उपयुक्त कार्य को लेकर आएगा, आपको अपने लिए इस्तेमाल करेगा। न जाने आज किसे वह आपके पास ले आए? – डेविड रोपर


यदि आपको परमेश्वर के लिए कार्य-स्थल चाहिए, तो आपने आस-पास देखिए।

हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा। - मत्ती 11:28

बाइबल पाठ: यूहन्ना 4:4-14
John 4:4 और उसको सामरिया से हो कर जाना अवश्य था।
John 4:5 सो वह सूखार नाम सामरिया के एक नगर तक आया, जो उस भूमि के पास है, जिसे याकूब ने अपने पुत्र यूसुफ को दिया था।
John 4:6 और याकूब का कूआं भी वहीं था; सो यीशु मार्ग का थका हुआ उस कूएं पर यों ही बैठ गया, और यह बात छठे घण्टे के लगभग हुई।
John 4:7 इतने में एक सामरी स्त्री जल भरने को आई: यीशु ने उस से कहा, मुझे पानी पिला।
John 4:8 क्योंकि उसके चेले तो नगर में भोजन मोल लेने को गए थे।
John 4:9 उस सामरी स्त्री ने उस से कहा, तू यहूदी हो कर मुझ सामरी स्त्री से पानी क्यों मांगता है? (क्योंकि यहूदी सामरियों के साथ किसी प्रकार का व्यवहार नहीं रखते)।
John 4:10 यीशु ने उत्तर दिया, यदि तू परमेश्वर के वरदान को जानती, और यह भी जानती कि वह कौन है जो तुझ से कहता है; मुझे पानी पिला तो तू उस से मांगती, और वह तुझे जीवन का जल देता।
John 4:11 स्त्री ने उस से कहा, हे प्रभु, तेरे पास जल भरने को तो कुछ है भी नहीं, और कूआं गहिरा है: तो फिर वह जीवन का जल तेरे पास कहां से आया?
John 4:12 क्या तू हमारे पिता याकूब से बड़ा है, जिसने हमें यह कूआं दिया; और आप ही अपने सन्तान, और अपने ढोरों समेत उस में से पीया?
John 4:13 यीशु ने उसको उत्तर दिया, कि जो कोई यह जल पीएगा वह फिर प्यासा होगा।
John 4:14 परन्तु जो कोई उस जल में से पीएगा जो मैं उसे दूंगा, वह फिर अनन्तकाल तक प्यासा न होगा: वरन जो जल मैं उसे दूंगा, वह उस में एक सोता बन जाएगा जो अनन्त जीवन के लिये उमड़ता रहेगा।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 19-21
  • यूहन्ना 4:1-30



रविवार, 13 मई 2018

त्यागा नहीं



   अपनी माँ के 50वें जन्मदिन के उत्सव के समय, सैंकड़ों लोगों की उपस्थिति में, पहलौठी बेटी कुकुआ ने लोगों को बताया कि उसकी माँ ने उसके लिए क्या कुछ किया था। समय बहुत कठिन थे, घर में पैसे की कमी थी, परन्तु पिता के न होते हुए भी, उसकी एकल माँ ने अपने व्यक्तिगत आराम का त्याग किया, अपने जेवर और अन्य बहुमूल्य वस्तुएँ बेचीं और कुकुआ को हाई स्कूल की पढाई करवाई। आँखों में आंसुओं के साथ कुकुआ ने स्मरण किया कि परिस्थितियां चाहे जितनी भी कठिन क्यों न रही हों, उनकी माँ ने अपने बच्चों को कभी नहीं छोड़ा।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में परमेश्वर ने अपने लोगों के प्रति अपने प्रेम की तुलना एक माँ के अपने बच्चों के प्रति प्रेम से की। जब अपने विस्थापित होने पर इस्राएल के लोगों को लगा कि परमेश्वर ने उन्हें त्याग दिया है, और उन्होंने शिकायत की, “...यहोवा ने मुझे त्याग दिया है, मेरा प्रभु मुझे भूल गया है”(यशायाह 49:14); तब परमेश्वर ने उत्तर दिया, “क्या यह हो सकता है कि कोई माता अपने दूधपिउवे बच्चे को भूल जाए और अपने जन्माए हुए लड़के पर दया न करे? हां, वह तो भूल सकती है, परन्तु मैं तुझे नहीं भूल सकता” (पद 15)।

   हम जब कठिनाईयों में हों, परिस्थितियाँ समझ में न आ रही हों; समाज, परिवार और मित्रों द्वारा त्यागा हुआ अनुभव करें, तब भी विश्वास रखें कि परमेश्वर हमें कभी नहीं त्यागता है। यह बहुत प्रोत्साहन की बात है कि परमेश्वर हमें यह दिखाने के लिए कि वह हमें कितनी गहराई से जानता, चाहता और हमारी रक्षा करता है, इस बात द्वारा आश्वस्त करता है कि, “देख, मैं ने तेरा चित्र हथेलियों पर खोदकर बनाया है” (पद 16)।

   चाहे सँसार के लोग हमें छोड़ दें, त्याग दें, किन्तु परमेश्वर अपने लोगों को कभी नहीं त्यागेगा। - लॉरेंस दरमानी


परमेश्वर कभी नहीं भूलता है।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। - इब्रानियों 13:5

बाइबल पाठ: यशायाह 49:13-21
Isaiah 49:13 हे आकाश, जयजयकार कर, हे पृथ्वी, मगन हो; हे पहाड़ों, गला खोल कर जयजयकार करो! क्योंकि यहोवा ने अपनी प्रजा को शान्ति दी है और अपने दीन लोगों पर दया की है।
Isaiah 49:14 परन्तु सिय्योन ने कहा, यहोवा ने मुझे त्याग दिया है, मेरा प्रभु मुझे भूल गया है।
Isaiah 49:15 क्या यह हो सकता है कि कोई माता अपने दूधपिउवे बच्चे को भूल जाए और अपने जन्माए हुए लड़के पर दया न करे? हां, वह तो भूल सकती है, परन्तु मैं तुझे नहीं भूल सकता।
Isaiah 49:16 देख, मैं ने तेरा चित्र हथेलियों पर खोदकर बनाया है; तेरी शहरपनाह सदैव मेरी दृष्टि के साम्हने बनी रहती है।
Isaiah 49:17 तेरे लड़के फुर्ती से आ रहे हैं और खण्डहर बनाने वाले और उजाड़ने वाले तेरे बीच से निकले जा रहे हैं।
Isaiah 49:18 अपनी आंखें उठा कर चारों ओर देख, वे सब के सब इकट्ठे हो कर तेरे पास आ रहे हैं। यहोवा की यह वाणी है कि मेरे जीवन की शपथ, तू निश्चय उन सभों को गहने के समान पहिल लेगी, तू दुल्हिन के समान अपने शरीर में उन सब को बान्ध लेगी।
Isaiah 49:19 तेरे जो स्थान सुनसान और उजड़े हैं, और तेरे जो देश खण्डहर ही खण्डहर हैं, उन में अब निवासी न समाएंगे, और, तुझे नष्ट करने वाले दूर हो जाएंगे।
Isaiah 49:20 तेरे पुत्र जो तुझ से ले लिये गए वे फिर तेरे कान में कहने पाएंगे कि यह स्थान हमारे लिये सकेत है, हमें और स्थान दे कि उस में रहें।
Isaiah 49:21 तब तू मन में कहेगी, किस ने इन को मेरे लिये जन्माया? मैं तो पुत्रहीन और बांझ हो गई थी, दासत्व में और यहां वहां मैं घूमती रही, इन को किस ने पाला? देख, मैं अकेली रह गई थी; फिर ये कहां थे?
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 17-18
  • यूहन्ना 3:19-36



शनिवार, 12 मई 2018

प्रेम



   मैं एक पासबान – मसीही विश्वास में लोगों की सहायता और मार्गदर्शन करने वाला हूँ। मेरे कार्य के दौरान लोग कभी-कभी मुझ से पूछते हैं कि क्या मैं उन्हें कुछ और अधिक आत्मिक सहायता प्रदान कर सकता हूँ? जब कोई सहायता माँगता है तो मुझे खुशी होती है और मैं जितना संभव हो सहायता करने में समय बिताने के लिए उपलब्ध रहता हूँ, परन्तु मैं ने देखा है कि ऐसा करते में मैं सिखाता कम और सीखता अधिक हूँ। मैं इस तथ्य से विशेषकर तब अवगत हुआ जब एक बहुत ईमानदार नए मसीही विश्वासी ने बड़े दुखी मन से मुझ से कहा, “मुझे नहीं लगता के मेरे लिए परमेश्वर के वचन बाइबल पढ़ना अच्छा है। जितना अधिक मैं बाइबल को पढ़ता हूँ कि परमेश्वर मुझ से क्या चाहता है, उतना अधिक मैं उन लोगों की समीक्षा करने लगता हूँ जो बाइबल के अनुसार नहीं चल रहे हैं।”

   उसके ऐसा कहने पर मुझे एहसास हुआ कि उसके अन्दर दूसरों को जाँचने की भावना जागृत करने के लिए कुछ हद तक मैं भी ज़िम्मेदार हूँ। उस समय पर, जो मसीही विश्वास में नए आते आते थे,उन्हें सिखाने के लिए सबसे आरंभिक बातों में से एक बात जो मैं सिखाता था वह थी उन बातों की सूची जो अब उन्हें नहीं करनी थीं। दूसरे शब्दों में, बजाए इसके कि मैं उन्हें परमेश्वर के प्रेम और क्षमा के बारे में समझा सिखा कर परमेश्वर द्वारा उन्हें बनाए और सँवारे जाने के लिए पवित्र-आत्मा के हाथों में छोड़ देता, मैं उन्हें “एक मसीही विश्वासी के समान व्यवहार” के लिए बाध्य कर रहा था।

   अब मुझ में यूहन्ना 3:16-17 की एक नई समझ जागृत हुई। यूहन्ना 3:16 के उनपर विश्वास करने के प्रभु यीशु के निमंत्रण के तुरंत बाद, अगले ही पद में प्रभु ने यह भी कहा कि “परमेश्वर ने अपने पुत्र को जगत में इसलिये नहीं भेजा, कि जगत पर दंड की आज्ञा दे परन्तु इसलिये कि जगत उसके द्वारा उद्धार पाए।”

   प्रभु यीशु हमें दोषी ठहराने के लिए नहीं आए थे। परन्तु नए मसीही विश्वासियों को व्यवहार की एक सूची देने के द्वारा, अनजाने में मैं उन्हें अपने आप को दोषी ठहराना सिखा रहा था, जिससे फिर वे औरों को भी जाँचने वाले बन रहे थे। जबकि हमें दोषी ठहराने वाले नहीं, वरन परमेश्वर के प्रेम, करुणा और क्षमा को बताने सिखाने वाले होना है। - रैंडी किल्गोर


जब मसीह यीशु ही सँसार को दोषी ठहराने के लिए नहीं आए थे; 
तो ऐसा करना हमारे लिए भी उचित नहीं है।

क्योंकि मनुष्य का पुत्र खोए हुओं को ढूंढ़ने और उन का उद्धार करने आया है। - लूका 19:10

बाइबल पाठ: यूहन्ना 3: 1-21
John 3:1 फरीसियों में से नीकुदेमुस नाम एक मनुष्य था, जो यहूदियों का सरदार था।
John 3:2 उसने रात को यीशु के पास आकर उस से कहा, हे रब्बी, हम जानते हैं, कि तू परमेश्वर की आरे से गुरू हो कर आया है; क्योंकि कोई इन चिन्हों को जो तू दिखाता है, यदि परमेश्वर उसके साथ न हो, तो नहीं दिखा सकता।
John 3:3 यीशु ने उसको उत्तर दिया; कि मैं तुझ से सच सच कहता हूं, यदि कोई नये सिरे से न जन्मे तो परमेश्वर का राज्य देख नहीं सकता।
John 3:4 नीकुदेमुस ने उस से कहा, मनुष्य जब बूढ़ा हो गया, तो क्योंकर जन्म ले सकता है? क्या वह अपनी माता के गर्भ में दुसरी बार प्रवेश कर के जन्म ले सकता है?
John 3:5 यीशु ने उत्तर दिया, कि मैं तुझ से सच सच कहता हूं; जब तक कोई मनुष्य जल और आत्मा से न जन्मे तो वह परमेश्वर के राज्य में प्रवेश नहीं कर सकता।
John 3:6 क्योंकि जो शरीर से जन्मा है, वह शरीर है; और जो आत्मा से जन्मा है, वह आत्मा है।
John 3:7 अचम्भा न कर, कि मैं ने तुझ से कहा; कि तुम्हें नये सिरे से जन्म लेना अवश्य है।
John 3:8 हवा जिधर चाहती है उधर चलती है, और तू उसका शब्द सुनता है, परन्तु नहीं जानता, कि वह कहां से आती और किधर को जाती है? जो कोई आत्मा से जन्मा है वह ऐसा ही है।
John 3:9 नीकुदेमुस ने उसको उत्तर दिया; कि ये बातें क्योंकर हो सकती हैं?
John 3:10 यह सुनकर यीशु ने उस से कहा; तू इस्त्राएलियों का गुरू हो कर भी क्या इन बातों को नहीं समझता?
John 3:11 मैं तुझ से सच सच कहता हूं कि हम जो जानते हैं, वह कहते हैं, और जिसे हम ने देखा है उस की गवाही देते हैं, और तुम हमारी गवाही ग्रहण नहीं करते।
John 3:12 जब मैं ने तुम से पृथ्वी की बातें कहीं, और तुम प्रतीति नहीं करते, तो यदि मैं तुम से स्वर्ग की बातें कहूं, तो फिर क्योंकर प्रतीति करोगे?
John 3:13 और कोई स्वर्ग पर नहीं चढ़ा, केवल वही जो स्वर्ग से उतरा, अर्थात मनुष्य का पुत्र जो स्वर्ग में है।
John 3:14 और जिस रीति से मूसा ने जंगल में सांप को ऊंचे पर चढ़ाया, उसी रीति से अवश्य है कि मनुष्य का पुत्र भी ऊंचे पर चढ़ाया जाए।
John 3:15 ताकि जो कोई विश्वास करे उस में अनन्त जीवन पाए।
John 3:16 क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए।
John 3:17 परमेश्वर ने अपने पुत्र को जगत में इसलिये नहीं भेजा, कि जगत पर दंड की आज्ञा दे परन्तु इसलिये कि जगत उसके द्वारा उद्धार पाए।
John 3:18 जो उस पर विश्वास करता है, उस पर दंड की आज्ञा नहीं होती, परन्तु जो उस पर विश्वास नहीं करता, वह दोषी ठहर चुका; इसलिये कि उसने परमेश्वर के एकलौते पुत्र के नाम पर विश्वास नहीं किया।
John 3:19 और दंड की आज्ञा का कारण यह है कि ज्योति जगत में आई है, और मनुष्यों ने अन्धकार को ज्योति से अधिक प्रिय जाना क्योंकि उन के काम बुरे थे।
John 3:20 क्योंकि जो कोई बुराई करता है, वह ज्योति से बैर रखता है, और ज्योति के निकट नहीं आता, ऐसा न हो कि उसके कामों पर दोष लगाया जाए।
John 3:21 परन्तु जो सच्चाई पर चलता है वह ज्योति के निकट आता है, ताकि उसके काम प्रगट हों, कि वह परमेश्वर की ओर से किए गए हैं।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 15-16
  • यूहन्ना 3:1-18



शुक्रवार, 11 मई 2018

नया आरंभ



   मेरे बचपन की मनपसंद पुस्तकों में से एक थी Anne of Green Gables, जिसकी लेखिका थीं लूसी मौड मौन्टगोमरी। उस पुस्तक के एक रोचक भाग में, किशोर ऐनी, केक बनाते समय, गलती से वैनीला के स्थान पर त्वचा के दवाई डाल देती है। बाद में इस गलती के लिए वह अपनी कठोर संरक्षिका के क्रोधपूर्ण हाव-भाव को देखकर बड़ी आशा के साथ उन से कहती है, “कितना अच्छा है कि कल का दिन एक नया दिन होगा, जिसमें अभी तक कोई भी गलती नहीं है।”

   मुझे यह विचार बहुत अच्छा लगा: कल का दिन एक नया दिन है, जब हम सब एक नई शुरूआत कर सकते हैं। गलती हम सब से होती है; परन्तु यह परमेश्वर का अनुग्रह और क्षमा ही है जो हमें प्रत्येक नई भोर का आरंभ एक साफ़ स्लेट के साथ करवाता है। हम जैसे ही पश्चाताप करते हैं, वह हमारे पापों को स्मरण न करने का निर्णय ले लेता है (यिर्मयाह 31:34; इब्रानियों 8:12)।

   हम में से कुछ ने अपने जीवनों में गलत चुनाव किए हैं, परन्तु परमेश्वर की नज़रों में हमारी गलतियाँ, हमारे अतीत के शब्द और कार्य, हमारे भविष्य को परिभाषित नहीं करते हैं। एक नए आरंभ का अवसर सदैव रहता है। हम जब भी प्रभु परमेश्वर से क्षमायाचना करते हैं, तो उसके तथा औरों के साथ अपने संबंधों को पुनःस्थापित करने के लिए हम अपना पहला कदम उठाते हैं, क्योंकि, “यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है” (1 यूहन्ना 1:9)।

   परमेश्वर की करुणा और विश्वासयोग्यता प्रति प्रातः नई होती है (विलापगीत 3:23); इसीलिए हम प्रत्येक नए दिन का नया आरंभ करने पाते हैं। - सिंडी हैस कैस्पर


प्रत्येक नया दिन हमें परमेश्वर की स्तुति और आराधना 
करने के नए अवसर प्रदान करता है।

हम मिट नहीं गए; यह यहोवा की महाकरुणा का फल है, क्योंकि उसकी दया अमर है। प्रति भोर वह नई होती रहती है; तेरी सच्चाई महान है। - विलापगीत 3:23

बाइबल पाठ: भजन 86:5-15
Psalms 86:5 क्योंकि हे प्रभु, तू भला और क्षमा करने वाला है, और जितने तुझे पुकारते हैं उन सभों के लिये तू अति करूणामय है।
Psalms 86:6 हे यहोवा मेरी प्रार्थना की ओर कान लगा, और मेरे गिड़गिड़ाने को ध्यान से सुन।
Psalms 86:7 संकट के दिन मैं तुझ को पुकारूंगा, क्योंकि तू मेरी सुन लेगा।
Psalms 86:8 हे प्रभु देवताओं में से कोई भी तेरे तुल्य नहीं, और न किसी के काम तेरे कामों के बराबर हैं।
Psalms 86:9 हे प्रभु जितनी जातियों को तू ने बनाया है, सब आकर तेरे साम्हने दण्डवत करेंगी, और तेरे नाम की महिमा करेंगी।
Psalms 86:10 क्योंकि तू महान और आश्चर्य कर्म करने वाला है, केवल तू ही परमेश्वर है।
Psalms 86:11 हे यहोवा अपना मार्ग मुझे दिखा, तब मैं तेरे सत्य मार्ग पर चलूंगा, मुझ को एक चित्त कर कि मैं तेरे नाम का भय मानूं।
Psalms 86:12 हे प्रभु हे मेरे परमेश्वर मैं अपने सम्पूर्ण मन से तेरा धन्यवाद करूंगा, और तेरे नाम की महिमा सदा करता रहूंगा।
Psalms 86:13 क्योंकि तेरी करूणा मेरे ऊपर बड़ी है; और तू ने मुझ को अधोलोक की तह में जाने से बचा लिया है।
Psalms 86:14 हे परमेश्वर अभिमानी लोग तो मेरे विरुद्ध उठे हैं, और बलात्कारियों का समाज मेरे प्राण का खोजी हुआ है, और वे तेरा कुछ विचार नहीं रखते।
Psalms 86:15 परन्तु प्रभु तू दयालु और अनुग्रहकारी ईश्वर है, तू विलम्ब से कोप करने वाला और अति करूणामय है।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 13-14
  • यूहन्ना 2



गुरुवार, 10 मई 2018

सुरक्षा



   परमेश्वर के वचन बाइबल में नहेम्याह की पुस्तक में विस्थापित इस्राएलियों के लौट कर यरूशलेम को आने और नहेम्याह के नेतृत्व में शहर की दीवार के पुनःनिर्माण के बारे में पढ़ते हैं। दीवार के निर्माण का कार्य लगभग आधा हो चुका था जब उन्हें ज्ञात हुआ कि उनके शत्रु यरुशलेम पर हमले की तैयारी कर रहे हैं। दीवार निर्माण में लगे, थके हुए श्रमिकों के लिए यह समाचार बहुत हतोसाहित कर देने वाला था। नहेम्याह को इसके विषय कुछ करना था। उसने सबसे पहले प्रार्थना की, फिर सामरिक महत्व के स्थानों पर पहरेदारों को नियुक्त किया, और उसके बाद कार्य करने वाले श्रमिकों को हथियारबंद किया: “शहरपनाह के बनाने वाले और बोझ के ढोने वाले दोनों भार उठाते थे, अर्थात एक हाथ से काम करते थे और दूसरे हाथ से हथियार पकड़े रहते थे। और राज अपनी अपनी जांघ पर तलवार लटकाए हुए बनाते थे। और नरसिंगे का फूंकने वाला मेरे पास रहता था” (नहेम्याह4:17-18)।

   आज, हम मसीही विश्वासी जो परमेश्वर के स्वर्गीय राज्य के निर्माण में लगे हैं, हमें भी शैतान के हमलों के विरुद्ध हथियारबंद होना आवश्यक है। हमारा हथियार है परमेश्वर के आत्मा की तलवार, अर्थात परमेश्वर का वचन बाइबल “और उद्धार का टोप, और आत्मा की तलवार जो परमेश्वर का वचन है, ले लो” (इफिसियों 6: 17)। बाइबल के भागों को कंठस्त करना, उन पर मनन करना और उन्हें अपने व्यावहारिक जीवन में लागू करना हमें सामर्थ्य देता है “...कि तुम शैतान की युक्तियों के साम्हने खड़े रह सको” (इफिसियों 6:11)।

   यदि हम यह सोचते हैं कि परमेश्वर के लिए कार्य करना व्यर्थ है, तो हमें उस वचन को स्मरण करना चाहिए कि जो कुछ हम प्रभु यीशु के लिए करते हैं, उसके प्रतिफल अनन्तकाल तक बने रहेंगे (1 कुरिन्थियों 3:11-15)।यदि हमें भय है कि हमने इतने और ऐसे पाप किए हैं कि परमेश्वर हमें अपने लिए इस्तेमाल नहीं करेगा, तो हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हमारे सारे पाप क्षमा कर दिए गए है और हम प्रभु यीशु के लहू से धो दिए गए हैं (मत्ती 26:28)। यदि हमें भय है कि हम परमेश्वर द्वारा सौंपे गए कार्य को करने में असफल रहेंगे, तो हमें प्रभु यीशु के उस आश्वासन को नहीं भूलना चाहिए कि यदि हम उसमें बने रहेंगे तो फलवन्त भी होंगे (यूहन्ना 15:5)।

   प्रत्येक परिस्थति और संभावना के लिए परमेश्वर का वचन हमारी सुरक्षा और मार्गदर्शक है। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


शत्रु के हमलों के विरुद्ध परमेश्वर का वचन हमारी सुरक्षा है।

हम को उस में उसके लोहू के द्वारा छुटकारा, अर्थात अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है। - इफिसियों 1:7

बाइबल पाठ: नहेम्याह 4:7-18
Nehemiah 4:7 जब सम्बल्लत और तोबियाह और अरबियों, अम्मोनियों और अशदोदियों ने सुना, कि यरूशलेम की शहरपनाह की मरम्मत होती जाती है, और उस में के नाके बन्द होने लगे हैं, तब उन्होंने बहुत ही बुरा माना;
Nehemiah 4:8 और सभों ने एक मन से गोष्ठी की, कि जा कर यरूशलेम से लड़ें, और उस में गड़बड़ी डालें।
Nehemiah 4:9 परन्तु हम लोगों ने अपने परमेश्वर से प्रार्थना की, और उनके डर के मारे उनके विरुद्ध दिन रात के पहरुए ठहरा दिए।
Nehemiah 4:10 और यहूदी कहने लगे, ढोने वालों का बल घट गया, और मिट्टी बहुत पड़ी है, इसलिये शहरपनाह हम से नहीं बन सकती।
Nehemiah 4:11 और हमारे शत्रु कहने लगे, कि जब तक हम उनके बीच में न पहुंचे, और उन्हें घात कर के वह काम बन्द न करें, तब तक उन को न कुछ मालूम होगा, और न कुछ दिखाई पड़ेगा।
Nehemiah 4:12 फिर जो यहूदी उनके आस पास रहते थे, उन्होंने सब स्थानों से दस बार आ आकर, हम लोगों से कहा, तुम को हमारे पास लौट आना चाहिये।
Nehemiah 4:13 इस कारण मैं ने लोगों को तलवारें, बछिर्यां और धनुष देकर शहरपनाह के पीछे सब से नीचे के खुले स्थानों में घराने घराने के अनुसार बैठा दिया।
Nehemiah 4:14 तब मैं देखकर उठा, और रईसों और हाकिमों और और सब लोगों से कहा, उन से मत डरो; प्रभु जो महान और भययोग्य है, उसी को स्मरण कर के, अपने भाइयों, बेटों, बेटियों, स्त्रियों और घरों के लिये युद्ध करना।
Nehemiah 4:15 जब हमारे शत्रुओं ने सुना, कि यह बात हम को मालूम हो गई है और परमेश्वर ने उनकी युक्ति निष्फल की है, तब हम सब के सब शहरपनाह के पास अपने अपने काम पर लौट गए।
Nehemiah 4:16 और उस दिन से मेरे आधे सेवक तो उस काम मे लगे रहे और आधे बछिर्यों, तलवारों, धनुषों और झिलमों को धारण किए रहते थे; और यहूदा के सारे घराने के पीछे हाकिम रहा करते थे।
Nehemiah 4:17 शहरपनाह के बनाने वाले और बोझ के ढोने वाले दोनों भार उठाते थे, अर्थात एक हाथ से काम करते थे और दूसरे हाथ से हथियार पकड़े रहते थे।
Nehemiah 4:18 और राज अपनी अपनी जांघ पर तलवार लटकाए हुए बनाते थे। और नरसिंगे का फूंकने वाला मेरे पास रहता था।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 10-12
  • यूहन्ना 1:29-51